HEMANT JOSHI
HEMANT JOSHI Nov 21, 2020

श्री नवग्रह मंत्र स्तुति 🛕👣🚩🙏

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2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 ॐ-आज दिनांक--26.01.202-ॐ श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शुभ मंगलवार - शुभ प्रभात् संपूर्ण ज्योतिष वास्तु परामर्श प्रभावी समाधान ____________________________________ -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ___________________________________ _____________आज विशेष_____________ शगुन शास्त्र और प्रचलित मान्यता के अनुसार पर अंग स्फुरण (फड़कने) का फल ___________________________________ आज दिनांक......................26.01.2021 कलियुग संवत्..............................5122 विक्रम संवत................................ 2077 शक संवत...................................1942 संवत्सर..................................श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल.......................................... दक्षिण ऋतु.......................................... शिशिर मास..............................................पौष पक्ष.............................................शुक्ल तिथि..... त्रयोदशी. रात्रि. 1.11 तक/ चतुर्दशी वार........................................मंगलवार नक्षत्र.........आर्द्रा. रात्रि. 3.11 तक / पुनर्वसु चंद्र राशि................मिथुन. संपूर्ण (अहोरात्र) योग.........वैधृति. रात्रि. 9.56 तक / विष्कुंभ करण.............. कौलव. अपरा. 12.52 तक करण........... तैत्तिल. रात्रि. 1.11 तक / गर ___________________________________ सूर्योदय..............................7.18.13 पर सूर्यास्त...............................6.10.08 पर दिनमान............................... 10.51.55 रात्रिमान................................13.07.44 चंद्रोदय................ .प्रातः 3.52.53 PM पर चंद्रास्त................ .रात्रि. 6.05.18 AM पर सूर्य.........................(मकर) 9.12.10.23 चंद्रमा.....................(मिथुन) 2.09.29.48 राहुकाल.......अपरा. 3.27 से. 4.49(अशुभ) यमघंट........प्रातः 10.01 से 11.23 (अशुभ) अभिजित.......(मध्या)12.22 से 01.06 तक पंचक.................................आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)...... .आज नहीं है दिशाशूल...............................उत्तर दिशा दोष निवारण.......गुड़ का सेवन कर यात्रा करें ____________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक *दिवा-कालीन* चंचल...........प्रातः. 10.01 से 11.23 तक लाभ...........पूर्वाह्न. 11.23 से 12.44 तक अमृत...........अपरा. 12.44 से 2.06 तक शुभ................अपरा. 3.27 से 4.49 तक *रात्रि कालीन* लाभ................ रात्रि. 7.49 से 9.27 तक शुभ.......रात्रि 11.06 से. 12.44 AM तक अमृत..रात्रि. 12.44 AM से 2.22AM तक शुभ .... रात्रि. 2.22 AM से 4.01 AM तक ___________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ___________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 08.17 AM तक----आर्द्रा ---1----(कू) 02.38 PM तक----आर्द्रा ---2-----(घ) 08.55 PM तक----आर्द्रा ---3-----(ङ) 03.11 AM तक----आर्द्रा---4-----(छ) उपरांत रात्रि तक---पुनर्वसु---1----(के) (पाया-चांदी) _______सभी की राशि मिथुन रहेगी________ ___________________________________ ____________आज का दिन_____________ व्रत विशेष..............................भौम प्रदोष दिन विशेष..................राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस दिन विशेष.......रोहिण्यां राहु. रात्रि. 3.47 पर सर्वा.सि.योग.................................. नहीं सिद्ध रवियोग....... .रात्रि. 3.11 से रात्रि पर्यंत ____________________________________ _____________कल का दिन_____________ दिनांक..............................27.01.2021 तिथि................पौष शुक्ला चतुर्दशी बुधवार व्रत विशेष..................................... .नहीं दिन विशेष....भ द्रा. रात्रि. 3.27 से रात्रि पर्यंत दिन विशेष...........मकरे शुक्र रात्रि. 3.29 पर सर्वा.सि.योग...................................नहीं सिद्ध रवियोग..... प्रातः 7.18 रात्रि. 3.48 तक ____________________________________ _____________आज विशेष _____________ प्रचलित मान्यता अनुसार अंग के फड़कने से भी शकुन अपशकुन का विचार किया जाता है। हालांकि निम्न बातों में कितनी सचाई है यह बताना मुश्किल है। इसे लोग अंधविश्वास के अंतर्गत मानते हैं। यहां सिर्फ जानकारी हेतु यह लेख है पाठक अपने विवेक का उपयोग करें। * पुरुष के शरीर का अगर बायां भाग फड़कता है तो भविष्य में उसे कोई दुखद घटना झेलनी पड़ सकती है। वहीं अगर उसके शरीर के दाएं भाग में हलचल रहती है तो उसे जल्द ही कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। जबकि महिलाओं के मामले में यह उलटा है। * किसी व्यक्ति के माथे पर अगर हलचल होती है तो भौतिक सुख * कनपटी के पास फड़कन पर धन लाभ होता है। * मस्तक फड़के तो भू-लाभ मिलता है। * ललाट का फड़कना स्नान लाभ दिलाता है। * नेत्र का फड़कना धन लाभ दिलाता है। * यदि दाईं आंख फड़कती है तो सारी इच्छाएं पूरी होने वाली हैं * बाईं आंख में हलचल रहती है तो अच्छी खबर मिल सकती है। * अगर दाईं आंख बहुत देर या दिनों तक फड़कती है तो यह लंबी बीमारी। * यदि कंधे फड़के तो भोग-विलास में वृद्धि होती है। * दोनों भौंहों के मध्य फड़कन सुख देने वाली होती है। * कपोल फड़के तो शुभ कार्य होते हैं। * नेत्रकोण फड़के तो आर्थिक उन्नति होती है। * आंखों के पास फड़कन हो तो प्रिय का मिलन होता है। * होंठ फड़क रहे हैं तो वन में नया दोस्त आने वाला है। * हाथों का फड़कना उत्तम कार्य से धन मिलने का सूचक है। * वक्षःस्थल का फड़कना विजय दिलाने वाला होता है। * हृदय फड़के तो इष्ट सिद्धी दिलाती है। * नाभि का फड़कना स्त्री को हानि पहुंचाता है। * उदर का फड़कना कोषवृद्धि होती है, * गुदा का फड़कना वाहन सुख देता है। * कण्ठ के फड़कने से ऐश्वर्यलाभ होता है। * ऐसे ही मुख के फड़कने से मित्र लाभ होता है और होठों का फड़कना प्रिय वस्तु की प्राप्ति का संकेत देता है। *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) _______________________________________ आज का राशिफल... मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज के दिन सेहत से जुड़ा मामला हो तो ख़ुद को अनदेखा नहीं करना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए। निवेश करना कई बार आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है आज आपको यह बात समझ में आ सकती है क्योंकि किसी पुराने निवेश से आज आपको मुनाफा हो सकता है। बेटी की बीमारी आपका मूड ख़राब कर सकती है। उत्साह बढ़ाने के लिए उसे स्नेह से दुलारें। प्यार में बीमार को भी भला-चंगा करने की ताक़त होती है। आपको उदार और स्नेह से भरे प्यार का तोहफ़ा मिल सकता है। लगता है कि आपके वरिष्ठ आज देवदूतों जैसा व्यवहार करने वाले हैं। दिन की शुरुआत भले ही थोड़ी थकाऊ रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे फल मिलने लगेंगे। दिन के अंत में आपको अपने लिए समय मिल पाएगा और आप किसी करीबी से मुलाकात करके इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं। ऐसा लगता है कि आपके जीवनसाथी आज आपके ऊपर ख़ास ध्यान देंगे। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज आप ख़ुद को किसी रचनात्मक काम में लगाएँ। मानसिक शांति के लिए आपकी खाली बैठने की आदत ख़तरनाक साबित हो सकती है। जल्दबाज़ी में फ़ैसले न लें- ख़ासतौर पर अहम आर्थिक सौदों में मोलभाव करते वक़्त। आपको ऐसी परियोजनाएँ शुरू करनी चाहिए, जो पूरे परिवार के लिए समृद्धिलाएँ। रोमांचक दिन है, क्योंकि आपका प्रिय आपको तोहफ़े/उपहार दे सकता है। दिन की शुरुआत से अन्त तक आप ख़ुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। घर के छोटे सदस्यों को साथ लेकर आज आप किसी पार्क या शॉपिंग मॉल में जा सकते हैं। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आपका तनाव काफ़ी हद तक ख़त्म हो सकता है। समय और धन की कद्र आपको करनी चाहिए नहीं तो आने वाला वक्त परेशानियों भरा रह सकता है। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। बहुत ख़ूबसूरत और प्यारे इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। काम में धीमी प्रगति हल्का-सा मानसिक तनाव दे सकती है। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं। आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार को महसूस कर सकते हैं। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज का दिन आपके लिए फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। अपने जीवनसाथी के मामलों में ज़रूरत से ज़्यादा दखल देना उसकी झुंझलाहट का कारण बन सकता है। ग़ुस्से को फिर से भड़कने से रोकने के लिए उसकी इजाज़त लें, तो आसानी से इस परेशानी को हल किया जा सकता है। ज़िंदगी में एक नया मोड़ आ सकता है, जो प्यार और रोमांस को नयी दिशा देगा। सहकर्मियों और वरिष्ठों के पूरे सहयोग के चलते दफ़्तर में काम तेज़ रफ़्तार पकड़ लेगा। इस राशि वालों को आज के दिन अपने लिए समय निकालने की सख्त जरुरत है अगर आप ऐसा नहीं करते तो आपको मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज किसी संत पुरुष का आशीर्वाद आपको मानसिक शान्ति प्रदान करेगा। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। अपने प्रिय की छोटी-मोटी भूल को अनदेखा करें। आपके पास आज अपनी क्षमताओं को दिखाने के मौक़े होंगे। शाम का वक्त अच्छा रहे इसके लिए आपको दिनभर मन लगाकर काम करने की जरुरत है। मुमकिन है कि आज आपका जीवनसाथी ख़ूबसूरत शब्दों में यह बताए कि आप उनके लिए कितने क़ीमती हैं। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आप अपने स्वास्थ्य का ख़याल रखें, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। अपने गुस्से पर काबू रखें और ऑफिस में सबके साथ ढ़ग से व्यवहार करें अगर आप ऐसा नहीं करते तो आपकी जॉब जा सकती है और आपकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। आपको परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त होगी, लेकिन इस वजह से अपनी मानसिक शान्ति भंग न होने दें। पुरानी यादें आज आपके ऊपर छायी रहेंगी। आज आपके पास अपनी धनार्जन की क्षमता को बढ़ाने के लिए ताक़त और समझ दोनों ही होंगे। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आपका बहुत-कुछ आपके कंधों पर टिका हुआ है और फ़ैसले लेने के लिए स्पष्ट सोच ज़रूरी है। आज आपका धन कई चीजों पर खर्च हो सकता है, आपको आज अच्छा बजट प्लान करने की आवश्यकता है इससे आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। प्रभावशाली और महत्वपूर्ण लोगों से परिचय बढ़ाने के लिए सामाजिक गतिविधियाँ अच्छा मौक़ा साबित होंगी। दिन को ख़ास बनाने के लिए स्नेह और उदारता के छोटे-छोटे तोहफ़े लोगों को दें। अगर आप कामकाज के लिए ज़रूरत से ज़्यादा दबाव बनाएंगे तो लोग भड़क सकते हैं - कोई भी फ़ैसला लेने से पहले दूसरों की ज़रूरतों को समझने की कोशिश करें। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आप अपनी शारीरिक चुस्ती-फुर्ती को बनाए रखने के लिए आज का दिन खेलने में व्यतीत कर सकते हैं। आज इस राशि के कुछ बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। दोस्तों और परिवार के साथ मज़ेदार समय बीतेगा। रोमांटिक मुलाक़ात आपकी ख़ुशी में तड़के का काम करेगी। यह उन उम्दा दिनों में से एक दिन है जब कार्यक्षेत्र में आप अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपका बॉस भी आपके काम से खुश होगा। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। अगर आपके पास हालात से उबरने के लिए दृढ़ इच्छा-शक्ति है, तो कुछ भी असंभव नहीं है। आज के दिन आपके वैवाहिक जीवन की दृष्टि से अच्छा गुजरेगा। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) कामकाम में आपकी तेज़ी लम्बे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कर देगी। आपका बचाया धन आज आपके काम आ सकता है लेकिन इसके साथ ही इसके जाने का आपको दुख भी होगा। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। प्यार के सकारात्मक संकेत आपको मिलेंगे। कुछ लोगों को व्यापारिक और शैक्षिक लाभ मिलेगा। घर के छोटे सदस्यों के साथ गप्पें लगाकर आज आप अपने खाली समय का अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं। वैवाहिक सुख के दृष्टिकोण से आज आपको कुछ अनोखा उपहार मिल सकता है। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज आपके पास प्रचुर ऊर्जा होगी- लेकिन काम का बोझ आपकी खीज की वजह बन सकता है। दिन बहुत लाभदायक नहीं है- इसलिए अपनी जेब पर नज़र रखें और ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्चा न करें। जिन्हें आप चाहते हैं, उनके साथ उपहारों का लेन-देन करने के लिए अच्छा दिन है। सिर्फ़ स्पष्ट समझ के माध्यम से आप अपनी पत्नी/पति को भावनात्मक सहारा दे सकते हैं। आपके लिए आज बहुत सक्रिय और लोगों से मेल-जोल भरा दिन रहेगा। लोग आपसे आपकी राय मांगेंगे और जो भी आप कहेंगे, उसे बिना सोचे मान लेंगे। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। समय की कमी की वजह से आप दोनो के बीच निराशा या कुंठा के भाव पनप सकते हैं। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज दूसरों की सफलता को सराहकर आप उसका आनंद ले सकते हैं। आपका पैसा तभी आपके काम आएगा जब आप उसको संचित करेंगे यह बात भली भांति जान लें नहीं तो आपको आने वाले समय में पछताना पड़ेगा। अपने परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों पर ध्यान देना आज आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। रोमांस रोमांचक होगा- इसलिए उससे संपर्क करें जिससे आप प्रेम करते हैं और दिन का भरपूर लुत्फ़ लें। करिअर के नज़रिए से शुरू किया सफ़र कारगर रहेगा। लेकिन ऐसा करने से पहले अपने माता-पिता से इजाज़ता ज़रूर ले लें, नहीं तो बाद में वे आपत्ति कर सकते हैं। आज आपको अपनेे ससुराल पक्ष से कोई बुरी खबर मिल सकती है जिसके कारण आपका मन दुखी हो सकता है और आप काफी समय सोच विचार करने में गंवा सकते हैं। आप और आपका जीवनसाथी मिलकर वैवाहिक जीवन की बेहतरीन यादें रचेंगे। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज के दिन पेचीदा हालात में फँसने पर घबराएँ नहीं। जैसे खाने में थोड़ा-सा तीखापन उसे और भी स्वादिष्ट बना देता है, उसी तरह ऐसी परिस्थितियाँ आपको ख़ुशियों की सही क़ीमत बताती हैं। अपना मूड बदलने के लिए किसी सामाजिक आयोजन में शिरकत करें। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। पुराने दोस्त मददगार और सहयोगी साबित होंगे। मुमकिन है कि आज आपकी आँखें किसी से चार हो जाएँ- अगर आप अपने सामाजिक दायरे में उठेंगे-बैठेंगे तो। अपने चारों ओर होने वाली गतिविधियों का ध्यान रखें, क्योंकि आपके काम का श्रेय कोई दूसरा ले सकता है। दूसरों को राज़ी करने की आपकी प्रतिभा आपको काफ़ी फ़ायदा पहुँचाएगी। आपके जीवनसाथी के लबों की मुस्कान पल भर में आपका सारा दर्द ग़ायब करने की क़ाबिलियत रखती हे। _____________________________________ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) ______________________________________

