🙏🌹हर हर महादेव 🌹🙏 शिवरात्रि ( 11 मार्च, गुरुवार ) ~~~~~~~~~~~~~~~~~ *शिवरात्रि* ~~~~~~~~~~~~ वैसे तो भगवान शिव का अभिषेक हमेशा करना चाहिए, कई ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन मिलता है। भगवान शिव का अभिषेक करने पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है मनोकामना पूरी होती है। धर्मसिन्धू के दूसरे परिच्छेद के अनुसार,अगर किसी खास फल की इच्छा हो तो भगवान के विशेष शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। यहां जानिए किस धातु के बने शिवलिंग की पूजा करने से कौन-सा फल मिलता है। 1• सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सत्यलोक (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है। 2• मोती के शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों का नाश होता है। 3• हीरे से निर्मित शिवलिंग पर अभिषेक करने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है। 4• पुखराज के शिवलिंग पर अभिषेक करने से धन-लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। 5• स्फटिक के शिवलिंग पर अभिषेक करने से मनुष्य की सारी कामनाएं पूरी हो जाती हैं। 6• नीलम के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सम्मान की प्राप्ति होती है। 7• चांदी से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से पितरों की मुक्ति होती है। 8• ताम्बे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से लम्बी आयु की प्राप्ति होती है। 9• लोहे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होता है। 10• आटे से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। 11• मक्खन से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने पर सभी सुख प्राप्त होते हैं। 12• गुड़ के शिवलिंग पर अभिषेक करने से अन्न की प्राप्ति होती है। कालसर्प दोष ~~~~~~~~~~~ फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 21 फरवरी शुक्रवार को है। ज्योतिष के अनुसार,जिन लोगों को कालसर्प दोष है,वे यदि इस दिन कुछ विशेष उपाए करें तो इस दोष से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है। कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार का होता है,इसका निर्धारण जन्म कुंडली देखकर ही किनया जा सकता है। प्रत्येक कालसर्प दोष के निवारण के लिए अलग-अलग उपाए हैं। यदि आप जानते हैं कि आपकी कुंडली में कौन का कालसर्प दोष है तो उसके अनुसार आप महाशिवरात्रि पर उपाए कर सकते हैं। कालसर्प दोष के प्रकार व उनके उपाए इस प्रकार हैं 1.अनन्त कालसर्प दोष अनन्त कालसर्प दोष होने पर नागपंचमी पर एकमुखी,आठमुखी अथवा नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें। यदि इस दोष के कारण स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है,तो महाशिवरात्रि पर रांगे(एक धातु)से बना सिक्का नदी में प्रवाहित करें। 2.कुलिक कालसर्प दोष कुलिक नामक कालसर्प दोष होने पर दो रंग वाला कंबल अथवा गर्म वस्त्र दान करें। चांदी की ठोस गोली बनवाकर उसकी पूजा करें और उसे अपने पास रखें। 3. वासुकि कालसर्प दोष वासुकि कालसर्प दोष होने पर रात को सोते समय सिरहाने पर थोड़ा बाजरा रखें और सुबह उठकर उसे पक्षियों को खिला दें। महाशिवरात्रि पर लाल धागे में तीन, आठ या नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें। 4. शंखपाल कालसर्प दोष शंखपाल कालसर्प दोष के निवारण के लिए 400 ग्राम साबुत बादाम बहते जल में प्रवाहित करें। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का दूध से अभिषेक करें। 5. पद्म कालसर्प दोष पद्म कालसर्प दोष होने पर महाशिवरात्रि से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सरस्वती चालीसा का पाठ करें। जरूरतमंदों को पीले वस्त्र का दान करें और तुलसी का पौधा लगाएं। 6. महापद्म कालसर्प दोष महापद्म कालसर्प दोष के निदान के लिए हनुमान मंदिर में जाकर सुंदरकांड का पाठ करें। महाशिवरात्रि पर गरीब, असहायों को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा दें। 7. तक्षक कालसर्प दोष तक्षक कालसर्प योग के निवारण के लिए 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें। सफेद कपड़े और चावल का दान करें। 8. कर्कोटक कालसर्प दोष कर्कोटक कालसर्प योग होने पर बटुकभैरव के मंदिर में जाकर उन्हें दही-गुड़ का भोग लगाएं और पूजा करें। महाशिवरात्रि पर शीशे के आठ टुकड़े नदी में प्रवाहित करें। 9. शंखचूड़ कालसर्प दोष शंखचूड़ नामक कालसर्प दोष की शांति के लिए महाशिवरात्रि की रात सोने से पहले सिरहाने के पास जौ रखें और उसे अगले दिन पक्षियों को खिला दें। पांचमुखी, आठमुखी या नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें। 10. घातक कालसर्प दोष घातक कालसर्प के निवारण के लिए पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर अपने पूजा स्थल पर रखें। चार मुखी, आठमुखी और नौ मुखी रुद्राक्ष हरे रंग के धागे में धारण करें। 