prakash patel
prakash patel Nov 27, 2021

☘️ *_रोगो को दूर करने के उपाय है आपके पास ही : अपनाये उपाय 20 उपयोगी , बनाये अपना जीवन निरोगी_* https://www.facebook.com/groups/367351564605027/permalink/608998523773662/ अपने जीवन में खानपान संबंधित कुछ आदतों को आप व्यवस्थित कर निरोगी, आनंददायक और चीर जीवन पा सकते है . थोड़ा आप ध्यान देंगे तो पाएंगे की ये उपाय आपके पास और सर्व सुलभ सस्ते ही है । तो जानते है की ये क्या क्या है 1- केवल सेंधा नमक का प्रयोग करने पर आप *थायराइड* और *ब्लडप्रेशर* से बचे रह सकते हैं, यही नहीं, आपका *पेट* भी ठीक रहेगा । 2- कोई भी रिफाइंड न खाकर तिल, सरसों, मूंगफली या नारियल के तेल का प्रयोग आपके शरीर को कई बीमारियों से बचायेगा, रिफाइंड में कई हानिकारक *कैमिकल* होते हैं । 3- ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का *स्वास्थ्य* सही रहेगा । 4- करेले, मेथी और मूली यानि कड़वी सब्जियां भी खाएं, *रक्त* शुद्ध होता रहेगा । 5- भोजन का समय निश्चित करें, *पेट* ठीक रहेगा । 6- भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा *पोषण* देगा । 7- भोजन से पहले पिया गया पानी *अमृत*, बीच का *सामान्य* और अंत में पिया गया पानी *ज़हर* के समान होता है । 8- बहुत ही आवश्यक हो तो भोजन के साथ गुनगुना पानी ही पियें, यह *निरापद* होता है । 9- सवेरे दही का प्रयोग *अमृत*, दोपहर में *सामान्य* व रात के खाने के साथ दही का प्रयोग *ज़हर* के समान होता है । 💎 आपकी बिमारी-समस्या के एक्यूप्रेशर पॉइंट 🔑की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। ✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 🌸 Face Book Page 🌸 એક્યુપ્રેશર પ્લેનેટ https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ 10- नाश्ते में *अंकुरित* अन्न शामिल करें, पोषण, विटामिन व फाईबर *मुफ्त* में प्राप्त होते रहेंगे । 11- चीनी कम-से-कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में *हड्डियां* ठीक रहेंगी । भोजन में *गुड़* व *देशी शक्कर* का प्रयोग बढ़ायें । 12- बिना कलौंजी वाला अचार न खायें, यह *हानिकारक* होता है । 13- छौंक में राई के साथ कलौंजी का प्रयोग भी करें, *फायदे* इतने कि लिखे नहीं जा सकते । 14- खाने की ठंडी चीजें ( आइस क्रीम) कम से कम खायें, ये पेट की *पाचक अग्नि* कम करती हैं, *दांत* खराब करती हैं । 15- सोयाबीन की बड़ी को दो घंटे भिगोकर मसलकर झाग निकालने के बाद ही प्रयोग करें, यह झाग *जहरीली* होती है । 16- पानी मटके के पानी से अधिक ठंडा न पियें, *पाचन* व *दांत* ठीक रहेंगे । 17- पानी का फिल्टर _*RO*_ वाला हानिकारक है, _*UV*_ वाला ही प्रयोग करें ।सस्ता भी , बढ़िया भी । 💎 आपकी बिमारी-समस्या के एक्यूप्रेशर पॉइंट 🔑की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। ✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 🌸 Face Book Page 🌸 એક્યુપ્રેશર પ્લેનેટ https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ 18- एक *डस्टबिन* रसोई के अंदर और एक बाहर रखें, *सोने से पहले* रसोई का कचरा बाहर के डस्टबिन में डालना न भूलें । 19- रसोई में एग्जास्ट फैन अवश्य लगवायें, इससे *प्रदूषित* हवा बाहर निकलती रहेगी । 20- माइक्रोवेव, ओवन का प्रयोग न करें, यह *कैंसर कारक* है 🔑 धन्यवाद :- गूगल सर्च.... 🚫☘️सभी जानकारी केवल शैक्षिक हेतु के लिए है.. उपचार के लिए हमेशा चिकित्सक की सलाह ले। 👉 एक्यूप्रेशर 🔑 पॉइंट ट्रीटमेंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट अपनाये और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 🌸 Face Book group 🌸 Acupressure Planet 🏡 स्वास्थ्य मंदिर 👉 https://www.facebook.com/groups/367351564605027/

