saptsloki durga

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💓AS💓 Oct 25, 2020

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Manjeet Sobti Oct 25, 2020

*जय माता दी,......!!*🙏🚩 *जय श्री राधे कृष्णा जी.......!!*🙇🙇 *जय श्री वृन्दावन धाम,.....!!*🙏🙏🚩 🌹नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर यहां पहली दफा माता के जागरण में जाने का शुभ अवसर मिला 🙏🙏🚩 भजन भी गाये पर शायद भजन की रिकार्डिंग करना भूल गये माता के भक्त 🤣☺️😊🙏🚩 👉परंतु माता के जागरण की खुशी महीलाओं ने खूब बटोरी👈 यहां की महिलाओं का Dan's बहुत ही खूबसूरत था, करतीं हैं, ऐसा पहली दफा देखा,मगर बहुत ही सुंदर डांस लांगुरिया 👌👌Ⓜ️💲☺️😊जय माता दी जी 🌹🚩 🚩🌹🙏मां के नौवें दिन नवरात्रि पर्व समापन समारोह की हार्दिक बधाई शुभकामनाएॅं माता रानी सबका कल्याण करें,.......!!*🙏🌹🚩 सभी की मनोकामना पूर्ण करें🙏🙏 ............✍️👉........Love ......you ......Zindagi ........❤️ ... Mere .......Armaan .............♥️.... Ⓜ️💲कल हों ना हों👈🙏 ♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️ ♥️♥️♥️♥️♥️♥️

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nirmal mehta Oct 25, 2020

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Manoj Sahu Oct 25, 2020

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Vishnujyotish Vishnu Oct 25, 2020

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Kumarpal Shah Oct 25, 2020

🕉️ Namah shivay 🙏 @ 🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 25 अक्टूबर 2020 ⛅ दिन - रविवार ⛅ विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076) ⛅ शक संवत - 1942 ⛅ अयन - दक्षिणायन ⛅ ऋतु - हेमंत ⛅ मास - अश्विन ⛅ पक्ष - शुक्ल ⛅ तिथि - नवमी सुबह 07:41 तक तत्पश्चात दशमी ⛅ नक्षत्र - धनिष्ठा 26 अक्टूबर प्रातः 04:23 तक तत्पश्चात शतभिषा ⛅ योग - गण्ड 26 अक्टूबर रात्रि 12:29 तक तत्पश्चात वृद्धि ⛅ राहुकाल - शाम 04:39 से शाम 06:07 तक ⛅ सूर्योदय - 06:37 ⛅ सूर्यास्त - 18:05 ⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में ⛅ व्रत पर्व विवरण - शारदिय नवरात्र समाप्त, विजयादशमी (पूरा दिन शुभ मुहूर्त), विजय मुहूर्त (दोपहर 02:18 से 03:04 तक), (संकल्प, शुभारंभ, नूतन कार्य, सीमोल्लंधन लिए), दशहरा, गुरु-पूजन, अस्त्र-शस्त्र-शमी वृक्ष-आयुध-वाहन पूजन 💥 विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 💥 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) 💥 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90) 💥 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75) 💥 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 बिना मुहूर्त के मुहूर्त (दशहरा) 🌷 👉🏻 विजयादशमी का दिन बहुत महत्त्व का है और इस दिन सूर्यास्त के पूर्व से लेकर तारे निकलने तक का समय अर्थात् संध्या का समय बहुत उपयोगी है। रघु राजा ने इसी समय कुबेर पर चढ़ाई करने का संकेत कर दिया था कि ‘सोने की मुहरों की वृष्टि करो या तो फिर युद्ध करो।’ रामचन्द्रजी रावण के साथ युद्ध में इसी दिन विजयी हुए। ऐसे ही इस विजयादशमी के दिन अपने मन में जो रावण के विचार हैं काम, क्रोध, लोभ, मोह, भय, शोक, चिंता – इन अंदर के शत्रुओं को जीतना है और रोग, अशांति जैसे बाहर के शत्रुओं पर भी विजय पानी है। दशहरा यह खबर देता है। 👉🏻 अपनी सीमा के पार जाकर औरंगजेब के दाँत खट्टे करने के लिए शिवाजी ने दशहरे का दिन चुना था – बिना मुहूर्त के मुहूर्त ! (विजयादशमी का पूरा दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त है अर्थात इस दिन कोई भी शुभ कर्म करने के लिए पंचांग-शुद्धि या शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं रहती।) इसलिए दशहरे के दिन कोई भी वीरतापूर्ण काम करने वाला सफल होता है। 👉🏻 वरतंतु ऋषि का शिष्य कौत्स विद्याध्ययन समाप्त करके जब घर जाने लगा तो उसने अपने गुरुदेव से गुरूदक्षिणा के लिए निवेदन किया। तब गुरुदेव ने कहाः वत्स ! तुम्हारी सेवा ही मेरी गुरुदक्षिणा है। तुम्हारा कल्याण हो।’ 👉🏻 परंतु कौत्स के बार-बार गुरुदक्षिणा के लिए आग्रह करते रहने पर ऋषि ने क्रुद्ध होकर कहाः ‘तुम गुरूदक्षिणा देना ही चाहते हो तो चौदह करोड़ स्वर्णमुद्राएँ लाकर दो।” 👉🏻 अब गुरुजी ने आज्ञा की है। इतनी स्वर्णमुद्राएँ और तो कोई देगा नहीं, रघु राजा के पास गये। रघु राजा ने इसी दिन को चुना और कुबेर को कहाः “या तो स्वर्णमुद्राओं की बरसात करो या तो युद्ध के लिए तैयार हो जाओ।” कुबेर ने शमी वृक्ष पर स्वर्णमुद्राओं की वृष्टि की। रघु राजा ने वह धन ऋषिकुमार को दिया लेकिन ऋषिकुमार ने अपने पास नहीं रखा, ऋषि को दिया। 👉🏻 विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष का पूजन किया जाता है और उसके पत्ते देकर एक-दूसरे को यह याद दिलाना होता है कि सुख बाँटने की चीज है और दुःख पैरों तले कुचलने की चीज है। धन-सम्पदा अकेले भोगने के लिए नहीं है। तेन त्यक्तेन भुंजीथा….। जो अकेले भोग करता है, धन-सम्पदा उसको ले डूबती है। 👉🏻 भोगवादी, दुनिया में विदेशी ‘अपने लिए – अपने लिए….’ करते हैं तो ‘व्हील चेयर’ पर और ‘हार्ट अटैक’ आदि कई बीमारियों से मरते हैं। अमेरिका में 58 प्रतिशत को सप्ताह में कभी-कभी अनिद्रा सताती है और 35 प्रतिशत को हर रोज अनिद्रा सताती है। भारत में अनिद्रा का प्रमाण 10 प्रतिशत भी नहीं है क्योंकि यहाँ सत्संग है और त्याग, परोपकार से जीने की कला है। यह भारत की महान संस्कृति का फल हमें मिल रहा है। 👉🏻 तो दशहरे की संध्या को भगवान को प्रीतिपूर्वक भजे और प्रार्थना करें कि ‘हे भगवान ! जो चीज सबसे श्रेष्ठ है उसी में हमारी रूचि करना।’ संकल्प करना कि’आज प्रतिज्ञा करते हैं कि हम ॐकार का जप करेंगे।’ 👉🏻 ‘ॐ’ का जप करने से देवदर्शन, लौकिक कामनाओं की पूर्ति, आध्यात्मिक चेतना में वृद्धि, साधक की ऊर्जा एवं क्षमता में वृद्धि और जीवन में दिव्यता तथा परमात्मा की प्राप्ति होती है। स्रोतः ऋषि प्रसाद, सितम्बर 2011 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏 T.me/HinduPanchang

