🙏🌹जय श्री कृष्णा 🌹🙏 पर निंदा के दुष्परिणाम 〰️〰️🌼🌼🌼〰️〰️ दूसरे की निंदा करिए और अपना घड़ा भरिए हम जाने-अनजाने अपने आसपास के व्यक्तियों की निंदा करते रहते हैं: जबकि हमें उनकी वास्तविक परिस्थितियों का तनिक भी ज्ञान नही होता। निंदा रस का स्वाद बहुत ही रुचिकर होता है सो लगभग हर व्यक्ति इस स्वाद लेने को आतुर रहता है। वास्तव में निंदा एक ऐसा मानवीय गुण है जो सभी व्यक्तियों में कुछ न कुछ मात्रा में अवश्य पाया जाता है। यदि हमें ज्ञान हो जाये कि पर निंदा का परिणाम कितना भयानक होता है तो हम इस पाप से आसानी से बच सकते हैं। राजा पृथु एक दिन सुबह सुबह घोड़ों के तबेलें में जा पहुंचे। तभी वहीं एक साधु भिक्षा मांगने आ पहुंचा। सुबह सुबह साधु को भिक्षा मांगते देख पृथु क्रोध से भर उठे। उन्होंने साधु की निंदा करते हुए बिना विचारे तबेलें से घोडें की लीद उठाई और उसके पात्र में डाल दी। साधु भी शांत स्वभाव का था सो भिक्षा ले वहाँ से चला गया और वह लीद कुटिया के बाहर एक कोने में डाल दी। कुछ समय उपरान्त राजा पृथु शिकार के लिए गए। पृथु ने जब जंगल में देखा एक कुटिया के बाहर घोड़े की लीद का बड़ा सा ढेर लगा हुआ है उन्होंने देखा कि यहाँ तो न कोई तबेला है और न ही दूर-दूर तक कोई घोडें दिखाई दे रहे हैं। वह आश्चर्यचकित हो कुटिया में गए और साधु से बोले "महाराज! आप हमें एक बात बताइए यहाँ कोई घोड़ा भी नहीं न ही तबेला है तो यह इतनी सारी घोड़े की लीद कहा से आई !" साधु ने कहा " राजन्! यह लीद मुझे एक राजा ने भिक्षा में दी है अब समय आने पर यह लीद उसी को खाना पड़ेगी। यह सुन राजा पृथु को पूरी घटना याद आ गई। वे साधु के पैरों में गिर क्षमा मांगने लगे। उन्होंने साधु से प्रश्न किया हमने तो थोड़ी-सी लीद दी थी पर यह तो बहुत अधिक हो गई? साधु ने कहा "हम किसी को जो भी देते है वह दिन-प्रतिदिन प्रफुल्लित होता जाता है और समय आने पर हमारे पास लौट कर आ जाता है, यह उसी का परिणाम है।" यह सुनकर पृथु की आँखों में अश्रु भर आये। वे साधु से विनती कर बोले "महाराज! मुझे क्षमा कर दीजिए मैं आइन्दा मैं ऐसी गलती कभी नहीं करूँगा।" कृपया कोई ऐसा उपाय बता दीजिए! जिससे मैं अपने दुष्ट कर्मों का प्रायश्चित कर सकूँ!" राजा की ऐसी दुखमयी हालात देख कर साधु बोला- "राजन्! एक उपाय है आपको कोई ऐसा कार्य करना है जो देखने मे तो गलत हो पर वास्तव में गलत न हो। जब लोग आपको गलत देखेंगे तो आपकी निंदा करेंगे जितने ज्यादा लोग आपकी निंदा करेंगे आपका पाप उतना हल्का होता जाएगा। आपका अपराध निंदा करने वालों के हिस्से में आ जायेगा। यह सुन राजा पृथु ने महल में आ काफी सोच-विचार किया और अगले दिन सुबह से शराब की बोतल लेकर चौराहे पर बैठ गए। सुबह सुबह राजा को इस हाल में देखकर सब लोग आपस में राजा की निंदा करने लगे कि कैसा राजा है कितना निंदनीय कृत्य कर रहा है क्या यह शोभनीय है ?? आदि आदि!! निंदा की परवाह किये बिना राजा पूरे दिन शराबियों की तरह अभिनय करते रहे। इस पूरे कृत्य के पश्चात जब राजा पृथु पुनः साधु के पास पहुंचे तो लीद का ढेर के स्थान पर एक मुट्ठी लीद देख आश्चर्य से बोले "महाराज! यह कैसे हुआ? इतना बड़ा ढेर कहाँ गायब हो गया!!" साधू ने कहा "यह आप की अनुचित निंदा के कारण हुआ है राजन्। जिन जिन लोगों ने आपकी अनुचित निंदा की है, आप का पाप उन सबमे बराबर बराबर बट गया है। जब हम किसी की बेवजह निंदा करते है तो हमें उसके पाप का बोझ भी उठाना पड़ता है तथा हमे अपना किये गए कर्मो का फल तो भुगतना ही पड़ता है, अब चाहे हँस के भुगतें या रो कर। हम जैसा देंगें वैसा ही लौट कर वापिस आएगा! जय श्री हरि 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