☘️ *_रोगो को दूर करने के उपाय है आपके पास ही : अपनाये उपाय  20 उपयोगी , बनाये अपना जीवन निरोगी_*
https://www.facebook.com/groups/367351564605027/permalink/608998523773662/
अपने जीवन में खानपान संबंधित कुछ आदतों को आप व्यवस्थित कर निरोगी, आनंददायक और चीर जीवन पा सकते है . थोड़ा आप ध्यान देंगे तो पाएंगे की ये उपाय आपके पास और सर्व सुलभ सस्ते ही है ।

 तो जानते है की ये क्या क्या है 

1- केवल सेंधा नमक का प्रयोग करने पर आप *थायराइड*  और  *ब्लडप्रेशर* से बचे रह सकते हैं, यही नहीं, आपका *पेट* भी ठीक रहेगा ।

2- कोई भी रिफाइंड न खाकर तिल, सरसों, मूंगफली या नारियल के तेल का प्रयोग आपके शरीर को कई बीमारियों से बचायेगा, रिफाइंड में कई हानिकारक *कैमिकल*  होते हैं ।

3- ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का *स्वास्थ्य* सही रहेगा ।

4- करेले, मेथी और मूली यानि कड़वी सब्जियां भी खाएं,  *रक्त* शुद्ध होता रहेगा ।

5- भोजन का समय निश्चित करें, *पेट* ठीक रहेगा ।

6- भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा *पोषण*  देगा ।

7- भोजन से पहले पिया गया पानी *अमृत*, बीच का *सामान्य* और अंत में पिया गया पानी *ज़हर* के समान होता है ।

8- बहुत ही आवश्यक हो तो भोजन के साथ गुनगुना पानी ही पियें, यह *निरापद* होता है ।

9- सवेरे दही का प्रयोग *अमृत*, दोपहर में *सामान्य* व रात के खाने के साथ दही का प्रयोग *ज़हर* के समान होता है ।
💎  आपकी बिमारी-समस्या के  एक्यूप्रेशर पॉइंट 🔑की जानकारी के लिए  हमारा संपर्क करें। ✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 🌸 Face Book Page 🌸
એક્યુપ્રેશર પ્લેનેટ
https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/

10- नाश्ते में *अंकुरित* अन्न शामिल करें, पोषण, विटामिन व फाईबर *मुफ्त* में प्राप्त होते रहेंगे ।

11- चीनी कम-से-कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में *हड्डियां* ठीक रहेंगी । भोजन में *गुड़* व *देशी शक्कर* का प्रयोग बढ़ायें ।

12- बिना कलौंजी वाला अचार न खायें, यह *हानिकारक* होता है ।

13- छौंक में राई के साथ कलौंजी का प्रयोग भी करें, *फायदे* इतने कि लिखे नहीं जा सकते ।

14- खाने की ठंडी चीजें ( आइस क्रीम) कम से कम खायें, ये पेट की *पाचक अग्नि* कम करती हैं,  *दांत* खराब करती हैं ।

15- सोयाबीन की बड़ी को दो घंटे भिगोकर मसलकर झाग निकालने के बाद ही प्रयोग करें, यह झाग *जहरीली* होती है ।

16- पानी मटके के पानी से अधिक ठंडा न पियें, *पाचन*  व *दांत* ठीक रहेंगे ।

17- पानी का फिल्टर _*RO*_  वाला हानिकारक है,  _*UV*_ वाला ही प्रयोग करें ।सस्ता भी , बढ़िया भी ।
💎  आपकी बिमारी-समस्या के  एक्यूप्रेशर पॉइंट 🔑की जानकारी के लिए  हमारा संपर्क करें। ✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 🌸 Face Book Page 🌸
એક્યુપ્રેશર પ્લેનેટ
https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/

18- एक *डस्टबिन* रसोई के अंदर और एक बाहर रखें, *सोने से पहले* रसोई का कचरा बाहर के डस्टबिन में डालना न भूलें ।

19- रसोई में एग्जास्ट फैन अवश्य लगवायें, इससे *प्रदूषित*  हवा बाहर निकलती रहेगी ।

20- माइक्रोवेव, ओवन का प्रयोग न करें, यह *कैंसर कारक* है
 🔑 धन्यवाद :- गूगल सर्च....
  
