Krishna Singh
Krishna Singh Jan 2, 2018

सर दर्द से निजात पाने के लिए कीजिये ये उपाय

सर दर्द से निजात पाने के लिए कीजिये ये उपाय

1. सिरदर्द होने पर बिस्तर पर लेटकर दर्द वाले हिस्से को बेड के नीचे लटका दीजिए। सिर के जिस हिस्से में दर्द हो रहा हो उस तरफ वाले नाक में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डाल दीजिए, उसके बाद जोर से सांसों को ऊपर की तरफ खींचिए इससे सिरदर्द से राहत मिलेगी।

2. सिरदर्द होने पर दालचीनी को पानी के साथ महीन पीसकर माथे पर पतला लेप कर लगा लीजिए। लेप सूख जाने पर उसे हटा लीजिए। 3-4 लेप लगाने पर सिरदर्द होना बंद हो जाएगा।

3. पुष्कर मूल को चंदन की तरह घिसकर उसके लेप को माथे पर लगाने से सिर दर्द ठीक होता है।

4. मुलहठी को कूट-पीसकर महीन चूर्ण बना लीजिए। इस चूर्ण को नाक के पास ले जाकर सूंघने से सिरदर्द में राहत मिलती है।

5. गर्म मासाला चाय सिर के दर्द के लिए एक कारगर उपाय है। आप इस चाय में एक लौंग और तिलसी के कुछ पत्ते भी डाल सकते हैं। यह चाय नींद को भगा कर दिमाग को सचेत करती है। आप इसमें थोड़े से अदरख के साथ इलायची भी मिला सकते हैं। इससे आपका सिरदर्द तो गायब होगा ही साथ में आप तरोताज़ा भी महसूस करेगें।

6. सिरदर्द होने पर पीपल, सोंठ, मुलहठी, सौंफ, कूठ इन सबको लगभग 10-10 ग्राम लेकर पीसकर चूर्ण बना लीजिए। उसके बाद इस चूर्ण में एक चम्मुच पानी मिलाकर गाढा लेप बना बना लीजिए। इस लेप को माथे पर लगाइए। सिरदर्द होना बंद हो जाएगा।

7. अधिक तनाव और दिन भर की भाद दौड़ की वजह से भी सिरदर्द हो सकता है। इसे दूर करने के सिए किसी अच्‍छे हर्बल तेल से अपने सिर की मालिश करवाएं। मालिश के पहले तेल का हल्‍का सा गर्म कर लें। तेल लगाते समय उंगलियों को सिर पर हल्के दबाव के साथ धीरे धीरे मालिश करें। इससे न केवल सिरदर्द दूर होगा। बल्कि इस तरह की मसाज से बालों की जड़े भी मजबूत होती हैं और बाल अच्छी तरह से बढ़ते हैं।

8. गोदन्ती भस्म व प्रवाल भस्म और छोटी इलायची के दाने। तीनों को पीसकर महीन चूर्ण बना लीजिए। सुबह उठकर खाली पेट थोडा सा चूर्ण लेकर दही और पानी के साथ पीजिए। इससे सरदर्द की समस्या से निजात मिलेगी।

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dev sharma Sep 25, 2020

पपीते के औषधीय गुण 🌟⭐⭐🌟⭐⭐🌟⭐⭐🌟 पपीता एक ऐसा मधुर फल है जो सस्ता एवं सर्वत्र सुलभ है। यह फल प्राय: बारहों मास पाया जाता है। किन्तु फरवरी से मार्च तथा मई से अक्तूबर के बीच का समय पपीते की ऋतु मानी जाती है। कच्चे पपीते में विटामिन ‘ए’ तथा पके पपीते में विटामिन ‘सी’ की मात्रा भरपूर पायी जाती है। आयुर्वेद में पपीता (पपाया) को अनेक असाध्य रोगों को दूर करने वाला बताया गया है। संग्रहणी, आमाजीर्ण, मन्दाग्नि, पाण्डुरोग (पीलिया), प्लीहा वृध्दि, बन्ध्यत्व को दूर करने वाला, हृदय के लिए उपयोगी, रक्त के जमाव में उपयोगी होने के कारण पपीते का महत्व हमारे जीवन के लिए बहुत अधिक हो जाता है। पपीते के सेवन से चेहरे पर झुर्रियां पड़ना, बालों का झड़ना, कब्ज, पेट के कीड़े, वीर्यक्षय, स्कर्वी रोग, बवासीर, चर्मरोग, उच्च रक्तचाप, अनियमित मासिक धर्म आदि अनेक बीमारियां दूर हो जाती है। पपीते में कैल्शियम, फास्फोरस, लौह तत्व, विटामिन- ए, बी, सी, डी प्रोटीन, कार्बोज, खनिज आदि अनेक तत्व एक साथ हो जाते हैं। पपीते का बीमारी के अनुसार प्रयोग निम्नानुसार किया जा सकता है। १) पपीते में ‘कारपेन या कार्पेइन’ नामक एक क्षारीय तत्व होता है जो रक्त चाप को नियंत्रित करता है। इसी कारण उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के रोगी को एक पपीता (कच्चा) नियमित रूप से खाते रहना चाहिए। २) बवासीर एक अत्यंत ही कष्टदायक रोग है चाहे वह खूनी बवासीर हो या बादी (सूखा) बवासीर। बवासीर के रोगियों को प्रतिदिन एक पका पपीता खाते रहना चाहिए। बवासीर के मस्सों पर कच्चे पपीते के दूध को लगाते रहने से काफी फायदा होता है। ३) पपीता यकृत तथा लिवर को पुष्ट करके उसे बल प्रदान करता है। पीलिया रोग में जबकि यकृत अत्यन्त कमजोर हो जाता है, पपीते का सेवन बहुत लाभदायक होता है। पीलिया के रोगी को प्रतिदिन एक पका पपीता अवश्य खाना चाहिए। इससे तिल्ली को भी लाभ पहुंचाया है तथा पाचन शक्ति भी सुधरती है। ४) महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म से पीड़ित महिलाओं को ढाई सौ ग्राम पका पपीता प्रतिदिन कम से कम एक माह तक अवश्य ही सेवन करना चाहिए। इससे मासिक धर्म से संबंधित सभी परेशानियां दूर हो जाती है। ५) जिन प्रसूता को दूध कम बनता हो, उन्हें प्रतिदिन कच्चे पपीते का सेवन करना चाहिए। सब्जी के रूप में भी इसका सेवन किया जा सकता है। ६) सौंदर्य वृध्दि के लिए भी पपीते का इस्तेमाल किया जाता है। पपीते को चेहरे पर रगड़ने से चेहरे पर व्याप्त कील मुंहासे, कालिमा व मैल दूर हो जाते हैं तथा एक नया निखार आ जाता है। इसके लगाने से त्वचा कोमल व लावण्ययुक्त हो जाती है। इसके लिए हमेशा पके पपीते का ही प्रयोग करना चाहिए। ७) कब्ज सौ रोगों की जड़ है। अधिकांश लोगों को कब्ज होने की शिकायत होती है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वे रात्रि भोजन के बाद पपीते का सेवन नियमित रूप से करते रहें। इससे सुबह दस्त साफ होता है तथा कब्ज दूर हो जाता है। ८) समय से पूर्व चेहरे पर झुर्रियां आना बुढ़ापे की निशानी है। अच्छे पके हुए पपीते के गूदे को उबटन की तरह चेहरे पर लगायें। आधा घंटा लगा रहने दें। जब वह सूख जाये तो गुनगुने पानी से चेहरा धो लें तथा मूंगफली के तेल से हल्के हाथ से चेहरे पर मालिश करें। ऐसा कम से कम एक माह तक नियमित करें। ९) नए जूते-चप्पल पहनने पर उसकी रगड़ लगने से पैरों में छाले हो जाते हैं। यदि इन पर कच्चे पपीते का रस लगाया जाए तो वे शीघ्र ठीक हो जाते हैं। १०) पपीता का नियमित प्रयोग पुरूषों के लिए भी लाभकारी है ! ११) हृदय रोगियों के लिए भी पपीता काफी लाभदायक होता है। अगर वे पपीते के पत्तों का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से एक कप की मात्रा में रोज पीते हैं तो अतिशय लाभ होता है। 🌟🌟⭐🌟🌟⭐🌟🌟⭐🌟🌟⭐🌟🌟⭐🌟🌟⭐🌟🌟⭐🌟🌟