11. विषधर कालसर्प दोष विषधर कालसर्प के निदान के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या के बराबर नारियल लेकर एक-एक नारियल पर उनका हाथ लगवाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के मंदिर में जाकर यथाशक्ति दान-दक्षिणा दें। 12. शेषनाग कालसर्प दोष शेषनाग कालसर्प दोष होने पर महाशिवरात्रि की पूर्व रात्रि को लाल कपड़े में थोड़े से बताशे व सफेद फूल बांधकर सिरहाने रखें और उसे अगले दिन सुबह उन्हें नदी में प्रवाहित कर दें। महाशिवरात्रि पर गरीबों को दूध व अन्य सफेद वस्तुओं का दान करें। *महाशिवरात्रि* ~~~~~~~~~~~ अर्ध रात्रि की पूजा के लिये स्कन्दपुराण में लिखा है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को निशिभ्रमन्ति भूतानि शक्तयः शूलभृद यतः। अतस्तस्यां चतुर्दश्यां सत्यां तत्पूजनं भवेत्।। अर्थात् रात्रिके समय भूत, प्रेत, पिशाच, शक्तियाँ और स्वयं शिवजी भ्रमण करते हैं; अतः उस समय इनका पूजन करने से मनुष्य के पाप दूर हो जाते हैं। शिवपुराण में आया है ~~~~~~~~~~~~~~ कालो निशीथो वै प्रोक्तोमध्ययामद्वयं निशि।। शिवपूजा विशेषेण तत्काले ऽभीष्टसिद्धिदा ॥ एवं ज्ञात्वा नरः कुर्वन्यथोक्तफलभाग्भवेत्। अर्थात रात के चार प्रहरों में से जो बीच के दो प्रहर हैं, उन्हें निशीधकाल कहा गया हैं। विशेषत: उसी कालमें की हुई भगवान शिव की पूजा अभीष्ट फल को देनेवाली होती है। ऐसा जानकर कर्म करनेवाला मनुष्य यथोक्त फलका भागी होता है। चतुर्दशी तिथि के स्वामी शिव हैं। अत: ज्योतिष शास्त्रों में इसे परम कल्याणकारी कहा गया है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने में आती है। परंतु फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। शिवरहस्य में कहा गया है। “चतुर्दश्यां तु कृष्णायां फाल्गुने शिवपूजनम्। तामुपोष्य प्रयत्नेन विषयान् परिवर्जयेत।। शिवरात्रि व्रतं नाम सर्वपापप्रणाशनम्।” शिवपुराण में ईशान संहिता के अनुसार ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ फाल्गुनकृष्णचतुर्दश्यामादिदेवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भूत: कोटिसूर्यसमप्रभ:॥ अर्थात फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि में आदिदेव भगवान शिव करोडों सूर्यों के समान प्रभाव वाले लिंग रूप में प्रकट हुए इसलिए इसे महाशिवरात्रि मानते हैं। शिवपुराण में विद्येश्वर संहिता के अनुसार शिवरात्रि के दिन ब्रह्मा जी तथा विष्णु जी ने अन्यान्य दिव्य उपहारों द्वारा सबसे पहले शिव पूजन किया था जिससे प्रसन्न होकर महेश्वर ने कहा था की “आजका दिन एक महान दिन है। इसमें तुम्हारे द्वारा जो आज मेरी पूजा हुई है, इससे मैं तुम लोगोंपर बहुत प्रसन्न हूँ। इसी कारण यह दिन परम पवित्र और महान – से – महान होगा आज की यह तिथि ‘महाशिवरात्रि’ के नामसे विख्यात होकर मेरे लिये परम प्रिय होगी, इसके समय में जो मेरे लिंग (निष्कल – अंग – आकृति से रहित निराकार स्वरूप के प्रतीक ) वेर (सकल – साकाररूप के प्रतीक विग्रह) की पूजा करेगा, वह पुरुष जगत की सृष्टि और पालन आदि कार्य भी कर सकता हैं। जो महाशिवरात्रि को दिन-रात निराहार एवं जितेन्द्रिय रहकर अपनी शक्ति के अनुसार निश्चलभाव से मेरी यथोचित पूजा करेगा, उसको मिलनेवाले फल का वर्णन सुनो ? एक वर्षतक निरंतर मेरी पूजा करनेपर जो फल मिलता हैं, वह सारा केवल महाशिवरात्रि को मेरा पूजन करने से मनुष्य तत्काल प्राप्त कर लेता हैं। जैसे पूर्ण चंद्रमा का उदय समुद्र की वृद्धि का अवसर हैं, उसी प्रकार यह महाशिवरात्रि तिथि मेरे धर्म की वृद्धि का समय हैं। इस तिथिमे मेरी स्थापना आदि का मंगलमय उत्सव होना चाहिये। तिथितत्त्व के अनुसार शिव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर उपवास की प्रधानता तथा प्रमुखता है क्योंकि भगवान् शंकर ने खुद कहा है - “न स्नानेन न वस्त्रेण न धूपेन न चार्चया। तुष्यामि न तथा पुष्पैर्यथा तत्रोपवासतः।।” ' मैं उस तिथि पर न तो स्नान, न वस्त्रों, न धूप, न पूजा, न पुष्पों से उतना प्रसन्न होता हूँ, जितना उपवास से।' स्कंदपुराण में लिखा है ~~~~~~~~~~~~~~ “सागरो यदि शुष्येत क्षीयेत हिमवानपि। मेरुमन्दरशैलाश्च रीशैलो विन्ध्य एव च॥ चलन्त्येते कदाचिद्वै निश्चलं हि शिवव्रतम्।” अर्थात् ‘चाहे सागर सूख जाये, हिमालय भी क्षय को प्राप्त हो जाये, मन्दर, विन्ध्यादि पर्वत भी विचलित हो जाये, पर शिव-व्रत कभी निष्फल नहीं हो सकता।’ इसका फल अवश्य मिलता है। ‘स्कंदपुराण’ में आता है ~~~~~~~~~~~~~~~ “परात्परं नास्ति शिवरात्रि परात्परम्। न पूजयति भक्तयेशं रूद्रं त्रिभुवनेश्वरम्म। जन्तुर्जन्मसहस्रेषु भ्रमते नात्र संशयः।। ‘शिवरात्रि व्रत परात्पर (सर्वश्रेष्ठ) है, इससे बढ़कर श्रेष्ठ कुछ नहीं है। जो जीव इस रात्रि में त्रिभुवनपति भगवान महादेव की भक्तिपूर्वक पूजा नहीं करता, वह अवश्य सहस्रों वर्षों तक जन्म-चक्रों में घूमता रहता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार एकादशी को अन्न खाने से पाप लगता है और शिवरात्रि, रामनवमी तथा जन्माष्टमी के दिन अन्न खाने से दुगना पाप लगता है। अतः महाशिवरात्रि का व्रत अनिवार्य है। ।। ॐ नमः शिवाय ।। ~~~~~~~~~~~