🚫☘️सभी जानकारी केवल शैक्षिक हेतु के लिए है.. उपचार के लिए हमेशा चिकित्सक की सलाह ले। 👉
 एक्यूप्रेशर 🔑 पॉइंट ट्रीटमेंट की जानकारी के लिए  हमारा संपर्क करें।  

🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट अपनाये और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 
🌸 Face Book group 🌸
Acupressure  
Planet 🏡 स्वास्थ्य मंदिर 👉
https://www.facebook.com/groups/367351564605027/

+8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 3 शेयर

सभी श्री राम भक्तों को एवं सभी हनुमान भक्तों को शुभ मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं समस्त दोस्तों मित्रों साथियों की तरफ से आज आपको शुभ हो मंगलवार की2️⃣5️⃣➖0️⃣1️⃣➖2️⃣0️⃣2️⃣2️⃣➖ शुभ तिथि 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 श्रीरामचंद्र कृपाल भजमन 🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄🌄 श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम।। कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरमा पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम।। भजु दीन बंधू दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम।। रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम।। सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभुषणं। आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर धुषणं।। इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम। मम हृदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम।। ।।इति संपूर्णम्।। प्रस्तुतकर्ता ➖ ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर
Seemma Valluvar Jan 25, 2022

*अष्टावक्र—गीता का जन्म* #जनक ने धर्म सभा बुलाई थी। उसमें बड़े बड़े पंडित आए। उसमें अष्टावक्र के पिता भी गए। *अष्टावक्र आठ जगह से टेढ़ा था, इसलिए तो नाम पड़ा अष्टावक्र।* दोपहर हो गई। अष्टावक्र की मां ने कहा कि तेरे पिता लौटे नहीं, भूख लगती होगी, तू जाकर उनको बुला ला। *अष्टावक्र गया। धर्म सभा चल रही थी, विवाद चल रहा था। अष्टावक्र अंदर गया। उसको आठ जगह से टेढ़ा देख कर सारे पंडितजन हंसने लगे।* वह तो कार्टून मालूम हो रहा था। इतनी जगह से तिरछा आदमी देखा नहीं था। एक टांग इधर जा रही है, दूसरी टांग उधर जा रही है, एक हाथ इधर जा रहा है, दूसरा हाथ उधर जा रहा है, एक आंख इधर देख रही है, दूसरी आंख उधर देख रही है। उसको जिसने देखा वही हंसने लगा कि यह तो एक चमत्कार है! सब को हंसते देख कर.. .यहां तक कि जनक को भी हंसी आ गई। मगर एकदम से धक्का लगा, क्योंकि अष्टावक्र बीच दरबार में खड़ा होकर इतने जोर से खिलखिलाया कि जितने लोग हंस रहे थे सब एक सकते में आ गए और चुप हो गए। जनक ने पूछा कि मेरे भाई, और सब क्यों हंस रहे थे, वह तो मुझे मालूम है, क्योंकि मैं खुद भी हंसा था, मगर तुम क्यों हंसे? उसने कहा मैं इसलिए हंसा कि ये चमार बैठ कर यहां क्या कर रहे हैं! *अष्टावक्र ने चमार की ठीक परिभाषा की, क्योंकि इनको चमड़ी ही दिखाई पड़ती है। मेरा शरीर आठ जगह से टेढ़ा है, इनको शरीर ही दिखाई पड़ता है। ये सब चमार इकट्ठे कर लिए हैं और इनसे धर्म सभा हो रही है और ब्रह्मज्ञान की चर्चा हो रही है? इनको अभी आत्मा दिखाई नहीं पड़ती। है कोई यहां जिसको मेरी आत्मा दिखाई पड़ती हो? क्योंकि आत्मा तो एक भी जगह से टेढ़ी नहीं है।* वहां एक भी नहीं था। कहते हैं, जनक ने उठ कर अष्टावक्र के पैर छुए। और कहा कि आप मुझे उपदेश दें। इस तरह अष्टावक्र—गीता का जन्म हुआ। और अष्टावक्र गीता भारत के ग्रंथों में अद्वितीय है। श्रीमद्भगवद्गीता से भी एक दर्जा ऊपर! इसलिए *श्रीमद्भगवद्गीता को मैंने गीता कहा है और अष्टावक्र गीता को महागीता कहा है।* उसका एक—एक वचन हीरों से भी तौला जाए, हजारों हीरों से भी तौला जाए, तो भी पलड़ा उस वचन का ही भारी रहेगा, हीरों का भारी नहीं हो सकता। सारे सूत्र ध्यान के हैं और समाधि के हैं। *तो तुम समझ लेना, जब तक तुम्हें शरीर ही दिखाई पड़ता है अपना और दूसरों का तब तक तुम चमार ही हो। मेरे हिसाब से सभी शूद्र पैदा होते हैं, कभी—कभी कोई ब्राह्मण हो पाता है— कोई बुद्ध, कोई कृष्ण, कोई महावीर, कोई रैदास, कोई फरीद, कोई नानक। कभी कभी कोई ब्राह्मण हो पाता है; नहीं तो लोग शूद्र ही पैदा होते हैं, शूद्र ही मर जाते हैं। तो यह सूत्र तुम्हारे संबंध में भी है, तुम्हारे ही संबंध में है!* जय श्री राम 🙏🌺🌺🌺🌺🚩

