धनतेरस पूजन 17 अक्टूबर मंगलवार

धनतेरस पूजन  17 अक्टूबर मंगलवार

धनतेरस 17 अक्टूबर को है। इस दिन आदि वैद्य भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना के साथ खरीदारी का विशेष महत्व है। कोई नई बाइक, कार, प्रॉपर्टीं, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, कपडे़ आदि की खरीदारी करेगा तो कोई सोने-चांदी के आभूषणों में निवेश करेगा। इन सबकी खरीदारी के लिए सुबह से शाम तक आठ उत्तम मुहूर्त हैं। पंडित पवन शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को धनतेरस पर खरीदारी के लिए तमाम मुहूर्त के अलावा भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना के भी उत्तम मुहूर्त सुबह से ही शुरू हो जाएंगे। घरों और प्रतिष्ठानों में शाम 7.03 से 9 बजे तक वृष लग्न में भगवान धन्वंतरि और धनतेरस की पूजा का उत्तम मुहूर्त है। 16 अक्तूबर को देर रात 12:17 बजे से त्रयोदशी लग जाएगी जो 17 अक्तूबर की रात 11:55 बजे तक रहेगी। धनतेरस पर गोधूलि बेला भी पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त हैं।   क्यों मनाया जाता है धनतेरस शास्त्रों के मुताबिक धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश और आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण से भगवान धन्वंतरि को औषधि का जनक भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि धनतेरस के दिन सोने-चांदी के बर्तन खरीदना भी शुभ होता है। पूजा करने की विधि धनतरेस पर भगवान धन्वंतरि और लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने के लिए सबसे पहले लकड़ी का पाटों पर स्वास्तिक बनाएं। उसके बाद पाटे पर तेल का दिया जलाकर रख दें और आस-पास गंगाजल छिड़कें। दीपक पर रोली और चावल का तिलक लगाएं। दीपक में थोड़ा सा मीठा डालें और भोग लगाएं। इसके बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश व धन्वंतरि को पुष्प, नैवेद्य और दक्षिणा अर्पित कर पूजन करें। बाद में इस दीपक को घर या प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में रखें। शुभ मुहूर्त- प्रॉपर्टी, जमीन-जायदाद, मकान और दुकान, आभूषण, सोना व चांदी व अन्य कीमती धातुओं की खरीद के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 8:18 से 10:35 बजे तक, दोपहर 2:25 से शाम 3:56 बजे तक, शाम 7:03 बजे से रात नौ बजे तक हैं। कॉस्मेटिक, सजावटी वस्तुओं व महंगे परिधानों की खरीदारी के लिए शाम 7 से रात 11:33 बजे तक शुभ मुहूर्त है। दो व चार पहिया वाहन, टीवी, फ्रिज, एसी, लैपटॉप, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रानिक सामानो की खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:08 से 8:18 बजे तक, दोपहर 12:40 से 2:25 बजे तक, शाम 5:25 से 7:03 बजे तक है। शेयर आदि की खरीद-फरोख्त के लिए निवेशकों के पास भोर 3:45 बजे से सुबह 6 बजे तक का शुभ समय है।  

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कामेंट्स

Sheela Vyas Oct 15, 2017
Bahot pyari post hai please padhna jarur 😊 *गैरहाज़िर कन्धे*---- अरुण साहब अपने आपको भाग्यशाली मानते थे। कारण यह था कि उनके दोनो पुत्र आई.आई.टी. करने के बाद लगभग एक करोड़ रुपये का वेतन अमेरिका में प्राप्त कर रहे थे। अरुण साहब जब सेवा निवृत्त हुए तो उनकी इच्छा हुई कि उनका एक पुत्र भारत लौट आए और उनके साथ ही रहे ; परन्तु अमेरिका जाने के बाद कोई पुत्र भारत आने को तैयार नहीं हुआ, उल्टे उन्होंने अरुण साहब को अमेरिका आकर बसने की सलाह दी। अरुण साहब अपनी पत्नी भावना के साथ अमेरिका गये ; परन्तु उनका मन वहाँ पर बिल्कुल नहीं लगा और वे भारत लौट आए। दुर्भाग्य से अरुण साहब की पत्नी को लकवा हो गया और पत्नी पूर्णत: पति की सेवा पर निर्भर हो गई। प्रात: नित्यकर्म से लेकर खिलाने–पिलाने, दवाई देने आदि का सम्पूर्ण कार्य अरुण साहब के भरोसे पर था। पत्नी की जुबान भी लकवे के कारण चली गई थी। अरुण साहब पूर्ण निष्ठा और स्नेह से पति धर्म का निर्वहन कर रहे थे। एक रात्रि अरुण साहब ने दवाई वगैरह देकर भावना को सुलाया और स्वयं भी पास लगे हुए पलंग पर सोने चले गए। रात्रि के लगभग दो बजे हार्ट अटैक से अरुण साहब की मौत हो गई। पत्नी प्रात: 6 बजे जब जागी तो इन्तजार करने लगी कि पति आकर नित्य कर्म से निवृत्त होने मे उसकी मदद करेंगे। इन्तजार करते करते पत्नी को किसी अनिष्ट की आशंका हुई। चूँकि पत्नी स्वयं चलने में असमर्थ थी , उसने अपने आपको पलंग से नीचे गिराया और फिर घसीटते हुए अपने पति के पलंग के पास पहुँची। उसने पति को हिलाया–डुलाया पर कोई हलचल नहीं हुई। पत्नी समझ गई कि अरुण साहब नहीं रहे। पत्नी की जुबान लकवे के कारण चली गई थी ; अत: किसी को आवाज देकर बुलाना भी पत्नी के वश में नहीं था। घर पर और कोई सदस्य भी नहीं था। फोन बाहर ड्राइंग रूम मे लगा हुआ था। पत्नी ने पड़ोसी को सूचना देने के लिए घसीटते हुए फोन की तरफ बढ़ना शुरू किया। लगभग चार घण्टे की मशक्कत के बाद वह फोन तक पहुँची और उसने फोन के तार को खींचकर उसे नीचे गिराया। पड़ोसी के नंबर जैसे तैसे लगाये। पड़ौसी भला इंसान था, फोन पर कोई बोल नहीं रहा था, पर फोन आया था, अत: वह समझ गया कि मामला गंभीर है। उसने आस–पड़ोस के लोगों को सूचना देकर इकट्ठा किया, दरवाजा तोड़कर सभी लोग घर में घुसे। उन्होने देखा -अरुण साहब पलंग पर मृत पड़े थे तथा पत्नी भावना टेलीफोन के पास मृत पड़ी थी। पहले *अरुण और फिर भावना की मौत* हुई। जनाजा दोनों का साथ–साथ निकला। *पूरा मोहल्ला कंधा दे रहा था परन्तु दो कंधे मौजूद नहीं थे जिसकी माँ–बाप को उम्मीद थी। शायद वे कंधे करोड़ो रुपये की कमाई के भार के साथ अति महत्वकांक्षा से पहले ही दबे हुए थे।* ************************* *लोग बाग लगाते हैं फल के लिए* *औलाद पालते हैं बुढापे के लिए* *लेकिन ......* *कुछ ही औलाद अपना फर्ज निभा पाते हैं ।। 🌟अति सुन्दर कहा है एक कवि ने....* *"मत शिक्षा दो इन बच्चों को चांद- सितारे छूने की।* *चांद- सितारे छूने वाले छूमंतर हो जाएंगे।* *अगर दे सको, शिक्षा दो तुम इन्हें चरण छू लेने की,* *जो मिट्टी से जुङे रहेंगे, रिश्ते वही निभाएंगे....* 🌟 ************************* *कृपया बच्चो को जरूर सुनाये या उनको सेंड करे*

Kamlesh Hargunani Oct 15, 2017
👏👌अति सुन्दर।👌☝ दिल छू लेने वाली कहानी हैं।✔✔ परन्तु इसके जिम्मेदार हम स्वंय हैं। बचपन से ही उनको पाठ पढाते हैं कि बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रूपया।🚩 अब कलयुग के तोते रूपी बच्चे सिक्के का इक तरफा चित्र देख समझ लेते हैं। बचपन नदी की बहती धारा है धारा वापस हिमालय नही जा सकती हैं।🚩 संसार के साधन उपयोग करने के बाद त्याग बहुत मुश्किल हो जाता हैं।।👣👏

Mamata Rout Oct 21, 2018

Like Dhoop Lotus +90 प्रतिक्रिया 22 कॉमेंट्स • 640 शेयर

🍁🙏🕉️ श्रीराम जय राम जय जय राम.श्रीराम जय राम जय जय राम.🕉️🙏🌺🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️

Pranam Flower Like +412 प्रतिक्रिया 74 कॉमेंट्स • 288 शेयर
Sumitra soni Oct 22, 2018

Pranam Jyot Flower +26 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 70 शेयर
sagar Oct 21, 2018

Flower Pranam Water +8 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 95 शेयर
🐯Gopi Nath🐯 Oct 21, 2018

समस्त ब्रह्माण्ड के स्वामी आशुतोष आदिदेव आराध्य देव देवादिदेव महादेव राजाधिराज योगीराज श्री चंद्रशेखर सोमनाथ जी महाराज सौराष्ट्र प्रांत गुजरात
संध्या श्रृंगार दर्शन
21/10/2018
रविवार

Pranam Belpatra Bell +185 प्रतिक्रिया 20 कॉमेंट्स • 81 शेयर
SURESH CHAVDA Oct 22, 2018

Pranam Bell Belpatra +5 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 84 शेयर
dev Oct 21, 2018

Pranam Belpatra Tulsi +117 प्रतिक्रिया 17 कॉमेंट्स • 27 शेयर
Anita Chauhan Oct 21, 2018

Jyot Belpatra Flower +13 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 96 शेयर

और फूलों की सजावट का नजारा देखिये
🙏ॐ साई राम🙏सबका मालिक एक🙏

Tulsi Pranam Like +142 प्रतिक्रिया 50 कॉमेंट्स • 330 शेयर

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