🙏🌹हर हर महादेव 🌹🙏
शिवरात्रि ( 11 मार्च, गुरुवार )
~~~~~~~~~~~~~~~~~
 *शिवरात्रि*
~~~~~~~~~~~~
वैसे तो भगवान शिव का अभिषेक हमेशा करना चाहिए,
कई ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन मिलता है। भगवान शिव का अभिषेक करने पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है मनोकामना पूरी होती है। धर्मसिन्धू के दूसरे परिच्छेद के अनुसार,अगर किसी खास फल की इच्छा हो तो भगवान के विशेष शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। यहां जानिए किस धातु के बने शिवलिंग की पूजा करने से कौन-सा फल मिलता है।

1• सोने के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सत्यलोक (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है।

2• मोती के शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों का नाश होता है।

3• हीरे से निर्मित शिवलिंग पर अभिषेक करने से दीर्घायु की प्राप्ति होती है।

4• पुखराज के शिवलिंग पर अभिषेक करने से धन-लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

5• स्फटिक के शिवलिंग पर अभिषेक करने से मनुष्य की सारी कामनाएं पूरी हो जाती हैं।

6• नीलम के शिवलिंग पर अभिषेक करने से सम्मान की प्राप्ति होती है।

7• चांदी से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से पितरों की मुक्ति होती है।

8• ताम्बे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से लम्बी आयु की प्राप्ति होती है।

9• लोहे के शिवलिंग पर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होता है।