+138 प्रतिक्रिया 35 कॉमेंट्स • 42 शेयर
prakash patel Jan 24, 2022

🏹 રામાયણ🏹 અરણ્ય-કાંડ ✍️ ૨૫ લક્ષ્મણજી શ્રીરામને આશ્વાસન આપે છે અને બંને પર્ણકુટી પાછા ફરે છે.જુએ છે તો પર્ણકુટીમાં સીતાજી નથી.શ્રીરામ બહાવરા બની જાય છે ,અને લક્ષ્મણજી ને ધ્રાસકો પાડ્યો.તેમને પારાવાર પસ્તાવો થાય છે કે-સીતાજી ના કઠોર વચનો સહી લઈને પણ હું અહીં જ રહ્યો હોત તો સારું થાત.મેં ખોટું કર્યું.પણ હવે શું થાય? કદાચ સીતાજી નદીએ પાણી ભરવા કે ફુલ વીણવા ગયા હોય,એમ સમજી બંનેએ ચારે તરફ તપાસ કરી પણ સીતાજી નો ક્યાંય પત્તો મળ્યો નહિ. શ્રીરામ એક સામાન્ય માનવી ને જેમ આંસુ વહાવે છે,તેમની આંખો લાલ થઇ છે,ઉન્મત્ત સરખા બની ગયા છે.વનનાં વૃક્ષો ને પૂછે છે કે- તમે મારી સીતાને જોઈ?જોઈ હો તો કહો,તેની કુશળતાના સમાચાર કહી મને શોકરહિત કરો.શ્રીરામ વળી,વાયુદેવ ને ,સૂર્યદેવને,પણ પૂછે છે કે-મારી સીતા ક્યાં છે? બહાવરા ની પેઠે તે અહીં તહીં દોડે છે,શરીરનું એમને ભાન નથી,”હે સીતે,હે,સીતે “કરીને આંસુ વહાવે છે. શ્રીરામ લક્ષ્મણ ને કહે છે-કે-લક્ષ્મણ તું વનવાસની અવધિ પુરી થાય ત્યારે તું એકલો પાછો અયોધ્યા જજે,અને મારી વતી થી બધાને સંભાળજે. હે,લક્ષ્મણ આજ લગી બધાં દુઃખો શાંત હતાં,કારણકે સીતા મારી સાથે હતી,પણ સૂકાંલાકડામાં જેમ આગ લાગી જાય તેમ સીતાના વિયોગ થી મારાં દુઃખ ફરી જાગી ગયાં છે. હે,લક્ષ્મણ,હવે હું કોઈને મોં દેખાડવા લાયક રહ્યો નથી.સૂર્યદેવ તો આપણા વંશના આદ્ય-પિતા છે,પણ હું ઉપર તેમની સામે જોઉં છું તો મને તે લાખ લાખ કિરણો ન ચાબખા મારી ઠપકો આપી રહ્યા છે,કે- “તેં મારા કુળ ની આબરૂ પર પાણી ફેરવ્યું,મારી પુત્રવધુ નું રક્ષણ કરવાની તારામાં તાકાત નથી? હું નીચે જોઉં છું તો ધરતી કે જે મારી સાસુ છે તે મને ઠપકો આપી ને કહે છે કે-મારી સીતાનું રક્ષણ કરી ના શક્યો? પત્ની નું રક્ષણ કરવાની તાકાત નહોતી તો તુ પરણ્યો શું કામ? આમ શ્રીરામ એક સામાન્ય માનવી ની જેમ રડે છે. શ્રીરામ તો પરમાત્મા છે,તે તો આનંદ-સ્વ-રૂપ છે,સુખ-દુઃખ થી પર છે,એ કદી રડતા હશે??? રાજયાભિષેક ની વાતથી તેમને નહોતો હર્ષ થયો કે વનવાસની વાત સાંભળી તેમણે શોક થયો નહોતો. તો એ શું કામ રડતા હશે? પરમાત્મા ની આ લીલા છે,પ્રભુ લીલા કરે છે.