• सर्व धर्माचे सार हेच की, परोपकारार्थ अनिवार्य श्रम करावेत. • प्राण गेला तरीही दुस-या जीवाची हिंसा करू नये. • विनाकारण दुस-यास पीडा देऊ नये. • मोठा अधिकार, संपत्ती यांचा चिरकाल भरवसा मानू नये. • पक्षापक्ष भेद टाकून सत्य, न्याय, धर्म या मार्गाने असावे. • परमेश्वर भजनी रत असावे. • कोणतेही र्दुव्‍यसन नसावे. • योग्यायोग्य विचार असावा. • अतिथी, अभ्यागतांस अन्न-पाणी द्यावे. • न्यायाने, कष्टाने मिळविलेल्या पैशाने स्वहीत करावे, तसेच दुस-याचे हीत देखील करावे. • परोपकारार्थ पाणपोई, विहीर, तलाव बांधावेत. • प्रवाशांस उपयोगी पडतील अशा धर्मशाळा बांधाव्यात. • दया-क्षमा-शांतीयुक्त चित्त असावे. • ऐहिक जीवनाचे नश्वर स्वरूप जाणावे, निष्काम कर्म करावे. • आपले भोग हे चुकत नाहीत. ते भोगावेच लागतात. त्यातून दु:ख विशाद वाटय़ाला येतो. म्हणून नेमून दिलेले तुमचे काम करताना, ते हसत हसत करा.

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Devel Dublish May 10, 2021

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Acharya Rajesh May 10, 2021

☀️ *विस्तृत लेखमाला:-मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र, भाग-13* *मनोरथ पूर्ण करने हेतु मंत्र की इस धारावाहिक लेखमाला मे प्रतिदिन अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा तथा महामंत्र के जाप से अभीष्ट की प्राप्ति की जा सकती हैं । आज के इस लेख मे भगवान श्री हनुमान जी साधना तथा मंत्र शक्ति द्वारा रोग शमन, शत्रु नाश तथा वशीकरण की प्राप्ति हेतु मंत्र । *हनुमान साधना द्वारा रोग शमन, शत्रु नाश तथा वशीकरण की प्राप्ति हेतु मंत्र* *मंत्र जाप तथा साधना विधि:-* हनुमान साधना तथा मंत्रजाप हेतु साधक को पूर्ण शुद्धि तथा निर्मल भक्ति की आवश्यकता होती हैं । जो भी भक्त भगवान श्री हनुमानजी से इस प्रकार की कामना करते हो । उन्हें शुक्लपक्ष के प्रथम मंगलवार को प्रातःकाल स्नानादि के उपरांत शांत मन से साफ़-सफाई के साथ, बिना कुछ खाए-पिए, ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए भगवान हनुमान को स्मरण करते हुए शुद्धतापूर्वक लाल रंग के वस्त्र धारण करके लाल रंग के ऊनी आसन पर बैठकर, लकडी के पटरे पर कपडा बिछाकर उसपर हनुमान जी नया चित्र रखकर सिंदूर-धी का तिलक लगाकर, गो घृत की ज्योत जलाकर, उनके सम्मुख रूद्राक्ष अथवा मूंगे की माला से सामर्थ्य के अनुसार अधिक से अधिक या फिर कम से कम पांच माला का जाप कार्य सिद्ध होने तक प्रतिदिन अवश्य करना चाहिए । हनुमान जी के इस मंत्र जाप से साधक के समस्त प्रकार के दुःख व संकट हमेशा के लिये नष्ट हो जाते हैं । शत्रुओं का विनाश हो जाता है, रोगो से मुक्ति मिलती हैं, और विरोधी तथा मित्र भी वश में हो जाते हैं । *मंत्र:-* *ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसहांरणाय* *सर्वरोगाय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा* हनुमान जी की साधना तथा मंत्र शक्ति द्वारा घोर विरोधी तथा शत्रु भी वश में हो जाते हैं अथवा शत्रुता समाप्त होती हैं, रोगो का शमन होता है । जाप के दौरान लगातार चालीस दिन तक ब्रह्मचर्य तथा पूर्ण शुद्धियो का पालन करते हुए, प्रतिदिन मंदिर जाकर हनुमानजी के समक्ष दीपदान करते रहे, (यदि संभव हो तो प्रतिदिन मंदिर नंगे पाँव ही जाये) नित्य लाल गाय की सेवा करते रहे, मामा तथा भाईयों की सेवा करे, वृद्ध ब्राह्मण को दूध मे शहद डालकर पिलाते रहे । चालीसवे दिन मंत्रजाप का दशांश हवन मे आहुति देकर साधना को सम्पूर्ण करे और हनुमानजी को सिंदूर का चौला चढाकर किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थना करे । *(क्रमशः)* *कल लेख के चौदहवे भाग में गंभीर से गंभीर नेत्ररोग के निवारणार्थ चाक्षुष्मती विद्या का प्रयोग* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. शीघ्र ही "पंचक" विषय पर लेख ।* *2. शीघ्र ही "मोहिनी एकादशी" विषय पर लेख ।* *3. शीघ्र ही "वैशाख मास के अंतिम तीन दिन" विषय पर लेख ।* *4. शीघ्र ही "वैशाख पूर्णिमा" विषय पर लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *मंगलवार,11.5.2021* *श्री संवत 2078* *शक संवत् 1943* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-उत्तर गोल* *ऋतुः- ग्रीष्म ऋतुः ।* *मास- वैशाख मास।* *पक्ष- कृष्ण पक्ष ।* *तिथि- अमावस्या तिथिअगले दिन 00:31 am तक* *चंद्रराशि- चंद्र मेष राशि मे ।* *नक्षत्र- भरणी 11:31 pm तक* *योग- सौभाग्य योग 10:40 pm तक (शुभ है)* *करण- चतुष्पाद करण 11:13 am तक* *सूर्योदय 5:33 am, सूर्यास्त 7:02 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 11:50 am से 12:44 pm* *राहुकाल - 3:39 am से 5:21 am* (अशुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- उत्तर दिशा ।* *मई माह -शुभ दिन:-* शुभ दिन :- 14, 15, 16 (सवेरे 10 उपरांत), 17, 18, 19 (दोपहर 1 तक), 20, 21, 22, 24 (सवेरे 11 उपरांत), 26, 28, 30, 31 *मई माह-अशुभ दिन:-* 11, 12, 13, 23, 25, 27, 29. ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* ________________________ *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 12 मई:- ईद-उल- फितर। 15 मई:- विनायक चतुर्थी। 22 मई:- मोहिनी एकादशी। 24 मई:- सोम प्रदोष व्रत। 26 मई:- बुद्ध पूर्णिमा/वैशाख पूर्णिमा। 29 मई:- संकष्टी चतुर्थी आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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हीरा May 10, 2021

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sukhadev awari May 10, 2021

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