10• आटे से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।

11• मक्खन से बने शिवलिंग पर अभिषेक करने पर सभी सुख  प्राप्त होते हैं।

12• गुड़ के शिवलिंग पर अभिषेक करने से अन्न की प्राप्ति होती है।
        
कालसर्प दोष
~~~~~~~~~~~
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 21 फरवरी शुक्रवार को है। ज्योतिष के अनुसार,जिन लोगों को कालसर्प दोष है,वे यदि इस दिन कुछ विशेष उपाए करें तो इस दोष से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।

कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार का होता है,इसका निर्धारण जन्म कुंडली देखकर ही किनया जा सकता है। प्रत्येक कालसर्प दोष के निवारण के लिए अलग-अलग उपाए हैं। यदि आप जानते हैं कि आपकी कुंडली में कौन का कालसर्प दोष है तो उसके अनुसार आप महाशिवरात्रि पर उपाए कर सकते हैं। कालसर्प दोष के प्रकार व उनके उपाए इस प्रकार हैं

 1.अनन्त कालसर्प दोष
 अनन्त कालसर्प दोष होने पर नागपंचमी पर एकमुखी,आठमुखी अथवा नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें।
 
यदि इस दोष के कारण स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है,तो महाशिवरात्रि पर रांगे(एक धातु)से बना सिक्का नदी में प्रवाहित करें।

2.कुलिक कालसर्प दोष
कुलिक नामक कालसर्प दोष होने पर दो रंग वाला कंबल अथवा गर्म वस्त्र दान करें।

चांदी की ठोस गोली बनवाकर उसकी पूजा करें और उसे अपने पास रखें।

3. वासुकि कालसर्प दोष
वासुकि कालसर्प दोष होने पर रात को सोते समय सिरहाने पर थोड़ा बाजरा रखें और सुबह उठकर उसे पक्षियों को खिला दें।

महाशिवरात्रि पर लाल धागे में तीन, आठ या नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

4. शंखपाल कालसर्प दोष
शंखपाल कालसर्प दोष के निवारण के लिए 400 ग्राम साबुत  बादाम बहते जल में प्रवाहित करें।

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का दूध से अभिषेक करें।

5. पद्म कालसर्प दोष
पद्म कालसर्प दोष होने पर महाशिवरात्रि से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सरस्वती चालीसा का पाठ करें।

जरूरतमंदों को पीले वस्त्र का दान करें और तुलसी का पौधा लगाएं।

6. महापद्म कालसर्प दोष
महापद्म कालसर्प दोष के निदान के लिए हनुमान मंदिर में जाकर सुंदरकांड का पाठ करें।

महाशिवरात्रि पर गरीब, असहायों को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा दें।

7. तक्षक कालसर्प दोष
तक्षक कालसर्प योग के निवारण के लिए 11 नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करें।

सफेद कपड़े और चावल का दान करें।

8. कर्कोटक कालसर्प दोष
कर्कोटक कालसर्प योग होने पर बटुकभैरव के मंदिर में जाकर उन्हें दही-गुड़ का भोग लगाएं और पूजा करें।

महाशिवरात्रि पर शीशे के आठ टुकड़े नदी में प्रवाहित करें।

9. शंखचूड़ कालसर्प दोष
शंखचूड़ नामक कालसर्प दोष की शांति के लिए महाशिवरात्रि की रात सोने से पहले सिरहाने के पास जौ रखें और उसे अगले दिन पक्षियों को खिला दें।

पांचमुखी, आठमुखी या नौ मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

10. घातक कालसर्प दोष
घातक कालसर्प के निवारण के लिए पीतल के बर्तन में गंगाजल भरकर अपने पूजा स्थल पर रखें।

चार मुखी, आठमुखी और नौ मुखी रुद्राक्ष हरे रंग के धागे में धारण करें।

11. विषधर कालसर्प दोष
विषधर कालसर्प के निदान के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या के बराबर नारियल लेकर एक-एक नारियल पर उनका हाथ लगवाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के मंदिर में जाकर यथाशक्ति दान-दक्षिणा दें।

 12. शेषनाग कालसर्प दोष
शेषनाग कालसर्प दोष होने पर महाशिवरात्रि की पूर्व रात्रि को लाल कपड़े में थोड़े से बताशे व सफेद फूल बांधकर सिरहाने रखें और उसे अगले दिन सुबह उन्हें नदी में प्रवाहित कर दें।

महाशिवरात्रि पर गरीबों को दूध व अन्य सफेद वस्तुओं का दान करें।
        
*महाशिवरात्रि*
~~~~~~~~~~~
अर्ध रात्रि की पूजा के लिये स्कन्दपुराण में लिखा है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को 

निशिभ्रमन्ति भूतानि शक्तयः शूलभृद यतः।
अतस्तस्यां चतुर्दश्यां सत्यां तत्पूजनं भवेत्।।

अर्थात् रात्रिके समय भूत, प्रेत, पिशाच, शक्तियाँ और स्वयं शिवजी भ्रमण करते हैं; अतः उस समय इनका पूजन करने से मनुष्य के पाप दूर हो जाते हैं।