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prieti gupta Sep 25, 2020

*पीपल* 💚अकेला ऐसा पौधा जो दिन और रात दोनो समय आक्सीजन देता है 💛पीपल के ताजा 6-7 पत्ते लेकर 400 ग्राम पानी मे डालकर 100 ग्राम रहने तक उबाले,ठंडा होने पर पिए ब्रर्तन स्टील और एल्युमिनियम का नहीं हो, आपका ह्रदय एक ही दिन में ठीक होना शुरू हो जाएगा 💛पीपल के पत्तो पर भोजन करे, लीवर ठीक हो जाता है 💛पीपल के सूखे पत्तों का पाउडर बनाकर आधा चम्मच गुड़ में मिलाकर सुबह दोपहर शाम खायेँ, किंतना भी पुराना दमा ठीक कर देता है 💛पीपल के ताजा 4-5 पत्ते लेकर पीसकर पानी मे मिलाकर पिलाये,1- 2 बार मे ही पीलिया में आराम देना शुरू कर देता है 💛पीपल की छाल को गंगाजल में घिसकर घाव में लगाये तुरंत आराम देता है 💛पीपल की छाल को खांड मिलाकर दिन में 5-6 बार चूसे, कोई भी नशा छूट जाता है 💛पीपल के पत्तों का काढ़ा पिये, फेफड़ो, दिल ,अमाशय और लीवर के सभी रोग ठीक कर देता है 💛पीपल के पत्तों का काढ़ा बनाकर पिये, किडनी के रोग ठीक कर देता है व पथरी को तोड़कर बाहर करता है 💛किंतना भी डिप्रेशन हो, पीपल के पेड़ के नीचे जाकर रोज 30 मिनट बैठिए डिप्रेशन खत्म कर देता है 💛पीपल की फल और ताजा कोपले लेकर बराबर मात्रा में लेकर पीसकर सुखाकर खांड मिलाकर दिन में 2 बार ले, महिलाओ के गर्भशाय और मासिक समय के सभी रोग ठीक करता है 💛पीपल का फल और ताजा कोपले लेकर बराबर मात्रा में लेकर पीसकर सुखाकर खांड मिलाकर दिन में 2 बार ले, बच्चो का तुतलाना ठीक कर देता है और दिमाग बहुत तेज करता है 💛जिन बच्चो में हाइपर एक्टिविटी होती है, जो बच्चे दिनभर रातभर दौड़ते भागते है सोते कम है, पीपल के पेड़ के नीचे बैठाइए सब ठीक कर देता है 💛किंतना भी पुराना घुटनो का दर्द हो, पीपल के नीचे बैठे 30-45 दिन में सब खत्म हो जाएगा 💛शरीर मे कही से भी खून आये, महिलाओ को मासिक समय मे रक्त अधिक आता हो, बाबासीर में रक्त आता हो, दांत निकलवाने पर रक्त आये ,चोट लग जाये, 8-10 पत्ते पीसकर,छानकर पी जाएं, तुंरत रक्त का बहना बंद कर देता है 💛शरीर मे कही भी सूजन हो, दर्द हो, पीपल के पत्तों को गर्म करके बांध दे, ठीक हो जायेगे

