"जीने का मजा" जब थोड़े में मन खुश था., तब जीने का मजा हीं कुछ और था.., नहीं थे जब ऐ.सी., कूलर.. तब छत पर सोने का मजा कुछ और था गर्मी की भरी दोपहर में झरती मटकी का पानी पीने का वो दौर कुछ और था रात में छत पर रखी सुराही का ठंडा पानी पीने का मजा हीं कुछ और था.। शाम होते हीं छत पर पानी से छत की तपन कम करते.. उठी सौंधी खुशबु कैसे भूल सकता है कोई फिर प्यार से लगाए किसी दूसरे के बिस्तर पर जाकर जोर से पसरने का मजा ही कुछ और था बंद हवा में वो पंखी का झलना आज भी याद है मगर ठंडी हवा के पहले झोंके से छायी शीतलता का मजा हीं कुछ और था.। चाँद तारों से झिलमिलाते आसमान को निहारने का आलम आज कहाँ नसीब है ध्रुव तारे और सप्तऋषि से बाते करने का तब मजा हीं कुछ और था बंद कमरो में कब सुबह हो जाती है अब तो पता हीं नहीं चलता सूरज की पहली किरण के साथ तब आँख मिचोली करने का मजा ही कुछ और था ट्रेडमिल पर खड़े खड़े भले ही कितने हीं मील क्यों न दौड़ ले आज हम पर ताज़ी हवा में टहलने का तब मजा ही कुछ और था..। सब कुछ होते हुए भी आज मन में संतुष्टि की कमी खलती है..। जब थोड़े में मन खुश था,तब जीने का मजा हीं कुछ और था..!!!🙏👏👌👏

"जीने का मजा"

जब थोड़े में मन खुश था.,
तब जीने का मजा हीं कुछ और था..,
नहीं थे जब ऐ.सी., कूलर..
तब छत पर सोने का मजा कुछ और था

गर्मी की भरी दोपहर में झरती मटकी का
पानी पीने का वो दौर कुछ और था
रात में छत पर रखी सुराही का ठंडा पानी
पीने का मजा हीं कुछ और था.।

शाम होते हीं छत पर पानी से छत की तपन कम करते..

उठी सौंधी खुशबु कैसे भूल सकता है कोई
फिर प्यार से लगाए किसी दूसरे के बिस्तर पर जाकर
जोर से पसरने का मजा ही कुछ और था

बंद हवा में वो पंखी का झलना
आज भी याद है मगर
ठंडी हवा के पहले झोंके से छायी
शीतलता का मजा हीं कुछ और था.।

चाँद तारों से झिलमिलाते आसमान को
निहारने का आलम आज कहाँ नसीब है
ध्रुव तारे और सप्तऋषि से बाते करने का
तब मजा हीं कुछ और था

बंद कमरो में कब सुबह हो जाती है
अब तो पता हीं नहीं चलता
सूरज की पहली किरण के साथ तब
आँख मिचोली करने का मजा ही कुछ और था

ट्रेडमिल पर खड़े खड़े भले ही कितने हीं
मील क्यों न दौड़ ले आज हम
पर ताज़ी हवा में टहलने का
तब मजा ही कुछ और था..।

सब कुछ होते हुए भी आज
मन में संतुष्टि की कमी खलती है..।
जब थोड़े में मन खुश था,तब जीने का मजा हीं कुछ और था..!!!🙏👏👌👏

+236 प्रतिक्रिया 68 कॉमेंट्स • 271 शेयर

कामेंट्स

Mansing bhai Sumaniya May 4, 2021
जय श्री राधे राधे कृष्णा जी🥀 शुभ संध्या जी🥀 शिव शिव🙏

pawanthakur🙏🙏9716955827 May 4, 2021
🙏🌷जय श्रीराम 🌷🙏 🚩🚩जय श्री वीर हनुमते नमः🚩🚩 🙏🙏जय हनुमान जी सब को रक्षा करना🙏🙏 🙏🙏शुभ संध्या वंदन जी 🙏🙏