લીલા ની કથા સાંભળી એટલો સમય જીવ જગતને ભૂલી જાય છે, અને પ્રભુ નું સ્મરણ કરે છે.પ્રભુ ની લીલા મનુષ્ય ના ઉદ્ધાર માટે છે, પરમાત્મા શ્રીરામ સગુણ સાકાર છે ને નિર્ગુણ નિરાકાર પણ છે, નિર્ગુણ નિરાકાર સાથે પ્રેમ થતો નથી,નિરાકાર ઈશ્વરનો સંબંધ બુદ્ધિ સાથે થાય છે. ભગવાન સર્વમાં અને અને સર્વકાળે સર્વ જગ્યાએ છે,એવું જે સમજે તેના હાથે પાપ થતું નથી,પણ, જે એમ માને છે કે-ભગવાન ક્યાંક વૈકુંઠ-લોક માં બેઠા છે,તેના હાથે પાપ થાય છે. જેમ રાજા એક જગ્યા એ રહે પણ તેની સત્તા રાજ્ય-વ્યાપી છે તેમ પરમાત્મા ની સતા સર્વવ્યાપી છે. એક સામાન્ય સિપાઈ રસ્તામાં ઉભો રહી હાથ ઉંચો કરે તો મોટર ઉભી રાખવી પડે છે,એમાં સિપાઈ નું મહત્વ નથી,રાજ-સત્તા નું મહત્વ છે.સત્તાનો કોઈ રંગ કે આકાર નથી,છતાં સત્તા છે. તેમ નિર્ગુણ નિરાકાર પરમાત્મા પણ સર્વ-કાળે,સર્વ માં રહેલો છે. વેદાંત માં ઈશ્વરના સ્વરૂપ નું વર્ણન કરતાં કહે છે કે-પરમાત્મા નિરાકાર છે,તેજ-સ્વરૂપ છે. એનો અર્થ એ –કે-ઈશ્વરનું કોઈ એક સ્વરૂપ નક્કી થયેલું નથી.એટલે જગતમાં જેટલાં રૂપ દેખાય છે તે બધાં ઈશ્વરનાં ભિન્ન-ભિન્ન રૂપો છે.સોનાના દાગીના અનેક બને છે પણ સોનું બધામાં એક જ છે. કિંમત આકારની બહુ અંકાતી નથી,સાચી કિંમત સોનાની છે. ભગવાન ધનુષ્ય-બાણ ધારણ કરે છે-ત્યારે આપણે તેમણે રામચંદ્ર કહીએ છીએ,અને એ જ પરમાત્મા જયારે હાથમાં વાંસળી ધારણ કરે છે ત્યારે શ્રીકૃષ્ણ તરીકે ઓળખાય છે. નામ જુદાં છે પણ પરમાત્મા એક જ છે. https://m.facebook.com/groups/367351564605027/permalink/643055923701255/ 🏹 ॐ શ્રી રામ જય રામ જય જય રામ 🙏🏼🌹🌹જય શ્રી કૃષ્ણ 🙏

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 16 शेयर
Babbu Bhai Jan 23, 2022

+55 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 55 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB