Heed Herbals Bageshwar
Heed Herbals Bageshwar Mar 27, 2020

भारतीय आयुर्वेद और योग विज्ञान पर विश्वास करने वालों के लिए - कोरोना वायरस से बचाव के लिए Respiratory system को मजबूत करना आवश्यक है। उसके उपाय- 1. भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम प्राणायाम नियमित रूप से करें। 2. Lungs की strengh को जानने के लिए गहरी श्वास ले कर कुम्भक लगाएं अर्थात रोके और कितने seconds रोक सकते हैं check करें। यदि 35 से 45 seconds रोक सकते हैं तो यह फेफड़ों की मजबूत स्थिति बताता है। लेकिन यदि यह कम है तो कोरोना वायरस के attack से बचने के लिए निम्न उपाय करें- 1. प्राणायाम दिन में दो बार करें खाली पेट या भोजन के 3 - 4 घंटे बाद। 2. गहरी सांस ले कर रोके अपनी क्षमता के अनुसार और श्वास निकलने के बाद भी इसी प्रकार रोकें। 3. गर्म पानी में हल्दी और फिटकरी डाल कर दिन में कई बार गरारे /gargle करें। 4. प्रत्येक एक डेढ़ घंटे के बाद चाहे थोड़ा सा ही लें गर्म पानी पी लें। 5. पानी को उबाल लें और उबलने के बाद उसमें नीलगिरी तेल/ eucalyptus oil की कुछ बूंदे डाल कर स्टीम लें। स्थिति के अनुसार यह एक से चार समय तक लें सकते हैं। 6. घर मे दोनो समय थोड़ी सी लकड़ी/ गाय के गोबर के उपले को गाय के घी से जला कर उस पर थोड़ा सा गुड़ या शक्कर डाले, कुछ दाने किशमिश के, दो तीन लोंग डालें। जब यह पूरा जल जाय और कुछ अँगारे रहें तो उस पर कपूर तथा गुग्गल के कुछ टुकड़े डाल कर उसके धुएं/ खुशबू को पूरे घर में फैल जाने दें। 7. भोजन हल्का लें और फलों की तथा पानी की मात्रा बढ़ा दें। 8. एकांतवास जरूरी है बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। 9. पानी मे गिलोय, तुलसी, अदरख का छोटा टुकड़ा , एक दो लोंग, एक दो काली मिर्च, कुछ नीम के पत्ते डाल कर काढ़ा बनाये और सुबह शाम लें। 10. दिन में कई बार दोनों नासिकाओं/ nostrils में सरसों का तेल लगाएं। घर से बाहर जाते समय जरूर लगाएं। 11. Mobile फ़ोन का प्रयोग कम करें। 12. ताली बजाने या शंख ध्वनि को व्यर्थ न समझे। करने पर लाभ ही होगा। सामान्य लोग भी कुछ समय तक, जब तक वायरस के संक्रमण का खतरा टलता नही है, ऊपर दिए उपायों को करें चाहे कम मात्रा में तो लाभकारी होगा। क्योंकि कोरोना वायरस का attack हो जाने के बाद चार पांच दिन तक तो पता भी नही चलता। हां, कुछ लोग सरकार के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। यह स्वभावगत है। शायद अपने शरीर की मजबूती को बताना चाह रहे

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कामेंट्स

madanpal singh Mar 27, 2020
jai Mata Diiiiiiiiii 🌹 Shubh sandaya Jiiii Mata Rani ki karpa sadev AAP v aapka pariwar par bani rahe jiii 🌷 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌹 🕉️🌹

