Devel Dublish
Devel Dublish Apr 12, 2021

प्रथम नवदुर्गा: माता शैलपुत्री नवरात्रों की शुरुआत माँ दुर्गा के प्रथम रूप “माँ शैलपुत्री” की उपासना के साथ होतीहै। शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मी माँ दुर्गा के इस रूप का नाम शैलपुत्री है। मां शैलपुत्री का स्वरूप: पार्वती और हेमवती इन्हीं के नाम हैं। माँ का वाहन वृषभ है और इनके दाएँ हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का फूल है। नवरात्र के इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को ‘मूलाधार’ चक्र में स्थित करते हैं और यहीं से उनकी योग साधना प्रारंभ होता है। माँ शैलपुत्री का मंत्र : माँ शैलपुत्री की पूजा इस मंत्र के उच्चारण से की जानी चाहिए- वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ इस साल माता शैलपुत्री की पूजा 13 और 14 अक्टूबर को होगी। इस साल प्रतिपदा तिथि दो दिन है इस कारण माता शैलपुत्री की पूजा दो दिन तक होगी।

प्रथम नवदुर्गा: माता शैलपुत्री 

नवरात्रों की शुरुआत माँ दुर्गा के प्रथम रूप “माँ शैलपुत्री” की उपासना के साथ होतीहै। शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मी माँ दुर्गा के इस रूप का नाम शैलपुत्री है।

मां शैलपुत्री का स्वरूप: पार्वती और हेमवती इन्हीं के नाम हैं। माँ का वाहन वृषभ है और इनके दाएँ हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का फूल है। नवरात्र के इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को ‘मूलाधार’ चक्र में स्थित करते हैं और यहीं से उनकी योग साधना प्रारंभ होता है।

माँ शैलपुत्री का मंत्र : माँ शैलपुत्री की पूजा इस मंत्र के उच्चारण से की जानी चाहिए-

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

इस साल माता शैलपुत्री की पूजा 13 और 14 अक्टूबर को होगी। इस साल प्रतिपदा तिथि दो दिन है इस कारण माता शैलपुत्री की पूजा दो दिन तक होगी।
प्रथम नवदुर्गा: माता शैलपुत्री 

नवरात्रों की शुरुआत माँ दुर्गा के प्रथम रूप “माँ शैलपुत्री” की उपासना के साथ होतीहै। शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मी माँ दुर्गा के इस रूप का नाम शैलपुत्री है।

मां शैलपुत्री का स्वरूप: पार्वती और हेमवती इन्हीं के नाम हैं। माँ का वाहन वृषभ है और इनके दाएँ हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का फूल है। नवरात्र के इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को ‘मूलाधार’ चक्र में स्थित करते हैं और यहीं से उनकी योग साधना प्रारंभ होता है।

माँ शैलपुत्री का मंत्र : माँ शैलपुत्री की पूजा इस मंत्र के उच्चारण से की जानी चाहिए-

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

इस साल माता शैलपुत्री की पूजा 13 और 14 अक्टूबर को होगी। इस साल प्रतिपदा तिथि दो दिन है इस कारण माता शैलपुत्री की पूजा दो दिन तक होगी।

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कामेंट्स

Devel Dublish Apr 12, 2021
!!ॐ हं हनुमते नमः🌹🌹🌹🙏 !!जय मां शैलपुत्री🌹🌹🙏🚩

Ravita Devi May 9, 2021

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🔴RAMA🔴 May 8, 2021

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