sunita Sharma
sunita Sharma Feb 14, 2020

Jai Jai Maa Lakshmi Maa

Jai Jai Maa Lakshmi Maa

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कामेंट्स

Rajesh kumar Feb 14, 2020
Jai Mata di Sunita ji GBU and your family always be happy 🌹🌹🙏

Vinod Agrawal Feb 14, 2020
🌷Jai Mata Di Jai Maa Ambey Maharani Jai Maa Mahalaxmi Ji🌷

r h Bhatt Feb 14, 2020
Jai Hind Jai Bharat aapka Den magalmay or Shubh ho ji Vandana ji Jai matage

Sanjiv 9779584243 Feb 14, 2020
*शब्दों की ताकत को कम मत *आंकिये साहेब क्योकि छोटा *सा “हाँ” और छोटा सा “ना” *पूरी जिंदगी बदल देता है । *आप का दिन शुभ हो । ।। जय माता दी ।।

Neha Sharma, Haryana Feb 14, 2020
जय हिन्द जय भारत वंदेमातरम्। भारत माता की जय। जय माता दी। माता रानी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे जी। आपका हर पल शुभ व मंगलमय हो मेरी प्यारी बहनाजी। जय श्री राधेकृष्णाजी।

राजेश अग्रवाल Feb 14, 2020
👉*"दुनियां के रैन बसेरे में..* *पता नही कितने दिन रहना है,* 👉 *"जीत लो सबके दिलों को..* *बस यही जीवन का गहना है..!!" ममतामयी माँ भगवती की असीम कृपा आप पर सदैव बनी रहे,🙏🌷

Gour.... Feb 14, 2020
🔔🔔🔔राम राम जी 🕉🕉🕉, जय माता की जी 🙏🙏 🙏मां लक्ष्मी जी व श्री हरि विष्णु भगवान जी का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे🚩🔱🙏🙏 🙏 आपका हर पल खुशियों से भरा हो जी🙏🙏🙏🔔 जय श्री राधे जय श्री कृष्णा जी******

हरे कृष्णा | हम १३ फरवरी २०२० से श्रीमद्भागवद्गीता श्लोक प्रति श्लोक फिर से शुरू करेंगे | . *कृपया प्रश्नों के उत्तर कमेंट्स में दें* आज का श्लोक : श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप -- ३.४१ अध्याय ३ : कर्मयोग . . तस्मात्त्वमिन्द्रियाण्यादौ नियम्य भरतर्षभ | पाप्मानं प्रजहि ह्येनं ज्ञानविज्ञाननाशनम् || ४१ || . . तस्मात् - अतः; त्वम् - तुम; इन्द्रियाणि - इन्द्रियों को ; आदौ - प्रारम्भ में; नियम्य - नियमित करके; भरत-ऋषभ - हे भरत वंशियों में श्रेष्ठ; पाप्मानम् - पाप के महान प्रतीक को; प्रजहि - दमन करो; हि - निश्चय ही; एनम् - इस; ज्ञान - ज्ञान; विज्ञान - तथा शुद्ध आत्मा के वैज्ञानिक ज्ञान का; नाशनम् - संहर्ता, विनाश करने वाला | . . इसलिए हे भरतवंशियों में श्रेष्ठ अर्जुन! प्रारम्भ में ही इन्द्रियों को वश में करके इस पाप का महान प्रतीक (काम) का दमन करो और ज्ञान तथा आत्म-साक्षात्कार के इस विनाशकर्ता का वध करो । . . तात्पर्य : भगवान् ने अर्जुन को प्रारम्भ से ही इन्द्रिय-संयम करने का उपदेश दिया जिससे वह सबसे पापी शत्रु काम का दमन कर सके जो आत्म-साक्षात्कार तथा आत्मज्ञान की उत्कंठा को विनष्ट करने वाला है । ज्ञान का अर्थ है आत्म तथा अनात्म के भेद का बोध अर्थात् यह ज्ञान कि आत्मा शरीर नहीं है । विज्ञान से आत्मा की स्वाभाविक स्थिति तथा परमात्मा के साथ उसके सम्बन्ध का विशिष्ट ज्ञान सूचित होता है । श्रीमद्भागवत में (२. ९. ३ १ ) इसकी विवेचना इस प्रकार हुई है - . ज्ञानं परमगुह्यं मे यद्विज्ञानसमन्वितम् । सरहस्यं तदङगं च गृहाण गदितं मया || . 'आत्मा तथा परमात्मा का ज्ञान अत्यन्त गुह्य एवं रहस्यमय है, किन्तु जब स्वयं भगवान् द्वारा इसके विविध पक्षों की विवेचना की जाती है तो ऐसा ज्ञान तथा विज्ञान समझा जा सकता है ।' भगवद्गीता हमें आत्मा का सामान्य तथा विशिष्ट ज्ञान (ज्ञान तथा विज्ञान) प्रदान करती है । जीव भगवान् का भिन्न अंश हैं , अतः वे भगवान् की सेवा के लिए हैं । यह चेतना कृष्णभावनामृत कहलाती है । अतः मनुष्य को जीवन के प्रारम्भ से इस कृष्णभावनामृत को सीखना होता है, जिससे वह पूर्णतया कृष्णभावनाभावित होकर तदनुसार कर्म करे । . काम ईश्र्वर-प्रेम का विकृत प्रतिबिम्ब है और प्रत्येक जीव के लिए स्वाभाविक है । किन्तु यदि किसी को प्रारम्भ से ही कृष्णभावनामृत की शिक्षा दी जाय तो प्राकृतिक ईश्र्वर-प्रेम काम के रूप में विकृत नहीं हो सकता । एक बार ईश्र्वर-प्रेम के काम रूप में विकृत हो जाने पर इसके मौलिक स्वरूप को पुनः प्राप्त कर पाना दुःसाध्य हो जाता है । फिर भी, कृष्णभावनामृत इतना शक्तिशाली है कि विलम्ब से प्रारम्भ करने वाला भी भक्ति के विधि-विधानों का पालन करके ईश्र्वरप्रेमी बन सकता है । अतः जीवन की किसी भी अवस्था में, या जब भी इसकी अनिवार्यता समझी जाय, मनुष्य कृष्णभावनामृत या भगवद्भक्ति के द्वारा इन्द्रियों को वश में करना प्रारम्भ कर सकता है और काम को भगवत्प्रेम में बदल सकता है , जो मानव जीवन की पूर्णता की चरम अवस्था है । . प्रश्न १ : ज्ञान तथा विज्ञान में क्या अन्तर है ? . प्रश्न २ : कृष्णभावनामृत युक्त चेतना किसे कहते हैं ? मनुष्य किस प्रकार काम को ईश्र्वर-प्रेम में बदल सकता है ? . अब आप हमारी भगवद्गीता एप्प में माध्यम से भी ये श्लोक(चित्र व प्रश्नोत्तर सहित) सीधे अपने एंड्राइड फ़ोन में पा सकते हैं | कृपया इसे यहाँ से डाउनलोड करें : Bhagavad Gita Multilingual

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sunita Sharma Jan 24, 2020

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Durga Pawan Sharma Jan 25, 2020

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Pushpa Sharma Jan 26, 2020

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Vinay Vyash Jan 25, 2020

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sonali jangle Jan 24, 2020

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