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*****16 प्रकार की सिद्धियाँ***** 1. #वाक् सिद्धि : – जो भी वचन बोले जाए वे व्यवहार में पूर्ण हो, वह वचन कभी व्यर्थ न जाये, प्रत्येक शब्द का महत्वपूर्ण अर्थ हो, वाक् सिद्धि युक्त व्यक्ति में श्राप अरु वरदान देने की क्षमता होती हैं । . 2. दिव्य दृष्टि सिद्धि :- दिव्यदृष्टि का तात्पर्य हैं कि जिस व्यक्ति के सम्बन्ध में भी चिन्तन किया जाये, उसका भूत, भविष्य और वर्तमान एकदम सामने आ जाये, आगे क्या कार्य करना हैं, कौन सी घटनाएं घटित होने वाली हैं, इसका ज्ञान होने पर व्यक्ति दिव्यदृष्टियुक्त महापुरुष बन जाता हैं । . 3. प्रज्ञा सिद्धि : – प्रज्ञा का तात्पर्य यह हें की मेधा अर्थात स्मरणशक्ति, बुद्धि, ज्ञान इत्यादि! ज्ञान के सम्बंधित सारे विषयों को जो अपनी बुद्धि में समेट लेता हें वह प्रज्ञावान कहलाता हें! जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से सम्बंधित ज्ञान के साथ-साथ भीतर एक चेतनापुंज जाग्रत रहता है । . 4. दूरश्रवण सिद्धि :- इसका तात्पर्य यह हैं की भूतकाल में घटित कोई भी घटना, वार्तालाप को पुनः सुनने की क्षमता । . 5. जलगमन सिद्धि :- यह सिद्धि निश्चय ही महत्वपूर्ण हैं, इस सिद्धि को प्राप्त योगी जल, नदी, समुद्र पर इस तरह विचरण करता हैं मानों धरती पर गमन कर रहा हो । . 6. वायुगमन सिद्धि :- इसका तात्पर्य हैं अपने शरीर को सूक्ष्मरूप में परिवर्तित कर एक लोक से दूसरे लोक में गमन कर सकता हैं, एक स्थान से दूसरे स्थान पर सहज तत्काल जा सकता हैं । . 7. अदृश्यकरण सिद्धि :- अपने स्थूलशरीर को सूक्ष्मरूप में परिवर्तित कर अपने आप को अदृश्य कर देना ! जिससे स्वयं की इच्छा बिना दूसरा उसे देख ही नहीं पाता हैं । . 8. विषोका सिद्धि :- इसका तात्पर्य हैं कि अनेक रूपों में अपने आपको परिवर्तित कर लेना ! एक स्थान पर अलग रूप हैं, दूसरे स्थान पर अलग रूप हैं । . 9. देवक्रियानुदर्शन सिद्धि :- इस क्रिया का पूर्ण ज्ञान होने पर विभिन्न देवताओं का साहचर्य प्राप्त कर सकता हैं ! उन्हें पूर्ण रूप से अनुकूल बनाकर उचित सहयोग लिया जा सकता हैं । . 10. कायाकल्प सिद्धि :- कायाकल्प का तात्पर्य हैं शरीर परिवर्तन! समय के प्रभाव से देह जर्जर हो जाती हैं, लेकिन कायाकल्प कला से युक्त व्यक्ति सदैव तोग्मुक्त और यौवनवान ही बना रहता हैं । . 11. सम्मोहन सिद्धि :- सम्मोहन का तात्पर्य हैं कि सभी को अपने अनुकूल बनाने की क्रिया! इस कला को पूर्ण व्यक्ति मनुष्य तो क्या, पशु-पक्षी, प्रकृति को भी अपने अनुकूल बना लेता हैं । . 12. गुरुत्व सिद्धि:- गुरुत्व का तात्पर्य हैं गरिमावान! जिस व्यक्ति में गरिमा होती हैं, ज्ञान का भंडार होता हैं, और देने की क्षमता होती हैं, उसे गुरु कहा जाता हैं! और भगवन कृष्ण को तो जगद्गुरु कहा गया हैं । . 13. पूर्ण पुरुषत्व सिद्धि:- इसका तात्पर्य हैं अद्वितीय पराक्रम और निडर, एवं बलवान होना! श्रीकृष्ण में यह गुण बाल्यकाल से ही विद्यमान था! जिस के कारण से उन्होंने ब्रजभूमि में राक्षसों का संहार किया! तदनंतर कंस का संहार करते हुए पुरे जीवन शत्रुओं का संहार कर आर्यभूमि में पुनः धर्म की स्थापना की । . 14. सर्वगुण संपन्न सिद्धि:- जितने भी संसार में उदात्त गुण होते हैं, सभी कुछ उस व्यक्ति में समाहित होते हैं, जैसे – दया, दृढ़ता, प्रखरता, ओज, बल, तेजस्विता, इत्यादि! इन्हीं गुणों के कारण वह सारे विश्व में श्रेष्ठतम व अद्वितीय मन जाता हैं, और इसी प्रकार यह विशिष्ट कार्य करके संसार में लोकहित एवं जनकल्याण करता हैं । . 16. इच्छा मृत्यु सिद्धि :- इन कलाओं से पूर्ण व्यक्ति कालजयी होता हैं, काल का उस पर किसी प्रकार का कोई बंधन नहीं रहता, वह जब चाहे अपने शरीर का त्याग कर नया शरीर धारण कर सकता हैं । 16. #अनुर्मि सिद्धि:- अनुर्मि का अर्थ हैं जिस पर भूख-प्यास, सर्दी – गर्मी और भावना-दुर्भावना का कोई प्रभाव न हो । वैदिक बिहारी जी नीतीश ✍🙏🙏

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Pt Vinod Pandey 🚩 Jan 24, 2021

🌞 ~ आज का हिन्दू #पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 25 जनवरी 2021 ⛅ दिन - #सोमवार ⛅ विक्रम संवत - 2077 ⛅ शक संवत - 1942 ⛅ अयन - उत्तरायण ⛅ ऋतु - शिशिर ⛅ मास - पौष ⛅ पक्ष - शुक्ल  ⛅ तिथि - द्वादशी रात्रि 12:24 तक तत्पश्चात त्रयोदशी ⛅ नक्षत्र - मॄगशिरा 26 जनवरी रात्रि 01:56 तक तत्पश्चात आर्द्रा ⛅ योग - इन्द्र रात्रि 10:29 तक तत्पश्चात वैधृति ⛅ राहुकाल - सुबह 08:41 से सुबह 10:04 तक ⛅ सूर्योदय - 07:18  ⛅ सूर्यास्त - 18:23  ⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में 💥 विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र को हानि होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🌷 प्रणव’ (ॐ) की महिमा (चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योग : 26 जनवरी 2021 रात्रि को 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात् 27 जनवरी 2021 01:12 AM से 03:12 AM तक) 🙏🏻 सूतजी ने ऋषियों से कहा : “महर्षियों ! ‘प्र’ नाम है प्रकृति से उत्पन्न संसाररूपी महासागर का। प्रणव इससे पार करने के लिए (नव) नाव है। इसलिए इस ॐकार को ‘प्रणव’ की संज्ञा देते हैं। ॐकार अपना जप करनेवाले साधकों से कहता है – ‘प्र –प्रपंच, न – नहीं है, व: - तुम लोगों के लिए।’ अत: इस भाव को लेकर भी ज्ञानी पुरुष ‘ॐ’ को ‘प्रणव’ नाम से जानते हैं। इसका दूसरा भाव है : ‘प्र – प्रकर्षेण, न – नयेत, व: -युष्मान मोक्षम इति वा प्रणव:। अर्थात यह तुम सब उपासकों को बलपूर्वक मोक्ष तक पहुँचा देगा।’ इस अभिप्राय से भी ऋषि-मुनि इसे ‘प्रणव’ कहते हैं। अपना जप करनेवाले योगियों के तथा अपने मंत्र की पूजा करनेवाले उपासको के समस्त कर्मो का नाश करके यह उन्हें दिव्य नूतन ज्ञान देता है, इसलिए भी इसका नाम प्रणव – प्र (कर्मक्षयपूर्वक) नव (नूतन ज्ञान देनेवाला) है। 🙏🏻 इस मायारहित महेश्वर को ही नव अर्थात नूतन कहते हैं। वे परमात्मा प्रधान रूप से नव अर्थात शुद्धस्वरुप है, इसलिए ‘प्रणव’ कहलाते हैं। प्रणव साधक को नव अर्थात नवीन (शिवस्वरूप) कर देता है, इसलिए भी विद्वान पुरुष इसे प्रणव के नाम से जानते हैं अथवा प्र – प्रमुख रूप से नव – दिव्य परमात्म – ज्ञान प्रकट करता है, इसलिए यह प्रणव है। 🙏🏻 यद्यपि जीवन्मुक्त के लिए किसी साधन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सिद्धरुप है, तथापि दूसरों की दृष्टि में जब तक उसका शरीर रहता है, उसके द्वारा प्रणव – जप की सहज साधना स्वत: होती रहती है। वह अपनी देह का विलय होने तक सूक्ष्म प्रणव मंत्र का जप और उसके अर्थभूत परमात्म-तत्त्व का अनुसंधान करता रहता है। जो अर्थ का अनुसंधान न करके केवल मंत्र का जप करता है, उसे निश्चय ही योग की प्राप्ति होती है। जिसने इस मंत्र का ३६ करोड़ जप कर लिया हो, उसे अवश्य ही योग प्राप्त हो जाता है। ‘अ’ शिव है, ‘उ’ शक्ति है और ‘मकार’ इन दोनों की एकता यह त्रितत्त्वरूप है, ऐसा समझकर ‘ह्रस्व प्रणव’ का जप करना चाहिए। जो अपने समस्त पापों का क्षय करना चाहते हैं, उनके लिए इस ह्रस्व प्रणव का जप अत्यंत आवश्यक है। 🙏🏻 वेद के आदि में और दोनों संध्याओं की उपासना के समय भी ॐकार का उच्चारण करना चाहिए। भगवान शिव ने भगवान ब्रम्हाजी और भगवान विष्णु से कहा : “मैंने पूर्वकाल में अपने स्वरूपभूत मंत्र का उपदेश किया है, जो ॐकार के रूप में प्रसिद्ध है। वह महामंगलकारी मंत्र है। सबसे पहले मेरे मुख से ॐकार ( ॐ ) प्रकट हुआ, जो मेरे स्वरूप का बोध करानेवाला है। ॐकार वाचक है और मैं वाच्य हूँ। यह मंत्र मेरा स्वरुप ही है। प्रतिदिन ॐकार का निरंतर स्मरण करने से मेरा ही सदा स्मरण होता है। 🙏🏻 मुनीश्वरो ! प्रतिदिन दस हजार प्रणवमंत्र का जप करें अथवा दोनों संध्याओं के समय एक-एक हजार प्रणव का जप किया करें। यह क्रम भी शिवप्रद की प्राप्ति करानेवाला है। 🙏🏻 ‘ॐ’ इस मंत्र का प्रतिदिन मात्र एक हजार जप करने पर सम्पूर्ण मनोरथों की सिद्धि होती है। 🙏🏻 प्रणव के ‘अ’ , ‘उ’ और ‘म’ इन तीनों अक्षरों से जीव और ब्रम्ह की एकता का प्रतिपादन होता है – इस बात को जानकर प्रणव ( ॐ ) का जप करना चाहिए। जपकाल में यह भावना करनी चाहिए कि ‘हम तीनों लोकों की सृष्टि करनेवाले ब्रम्हा, पालन करनेवाले विष्णु तथा संहार करनेवाले रुद्र जो स्वयंप्रकाश चिन्मय हैं, उनकी उपसना करते हैं। यह ब्रम्हस्वरूप ॐकार हमारी कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों की वृत्तियों को, मन की वृत्तियों को तथा बुद्धि की वृत्तियों को सदा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले धर्म एवं ज्ञान की ओर प्रेरित करें। प्रणव के इस अर्थ का बुद्धि के द्वारा चिंतन करता हुआ जो इसका जप करता है, वह निश्चय ही ब्रम्ह को प्राप्त कर लेता है। अथवा अर्थानुसंधान के बिना भी प्रणव का नित्य जप करना चाहिए। 🙏🏻 (‘शिव पुराण’ अंतर्गत विद्धेश्वर संहिता से संकलित) 👉🏻 भिन्न-भिन्न काल में ‘ॐ’ की महिमा ➡ आर्दा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी के योग में (दिनांक 26 जनवरी 2021 को रात्रि 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात् 27 जनवरी 2021 01:12 AM से 03:12 AM तक) प्रणव का जप किया जाय तो वह अक्षय फल देनेवाला होता है। 🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌷☘🌹🌺💐🌸🌻🌷🙏🏻 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- 👇🏻 https://chat.whatsapp.com/JUHz5Z8J6yYHqEmBW2JjXx

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Pt Vinod Pandey 🚩 Jan 24, 2021

🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄 #सुप्रभातम 🌄 🗓 आज का #पञ्चाङ्ग 🗓 🌻सोमवार, २५ जनवरी २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०७:२२ सूर्यास्त: 🌅 ०५:४८ चन्द्रोदय: 🌝 १४:३६ चन्द्रास्त: 🌜०५:०७ अयन 🌕 उत्तराणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ❄️ शिशिर शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 पौष पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 द्वादशी - ००:२४ तक नक्षत्र 👉 मृगशिरा - ०१:५६ तक योग 👉इन्द्र - २२:२९ तक प्रथम करण 👉 बव - ११:४६ तक द्वितीय करण 👉 बालव - ००:२४ तक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मकर चंद्र 🌟 मिथुन (१३:०१ से) मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 कुम्भ (उदय, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 मकर (अस्त, पश्चिम, मार्गी) शुक्र 🌟 धनु (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०८ से १२:५१ अमृत काल 👉 १६:२६ से १८:०९ सर्वार्थसिद्धि योग 👉 ०७:११ से ०१:५६ अमृतसिद्धि योग 👉 ०७:११ से ०१:५६ विजय मुहूर्त 👉 १४:१५ से १४:५८ गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:३७ से १८:०१ निशिता मुहूर्त 👉 ००:०२ से ००:५६ राहुकाल 👉 ०८:३१ से ०९:५० यमगण्ड 👉 ११:१० से १२:२९ होमाहुति 👉 शनि दिशाशूल 👉 पूर्व राहुवास 👉 उत्तर-पश्चिम अग्निवास 👉 पृथ्वी चन्द्रवास 👉 दक्षिण (पश्चिम १३:०३ से) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - अमृत २ - काल ३ - शुभ ४ - रोग ५ - उद्वेग ६ - चर ७ - लाभ ८ - अमृत ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - चर २ - रोग ३ - काल ४ - लाभ ५ - उद्वेग ६ - शुभ ७ - अमृत ८ - चर नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 पश्चिम-दक्षिण (दर्पण देखकर अथवा खीर का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ सुजन्म द्वादशी, बुध कुम्भ में १६:५४ से आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज ०१:५६ तक जन्मे शिशुओ का नाम मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (वे, वो, क, की) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम आर्द्रा नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमश (कु) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मकर - ०६:३४ से ०८:१५ कुम्भ - ०८:१५ से ०९:४१ मीन - ०९:४१ से ११:०४ मेष - ११:०४ से १२:३८ वृषभ - १२:३८ से १४:३३ मिथुन - १४:३३ से १६:४८ कर्क - १६:४८ से १९:१० सिंह - १९:१० से २१:२८ कन्या - २१:२८ से २३:४६ तुला - २३:४६ से ०२:०७ वृश्चिक - ०२:०७ से ०४:२७ धनु - ०४:२७ से ०६:३० 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त अग्नि पञ्चक - ०७:११ से ०८:१५ शुभ मुहूर्त - ०८:१५ से ०९:४१ रज पञ्चक - ०९:४१ से ११:०४ अग्नि पञ्चक - ११:०४ से १२:३८ शुभ मुहूर्त - १२:३८ से १४:३३ रज पञ्चक - १४:३३ से १६:४८ शुभ मुहूर्त - १६:४८ से १९:१० चोर पञ्चक - १९:१० से २१:२८ शुभ मुहूर्त - २१:२८ से २३:४६ रोग पञ्चक - २३:४६ से ००:२४ शुभ मुहूर्त - ००:२४ से ०१:५६ मृत्यु पञ्चक - ०१:५६ से ०२:०७ अग्नि पञ्चक - ०२:०७ से ०४:२७ शुभ मुहूर्त - ०४:२७ से ०६:३० रज पञ्चक - ०६:३० से ०७:१० 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन परिश्रम को छोड़ अन्य सभी विषयों में उत्तम रहेगा। मेहनत आज अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक करनी पड़ेगी लेकिन इसका फल आशानुकूल मिलने से संतोष होगा। आपको आस-पास का वातावरण भी उत्साह बढ़ाने वाला मिलेगा। कार्य व्यवसाय में आरंभिक उदासीनता के बाद मध्यान पश्चात लाभजनक स्थिति बनेगी। निवेश भी निसंकोच होकर कर सकते है लाभ ही होगा। कुछ दिनों से जिस वस्तु की कामना कर रहे थे आज उसकी प्राप्ति होने से मन प्रफुल्लित रहेगा। धन लाभ के साथ साथ खर्च में भी बढ़ोतरी होगी फिर भी आर्थिक संतुलन बना रहेगा। आज कोई निकटस्थ व्यक्ति घर अथवा कार्य क्षेत्र पर आपके भेदों को सार्वजनिक कर सकता है सतर्क रहें। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आपका आज का दिन थोड़ा उतार चढ़ाव वाला रहेगा लेकिन आज की मेहनत संध्या बाद से रंग लाने लगेगी आलस्य भी बने रहने से जल्दी से किसी कार्य के लिये हाँ नही करेंगे अपनी इस प्रवृत्ति को बदले अन्यथा भविष्य में आर्थिक परेशानी खड़ी होगी। मनमानी रवैये के चलते भी हानि हो सकती है। कार्य व्यवसाय में आज कुछ विशेष सफलता नही मिलेगी। परिवार में आज किसी सदस्य की इच्छा पूर्ति ना होने पर वातावरण खराब होगा। नए कार्य की योजना बना रहे है तो आज अवश्य आरम्भ करें। नौकरी पेशा जातक काम मे ऊबन अनुभव करेंगे। मनोरंजन के अवसर नही मिलने से निराशा बढ़ेगी। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन भी आपकी आशाओ के विपरीत रहेगा। दिन के आरंभ से ही कुछ गड़बड़ होने की आशंका रहेगी कार्य क्षेत्र अथवा परिवार में कोई छोटी-बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है अकस्मात होने से सतर्क होने का समय मुश्किल ही मिलेगा। किसी से बंधी आशा टूटने से मन दुखी होगा। आर्थिक कारणों से मध्यान तक का समय संघर्ष वाला रहेगा कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा अधिक रहने से लाभ में कमी आएगी इसके बाद कही से थोड़ा धन लाभ होने से राहत मिलेगी। घर मे धार्मिक कार्य होने से मन हल्का होगा। महिलाये आज परिजनों के ऊपर अधिक आश्रित रहेंगी। संतानो के विषय मे नई चिंता बनेगी। वाहन अथवा उपकरणों से सावधानी बरतें दुर्घटना का भय है। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज आपकी दिनचार्य व्यवस्थित रहेगी अधिकांश कार्यो की योजना पूर्व में ही बना लेंगे फिर भी कुछ काम अकस्मात आने से फेरबदल करना पड़ेगा। नौकरी व्यवसाय में धन के साथ सम्मान की प्राप्ति भी होगी। अधिकारी वर्ग आपसे महत्त्वपूर्ण विषयों को लेकर परामर्श करेंगे। व्यापारी वर्ग को कुछ दिनों से अटके कार्य आज पूर्ण होने से तसल्ली मिलेगी। लेकिन परिवार में आर्थिक अथवा किसी अन्य वजह से खींच-तान होने की संभावना है। धन की अपेक्षा संबंधों को अधिक महत्त्व दे अन्यथा वैर-विरोध का सामना करना पड़ेगा। मध्यान के बाद का समय पूरे दिन की अपेक्षा ज्यादा सुखदायी रहेगा। धार्मिक कार्य एवं संतानो पर खर्च होगा। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन आपके उच्च प्रतिष्ठित लोगो से संबंध बनेंगे सरकारी कार्यो के लिए दिन उत्तम है सरकार की तरफ से शुभ समाचार मिलने से व्यवसाय एवं अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यो की उलझन दूर होगी। धन लाभ की कामना लगी रहेगी इसके लिए कुछ ना कुछ तिकड़म लगाते रहेंगे आमद मध्यान पश्चात ही संभव हो सकेगी। प्रयास करने पर पुराने धन की वापसी हो सकती है। महिलाये खरीदारी पर धन खर्च करेंगी अज्ञानता में हानि होने की संभावना है सतर्क रहें। आपकी जरूरत लोगो को अधिक होने से सम्मान के साथ धन लाभ के अवसर भी मिलते रहेंगे। गृहस्थ में पूर्ण ध्यान नही देने से किसी की नाराजगी देखनी पड़ेगी लेकिन कुछ समय के लिए ही। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति वाला रहेगा। दिन के आरंभ से ही घर मे धार्मिक कार्य को लेकर चहल-पहल रहेगी इसके लिए दैनिक कार्यो में बदलाव भी करना पड़ेगा। आध्यात्मिक एवं परोपकारी स्वभाव का लाभ किसी ना किसी रूप में अवश्य मिलेगा। नौकरी पेशा जातको को नई जगह से प्रस्ताव मिलेंगे। बेरोजगारों के भी नए रोजगार से जुड़ने की संभावना है प्रयासरत रहें। धन लाभ रुक-रुक कर परन्तु प्रचुर मात्रा में होगा जिससे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर सकेंगे। फिजूल के खर्च भी मध्यान के बाद अकस्मात ही बढ़ेंगे इनकी परवाह आज नही करेंगे। पति-पत्नि में मामूली नोक-झोंक हो सकती है। संध्या के समय थकान ज्यादा रहेगी। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज भी मध्यान तक सेहत में उतार-चढ़ाव लगा रहेगा मध्यान बाद ही इसमे स्थिरता आएगी फिर भी ज्यादा परिश्रम वाले कार्यो से बचें। बनी बनाई योजनाए अधर में लटकी रहेंगी। परिवार अथवा रिश्तेदारी में दुखद घटना होने की संभावना है। जोखिम वाले कार्यो से दूर रहना ही हितकर रहेगा। नौकरी पेशा जातको पर आकस्मिक कोई संकट आ सकता है अधिकारियों से बच कर रहें। कार्य व्यवसाय में उदासीनता दिखाने से होने वाले लाभ में कमी आएगी। आपके स्वभाव में रूखापन रहने से स्नेहीजनों को तकलीफ होगी। परिवार अथवा अन्य से किये वादे पूरे नही कर सकेंगे। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा। महिलाओ को शारीरिक कमजोरी अनुभव होगी। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन कार्य सफलता वाला रहेगा। सेहत ठीक रहने पर भी कार्यो के प्रति आलस्य दिखाएंगे लेकिन जिस भी कार्य को हाथ मे लेंगे उसमे हानि लाभ की परवाह नही करेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी मौज शौक की प्रवृति के पीछे खर्च अधिक होगा। घर मे सुख सुविधा के सामान की बढ़ोतरी होगी। धन संबंधित योजनाओ को गति देने के लिए आज किसी अन्य की सहायता की आवश्यकता पड़ेगी। मध्यान तक किये परिश्रम का फल संध्या तक मिल जाएगा। जोड़-तोड़ कर धन कोष में वृद्धि होगी लेकिन दैनिक से अतिरिक्त खर्च आने से बचत नही हो पाएगी। आज किसी की सहायता मजबूरी में करेंगे। बाहर घूमने का आयोजन होगा धार्मिक कार्यो पर खर्च बढेगा। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन लाभदायक है लेकिन मानसिक रूप से गंभीर होने भी आवश्यक है निर्णय लेने में आज भी दुविधा होगी दिमाग पर ज्यादा दबाव न डालें निसंकोच होकर फैसले ले विजय आज आपकी ही होगी। अधिकांश कार्यो में सहज सफलता मिल जाएगी। फिर भी धन संबंधित कार्य देखभाल कर ही करें। प्रतिस्पर्धा कम रहेगी जिससे लाभ के अवसर बढ़ेंगे। सेहत भी अनुकूल रहने से हर प्रकार की परिस्थितियों में काम कर लेंगे। जो लोग अबतक आपके विपरीत चल रहे थे वो भी आपका सहयोग एवं प्रशंशा करेंगे फिर भी आकस्मिक वाद-विवाद के प्रसंग बनेंगे इससे बच कर रहें। घर मे थोड़ी उग्रता रहने पर भी प्रेम बना रहेगा। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज के दिन आपकी मानसिकता कम समय एवं परिश्रम से अधिक लाभ पाने की रहेगी पर आज आपके कार्यो में सफाई कम रहेगी विफलता मिलने पर क्रोध भी आएगा फिर भी कार्यो के प्रति एकाग्र रहे शीघ्र ही परिस्थितियां आपके अनुकूल बनने वाली है। सहकर्मी सहयोग करने में आनाकानी करेंगे जिससे कुछ समय के लिए कार्यो में अवरोध रहेगा लेकिन शीघ्र ही अन्य विकल्प भी मिल जायेंगे। मध्यान के बाद जिस भी काम मे निवेश करेंगे भविष्य में उससे दुगना धन मिलने की संभावना रहेगी लेकिन आज धन की आमद कम रहेगी। पारिवारिक वातावरण में थोड़ा विरोधाभास रहेगा परन्तु महत्त्वपूर्ण विषयो में सभी एकजुट हो जाएंगे। सेहत में सुधार आएगा। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन भी कई अशांति वाले प्रसंग बनेंगे। आज आप अन्य लोगो से मतलब का व्यवहार रखेंगे जिस कारण काम पड़ने पर मदद करने की जगह लोग अपना स्वार्थ साधेंगे। आर्थिक स्थिति भी गड़बड़ाने से क्रोध अधिक आएगा। संबंधों के प्रति लापरवाह रहेंगे जिससे घर मे अशांति के प्रसंग ज्यादा बढ़ेंगे। महिलाओ के अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ विचार मेल नही खाएंगे। व्यवसायी वर्ग मध्यान बाद तक व्यापार को लेकर परेशान रहेंगे इसके बाद स्थिति में सुधार आएगा परन्तु आपकी छोटि मानसिकता आज ओरो को परेशान करेगी। सेहत का भी ध्यान रखें असंयमित दिनचर्या हानि पहुचायेगी। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन लाभ-हानि बराबर रहेगी। दिन के आरंभ से ही लाभदायक प्रसंग बनेंगे। आज आप व्यवसाय के साथ सामाजिक कार्य भी आने से अधिक व्यस्त रहेंगे कमाई संतोषजनक रहेगी लेकिन खर्च भी आज कम नही रहेंगे। आध्यात्म के प्रति आस्था बढ़ने पर भी धन कमाने को ज्यादा महत्त्व देंगे। आपकी मनोवृति सुखोपभोग की अधिक रहेगी। जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उनके निर्णय आरंभिक व्यवधान के बाद आपके ही पक्ष में रहेंगे। सरकारी कार्यो भी आज किसी के सहयोग मिलने से आगे बढ़ेंगे। महिलाये आज जो भी विचारेंगी फल उसके विपरीत ही मिलेगा। धार्मिक स्थानों की यात्रा के प्रसंग बन सकते है। 🌐http://www.vkjpandey.in 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- 👇🏻 https://chat.whatsapp.com/JUHz5Z8J6yYHqEmBW2JjXx

