श्री राजा राजेश्वर स्वामी मन्दिर, वेमूलवाडा, तेलंगाना । Sri Raja Rajeshwar Swamy Temple, Vemulawada,

श्री राजा राजेश्वर स्वामी मन्दिर, वेमूलवाडा, तेलंगाना । Sri Raja Rajeshwar Swamy Temple, Vemulawada,

#महादेव #ज्ञानवर्षा

श्री राजा राजेश्वर स्वामी #मन्दिर, वेमूलवाडा, #तेलंगाना ।

Sri Raja Rajeshwar Swamy Temple, Vemulawada, Telangana.

Sri Raja Rajeshwara Swamy Devasthanam – Abode of Lord Easwara – at Vemulawada village of Karimnagar District in Andhra Pradesh State is one of the ancient and famous Shivaite temples. The Institution was categorized as Regional Joint Commissioner Cadre Temple under G.O.Ms.No: 262, Revenue [Endts.I] Department, dated 10/03/1992. The shrine deserves a special mention in terms of its architectural grandeur and spiritual sanctity and is one of the famous Shivaite Temples in Andhra Pradesh State. Existence of this shrine is lost in the mists of antiquity and even Puranas mention the existence of the Deity.

The presiding Deity – Lord Raja Rajeshwara in the form of “Neela Lohitha Siva Lingam is known for his boundless benevolence in fulfilling the wishes of the devotees.

This Shrine is popularly known as ‘Dakshina Kasi’ [Southern Banaras] and also as “Harihara Kshetram” for their being two Vaishnava Temples in main Temple complex i.e., Sri Anantha Padmanabha Swamy Temple & Sri Seetha Ramachandra Swamy Temple and Sri Anantha Padmanabha Swamy is Kshetra Palaka of this Temple being consecrated with Pujas/ festive rituals [both Shivate & Vaisnava festivals] and Sreerama Navami is the 2nd major festival in this temple.

A Dargah within the precincts of the temple stands as an ample evidence for religious tolerance.


Bhavishyottara Purana mentions that the Sun-God [Surya Bhagavan] recovered from disability by praying at the shrine here and so this shrine is termed “Bhaskara Kshethram”. And, Indra- the King of Ashtadikpalakas by devoutly worshipping Lord Sri Raja Rajeshwara-the presiding deity of the shrine, purified himself from Brahmahatya Dosha.

Further, It is said that during 750 to 973 AD this temple was built by Raja Narendra-the grandson of Parikshit who in turn the grandson of Arjuna, was not only cured of Leprosy by which he was afflicted by virtue of killing Muniputra accidentally, by taking bath in Dharma Gundam [Pushkarni] but also seen Lord Sri Raja Rajeshwara and Goddess Sri Raja Rajeshwari Devi in a vision and received blessings with directions to build a temple and install ‘ Siva Lingam’ which was laying in the bed of the Pushkarni.

Historical Importance: Historically this place was the capital of the Vemulawada Chalukyas who ruled from AD 750 to AD 973. Rock cut inscriptions found in this place, however refer to the village as Lemulavatika.

Literary and Traditional Importance: Tradition associate with this place with famous Telugu poet “Bheemakavi” but there is more definite proof of the famous Kannada poet “Pampa” living here as the court poet of Arikesari – II and dedicated his “Kannada Bharata” to his royal patronage.

Inside Temples in the Complex:

The Temple picturesquely stands on the bank of a large Tank which is called as Gandicheruvu. The Garbha – Griha [Maha Mandap] has “Sri Lakshmi Ganapathi”; Lord Raja Rajeshwara in the form of Neela Lohitha Siva Linga ; Goddess Sri Raja Rajeshwari Devi and Nandeeshwara facing the Lord. The sanctum sanatorium encloses Sri Anantha Padmanabha Swamy Temple; Sri Seetha Ramachandra Swamy Temple; Sri Anjaneya Sahitha Kasi Visweswara Swamy

Temple; Sri Dakshinamurthy Temple; Sri Valli Devasena Sametha Subramanya Swamy Temple; Sri Bala Tripura Sundari Devi Temple; Sri Someswaralayam; Sri Uma Maheshwaralayam; Sri Mahisasura Mardhini Temple; Kotilingalu; Sri Kala Bhairava Swamy Temple.

In this shrine, Pujas / Rituals are performed according to Smartha Agama and however in Vaishnavite temples located in temple complex, Pujas / rituals are performed according to Pancharatra Agama. The icon of Lord Raja Rajeshwara is consecrated with Chatukala Pujas i.e., Prathakala Puja; Madhyahnika Puja; Pradosakala Puja & Nishikala Puja etc., every day along with Goddess Sri Raja Rajeshwari Devi Sri Lakshmi Ganapathi located in Maha Mandapam.