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Neha Sharma Sep 24, 2020

गिलोय एक ही ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। कहते हैं कि देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला और इस अमृत की बूंदें जहां-जहां छलकीं, वहां-वहां गिलोय की उत्पत्ति हुई। इसका वानस्पिक नाम( Botanical name) टीनोस्पोरा कॉर्डीफोलिया (tinospora cordifolia है। इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं। आइए जानते हैं गिलोय के फायदे… गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिया से लड़ती है। लिवर और किडनी की अच्छी देखभाल भी गिलोय के बहुत सारे कामों में से एक है। ये दोनों ही अंग खून को साफ करने का काम करते हैं। ठीक करती है बुखार अगर किसी को बार-बार बुखार आता है तो उसे गिलोय का सेवन करना चाहिए। गिलोय हर तरह के बुखार से लडऩे में मदद करती है। इसलिए डेंगू के मरीजों को भी गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। डेंगू के अलावा मलेरिया, स्वाइन फ्लू में आने वाले बुखार से भी गिलोय छुटकारा दिलाती है। गिलोय के फायदे – मधुमेह के रोगियों के लिए गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है यानी यह खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है। इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, जिसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है। पाचन शक्ति बढ़ाती है यह बेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भली-भांति संचालित करती है और भोजन के पचने की प्रक्रिया में मदद कती है। इससे व्यक्ति कब्ज और पेट की दूसरी गड़बडिय़ों से बचा रहता है। कम करती है स्ट्रेस गलाकाट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तनाव या स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है। गिलोय एडप्टोजन की तरह काम करती है और मानसिक तनाव और चिंता (एंजायटी) के स्तर को कम करती है। इसकी मदद से न केवल याददाश्त बेहतर होती है बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी दुरूस्त रहती है और एकाग्रता बढ़ती है। बढ़ाती है आंखों की रोशनी गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके लिए आपको गिलोय पाउडर को पानी में गर्म करना होगा। जब पानी अच्छी तरह से ठंडा हो जाए तो इसे पलकों के ऊपर लगाएं। अस्थमा में भी फायदेमंद मौसम के परिवर्तन पर खासकर सर्दियों में अस्थमा को मरीजों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी डंडी चबानी चाहिए या उसका जूस पीना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा। गठिया में मिलेगा आराम गठिया यानी आर्थराइटिस में न केवल जोड़ों में दर्द होता है, बल्कि चलने-फिरने में भी परेशानी होती है। गिलोय में एंटी आर्थराइटिक गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह जोड़ों के दर्द सहित इसके कई लक्षणों में फायदा पहुंचाती है। अगर हो गया हो एनीमिया, तो करिए गिलोय का सेवन भारतीय महिलाएं अक्सर एनीमिया यानी खून की कमी से पीडि़त रहती हैं। इससे उन्हें हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होती है। गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और एनीमिया से छुटकारा मिलता है। बाहर निकलेगा कान का मैल कान का जिद्दी मैल बाहर नहीं आ रहा है तो थोड़ी सी गिलोय को पानी में पीस कर उबाल लें। ठंडा करके छान के कुछ बूंदें कान में डालें। एक-दो दिन में सारा मैल अपने आप बाहर जाएगा। कम होगी पेट की चर्बी गिलोय शरीर के उपापचय (मेटाबॉलिजम) को ठीक करती है, सूजन कम करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है। ऐसा होने से पेट के आस-पास चर्बी जमा नहीं हो पाती और आपका वजन कम होता है। यौनेच्छा बढ़ाती है गिलोय आप बगैर किसी दवा के यौनेच्छा बढ़ाना चाहते हैं तो गिलोय का सेवन कर सकते हैं। गिलोय में यौनेच्छा बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं, जिससे यौन संबंध बेहतर होते हैं। खूबसूरती बढ़ाती है गिलोय गिलोय न केवल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा और बालों पर भी चमत्कारी रूप से असर करती है…. जवां रखती है गिलोय गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिसकी मदद से चेहरे से काले धब्बे, मुंहासे, बारीक लकीरें और झुर्रियां दूर की जा सकती हैं। इसके सेवन से आप ऐसी निखरी और दमकती त्वचा पा सकते हैं, जिसकी कामना हर किसी को होती है। अगर आप इसे त्वचा पर लगाते हैं तो घाव बहुत जल्दी भरते हैं। त्वचा पर लगाने के लिए गिलोय की पत्तियों को पीस कर पेस्ट बनाएं। अब एक बरतन में थोड़ा सा नीम या अरंडी का तेल उबालें। गर्म तेल में पत्तियों का पेस्ट मिलाएं। ठंडा करके घाव पर लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से त्वचा में कसावट भी आती है। बालों की समस्या भी होगी दूर अगर आप बालों में ड्रेंडफ, बाल झडऩे या सिर की त्वचा की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं तो गिलोय के सेवन से आपकी ये समस्याएं भी दूर हो जाएंगी। गिलोय का प्रयोग ऐसे करें:- अब आपने गिलोय के फायदे जान लिए हैं, तो यह भी जानिए कि गिलोय को इस्तेमाल कैसे करना है… गिलोय जूस गिलोय की डंडियों को छील लें और इसमें पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें। छान कर सुबह-सुबह खाली पेट पीएं। अलग-अलग ब्रांड का गिलोय जूस भी बाजार में उपलब्ध है। काढ़ा चार इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटा-छोटा काट लें। इन्हें कूट कर एक कप पानी में उबाल लें। पानी आधा होने पर इसे छान कर पीएं। अधिक फायदे के लिए आप इसमें लौंग, अदरक, तुलसी भी डाल सकते हैं। पाउडर यूं तो गिलोय पाउडर बाजार में उपलब्ध है। आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए गिलोय की डंडियों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें। सूख जाने पर मिक्सी में पीस कर पाउडर बनाकर रख लें। गिलोय वटी बाजार में गिलोय की गोलियां यानी टेबलेट्स भी आती हैं। अगर आपके घर पर या आस-पास ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप इनका सेवन करें। साथ में अलग-अलग बीमारियों में आएगी काम अरंडी यानी कैस्टर के तेल के साथ गिलोय मिलाकर लगाने से गाउट(जोड़ों का गठिया) की समस्या में आराम मिलता है।इसे अदरक के साथ मिला कर लेने से रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या से लड़ा जा सकता है।चीनी के साथ इसे लेने से त्वचा और लिवर संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।आर्थराइटिस से आराम के लिए इसे घी के साथ इस्तेमाल करें।कब्ज होने पर गिलोय में गुड़ मिलाकर खाएं। साइड इफेक्ट्स का रखें ध्यान वैसे तो गिलोय को नियमित रूप से इस्तेमाल करने के कोई गंभीर दुष्परिणाम अभी तक सामने नहीं आए हैं लेकिन चूंकि यह खून में शर्करा की मात्रा कम करती है। इसलिए इस बात पर नजर रखें कि ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम न हो जाए। *गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए।पांच साल से छोटे बच्चों को गिलोय का प्रयोग ना करने दें आप . _एक निवेदन :---वर्षाऋतु का काल में अपने घर में, बड़े गमले या आंगन में जंहा भी उचित स्थान हो गिलोय की बेल अवश्य लगायें एवं स्वजनों को भी देवें. यह बहु उपयोगी वनस्पति ही नही बल्कि आयुर्वेद का अमृत और ईश्वरीय अवदान है ।