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🌹।।हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ वन्दे ।।🌹 ============================= 👉पूजा -पाठ फलित नहीं होगा यदि यह बाधाएं हैं तो -.> ------------------------------------------------------------ 👉जब भी किसी समस्या की बात आती है तो अंत में यही पूछा जाता है की इसका क्या उपाय है ,क्या निवारण है और निवारण ,उपाय लिखा भी जाता है 👉|सभी लोग जो भी किसी समस्या से परेशान होते हैं वह कोई न कोई उपाय करते हैं ,कुछ लोग बहुत से उपाय करते हैं किन्तु अधिकतर लोग अंत में यही कहते हैं की उपाय काम नहीं किये या उपाय काम नहीं करते | 👉बहुत कम प्रतिशत लोगों के उपाय सफल होते हैं जबकि अधिकतर की समस्या या तो जस की तस रहती है या बढ़ ही जाती है | 👉कुछ लोग उपाय करते -करते इतने थक जाते हैं की अंत में यही कहते हैं और मान लेते हैं की भाग्य ही अंतिम है, उसे कोई नहीं बदल सकता ,जो भाग्य में लिखा है वही होगा |यहाँ तक की उनका विश्वास ईश्वर और पूजा -पाठ पर से भी उठने लगता है | 👉कुछ लोग समस्या को भी भाग्य ही मान लेते हैं भले वह ठीक हो सकता हो अथवा भाग्य में न हो या किसी अन्य कारण से उत्पन्न हुआ हो |कारण की उनके उपाय काम नहीं करते | 👉आखिर करें तो क्या इसलिए कष्ट को ही भाग्य मान संतोष कर लिया | टोने -टोटको के उपाय कुछ हद तक काम करते हैं किन्तु बड़े उपाय अधिकतर के लिए अक्सर काम नहीं करते |टोने -टोटकों में किसी उच्च शक्ति या देवी -देवता का उपयोग न होकर वस्तुगत उरा और मानसिक ऊर्जा का प्रक्षेपण होता है इसलिए यह कुछ काम कर जाते हैं यदि कोई छोटी -मोटी समस्या हुई तो ,किन्तु बड़ी समस्या के उपाय काम नहीं कर पाते क्योंकि बड़ी शक्तियों का प्रयोग असफल हो जाता है 👉|कालसर्प ,पित्र दोष ,अकाल मृत्यु भय ,गंभीर रोग ,मारक -कष्टकारक ग्रह के प्रभाव ,ब्रह्म -जिन्न -प्रेत बाधा के प्रभाव ,ईष्ट रुष्टता ,गंभीर आभिचारिक प्रयोग जैसे समस्या के उपाय अधिकतर के लिए असफल होते हैं क्योंकि यहाँ उच्च शक्तियों की आवश्यकता होती है | 👉ज्योतिष हो या तंत्र सबमे उपाय की अवधारणा है और यह किसी न किसी शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं ,किसी न किसी देवता का प्रतिनिधित्व करते हैं |उस देवता को प्रसन्न कर अथवा शन्ति कर ही समस्या निवारण होता है | 👉जब उपाय किया ज्जाता है तो आशा की जाती है की वह देवता या शक्ति प्रसन्न होगा या शांत होगा और व्यक्ति को कष्ट से मुक्ति मिलेगी |इसके लिए उपाय की ऊर्जा उस देवता तक पहुंचनी चाहिए अर्थात उपाय की पूजा देवता को मिलनी चाहिए ज्जिससे वह प्रसन्न हो या शांत हो 👉|अधिकतर मामलों में उपाय की उरा देवता तक नहीं पहुँचती या पूजा उसे नहीं मिलती |व्यक्ति अथवा पंडित पूरी तन्मयता से उपाय करता है किन्तु फिर भी लाभ नहीं होता क्योंकि जहाँ पूजा की ऊर्जा जानी चाहिए वहां नहीं जाती ,वह बीच में या तो किसी और द्वारा ले ली जाती है या बिखर जाती है |व्यक्ति सोच लेता है उपाय कर दिए समस्या हल होनी चाहिए ,किन्तु समस्या हल नहीं होती |कभी -कभी तो बढ़ भी जाती है |पंडित ने अपना कर्म कर दिया की अमुक पूजा करा दिया ,अपना दक्षिणा लिया और काम समाप्त मान लिया |उन्हें भी नहीं पता की पूजा जा कहाँ रही या काम करेगी या नहीं | 👉शास्त्र में लिखा है यह करने से यह समस्या हल होगी ,उसने बताई और पूजा कर दी | 👉ज्योतिषी ने किसी को अकाल मृत्यु भय से बचने को महामृत्युंजय जप बताया ,व्यक्ति ने ज्योतिषी के माध्यम से ही अथवा पंडित से जप करवा भी दिया किन्तु फिर भी व्यक्ति के साथ दुर्घटना हुई और उसकी मृत्यु हो गयी |अब वह महामृत्युंजय का जप गया कहाँ |उसका लाभ क्यों नहीं मिला |न पंडित जानता है न ज्योतिषी |व्यक्ति से सम्बन्धित लोग खुद मान लेते हैं की इतना बड़ा संकट था की महामृत्युंजय भी नहीं बचा सका या उन्हें कहा जाता है की समस्या बहुत गंभीर थी इसलिए जप बचा नहीं सका |यहाँ समस्या यह थी की महामृत्युंजय जप महादेव तक पहुंचा ही नहीं तो जान बचेगी कहाँ से | 👉आश्चर्यचकित मत होइए और यह मत सोचिये की अब महादेव से भी बड़ा कोई हो गया क्या जो उन तक जप नहीं पहुंचा और कहीं और चला गया या महामृत्युंजय का जप भी कोई रोक सकता है क्या |ऐसा होता है और जप वातावरण में बिखर जाता है ,महादेव तक नहीं पहुँचता 👉|कारण की महादेव ने ही वह तंत्र बनाया है जिससे उन तक जप पहुंचे |वह तंत्र बीच से टूटा हुआ है तो जप महादेव तक नहीं पहुंचेगा |महादेव भी अपने ही बनाए तंत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकते |जो नियम और तंत्र महादेव और शक्ति ने मिलकर बनाया है उससे वह खुद बंधे हुए हैं |यदि वह किसी व्यक्ति के लिए तोड़ते हैं तो विक्षोभ हो जाएगा ,इसलिए वे उस तंत्र के अनुसार ही फल देते हैं |उन्होंने सभी के लिए एक विशिष्ट नियम और ऊर्जा संरचना बनाई है जिसके अनुसार ही ऊर्जा स्थानान्तरण होता है |उन तक पहुंचता है और उनसे व्यक्ति तक पहुंचता है |बीच में कुछ विशिष्ट कड़ियाँ हैं जो ऊर्जा रूपांतरण करती हैं |यह कड़ियाँ यदि टूट जाएँ या न हो तो महादेव तक ऊर्जा नहीं पहुंचेगी और उनकी ऊर्जा व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगी |यह नियम सभी प्रकार के पूजा पाठ में ,उपाय में लागू होता है |व्यक्ति यदि सीधे उनतक पहुँच सकता तो फिर व्यक्ति को कोई समस्या ही नहीं होती |यह बीच की कड़ियाँ ,स्थान देवता ,ग्राम देवता ,क्षेत्रपाल और मुख्य रूप से कुलदेवता /देवी होते हैं जो पृथ्वी के व्यक्ति और महादेव या देवताओं के बीच की कड़ी होते हैं |यह महादेव और शक्ति के ही अंश हैं किन्तु यह उनकी पृथ्वी की सतह पर क्रियाशील ऊर्जा रूप हैं और बीच की कड़ी हैं |जितने भी भूत -प्रेत -ब्रह्म आदि हैं वह भी महादेव के ही अंतर्गत आते हैं अतः इनके द्वारा उत्पन्न व्यवधान में भी महादेव सीधे हस्तक्षेप नहीं करते |अब हम बताते हैं की क्यों पूजा महादेव या किसी देवता तक नहीं पहुंचती या उपाय असफल क्यों हो जाते हैं | 👉उपाय तब तक सफल नहीं हो सकते जब तक वह कहीं स्वीकार न हों |उपाय एक ऊर्जा प्रक्षेपण है |उपाय से ऊर्जा उत्पन्न कर एक निश्चित दिशा में भेजी जाती है |यह ऊर्जा जब तक कहीं स्वीकार न की जाए अंतरिक्ष में निरुद्देश्य विलीन हो जाती है और कोई लाभ नहीं मिलता अथवा यह ऊर्जा अपने गंतव्य तक न पहुंचे ,किसी और द्वारा ले ली जाए तो भी असफल हो जाती है ,अथवा उत्पन्न ऊर्जा का परिवर्तन प्राप्तकर्ता के योग्य ऊर्जा में न हो पाए तो भी अपने उद्देश्य में ऊर्जा सफल नहीं होती | लोगों के कष्टों के हजारों उपाय शास्त्रों में दिए गए हैं ,इनमे ज्योतिषीय ,कर्मकांडीय अर्थात वैदिक पूजन प्रधान और तांत्रिक उपाय होते हैं | 👉इन उपायों में छोटे टोटकों से लेकर बड़े -बड़े अनुष्ठान तक होते हैं |इन शास्त्रों में यह कहीं नहीं लिखा की कैसे यह उपाय काम करते हैं |किस सूत्र पर कार्य करते हैं ,कैसे पितरों-देवताओं तक ऊर्जा पहुँचती है ,कैसे यहाँ के पदार्थों का पित्र लोक -देवलोक के पदार्थों में परिवर्तन होता है ,कौन यह ऊर्जा स्थानान्तरण करता है ,कब यह क्रिया अवरुद्ध हो जाती है ,कौन इस कड़ी को प्रभावित कर सकता है ,कैसे उपायों से कितनी ऊर्जा किस प्रकार उत्पन्न होती है |कहीं कोई सूत्र नहीं दिए गए ,क्योंकि जब यह उपाय बनाए गए तब के लोग इन सूत्रों को समझते थे |उन्हें इसकी क्रियाप्रणाली पता थी | 👉उस समय के ऋषियों को यह अनुमान ही नहीं था की आधुनिक युग जैसी समस्या आज के मानव उत्पन्न कर सकते हैं ,अतः उन्होंने इन्हें नहीं लिखा |उन्होंने जो संस्कार बनाए उसे यह मानकर बनाए की यह लगातार माने जायेंगे |इन्ही संस्कारों में उपायों की क्रिया के सूत्र थे अतः लिखने की जरूरत नहीं समझी |जब संकार छूटे तो सूत्र टूट गए |लोगों की समझ में अब नहीं आता की हो क्या गया |लोग अपनी इच्छाओं से चलने लगे तथा व्यतिक्रम उत्पन्न हो गया ऊर्जा संचरण में और सबकुछ बिगड़ गया | 👉कुछ सूत्रों को पितरों के सम्बन्ध में गरुण पुराण में दिया गया है किन्तु पूरी तकनिकी वहां नहीं है क्योंकि बीच की कड़ी सामान्य जीवन से सम्बन्धित है |गरुण पुराण बताता है की विश्वेदेवा पदार्थ को बदलकर पित्र की योनी अनुसार उन्हें पदार्थ उपलब्ध कराते हैं ,किन्तु विश्वदेव तक ही कुछ न पहुंचे तो क्या करें 👉|विश्वदेव ही नाराज हो जाएँ तो क्या करें |आचार्य करपात्री जी ने विश्वेदेवा की कार्यप्रणाली को बहुत अच्छे उदाहरण से बताया है किन्तु समस्या उत्पन्न उर्जा के वहां तक ही पहुँचने में होती है |उनके द्वारा स्वीकार करने और परिवर्तित कर पितरों को प्रदान करने में ही होती है |यही हाल सभी पूजा पाठ का होता है | 👉लोग कहते हैं की यहाँ कुछ भी चढ़ाया भगवान् नहीं खाता या नहीं लेता ,किन्तु ऐसा नहीं है भगवान् को यहाँ का भोग उसके स्वीकार करने योग्य ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है और वह वहां पहुंचता है किसी अन्य रूप में |तभी तो प्रसाद आदि को परम पवित्र माना जाता है और चढ़ाए पुष्प आदि को जलाया नहीं जा सकता |उसे स्वयं विघटित होने दिया जाता है |भगवान् को प्रदान की आ रही पूया की ऊर्जा का रूपांतरण उनके स्तर तथा लोक के अनुसार कुलदेवता और विश्वदेव करते हैं | उपाय ,पूजा -पाठ ,ऊर्जा रूपांतरण के सूत्र हमारे पूर्वज ऋषियों को ज्ञात थे और तदनुसार सभी प्रक्रिया ब्रह्माण्ड की ऊर्जा संरचना की क्रियाप्रणाली के आधार पर हमारे पूर्वज ऋषियों द्वारा बनाई गयी थी जो की आधुनिक वैज्ञानिकों से लाखों गुना श्रेष्ठ वैज्ञानिक थे |इस प्रणाली में एक त्रुटी पूरे तंत्र को बिगाड़ देती है |चूंकि यह प्रणाली प्रकृति की ऊर्जा संरचना पर आधारित है अतः यहाँ देवी -देवता भी हस्तक्षेप नहीं करते ,क्योंकि वह भी उन्ही सूत्रों पर चलते हैं |उनकी उत्पत्ति भी उन्ही सूत्रों पर आधारित है ,उन्हें भी उन्ही सूत्रों पर ऊर्जा दी जाती है ,उन्ही सूत्रों पर उन तक भी पूजा पहुँचती है |इस प्रकार ईष्ट चाहे कितना भी बड़ा हो ,देवी -देवता चाहे कितना ही शक्तिशाली हो कड़ियाँ टूटने पर कड़ियाँ नहीं बना सकता |सीधे कहीं हस्तक्षेप नहीं कर सकता |विरल स्थितियों में व्यक्ति विशेष के लिए इनके हस्तक्षेप होते हैं किन्तु यह हस्तक्षेप पित्र संतुष्टि अथवा देवताओं को पूजा मिलने को लेकर नहीं रहे हैं |पूजाओं की सबसे मूल कड़ी व्यक्ति के खानदान के मूल पूर्वज ऋषि के देवता या देवी होते हैं जिन्हें बाद में कुलदेवता /देवी कहा जाने लगा |इनका सीधा सम्बन्ध विश्वदेवा स्वरुप से होता है ,जो की पूजन स्थानान्तरण के लिए उत्तरदाई होते हैं |कुल देवता /देवी ब्रह्माण्ड की उच्च शक्तियों जिन्हें देवी /देवता कहा जाता है और मनुष्य के बीच की कड़ी हैं और यह पृथ्वी की ऊर्जा तथा ब्रह्मांडीय ऊर्जा के बीच सामंजस्य बनाते हैं |यह कड़ी जहाँ टूटी सबकुछ टूट जाता है और फिर चाहे कितनी भी पूजा - शान्ति कराई जाए देवताओं तक दी जा रही पूजा नहीं पहुँचती और वह असंतुष्ट ही रह जाते हैं या प्रसन्न नहीं होते | 👉कुलदेवता प्रत्येक वंश के उत्पत्ति कर्ता ऋषि के वह आराध्य हैं जिनकी आराधना उन्होंने अपने वंश की वृद्धि और रक्षा के लिए अपने वंश के लिए उपलब्ध सामग्रियों के साथ अपने लिए उपयुक्त समय में की थी |जिस ऋषि और वंश की जैसी प्रकृति ,कर्म और गुण थे वैसे उन्होंने अपने कुलदेवता और देवी चुने किन्तु यह ध्यान रखा की सभी शिव परिवार से ही हों |कारण की शिव परिवार ही उत्पत्ति और संहार दोनों करता है |इनके बीच के कर्म ही अन्य देवताओं के अंतर्गत आते हैं |दूसरा कि शिव परिवार ही ऊर्जा का वह माध्यम है जो ब्रह्माण्ड से लेकर पृथ्वी तक समान रूप से व्याप्त है 👉|तीसरा कि शिव परिवार की ऊर्जा ही पृथ्वी की सतह पर सर्वत्र व्याप्त है जो सतह पर पृथ्वी की ऊर्जा से मिलकर अलग स्वरुप ग्रहण करता है |चौथा पृथ्वी की समस्त सतही शक्तियाँ जैसे भूत ,प्रेत ,पिशाच ,ब्रह्म ,जिन्न ,डाकिनी ,शाकिनी ,श्मशानिक भैरव -भैरवी ,क्षेत्रपाल आदि सभी शिव के अधीन होते हैं | 👉इन कारणों से सभी कुलदेवता शिव परिवार से माने गए |कुलदेवता /देवी वह सेतु हैं जो व्यक्ति /वंश और ब्रह्माण्ड की ऊर्जा में समन्वय का काम करते हैं साथ ही यहाँ की स्थानिक शक्तियों से सुरक्षा भी करते हैं 👉|यह वह बैंक हैं जो मुद्रा विनिमय जैसी क्रिया कर आपके द्वारा प्रदत्त मुद्रा अर्थात पूजन -भोज्य -अर्पित पदार्थ को बदलकर आपके पितरों तक ,आपके ईष्ट तक पहुंचाते हैं |यह वह चौकीदार हैं जो आपके वंश की ,परिवार की ,व्यक्ति की सुरक्षा २४ घंटे और १२ महीने करते हैं ताकि आपको किसी नकारात्मक ऊर्जा से कष्ट न हो | 👉इनकी ठीक से पूजा न होने पर ,इन्हें भूल जाने पर यह असंतुष्ट या रुष्ट हो जाते हैं और पूजा ईष्ट तक नहीं जाने देते या नहीं भेजते |इसलिए उपाय काम नहीं करते |महामृत्युंजय कराइए किन्तु कुलदेवता यदि रुष्ट हैं तो महादेव तक जप नहीं जाएगा |महादेव का ही नियम है तो वह सीधे पूजा नहीं ले सकते |लाभ नहीं होगा | 👉आपके घर में किसी बड़ी नकारात्मक या आसुरी शक्ति का वास हो या कोई ब्रह्म -प्रेत -जिन्न -वीर -सहीद -सती -साईं आप द्वारा पूजा जाता हो तो यह धीरे -धीरे आपकी पूजा खुद लेने लगता है और अपनी शक्ति बढाता है जिससे कुलदेवता की पूजा बाधित होती है |कुछ समय बाद यह कुलदेवता का स्थान ले लेता है और कुलदेवता रुष्ट हो जाते हैं |अब सभी पूजा यह ले लेगा और आपके ईष्ट तक कोई पूजा नहीं पहुंचेगी |आप कोई उपाय करें ,कोई अनुष्ठान कराएं सफल नहीं होगा ,कोई पूजा करें देवता को नहीं मिलेगा |आप मात्र खुद को संतुष्टि देंगे यह मानकर की आप पूजा कर रहे या करा रहे पर परिणाम नहीं मिलेगा |अब यह भी शिव के ही गण हैं |इन्हें भी शिव ने ही बनाया है |कुलदेवता भी शिव के ही अंश हैं तो शिव सीधे कैसे हस्तक्षेप करें |कुलदेवता की ठीक से पूजा न हो रही हो और कोई आसुरी शक्ति का प्रवेश हो जाय तो कुछ समय बाद वह सभी पूजा लेने लगता है कुलदेवता स्थान छोड़ देते हैं |फिर वह शक्ति उनका स्थान ले लेता है ,जब उसकी पूजा बंद ,खानदान की समाप्ति शुरू | 👉कुलदेवता की अनुपस्थिति में पूजा ईष्ट तक नहीं जा रही और सभी उपाय असफल |एक तो कष्ट की समस्या दुसरे उपाय भी काम नहीं कर रहे | पितरों की असंतुष्टि भी कुलदेवता /देवी को रुष्ट कर देती है क्योंकि इन पितरों द्वारा वह पूजित हुए होते हैं |पितरों का सीधा सम्बन्ध कुलदेवता से होता है |कुलदेवता /देवी रुष्ट तो वह सहायक नहीं होते और तब कोई पूजा -पाठ फलित नहीं होता |उपायों की असफलता का एक कारण किसी देवी -देवता का क्रोध भी हो सकता है |यदि कभी किसी संकल्पित अनुष्ठान या पूजा में कोई गलती हो गयी हो अथवा आपने या आपके पूर्वजों ने किसी देवी -देवता की मनौती आदि मानी हो और पूर्ण न की हो तो कोई देवी -देवता रुष्ट और क्रोधित हो सकता है |आज्ज आपको पता नहीं ,याद नहीं किन्तु इसका परिणाम आप भुगतते हैं |उपाय या पूया -पाठ किये जाने पर यह उसमे व्यवधान उत्पन्न करते हैं साथ ही उत्पन्न उर्जा का कुछ अंश भी खींच लेते हैं जिससे उपाय की शक्ति कम हो जाती है और लक्ष्य की दिशा में पर्याप्त शक्ति न लग पाने से उपाय असफल हो जाता है |यह स्थिति होने पर कुछ संकेत भी मिलते हैं और बार -बार एक ही प्रकार के स्वप्न अथवा घटनाएं आती हैं | आप ध्यान दीजिये ,जब आप किसी पूजा -पाठ -अनुष्ठान का संकल्प लेते हैं तो उसमे शब्द आते हैं ,स्थान देवता ,ग्राम देवता ,क्षेत्रपाल ,कुलदेवता तब ईष्ट देवता |अब आप सोचिये स्थान देवता की जगह कोई स्थानीय नकारात्मक शक्ति प्रभावी है ,ग्राम देवता को आप नहीं जानते या ठीक से पूज नहीं रहे |क्षेत्रपाल को आप नहीं जानते |आपके कुलदेवता /देवी रुष्ट हैं या कोई अन्य शक्ति आपके घर में प्रभावी है जो पूज्जा ले रही या आप अपनी गलतियों से किसी ऐसी शक्ति को पूज रहे अपने स्वार्थ में जो नैसर्गिक देवता की श्रेणी में नहीं आता ,तो आपके कुलदेवता आपका साथ छोड़ चुके हैं |ऐसे में अब कड़ी तो टूट गयी |आपकी पूजा वातावरण में बिखर जायेगी |अब आपके पूर्वज ऋषि मूर्ख तो थे नहीं जो उन्होंने पूजा -अनुष्ठान के संकल्प में इन लोगों का आह्वान किया था हमेशा |वह जानते थे की यह एक श्रृंखला है जो पूजा की ऊर्जा को ईष्ट तक पहुंचाती है ,तभी उन्होंने इसे सभी पूजा से जोड़ा था |आधुनिक लोग मन से भगवान् को मानने को ही मुख्य मान लिए और नियमों की अनदेखी की जिससे निष्काम पूजन तो ठीक ,किन्तु सकाम पूजन असफल होने लगे |सकाम पूजन के अपने नियम होते हैं और उन्हें उसी रूप में करना होता है यदि कोई विशिष्ट उद्देश्य है तो |उपाय इसी श्रेणी में आते हैं अतः यह असफल हो जाते हैं कड़ी टूटने पर ,फिर चाहे कितनी भी अधिक पूजा -जप किया जाए या किसी भी शक्ति को पूजा जाए | 👉उपायों की असफलता का एक कारण यह भी होता है की जितनी ऊर्जा की आवश्यकता किसी कार्य की सफलता के लिए चाहिए होती है यदि उतनी ऊर्जा उपाय से न उत्पन्न हो तो वह कार्य सफल नहीं होता और उपाय की ऊर्जा व्यर्थ चली जाती है |किसी ग्रह की शान्ति के लिए शास्त्र में ६००० जप लिखा है तो कलयुग में इसका फल पाने के लिए आपको २४ हजार जप करना होगा |खुद जप करना होगा तभी ६००० का फल मिलेगा |आप किसी और से जप कराते है तो आपको उसका छठा हिस्सा ही मिलता है जबकि छठा हिस्सा जप करने वाले के हिस्से चला जाता है भले वह सम्पूर्ण जप का फल संकल्प से आपको दे दे |चार हिस्से विभिन्न शक्तियों के लिए चले जाते हैं |इस प्रकार २४ हजार जप कराने पर आपको मात्र ४००० जप का परिणाम मिला |पूरे २४ हजार जप का फल पाने के लिए आपको १४४००० जप कराने होंगे |तब जाकर आपका उद्देश्य पूरा होगा नियमतः |अब यहाँ एक समस्या और है की यदि किन्ही कारणों से यह जप से उत्पन्न ऊर्जा किसी शक्ति द्वारा कुछ हद तक भी रोक दी जाए या ले ली जाए या इसमें कमी कर दी जाए तो आपको लाभ नहीं होगा क्योंकि आपकी जरूरत १४४००० की है |१४३००० पर आपका कार्य असफल हो आएगा और पूजा आपके लिए व्यर्थ हो जायेगी उद्देश्य विशेष के लिए |इसे रोकने या बीच में लेने का कार्य घर या स्थान पर सक्रीय नकारात्मक शक्तियाँ करती हैं जो नहीं चाहती की व्यक्ति उनके प्रभाव से मुक्त हो सुखी हो | 👉उपाय आदि एक तकनिकी कार्य है |यहाँ मात्र भावनाओं का कोई महत्त्व नहीं होता ,क्योंकि आप एक ऊर्जा को पूजा या क्रिया से उत्पन्न कर अपने उद्देश्य के लिए किसी अन्य जगह भेज रहे |साथ में आप कह रहे की आपका अमुक कार्य हो अर्थात आप एक लक्ष्य को इंगित कर रहे |ऐसे में मात्र एक शब्द की त्रुटी आपका काम भी बिगाड़ सकती है और आपका अहित भी कर सकती है |एक गलत आचरण आपकी हानि कर सकती है ,क्योंकि उतन्न ऊर्जा कहीं तो लगनी है या बिखरनी है |उर्जा या शक्ति अनियंत्रित हुई तो हानि करेगी |शब्द ,क्रिया ,पदार्थ ,आचरण ,कर्म सबकुछ इस अवधि में सही होने चाहिए |उपायों में विशिष्ट प्रकार की शक्ति उत्पन्न होती है जो आपके लक्ष्य के अनुसार ही विशिष्ट कार्य करती है ,इसलिए यह पूरी दक्षता से होनी चाहिए |इसमें त्रुटी का कोई स्थान नहीं होता |अक्सर उग्र शक्ति की पूजा करते हुए लोग एक उद्देश्य भी रखते हैं और साथ ही यह भी मानकर चलते हैं की यह माँ है या पिता है जो गलती को क्षमा करेगा |उद्देश्य विशेष की पूजा में क्षमा नहीं होता क्योंकि आप निःस्वार्थ प्रेम या स्मरण नहीं कर रहे |आप तो स्वार्थ में पूज रहे और उसकी शक्ति को किसी उद्देश्य में लगाना चाह रहे |ऐसे में कोई गलती वह क्षमा नहीं करता और आपको गलती के अनुसार सजा भी मिलती है | 👉कभी -कभी उपाय करने पर समस्या और बढ़ जाती है |कारण यह होता है की उपाय करते समय गलती हो जाती है और ऊर्जा अनियंत्रित हो खुद का ही अहित कर जाती है |कभी -कभी ऐसा भी होता है की घर में उपस्थित किसी शक्ति को आपके उपाय और पूजा पाठ से कष्ट होता है और वह उपद्रव शुरू कर देता है ,ताकि आप उपाय या पूजा पाठ बंद कर दें |उपाय से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है जबकि यह शक्तियाँ नकारात्मक गुण की होती है ,इसलिए इन्हें कष्ट होता है और यह उपद्रव करती हैं |आप सोचते हैं की उपायों से हानि हो रही और आप उपाय बंद कर देते हैं |स्थिति यथावत बनी रहती है और समस्या जस की तस |जब -जब पूजा -पाठ होता है घर में समस्याएं और बढ़ जाती हैं |कभी -कभी ढेर सारे उपाय करने पर ,बड़े -बड़े अनुष्ठान करने पर भी परिणाम नहीं मिलता |समझ नहीं आता की आखिर यह हो क्या रहा और पूजा जा कहाँ रही |यह भी इन नकारात्मक शक्तियों के कारण होता है जो पूजा खुद लेते हुए अपनी शक्ति बढाते हैं और खुद को देवता की तरह व्यक्त करते हैं | 👉अंत में समाधान की बात |कोई पंडित ,कोई ज्योतिषी ,कोई तांत्रिक आपके कुलदेवता /देवी को संतुष्ट नहीं कर सकता ,उन्हें वापस नहीं ला सकता |वह मात्र उपाय कर सकता है ,उपाय बता सकता है किन्तु वह तभी सफल होगा जब उपरोक्त स्थितियां न हों |कुलदेवता /देवी की संतुष्टि आपको करनी होगी ,उनकी रुष्टता आप ही दूर कर सकते हैं ,अगर वह खानदान छोड़ चुके हैं तो उन्हें आप ही ला सकते हैं या उनकी अन्य रूप में स्थापना आप ही कर सकते हैं |आपको ही यह करना होगा ,दूसरा इनमे कुछ नहीं कर सकता |अगर आपके घर में किसी अन्य शक्ति का वास है अथवा आपके घर में किसी अन्य शक्ति को जैसा उपर लिखा गया है ,को पूजा जा रहा है तो आपको ही उसका समाधान निकालना होगा कुछ इस तरह की सांप भी मर जाय और लाठी भी न टूटे |आप स्वयं कभी किसी प्रेतिक ,पैशाचिक ,श्मशानिक शक्ति को घर में स्थान न दें न तो तात्कालिक लाभ के लिए कोई वचनबद्ध पूजा करें |यदि आप उपरोक्त परिस्थिति में हैं तो अपने घर में ऐसी शक्ति की स्थापना करें जो कुलदेवता /देवी और पितरों को प्रसन्न /संतुष्ट करे ,उन तक तालमेल उत्पन्न करे ,प्रेतिक या श्मशानिक या पैशाचिक या अन्य शक्ति के प्रभाव को कम करते हुए समाप्त करे |यह शक्ति पितरों को भी संतुष्ट करे और उनकी मुक्ति में भी सहायक हो यह देखना भी अति आवश्यक है | यहाँ मूल चरण यह होगा की ऐसी शक्ति की स्थापना हो जो कुलदेवता /देवी की भी कमी पूरी करते हुए उनका रिक्त स्थान पूर्ण करें |यह शक्ति ऐसी हो की घर में या व्यक्ति पर प्रभावी किसी भी तरह की नकारात्मक शक्ति के प्रभाव को रोकने की क्षमता रखे और उन्हें हटा सके ,साथ ही उस नकारात्मक शक्ति को भी घर में इनकी स्थापना स्वीकार्य हो |उन्हें यह न लगे की किसी प्रकार का व्यवधान उनके लिए उत्पन्न किया जा रहा ,हालांकि व्यवधान होगा ही उनके लिए किन्तु धीरे -धीरे |यह शक्ति ऐसी भी होनी चाहिए की घर में या व्यक्ति द्वारा भूल वश या स्वार्थ वश या पूर्वज्जों की गलती वश किसी भी कारण पूजी जा रही किसी शक्ति को भी हटाने की क्षमता रखे |इसके बाद अपने कुलदेवता /देवी को स्थान दे ,नियमानुसार उनकी पूजा करें |यदि उनका पता आपको नहीं चलता कि कौन आपके कुलदेवता /देवी हैं या थे तो उपर कही गयी शक्ति की स्थापना करें जो इनकी कमी पूरी कर दे और वही रूप ले ले जो कल के कुलदेवता /देवी की थी |तब जाकर आपके उपाय भी सफल होंगे और आपकी पूजा भी आपके ईष्ट तक पहुंचेगी | 👉यह शक्ति ऐसी भी होनी चाहिए की यह स्वयं में पूर्ण हो और मोक्ष भी दे सके इतने उच्च स्तर की हो |यह बीच की टूटी सभी कड़ियों को खुद में समाहित रखते हुए मात्र नाम से दी जा रही पूजा को भी पूर्ण कर सके अर्थात इसी शक्ति में अन्य देवताओं जैसे स्थान देवता ,ग्राम देवता ,क्षेत्रपाल ,कुलदेवता /देवी सबका आह्वान हो सके |इसका एक आधार हो और नियमित पूजा हो तो उपाय भी काम करेंगे ,नकारात्मक शक्तियाँ भी हटेंगी ,पित्र भी संतुष्ट होंगे और ईष्ट प्रसन्नता भी हो जायेगी