शिवपुराण में आया है 
~~~~~~~~~~~~~~
कालो निशीथो वै प्रोक्तोमध्ययामद्वयं निशि।।
शिवपूजा विशेषेण तत्काले ऽभीष्टसिद्धिदा ॥ 
एवं ज्ञात्वा नरः कुर्वन्यथोक्तफलभाग्भवेत्।

अर्थात रात के चार प्रहरों में से जो बीच के दो प्रहर हैं, उन्हें निशीधकाल कहा गया हैं। विशेषत: उसी कालमें की हुई भगवान शिव की पूजा अभीष्ट फल को देनेवाली होती है। ऐसा जानकर कर्म करनेवाला मनुष्य यथोक्त फलका भागी होता है।

चतुर्दशी तिथि के स्वामी शिव हैं। अत: ज्योतिष शास्त्रों में इसे परम कल्याणकारी कहा गया है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने में आती है। परंतु फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। शिवरहस्य में कहा गया है।

“चतुर्दश्यां तु कृष्णायां फाल्गुने शिवपूजनम्। 
तामुपोष्य प्रयत्नेन विषयान् परिवर्जयेत।। 
शिवरात्रि व्रतं नाम सर्वपापप्रणाशनम्।”

शिवपुराण में ईशान संहिता के अनुसार
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
फाल्गुनकृष्णचतुर्दश्यामादिदेवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भूत: कोटिसूर्यसमप्रभ:॥

अर्थात फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि में आदिदेव भगवान शिव करोडों सूर्यों के समान प्रभाव वाले लिंग रूप में प्रकट हुए इसलिए इसे महाशिवरात्रि मानते हैं।

शिवपुराण में विद्येश्वर संहिता के अनुसार शिवरात्रि के दिन ब्रह्मा जी तथा विष्णु जी ने अन्यान्य दिव्य उपहारों द्वारा सबसे पहले शिव पूजन किया था जिससे प्रसन्न होकर महेश्वर ने कहा था की “आजका दिन एक महान दिन है। इसमें तुम्हारे द्वारा जो आज मेरी पूजा हुई है, इससे मैं तुम लोगोंपर बहुत प्रसन्न हूँ। इसी कारण यह दिन परम पवित्र और महान – से – महान होगा आज की यह तिथि ‘महाशिवरात्रि’ के नामसे विख्यात होकर मेरे लिये परम प्रिय होगी, इसके समय में जो मेरे लिंग (निष्कल – अंग – आकृति से रहित निराकार स्वरूप के प्रतीक ) वेर (सकल – साकाररूप के प्रतीक विग्रह) की पूजा करेगा, वह पुरुष जगत की सृष्टि और पालन आदि कार्य भी कर सकता हैं। जो महाशिवरात्रि को दिन-रात निराहार एवं जितेन्द्रिय रहकर अपनी शक्ति के अनुसार निश्चलभाव से मेरी यथोचित पूजा करेगा, उसको मिलनेवाले फल का वर्णन सुनो ?

एक वर्षतक निरंतर मेरी पूजा करनेपर जो फल मिलता हैं, वह सारा केवल महाशिवरात्रि को मेरा पूजन करने से मनुष्य तत्काल प्राप्त कर लेता हैं। जैसे पूर्ण चंद्रमा का उदय समुद्र की वृद्धि का अवसर हैं, उसी प्रकार यह महाशिवरात्रि तिथि मेरे धर्म की वृद्धि का समय हैं। इस तिथिमे मेरी स्थापना आदि का मंगलमय उत्सव होना चाहिये।

तिथितत्त्व के अनुसार शिव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर उपवास की प्रधानता तथा प्रमुखता है क्योंकि भगवान् शंकर ने खुद कहा है - 

“न स्नानेन न वस्त्रेण न धूपेन न चार्चया। 
तुष्यामि न तथा पुष्पैर्यथा तत्रोपवासतः।।” '

मैं उस तिथि पर न तो स्नान, न वस्त्रों, न धूप, न पूजा, न पुष्पों से उतना प्रसन्न होता हूँ, जितना उपवास से।'

स्कंदपुराण में लिखा है 
~~~~~~~~~~~~~~
“सागरो यदि शुष्येत क्षीयेत हिमवानपि। 
मेरुमन्दरशैलाश्च रीशैलो विन्ध्य एव च॥ 
चलन्त्येते कदाचिद्वै निश्चलं हि शिवव्रतम्।” 

अर्थात् ‘चाहे सागर सूख जाये, हिमालय भी क्षय को प्राप्त हो जाये, मन्दर, विन्ध्यादि पर्वत भी विचलित हो जाये, पर शिव-व्रत कभी निष्फल नहीं हो सकता।’ इसका फल अवश्य मिलता है।