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Kumarpal Shah Oct 25, 2020

🕉️ Namah shivay 🙏 @*दशहरा में भूलकर भी नहीं करें ये गलतियाँ :-* 1. विजय दशमी के दिन विवाह नहीं करना चाहिए ये अच्छा नहीं होता है। काम-क्रीड़ा भी नहीं करनी चाहिए। 2. इस दिन किसी भी व्यक्ति पर खासतौर पर दुर्बल, गरीब, शोषित, वंचित पर अत्याचार करना अशुभ होता है और किसी भी तरीके से निर्बल व दुर्बल व्यक्ति पर अपनी ताकत और पद के इस्तेमाल से नुक्सान पहुचना भी अनिष्टकारी होता है। 3. दशहरा के दिन किसी भी तरह का पाप कर्म व्यक्ति के भविष्य पर कई गुना अधिक विपरीत प्रभाव डालता है। 4. द्वेषपूर्ण भावना का प्रयोग करके या अपनी ख़ुशी के लिए किये गए ऐसे कार्य जो किसी को हानि पहुचाते है ऐसे कार्यो से बचना चाहिए। 5. दशहरा के दिन वृक्ष काटना या किसी प्रकार से किसी भी वृक्ष को हानि पहुचाना किसी दुसरे दिन के मुकाबले कई गुना अधिक अशुभ होता है और स्वस्थ्य के लिए भी बहूत अशुभ होता है। 6. इस दिन किसी भी लड़की या महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति पर माँ दुर्गा और धन की देवी लक्ष्मी सदैव के लिए नाराज होती है। 7. इस दिन किसी भी जीव, पशु-पक्षी को मारना भाग्य को ठोकर मारने के बराबर होता है। 8. इस दिन किसी भी बुजुर्ग या माता-पिता को तकलीफ देना सौभाग्य को ठोकर मारने के बराबर होता है।

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