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2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 ॐ-आज दिनांक--25.01.202-ॐ श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शुभ सोमवार - शुभ प्रभात् संपूर्ण ज्योतिष वास्तु परामर्श प्रभावी समाधान ____________________________________ -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ____________________________________ _____________आज विशेष_____________ कुछ उपयोगी वास्तु सुझाव जो हर परिवार की जानकारी में होने चाहिये ____________________________________ आज दिनांक.......................25.01.2021 कलियुग संवत्...............................5122 विक्रम संवत................................ 2077 शक संवत....................................1942 संवत्सर...................................श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल.......................................... दक्षिण ऋतु.......................................... शिशिर मास............................................. पौष पक्ष.............................................शुक्ल तिथि......द्वादशी. रात्रि. 12.24 तक/ त्रयोदशी वार..........................................सोमवार नक्षत्र........ मृगशिरा. रात्रि. 1.54 तक / आर्द्रा चंद्र राशि..... .वृषभ. रात्रि. 1.02 तक / मिथुन योग........... ..ऐंद्र. रात्रि. 10.27 तक / वैधृति करण.................. .बव. पूर्वाह्न. 11.45 तक करण....... बालव. रात्रि. 12.24 तक / कौलव ____________________________________ सूर्योदय............................. 7.18.32 पर सूर्यास्त.............................. 6.09.23 पर दिनमान............................... 10.50.51 रात्रिमान............................... 13.08.50 चंद्रोदय................. प्रातः 3.02.15 PM पर चंद्रास्त................ रात्रि. 5.10.41 AM पर सूर्य........................ .(मकर) 9.11.10.21 चंद्रमा........................(वृष) 1.27.04.18 राहुकाल....... प्रातः 8.40 से. 10.01(अशुभ) यमघंट......पूर्वाह्न.11.23 से 12.44 (अशुभ) अभिजित.......(मध्या)12.22 से 01.06 तक पंचक................................. आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास).............. आज है दिशाशूल................................ पूर्व दिशा दोष निवारण...... दूध का सेवन कर यात्रा करें ___________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक *दिवा-कालीन* अमृत................प्रातः. 7.19 से 8.40 तक शुभ...............प्रातः 10.01 से 11.23 तक चंचल..............अपरा. 2.05 से 3.27 तक लाभ................अपरा. 3.27 से 4.48 तक अमृत..................सायं.4.48 से 6.09 तक *रात्रि कालीन* चंचल...........सायं-रात्रि. 6.09 से 7.48 तक लाभ........रात्रि 11.05 से. 12.44 AM तक शुभ........रात्रि. 2.22 AM से 4.01AM तक अमृत.....रात्रि. 4.01 AM से 5.40 AM तक चंचल.....रात्रि. 5.40 AM से 7.18 AM तक ____________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ____________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 01.02 PM तक---मृगशिरा ---2-----(वो) _______सभी की राशि वृषभ रहेगी ________ ____________________________________ 07.19 PM तक---मृगशिरा ---3-----(क) 01.54 AM तक---मृगशिरा ---4-----(की) पाया - स्वर्ण उपरांत रात्रि तक------आर्द्रा ---1-----(कू) (पाया-चांदी) _______सभी की राशि मिथुन रहेगी________ ___________________________________ ____________आज का दिन_____________ व्रत विशेष......................................नहीं दिन विशेष......... कुंभे बुध.. सायं. 4.54 पर दिन विशेष... उषायां शुक्र. पूर्वाह्न. 11.38 पर सर्वा.सि.योग.. प्रातः7.18 से रात्रि.1.54 AM सिद्ध रवियोग..................................नहीं ___________________________________ _____________कल का दिन____________ दिनांक.............................26.01.2021 तिथि............पौष शुक्ला त्रयोदशी मंगलवार व्रत विशेष.............................भौम प्रदोष दिन विशेष.................राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस दिन विशेष......रोहिण्यां राहु. रात्रि. 3.47 पर सर्वा.सि.योग..................................नहीं सिद्ध रवियोग....... रात्रि. 3.11 से रात्रि पर्यंत ____________________________________ _____________आज विशेष _____________ कुछ उपयोगी वास्तु सुझाव और जानकारियां.. .• मकान के जिस कोने में दोष हो, वहां शंख बजाना चाहीये .• घर में दुध वाले वृक्ष से गृहस्वामी फेफडे एवं किडनी के रोग से ग्रस्त होते है । .• घर में बंद पडी घडी भाग्य को अवरुद्ध करती है । .• पूजा स्थल में सुबह शाम दीपक जलाना सौभाग्य वर्धक है । .• पलंग के नीचे सामान या चप्पल रखने से ऊर्जा का बहाव अधिक होता है । .• ओफिस में पीठ के पीछे पुस्तक की अलमारी न रखे । .• मुकदमे या विवाह से संबंघित फाईल तिजोरी या लोकर में न रखे । .• पूजा स्थल के उपर कोई भी वस्तु न रखे । .• पूर्वज के चित्र पूजा कक्ष में रखने से घर में क्लेश एवं रोग होता है । .• घर में पूर्वज के चित्र नैऋत्य कोने या पश्चिम में रखे । • प्रस्थान के वक्त जुत्ते-चप्पल का नाम लेना अशुभ है । .• तुटा हुआ दर्पण ( आयना ) घर में न रखे । .• बेड रुम में डबल बेड पर दो अलग-अलग गद्दे रखने से तनाव एवं दंपति में दरार पडती है। .• बीम के नीचे डाईनींग टेबल रखने से उधार रकम वापस नही आती । .• शयन कक्ष में जल तथा दर्पण अशुभ है । .• छत पर उल्टा मटका रखने से राहु ग्रह कुपित होता है । .परेशानी आती है । .• भारी अलमारी या फर्निचर घर में दक्षिण या पश्चिम में रखे .• शयनकक्ष, रसोई गृह एवं भोजन कक्ष बीम रहित होना चाहिए । .• तेजस्वी संतान प्राप्ति के इच्छुक दंपत्ति को एक थाली में भोजन नही करना । .उत्तर या पूर्व दिशा की ओर तिजोरी का पल्ला खुलना सबसे उत्तम है I .• किसीभी कक्ष या शयन कक्ष में दरवाजे के पीछे कपडे आदि कुछ भी लटकाना नही चाहीये । .• सीढीयों के नीचे बैठकर कोइ भी काम न करे। .• प्रत्येक रविवार को बच्चों को दूध-रोटी और शक्कर अलग अलग या मिलाकर खिलाने से मेघा शक्ति बढती है .• मुकदमा–विवाद या झघडे के कागजात उत्तर, पूर्व या ईशान दिशामें रखने से फैसले जल्दी आते है । .• शयन कक्ष में झुठे बर्तन रखने से कारोबार में कमी आती है और कर्ज बढता है । .• ईशान कोने में कचरा जमा होता है, तो शत्रु वृद्धि होती है । .• उपहारमें आये चाकु – कैंची आदि न रखे । .• एक ही लाईन में तीन व्यक्ति का फोटो न रखे । .• इशान कोने में वजन रखना अशुभ है एवं नैऋत्यमें जितना भार हो उतना अच्छा है । .• रसोई घरमें पूजा स्थान रखने से गृह स्वामी धोखा खाता है । .• धन तेरस को खरीदे गये या नये बर्तनो को घर पर खाली नही ले जाना, फल-फुल या मिठाइयां डालना, कुछ न हो तो सिक्के डालकर ले आनI .• दो अंगुली से पकडकर नोट लेना अशुभ है, लेन-देन पांचो अंगुलीओ से करनी चाहीए । .• कार्यालय या ओफिस में आगन्तुको की कुर्सीयो से अपनी कुर्सी कुछ उंची रखे । .• हंमेशा शिकायत करने से – रोने से घरमें हानिकारक नकारात्मक उर्जा पैदा होती है .• घरकी देहली के अंदर खडे रहकर दान देना चाहिये । .• स्नान कीये बिना दुकान नही जाना चाहीये । .• फोटो आदि को दक्षिण दिवार पर लगाना चाहीये । .• किसी भी शुभ चोघडीये में पीसी गई हल्दी में गंगा-जल मिलाकर मुख्य द्वार के दोनो तरफ ॐ बनाने से अनर्थ संभावना समाप्त हो जाती हैI .• घरमें बिल्ली का विष्टा करना शुभ सुचक है । .• ईशान या उत्तर में तुलसी का पौधा लगाने से उधारी दूर होती है । .• धन प्राप्त करना हो तो दरवाजो को पैर से खोल-बंध न करे । .• शीशम के पन्नो को (पत्ते) सिरहाने रखने से स्वप्न दोष समाप्त हो जाता है । .• बुधवार को पैसे, पुस्तक, स्कुटर, पंखे आदि कुछ भी उधार देना नही चाहिये । .• दो दर्पण आमने सामने नही रखने चाहिये । .• अनजाने कुत्ते का पीछे आना शुभ सूचक है । .• चाय देते समय केतली या जग की नली महेमानो की तरफ रखने से आपस में गलतफहमी हो जाती है । .• नूतन घर में पुराना झाडु ले जाना अशुभ है । .• घर में चमगादडो का मंडराना या वास करना महा अशुभ कारक है। *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ________________________________________ आज का राशिफल... मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज आप अपने ख़राब मूड को शादीशुदा ज़िंदगी में तनाव का कारण न बनने दें। इससे बचने की कोशिश करें, नहीं तो बाद में पछताना पड़ेगा। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। आज हो सकता है कि पहली नज़र में ही आपको कोई पसंद कर ले। रचनात्मक काम में लगे लोगों के लिए सफलता से भरा दिन है, उन्हें वह शौहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें एक अरसे से तलाश थी। घर के छोटे सदस्यों को साथ लेकर आज आप किसी पार्क या शॉपिंग मॉल में जा सकते हैं। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज के दिन दूसरों के साथ ख़ुशी बांटने से सेहत और खिलेगी। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। दोस्तों और परिवार के साथ मज़ेदार समय बीतेगा। सारी दुनिया की मदहोशी उन ख़ुशनसीबों के बीच सिमट जाती है, जो प्यार में हों। जी हाँ, आप वही ख़ुशनसीब हैं। आप पाएंगे कि आज लंबे वक़्त से अ‍टके कई सारे छोटे-छोटे, लेकिन अहम काम आप निबटाने में क़ामयाब हो रहे हैं। परिवार की जरुरतों को पूरा करते-करते आप कई बार खुद को वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप सबसे दूर होकर अपने आप के लिए वक्त निकाल पाएंगे। यह आपके पूरे वैवाहिक जीवन के सबसे ज़्यादा स्नेहपूर्ण दिनों में से एक हो सकता है। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आप अपनी क्षमताओं को पहचानें, क्योंकि आपके अन्दर ताक़त की नहीं बल्कि इच्छा-शक्ति की कमी है। ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। नए पारिवारिक व्यवसाय को शुरू करने के लिए शुभ दिन है। इसे सफल बनाने के लिए दूसरे सदस्यों की भी मदद लें। आज अपने प्रिय को माफ़ करना न भूलें। इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में आवश्यकता से अधिक बोलने से बचना चाहिए नहीं तो आपकी छवि पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इस राशि के कारोबारियों को किसी पुराने निवेश की वजह से आज घाटा होने की संभावना है। अंजान लोगों से बात करना ठीक है लेकिन उनकी विश्वसनियता जाने बिना उनको अपने जीवन की बातें बताकर आप अपना वक्त ही जाया करेंगे और कुछ नहीं। जीवनसाथी के साथ कुछ तनातनी मुमकिन है, लेकिन शाम के खाने के साथ चीज़ें भी सुलझ जाएंगी। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज आपको महत्वपूर्ण निर्णय लेने होंगे, जिसके चलते आपको तनाव और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। आपकी लगन और मेहनत पर लोग ग़ौर करेंगे और आज इसके चलते आपको कुछ वित्तीय लाभ मिल सकता है। हो सकता है कि आप अपने परिवार के लोगों की सभी बातों से सहमत न हों, लेकिन आपको उनके तजुर्बे से सीखने की कोशिश करनी चाहिए। सोशल मीडिआ पर अपने प्रिय के पिछले 2-3 संदेश देखिए, आपको एक ख़ूबसूरत ताज्जुब का एहसास होगा। अगर आपको एक दिन की छुट्टी पर जाना है तो चिंता न करें, आपकी ग़ैरहाज़िरी में सभी काम ठीक से चलते रहेंगे। और अगर किसी ख़ास वजह से कोई परेशानी खड़ी भी हो जाए, तो आप लौटने पर उसे आसानी से हल कर लेंगे। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। शादी के बाद वैवाहिक जीवन में प्यार सुनने में मुश्किल ज़रूर लगता है, लेकिन आप आज महसूस करेंगे कि यह मुमकिन है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) मानसिक स्पष्टता के लिए भ्रम और निराशा से बचने की कोशिश करें। आज आपके माता-पिता में से कोई आपको धन की बचत करने को लेकर लेक्चर दे सकता है, आपको उनकी बातोें को बहुत गौर से सुनने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में परेशानी आपको ही उठानी पड़ेगी। जीवनसाथी और बच्चों से अतिरिक्त स्नेह और सहयोग मिलेगा। अपने प्रिय को समझने की कोशिश करें, नहीं तो मुश्किल में फँस सकते हैं। किसी भी तरह की साझीदारी करने से पहले उसके बारे में अपनी अंदरूनी भावना की बात ज़रूर सुनें। घर के कामों को पूरा करने के बाद इस राशि की गृहणियां आज के दिन फुर्सत में टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देख सकती हैं। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आप क़िस्मत के भरोसे न बैठें और अपनी सेहत सुधारने के लिए ख़ुद मेहनत करें, क्योंकि हाथ पर हाथ रखे रहने से कुछ नहीं होने वाला। अब वक़्त आ गया है कि आप अपना वज़न क़ाबू में करें और स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम का सहारा लें। ख़र्चों पर क़ाबू रखने की कोशिश करें और सिर्फ़ ज़रूरी चीज़ें ही ख़रीदें। आपकी स्वच्छन्द जीवनशैली घर में तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए देर रात तक बाहर रहने और ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। अपने प्रिय के साथ सैर-सपाटे पर जाते समय ज़िंदगी को पूरी शिद्दत से जिएँ। यह उन कुछ दिनों में से एक है, जब आपकी रचनात्मकता अपने चरम पर होगी। आज आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे और आप जिन कामों को करने के लिए चुनेंगे, वे आपको उम्मीद से ज़्यादा फ़ायदा देंगे। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज जैसे ही आप हालात पर पकड़ बनाने की कोशिश शुरू करेंगे, आपकी घबराहट ग़ायब हो जाएगी। जल्दी ही आप पाएंगे कि यह परेशानी साबुन के उस बुलबुले की तरह है, जो छूते ही फूट जाता है। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। अगर आप दफ़्तर में अतिरिक्त समय लगाएंगे, तो आपकी घरेलू ज़िंदगी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। अपने सहज मित्रों के साथ अभद्र व्यवहार न करें। भागीदार आपकी योजनाओं और व्यावसायिक ख़यालों के प्रति उत्साही होंगे। उन लोगों से मेलजोल बढ़ाने से बचें जिनके साथ आपका वक्त खराब होता है। जीवनसाथी की ओर से मिले तनाव के चलते सेहत पर बुरा असर पड़ना मुमकिन है। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। घर से जुड़ी योजनाओं पर विचार करने की ज़रूरत है। आज आप अपने दोस्त की महक उसकी अनुपस्थिति में महसूस करेंगे। कार्यक्षेत्र की बात करें तो आपकी टीम का सबसे ज़्यादा खीझने वाला व्यक्ति काफ़ी समझदारी की बातें करता नज़र आ सकता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि यारी-दोस्ती के चक्कर में इन कीमती पलों को खराब न करें। यार दोस्त आने वाले वक्त में भी मिल सकते हैं लेकिन पढ़ाई के लिए यही समय सबसे सही है। कोई पुराना दोस्त आपके और आपके जीवनसाथी की साझा यादों को तरोताज़ा कर सकता है। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आपकी सबसे बड़ी पूंजी आपकी हँसने-हँसाने की शैली है, अपनी बीमारी को ठीक करने के लिए इसका उपयोग करके देखें। आज सिर्फ़ बैठने की बजाय कुछ ऐसा कीजिए जो आपकी कमाई में इज़ाफ़ा कर सके। पारिवारिक सदस्यों की मदद आपकी ज़रूरतों का ख़याल रखेगी। प्यार के नज़रिए से देखें तो आज आप जीवन के रस का भरपूर आनन्द लेने में सफल रहेंगे। जो आपकी सफलता के आड़े आ रहे थे, वे आपकी आँखों के सामने ही नीचे को खिसकेंगे। इस राशि के जातक आज लोगों से मिलने से ज्यादा अकेले में वक्त बिताना पसंद करेंगे। आज आपका खाली समय घर की सफाई में बीत सकता है। आपका जीवनसाथी आपको प्यार का एहसास देना चाहता है, उसकी मदद करें। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आप आज ऊर्जा से भरपूर होंगे और कुछ असाधारण करेंगे। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से धन लाभ होने की संभावना है। आपका आकर्षक स्वभाव और ख़ुशमिज़ाज व्यक्तित्व नए दोस्त बनाने में आपकी मदद करेगा और आपके सम्पर्क में इज़ाफ़ा करेगा। भावनात्मक उथल-पुथल आपको परेशान कर सकती है। संयम और साहस का दामन थामे रखें। ख़ास तौर पर तब जब दूसरे आपका विरोध करें, जिसकी कामकाज के दौरान संभावना है। किसी वजह से आज आपके ऑफिस में जल्दी छुट्टी हो सकती है इसका आप फायदा उठाएंगे और अपने परिवार के लोगों के साथ कहीं घूमने जाएंगे। आप अपने जीवनसाथी को समझने में आपसे ग़लती हो सकती है, जिसकी वजह से सारा दिन उदासी में गुज़रेगा। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आपके लिए आज ख़ास दिन है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य आपको कुछ असाधारण काम करने की क्षमता देगा। आप जीवन में पैसे की अहमियत को नहीं समझते लेकिन आज आपको पैसे की अहमियत समझ में आ सकती है क्योंकि आज आपको पैसे की बहुत आवश्यकता होगी लेकिन आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से मिली आकस्मिक अच्छी ख़बर आपके पूरे परिवार के लिए ख़ुशी के लम्हे लाएगी। अपनी व्यक्तिगत भावनाएँ और गोपनीय बातें अपने प्रिय से बाँटने का सही समय नहीं है। जल्दबाज़ी में फ़ैसले न करें, ताकि ज़िन्दगी में आगे आपको पछताना न पड़े। जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद होने की काफ़ी संभावना है। बिना किसी का साथ पाये भी आजके दिन का आप भरपूर आनंद उठा पाएंगे। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज चूंकि यात्रा के लिहाज़ से आप अभी कुछ कमज़ोर हैं, इसलिए लंबी यात्राओं से बचने की कोशिश कीजिए। ख़र्चों में इज़ाफ़ा होगा, लेकिन साथ ही आमदनी में हुई बढ़ोत्तरी इसको संतुलित कर देगी। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। नए प्रेम-संबंधों के बनने की संभावना ठोस है, लेकिन व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारियों को उजागर करने से बचें। अपने बच्चों को आज समय का सदुपयोग करने की सलाह दे सकते हैं। अगर आप अपने मन की सुनें, तो यह दिन ख़रीदारी के लिहाज़ से अच्छा है। आपको कुछ अच्छे कपड़ों और जूतों की ज़रूरत भी है। ___________________________________: - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) ____________________________________