‘स्कंदपुराण’ में आता है 
~~~~~~~~~~~~~~~
“परात्परं नास्ति शिवरात्रि परात्परम्। 
न पूजयति भक्तयेशं रूद्रं त्रिभुवनेश्वरम्म।
जन्तुर्जन्मसहस्रेषु भ्रमते नात्र संशयः।।

‘शिवरात्रि व्रत परात्पर (सर्वश्रेष्ठ) है, इससे बढ़कर श्रेष्ठ कुछ नहीं है। जो जीव इस रात्रि में त्रिभुवनपति भगवान महादेव की भक्तिपूर्वक पूजा नहीं करता, वह अवश्य सहस्रों वर्षों तक जन्म-चक्रों में घूमता रहता है।

ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार एकादशी को अन्न खाने से पाप लगता है और शिवरात्रि, रामनवमी तथा जन्माष्टमी के दिन अन्न खाने से दुगना पाप लगता है। अतः महाशिवरात्रि का व्रत अनिवार्य है।

।। ॐ नमः शिवाय ।।
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k l तिवारी Mar 11, 2021
🌼🙏🌻हर हर महादेव🌷🙏🌹जय श्री माता पार्वती जी की🌺🌷🏵️ 🌷🌹राम राम बहन 🌹🌷🌷🌺प्यारी रानी बहना के चरणों में सादर प्रणाम करता हूँ🙏🌼🌺🌹हे जगतजननी माँ मेरी प्यारी बहना को सदैव स्वस्थ और सुंदर बनाये रखना🌺सदासुहागिन करना🌹🙏🌹भगवान आशुतोष की कृपा दृष्टि आप पर सदैव बनी रहे सदा स्वस्थ रखें,प्रसन्न रहें🌻🌻श्रीमाता महागौरी की कृपा से आपके सिर पर चुनरिया माँथे पर बिंदिया सजती रहे🌹पाँव में पायल हाँथो में चूड़ियां छनकती रहें🌼आप हमेशा हँसती रहें मुस्कराती रहें गुनगुनाती रहें बहन🌼🌷आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो बहन🌹🌹🙏☕🙏🌹🌹 महाशिवरात्रि की हार्दिक मंगल शुभकामनाएं बहन🌹🌹🙏💜❤️🙏🌹🌹

k l तिवारी Mar 11, 2021
🌼🙏🌻हर हर महादेव🌷🙏🌹जय श्री माता पार्वती जी की🌺🌷🏵️ 🌷🌹राम राम बहन 🌹🌷🌷🌺प्यारी रानी बहना के चरणों में सादर प्रणाम करता हूँ🙏🌼🌺🌹हे जगतजननी माँ मेरी प्यारी बहना को सदैव स्वस्थ और सुंदर बनाये रखना🌺सदासुहागिन करना🌹🙏🌹भगवान आशुतोष की कृपा दृष्टि आप पर सदैव बनी रहे सदा स्वस्थ रखें,प्रसन्न रहें🌻🌻श्रीमाता महागौरी की कृपा से आपके सिर पर चुनरिया माँथे पर बिंदिया सजती रहे🌹पाँव में पायल हाँथो में चूड़ियां छनकती रहें🌼आप हमेशा हँसती रहें मुस्कराती रहें गुनगुनाती रहें बहन🌼🌷आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो बहन🌹🌹🙏☕🙏🌹🌹 महाशिवरात्रि की हार्दिक मंगल शुभकामनाएं बहन🌹🌹🙏💜❤️🙏🌹🌹

रमेश भाई ठककर Mar 11, 2021
👏🌹👏ॐ नमः शिवाय👏🌹👏 👏🌹👏हर हर महादेव👏🌹👏 शिव सत्य है, शिव अनंत है, शिव अनादि है, शिव भगवंत है, शिव ओंकार है, शिव ब्रह्म है, शिव शक्ति है, शिव भक्ति है, आओ भगवान शिव का नमन करें, उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे। 🌹🚩👏🌹🚩👏🌹🚩👏🌹🚩 आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाए...🙏🙏🙏

Manik Jadab Mar 11, 2021
Jai Shree Radhey Krishna ji pranam bahan ji 🙏🙏 maha Shivaratri ki Aap aur Aapki pariwar ko hardik shubhkamnaye bahan ji 🙏🙏🌷🌷👌👌🙏

🌷Om Sai Shyam🌷 Mar 11, 2021
🌷RADHEY Radhey 🌷 🌻 Mahashivratri  ki hardik shubkamnaye 🌻🌷Happy Baba's Day 🌷       🏵Good evening Didi 🏵   ⚘Om sai ram ji ⚘

🌹Simran S 🌹 Mar 11, 2021
🌻🌹Suभ रात्रि बहनाजी शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं🌹🌻 इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे अच्छा तरीका है.. कि हम वो बने जो होने का हम दिखावा करते हैं! ༺꧁🌹हर हर महादेव🌹꧂༻ 🙏🏻आपका हर पल शुभ मंगलमय हो🙏🏻 !सुरक्षित रहिये,खुश रहिये,स्वस्थ रहिये!

sanjay Sharma Mar 11, 2021
जय श्री राम जय श्री राम जय श्री सीताराम जय श्री हरि विष्णु ओम् नमः भगवते वासुदेवाय नमः शुभ संध्या जी मेरी बहन आप कैसे हैं बहन आप सदा खुश रहिए और जीवन में सदैव कामयाबी हासिल करते रहे आप सभी को मेरी तरफ से महा शिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

Manoj manu Mar 11, 2021