🌼कृष्णा🌼 Mar 27, 2020
👍👍👍जय श्री माता की भाई जी शुभसँध्या वन्दन🌹🙏🌹

Sunita Pawar Jun 1, 2020

चाणक्य के 15 अमर वाक्य | 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ 1) दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक और महिला की सुन्दरता है। 2) हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ जरूर होता है, यह कड़वा सच है। 3) अपने बच्चों को पहले पांच साल तक खूब प्यार करो। छः साल से पंद्रह साल तक कठोर अनुशासन और संस्कार दो। सोलह साल से उनके साथ मित्रवत व्यवहार करो।आपकी संतति ही आपकी सबसे अच्छी मित्र है।" 4) दूसरों की गलतियों से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम पड़ेगी। 5) किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना चाहिए। सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं। 6) अगर कोई सर्प जहरीला नहीं है तब भी उसे जहरीला दिखना चाहिए वैसे दंश भले ही न हो पर दंश दे सकने की क्षमता का दूसरों को अहसास करवाते रहना चाहिए। 7) कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे पूछो... मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ? इसका क्या परिणाम होगा ? क्या मैं सफल रहूँगा? 8) भय को नजदीक न आने दो अगर यह नजदीक आये, इस पर हमला कर दो यानी भय से भागो मत इसका सामना करो। 9) काम का निष्पादन करो, परिणाम से मत डरो। 10) सुगंध का प्रसार हवा के रुख का मोहताज़ होता है, पर अच्छाई सभी दिशाओं में फैलती है।" 11) ईश्वर चित्र में नहीं चरित्र में बसता है. अपनी आत्मा को मंदिर बनाओ। 12) व्यक्ति अपने आचरण से महान होता है जन्म से नहीं। 13) ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं, उन्हें दोस्त न बनाओ, वह तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे। समान स्तर के मित्र ही सुखदायक होते हैं। 14) अज्ञानी के लिए किताबें और अंधे के लिए दर्पण एक समान उपयोगी है। 15) शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है।शिक्षित व्यक्ति सदैव सम्मान पाता है। शिक्षा की शक्ति के आगे युवा शक्ति और सौंदर्य दोनों ही कमजोर है. राजा भोज ने कवि कालीदास से दस सर्वश्रेष्ट सवाल किए- 1- दुनिया में भगवान की सर्वश्रेष्ठ रचना क्या है? उत्तर- ''मां'' 2- सर्वश्रेष्ठ फूल कौन सा है? उत्तर- "कपास का फूल" 3- सर्वश्र॓ष्ठ सुगंध कौन सी है? उत्तर- वर्षा से भीगी मिट्टी की सुगंध । 4-सर्वश्र॓ष्ठ मिठास कौन सी? - "वाणी की" 5- सर्वश्रेष्ठ दूध- "मां का" 6- सबसे काला क्या है? "कलंक" 7- सबसे भारी क्या है? "पाप" 8- सबसे सस्ता क्या है? "सलाह" 9- सबसे महंगा क्या है? "सहयोग" 10-सबसे कडवा क्या है? ऊत्तर- "सत्य". वो डांट कर अपने बच्चो को अकेले मे रोती है? वो माँ है और माँ एसी ही होती है । जितना बडा प्लाट होता है, उतना बडा बंगला नही होता. जितना बडा बंगला होता है, उतना बडा दरवाजा नही होता. जितना बडा दरवाजा होता है, उतना बडा ताला नही होता. जितना बडा ताला होता है, उतनी बडी चाबी नही होती. परन्तु चाबी पर पुरे बंगले का आधार होता है। इसी तरह मानव के जीवन मे बंधन और मुक्ति का आधार मन की चाबी पर ही निर्भर होता है। है मानव! तू सबकुछ कर पर किसी को परेशान मत कर, जो बात समझ न आऐ उस बात मे मत पड़! पैसे के अभाव मे जगत 1% दूखी है, समझ के अभाव मे जगत 99% दूखी है. आज का श्रेष्ठ विचार:- यदि आप धर्म करोगे तो भगवान से आपको माँगना पड़ेगा, लेकिन यदि आप कर्म करोगे तो भगवान को देना पड़ेगा..! 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️

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lalit mohan jakhmola May 31, 2020

*डर लगता है* *आमाशय*.......को डर लगता है जब आप सुबह का नाश्ता नहीं करते हैं। *किडनी* .........को डर लगता है जब आप 24 घण्टों में 10 गिलास पानी भी नहीं पीते। *गाल ब्लेडर*.............को डर लगता है जब आप 10 बजे रात तक भी सोते नहीं और सूर्योदय तक उठते नहीं हैं। *छोटी आँत*...........को डर लगता है जब आप ठंडा और बासी भोजन खाते हैं। *बड़ी आँतों*..........को डर लगता है जब आप तैलीय मसालेदार मांसाहारी भोजन करते हैं। *फेफड़ों*.........को डर लगता है जब आप सिगरेट और बीड़ी के धुएं, गंदगी और प्रदूषित वातावरण में सांस लेते है। *लीवर*........को डर लगता है जब आप भारी तला भोजन, जंक और फ़ास्ट फ़ूड खाते है। *हृदय*...........को डर लगता है जब आप ज्यादा नमक और केलोस्ट्रोल वाला भोजन करते है। *पैनक्रियाज*.........को डर लगता है जब आप स्वाद और फ्री के चक्कर में अधिक मीठा खाते हैं। *आँखों*.........को डर लगता है जब आप अंधेरे में मोबाइल और कंप्यूटर के स्क्रीन की लाइट में काम करते है। और *मस्तिष्क*.........को डर लगता है जब आप नकारात्मक चिन्तन करते हैं। आप अपने तन के कलपुर्जों को मत डरायें । ये सभी कलपुर्जे बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। जो उपलब्ध हैं वे बहुत महँगे हैं और शायद आपके शरीर में एडजस्ट भी न हो सकें। इसलिए अपने शरीर के कलपुर्जों को स्वस्थ रखे। *विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आप सभी* *“स्वस्थ रहें ,मस्त रहें, व्यस्त रहें”