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Pt Vinod Pandey 🚩 Jan 23, 2021

🌞 ~ आज का हिन्दू #पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 24 जनवरी 2021 ⛅ दिन - #रविवार ⛅ विक्रम संवत - 2077 ⛅ शक संवत - 1942 ⛅ अयन - उत्तरायण ⛅ ऋतु - शिशिर ⛅ मास - पौष ⛅ पक्ष - शुक्ल  ⛅ तिथि - एकादशी रात्रि 10:57 तक तत्पश्चात द्वादशी ⛅ नक्षत्र - रोहिणी रात्रि 12:00 तक तत्पश्चात मॄगशिरा ⛅ योग - ब्रह्म रात्रि 10:30 तक तत्पश्चात इन्द्र ⛅ राहुकाल - शाम 05:01 से शाम 06:24 तक ⛅ सूर्योदय - 07:19  ⛅ सूर्यास्त - 18:22  ⛅ दिशाशूल - पश्चिम दिशा में ⛅ व्रत पर्व विवरण - पुत्रदा एकादशी   💥 विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति। रमे रामे मनोरमे।। सहस्त्र नाम त तुल्यं। राम नाम वरानने।। 💥 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l 💥 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए। 💥 एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है। एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है। 💥 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं। 🌷 आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो 🌷 ➡ 26 जनवरी 2021 मंगलवार को भौम प्रदोष योग है। 🙏🏻 किसी को आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो भौम प्रदोष योग हो, उस दिन शाम को सूर्य अस्त के समय घर के आसपास कोई शिवजी का मंदिर हो तो जाए और ५ बत्ती वाला दीपक जलाये और थोड़ी देर जप करें : 👉🏻 ये मंत्र बोले :– 🌷 ॐ भौमाय नमः 🌷 ॐ मंगलाय नमः 🌷 ॐ भुजाय नमः 🌷 ॐ रुन्ह्र्ताय नमः 🌷 ॐ भूमिपुत्राय नमः 🌷 ॐ अंगारकाय नमः 👉🏻 और हर मंगलवार को ये मंगल की स्तुति करें:- 🌷 धरणी गर्भ संभूतं विद्युत् कांति समप्रभम। कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगलम प्रणमाम्यहम।। 🌷 पुत्रदा एकादशी 🌷 🙏🏻 पुत्रदा एकादशी ( पुत्र की इच्छा से व्रत करनेवाला पुत्र पाकर स्वर्ग का अधिकारी हो जाता है। सब पापों को हरनेवाले इस व्रत का माहात्म्य पढ़ने व सुनने से अग्निष्टोम यज्ञ का फल मिलता है। )  🌷 कर्ज-निवारक कुंजी भौम प्रदोष व्रत 🌷 🙏🏻 त्रयोदशी को मंगलवार उसे भौम प्रदोष कहते हैं ....इस दिन नमक, मिर्च नहीं खाना चाहिये, इससे जल्दी फायदा होता है। मंगलदेव ऋणहर्ता देव हैं। इस दिन संध्या के समय यदि भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तो भोलेनाथ की, गुरु की कृपा से हम जल्दी ही कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। इस दैवी सहायता के साथ थोड़ा स्वयं भी पुरुषार्थ करें। पूजा करते समय यह मंत्र बोलें – 🌷 मृत्युंजयमहादेव त्राहिमां शरणागतम्। जन्ममृत्युजराव्याधिपीड़ितः कर्मबन्धनः।।    🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- 👇🏻 https://chat.whatsapp.com/JUHz5Z8J6yYHqEmBW2JjXx

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Pt Vinod Pandey 🚩 Jan 23, 2021

🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄 #सुप्रभातम 🌄 🗓 आज का #पञ्चाङ्ग 🗓 🌻रविवार, २४ जनवरी २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०७:२२ सूर्यास्त: 🌅 ०५:४७ चन्द्रोदय: 🌝 १३:५२ चन्द्रास्त: 🌜०४:११ अयन 🌕 उत्तराणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ❄️ शिशिर शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 पौष पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 एकादशी (२२:५७ तक) नक्षत्र 👉 रोहिणी (००:०१ तक) योग 👉 ब्रह्म (२२:३० तक) करण 👉 वणिज (१०:०० तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मकर चंद्र 🌟 वृष मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 मकर (उदय, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 मकर (अस्त, पश्चिम, मार्गी) शुक्र 🌟 धनु (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०८ से १२:५० अमृत काल 👉 २०:२९ से २२:१५ द्विपुष्कर योग 👉 ००:०१ से ०७:११ रवियोग 👉 ०७:११ से ००:०१ विजय मुहूर्त 👉 १४:१५ से १४:५७ गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:३६ से १८:०० निशिता मुहूर्त 👉 ००:०२ से ००:५६ राहुकाल 👉 १६:२७ से १७:४७ राहुवास 👉 उत्तर यमगण्ड 👉 १२:२९ से १३:४९ होमाहुति 👉 शनि दिशाशूल 👉 पश्चिम नक्षत्र शूल 👉 पश्चिम (००:०१ तक) अग्निवास 👉 आकाश भद्रावास 👉 स्वर्ग (१०:०० से २२:५७) चन्द्रवास 👉 दक्षिण 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - उद्वेग २ - चर ३ - लाभ ४ - अमृत ५ - काल ६ - शुभ ७ - रोग ८ - उद्वेग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - शुभ २ - अमृत ३ - चर ४ - रोग ५ - काल ६ - लाभ ७ - उद्वेग ८ - शुभ नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 दक्षिण-पूर्व (पान का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ पुत्रदा एकादशी व्रत (सभी के लिये) आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज ००:०१ तक जन्मे शिशुओ का नाम रोहिणी नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (वा, वी, वू) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमश (वे) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मकर - ०६:३८ से ०८:१९ कुम्भ - ०८:१९ से ०९:४५ मीन - ०९:४५ से ११:०८ मेष - ११:०८ से १२:४२ वृषभ - १२:४२ से १४:३७ मिथुन - १४:३७ से १६:५२ कर्क - १६:५२ से १९:१३ सिंह - १९:१३ से २१:३२ कन्या - २१:३२ से २३:५० तुला - २३:५० से ०२:११ वृश्चिक - ०२:११ से ०४:३० धनु - ०४:३० से ०६:३४ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त रोग पञ्चक - ०७:११ से ०८:१९ शुभ मुहूर्त - ०८:१९ से ०९:४५ मृत्यु पञ्चक - ०९:४५ से ११:०८ रोग पञ्चक - ११:०८ से १२:४२ शुभ मुहूर्त - १२:४२ से १४:३७ मृत्यु पञ्चक - १४:३७ से १६:५२ अग्नि पञ्चक - १६:५२ से १९:१३ शुभ मुहूर्त - १९:१३ से २१:३२ रज पञ्चक - २१:३२ से २२:५७ शुभ मुहूर्त - २२:५७ से २३:५० चोर पञ्चक - २३:५० से ००:०१ शुभ मुहूर्त - ००:०१ से ०२:११ रोग पञ्चक - ०२:११ से ०४:३० शुभ मुहूर्त - ०४:३० से ०६:३४ मृत्यु पञ्चक - ०६:३४ से ०७:११ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन उदासीनता युक्त रहेगा। दिन के आरंभ से ही किसी भी करी को लेकर ज्यादा उत्साह नही दिखाएंगे प्रतिस्पर्धा से भी स्वयं को दूर ही रखेंगे। आज आपको जितना मिले उसी में संतोष कर लेंगे लेकिन महिलाये किसी ना किसी कारण अंदर से जली भुनी रहेंगी घर मे अव्यवस्था फैलने का कारण भी रहेंगी। स्वभाव में भावुकता अधिक रहेगी जिसके कारण किसी की छोटी बातो को दिन से लगा लेंगे। परिवार में चुगली एवं ईर्ष्यालु वातावरण रहने से बाहर समय बिताना अधिक भायेगा। महत्त्वपूर्ण कार्य में सफलता को लेकर मन में संशय रहेगा। संतानों के भविष्य के कारण चिंता होगी। मध्यान के बाद किसी स्त्री द्वारा लाभ की संभावना है। नौकरी पेशा अधिकारी वर्ग से सतर्क रहें। आलस्य भारी पड़ सकता है। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज के दिन चंचलता आपके व्यक्तित्त्व पर हावी रहेगी लेकिन इसका परिणाम शुभ ही मिलेगा। लोग आपकी बातों को गंभीर नही लेंगे जिससे बड़ी गलती करने पर भी बच जाएंगे। मनमौजी स्वभाव अवश्य किसी कार्य मे नुकसान दिलाएगा फिर भी आज आकस्मिक लाभ होने के आसार है। व्यवसायियो के लिए दिन आर्थिक रूप से बेहतर बनेगा कार्य क्षेत्र पर कम समय एवं लागत में अधिक मुनाफा कमा लेंगे। महिलाओ को अकस्मात धन अथवा उपहार की प्राप्ति होगी लेकिन स्वभाव से लालची रहेंगी। धन का खर्च आय की तुलना में अधिक रहेगा फिर भी मानसिक रूप से दिन भर प्रसन्न रहेंगे। घर में मेहमानों के आने से चहल-पहल रहेगी। कीमती वस्तुओ की खरीददारी पर खर्च होगा। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन विषम फलदायी रहेगा अधिकांश कार्य संभावनाओं के विपरीत होने से दुविधा में रहेंगे। घर एवं कार्य क्षेत्र पर किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचे परिणाम नेष्ट हो होंगे। दैनिक कार्यो को छोड़ शेष सभी कार्यो में संघर्ष करना पड़ेगा। जो भी कार्य करने का प्रयास करेंगे उसमे कुछ ना कुछ विघ्न अवश्य आएंगे अथवा अधूरा रह जायेगा। खर्च चलाने के लिए जमा पूंजी का इस्तेमाल करना पड़ेगा जिससे घर का बजट गड़बड़ायेगा। सेहत नरम रहने से आलस्य एवं शीघ्र थकावट अनुभव होगी। कार्य क्षेत्र पर आपके दयालु स्वाभाव के कारण प्रतिस्पर्धी हावी रहेंगे। लेन-देन में धन अटक सकता है इससे बचें। नौकरो से मीठा बोल कर कार्य निकाले। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज आपको पिछली गलतियों से नया अनुभव मिलेगा लाभ भी आज पूर्व में किये गए परिश्रम से ही मिलेगा। सामाजिक जीवन उच्च कोटि का रहेगा समाज मे प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवहार कुशलता आज सभी जगह काम आएगी लेदेकर काम बना ही लेंगे। महिलाये परिवार के प्रति अधिक समर्पित रहेंगी लेकिन आसक्ति अधिक रहने से मानसिक दुख के प्रसंग भी बनेंगे। कार्य व्यवसाय में नए लाभ के अनुबंध मिलने की सम्भवना है लापरवाही से बचें। आज आपके सभी कार्य स्वतः होते नजर आएंगे। परिजनों के सहयोग से भाग्योदय होगा। पैतृक संपत्ति का विवाद सुलझने से राहत मिलेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आपके लिये आज का दिन सामान्य ही रहेगा। शारीरिक शिथिलता रहने पर भी कार्यो में व्यवधान नही आने देंगे। कार्य क्षेत्र पर सभी कार्य आज समय से पहले पूर्ण कर लेंगे फिर भी लाभ के लिये इंतजार करना पड़ेगा। मन में किसी दार्शनिक स्थल की योजना बनेगी शीघ्र ही इसके फलीभूत होने की सम्भवना है। चल- अचल संपत्ति से लाभ होगा। प्रतिस्पर्धी आज आपके आगे ज्यादा देर नही टिक पाएंगे। हृदय में आज कोमलता अधिक रहेगी परोपकार के लिए प्रेरित होंगे। महिलाओ का जिद्दी स्वभाव कुछ समय के लिये घर पर अशांति कर सकता है। फिर भी पिछले कुछ दिनों की तुलना में आज शान्ति अनुभव करेंगे। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज सेहत में सुधार रहने से अधूरे कार्यो को लेकर चिंतित रहेंगे लेकिन जल्दबाजी से बचें अन्यथा हानि होगी। आध्यात्मिक रूप से दिन शुभ रहेगा परोपकार का फल अति शीघ्र मिलेगा। ज्योतिष एवं अन्य गूढ़ रहस्यों को जानने की लालसा रहेगी पूजापाठ टोन टोटको पर विश्वास करेंगे। सार्वजिनक क्षेत्र पर नए व्यावहारिक संबंध बनेंगे परन्तु घर के सदस्यों की बात ना मानने के कारण आप अनुपयोगी ही रहेंगे। कभी आकस्मिक उछाल कभी उदासीनता रहने से कार्य व्यवसाय में आज अनिश्चितता अधिक रहेगी। भाई-बंधुओ में कुछ समय के लिए अनबन गृहस्थ का वातावरण बिगाड़ेगी। व्यावसायिक अथवा पर्यटन यात्रा से लाभ कम खर्च ही अधिक होगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज आपका ध्यान अन्य कार्यो को छोड़ स्वयं अथवा परिजन की बिगड़ती सेहत पर अधिक रहेगा। मध्यान तक मानसिक बेचैनी लगी रहेगी। भाग्य का साथ भी आज कम ही मिलेगा व्यवसायी एवं नौकरी वाले लोग अपूर्ण कार्य पूर्ण करने का भरपूर प्रयास करेंगे फिर भी कुछ कार्य अधूरे रह सकते है।हतोत्साहित ना हो आशानुकूल ना सही काम चलाने लायक लाभ अवश्य होगा। गहरे जल अथवा ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने से बचे यात्रा भी अति आवश्यक होने पर ही करें। पति पत्नी मे अथवा किसी अन्य से गरमा गरमी हो सकती है विवेकि व्यवहार अपनाए। यात्रा पर्यटन की योजना बनेगी आज टालना ही बेहतर रहेगा। खर्च सोच समझ कर ही करें। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन शुभ फलदायी है सेहत आज थोड़ी प्रतिकूल रहेगी लेकिन अन्य सभी कार्य पहले से अधिक बेहतर होंगे। घर मे सुख समृद्धि आएगी। आय एक से अधिक साधनों से होगी पर विघ्न डालने वाले भी अधिक रहेंगे अनुभवियों की राय भी गलत हो सकती है इसलिये अपने ही विवेक से कार्य करें। व्यवसाय एवं नौकरी में अतिरिक्त आय बनाने के अवसर मिलेंगे। महिलाये गृहस्थ में खरीददारी के ऊपर ध्यान देंगी सुख के साधनों में वृद्धि होगी इनपर खर्च भी अधिक रहेगा परन्तु अनावश्यक नही लगेगा। संताने मनोकामना पूर्ति होने से प्रसंन्न रहेंगी। बुजुर्ग आपकी आडम्बर युक्त दिनचार्य से असहमति दिखाएंगे। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज दिन भर स्वभाव में लापरवाही रहेगी परन्तु फिर भी लाभ के प्रसंग मिलते रहेंगे। जिस कार्य से दूर रहने का प्रयास करेंगे उसी से फायदा होगा। दिन का अधिकांश समय मन को प्रसन्न करने वाले प्रसंग बनेंगे। कार्यो में सहज सफलता मिलने से उत्साह बढ़ेगा। भाग्य साथ देने से अटके कार्य पूर्ण होंगे धन की आमद होती रहेगी। पारिवारिक सदस्यों की कार्य क्षेत्र पर सहायता मिलेगी। सरकारी कार्य में बाधा आने की संभावना है फिर भी किसी के सहयोग से पार कर लेंगे। नौकरी पेशा जातको को अतिरिक्त कार्य का लाभ शीघ्र मिलेगा। दूर रहने वाले रिश्तेदारो से मिलने के प्रसंग बनेंगे। पारिवारिक में प्रेम रहेगा लेकिन प्रेम प्रसंगों में दुखद अनुभव होंगे लंबी यात्रा के योग है। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) बीते दिन की तुलना में आज का दिन शान्तिप्रद रहेगा। आज आप अपनी बुद्धि एवं तार्किक बल का सही जगह प्रयोग करेंगे। झगड़े अथवा उलझनों वाले कार्य से स्वयं को दूर रखेंगे इसका सकारात्मक परिणाम भी मिलेगा। दोपहर के आसपास आपका सनकी स्वभाव कुछ ना कुछ हानि भी करायेगा। धन संबंधित कार्य आपकी व्यवहार शून्यता के कारण उलझेंगे परन्तु शीघ्र ही किसी के सहयोग मिलने से सुलझ जाएंगे। कार्य व्यवसाय में प्रारंभिक परिश्रम के बाद दोपहर के समय से धन की आमद शुरू हो जाएगी खर्च हिसाब से करेंगे। महिला वर्ग से कोई भी काम निकालना आसान रहेगा। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन आपसी व्यवहारों को लेकर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। आज आपके ऊपर कोई लांक्षन लग सकता है इसका प्रभाव घर एवं कार्य क्षेत्र पर भी देखने को मिलेगा। पारिवारिक बहस के कारण मानसिक संताप भी दिन भर बना रहेगा। अशांति का कारण धन भी रहेगा। व्यवसाय क्षेत्र पर उधारी को लेकर किसी से तीखी झड़प होने की संभावना है। धन की आमद के लिए किसी की चापलूसी भी करनी पड़ेगी। बेरोजगार लोग भविष्य की चिंता को लेकर निराशा रहेंगे। महिलाये भी आवश्यकता से अधिक बोलने के कारण घर मे नए विवाद को जन्म देंगी। सहकर्मियों का सहयोग मिलने से थोड़ी राहत मिलेगी। कर्ज लेना पड़ सकता है। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज आप जिस भी कार्य को हाथ में लेंगे उसे जल्द से पूरा करने का प्रयास करेंगे आरम्भ में थोड़ी परेशानी आएगी लेकिन अंततः सफल हो ही जायेंगे। आध्यात्म से जुड़े लोगों के लिए दिन साधना पथ में नए अनुभव दिलाएगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धी हावी रहेंगे फिर भी आपके हिस्से का लाभ मिलकर ही रहेगा। धन के कारण मन की इच्छाओं को नही मारना पड़ेगा। रिश्तेदारों एवं पुराने मित्रों से भेंट होगी। आपके स्वभाव में अहम की भावना रहने से बाहरी व्यक्ति को दुखद अनुभूति ही होगी। लेकिन परिजनों से स्वार्थ सिद्धि के लिए मधुर व्यवहार करेंगे। व्यवसाय में अधिक लाभ पाने के लिए अनैतिक कार्यो में लिप्त हो लाभ उठाएंगे। सेहत की परवाह आज कम ही करेंगे। 🌐http://www.vkjpandey.in 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 🚩 दैनिक पंचांग, राशिफल, व्रत त्योहार तथा हिन्दू धार्मिक जानकारी जैसे पोस्ट पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप समूह ऑनलाइन मंदिर से जुड़े। 🤳 लिंक- 👇🏻 https://chat.whatsapp.com/JUHz5Z8J6yYHqEmBW2JjXx

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2077-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1942 ॐ-आज दिनांक--24.01.202-ॐ श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्य मान - 75.30 शुभ रविवार - शुभ प्रभात् संपूर्ण ज्योतिष वास्तु परामर्श प्रभावी समाधान ____________________________________ -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ___________________________________ _____________आज विशेष_____________ हिंदू पूजा पद्धति से जुड़े 30 आवश्यक नियम जिनकी जानकारी हर हिंदू को होनी चाहिए ____________________________________ आज दिनांक...................... .24.01.2021 कलियुग संवत्...............................5122 विक्रम संवत................................. 2077 शक संवत....................................1942 संवत्सर...................................श्री प्रमादी अयन..................................... उत्तरायण गोल.......................................... दक्षिण ऋतु.......................................... शिशिर मास............................................. पौष पक्ष.............................................शुक्ल तिथि.....एकादशी. रात्रि. 10.57 तक/ द्वादशी वार...........................................रविवार नक्षत्र.....रोहिणी. रात्रि. 11.59 तक / मृगशिरा चंद्र राशि.................वृषभ. संपूर्ण (अहोरात्र) योग............... ब्रह्म. रात्रि. 10.27 तक / ऐंद्र करण................. वणिज. प्रातः 10.00 तक करण..... विष्टि(भद्रा)-रात्रि. 10.57 तक / बव ___________________________________ सूर्योदय..............................7.18.49 पर सूर्यास्त.............................. 6.08.38 पर दिनमान............................... 10.49.49 रात्रिमान................................13.09.53 चंद्रोदय..................प्रातः 2.17.05 PM पर चंद्रास्त................ .रात्रि. 4.15.06 AM पर सूर्य.........................(मकर) 9.10.09.23 चंद्रमा.........................(वृष) 1.14.54.26 राहुकाल.........सायं. 4.17 से. 6.08(अशुभ) यमघंट.........अपरा.12.44 से 2.05 (अशुभ) अभिजित.......(मध्या)12.22 से 01.05 तक पंचक................................. आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)........ आज नहीं है दिशाशूल............................. पश्चिम दिशा दोष निवारण........ घी का सेवन कर यात्रा करें _____________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक *दिवा-कालीन* चंचल..............प्रातः. 8.40 से 10.01 तक लाभ..............प्रातः 10.01 से 11.23 तक अमृत..........पूर्वाह्न. 11.23 से 12.44 तक शुभ.................अपरा. 2.05 से 3.26 तक *रात्रि कालीन* शुभ............सायं-रात्रि. 6.09 से 7.47 तक अमृत...............रात्रि 7.47 से. 9.26 तक चंचल..............रात्रि. 9.26 से 11.05 तक लाभ.....रात्रि. 2.22 AM से 4.01 AM तक शुभ......रात्रि. 5.40 AM से 7.19 AM तक __________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ___________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 10.49 AM तक---रोहिणी---2-----(वा) 05.26 PM तक---रोहिणी ---3-----(वी) 11.49 PM तक---रोहिणी ---4-----(वू) 06.32 AM तक--मृगशिरा---1-----(वे) उपरांत रात्रि तक--मृगशिरा---2-----(वो) (पाया-स्वर्ण ) _______सभी की राशि वृषभ रहेगी_______ __________________________________ ____________आज का दिन____________ तिथि............. पौष शुक्ला एकादशी रविवार व्रत विशेष........... पुत्रदा एकादशी (सर्वेषाम्) दिन विशेष.भद्रा. प्रातः 9.56 से 10.57 PM सर्वा.सि.योग..................................नहीं सिद्ध रवियोग....प्रातः 7.19 से रात्रि. 11.59 ___________________________________ _____________कल का दिन____________ दिनांक.............................25.01.2021 तिथि...............पौष शुक्ला द्वादशी सोमवार व्रत विशेष......................................नहीं दिन विशेष......... कुंभे बुध.. सायं. 4.54 पर दिन विशेष....उषायां शुक्र. पूर्वाह्न. 11.38 पर सर्वा.सि.योग...प्रातः7.18 से रात्रि.1.54 AM सिद्ध रवियोग..................................नहीं ___________________________________ _____________आज विशेष _____________ हिंदू पूजा पद्धति से जुड़े तीस आवश्यक नियम जिन्हें अवश्य पढ़ें और अनुसरण करें। सुखी और समृद्धिशाली जीवन के लिए देवी-देवताओं के पूजन की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। आज भी बड़ी संख्या में लोग इस परंपरा को निभाते हैं। पूजन से हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन पूजा करते समय कुछ खास नियमों का पालन भी किया जाना चाहिए। अन्यथा पूजन का शुभ फल पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हो पाता है। यहां 30 ऐसे नियम बताए जा रहे हैं जो सामान्य पूजन में भी ध्यान रखना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखने पर बहुत ही जल्द शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। ये नियम इस प्रकार हैं… 1- सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु, ये पंचदेव कहलाते हैं, इनकी पूजा सभी कार्यों में अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। प्रतिदिन पूजन करते समय इन पंचदेव का ध्यान करना चाहिए। इससे लक्ष्मी कृपा और समृद्धि प्राप्त होती है। 2- शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। 3- मां दुर्गा को दूर्वा (एक प्रकार की घास) नहीं चढ़ानी चाहिए। यह गणेशजी को विशेष रूप से अर्पित की जाती है। 4- सूर्य देव को शंख के जल से अर्घ्य नहीं देना चाहिए। 5_ तुलसी का पत्ता बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए ही तुलसी के पत्तों को तोड़ता है तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते हैं। 6- शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं का पूजन दिन में पांच बार करना चाहिए। सुबह 5 से 6 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त में पूजन और आरती होनी चाहिए। इसके बाद प्रात: 9 से 10 बजे तक दूसरी बार का पूजन। दोपहर में तीसरी बार पूजन करना चाहिए। इस पूजन के बाद भगवान को शयन करवाना चाहिए। शाम के समय चार-पांच बजे पुन: पूजन और आरती। रात को 8-9 बजे शयन आरती करनी चाहिए। जिन घरों में नियमित रूप से पांच * पूजन किया जाता है, वहां सभी देवी-देवताओं का वास होता है और ऐसे घरों में धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती है। 7- प्लास्टिक की बोतल में या किसी अपवित्र धातु के बर्तन में गंगाजल नहीं रखना चाहिए। अपवित्र धातु जैसे एल्युमिनियम और लोहे से बने बर्तन। गंगाजल तांबे के बर्तन में रखना शुभ रहता है। 8- स्त्रियों को और अपवित्र अवस्था में पुरुषों को शंख नहीं बजाना चाहिए। यह इस नियम का पालन नहीं किया जाता है तो जहां शंख बजाया जाता है, वहां से देवी लक्ष्मी चली जाती हैं। 9- मंदिर और देवी-देवताओं की मूर्ति के सामने कभी भी पीठ दिखाकर नहीं बैठना चाहिए। 10- केतकी का फूल शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए। 11- किसी भी पूजा में मनोकामना की सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढ़ानी चाहिए। दक्षिणा अर्पित करते समय अपने दोषों को छोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। दोषों को जल्दी से जल्दी छोड़ने पर मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होंगी। 12-दूर्वा (एक प्रकार की लंबी गांठ वाली घास) रविवार को नहीं तोडऩी चाहिए। 13_ मां लक्ष्मी को विशेष रूप से कमल का फूल अर्पित किया जाता है। इस फूल को पांच दिनों तक जल छिड़क कर पुन: चढ़ा सकते हैं। 14-शास्त्रों के अनुसार शिवजी को प्रिय बिल्व पत्र छह माह तक बासी नहीं माने जाते हैं। अत: इन्हें जल छिड़क कर पुन: शिवलिंग पर अर्पित किया जा सकता है। 15- तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। इसकी पत्तियों पर हर रोज जल छिड़कर पुन: भगवान को अर्पित किया जा सकता है। 16- आमतौर पर फूलों को हाथों में रखकर हाथों से भगवान को अर्पित किया जाता है। ऐसा नहीं करना चाहिए। फूल चढ़ाने के लिए फूलों को किसी पवित्र पात्र में रखना चाहिए और इसी पात्र में से लेकर देवी-देवताओं को अर्पित करना चाहिए। 17-तांबे के बर्तन में चंदन, घिसा हुआ चंदन या चंदन का पानी नहीं रखना चाहिए। 18- हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति दीपक से दीपक जलते हैं, वे रोगी होते हैं। 19- बुधवार और रविवार को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित नहीं करना चाहिए। 20- पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखकर करनी चाहिए। यदि संभव हो सके तो सुबह 6 से 8 बजे के बीच में पूजा अवश्य करें। 21- पूजा करते समय आसन के लिए ध्यान रखें कि बैठने का आसन ऊनी होगा तो श्रेष्ठ रहेगा। 22- घर के मंदिर में सुबह एवं शाम को दीपक अवश्य जलाएं। एक दीपक घी का और एक दीपक तेल का जलाना चाहिए। 23- पूजन-कर्म और आरती पूर्ण होने के बाद उसी स्थान पर खड़े होकर 3 परिक्रमाएं अवश्य करनी चाहिए। 24- रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रान्ति तथा संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। 25-भगवान की आरती करते समय ध्यान रखें ये बातें- भगवान के चरणों की चार बार आरती करें, नाभि की दो बार और मुख की एक या तीन बार आरती करें। इस प्रकार भगवान के समस्त अंगों की कम से कम सात बार आरती करनी चाहिए। 26- पूजाघर में मूर्तियाँ 1 ,3 , 5 , 7 , 9 ,11 इंच तक की होनी चाहिए, इससे बड़ी नहीं तथा खड़े हुए गणेश जी,सरस्वतीजी, लक्ष्मीजी, की मूर्तियाँ घर में नहीं होनी चाहिए। 27-गणेश या देवी की प्रतिमा तीन तीन, शिवलिंग दो,शालिग्राम दो,सूर्य प्रतिमा दो,गोमती चक्र दो की संख्या में कदापि न रखें। 28-अपने मंदिर में सिर्फ प्रतिष्ठित मूर्ति ही रखें उपहार,काँच, लकड़ी एवं फायबर की मूर्तियां न रखें एवं खण्डित, जलीकटी फोटो और टूटा काँच तुरंत हटा दें। शास्त्रों के अनुसार खंडित मूर्तियों की पूजा वर्जित की गई है। जो भी मूर्ति खंडित हो जाती है, उसे पूजा के स्थल से हटा देना चाहिए और किसी पवित्र बहती नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। खंडित मूर्तियों की पूजा अशुभ मानी गई है। इस संबंध में यह बात ध्यान रखने योग्य है कि सिर्फ शिवलिंग कभी भी, किसी भी अवस्था में खंडित नहीं माना जाता है। 29-मंदिर के ऊपर भगवान के वस्त्र, पुस्तकें एवं आभूषण आदि भी न रखें मंदिर में पर्दा अति आवश्यक है अपने पूज्य माता –पिता तथा पित्रों का फोटो मंदिर में कदापि न रखें, उन्हें घर के नैऋत्य कोण में स्थापित करें। 30-विष्णु की चार, गणेश की तीन,सूर्य की सात, दुर्गा की एक एवं शिव की आधी परिक्रमा कर सकते हैं। *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ________________________________________ आज का राशिफल... मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज आपका ईर्ष्यालु स्वभाव आपको उदास और दुःखी बना सकता है। आप यह चोट ख़ुद को पहुँचा रहे हैं, इसलिए जितनी जल्दी हो सके इसे छोड़ दें। दूसरों के सुख-दुःख बांटने की आदत विकसित करें। रियल एस्टेट सम्बन्धी निवेश आपको अच्छा-ख़ासा मुनाफ़ा देंगे। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। रिश्तेदारों के चलते जीवनसाथी से वाद-विवाद हो सकता है, लेकि आख़िर में सब ठीक हो जाएगा। इस सप्ताहांत परिवार के साथ शॉपिंग पर जाना संभव लग रहा है, लेकिन शॉपिंग जेब पर भारी भी पड़ सकती है। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज के दिन किसी सज्जन पुरुष की दैवीय बातें आपको संतोष और ढांढस बंधाएंगी। बिना किसी की सलाह लिये आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। नए पारिवारिक व्यवसाय को शुरू करने के लिए शुभ दिन है। इसे सफल बनाने के लिए दूसरे सदस्यों की भी मदद लें। आप अनुभव करेंगे कि आपके प्रिय का आपके प्रति प्यार वाक़ई बहुत गहरा है। सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है। आपके और आपके जीवन साथी के बीच विश्वास की कमी रह सकती है। जिससे आज वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है। अपने जीवनसाथी के साथ बाहर का खाना सम्भवतः आपकी हफ़्ते भर की थकान को दूर कर सकता है। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। आप अच्छा पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप पारंपरिक तौर पर निवेश करें। अपने घर के वातावरण में कुछ बदलाव करने से पहले आपको सभी की राय जानने की कोशिश करनी चाहिए। ताज़ा फूल की तरह अपने प्यार में भी ताज़गी बनाए रखें। दिन के अंत में आज आप अपने घर के लोगों को वक्त देना चाहेंगे लेकिन इस दौरान घर के किसी करीबी के साथ आपकी कहासुनी हो सकती है और आपका मूड खराब हो सकता है. यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है। छात्र जिस विषय में कमजोर हैं उस विषय के बारे में आज अपने गुरु से बात कर सकते हैं। गुरु की सलाह आपको उस विषय की जटिलताओं को समझने में सहायक होगी। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज की बाहरी गतिविधियाँ आपके लिए फ़ायदेमंद रहेंगी। क़िलेबंदी वाली जीवन-शैली में बंधे रहना और हमेशा अपनी सुरक्षा की चिंता करना आपके शारीरिक और मानसिक विकास को रोक देंगे। यह आदत आपको चिड़चिड़ा और बेचैन इंसान बना सकती है। फ़ौरी तौर पर मज़े लेने की अपनी प्रवृत्ति पर क़ाबू रखें और मनोरंजन पर ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। प्रेम निःसीम होता है, सभी सीमाओं के परे; आपने ये बातें पहले भी सुनी होंगी। लेकिन आज वह दिन है जब आप अगर चाहें तो यह ख़ुद महसूस कर सकते हैं। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। आप महसूस करेंगे कि आपके जीवनसाथी में शहद से भी ज़्यादा मिठास है। आपके घर का कोई सदस्य आज आपसे प्यार से जुड़ी कोई समस्या शेयर कर सकता है। आपको उन्हें उचित सलाह देनी चाहिए। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज आपका विनम्र स्वभाव सराहा जाएगा। कई लोग आपकी ख़ासी तारीफ़ कर सकते हैं। आज आपकी कोई चल संपत्ति चोरी हो सकती है इसलिए जितना हो सके इनका ध्यान रखें। पारिवारिक समारोह और महत्वपूर्ण अवसरों के लिए अच्छा दिन है। दिन को ख़ास बनाने के लिए स्नेह और उदारता के छोटे-छोटे तोहफ़े लोगों को दें। जो लोग अब तक किसी काम में व्यस्त थे आज उन्हें अपने लिए समय मिल सकता है लेकिन घर में किसी काम के आ जाने से आप फिर से व्यस्त हो सकते हैं। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे। आज आप गुस्से में परिवार के किसी सदस्य को भला-बुरा कह सकते हैं। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज का दिन फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। घर में किसी फंक्शन के होने की वजह से आज आपको बहुत धन खर्च करना पड़ेगा जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। जिन लोगों से आपकी मुलाक़ात कभी-कभी ही होती है, उनसे बातचीत और संपर्क करने के लिए अच्छा दिन है। रोमांस के लिहाज़ से रोमांचक दिन है। शाम के लिए कोई ख़ास योजना बनाएँ और जितना हो सके, इसे उतना अच्छा बनाने की कोशिश करें। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। छोटेे कारोबारी अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए आज उन्हें पार्टी दे सकते हैं। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। दफ़्तर के कामकाज में ज़्यादा व्यस्तता के चलते अपने जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता तनावपूर्ण हो सकता है। निजी मसले नियन्त्रण में रहेंगे। इस राशि के जातक आज के दिन अपने भाई-बहनों के साथ घर पर कोई मूवी या मैच देख सकते हैं। ऐसा करके आप लोगों के बीच प्यार में इजाफा होगा। आप एक बेहतरीन जीवनसाथी होने की ख़ुशक़िस्मती को शिद्दत से महसूस कर पाएंगे। शांति का वास आपके दिल में रहेगा और इसीलिए आप घर में भी अच्छा माहौल बना पाने में कामयाब होंगे। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज किसी दोस्त के साथ ग़लतफ़हमी अप्रिय हालात खड़े कर सकती है, किसी भी फ़ैसले पर पहुँचने से पहले संतुलित नज़रिए से दोनों पक्षों को जाँचें। आज अगर आप दूसरों की बात मानकर निवेश करेंगे, तो आर्थिक नुक़सान तक़रीबन पक्का है। ऐसा लगता है कि पारिवारिक-मोर्चे पर आप ज़्यादा ख़ुश नहीं हैं और कुछ अड़चनों का सामना कर रहे हैं। आपके प्रिय का मूड ठीक नहीं है, इसलिए सोच-समझ कर कोई भी काम करें। जो भी आपसे मिले, उसके साथ विनम्र और सुखद व्यवहार करें। बहुत कम लोग ही आपके इस आकर्षण का राज़ जान पाएंगे। ज़रूरत के वक़्त आपका जीवनसाथी आपके परिवार की अपेक्षा अपने परिवार को ज़्यादा तरजीह देता हुआ नज़र आ सकता है। यात्रा पर किसी हसीन अजनबी से मुलाकात आपको अच्छे अनुभव करा सकती है। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज आपमें चुस्ती-फुर्ती अच्छी प्रकार से देखी जा सकती है। आपका स्वास्थ्य आज पूरी तरह से आपका साथ देगा। बिना बताये आज कोई देनदार आपके अकाउंट में पैसे डाल सकता है जिसके बारे में जानकर आपको अचंभा भी होगा और खुशी भी। पारिवारिक सदस्यों की मदद आपकी ज़रूरतों का ख़याल रखेगी। आज के दिन प्यार की कली चटककर फूल बन सकती है। जो लोग अब तक किसी काम में व्यस्त थे आज उन्हें अपने लिए समय मिल सकता है लेकिन घर में किसी काम के आ जाने से आप फिर से व्यस्त हो सकते हैं। जब आप अपने जीवनसाथी से भावनात्मक तौर पर जुड़ते हैं, तो नज़दीकी अपने आप महसूस की जा सकती है। अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए बेहद ज़रुरी है; आप थोड़ा अधिक सो सकते हैं। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज आप अपने ऊँचे आत्मविश्वास का सही इस्तेमाल करें। भागदौड़ भरे दिन के बावजूद आप फिर ऊर्जा और ताज़गी पाने में क़ामयाब रहेंगे। जो लोग लघु उद्योग करते हैं उन्हें आज के दिन अपने किसी करीबी की कोई सलाह मिल सकती है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होने की संभावना है। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। अपने साथी के साथ बाहर जाते वक़्त ठीक तरह से व्यवहार करें। अपने घर में बिखरी चीजों को संभालने का आज आप प्लान करेंगे लेकिन आपको इसके लिए आज खाली समय नहीं मिल पाएगा। अगर आप अपने जीवनसाथी की छोटी-छोटी बातों को नज़रअन्दाज़ करेंगे, तो उन्हें बुरा लग सकता है। आपका संंगी आज आपके लिए घर पर कोई सरप्राइज डिश बना सकता है जिससे आपके दिन की थकान मिट जाएगी। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज के दिन आपका ही कोई दोस्त आपकी सहनशक्ति और समझ की परीक्षा ले सकता है। अपने मूल्यों को दरकिनार करने से बचें और हर फ़ैसला तार्किक तरीक़े से लें। सट्टेबाज़ी से फ़ायदा हो सकता है। आपको अपना बाक़ी वक़्त बच्चों के संग गुज़ारना चाहिए, चाहे इसके लिए आपको कुछ ख़ास ही क्यों न करना पड़े। अपने रोमांटिक ख़यालों को हर किसी को बताने से बचें। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। ठीक कम्यूनिकेशन न होने के चलते परेशानी खड़ी हो सकती है, लेकिन मिल-बैठकर बात करने से चीज़ें सुजझाई जा सकती हैं। ऑफिस में आज बहुत ज्यादा काम होने की वजह से आपको आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज के दिन चूँकि यात्रा के लिहाज़ से आप अभी कुछ कमज़ोर हैं, इसलिए लंबी यात्राओं से बचने की कोशिश कीजिए। ख़र्चों में इज़ाफ़ा होगा, लेकिन साथ ही आमदनी में हुई बढ़ोत्तरी इसको संतुलित कर देगी। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। नए प्रेम-संबंधों के बनने की संभावना ठोस है, लेकिन व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारियों को उजागर करने से बचें। अपने बच्चों को आज समय का सदुपयोग करने की सलाह दे सकते हैं। शादीशुदा ज़िन्दगी के तमाम मुश्किल दिनों के बाद आप और आपका जीवनसाथी आज दांपत्य की मधुरता को महसूस कर सकते हैं। अगर आप अपने मन की सुनें, तो यह दिन ख़रीदारी के लिहाज़ से अच्छा है। ______________________________________ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) _______________________________________

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