SUNIL KUMAR SHARMA
SUNIL KUMAR SHARMA Jul 16, 2019

गुरु भक्त आरुणि यह महर्षि आयोदधौम्य का आश्रम है। पूरे आश्रम में म‍हर्षि की मंत्र वाणी गूंजती रहती है। गुरुजी प्रात: 4 बजे उठकर गंगा स्नान करके लौटते, तब तक शिष्यगण भी नहा-धोकर बगीची से फूल तोड़कर गुरु को प्रणाम कर उपस्थित हो जाते। आश्रम, पवित्र यज्ञ धूम्र से सुगंधित रहता। आश्रम में एक तरफ बगीचा था। बगीचे के सामने झोपड़ियों में अनेक शिष्य रहते थे। एक दिन की बात है सायंकाल अचानक बादलों की गर्जना सुनाई देने लगी... घड़ड़ड़... घड़ड़ड़...।   कुछ दूर गुरुजी के खेत थे। गुरुजी ने सोचा कि कहीं अपने धान के खेत की मेड़ अधिक पानी भरने से टूट न जाए। खेतों में से सब पानी बह जाएगा। मिट्टी कट जाएगी। उन्होंने आवाज दी- आरुणि! बेटा आरुणिऽऽ! उपस्थित हुआ गुरुदेवऽऽ! बेटा आरुणि! वर्षा हो रही है। तुम खेत पर जाओ और देखो, कहीं मेड़ टूटकर खेत का पानी निकल न जाए। जो आज्ञा गुरुदेव! गुरु का आदेश पाकर आरुणि चल पड़ा खेत की ओर। झमाझम पानी बरस रहा था। बादल गरज रहे थे... घड़ड़ड़ऽऽऽ ... ऽऽऽ...।  मोर मस्ती में भर वर्षा के स्वागत में टुहुक रहे थे- पि... केऽऽ क। पिऽऽ कोऽऽ का। आरुणि भीगता हुआ भी दौड़ा जा रहा था। गुरुजी ने दूसरे शिष्यों की बजाए आरुणि को आदेश दिया इसलिए आरुणि खुशी से फूला नहीं समा रहा था। उसके कानों में वर्षा की रिमझिम के स्थान पर गुरुजी की बताई शिक्षा गूंजने लगी- गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वर:। आरुणि ने देखा कि खेत की मेड़ एक स्थान पर टूट गई है तथा वहां से बड़े जोर से पानी की धारा बहने लगी है। आरुणि ने टूटी मेड़ पर मिट्टी जमाकर पानी रोकना चाहा किंतु बहता पानी मिट्टी को बहा ले जाता। . हाय! यह तो सारी मेहनत ही बेकार हो गई। पानी तो ठहरता ही नहीं। क्या करूं? मैं खुद ही क्यों नहीं टूटी मेड़ के स्थान पर सो जाऊं? हां, यही ठीक रहेगा। और आरुणि सचमुच टूटी‍ मेड़ के स्थान पर सो गया। पानी का बहाव थम गया।  रात पड़ गई। चारों ओर अंधकार ही अंधकार। बादलों की गर्जना... घड़ड़ड़... घड़ड़ड़...।  गीदड़ों की... हुआऽऽ हुआऽऽ। झमाझम बरसता पानी। कल-कल बहती धाराएं। सर्द हवाएं। आरुणि का शरीर सर्दी से अकड़ने लगा किंतु उसे तो एक ही धुन... गुरु की आज्ञा का पालन। बहता हुआ पानी कल-कल करता मानो आरुणि को कहने लगा- मैं वर्षा का बहता पानी,  मेरी चाल बड़ी तूफानी। उठ आरुणि अपने घर जा, रास्ता दे दे, हट जा, हट जा।।  मगर गुरु भक्त बालक आरुणि का उत्तर था-  गुरुजी का आदेश मुझे है, मैं रोकूंगा बहती धारा। जय गुरु देवा, जय गुरु देवा, आज्ञा पालन काम हमारा।। रात बीतती रही। बादल गरजते रहे। गीदड़ चीखते रहे- हुआऽऽ हुआऽऽ।  मेंढक टर्राते रहे- टर्र... टर्र... टर्र...। एक घंटा... दो घंटे... तीन घंटे...। आरुणि रातभर खेत के सहारे सोता रहा। सर्दी में शरीर सुन्न पड़ गया। गुरुदेव के खेत से पानी बहने न पाए, इस विचार से वह न तो तनिक भी हिला और न ही उसने करवट बदली। शरीर भयंकर पीड़ा होते रहने पर भी सचमुच गुरु का स्मरण करते हुए पड़ रहा।  चिड़िया चहकने लगी। मुर्गे ने सुबह होने की सूचना दी... कुकड़ूं कूंऽऽ।  गुरुजी नहा-धोकर लौटे। सभी शिष्यगण सदैव की तरह गुरुजी को प्रणाम करने पहुंचा- गुरुदेव प्रणाम! प्रसन्न रहो उपमन्यु! गुरुदेव प्रणाम! प्रसन्न रहो बेटा वेद! गुरु ने देखा कि आज आरुणि प्रणाम करने नहीं आया। उन्होंने दूसरे शिष्यों से पूछा- आज आरुणि नहीं दिख रहा है?  एक शिष्य ने याद दिलाया- गुरुदेव! आरुणि कल संध्या समय खेत की मेड़ बांधने गया था, तब से अब तक नहीं लौटा। अरे हां, याद आ गया। किंतु वह लौटा क्यों नहीं? कहां रह गया? चलो पता लगाएं। महर्षि अपने शिष्यों की टोली के साथ आरुणि को ढूंढ़ने निकल पड़े। चलते-चलते वे खेत की मेड़ की तरफ जा पहूंचे।  बेटा आरुणिऽऽ! कहां हो? किंतु आरुणि का शरीर सर्दी से इतना अकड़ गया था कि न बोला जा रहा था, न हिल-डुल सकता था। वह रहा। वह तो मेड़ के सहारे पानी के बहाव में मूर्छित पड़ा है- एक ने बताया। सभी वहां पहुंचे। उन्होंने मरणासन्न आरुणि को उठाया। हाथ-पांवों की मालिश की। थोड़ी देर बाद उसे होश आ गया। गुरुजी ने सब बातें सुनकर उसे हृदय से लगा लिया और आशीर्वाद दिया- बेटा आरुणि! तुम सच्चे गुरुभक्त हो। तुम्हें सब विद्याएं अपने आप ही आ जाएंगी। जगत में आरुणि की गुरुभक्ति सदा अमर रहेगी। सभी बालकों ने आरुणि को कंधों पर उठा लिया। घोष होने लगा। गुरु भक्त आरुणि,  धन्य हो। धन्य हो। गुरु भक्त आरुणि,  धन्य हो। धन्य हो।

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कामेंट्स

Sangeeta Lal Jul 17, 2019
Jay shree Radhe Krishna ji shubh prabhat ji Bhai ji aap aur aapke parivar hamesha khush rahe ji Bhai ji 🙏

मेरे साईं(Indian women) Jul 17, 2019
🌹🌹शुभ बुधवार🌹🌹 🌹🌹🕉श्री गणेशाय नमः🌹 भक्ति गणपति, शक्ति गणपति, सिद्धि गणपति, लक्ष्मी गणपति, महा गणपति। सुखा करता जय मोरया, दुख हरता जय मोरया; कृपा सिन्धु जय मोरया, बूढ़ी विधाता मोरया; गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया!🌹🌹आप का दिन शुभ एवं मंगलमय हो शुभ सुप्रभात वंदन🌹🌹🙏🙏

ವೆಂಕಟೇಶ (venkatesh) Jul 17, 2019
🙏🙏🙏🌺🌹🌷 Jai Sri Radha Krishna Sri Ganesh ki krupa aap aur aapki parivar sada bani rahe subha prabhat aap din subha mangalmaye aur kushi rahe vandan brother ji 🌷🌷

R.K.Soni(मंशापूर्ण गणेश मंदिर) Jul 17, 2019
सुप्रभात जी🌹🌹🌹🌹 🙏जय गणेश देवा🙏 आप व आपके परिवार को सावन मास की हार्दिक शुभ कामनाए।यह मासआपके लिए ढ़ेरों सारी खुशिया लेकर आऐ।🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🙏🌹🙏🌹

Mahesh Bhargava Jul 17, 2019
श्रावण मास की हार्दिक शुभकामनाएँ🙏 सुप्रभात जी🙏💐| हर हर महादेव

Vinod Agrawal Jul 17, 2019
🙏Savan Mas Ki Hardik Subhkamnaye🙏 🌷Jai Shree Ganesh Deva Om Namah Shivaya Har Har Mahadev Jai Shree Radhe Krishna🌷

Babita Sharma Jul 17, 2019
शिव जी के पवित्र श्रावण मास के आगमन की आपको और आपके पूरे परिवार को मेरी और से हार्दिक शुभकामनायें भाई 🙏🌹🌿🌹 ॐ नमः शिवाय 🔱

sumitra Jul 17, 2019
सावन माह की हार्दिक शुभकामनाएं भाई जी आपका दिन शुभ हो गणपति बप्पा का आशीर्वाद आप और आपके परिवार पर हमेशा बना रहे भाई जी🙏🌹

🕉️आरुषं जैन🕉️ Jul 17, 2019
⏳बाबा डमरू धारी की जय हो⏳हर हर महादेव बम बम भोले शिवमयप्रभात भैया🔱☺️🙏

Neha Sharma Jul 17, 2019
Shravan Mahine ki Hardik Shubhkamnaye bhai ji Shubh Prabhat and have a great day bhai ji 🌹🙏

Malkhan Singh UP Jul 17, 2019
*❇️🙏जय जय श्री गणेशजी🙏❇️* *🕉️*!!ॐ नमः शिवायः!!*🕉️* *शिव जी के पवित्र श्रावण महीने के आगमन की आपको और आपके पूरे परिवार को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाये।* *भगवान् भोले नाथ आपकी जिंदगी खुशियों से भर दें। एवं उनकी किरपा सदैव सपरिवार बनी रहे।* *🌹🙏!!हर हर महादेव।।🙏🌹*

DR. SEEMA SONI Jul 17, 2019
Jay Shri Ganeshji 🙏 Shravan maas ki hardi Shubhkamnaye.baba Bholenath Aapko HR Khushi De Mere pyare Bhaiya Ji 🙏Good Morning Bhai Ji 🙏

Mamta Chauhan Jul 17, 2019
Radhe Radhe Bhai ji 🙏 subh Prabhat Vandan Bhai ji 🙏 aapka har pal Mangalmya ho 🙏🌷

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