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****अपना पोस्ट*** **नक्षत्रवाणी** *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻*  गजाननं भूतगनादि सेवितम, कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम। उमासुतं शोकविनाशकारकम, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम।। श्रीमते रघुवीराय सेतूल्लङ्घितसिन्धवे। जितराक्षसराजाय रणधीराय मङ्गलम्।। भुजगतल्पगतं घनसुन्दरं गरुडवाहनमम्बुजलोचनम् । नलिनचक्रगदाकरमव्ययं भजत रे मनुजाः कमलापतिम् ।।  क्यों भटके मन बावरा, दर-दर ठोकर खाये...! शरण श्याम की ले ले प्यारे, जनम सफल हो जाये...!! 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मित्रों...! सबसे पहले तो नक्षत्रवाणी की पोस्टिंग में व्यस्तत्तम शेड्यूल के चलते ना चाहते हुए भी होने वाले विलंब के लिए आप सभी से हृदयपूर्वक क्षमा प्रार्थना सहित.....🙏🙏 आप सभी परम प्रिय धर्मपारायण, ज्योतिषविद्या प्रेमी विद्वतजनों को आचार्य/पं.मदन तुलसीराम जी कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले) की ओर से सादर-सप्रेम 🌸 जय गणेश 🌸 जय अंबे 🌸 *जय श्री कृष्ण*🌷मंगल प्रभात🌷इसी के साथ आप सभी सनातनी, धर्म-उत्सवप्रेमी, राम-कृष्ण-हरि-शिव व परम राष्ट्रप्रेमी मित्र-बंन्धुओं को आज **आश्विन अधिक मास (पुरूषोत्तम मास) की शुक्ल नवमी/नोमी की, पं. दीनदयाल उपाध्याय जयन्ती (अंन्तोदय दिवस) की एवं पूर्व उप प्रधान मंत्री स्व. चौ. देवीलाल जयन्ती** की भी बहुत-बहुत हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं...!!!** ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ आइये...! अब चलें आपके प्रिय पोस्ट 'नक्षत्रवाणी' के अंतर्गत आज कुछ विशेष महत्वपूर्ण जानकारी, दृकपंचांग, चन्द्र राशिफल' एवं 'आरोग्य मंत्र' की ज्ञानयात्रा पर...🙏 ```༺⊰🕉⊱༻ ``` *༺⊰०║|। ॐ ।|║०⊱༻* ☘️🌸!! ॐ श्री गणेशाय नमः!! 🌸☘️ ****************************** 𴀽𴀊🕉श्री हरिहरौविजयतेतराम्🕉 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :- आज दिनांक *25 सितं. 2020 ईस्वी* शुक्रवार/फ्राइडे* 🇮🇳 राष्ट्रीय सौर दिनांक ३ भाद्रपद* *(नभस्यमास)‌१९४२* प्रस्तुत है ««« *आज का दृकपंचांग:««« (यहाँ दिये गए तिथि, नक्षत्र,योग आदि के समय इनके समाप्ति काल हैं। सूर्योदयास्त व चंद्रोदय सहित इनका गणना स्थल मुंबई हैं)। कलियुगाब्द......5122 ( ५१२२ ) विक्रम संवत्.....2077 (प्रमादी नाम) शक संवत्......1942 🌤मास......आश्विन/आसु/आसोज 🌓पक्ष.......शुक्ल/सुदी/चानण पछ/लागतो अधिक मास​ **तिथि.......नवमी/नोमी** संध्या 06.43 पर्यंत पश्चात दशमी **वार/दिन...भृगुवासर/शुक्रवार*** **नक्षत्र........पूर्वाषाढ़ा** संध्या 06.31 पर्यंत पश्चात उत्तराषाढ़ा योग.............शोभन रात्रि 08.38 पर्यंत पश्चात अतिगंड करण............बालव प्रातः 06.48 पर्यंत पश्चात कौलव सूर्योदय प्रातः......06.31.00 सूर्यास्त सांय...... 06.28.00 चंद्रोदय दिन..... 14.17.00 **ऋतु (दृक)......शरद** **वैदिक............शरद** **गुरु राशि.........धनु (पश्चिम में उदित, मार्गी)** **सूर्य राशि.........कन्या** **चन्द्र राशि........धनु (24.42 पर्यंत पश्चात मकर में)** 🚦 *दिशाशूल :-* पश्चिम दिशा - यदि बहुत ही आवश्यक हो तो घी/काजु या जौ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। ☸ शुभ अंक.......7 🔯 शुभ रंग.....आसमानी/श्वेत ⚜ *अभिजीत मुहूर्त :-* मध्याह्न 12.06 से 12.54 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल (अशुभ) :-* पूर्वान्ह 11.00 से 12.30 तक । 👁‍🗨 *गुलिक काल :-* प्रात: 08.01 से 09.31 तक। ************************* 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त -* *कन्या* 05:43:08 07:53:47 *तुला* 07:53:47 10:08:24 *वृश्चिक* 10:08:24 12:24:35 *धनु* 12:24:35 14:30:13 *मकर* 14:30:13 16:17:21 *कुम्भ* 16:17:21 17:50:55 *मीन* 17:50:55 19:22:07 *मेष* 19:22:07 21:02:49 *वृषभ* 21:02:49 23:01:27 *मिथुन* 23:01:27 25:15:08 *कर्क* 25:15:08 27:31:18 *सिंह* 27:31:18 29:43:08 ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 07.48 से 09.18 तक लाभ प्रात: 09.18 से 10.47 तक अमृत दोप. 12.17 से 01.46 तक शुभ सायं 04.45 से 06.15 तक चंचल रात्रि 09.16 से 10.47 तक लाभ । ************************** ✍ आज के विशेष योगायोग/युति संयोग, वेध, ग्रहचार (ग्रहचाल), व्रत/पर्व/प्रकटोत्सव, जयंती/जन्मोत्सव व मोक्ष दिवस/स्मृतिदिवस/पुण्यतिथि आदि 🙏👇:- 👉 **आज आश्विन शुक्ल पक्ष शुक्रवार को 👉 वर्ष का 185/एक सौ पिचासीवां दिन, आश्विन शुक्ल/सुदी नवमी 18:43 तक पश्चात् दशमी शुरु, सर्वदोषनाशक रवि योग जारी, पं. दीनदयाल उपाध्याय जयन्ती (अंन्तोदय दिवस) , चौ. देवीलाल जयन्ती व श्री सतीश धवन जयन्ती।** ⚜⚜ 🌴 💎 🌴⚜⚜।** 🏡 *वास्तु टिप्स*🏡 1) कृषिवास्तु के अनुसार 'ड्रिप इर्रिगेशन तकनीक यानि बूंद-बूंद सिंचाई' या 'स्प्रिंकल सेट इर्रिगेशन यानि फव्वारा सिंचाई' विधि प्रयोग करने के लिए ओवरहेड वाटर टैंक सदैव खेत की वेस्ट डाइरेक्शन यानि पश्चिम दिशा में ही बनाना चाहिए। इससे सिंचाई की सभी दिक्कतें तो दूर होती ही हैं, साथ ही अन्य सभी शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। 2) आपके घर से अगर अकारण ही बरकत जा रही है या आपको नेगेटिव एनर्जी दिख रही है या परिवार में निरंतर कलह रहता है, तो कपूर और फिटकरी को पीस के गौझारण (गौमूत्र) जो बहुत ही आसानी से मिल जाता है (अन्यथा पतंजलि आदि का ले लें), इससे घर मे पोछा लगाने वाले क्लीनर या पानी मे मिला लें और रोज़ सुबह-शाम घर मे पोछा लगाये और गंगाजल का पूजा-आरती के बाद छिड़काव भी करें फिर चमत्कारिक परिवर्तन देखें। 🙏 💥 **विशेष ध्यातव्य 👉 नवमी यानि नोमी को लौकी का सेवन करना पूर्णतः वर्जित है। यह गोमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34।** 📿 *आज का आराधना मंत्र* **🚩🕉 द्रां द्रीं द्रौ सः शुक्राय नमः ‼️ 🎪 🚩** *🚩 🕉 महालक्ष्म्यै नमः ‼️ 🎪 🚩* 📿 *आज का उपासना मंत्र :-* ॥ ॐ कान्तायै नम: ॥ ****************************** ⚜ 👉🙏 🚩 ☸ *तिथि विशेष :* 🚩 ** आश्विनअधिका नवमी/नोमी।** 👉 बहुत अच्छे से ध्यान दें मित्रों...!!! 🙏🌷👇 **हरि भक्तों मैं आप सबको एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात बताना चाहता हूं कि समाज में कुछ स्वार्थी या अधकचरे ज्ञान वाले पोंगा पंडितों द्वारा यह भ्रांति फैला दी गई कि अधिक मास या पुरुषोत्तम मास जिसे सबसे कॉमन भाषा में मलमास भी कहते हैं, बहुत ही कष्टप्रद या अशुभ होता है। बंन्धुओं अधिकमास अशुभ फलदायक कभी नहीं होता, इसमें केवल गृहप्रवेश व विवाह आदि मांगलिक कार्य करने प्रशस्त नहीं होते यानि कि उनका आयोजन वर्जित माना गया है। बाकी अनुष्ठान विशेष व भागवत कथा/सप्ताह आदि करना-करवाना तो इसमें बहुत ही शुभ फलप्रदायक या पुण्यप्रद होता है और इसमें नित्य प्रति भगवान के दिव्य नामों तथा स्तोत्र आदि का जाप/पाठ/पूजन/अर्चन और अपने सौभाग्यवृद्धि के लिए विशेष प्रयोग/ज्योतिषीय उपाय करना बहुत ही शुभ व त्वरित फलदायी होता है, इसलिए इस अमूल्य मास के बहुमूल्य समय को ऐसे ही व्यर्थ नहीं जाने दें और इस संबंध में हमसे बिल्कुल फ्री मार्गदर्शन के द्वारा अपना तथा अपनों का बड़ी ही सरलता और सहजता से कल्याण करें। तो आप इसी कड़ी में आज भगवान लक्ष्मीनारायण का (युगल रूप में), पहले उन्हें शुद्ध गुलाबजल व गंगाजल से स्नान करवाकर फिर शुद्ध केसर का तिलक लगा करके अपनी राशि के अनुसार भगवान विष्णु का मंत्र कम से कम एक माला श्रदापूर्वक जाप करें और तुरंत चमत्कार देखें...!!! इस पर ज्यादा जानकारी या अपनी राशिनुसार जपमंत्र भी आप हमसे पूर्णतः निःशुल्क जान सकते हैं। धन्यवाद।।। हमारे मोबाइल नम्बर्ज़ हैं: 9987815015/9991610514. आप कृपया हमें पहले सीधा कॉल ना करके व्हाट्सएप्प मैसेज ही करें..!** **************************** 📢 *संस्कृत सुभाषितानि -* रागद्वैषौ यदि स्यातां तपसा किं प्रयोजनम् । तावेव यदि न स्यातां तपसा किं प्रयोजनम् ॥ अर्थात :- यदि राग-द्वेष कायम हो तो तप का क्या मतलब ? और यदि वे दोनों न हो तो तप की क्या जरुरत ? 🍃 *आरोग्य मंत्र :-* *होंठों का कालापन दूर करने के घरेलू उपाय -* *4. संतरा -* संतरे को अपने होंठ पर रगड़ें। इसका रस होठों को मुलायम और खूबसूरत बनाता है। यह स्वास्थ्य संबंधी पेय पदार्थों में से एक माना जाता है। इसमें कई तरह के लाभ मौजूद है, जिसमें इम्यून को बढ़ावा देने, उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने और कैंसर को रोकने आदि क्षमता शामिल है। *5. ग्लीसरीन -* ग्लीसरीन का उपयोग त्वचा की कई स्थितियों का इलाज करने के लिए किया जाता है, जैसे मुंहासे, त्वचा के संक्रमण, झुर्रियाँ और फाइन लाइनें आदि। ग्लिसरीन आपकी त्वचा पर नमी को बनाएं रखती है। होंठों की खूबसूरती के लिए आप सोने से पहले ग्लीसरीन, गुलाब जल और केसर को मिलाकर होठ में लगाने से भी होंठ निखरते हैं। ****************************** ⚜ * अब आज का संभावित चन्द्र राशिफल* ⚜ 👉लेकिन पहले सबसे एक करबद्ध निवेदन 🙏👇:- मित्रों सर्वप्रथम तो कल आपको आपकी प्रिय पोस्ट कुछ घरेलू कारणों से नहीं मिल पाई इसके लिए मैं आप सभी से क्षमा प्रार्थी हूँ। ततपश्चात निवेदन करना चाहता हूँ कि आपकी इस परमप्रिय ज्ञानवर्धक 'अपना पोस्ट' *नक्षत्रवाणी* को आप जितना हो सकता हो उतना लाइक व शेयर/फॉरवर्ड तो करें ही, आलस्य त्याग कर कृपया इसपर अपनी बुद्धि व विवेक के अनुसार अपने सही-सही कमैंट्स भी अवश्य करें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मुझे निराश नहीं करेंगे और अपने फीडबैक से व लाइक/सराहना करके भी अवश्य ही मेरा उत्साहवर्धन करेंगे। नक्षत्रवाणी के संदर्भ में आप सभी के बहुमूल्य सुझाव भी सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद...!!! 💐💐 **ख़ुशख़बर।। आज की सबसे बड़ी ख़ुशख़बर।।**👇 प्रियवरों गणेशोत्सव के अंतर्गत और भाद्रपद मास के अंतिम सोमवार के शुभावसर पर त्रिगुणात्मक भगवान महाकालेश्वर शिव जो कि एकादश रुद्र रूपों में भी प्रस्फुटित होते हैं, उनके साक्षत स्वरूप व कृपाप्रसाद *'रुद्राक्ष रत्न*" जिसे रुद्र के अक्ष या भगवान शिव के अक्ष के रूप में जाना जाता है, को पहली बार अब हम विधिवत **अभिमंत्रित** करके आपको आपके सभी दैहिक-दैविक-भौतिक कष्टों से मुक्ति दिलाने हेतु, विषेषतः इस **कोरोना काल** में बहुत अधिक बढ़ चुके मानसिक संताप (Mental stress/depression) को पूर्ण रूप से दूर करने के लिए, आपकी आर्थिक तँगीं की स्थिति को समझते हुए **केवल मात्र 111₹** में आप शिवभक्त सुधि पाठकों के लिए उपलब्ध करवाना प्रारंभ किया है। जिसे भी यह दिव्य सर्वसिद्ध **रुद्राक्ष रत्न** चाहिए, वे कृपया हमें इसी नम्बर पर व्हाट्सएप्प करें। ध्यान रखें यह योजना सीमित समय के लिए ही है, इसलिए इस सुनहरे अवसर को आप चूकें नहीं। 🙏 👉 **एक विशेष व अति शुभ सूचना:👇** **मित्रों हमारे 'ऐस्ट्रो वर्ल्ड' के दिव्य कोष में शुद्ध केसर (काश्मीरी व ईरानी A तथा B दोनों ग्रेड की), पारिजात, चम्पा, अनन्त, पुन्नाग, श्वेत/सफ़ेद ऊद, केसर, खस, भीना गुलाब व असली चंदन जैसे दिव्य इत्रों की पूरी रेंज, भीमसेनी कर्पूर, उत्तम क्वालिटी की शुद्ध गुग्गल व शुद्ध लोबान, शुद्ध राशि रत्न-उपरत्न, असली नेपाली रुद्राक्ष रत्न व गण्डकी नदी से प्राप्त असली शालग्राम जी भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा हमारे इस संग्रहालय में और भी कई दिव्य व चमत्कारिक वस्तुएं उपलब्ध हैं। ये सभी दिव्य वस्तुएं हम अपने ज्योतिष-वास्तु एवं वैदिक पूजा-अनुष्ठानों के नियमित यजमानों के लिए बहुत ही सही रेट पर और कम मार्जिन पर देते हैं तथा इनके असली होने की मनी बैक गारंटी के साथ भी। तो आप 'नक्षत्रवाणी' के सभी पाठक भी हमारे परम प्रिय होने से इसका लाभ निःसन्देह ले सकते हैं। इसके लिए आप हमें इसी नम्बर पर व्हाट्सएप्प करें। जल्दी रिप्लाई ना मिलने पर आप कॉल भी कर सकते हैं। धन्यवाद...!!!** 🐏 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। शारीरिक हानि की आशंका है। किसी भी तरह के विवाद से दूर रहें। स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। कोई पुराना रोग उभर सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* कोर्ट-कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों के कार्य मनमाफिक चलेंगे। किसी विवाद में विजय प्राप्त होगी। किसी आशंका से ग्रसित रह सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। पारिवारिक चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। 👫🏻 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* स्थायी संपत्ति की वृद्धि के योग हैं। किसी भी तरह के कागजात ध्यान से पढ़कर निर्णय लें। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश लाभदायक रहेगा। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* किसी लंबी यात्रा की संभावना है। मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी में नए कार्य कर पाएंगे। धन प्राप्ति के लिए किए गए प्रयास सफल रहेंगे। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* किसी अपने ही व्यक्ति से विवाद हो सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। भागदौड़ रहेगी। शारीरिक कष्ट की आशंका है। दु:खद समाचार प्राप्ति की आशंका है, धैर्य रखें। व्यापार-व्यवसाय में लाभ होगा। 🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी भूले-बिसरे शत्रु से हानि की आशंका है। पिछले समय किए गए प्रयासों का लाभ मिलने का प्रारंभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* शुभ समाचार प्राप्त होंगे। नए संपर्क बन सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। किसी दुष्ट प्रवृत्ति के व्यक्ति का साथ हानिप्रद रहेगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। हल्की मजाक बिलकुल न करें। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। कारोबार में वृद्धि होगी। भाग्य अनुकूल रहेगा। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। 🐊 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नए काम मिल सकते हैं। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय हो सकता है। धन प्राप्ति सुगम होगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ रहेगा। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। विवाह के उम्मीदवारों को वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। मित्रों तथा रिश्तेदारों की सहायता कर पाएंगे। लाभ होगा। 🐋 *राशि फलादेश मीन :-* *(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* वाणी पर नियंत्रण रखें। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में रुकावट दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी। किसी धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। ****************************************** *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह की वर्षगांठ हैं, उन सभी प्रिय मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉* ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ और ज़रा इन बातों पर भी ज़रूर ध्यान दें मित्रों...! अगर...??? 1) खूब मेहनत के बाद भी या व्यापार-व्यवसाय में पर्याप्त इन्वेस्टमेंट करने के बाद भी आप अकारण आर्थिक दृष्टी से निरंतर पिछड़ते ही जा रहे हैं....? 2) एक ही नौकरी में लम्बे समय तक कार्य नहीं कर पाते हैं या वहां दिल से काम करते हुए भी आपको कोई पूछता ही नहीं है...? आपकी प्रमोशन ड्यू है कब से लेकिन आप बस दूसरों को आगे बढ़ते देख कर अपने नसीब को कोस रहे हैं...? आपके प्रतिद्वंदी अलग से परेशान करते रहते हैं...? 3) आपस में निरंतर अकारण क्लेश होता रहता है..? 4) शेयर मार्किट से कमाना चाहते हैं पर हर बार नुकसान उठा बैठते हैं...? 5) बिमारी आपको छोड़ ही रही है...? घर का हरएक व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से त्रस्त है...? आमदनी का एक बड़ा हिस्सा हमेशां इसी पर खर्च हो जाता है...? 6) अकारण ही विवाह योग्य बच्चों के विवाह में दिक्कतें आ रही हैं...? 7) शत्रुओं ने आपकी रात की नींद और दिन का चैन हराम किया हुआ है...? 8) पैतृक सम्पति विवाद सुलझ ही नहीं रहा है...? और संपति केवास्तविक हकदार आप हैं तथा आप इसे अपने हक में सुलझना चाहते हैं...? 9) विदेश यात्रा या विदेश में सेटलमेंट को लेकर बहुत समय से परेशान हैं...? 10) आपको डरावने सपने आते हैं..? सपने में सांप या भूत-प्रेत या ऐसे ही नींद उड़ाने वाले दृश्य दीखते हैं...? 11) फिल्म या मीडिया में बहुत समय से संघर्ष के बाद भी सफलता​ नहीं मिल रही...? 12) राजनीति को ही आप अपना कैरियर बनाना चाहते हैं पर आपको कुछ भी समझ नहीं आ रहा...? यदि हाँ...??? तो यह सब अकारण ही नहीं है...! इसके पीछे बहुत ठोस कारण हैं जो कि आपकी जन्म कुंडली या आपके घर-आफिस का वास्तु देखकर या आपकी जन्मकुंडली भी ना होने की स्थिति में हमारे दीर्घ अध्ययन और प्रैक्टिकल ज्योतिषीय अनुभव के आधार पर अन्य विधियों से जाने जा सकते हैं...? तो अब आप और देरी ना करें और तुरंत हमें फोन करें...! आपकी उन्नति निश्चित है और आपकी मंजिल अब दूर नहीं...! ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※ प्रस्तुति: आचार्य मदन टी.कौशिक मुंबई (सिरसा-हरियाणा वाले, मूल निकास: गौड़ बंगाल एवं तत्पश्चात ढाणी भालोट-झुंझनूँ-राज.) (चयनित/Appointed/) ज्योतिष एवं वास्तु शोध वैज्ञानिक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष: TARF, Dadar-Mumbai साभार: बाँके बिहारी (धुरंधर वैदिक विद्वानों का अद्वितीय वैश्विकमंच) कार्यकारी अध्यक्ष: एस्ट्रो-वर्ल्ड मुंबई व सिरसा (सभी दैहिक दैविक भौतिक समस्याओं का एक ही जगह सटीक निदान व स्थायी समाधान) अध्यक्ष: सातफेरे डॉट कॉम मुंबई व सिरसा (आपके अपनों के दिव्य एवं सुसंस्कारी वैवाहिक जीवन की झटपट शुरूआत हेतु अनूठा संस्थान) नोट: हमारी या हमारे संस्थान 'एस्ट्रो-वर्ल्ड' तथा आपके अपनों के वैवाहिक जीवन सम्बन्धी सभी समस्याओं का एकमात्र हल एवं विश्व के इस सबसे अनूठे मंच 'सातफेरे डॉट कॉम' मुंबई या सिरसा की किसी भी प्रकार की गरिमापूर्ण सेवा जैसे वैज्ञानिकतापूर्ण ज्योतिष-वास्तु मार्गदर्शन, सभी प्रकार के मुहूर्त शोधन, नामकरण संस्कार, विवाह संस्कार या अन्य कोई भी वैदिक पूजा-अनुष्ठान आयोजित करवाने, रत्न अभिमन्त्रण, सभी राशिरत्न-उपरत्न, मणि-माणिक्य, दक्षिणावर्ती शँख (जो कि घर में विधिवत रखने मात्र से ही बदल दे आपका भाग्य हमेशां-2 के लिए...!), सियारसिंगी, भुजयुग्म (हत्थाजोड़ी, जो तिज़ोरी आपकी कभी ख़ाली ना होने दे), नागकेसर, विविध प्रकार के वास्तु पिरामिडज एवं अन्य कई प्रकार की सौभाग्यवर्धक वस्तुओं की प्राप्ति हेतु हमारे... सम्पर्क सूत्र: 9987815015 / 9991610514 ईमेल आई डी: [email protected] 🌺आपका दिन आदि वैद्य (भगवान धन्वंतरि जी) की कृपा से परम मंगलमय हो मित्रो! *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩* 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩 ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। ※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※

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dev sharma Sep 24, 2020

सुरीली आवाज के घरेलु कारगर उपाय 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ आवाज किसी भी व्यक्ति की पहचान होती है। साफ, मीठी और सुरीली आवाज हर किसी को प्रभावित करती है। खासकर गानों के शौकीन और गायिकी में करियर बनाने वालों के लिए अपनी आवाज के लिए काफी टेंशन रहती है। हर किसी की चाहत होती है कि उसकी आवाज में कर्कशपन या बेसुरापन कभी न हो। जब किसी की आवाज बदलते मौसम और ठंडा-गरम खाने-पीने से भी प्रभावित हो जाती है। यदि आप किसी कार्यक्रम में जाने वाले हैं और वहां कोई गायिकी में परफार्म करने वाले हैं तो चिंता रहती है कि आपकी आवाज आपको धोखा न दे दें। इसलिए कुछ आसान से घरेलू उपायों को अपनाकर अपनी आवाज को मधुर और सुरीला बनाया जा सकता है। इसके अलावा जिनकी आवाज पहले से ही सुरीली है या साफ है तो उन्हें भी यह उपाय करते रहना चाहिए। हमेशा आपकी आवाज की कद्र होती रहेगी। किंवदंती है कि संगीत सम्राट तानसेन इमली के पत्ते खाकर रियाज किया करते थे। इससे उनकी आवाज साफ रहती थी। ग्वालियर में स्थित उनकी समाधि के पास लगे इस इमली के पेड़ के बारे में कहा जाता है कि इमली के पत्ते खाकर गायकों के गले सुरीले हो जाते थे। एक बार शास्त्रीय संगीत के गायक पंडित जसराज भी इस समाधि पर आए थे और इमली की पत्तियों को साथ ले गए। 1👉 सुरीली आवाज के लिए रोज सुबह-शाम शहद के साथ गाय का दूध पीना चाहिए। इससे आवाज मधुर हो जाती है। विटामिंस भी मिलते रहेंगे। 2👉 अगर बदलते मौसम में आवाज बैठ गई है तो दो चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच शहद मिलालें और दिन में तीन बार सेवन करें और अदरक का रस गरम पानी में मिलाकर उसके गरारे भी करें। इससे आवाज खुल जाएगी। 3👉 दो चम्मच प्याज के रस में शहद मिलाकर सुबह शाम चाटें और उसके एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाए और प्याज का रस गरम पानी में मिलाकर पीने से भी गले से सुरीली आवाज निकालती है। आप गुनगुनाते रह जाएंगे। 4👉 प्याज को हल्का-सा भून लें, फिर उसे कुचलकर फिटकरी को भूनकर उसके ऊपर बुर-बुराकर चबा-चबाकर खाएं। इससे भी आवाज सुरीली होने लगती है। 5👉 ग्लिसरीन को गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह-शाम गरारे करने से गाना गाने से पहले कभी आपका गला धोखा नहीं देगा। 6👉 सुरीली आवाज चाहने वालों को अनानास का सेवन करते रहना चाहिए। खाने के साथ ही उसका रस पीने से भी आवाज सुरीली हो जाती है। 7👉 बीस-बीस ग्राम सौंठ और मिश्री को पीसकर उसे शहद में अच्छी तरह से मिलाकर गोली बना कर रख लें। इसे दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी देर में चूसते रहें। आवाज में सुरीलापन बना रहेगा। 8👉 यदि आवाज बहुत फट रही हो तो एक गिलास गरम पानी में 3-4 ताजी लहसून की कलियों का रस मिलाकर पीने से आवाज ठीक हो जाती है। 9👉 लहसून की तीन-चार कलियों को सिरके में भिगोकर चबाकर खाने से भी गला सुरीला होता है। 10👉 मूली के 4-5 ग्राम बीज पीसकर उसे गरम पानी के साथ फांके अथवा मूली खाली पेट बिना नमक के चबा-चबाकर खाएं या उसका रस पीए, तो आवाज में जान आ जाएगी। 11👉 गायिकी के शौकीन लोगों को ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंग्स को तो आज ही भूल जाना चाहिए। ठंडे पानी की जगह गरम पानी एवं कोल्ड ड्रिंग्स की जगह नारियल पानी को ज्यादा से ज्यादा पीना चाहिए। अपने गले को सूखा न रखिए उसे समय-समय पर तर करते रहिए। 12👉 बहुत ज्यादा चटपटा, मसालेदार और चिकनाईयुक्त भोजन भी गले के लिए नुकसानकारी होता है। इससे पेट में गड़बड़ियां होती हैं और आवाज पर भी असर पड़ता है। 13👉 सुरीली आवाज की चाह रखने वालों को ज्यादा चीखना-चिल्लाना नहीं चाहिए। इससे वोकल कार्ड में खराबी हो जाती है, जिससे उनकी आवाज बदल जाती है। गले की मांस पेशियों में खिंचाव होता है। आवाज पर बहुत बुरा असर होता है। 14👉 खाना खाने के बाद चुटकीभर काली मिर्च को एक चम्मच घी के साथ मिलाकर खाने से बैठी हुई आवाज ठीक हो जाती है। 15👉 पचास ग्राम मिश्री, 25 ग्राम मुलेठी और 25 ग्राम काली मिर्च लेकर इन तीनों को मिलाकर चूर्ण बनाकर शीशी में रख लें। रोज सुबह और शाम एक छोटे चम्मच में चूर्ण को लेकर शहद में मिलाकर सेवन करने से गला ठीक हो जाता है और आवाज सुरीली बनी रहती है। 16👉 पानी को गुनगुना कर उसमें चुटकीभर नमक डालकर दिन में 3-4 बार गरारे करने से बैठी हुई आवाज ठीक हो जाती है। 17👉 पांच ग्राम मुलेठी, पांच आंवले और 5 मिश्री को एक गिलास पानी में धीमी आंच पर उबालें। जब यह आधा रह जाए तो इस काढ़े का गर्म-गर्म सेवन करें। इससे बैठा हुआ गला खुला जाता है और आवाज फिर सुरीली हो जाती है। 18👉 भोजन के बाद एक ग्राम काली मिर्च के चूर्ण में थोडा़-सा घी डालकर उसे चाटने से भी आवाज सुरीली हो जाती है। 19👉 एक कटोरी पानी में एक मुठ्ठी गेहूं का चोकर उबालिये और चाय की प्याली में भरकर गरमागरम घूंट चूसिये। दो - तीन बार के प्रयोग से आवाज स्वाभाविक और सुरीली निकलने लगेगी। 20👉 शलगम को पानी में उबालकर पीने से गले की खराश मिट जाती है। 21👉 अजवायन और शक्कर उबालकर पीने से गला खुल जाता है। 22👉 एक गिलास गरम पानी में डेढ़ Tea Spoon शुद्ध शहद डालकर गरारा करने से बेठा गला ठीक हो जाता है। 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