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Sunita Pawar May 31, 2020

*सालों पहले मीडिया जंकेट में हरियाणा के हिसार से आगे कही गया था*। गर्मियों के दिन थे। रास्ते में एक ढाबे पर रात्रि भोजन के लिए रुके। भोजन आने से पहले यूंही टहलते हुए, होटल के पीछे चला गया। *अपनी आदत है, रामबाग पैलेस हो या हाई वे पर रामभरोसे यादव जी का ढाबा। तांकझांक जरूर करेंगे। जिज्ञासावश!* ढाबे के पीछे गए तो देखा! *झूठे बर्तन बालू से मांजे जा रहे हैं, मांजने के बाद साफ कपड़े से पोंछ कर रख दिया जा रहा*। यानी अगली परोस के तैयार। पर दिख रहे थे, बेहद साफ़-सुथरे। *चम चमा चम!* जियरा भिनक गया। हम ठहरे प्रयागवासी। पानी से बर्तन धुले बिना कैसे मान लें कि झुठन मुक्त हो गया पात्र। फिर भोजन ही नहीं किया। *लेकिन आज जब गांव में हूँ।* पानी का मोल समझ आया। समझ आया कि हर सुबह दो से तीन घण्टे पानी जुटाने वास्ते कितनी मेहनत करती हैं हमारी बहन बेटियां। पुरुष भी करते हैं। *फिर कई आर्टिकल पढ़े, ये जो बर्तन धोने के लिए शहरों में हम बार का इस्तेमाल करते हैं। वो कैसे हमारे भीतर जहर उड़ेल रहा है। धीमा जहर। माइक्रो ग्राम में। बार से धुले बर्तन कितना भी धो लें। कितना भी सूखने के बाद कपड़े से रगड़ लें। अदृश्य परत बनी रहती है। जो भोजन के साथ हमारे, हमारे बच्चो के शरीर में घुसना ही है। यह चमक एक धोखा है। नेहरू के विकास मॉडल की तरह।* इतने वर्ष ज्ञान बटोरने के बाद *फिर अम्मा-दादी के ज्ञान को ओर लौट आया। बिना चूं चपड़ किए*। *बालू और गाय के उपले की राख से बर्तन खूब रगड़ता हूँ। घी, तेल भी बिल्कुल साफ। बोले तो झकाझक। याद आती हैं माई। ढेर सारे बर्तन चूल्हे की राख से रगड़ते हुए*। *अब जब कैंसर* या असाध्य बीमारियों के बारे में सुनता हूँ तो *चीनी, अलमुनियम पात्र, आयोडीन नमक, डेयरी दूध, रिफाइंड और तमाम ब्रांडेड तेल के अलावा यह भी पूछता हूँ, आपके घर बर्तन किससे धोए जाते हैं ? राख या बार ! दुःखद है, शहर के 100% मित्रों से जवाब मिलता है, बार ! अकेले में चांदनी बार! घर में चमको बार!* अब देखिएगा। बहुतेरे मित्र कहेंगे, हमारे यहां तो अम्मा के समय राख से धुलता था,अब शहर में राख कहाँ ? राख नहीं, बालू नहीं ! तभी तो बीमारी हैं! *मोदी जी या योगी जी तो राख लाकर देंगे नहीं। वैसे बता दूं, यह भी #हिन्दू_इकॉनमी है। बात यदि पल्ले पड़ी हो तो।* ☺️ करते हो अगर अपने बच्चों, नाती, पोतों से प्यार ! राख और बालू से कैसे करोगे इनकार। *यह पोस्ट "ज्ञानियों" के लिए नहीं है।* C

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Vitthal Pacholi May 31, 2020

