मायमंदिर फ़्री कुंडली
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जय श्री राधे कृष्णा शुभ संध्या #📝प्रेरणादायक ✍........🕰 *”घड़ी की फितरत भी अजीब है*, *हमेशा टिक-टिक कहती है* *मगर*, *ना खुद टिकती है* *और* *ना दूसरों को टिकने देती है !”* 🌹🙏 * राधे राधे * 🙏🌹

जय श्री राधे कृष्णा 
    शुभ संध्या 

   #📝प्रेरणादायक 
✍........🕰
*”घड़ी की फितरत भी अजीब है*, 
*हमेशा टिक-टिक कहती है*
*मगर*,
*ना खुद टिकती है* 
*और*
*ना दूसरों को टिकने देती है !”*
   🌹🙏 *  राधे राधे * 🙏🌹

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कामेंट्स

SUNIL KUMAR SHARMA Jun 11, 2019
The whole world is in search of truth and goodness, if it is not inside us then there is nowhere. Good Night Bahen Ji, Jai shri radhey Krishana ji, God bless you and your family ji. 🙏🙏🙏🙏

Queen Jun 11, 2019
Jai Shree Radhe Radhe krishna my Dear sweet sister Ji Good night Ji

jpshrivastava Jun 11, 2019
जय श्री कृष्ण जय श्री राधे जय श्री गणेश शुभ रात्रि जी

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@narayanprajapati9 जय श्री राधे कृष्णा मेरे स्वीट भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन भाई जी 🌷🙏

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@harpalbhanot जय श्री राधे कृष्णा मेरे स्वीट भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन भाई जी 🙏🌷

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@surajrajput8 जय श्री राधे कृष्णा मेरे भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन भाई जी 🌷🙏

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@code67 जय हनुमान जय सिया राम मेरे भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन भाई जी 🙏🌷

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@jadabmanik जय श्री राधे कृष्णा मेरे स्वीट और आदरणीय भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन मेरे स्वीट भाई जी ठाकुर जी की असीम कृपा आप पर और आपके परिवार पर सदा बनी रहे मेरे प्यारे भाई जी आप हमेशा खुश रहे सदा स्वास्थ्य रहे मेरे भाई जी 🙏🌷

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@opj जय श्री राधे कृष्णा मेरे स्वीट भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन मेरे भाई जी प्रभु श्री राम और हनुमान बाबा की कृपा दृष्टि आप पर और आपके परिवार पर सदा बनी रहे जी आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो जी आप हमेशा खुश रहे सदा मुस्कुराते रहिये मस्त रहिये स्वास्थ्य रहिये मेरे स्वीट भाई जी 🌷🌷🙏

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@queen1 जय श्री राधे कृष्णा मेरी प्यारी बहना जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन मेरी स्वीट बहना जी ठाकुर जी की कृपा आप पर और आपके परिवार पर सदा बनी रहे जी आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो जी आप हमेशा खुश रहे सदा मुस्कुराते रहिये मस्त रहिये स्वास्थ्य रहिये मेरी स्वीट बहना जी 🌷🙏

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@choudharyveeru धन्यवाद मेरे प्यारे प्यारे स्वीट से भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन मेरे भाई जी जय श्री राधे कृष्णा मेरे भाई जी 🙏🌷

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@choudharyveeru धन्यवाद मेरे प्यारे प्यारे स्वीट से भाई जी शुभ रात्रि सस्नेह वंदन मेरे भाई जी जय श्री राधे कृष्णा मेरे भाई जी 🙏🌷

अंजू जोशी Jun 11, 2019
@kamalasevakoti जय श्री राधे कृष्णा मेरी प्यारी बहना शुभ रात्रि सस्नेह वंदन बहना जी धन्यवाद मेरी लाडली बहना जी 🌷🙏

KAPIL DEV Jun 11, 2019
सबसे बड़ा बलवान समय समय ही सबसे बड़ा बलवान

AANAND⛳️⛳️🔥⛳️💥⛳️ Jun 11, 2019
⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️⛳️🌺⛳️MERI DIDI ⛳️PRANAAM JAIJAI SHREE RADHAE RADHAEMEY SHUBH RATRI,,DIDI HUMSE KOI GALTE HO GAYE HAI🙇🙏🙏😖