🚩🌺ऊँ नमःशिवाय शुभ महाशिवरात्री राधे राधे जी शुभ रात्रि मधुर मंगल जी दीदी 🌹🌿🌿🌹🙏

Harpal bhanot Mar 11, 2021
Om Namah Shivay ji 🌷🌷🌷 Beautiful good Night ji my Sweet Sister

Anju Mishra Mar 11, 2021
हर हर महादेव महाशिवरात्रि पर्व की आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।

Sonu Pathak (Jai Mata Di) Mar 11, 2021
Om namah shivaya 🚩🔱 🙏🚩Jai Mata rani di Good night god bless u and your family 🌷🙏🌷

Ratna Nankani Mar 11, 2021
Har har mahadev 🙏 bholenath maa Parvati ke Shubh Vivah ki hardik shubh kamnaye 🙏 Good Night 🌹

🙋🅰NJALI 😊ⓂISHRA 🙏 Mar 11, 2021
*श्री शिवाय नमस्तुभ्यं*🙏ॐ नमः शिवाय*🔱 शुभ रात्रि नमस्कार मेरी प्यारी आदरणीय दीदी जी 🙏महाशिवरात्रि के पावन पर्व की आपको और आपके समस्त परिवार को मंगल हार्दिक शुभकामनाएं प्यारी दीदी 💐🙏आपका हर पल शुभ हो👌भगवान् श्री उमा महेश्वर ,शंकर पार्वती जी की कृपा दृष्टि सदा आप पर बनी रहें.. बाबा श्री महाकाल जी आपको एवं आपके समस्त परिवार को सदा सुखी एवं स्वास्थ्य रखें 🙌🙏💐🙏🌿☆ हर हर महादेव☆🌿🙏🚩🌿🌿🌿🌿🌿🌿💐

Anilkumar Marathe Mar 11, 2021
जय श्री कृष्ण नमस्कार खुशियोकी सदाबहार आदरणीय प्यारी देवी जी !! 🌹हर हर महादेव शिव कि शक्ति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरूर मिलता है, जो भी जाता है भोले के दरवार में उसे कुछ न कुछ जरूर मिलता है, भोलेनाथ महादेव आप की सभी मनोकामना पूरी करे और संसार की सारी खुशियां आपके कदमो में हो इशी शुभकामनाओ के साथ महा शिवरात्रि की ढेर सारी शुभकामनाएं !! 🙏शुभरात्री स्नेह वंदन जी, हर हर महादेव

charu sharma Mar 11, 2021
om namah shivay 🙏🌹 shubh ratri vandana dear sister 🌹🙏 mahashivratri parv ki bahut bahut shubhkamnaye 🙏🌹🙏

AMIT.TYAGI(जयसीताराम🙏) Mar 11, 2021
🙏🌷 हैपी महाशिवरात्रि 🌷🙏 जी भोलेनाथ जी आपकी हर इच्छा पूर्ण करे ।🙏🌷🙏🌷🌷🌷🌷🙏🚩

EXICOM Mar 12, 2021
🙏🏻🌷ऊँ🌷🙏🏻 🙏🏻🌷शाँतिं🌷🙏🏻 🙏🏻🌷दीदी🌷🙏🏻 🙏🏻🌷जी🌷🙏🏻

ಗಿರಿಜಾ ನೂಯಿ Mar 14, 2021
🙏🙏Good Night,Sweet Dreams Ji🌹🌹 🕉️🕉️Om Namah Shivay🙏🌿 🚩Jai Shri Radhe Krishna Ji💐 Have a happy sleep, Shri Radhe Radhe ji bless you & your family always be happy,healthy & wealthy dear sister ji🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷🌷💐💐💐💐🌸🌸🌸🌸✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️🌟✳️🌜✳️

‼️💖💖💖💖ॐ नमः शिवाय 💖💖💖💖‼️ ☔☔☔☔☔☔ आदि है , अंत है , शिव ही अनंत है ,, समय है , काल है , शिव ही महाकाल है !! 💓💓 ꧁༒ॐ ᴴᵃʳ ᴴᵃʳ ᴹᵃʰᵈᵉᵛ ॐ ༒꧂ 🚩🔱🔱महाकाल 🔱🔱🚩 🕉📿|| हर हर महादेव ||📿🕉 ☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔ #सोमवती_अमावस्या_की_पौराणिक_एवं_प्रचलित_कथा #और_महत्व ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ एक गरीब ब्राह्मण परिवार था। उस परिवार में पति-पत्नी के अलावा एक पुत्री भी थी। वह पुत्री धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में समय और बढ़ती उम्र के साथ सभी स्त्रियोचित गुणों का विकास हो रहा था। वह लड़की सुंदर, संस्कारवान एवं गुणवान थी। किंतु गरीब होने के कारण उसका विवाह नहीं हो पा रहा था। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ एक दिन उस ब्राह्मण के घर एक साधु महाराज पधारें। वो उस कन्या के सेवाभाव से काफी प्रसन्न हुए। कन्या को लंबी आयु का आशीर्वाद देते हुए साधु ने कहा कि इस कन्या के हथेली में विवाह योग्य रेखा नहीं है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ तब ब्राह्मण दम्पति ने साधु से उपाय पूछा, कि कन्या ऐसा क्या करें कि उसके हाथ में विवाह योग बन जाए। साधु ने कुछ देर विचार करने के बाद अपनी अंतर्दृष्टि से ध्यान करके बताया कि कुछ दूरी पर एक गांव में सोना नाम की धोबिन