|| राधाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं ||

राधा-कृष्ण दर्शन इस्कॉन, चौपाटी मंदिर से।

भाद्र पद माह की शुक्ल अष्टमी को राधाष्टमी मनाई जाती है। शास्त्रों में इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य दिवस माना गया है। पद्म पुराण के अनुसार राधा जी राजा वृषभानु की पुत्री थीं एवं राधा जी के माता का नाम कीर्ति था। कथानुसार एक बार जब राजा वृषभानु यज्ञ के लिए भूमि की साफ-सफाई कर रहे थे तब उनको भूमि पर कन्या के रूप में राधा जी मिलीं थीं।

जिसका वृषभानु अपनी पुत्री मानकर लालन-पालन करने लगे। राधा जी जब बड़ी हुई तो उनका जीवन सर्वप्रथम कृष्ण जी के सानिध्य में बीता। किन्तु राधा जी का विवाह रापाण नामक व्यक्ति के साथ सम्पन्न हुआ था। पुराणों के अनुसार राधा जी माँ लक्ष्मी की अवतार थी। जब कृष्ण जी द्वापर युग में जन्म लिया तो माँ लक्ष्मी जी भी राधा रूप में प्रकट हुई थी।

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कामेंट्स

Ajay Patel Aug 30, 2017
yadi radhi ji luxmi ji ka roop thi to rukmani ji kaun thi?

avantika Dec 15, 2018

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avantika Dec 15, 2018

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avantika Dec 15, 2018

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avantika Dec 15, 2018

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avantika Dec 15, 2018

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avantika Dec 15, 2018

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