umasharma
umasharma Dec 21, 2020

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umeshfatfatwale Dec 21, 2020
ओम नमः शिवाय जय भोलेनाथ जय शिव पार्वती शुभ रात्रि गुड नाइट आप सदा खुश रहे भोले बाबा की कृपा आपके ऊपर सदैव बनी रहे राधे राधे उमा जी

Seema Sharma. Himachal (chd) Dec 21, 2020
🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 22 दिसम्बर 2020* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - मार्गशीर्ष* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - अष्टमी शाम 06:14 तक तत्पश्चात नवमी* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद 23 दिसम्बर रात्रि 01:38 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - व्यतिपात दोपहर 12:11 तक तत्पश्चात वरीयान्* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:20 से शाम 04:42 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:13* ⛅ *सूर्यास्त - 18:01* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌷 *उम्र बढाने हेतु* 🌷 🙏🏻 *स्कन्द पुराण में आया है कि भोजन करते समय ५ अंग धोकर जो भोजन करता है उसकी उम्र १०० साल की होती है ... उसकी आयु बढ़ती है ५ अंग ...२ हाथ ....२ पैर... और मुंह धोकर भोजन करने बैठें ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *तुलसी महिमा* 🌷 ➡ *25 दिसम्बर 2020 शुक्रवार को तुलसी पूजन दिवस है ।* 🌿 *· तुलसी के निकट जिस मंत्र-स्तोत्र आदि का जप-पाठ किया जाता है, वह सब अनंत गुना फल देनेवाला होता है |* 🌿 *· प्रेत, पिशाच, ब्रह्मराक्षस, भूत, दैत्य आदि सब तुलसी के पौधे से दूर भागते है |* 🌿 *· ब्रह्महत्या आदि ताप तथा पाप और बुरे विचार से उत्पन्न होनेवाले रोग तुलसी के सामीप्य एवं सेवन से नष्ट हो जाते हैं |* 🌿 *तुलसी का पूजन, रोपण व धारण पाप को जलाता है और स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदायक है |* 🌿 *· श्राद्ध और यज्ञ आदि कार्यों में तुलसी का एक पत्ता भी महान पुण्य देनेवाला है |* 🌿 *· जो चोटी में तुलसी स्थापित करके प्राणों का परित्याग करता है, वह पापराशि से मुक्त हो जाता है |* 🌿 *तुलसी के नाम-उच्चारण से मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते हैं तथा अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है |* 🌿 *· तुलसी ग्रहण करके मनुष्य पातकों से मुक्त हो जाता है |* 🌿 *· तुलसी पत्ते से टपकता हुआ जल जो अपने सिर पर धारण करता है, उसे गंगास्नान और १० गोदान का फल प्राप्त होता है |* 🙏🏻 *पद्मपुराण (ऋषिप्रसाद – अक्टूबर २०१४ से )* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌷 *घर में सुख-शांति के लिए* 🌷 🌿 *घर में सुख-शांति, कामधंधे में स्थिति चाहिये तो पर्वों के दिनों में तुलसी के १०८ परिक्रमा करें 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌷 *तुलसी मंत्र* 🌷 🌿 *तुलसी माता पर जल चढ़ाते हुए इस मंत्र को बोलें* *महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी* *आधि व्याधि जरा मुक्तं तुलसी त्वाम् नमोस्तुते* 👉🏻 *इस मंत्र का अर्थ है* 🌿 *हे भक्ति का प्रसाद देने वाली माँ! सौभाग्य बढ़ाने वाली, मन के दुःख, और शरीर के रोग दूर करने वाली तुलसी माता को हम प्रणाम करते है |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

🌹bk preeti 🌹 Dec 21, 2020
🌹 मेरी गुल्लक 🌹 एक गुल्लक रख रखी है मैंने अपने सिरहाने बड़ी सी... रोज रात को सोने से पहले भर देती हूं उसमें ... दिन भर का विषाद किसी के ताने, किसी के उलाहने, किसी के लिए जलन, और किसी के प्रति गुस्सा, सब के सब ही समाहित हो जाते हैं उस गुल्लक में... और यूं रीती हो जाती हूं मैं खो जाती हूं, सुंदर सपनों में... जब भी दिल भारी होता है उडे़ल कर सब बोझ उस गुल्लक में हल्की हो जाती हूं मैं... एक और गुल्लक भी है मेरे पास... उसमें जमा करती हूं मैं दुआएं रोज सुबह उसमें से कुछ दुआएं निकालती हूं... दिन भर खर्चती हूं फिर डरती हूं कि कहीं गुल्लक रीत न जाए। भरती हूं दिन प्रतिदिन उसे लोगों की दुआओं से कि गाहे ब गाहे वक्त यही तो काम आएंगी। 🙏शुभ रात्रि वंंदन मित्रो 🙏

Madhuvan Dec 21, 2020
om namah shivay 🌹🙏🙏🌹

GOVIND CHOUHAN Dec 21, 2020
Om namah shivaya 🌷 Har Har Mahadev 🌷 Jai shiv shambhu Bholenath 🌷 Subh Ratri Vandan 🌷 Baba Bholenath ki kripa se Aapka hr Pl Subh Hoo Jii 🌷🌷🙏🙏

Ravi Kumar Taneja Dec 21, 2020
मुस्कान बिखेरते चलिए ...!!! सकुन दौड़कर चला आयेगा...!!!🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷🌿🌷 Radhe Radhe 🦚🦢🌹🌹🌹🦢🦚 🌹🙏 🌹Subh Sandhya Vandana ji 🌹🙏🌹