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dev sharma Sep 23, 2020

हाइपर थाइरोइड और हाइपो थाइरोइड का घरेलु और सफल उपचार। 👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇 आज कल की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में ये समस्या आम सी हो गयी हैं, और अलोपथी में इसका कोई इलाज भी नहीं हैं, बस जीवन भर दवाई लेते रहो, और आराम कोई नहीं। थायराइड मानव शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक है। थायरायड ग्रंथि गर्दन में श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यन्त्र के दोनों ओर दो भागों में बनी होती है। इसका आकार तितली जैसा होता है। यह थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है जिससे शरीर के ऊर्जा क्षय, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। थॉयराइड ग्रंथि तितली के आकार की होती है जो गले में पाई जाती है। यह ग्रंथि उर्जा और पाचन की मुख्य ग्रंथि है। यह एक तरह के मास्टर लीवर की तरह है जो ऐसे जीन्स का स्राव करती है जिससे कोशिकाएं अपना कार्य ठीक प्रकार से करती हैं। इस ग्रंथि के सही तरीके से काम न कर पाने के कारण कई तरह की समस्‍यायें होती हैं। इस लेख में विस्‍तार से जानें थॉयराइड फंक्‍शन और इसके उपचार के बारे में। थॉयराइड को साइलेंट किलर माना जाता है, क्‍योंकि इसके लक्षण व्‍यक्ति को धीरे-धीरे पता चलते हैं और जब इस बीमारी का निदान होता है तब तक देर हो चुकी होती है। इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी से इसकी शुरुआत होती है लेकिन ज्यादातर चिकित्‍सक एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो-इम्युनिटी दिखाई देती है। * यह ग्रंथि शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है यानि जो भोजन हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है। * इसके अलावा यह हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है। आमतौर पर शुरुआती दौर में थायराइड के किसी भी लक्षण का पता आसानी से नहीं चल पाता, क्योंकि गर्दन में छोटी सी गांठ सामान्य ही मान ली जाती है। और जब तक इसे गंभीरता से लिया जाता है, तब तक यह भयानक रूप ले लेता है। आखिर क्या कारण हो सकते है जिनसे थायराइड होता है। 👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂 थायरायडिस- यह सिर्फ एक बढ़ा हुआ थायराइड ग्रंथि (घेंघा) है, जिसमें थायराइड हार्मोन बनाने की क्षमता कम हो जाती है। * इसोफ्लावोन गहन सोया प्रोटीन, कैप्सूल, और पाउडर के रूप में सोया उत्पादों का जरूरत से ज्यादा प्रयोग भी थायराइड होने के कारण हो सकते है। * कई बार कुछ दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव भी थायराइड की वजह होते हैं। * थायराइट की समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण भी होती है क्यों कि यह थायरायड ग्रंथि हार्मोन को उत्पादन करने के संकेत नहीं दे पाती। * भोजन में आयोडीन की कमी या ज्यादा इस्तेमाल भी थायराइड की समस्या पैदा करता है। * सिर, गर्दन और चेस्ट की विकिरण थैरेपी के कारण या टोंसिल्स, लिम्फ नोड्स, थाइमस ग्रंथि की समस्या या मुंहासे के लिए विकिरण उपचार के कारण। * जब तनाव का स्तर बढ़ता है तो इसका सबसे ज्यादा असर हमारी थायरायड ग्रंथि पर पड़ता है। यह ग्रंथि हार्मोन के स्राव को बढ़ा देती है। * यदि आप के परिवार में किसी को थायराइड की समस्या है तो आपको थायराइड होने की संभावना ज्यादा रहती है। यह थायराइड का सबसे अहम कारण है। * ग्रेव्स रोग थायराइड का सबसे बड़ा कारण है। इसमें थायरायड ग्रंथि से थायरायड हार्मोन का स्राव बहुत अधिक बढ़ जाता है। ग्रेव्स रोग ज्यादातर 20 और 40 की उम्र के बीच की महिलाओं को प्रभावित करता है, क्योंकि ग्रेव्स रोग आनुवंशिक कारकों से संबंधित वंशानुगत विकार है, इसलिए थाइराइड रोग एक ही परिवार में कई लोगों को प्रभावित कर सकता है। * थायराइड का अगला कारण है गर्भावस्था, जिसमें प्रसवोत्तर अवधि भी शामिल है। गर्भावस्था एक स्त्री के जीवन में ऐसा समय होता है जब उसके पूरे शरीर में बड़े पैमाने पर परिवर्तन होता है, और वह तनाव ग्रस्त रहती है। * रजोनिवृत्ति भी थायराइड का कारण है क्योंकि रजोनिवृत्ति के समय एक महिला में कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन होते है। जो कई बार थायराइड की वजह बनती है। थायराइड के लक्षण:- 👇🍂👇🍂👇🍂👇 कब्ज-👇 थाइराइड होने पर कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है। खाना पचाने में दिक्कत होती है। साथ ही खाना आसानी से गले से नीचे नहीं उतरता। शरीर के वजन पर भी असर पड़ता है। हाथ-पैर ठंडे रहना-👇 थाइराइड होने पर आदमी के हाथ पैर हमेशा ठंडे रहते है। मानव शरीर का तापमान सामान्य यानी 98.4 डिग्री फॉरनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) होता है, लेकिन फिर भी उसका शरीर और हाथ-पैर ठंडे रहते हैं। प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना- थाइराइड होने पर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम़जोर हो जाती है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने के चलते उसे कई बीमारियां लगी रहती हैं। थकान👇 थाइराइड की समस्या से ग्रस्त आदमी को जल्द थकान होने लगती है। उसका शरीर सुस्त रहता है। वह आलसी हो जाता है और शरीर की ऊर्जा समाप्त होने लगती है। त्वचा का सूखना या ड्राई होना👇 थाइराइड से ग्रस्त व्यक्ति की त्वचा सूखने लगती है। त्वचा में रूखापन आ जाता है। त्वचा के ऊपरी हिस्से के सेल्स की क्षति होने लगती है जिसकी वजह से त्वचा रूखी-रूखी हो जाती है। जुकाम होना👇 थाइराइड होने पर आदमी को जुकाम होने लगता है। यह नार्मल जुकाम से अलग होता है और ठीक नहीं होता है। डिप्रेशन👇 थाइराइड की समस्या होने पर आदमी हमेशा डिप्रेशन में रहने लगता है। उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता है, दिमाग की सोचने और समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है। याद्दाश्त भी कमजोर हो जाती है। बाल झड़ना👇 थाइराइड होने पर आदमी के बाल झड़ने लगते हैं तथा गंजापन होने लगता है। साथ ही साथ उसके भौहों के बाल भी झड़ने लगते है। मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द👇 मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और साथ ही साथ कमजोरी का होना भी थायराइड की समस्या के लक्षण हो सकते है। शारीरिक व मानसिक विकास👇 थाइराइड की समस्या होने पर शारीरिक व मानसिक विकास धीमा हो जाता है। अगर आपको ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दे तो अपने डाक्टर से संपर्क करें आपको थाइराइड समस्या हो सकती है। अति असरकारक घरेलु उपाय।👇 सुबह खाली पेट लौकी का जूस पिए, घर में ही गेंहू के जवारों का जूस निकाल कर पिए, इसके बाद एक गिलास पानी में हर रोज़ ३० मिली एलो वेरा जूस और २ बूँद तुलसी की डाल कर पिए, एलो वेरा जूस आपको किसी बढ़िया कंपनी का यूज़ करना होगा, जिसमे फाइबर ज़्यादा हो, सिर्फ कोरा पानी ना हो। बाजार से आज कल पांच तुलसीबहुत आ रही हैं, किसी बढ़िया कंपनी की आर्गेनिक पांच तुलसी ले। ये सब करने के आधे घंटे तक कुछ भी न खाए पिए, इस समय में आप प्राणायाम करे। अखरोट और बादाम है फायदेमंद :-👇 अखरोट और बादाम में सेलेनियम नामक तत्‍व पाया जाता है जो थॉयराइड की समस्‍या के उपचार में फायदेमंद है। 1 आंउस अखरोट में 5 माइक्रोग्राम सेलेनियम होता है। अखरोट और बादाम के सेवन से थॉयराइड के कारण गले में होने वाली सूजन को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। अखरोट और बादाम सबसे अधिक फायदा हाइपोथॉयराइडिज्‍म (थॉयराइड ग्रंथि का कम एक्टिव होना) में करता है। इसके साथ में रात को सोते समय गाय के गर्म दूध के साथ 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करे। इसके साथ प्राणायाम करना हैं, जिसे उज्जायी प्राणायाम बोलते हैं। इस प्राणायाम में गले को संकुचित करते हुए पुरे ज़ोर से ऊपर से श्वांस खींचनी हैं। सफ़ेद नमक है बहुत हानिकारक.👇 आज कल जो बाज़ार में सफ़ेद नमक हमको आयोडीन के नाम से खिलाया जा रहा है, चाहे वो कितनी भी बड़ी कंपनी हो, सिर्फ आम जन को मुर्ख बनाने के लिए है. नमक सिर्फ सेंधा या काला ही इस्तेमाल करें. काली मिर्च.👇 थाइरोइड के लिए काली मिर्च का उपयोग बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. काली मिर्च का यथा संभव नियमित उपयोग चाहे वो किसी भी प्रकार से हो, थाइरोइड के लिए बहुत ही उपयोगी है. और जो भाई बहने ये प्रयोग करे वह अपना जवाब और इस प्रयोग के नतीजे हमसे ज़रूर शेयर करे। आपकी सालो पुरानी बीमारी से आपको 1 महीने में इतना आराम मिलेगा के आप सोच भी नहीं सकते। 🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂👇🍂

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