Krishna Singh
Krishna Singh Aug 16, 2017

सुप्रभात जी

+18 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 29 शेयर

+47 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 198 शेयर
Gopal Jalan Oct 28, 2020

+12 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 13 शेयर

+49 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 122 शेयर
Anilkumar Tailor Oct 28, 2020

+11 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 7 शेयर
Pankaj Khandelwal Oct 28, 2020

🇸‌🇭‌🇺‌🇧‌🇭‌ 🇵‌🇷‌🇦‌🇧‌🇭‌🇦‌🇹‌ 2⃣9⃣❗1⃣0⃣❗2⃣0⃣2⃣0⃣ *दो वस्तु जीवन मे होती है एक निज स्वाभाव और दूसरा औरों का प्रभाव। अधिकतर हम सब अपने स्वाभाव में नहीं औरों के प्रभाव में जीते हैं।* *हमे जो चाहिए वो पाने के लिए यत्न करें वो हुआ स्वभाव और औरो को पाया हुआ देखकर वो पाने का हम भी यत्न करें ये हुआ प्रभाव। जब तक कुछ पाना बाकी हो तो अपने मूल स्वाभाव का परिचय नहीं होता क्योंकि हम अपनी कामनाओ के प्रभाव में जीते हैं।* *जब जीवन मे कुछ भी पाना बाकी न रहा हो तो जो करने का मन हो वो हमारा मूल स्वाभाव है। सेवा करना जीव का स्वभाव है।जीवन मे कुछ पाना बाकी न रहा हो तब हमारे मूल स्वभाव की वृत्ति जागती हैं।* *विरासत में वसीयत तो मिल सकती है..!* *लेकिन..* *मुक्ति तो कर्मों के आधार पर ही मिलती है..!!* *जय श्री कृष्ण*🙏🙏 *आज का दिन शुभ मंगलमय हो।*

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 10 शेयर

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 8 शेयर
arunkumarsingh Oct 27, 2020

+13 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB