N K Pandey
N K Pandey Sep 15, 2021

Jai Shri Ram Subh Prabhat Ji Aap ka Har pl Mangagalmay Ho

Jai Shri Ram
Subh Prabhat Ji
Aap ka Har pl Mangagalmay Ho

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कामेंट्स

Sudha Mishra Sep 15, 2021
Jai Shri Ganesh ji🙏🏻🌹 Suprabhat vandan ji🙏🏻 Shri Ganesh ji ki kripa sda aap pr aapke parivar pr bani rahe bhai ji🙏🏻

Rani Sep 15, 2021
jai shree ganesh ji🙏🌹suprbhat vandan bhai ji shree ganpati bappa ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal khushion bhra ho aap hmesha kush rhe swasth rhe 🌿🌺🙏

🌷GEETA DEVI 🌷 Sep 15, 2021
JAI SHREE RAM... 🙏🌹🌹 MANGALMAY SUPRABHAT VANDAN MERE BADE AADARNIYE BHAIYA JEE... 🙏🌹🌹💐💐

Hemant Kasta Sep 15, 2021
Jai Shree Ram Ji Namah, Beautiful Post, Anmol Massage, Dhanywad Adaraniy Brother Ji Namaskar, Subahka Ram Ram, Aap Aur Aapka Parivar Har Din Har Pal Khushiyo Se Bhara Rahe, Aap Sadaiv Hanste Muskurate Rahiye, Vandan Brother Ji, Jai Shree Radhe Krishna Ji, Suprabhat.

Anup Kumar Sinha Sep 15, 2021
श्री गणेशाय नमः🙏🏻🙏🏻सुप्रभात वंंदन, भाई जी। विघ्नहर्ता भगवान गणेश आपके सभी विघ्नों को दूर कर आपके जीवन को खुशियों से भर दें। आपका जीवन आनंदमय हो 🙏🏻🌹

Vineeta Tripathi Sep 15, 2021
Jai sri ganesh ji ki 🙏🙏 Apke sath ganpti ke Ashirwad bna rhe 🌹🌹

Shivsanker Shukla Sep 15, 2021
सुप्रभात भैया जी राम राम जी

💖Poonam Sharma💖 Sep 15, 2021
🙏💐OM GANESHAY NAMO NAMAH 💐🙏 JAI SHREE RADHE KRISHNA JI 💐🙏GOOD DAY 💐HAVE A NICE DAY 💐🙏

Shanti pathak Sep 15, 2021
🌷🙏ओम गं गणपतये नमः 🙏🌷 शुभ दोपहर वंदन भाई जी🌷 आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय हो, खुशियों भरा हो🙏🏼🌷

Alka Devgan Sep 15, 2021
Om Ganeshay namah 🙏 God bless you and your family aapka har pal mangalmay n shubh ho bhai ji Ganpati Bappa aap sabhi ko kushiyan pradhan karein bhai ji aap sabhi par sada kirpa karein very nice post bhai ji 👌👌👌👌👌 have a nice day be happy ji Ganpati Bappa morya 🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

ILA SINHA Sep 15, 2021
🌺🌱 Jai Shree Ganesh 🌺🌱 🌺🌱 Good afternoon🌺🌱

🙋ⒶⓃⒿⒶⓁⒾ😊 ⓂⒾⓈⒽⓇⒶ🙏 Sep 15, 2021
🌺मंगल मूर्ति श्री गणेश🌺 राधे राधे आदरणीय भाई जी 🙏सदबुद्धि के दाता विघ्न विनाशक पार्वती पुत्र भगवान श्री गणेश आपका सदैव कल्याण करें , आप एवं आपके संपूर्ण परिवार को तन, मन ,धन, से सदा सुखी और स्वस्थ रखें 🙌रिद्धि सिद्धि के दाता भाग्य विधाता आपको हर जगह सफलता प्रदान करे सदा आप का मंगल करें 👌 जय श्री राधे कृष्णा जी 🌹🙏हर हर महादेव 🔱🚩

SANTOSH YADAV Sep 15, 2021
जय श्री गणेश जय श्री राम शुभ बुधवार वंदन जी

Reena Singh Sep 15, 2021
Jai shri ganesh ji 🙏🌹 good evening vandan ji 🙏🌹🌹🌹

Runa Sinha Sep 15, 2021
Jai Shri Ganesh🙏 Good night bhai🙏

Reena Singh Sep 15, 2021
Jai shri radhe krishna ji🙏🌹 good night vandan ji🙏🌹🙏🌹

🌹VANITA KALE Sep 15, 2021
🙏🕉️!!..गं गणपतेय नमाे नम:🕉️ वक्रतुंड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभ निर्विघ्नं कुरूम देव सर्वकार्येशु समप्रभ...!!🌰️🌻🕉️ सिद्धिविनायकाय नमो नमः🕉️ नमः शिवाय....!! विघ्नहर्ता गणेश जी भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की कृपा आप पर आपके परिवार पर सदा बनी रहे...!!🙏🙏मेरे आदरणिय भाईजी 🙏