*मृत्यु* जब कोई इंसान इस दुनिया से विदा हो जाता है तो उसके कपड़े, उसका बिस्तर, उसके द्वारा इस्तेमाल किया हुआ सभी सामान उसी के साथ तुरन्त घर से निकाल दिये जाते है। पर कभी कोई उसके द्वारा कमाया गया धन-दौलत. प्रोपर्टी, उसका घर, उसका पैसा, उसके जवाहरात आदि, इन सबको क्यों नही छोड़ते? बल्कि उन चीजों को तो ढूंढते है, मरे हुए के हाथ, पैर, गले से खोज-खोजकर, खींच-खींचकर निकालकर चुपके से जेब मे डाल लेते है, वसीयत की तो मरने वाले से ज्यादा चिंता करते है। इससे पता चलता है कि आखिर रिश्ता किन चीजों से था। इसलिए पुण्य परोपकार ओर नाम की कमाई करो। इसे कोई ले नही सकता, चुरा नही सकता। ये कमाई तो ऐसी है, जो जाने वाले के साथ ही जाती है। हाड़ जले ज्यूँ लाकड़ी, केस जले ज्यूँ घास। कंचन जैसी काया जल गई, कोई न आयो पास ( एक मित्र से प्राप्त ) जय हो🙏

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घमोरियों का घरेलू उपचार 〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰 गर्मियों में घमोरियां होना एक आम बात है एक तो भयंकर गर्मी और उस पर बहते पसीने में ये घमोरियां, पुरे तन बदन में आग लगा देती हैं। घमोरियां ज़्यादातर गले पेट और पीठ पर अधिक प्रकोप दिखाती हैं। गर्मियों में घमौरियों से बचने के लिए भोजन में तड़का (छोंक) लगते समय प्याज और लहसुन और गर्म मसालों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कच्चा प्याज गर्मी से बचाता है तो छोंक लगा हुआ प्याज गर्मी करता है। अगर घमोरियां हो गयी हों तो ऐसे में आप तुरंत आराम के लिए निम्नलिखित प्रयोग अपना कर घमौरियों के कष्ट से तुरंत आराम पा सकते हैं। *बर्फ से घमौरियों का इलाज: घमौरियां होने पर शरीर पर बर्फ मलने से ठंडक मिलती है* मुलतानी मिट्टी से घमौरियों का इलाज: शरीर पर मुलतानी मिट्टी का लेप करने से घमौरियां कुछ ही दिनों में मिट जाती हैं। नारियल से घमौरियों का इलाज👉 रोजाना सुबह और शाम नहाने के बाद नारियल के तेल में कपूर को मिलाकर पूरे शरीर पर मालिश करने से घमौरियां दूर हो जाती हैं। मेहंदी से घमौरियों का इलाज👉 शरीर में घमौरियां होने पर मेहंदी का लेप करने से घमौरियां कुछ ही समय में बिल्कुल खत्म हो जाती हैं।नहाते समय पानी में मेहंदी के पत्तों को पीसकर मिला लें। इस पानी से नहाने से घमौरियां ठीक हो जाती हैं और रोगी को राहत मिलती है। नीम से घमौरियों का इलाज👉 घमौरियां होने पर नीम की छाल को घिसकर चन्दन कीतरह शरीर पर लगाने से घमौरियां कुछ ही समय में ठीक हो जाती हैं। पानी में थोड़ी सी नीम की पत्तियां डालकर उबाल लें। इस पानी से नहाने से घमौरियां दूर हो जाती हैं। चंदन से घमौरियों का इलाज👉 सफेद चंदन को पानी के साथपीसकर शरीर पर लेप करने से घमौरियां ठीक हो जाती हैं।गुलाब जल में चंदन और कपूर को घिसकर घमौरियों पर लगाने से आराम आता है। खसखस से घमौरियों का इलाज👉 20 ग्राम खसखस को पीसकरपानी में मिलाकर घमौरियों पर लगाने से घमौरियों से राहत मिलती है। इसके अलावा 2 चम्मच खसखस के शर्बत को 1कप पानी में मिलाकर दिन में 2-3 बार पीने से भी घमौरियों में लाभ होता है।* अनानास से घमौरियों का इलाज👉 घमौरियां होने पर अनान्नास का गूदा शरीर पर लगाने से रोगी को आराम होता है। बड़हल से घमौरियों का इलाज👉 बड़हल (बरहर) के पेड़ की छालकी फांट से त्वचा को धोने सेघमौरियां और फुन्सियां ठीक होजाती हैं। सरसों से घमौरियों का इलाज👉 पानी में बराबर मात्रा में सरसों का तेल मिलाकर सुबह और शाम मालिश करने से सिर्फ 3 दिनों में ही घमौरियां पूरी तरह से खत्म हो जाती है। नारंगी से घमौरियों का इलाज👉 नारंगी के छिलकों को सुखाकर उसका पाउडर बना लें। इसपाउडर को गुलाबजल में मिलाकर शरीर पर लेप करने से घमौरियों में लाभ होता है। घी से घमौरियों का इलाज👉 गाय या भैंस के असली घी की पूरे शरीर पर मालिश करने से घमौरियां मिट जाती हैं और दुबारा कभी होती भी नहीं हैं। तुलसी से घमौरियों का इलाज👉 तुलसी की लकड़ी को पीसकर चन्दन की तरह शरीर पर मलने से घमौरियां समाप्त हो जाती हैं। समुद्रफेन से घमौरियों का इलाज👉 समुद्रफेन के बारीक चूर्ण को गुलाब जल में मिलाकर शरीर पर लगाने से घमौरियों से राहत मिलती है। करेला से घमौरियों का इलाज👉 चौथाई कप करेले के रस में 1चम्मच खाने वाला मीठा सोडा मिलाकर दिन में 2 से 3 बार घमौरियों पर लेप करने से घमौरियां मिट जाती हैं। आम से घमौरियों का इलाज👉 कच्चे आम को धीमी आंच में भूनकर इसके गूदे का शरीर पर लेप करने से घमौरियों में आराम होता है। धनिया से घमौरियों का इलाज👉 बर्फ के पानी में 50 ग्राम धनिये के पानी को भिगो देना चाहिए। लगभग 5 घंटे बाद इस पानी को छानकर घमौरियों वाले स्थान पर लगाने से राहत मिलती है। यदि किसी छोटे तौलिये को इस पानी में भिगोकर घमौरियों पर रखा जाए तो रोगी को बहुत आराम मिलता है। इस प्रक्रिया को 2 दिन तक सुबह-शाम करने सेघमौरियां नष्ट हो जाती हैं। इसकेअतिरिक्त नींबू के रस में धनिया डालकर पीना भी घमौरियों में लाभकारी रहता है। ध्यान रहे कि घमौरियों के कारण शरीर में नमक की मात्रा कम होनेलगती है। इसलिए नमक का सेवन अवश्य ही करना चाहिए। यदि रोटी में नमक और अजवायन को मिला लिया जाएतो भी घमौरियों में बहुत आराम मिलता है। लहसुन से घमौरियों का इलाज👉 लहसुन की कलियों को पीसकर रस उसका रस निकाल लें। यह रस 3 दिन तक शरीर पर मलने से शरीर पर गर्मी से निकलने वाली घमौरियां मिट जाती हैं। स्वदेशी पेय से घमौरियों का इलाज👉 ऐसे में जौं या चने का सत्तू बहुत उपयोगी है। आर्टिफीसियल ड्रिंक्स की बजाये स्वदेशी ड्रिंक्स जैसे सत्तू, आम का पन्ना, निम्बू पानी, मट्ठा, छाछ आदि का सेवन करें। 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰

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b singh Jun 1, 2020

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AK Tiwari Jun 1, 2020

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Sunita Pawar Jun 1, 2020

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 01 जून 2020* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - ज्येष्ठ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - दशमी शाम 02:57 तक तत्पश्चात एकादशी* ⛅ *नक्षत्र - हस्त 02 जून रात्रि 01:03 तक तत्पश्चात चित्रा* ⛅ *योग - सिद्धि दोपहर 01:18 तक तत्पश्चात व्यतिपात* ⛅ *राहुकाल - सुबह 07:25 से सुबह 09:05 तक* ⛅ *सूर्योदय - 05:57* ⛅ *सूर्यास्त - 19:14* *⛅वाराणसी काशी अनुसार* *⛅सूर्योदय-05:08* *⛅सूर्यास्त-18:43* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - गंगा दशहरा समाप्त* 💥 *विशेष - 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷 ➡ *01 जून 2020 सोमवार को दोपहर 02:58 से 02 जून मंगलवार को दोपहर 12:04 तक एकादशी है ।* 💥 *विशेष - 02 जून मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।* 🙏🏻 *एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।* 🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।* 🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।* 🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।* 🙏🏻 *प्रेरणामूर्ति भारती श्रीजी* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷 🙏🏻 *एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें .......विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l* 🙏🏻 *Sureshanandji* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷 🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के जो दिन चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा* 🙏🏻 *- पूज्य श्री* 🌞 *~ हिन्दू पंचाग ~* 🌞 🌷 *व्यतिपात योग* 🌷 🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।* 🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।* 🙏🏻 *व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुऐ नाराज हुऐ, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नही दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नही थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसु बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।* 💥 *विशेष ~ व्यतिपात योग - 01 जून 2020 सोमवार को दोपहर 01:19 से 02 जून सुबह 09:53 तक व्यतीपात योग है।* 🙏🏻 *कथा स्रोत - (स्वामी सुरेशानन्द जी के सत्संग से)* 🌞 *~ हिन्दू पंचाग ~*j 🌞 🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

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