‼️💖💖💖💖ॐ नमः शिवाय 💖💖💖💖‼️ ☔☔☔☔☔☔ आदि है , अंत है , शिव ही अनंत है ,, समय है , काल है , शिव ही महाकाल है !! 💓💓 ꧁༒ॐ ᴴᵃʳ ᴴᵃʳ ᴹᵃʰᵈᵉᵛ ॐ ༒꧂ 🚩🔱🔱महाकाल 🔱🔱🚩 🕉📿|| हर हर महादेव ||📿🕉 ☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔ #सोमवती_अमावस्या_की_पौराणिक_एवं_प्रचलित_कथा #और_महत्व ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ एक गरीब ब्राह्मण परिवार था। उस परिवार में पति-पत्नी के अलावा एक पुत्री भी थी। वह पुत्री धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में समय और बढ़ती उम्र के साथ सभी स्त्रियोचित गुणों का विकास हो रहा था। वह लड़की सुंदर, संस्कारवान एवं गुणवान थी। किंतु गरीब होने के कारण उसका विवाह नहीं हो पा रहा था। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ एक दिन उस ब्राह्मण के घर एक साधु महाराज पधारें। वो उस कन्या के सेवाभाव से काफी प्रसन्न हुए। कन्या को लंबी आयु का आशीर्वाद देते हुए साधु ने कहा कि इस कन्या के हथेली में विवाह योग्य रेखा नहीं है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ तब ब्राह्मण दम्पति ने साधु से उपाय पूछा, कि कन्या ऐसा क्या करें कि उसके हाथ में विवाह योग बन जाए। साधु ने कुछ देर विचार करने के बाद अपनी अंतर्दृष्टि से ध्यान करके बताया कि कुछ दूरी पर एक गांव में सोना नाम की धोबिन जाति की एक महिला अपने बेटे और बहू के साथ रहती है, जो बहुत ही आचार-विचार और संस्कार संपन्न तथा पति परायण है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ यदि यह कन्या उसकी सेवा करे और वह महिला इसकी शादी में अपने मांग का सिंदूर लगा दें, उसके बाद इस कन्या का विवाह हो तो इस कन्या का वैधव्य योग मिट सकता है। साधु ने यह भी बताया कि वह महिला कहीं आती-जाती नहीं है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ यह बात सुनकर ब्राह्मणी ने अपनी बेटी से धोबिन की सेवा करने की बात कही। अगल दिन कन्या प्रात: काल ही उठ कर सोना धोबिन के घर जाकर, साफ-सफाई और अन्य सारे करके अपने घर वापस आ जाती। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ एक दिन सोना धोबिन अपनी बहू से पूछती है कि- तुम तो सुबह ही उठकर सारे काम कर लेती हो और पता भी नहीं चलता। बहू ने कहा- मां जी, मैंने तो सोचा कि आप ही सुबह उठकर सारे काम खुद ही खत्म कर लेती हैं। मैं तो देर से उठती हूं। इस पर दोनों सास-बहू निगरानी करने लगी कि कौन है जो सुबह ही घर का सारा काम करके चला जाता है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ कई दिनों के बाद धोबिन ने देखा कि एक कन्या मुंह अंधेरे घर में आती है और सारे काम करने के बाद चली जाती है। जब वह जाने लगी तो सोना धोबिन उसके पैरों पर गिर पड़ी, पूछने लगी कि आप कौन है और इस तरह छुपकर मेरे घर की चाकरी क्यों करती हैं? ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ तब कन्या ने साधु द्बारा कही गई सारी बात बताई। सोना धोबिन पति परायण थी, उसमें तेज था। वह तैयार हो गई। सोना धोबिन के पति थोड़ा अस्वस्थ थे। उसने अपनी बहू से अपने लौट आने तक घर पर ही रहने को कहा। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ सोना धोबिन ने जैसे ही अपने मांग का सिन्दूर उस कन्या की मांग में लगाया, उसका पति मर गया। उसे इस बात का पता चल गया। वह घर से निराजल ही चली थी, यह सोचकर की रास्ते में कहीं पीपल का पेड़ मिलेगा तो उसे भंवरी देकर और उसकी परिक्रमा करके ही जल ग्रहण करेगी। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ उस दिन सोमवती अमावस्या थी। ब्राह्मण के घर मिले पूए-पकवान की जगह उसने ईंट के टुकड़ों से 108 बार भंवरी देकर 108 बार पीपल के पेड़ की परिक्रमा की और उसके बाद जल ग्रहण किया। ऐसा करते ही उसके पति के मुर्दा शरीर में वापस जान आ गई। धोबिन का पति वापस जीवित हो उठा। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ इसीलिए सोमवती अमावस्या के दिन से शुरू करके जो व्यक्ति हर अमावस्या के दिन भंवरी देता है, उसके सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। पीपल के पेड़ में सभी देवों का वास होता है। अतः जो व्यक्ति हर अमावस्या को न कर सके, वह सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या के दिन 108 वस्तुओं कि भंवरी देकर सोना धोबिन और गौरी-गणेश का पूजन करता है, उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ ऐसी प्रचलित परंपरा है कि पहली सोमवती अमावस्या के दिन धान, पान, हल्दी, सिंदूर और सुपाड़ी की भंवरी दी जाती है। उसके बाद की सोमवती अमावस्या को अपने सामर्थ्य के हिसाब से फल, मिठाई, सुहाग सामग्री, खाने की सामग्री इत्यादि की भंवरी दी जाती है और फिर भंवरी पर चढाया गया सामान किसी सुपात्र ब्राह्मण, ननंद या भांजे को दिया जा सकता है। #हर_हर_महादेव ☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔ ‼️💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖‼️

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jatan kurveti Apr 11, 2021

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🌷JK🌷 Apr 12, 2021

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Sarita Choudhary Apr 12, 2021

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