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SONU NAREDA Dec 7, 2021

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Kanta Kamra Dec 7, 2021

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Satish Khare Dec 8, 2021

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. विवाह पंचमी हर वर्ष मार्गशीष मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान राम और सीता का विवाह इसी दिन हुआ था और इसी आस्था के कारण विवाह पंचमी पर्व मनाया जाता है। सनातन धर्म में विवाह पंचमी को भगवान राम और माता सीता के विवाह के उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा रही है। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी देखें तो तुलसी दास ने रामचरित्र मानस के लेखन का कार्य भी विवाह पंचमी के दिन ही पूर्ण किया था। विवाह पंचमी की पूजा विधि 01- विवाह पंचमी के दिन भगवान श्री राम और माता सीता का विवाह संपन्न कराया जाता है. इस तरह कराएं राम-सीता विवाह। 02- विवाह पंचमी के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 03- इसके बाद राम विवाह का संकल्प लें। 04- अब घर के मंदिर में भगवान राम और माता सीता की मूर्ति या चित्र की स्थापना करें। 05- अब भगवान राम को पीले व मां सीता को लाल वस्त्र पहनाएं। 06- अब रामायण के बाल कांड का पाठ करते हुए विवाह प्रसंग का पाठ करें। 07- इसके बाद ॐ जानकीवल्लभाय नमः का जाप करें। 08- फिर भगवान राम और मां सीता का गठबंधन करें। 09- अब राम-सीता की जोड़ी की आरती उतारें। 10- अब भगवान को भोग लगाएं और पूरे घर में प्रसाद बांटकर आप भी ग्रहण करें। विवाह पंचमी की कथा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सीता माता का जन्म धरती से हुआ था। कहा जाता है कि राजा जनक हल जोत रहे थे तब उन्हें एक बच्ची मिली और उसे वे अपने महल में लाए व पुत्री की तरह पालने लगे। उन्होंने उस बच्ची का नाम सीता रखा। लोग उन्हें जनक पुत्री सीता या जानकी कहकर पुकारते थे। मान्यता है कि माता सीता ने एक बार मंदिर में रखे भगवान शिव के धनुष को उठा लिया था। उस धनुष को परशुराम के अलावा किसी ने नहीं उठाया था। उसी दिन राजा जनक ने निर्णय लिया कि वो अपनी पुत्री का विवाह उसी के साथ करेंगे जो इस धनुष को उठा पाएगा। फिर कुछ समय बाद माता सीता के विवाह के लिए स्वयंवर रखा गया। स्वयंवर के लिए कई बड़े-बड़े महारथियों, राजाओं और राजकुमारों को निमंत्रण भेजा गया। उस स्वयंवर में महर्षि विश्वामित्र के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम राम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण भी दर्शक दीर्घा में उपस्थित थे। स्वयंवर शुरू हुआ और एक-एक कर सभी राजा, धुरंधर और राजकुमार आए लेकिन उनमें से कोई भी शिव के धनष को उठाना तो दूर उसे हिला भी नहीं सका। यह देखकर राजा जनक बेहद दुखी हो गए और कहने लगे कि क्या मेरी पुत्री के लिए कोई भी योग्य वर नहीं है। तभी महर्षि विश्वामित्र ने राम से स्वयंवर में हिस्सा लेकर धनुष उठाने के लिए कहा। राम ने गुरु की आज्ञा का पालन किया और एक बार में ही धनुष को उठाकर उसमें प्रत्यंचा चढ़ाने लगे, लेकिन तभी धनुष टूट गया। इसी के साथ राम स्वयंवर जीत गए और माता सीता ने उनके गले में वरमाला डाल दी। मान्यता है कि सीता ने जैसे ही राम के गले में वर माला डाली तीनों लोक खुशी से झूम उठे। यही वजह है कि विवाह पंचमी के दिन आज भी धूमधाम से भगवान राम और माता सीता का गठबंधन किया जाता है। विवाह पंचमी के दिन नहीं होते विवाह हिन्दू धर्म में विवाह पंचमी का विशेष महत्व है। लेकिन इस दिन कई जगह विवाह नहीं किए जाते हैं। खासकर मिथिलांचल और नेपाल में इस दिन विवाह नहीं करने की परंपरा है। वहाँ ऐसी मान्यता है कि, सीता का वैवाहिक जीवन दुखद रहा था, इसी वजह से लोग विवाह पंचमी के दिन विवाह करना उचित नहीं मानते। उनका मानना है कि 14 वर्ष के वनवास के बाद भी राम ने गर्भवती सीता को त्याग कर दिया था और उन्हें महारानी का सुख नहीं मिल पाया। इसलिए विवाह पंचमी के दिन लोग अपनी बेटियों का विवाह नहीं करते हैं। लोगों का मानना है, कि विवाह पंचमी के दिन विवाह करने से कहीं सीता की तरह ही उनकी बेटी का वैवाहिक जीवन भी दुखमयी न हो जाए। यही नहीं, विवाह पंचमी के दिन रामकथा का अंत राम और सीता के विवाह पर ही हो जाता है। दरअसल, दोनों के जीवन के आगे की कथा दुख और कष्ट से भरी है और इसका शुभ अंत करके ही कथा का समापन कर दिया जाता है। ----------:::×:::---------- "जय श्री राम" " कुमार रौनक कश्यप " *******************************************

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Ram Niwas Soni Dec 7, 2021

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pandey ji Dec 7, 2021

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Anjali Goyal Dec 7, 2021

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Ranjit chavda Dec 7, 2021

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