Swami Lokeshanand Jun 16, 2019

पिछले पन्द्रह दिनों से चल रहे शबरी प्रसंग का आखिरी लेख- याद का बदला याद है। शबरी ने भगवान को इतना याद किया, कि अब भगवान शबरी को कभी भूल नहीं पाएँगे। यह घटना राज्यभिषेक के बाद की है। जनकजी ने श्रीसीतारामजी सहित चारों जोड़ों को जनकपुर बुलवाया है। सीताजी और तीनों बहनें विवाह के इतने वर्ष बाद पहली बार जनकपुर आईं हैं। सभी की प्रसन्नता का कोई ठिकाना नहीं है। सुनयना माँ दौड़ दौड़ कर सब व्यवस्था संभाल रही हैं। सब और उमंग है। हो भी क्यों न, दुर्लभ अवसर है, सौभाग्य फल देने को खड़ा है। सीताजी की सब सखियाँ और जनकपुर के सामान्यजन भी, भगवान का दर्शन और सेवा करना चाहते हैं। सुनयनाजी ने अपने हाथों से रसोई बनाई है, और भी सब अपने अपने घर से पकवान बना बनाकर शाही रसोई तक पहुँचा रहे हैं, जनकपुर में किसी को भेददृष्टि से देखा ही नहीं जाता ना। एक भव्य कक्ष में, चारों ओर से सब सखियों से घिरे रामजी, तीनों भाइयों सहित विराज रहे हैं, सामने विशाल थाल रखा गया है। सब के लाए पकवानों का थोड़ा थोड़ा अंश परोसा गया है। इतने में कोई एक चंचला सखी रामजी के पास सरक आई है। हलके से कोहनी मारकर मधुर वाणी से रामजी से बोली- "ए जीजा! जरा चखकर बताओ तो, किसका बनाया पकवान सबसे स्वाद है?" वह तो प्रश्न पूछकर अन्य सखियों सहित खिलखिलाकर हंस पड़ी, पर यह क्या, रामजी की आँखों से तो टपाटप आँसू बरसने लगे। सीताजी, तीनों भाई, उर्मिला आदि, और सखियाँ सब अवाक रह गए। सुनयनाजी ने देखा, भागी आईं, चरणों में गिरकर पूछने लगीं, "भगवान हमसे कोई भूल हो गई क्या? आप रोने क्यों लगे?" रामजी कहने लगे, "माँ! किसी से कोई भूल नहीं हुई। इस सखी ने "स्वाद" की बात की ना, मुझे अपनी शबरी माँ की याद आ गई।" अब विडियो- शबरी की याद- https://youtu.be/1j0g9dZeBMw और, शबरी- https://youtu.be/7GQUn_aKFFI

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पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं - 1. युधिष्ठिर 2. भीम 3. अर्जुन 4. नकुल। 5. सहदेव ( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है ) यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी । वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र….. कौरव कहलाए जिनके नाम हैं - 1. दुर्योधन 2. दुःशासन 3. दुःसह 4. दुःशल 5. जलसंघ 6. सम 7. सह 8. विंद 9. अनुविंद 10. दुर्धर्ष 11. सुबाहु। 12. दुषप्रधर्षण 13. दुर्मर्षण। 14. दुर्मुख 15. दुष्कर्ण 16. विकर्ण 17. शल 18. सत्वान 19. सुलोचन 20. चित्र 21. उपचित्र 22. चित्राक्ष 23. चारुचित्र 24. शरासन 25. दुर्मद। 26. दुर्विगाह 27. विवित्सु 28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ 31. नन्द। 32. उपनन्द 33. चित्रबाण 34. चित्रवर्मा 35. सुवर्मा 36. दुर्विमोचन 37. अयोबाहु 38. महाबाहु 39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग 42. भीमबल 43. बालाकि 44. बलवर्धन 45. उग्रायुध 46. सुषेण 47. कुण्डधर 48. महोदर 49. चित्रायुध 50. निषंगी 51. पाशी 52. वृन्दारक 53. दृढ़वर्मा 54. दृढ़क्षत्र 55. सोमकीर्ति 56. अनूदर 57. दढ़संघ 58. जरासंघ 59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक 61. उग्रश्रवा 62. उग्रसेन 63. सेनानी 64. दुष्पराजय 65. अपराजित 66. कुण्डशायी 67. विशालाक्ष 68. दुराधर 69. दृढ़हस्त 70. सुहस्त 71. वातवेग 72. सुवर्च 73. आदित्यकेतु 74. बह्वाशी 75. नागदत्त 76. उग्रशायी 77. कवचि 78. क्रथन। 79. कुण्डी 80. भीमविक्र 81. धनुर्धर 82. वीरबाहु 83. अलोलुप 84. अभय 85. दृढ़कर्मा 86. दृढ़रथाश्रय 87. अनाधृष्य 88. कुण्डभेदी। 89. विरवि 90. चित्रकुण्डल 91. प्रधम 92. अमाप्रमाथि 93. दीर्घरोमा 94. सुवीर्यवान 95. दीर्घबाहु 96. सुजात। 97. कनकध्वज 98. कुण्डाशी 99. विरज 100. युयुत्सु ( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था, जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था ) "श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में- ॐ . किसको किसने सुनाई? उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई। ॐ . कब सुनाई? उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई। ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई? उ.- रविवार के दिन। ॐ. कोनसी तिथि को? उ.- एकादशी ॐ. कहा सुनाई? उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में। ॐ. कितनी देर में सुनाई? उ.- लगभग 45 मिनट में ॐ. क्यू सुनाई? उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए। ॐ. कितने अध्याय है? उ.- कुल 18 अध्याय ॐ. कितने श्लोक है? उ.- 700 श्लोक ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है? उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है। ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा और किन किन लोगो ने सुना? उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था? उ.- भगवान सूर्यदेव को ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है? उ.- उपनिषदों में ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....? उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है। ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है? उ.- गीतोपनिषद ॐ. गीता का सार क्या है? उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है? उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574 अर्जुन ने- 85 धृतराष्ट्र ने- 1 संजय ने- 40. अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद अधूरा ज्ञान खतरना होता है। 33 करोड नहीँ 33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मेँ। कोटि = प्रकार। देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है, कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता। हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं... कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :- 12 प्रकार हैँ आदित्य , धाता, मित, आर्यमा, शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष, सविता, तवास्था, और विष्णु...! 8 प्रकार हे :- वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष। 11 प्रकार है :- रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक, अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी, रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली। एवँ दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार। कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है तो इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाएं। । 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 १ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है This is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ... अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ...... अपनी भारत की संस्कृति को पहचाने. ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुचाये. खासकर अपने बच्चो को बताए क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा... 📜😇 दो पक्ष- कृष्ण पक्ष , शुक्ल पक्ष ! 📜😇 तीन ऋण - देव ऋण , पितृ ऋण , ऋषि ऋण ! 📜😇 चार युग - सतयुग , त्रेतायुग , द्वापरयुग , कलियुग ! 📜😇 चार धाम - द्वारिका , बद्रीनाथ , जगन्नाथ पुरी , रामेश्वरम धाम ! 📜😇 चारपीठ - शारदा पीठ ( द्वारिका ) ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम ) गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) , शृंगेरीपीठ ! 📜😇 चार वेद- ऋग्वेद , अथर्वेद , यजुर्वेद , सामवेद ! 📜😇 चार आश्रम - ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वानप्रस्थ , संन्यास ! 📜😇 चार अंतःकरण - मन , बुद्धि , चित्त , अहंकार ! 📜😇 पञ्च गव्य - गाय का घी , दूध , दही , गोमूत्र , गोबर ! 📜😇 पञ्च देव - गणेश , विष्णु , शिव , देवी , सूर्य ! 📜😇 पंच तत्त्व - पृथ्वी , जल , अग्नि , वायु , आकाश ! 📜😇 छह दर्शन - वैशेषिक , न्याय , सांख्य , योग , पूर्व मिसांसा , दक्षिण मिसांसा ! 📜😇 सप्त ऋषि - विश्वामित्र , जमदाग्नि , भरद्वाज , गौतम , अत्री , वशिष्ठ और कश्यप! 📜😇 सप्त पुरी - अयोध्या पुरी , मथुरा पुरी , माया पुरी ( हरिद्वार ) , काशी , कांची ( शिन कांची - विष्णु कांची ) , अवंतिका और द्वारिका पुरी ! 📜😊 आठ योग - यम , नियम , आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , धारणा , ध्यान एवं समािध ! 📜😇 आठ लक्ष्मी - आग्घ , विद्या , सौभाग्य , अमृत , काम , सत्य , भोग ,एवं योग लक्ष्मी ! 📜😇 नव दुर्गा -- शैल पुत्री , ब्रह्मचारिणी , चंद्रघंटा , कुष्मांडा , स्कंदमाता , कात्यायिनी , कालरात्रि , महागौरी एवं सिद्धिदात्री ! 📜😇 दस दिशाएं - पूर्व , पश्चिम , उत्तर , दक्षिण , ईशान , नैऋत्य , वायव्य , अग्नि आकाश एवं पाताल ! 📜😇 मुख्य ११ अवतार - मत्स्य , कच्छप , वराह , नरसिंह , वामन , परशुराम , श्री राम , कृष्ण , बलराम , बुद्ध , एवं कल्कि ! 📜😇 बारह मास - चैत्र , वैशाख , ज्येष्ठ , अषाढ , श्रावण , भाद्रपद , अश्विन , कार्तिक , मार्गशीर्ष , पौष , माघ , फागुन ! 📜😇 बारह राशी - मेष , वृषभ , मिथुन , कर्क , सिंह , कन्या , तुला , वृश्चिक , धनु , मकर , कुंभ , मीन! 📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग - सोमनाथ , मल्लिकार्जुन , महाकाल , ओमकारेश्वर , बैजनाथ , रामेश्वरम , विश्वनाथ , त्र्यंबकेश्वर , केदारनाथ , घुष्नेश्वर , भीमाशंकर , नागेश्वर ! 📜😇 पंद्रह तिथियाँ - प्रतिपदा , द्वितीय , तृतीय , चतुर्थी , पंचमी , षष्ठी , सप्तमी , अष्टमी , नवमी , दशमी , एकादशी , द्वादशी , त्रयोदशी , चतुर्दशी , पूर्णिमा , अमावास्या ! 📜😇 स्मृतियां - मनु , विष्णु , अत्री , हारीत , याज्ञवल्क्य , उशना , अंगीरा , यम , आपस्तम्ब , सर्वत , कात्यायन , ब्रहस्पति , पराशर , व्यास , शांख्य , लिखित , दक्ष , शातातप , वशिष्ठ ! ******************* *** इस पोस्ट को अधिकाधिक शेयर करें जिससे सबको हमारी संस्कृति का ज्ञान हो। हर हर महादेव जय शिव शंकर

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S.G PANDA Jun 16, 2019

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