जाति की एक महिला अपने बेटे और बहू के साथ रहती है, जो बहुत ही आचार-विचार और संस्कार संपन्न तथा पति परायण है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ यदि यह कन्या उसकी सेवा करे और वह महिला इसकी शादी में अपने मांग का सिंदूर लगा दें, उसके बाद इस कन्या का विवाह हो तो इस कन्या का वैधव्य योग मिट सकता है। साधु ने यह भी बताया कि वह महिला कहीं आती-जाती नहीं है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ यह बात सुनकर ब्राह्मणी ने अपनी बेटी से धोबिन की सेवा करने की बात कही। अगल दिन कन्या प्रात: काल ही उठ कर सोना धोबिन के घर जाकर, साफ-सफाई और अन्य सारे करके अपने घर वापस आ जाती। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ एक दिन सोना धोबिन अपनी बहू से पूछती है कि- तुम तो सुबह ही उठकर सारे काम कर लेती हो और पता भी नहीं चलता। बहू ने कहा- मां जी, मैंने तो सोचा कि आप ही सुबह उठकर सारे काम खुद ही खत्म कर लेती हैं। मैं तो देर से उठती हूं। इस पर दोनों सास-बहू निगरानी करने लगी कि कौन है जो सुबह ही घर का सारा काम करके चला जाता है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ कई दिनों के बाद धोबिन ने देखा कि एक कन्या मुंह अंधेरे घर में आती है और सारे काम करने के बाद चली जाती है। जब वह जाने लगी तो सोना धोबिन उसके पैरों पर गिर पड़ी, पूछने लगी कि आप कौन है और इस तरह छुपकर मेरे घर की चाकरी क्यों करती हैं? ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ तब कन्या ने साधु द्बारा कही गई सारी बात बताई। सोना धोबिन पति परायण थी, उसमें तेज था। वह तैयार हो गई। सोना धोबिन के पति थोड़ा अस्वस्थ थे। उसने अपनी बहू से अपने लौट आने तक घर पर ही रहने को कहा। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ सोना धोबिन ने जैसे ही अपने मांग का सिन्दूर उस कन्या की मांग में लगाया, उसका पति मर गया। उसे इस बात का पता चल गया। वह घर से निराजल ही चली थी, यह सोचकर की रास्ते में कहीं पीपल का पेड़ मिलेगा तो उसे भंवरी देकर और उसकी परिक्रमा करके ही जल ग्रहण करेगी। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ उस दिन सोमवती अमावस्या थी। ब्राह्मण के घर मिले पूए-पकवान की जगह उसने ईंट के टुकड़ों से 108 बार भंवरी देकर 108 बार पीपल के पेड़ की परिक्रमा की और उसके बाद जल ग्रहण किया। ऐसा करते ही उसके पति के मुर्दा शरीर में वापस जान आ गई। धोबिन का पति वापस जीवित हो उठा। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ इसीलिए सोमवती अमावस्या के दिन से शुरू करके जो व्यक्ति हर अमावस्या के दिन भंवरी देता है, उसके सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। पीपल के पेड़ में सभी देवों का वास होता है। अतः जो व्यक्ति हर अमावस्या को न कर सके, वह सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या के दिन 108 वस्तुओं कि भंवरी देकर सोना धोबिन और गौरी-गणेश का पूजन करता है, उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ ऐसी प्रचलित परंपरा है कि पहली सोमवती अमावस्या के दिन धान, पान, हल्दी, सिंदूर और सुपाड़ी की भंवरी दी जाती है। उसके बाद की सोमवती अमावस्या को अपने सामर्थ्य के हिसाब से फल, मिठाई, सुहाग सामग्री, खाने की सामग्री इत्यादि की भंवरी दी जाती है और फिर भंवरी पर चढाया गया सामान किसी सुपात्र ब्राह्मण, ननंद या भांजे को दिया जा सकता है। #हर_हर_महादेव ☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔☔ ‼️💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖💖‼️

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jatan kurveti Apr 11, 2021

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