🌹"कैसे बने हनुमान बलशाली"🌹

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"कैसे बने हनुमान बलशाली"
शिवमहापुराण के अनुसार देवताओं और दानवों को अमृत बांटते हुए विष्णुजी के मोहिनी रूप को देखकर लीलावश शिवजी ने कामातुर होकर अपना वीर्यपात कर दिया। सप्तऋषियों ने उस वीर्य को कुछ पत्तों में संग्रहित कर लिया। समय आने पर सप्तऋषियों ने भगवान शिव के वीर्य को वानरराज केसरी की पत्नी अंजनी के कान के माध्यम से गर्भ में स्थापित कर दिया, जिससे अत्यंत तेजस्वी एवं प्रबल पराक्रमी श्री हनुमानजी उत्पन्न हुए।
वाल्मीकि रामायण के अनुसार बाल्यकाल में जब हनुमान सूर्यदेव को फल समझकर खाने दौड़े तो घबराकर देवराज इंद्र ने हनुमानजी पर वज्र का वार किया। वज्र के प्रहार से हनुमान निश्तेज हो गए। यह देखकर वायुदेव बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने समस्त संसार में वायु का प्रवाह रोक दिया। संसार में हाहाकार मच गया। तब परमपिता ब्रह्मा ने हनुमान को स्पर्श कर पुन: चैतन्य किया। उस समय सभी देवताओं ने हनुमानजी को वरदान दिए।
1- भगवान सूर्य ने हनुमानजी को अपने तेज का सौवां भाग देते हुए कहा कि जब इसमें शास्त्र अध्ययन करने की शक्ति आ जाएगी, तब मैं ही इसे शास्त्रों का ज्ञान दूंगा, जिससे यह अच्छा वक्ता होगा और शास्त्रज्ञान में इसकी समानता करने वाला कोई नहीं होगा। इसके अलावा बाद में भगवान सूर्यदेव ने हनुमानजी को 9 तरह की विद्याओं का ज्ञान भी दिया था।
2- भगवान शंकर ने यह वरदान दिया कि यह मेरे और मेरे शस्त्रों द्वारा भी अवध्य रहेगा। अर्थात किसी भी अस्त्र से न मरने का वरदान दिया।
3- परमपिता ब्रह्मा ने हनुमानजी को वरदान दिया कि यह बालक दीर्घायु, महात्मा और सभी प्रकार के ब्रह्दण्डों से अवध्य होगा। युद्ध में कोई भी इसे जीत नहीं पाएगा। यह इच्छा अनुसार रूप धारण कर सकेगा, जहां चाहेगा जा सकेगा। इसकी गति इसकी इच्छा के अनुसार तीव्र या मंद हो जाएगी।
4- धर्मराज यम ने हनुमानजी को वरदान दिया कि यह मेरे दण्ड से अवध्य और निरोग होगा। यमराज ने यह ‍भी कहा कि हनुमानजी कभी भी यम के प्रकोप के शिकार नहीं होंगे।
5- कुबेर ने वरदान दिया कि इस बालक को युद्ध में कभी विषाद नहीं होगा तथा मेरी गदा संग्राम में भी इसका वध न कर सकेगी। कुबेर ने अपने अस्त्र-शस्त्र से हनुमान जी को निर्भय कर दिया।
6- देवशिल्पी विश्वकर्मा ने वरदान दिया कि मेरे बनाए हुए जितने भी शस्त्र हैं, उनसे यह अवध्य रहेगा और चिंरजीवी होगा।
7- देवराज इंद्र ने हनुमान जी को यह वरदान दिया कि यह बालक आज से मेरे वज्र द्वारा भी अवध्य रहेगा। मेरे द्वारा इसकी हनु खंडित होने के कारण इसका नाम हनुमान होगा।
🚩जय श्री राम🚩

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कामेंट्स

Ajnabi Dec 12, 2017
very nice sub sandhya jay shree Radhe krishna veeruda

Mankchand Brala Dec 12, 2017
जय श्री राम जय श्री हनुमानजी शुभ रात्री

Swapna Mukherjee Dec 12, 2017
सुन्दर वर्णन। जय श्री राम।

Madan Lal Sukhija Dec 13, 2017
जय श्री राम जय श्री हनुमान

Aechana Mishra Oct 15, 2018

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Mahesh Bhargava Oct 15, 2018

आप सभी लोगो को सुचित किया जाता है कि दुर्गा पूजा में मेला या पंडाल में अपने बच्चों को साथ ले जाते समय एक पेपर पे अपना नाम और मोबाइल नंबर लिख उस बच्चे के पॉकेट में रख दें।जिससे गुम हुए बच्चे आसानी से आपके पास तक पहुंच जाएंगे। अगर मेरा सुझाव आपको अच...

(पूरा पढ़ें)
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T.K Oct 15, 2018

🍁 शुभरात्रि🍁

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T.K Oct 15, 2018

🍁good morning🍁

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harshita malhotra Oct 15, 2018

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Neeru miglani Oct 15, 2018

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