🙏🌹जय श्री कृष्णा 🌹🙏
पर निंदा के दुष्परिणाम
〰️〰️🌼🌼🌼〰️〰️
दूसरे की निंदा करिए और अपना घड़ा भरिए
हम जाने-अनजाने अपने आसपास के व्यक्तियों की निंदा करते रहते हैं: 
जबकि हमें उनकी वास्तविक परिस्थितियों का तनिक भी ज्ञान नही होता। 
निंदा रस का स्वाद बहुत ही रुचिकर होता है सो लगभग हर व्यक्ति इस स्वाद लेने को आतुर रहता है।
 वास्तव में निंदा एक ऐसा  मानवीय गुण है जो सभी व्यक्तियों में कुछ न कुछ मात्रा में अवश्य पाया जाता है। 
यदि हमें ज्ञान हो जाये कि पर निंदा का परिणाम कितना भयानक होता है तो हम इस पाप से आसानी से बच सकते हैं। 
 राजा पृथु एक दिन सुबह सुबह घोड़ों के तबेलें में जा पहुंचे। तभी वहीं एक साधु भिक्षा मांगने आ पहुंचा। 
सुबह सुबह साधु को भिक्षा मांगते देख पृथु क्रोध से भर उठे। उन्होंने साधु की निंदा करते हुए बिना विचारे तबेलें से घोडें की लीद उठाई और उसके पात्र में डाल दी। 
साधु भी शांत स्वभाव का था सो भिक्षा ले वहाँ से चला गया और वह लीद कुटिया के बाहर एक कोने में डाल दी। कुछ समय उपरान्त राजा पृथु शिकार के लिए गए। 
पृथु ने जब जंगल में देखा एक कुटिया के बाहर घोड़े की लीद का बड़ा सा ढेर लगा हुआ है उन्होंने देखा कि यहाँ तो न कोई तबेला है और न ही दूर-दूर तक कोई घोडें दिखाई दे रहे हैं।
 वह आश्चर्यचकित हो कुटिया में गए और साधु से बोले "महाराज! 
आप हमें एक बात बताइए यहाँ कोई घोड़ा भी नहीं न ही तबेला है तो यह इतनी सारी घोड़े की लीद कहा से आई !" 
साधु ने कहा " राजन्! 
यह लीद मुझे एक राजा ने भिक्षा में दी है अब समय आने पर यह लीद उसी को खाना पड़ेगी। 
यह सुन राजा पृथु को पूरी घटना याद आ गई। वे साधु के पैरों में गिर क्षमा मांगने लगे। 
उन्होंने साधु से प्रश्न किया हमने तो थोड़ी-सी लीद दी थी पर यह तो बहुत अधिक हो गई? 
साधु ने कहा "हम किसी को जो भी देते है वह दिन-प्रतिदिन प्रफुल्लित होता जाता है और समय आने पर हमारे पास लौट कर आ जाता है, यह उसी का परिणाम है।" यह सुनकर पृथु की आँखों में अश्रु भर आये। 
वे साधु से विनती कर बोले "महाराज! मुझे क्षमा कर दीजिए मैं आइन्दा मैं ऐसी गलती कभी नहीं करूँगा।" कृपया कोई ऐसा उपाय बता दीजिए! 
जिससे मैं अपने दुष्ट कर्मों का प्रायश्चित कर सकूँ!" राजा की ऐसी दुखमयी हालात देख कर साधु बोला- "राजन्! 
एक उपाय है आपको कोई ऐसा कार्य करना है जो देखने मे तो गलत हो पर वास्तव में गलत न हो। जब लोग आपको गलत देखेंगे तो आपकी निंदा करेंगे जितने ज्यादा लोग आपकी निंदा करेंगे आपका पाप उतना हल्का होता जाएगा। आपका अपराध निंदा करने वालों के हिस्से में आ जायेगा। 
यह सुन राजा पृथु ने महल में आ काफी सोच-विचार किया और अगले दिन सुबह  से शराब की बोतल लेकर चौराहे पर बैठ गए। सुबह सुबह राजा को इस हाल में देखकर सब लोग आपस में राजा की निंदा करने लगे कि कैसा राजा है कितना निंदनीय कृत्य कर रहा है क्या यह शोभनीय है ??  
आदि आदि!! निंदा की परवाह किये बिना राजा पूरे दिन शराबियों की तरह अभिनय करते रहे।
इस पूरे कृत्य के पश्चात जब राजा पृथु पुनः साधु के पास पहुंचे तो लीद का ढेर के स्थान पर एक मुट्ठी लीद देख आश्चर्य से बोले "महाराज! 
यह कैसे हुआ? इतना बड़ा ढेर कहाँ गायब हो गया!!" 
साधू ने कहा "यह आप की अनुचित निंदा के कारण हुआ है राजन्। 
जिन जिन लोगों ने आपकी अनुचित निंदा की है, आप का पाप उन सबमे बराबर बराबर बट गया है। 
  जब हम किसी की बेवजह निंदा करते है तो हमें उसके पाप का बोझ भी उठाना पड़ता है तथा हमे अपना किये गए कर्मो का फल तो भुगतना ही पड़ता है, अब चाहे हँस के भुगतें  या रो कर। हम जैसा देंगें वैसा ही लौट कर वापिस आएगा!

जय श्री हरि
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कामेंट्स

Harpal Harpal Feb 28, 2021
jai Shree radhe Krishna ji 🌷🌷🌷 Beautiful good afternonn ji my Sister have a happy sunday ji

pramod singh Feb 28, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जी शुभ संध्या वंदन जी

Ashwinrchauhan Feb 28, 2021
जय श्री कृष्ण राधे राधे जी ठाकुर जी की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे मेरी आदरणीय बहना जी आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे राधा रानी आप की हर मनोकामना पूरी करे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड नाईट बहना जी

Sonu Pathak (Jai Mata Di) Feb 28, 2021
जय श्री राधे कृष्णा🌹🙏 🙏🌹जय माता रानी दी शुभ रात्रि वंदन जी 🌷🙏🌷

manish... soni.🌹 Feb 28, 2021
*_"अंधेरे को हटाने में समय बर्बाद मत करो, दीये को जलाने में समय लगाओ"._* *_दूसरों को नीचा दिखाने में नहीं, बल्कि खुद को ऊँचा उठाने में समय लगाओ* *🙏 राधे कृष्णा जी शुभ रात्रि जी 🙏*

A mishra ji Feb 28, 2021
Good night sweet dreams सुभ मंगल रात्री ji Jay shree krishna राधे राधे राधे 🏵️ 🌷

sanjay Sharma Feb 28, 2021
जय श्री राधे कृष्णा जय श्री सीताराम जय श्री सूर्य देव ओम् सुर्य देवाय नमः शुभ संध्या जी मेरी बहन आप कैसे हैं बहन आप सदा खुश रहिए और जीवन में सदैव कामयाबी के शिखर पर अग्रसर रहे ईश्वर मेरी बहन के जीवन में सदैव खुशियों का भंडार भरा रहें

🙏🐅SOM DUTT SHARMA🐅🙏 Feb 28, 2021
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 Sri Radhey 🙏 Radhey g good night ji sweet dreams ji nice 👍 beautiful thanks 👍 so sweet g ❤️💝 nice 👍🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Harpal Harpal Feb 28, 2021
jai Shree radhe Krishna ji 🌷🌷🌷 Beautiful good Night ji my Sister

🌹bk preeti 🌹 Feb 28, 2021
प्रभु का रास्ता बड़ा🌹✍️ सीधा है✍️🙏🙋‍♀️ और बड़ा उलझा भी बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा विचार से चलो तो बहुत दूर भाव से चलो तो बहुत पास नज़रों से देखोगे तो कण कण में अंतर्मन से देखो तो जन जन में 🙏जय श्री कृष्णा 🙏 राधे राधे जय श्री कृष्णा शुभ रात्रि वंदन जय जिनेंद्र 🙏🙋‍♀️🌹🌹✍️🙏🙏🍨

Renu Singh Feb 28, 2021
Jai Shree Radhe Krishna 🙏 Shubh Ratri Meri Pyari Bahena Ji 🙏🌹

Mamta Chauhan Feb 28, 2021
Radhe radhe ji🌷🙏Shubh ratri vandan pyarii bahan ji aapka har pal khushion bhra ho aapki sbhi manokamna puri ho 🌷🌷🙏🙏

dhruv wadhwani Feb 28, 2021
जय श्री राधे कृष्णा शुभ रात्रि जी

r h Bhatt Feb 28, 2021
Jai Shri Radhe Krishna Shubh ratri ji Vandana ji Jai matage

charu sharma Feb 28, 2021
jai Shree Krishna ji 🙏🌹 shubh Ratri vandan ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹

A mishra ji Mar 1, 2021
Jay shri krishna राधे राधे राधे 🏵️ 🌷 ji good morning ji 💞

p kumar Mar 2, 2021
🙏🌷सुप्रभात🌷🙏 🙏🌷जय श्री राम🌷🙏 🙏🌷जय हनुमान🌷🙏 🙏🌷जय माता की🌷🙏 🙏🌷ॐ नमः शिवाय🌷🙏 🙏🌷हर हर महादेव🌷🙏 🌷जय श्री महाकाल🌷 ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

Praveen Goyal Apr 14, 2021

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Praveen Goyal Apr 14, 2021

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 17 शेयर
RamniwasSoni Apr 13, 2021

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 4 शेयर
Neeru Devi Apr 13, 2021

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