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ramkumarverma Feb 28, 2021

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Sharad Yadav Feb 28, 2021

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hunny singh Feb 28, 2021

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bhavanamishra Feb 28, 2021

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Har har mahadev*-शब्दों का संसार-* शब्द रचे जाते हैं, शब्द गढ़े जाते हैं, शब्द मढ़े जाते हैं, शब्द लिखे जाते हैं, शब्द पढ़े जाते हैं, शब्द बोले जाते हैं, शब्द तौले जाते हैं, शब्द टटोले जाते हैं, शब्द खंगाले जाते हैं, *#अंततः* शब्द बनते हैं, शब्द संवरते हैं, शब्द सुधरते हैं, शब्द निखरते हैं, शब्द हंसाते हैं, शब्द मनाते हैं, शब्द रूलाते हैं, शब्द मुस्कुराते हैं, शब्द खिलखिलाते हैं, शब्द गुदगुदाते हैं, शब्द मुखर हो जाते हैं, शब्द प्रखर हो जाते हैं, शब्द मधुर हो जाते हैं, *#फिर भी-* शब्द चुभते हैं, शब्द बिकते हैं, शब्द रूठते हैं, शब्द घाव देते हैं, शब्द ताव देते हैं, शब्द लड़ते हैं, शब्द झगड़ते हैं, शब्द बिगड़ते हैं, शब्द बिखरते हैं शब्द सिहरते हैं, *#किंतु-* शब्द मरते नहीं, शब्द थकते नहीं, शब्द रुकते नहीं, शब्द चुकते नहीं, *#अतएव-* शब्दों से खेले नहीं, बिन सोचे बोले नहीं, शब्दों को मान दें, शब्दों को सम्मान दें, शब्दों पर ध्यान दें, शब्दों को पहचान दें, ऊँची लंबी उड़ान दे, शब्दों को आत्मसात करें... उनसे उनकी बात करें, शब्दों का अविष्कार करें... गहन सार्थक विचार करें, *#क्योंकि-* शब्द अनमोल हैं... ज़ुबाँ से निकले बोल हैं, शब्दों में धार होती है, शब्दों की महिमा अपार होती, शब्दों का विशाल भंडार होता है, *और सच तो यह है कि-* *शब्दों का अपना एक संसार होता है*🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏सेवक भरत व्यास बांगा हिसार हरिद्वार 👏👏🌺👏👏👏 🙏🏼🌹‼️जय माता दी‼️🌹🙏🏼"गीता में बहुत सुंदर कथन लिखा हुआ है... अहँकार से जिस व्यक्ति का मन मैला है, करोड़ों की भीड़ में भी वो सदा अकेला है। मैं मोक्ष चाहता हूँ, मैं मोक्ष को कैसे पाऊँ...?? विचित्र बात है अगर *"मैं"* हो तो मोक्ष कैसा ?? *"मैं"* से मुक्त होना ही मोक्ष है🌷🙏🏻

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Mamta Chauhan Feb 28, 2021

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priyanka singh Feb 28, 2021

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Vandana Singh Feb 28, 2021

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 01 मार्च 2021* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - द्वितीया सुबह 08:35 तक तत्पश्चात तृतीया* ⛅ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी सुबह 07:37 तक तत्पश्चात हस्त* ⛅ *योग - शूल दोपहर 12:56 तक तत्पश्चात गण्ड* ⛅ *राहुकाल - सुबह 08:27 से सुबह 09:55 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:00* ⛅ *सूर्यास्त - 18:41* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - तृतीया क्षय तिथि* 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷 👉 *02 मार्च, मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:58)* 🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :* 🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।* 🌷 *ॐ सोमाय नमः ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷 👉 *भारतीय समय के अनुसार 02 मार्च 2021 को (सूर्योदय से 03 मार्च प्रात: 03:00 तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..* *👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-* 🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः* 🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः* 🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः* 🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः* 🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः* 🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः* 🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः* 🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः* 🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः* 🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः* 🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः* 🌷 *12) ॐ भुजाय नमः* 🌷 *13) ॐ भौमाय नमः* 🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः* 🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः* 🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः* 🌷 *17) ॐ यमाय नमः* 🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः* 🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः* 🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः* 🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः* 🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-* 🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा* 🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका* 🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम* 🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे* 🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..* 🙏 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏

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