Rajesh Lakhani May 4, 2021
JAI SHREE KRISHNA RADHE RADHE SHUBH SANDHYA BEHENA AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER THAKOR JI KI KRUPA HAMESABANI RAHE AAP KA HAR PAL SHUBH OR MANGALMAYE HO AAP OR AAP KA PARIVAR SADA SWASTH RAHE SUKHI RAHE BEHENA JAI SHREE KRISHNA

🇮🇳 RAJPAL 🇮🇳 May 4, 2021
जय श्री कृष्ण जी 🌹🙏 शुभ संध्या वंदन बहना जी आपका हर पल शुभ मंगलमय हो आप सदा खुश रहो मेरी छोटी बहना जी 🙏🙏

Ramesh Mathews May 4, 2021
@preetijain2 meri Pyari Bdi Bahana ji Jai Shri Ram ji Jai Shri Ram ji Jai Shri Ram ji Jai Shri Ram ji Jai Shri Ram ji Jai Shri Ram ji Jai Shri Ram

rajawat sanjay singh May 4, 2021
shubh sandhya jai shree ram 🌹🙏🌹🙏 jai jai shree ram 🌹🙏🌹🙏 jai jai bajrangbali 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

vinod May 4, 2021
Gd Evg ji🌹🌹🌹

Sumer Singh Kirar May 4, 2021
जय श्री राम जय जय श्री राम 🙏🙏

madan pal 🌷🙏🏼 May 4, 2021
जय श्री राम जी शूभ संख्या वंदन जी पवन सुत हनुमान जी की कृपा आप व आपके परिवार पर बनीं रहे जी 👌🏼👌🏼👌🏼🌷🌷🌷🙏🏼🙏🏼🙏🏼

babulal May 4, 2021
jay shree ram ji good night ji

Ashwinrchauhan May 4, 2021
जय श्री राम जय बजरंग बली शुभ मंगलवार राम भक्त हनुमान जी की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे संकट मोचन हनुमान जी आप की हर मनोकामना पूरी करे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड नाईट

एक राजा ने बहुत ही सुंदर महल बनावाया और महल के मुख्य द्वार पर एक गणित का सूत्र लिखवाया और एक घोषणा की कि इस सूत्र से यह द्वार खुल जाएगा और जो भी इस सूत्र को हल कर के द्वार खोलेगा में उसे अपना उत्तराधीकारी घोषित कर दूंगा ! राज्य के बड़े बड़े गणितज्ञ आये और सूत्र देखकर लोट गए, किसी को कुछ समझ नहीं आया ! आख़री दिन आ चुका था उस दिन 3 लोग आये और कहने लगे हम इस सूत्र को हल कर देंगे उसमे 2 तो दूसरे राज्य के बड़े गणितज्ञ अपने साथ बहुत से पुराने गणित के सूत्रो की पुस्तकों सहित आये ! लेकिन एक व्यक्ति जो संत की तरह नजर आ रहा था सीधा साधा कुछ भी साथ नहीं लाया था ! उसने कहा मै यहां बैठा हूँ पहले इन्हें मौक़ा दिया जाए दोनों गहराई से सूत्र हल करने में लग गए लेकिन द्वार नहीं खोल पाये और अपनी हार मान ली अंत में उस साधक को बुलाया गया और कहा कि आप सूत्र हल करिये समय शुरू हो चुका है संत ने आँख खोली और सहज मुस्कान के साथ द्वार की ओर गया ! संत ने धीरे से द्वार को धकेला और यह क्या ? द्वार खुल गया राजा ने संत से पूछा आप ने ऐसा क्या किया ?संत ने बताया जब में ध्यान में बैठा तो सबसे पहले अंतर्मन से आवाज आई कि पहले ये जाँच तो कर ले कि सूत्र है भी या नहीं इसके बाद इसे हल करने की सोचना और मैंने वही किया ! कई बार जिंदगी में कोई समस्या होती ही नहीं और हम विचारो में उसे बड़ा बना लेते है मित्रों, हर समस्या का उचित इलाज आपकी आत्मा की आवाज है !

+247 प्रतिक्रिया 66 कॉमेंट्स • 189 शेयर

+42 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 132 शेयर
JAGDISH BIJARNIA May 5, 2021

+184 प्रतिक्रिया 71 कॉमेंट्स • 93 शेयर
mansukh lal oswal May 5, 2021

+26 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 94 शेयर

+20 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 45 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB