sukhadev awari
sukhadev awari Feb 28, 2021

Radhe-Radhe

Radhe-Radhe

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कामेंट्स

MEENAKSHI ASHOK KUKREJA Feb 28, 2021
जय श्री राधे राधे जय श्री कृष्णा जी की

sanjay sharma Feb 28, 2021
Jai Jai shree Radhey Radhey Radhey Radhey Radhey Radhey Radhey Radhey Radhey Radhey Radhey krishna jI.....

Renu Singh Feb 28, 2021
Radhe Radhe Ji 🙏🌹 Shubh Dophar Vandan Bhai ji 🙏🌹 Aàpka Har pal Shubh V Mangalmay ho 🌸🙏

Sonu Pathak (Jai Mata Di) Feb 28, 2021
🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण जय माता रानी दी 🌹🙏 प्रभु श्री की कृपा दृष्टि आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे आपका हर पल शुभ व मंगलमय हो 🌹🙏🌹 नमस्कार शुभ दोपहर वंदन जी 🌷🙏🌷

GOVIND CHOUHAN Feb 28, 2021
JAI SHREE RADHEY RADHEY JIII 🌺 JAI SHREE RADHEY KRISHNA JII 🌺 GOOD AFTERNOON JII 🌹🌹🙏🙏

Yashwant Kunwar { women} Feb 28, 2021
राधे राधे 🌹🙏🌹 नमस्कार शुभ मंगलकामनाएं शुभ संध्या 🙏 हरे कृष्णा 🙏

sanjay choudhary Feb 28, 2021
जय श्री कृष्णा।।।। जय श्री राधे राधे.....*🙏🏻� आपकी रात्रि शुभ रहे।।।🙏🙏

BK WhatsApp STATUS Feb 28, 2021
जय माता महालक्ष्मी नमो नमः शुभ रात्रि स्नेह वंदन धन्यवाद 🌹🙏🙏👌👌👍👍🕉️🌄

dhruv wadhwani Feb 28, 2021
जय श्री राधे कृष्णा शुभ रात्रि जी

Sonu Pathak (Jai Mata Di) Mar 1, 2021
ऊँ नमः शिवाय 🔱🌺 🙏🌺 जय माँ आदी शक्ति बाबा भोलेनाथ की असीम कृपा दृष्टि आप व आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹आपका हर पल सुखद मंगलमय हो 🌹🙏 नमस्कार सुप्रभात वंदन जी 🌻🌿🙏🌿🌻

ritu saini May 8, 2021

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sukhadev awari May 8, 2021

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🌹•°🍁°•🍂•°🥀°•💐•°🌷°•🌹 🔔°•🔔•°🔔°•🔔•°🔔°•🔔•°🔔 नीलांजन समाभासं रविपुत्रम यमाग्रजम छायामार्तण्ड संभुतं तं नमामि शनैश्चरम ॐ शं शनैश्चराय नमः सुप्रभातम् ॐ श्री गणेशाय नमः अथ् पंचांगम् दिनाँक 08-05-2021 शनिवार, अक्षांश- 30°:36", रेखांश 76°:80" अम्बाला शहर,हरियाणा पिन कोड- 134 007 🙏🙏🙏🙏🙏 🌷🌷🍁🥀💐🌹☘️🌾🌷🌷 ------------- समाप्तिकाल ----------------- 📒 तिथि द्वादशी 17:23:11 ☄️ नक्षत्र उत्तराभाद्रपद 14:47:31 🏵️ करण तैतिल 17:23:11 🔒 पक्ष कृष्ण 🏵️ योग विश्कुम्भ 19:57:38 🗝️ वार शनिवार 🌄 सूर्योदय 05:34:09 🌃 चन्द्रोदय 28:18:59 🦁 चन्द्र राशि 🐬 मीन 🌌 सूर्यास्त 19:05:02 🌑 चन्द्रास्त 16:06:00 💥 ऋतु ग्रीष्म 🏵️ शक सम्वत 1943 प्लव 🏵️ कलि सम्वत 5123 🏵️ दिन काल 13:30:52 🏵️ विक्रम सम्वत 2078 🏵️ मास अमांत चैत्र 🏵️ मास पूर्णिमांत वैशाख 📯 शुभ समय 🥁 अभिजित 11:52:33 - 12:46:37 🕳️ दुष्टमुहूर्त : 🕳️ 05:34:09 - 06:28:12 🕳️ 06:28:12 - 07:22:16 🕳️ कंटक 11:52:33 - 12:46:37 🕳️ यमघण्ट 15:28:47 - 16:22:51 😈 राहु काल 08:56:52 - 10:38:13 🕳️ कुलिक 06:28:12 - 07:22:16 🕳️ कालवेला 13:40:40 - 14:34:44 🕳️ यमगण्ड 14:00:57 - 15:42:18 🕳️ गुलिक 05:34:09 - 07:15:30 🏵️ दिशा शूल पूर्व ☘️☘️होरा 🏵️शनि 05:34:09 - 06:41:43 🏵️बृहस्पति 06:41:43 - 07:49:17 🏵️मंगल 07:49:17 - 08:56:52 🏵️सूर्य 08:56:52 - 10:04:26 🏵️शुक्र 10:04:26 - 11:12:01 🏵️बुध 11:12:01 - 12:19:35 🏵️चन्द्रमा 12:19:35 - 13:27:09 🏵️शनि 13:27:09 - 14:34:44 🏵️बृहस्पति 14:34:44 - 15:42:18 🏵️मंगल 15:42:18 - 16:49:53 🏵️सूर्य 16:49:53 - 17:57:27 🏵️शुक्र 17:57:27 - 19:05:01 🏵️बुध 19:05:02 - 19:57:23 🏵️चन्द्रमा 19:57:23 - 20:49:45 🏵️शनि 20:49:45 - 21:42:06 ☘️☘️ चोघडिया 🕳️काल 05:34:09 - 07:15:30 ⛩️शुभ 07:15:30 - 08:56:52 😈रोग 08:56:52 - 10:38:13 🕳️उद्वेग 10:38:13 - 12:19:35 🛑चल 12:19:35 - 14:00:57 ⛩️लाभ 14:00:57 - 15:42:18 ⛩️अमृत 15:42:18 - 17:23:40 🕳️काल 17:23:40 - 19:05:01 ⛩️लाभ 19:05:02 - 20:23:34 🕳️उद्वेग 20:23:34 - 21:42:07 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 🍁 ग्रह गोचर 🍁 🌞 सूर्य - मेष 🦌 🌙 चन्द्र - मीन 🐬 🌑 मंगल - मिथुन 👬🏼 🌑 बुध - वृष 🐂 🌑 बृहस्पति - कुम्भ ⚱️ 🌑 शुक्र - वृष 🐂 🌑 शनि - मकर 🐊 🌑 राहु - वृष 🐂 🌑 केतु - वृश्चिक 🦞 --------------------------------------------- व्रत -त्योहार मई 9 मई तक 🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊 🛑 शनि - 8 मई - शनि प्रदोष व्रत, गंडमूल 14:47 बाद 🛑 रवि- 9 मई - भद्रा 19:31 से, पंचक समाप्त 17:29, 🥀 मास शिवरात्रि व्रत बाजार 📉मंदा तेजी 📈 14मई तक 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🛑 11 मई को सूर्य 🌞कृतिका नक्षत्र ☄️में आएगा । घी रूई सोना चांदी अलसी एरण्ड गेहूं चना मूंग मोठ चावल राई सरसों खांड में तेजी बनेगी। 🛑 12 मई को शुक्र रोहिणी नक्षत्र ☄️में आकर बुध एवं राहु के साथ एक नक्षत्र संबंध बनाएगा। अकेला शुक्र यद्यपि यहां मंदी📉 करता है परंतु बुध राहु के योग से यहां तेजी📈 मालूम होती है। सोना चांदी आदि धातुओं अल्सी सरसों तेल गुड़ खाण्ड दाग छुहारा सुपारी नारियल ऊन में पहले मंदी 📉बन फिर तेजी 📈का रुख बन जाएगा। 🛑13 मई को गुरुवार के दिन चंद्र🌃 दर्शन होने से रुई तथा सूती रेशमी ऊनी वस्त्र सरसों तेल घी में तेजी 📈बनेगी। सोना चांदी खाण्ड में कुछ मंदीे 📉रहे। 🛑 14 मई को सूर्य 🌞वृष राशि 🐂में आकर बुध शुक्र और राहु के साथ मेल करेगा। सोना चांदी गुड़ खांड शक्कर कपास रूई सूत बादाम सुपारी नारियल तिल तेल सरसों आदि में विशेष तेजी बनेगी। जौं चना गेहूं मटर अरहर मूंग चावल आदि कुछ वस्तुओं में मंदी 📉बनेगी। 🏵️🚩 दैनिक राशिफल 🚩🏵️ 🦌मेष स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि तथा उन्नति मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। घर-बाहर कुछ तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 🐂वृष पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। काम में मन लगेगा। शेयर मार्केट में लाभ रहेगा। नौकरी में सुविधाएं बढ़ सकती हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धन प्राप्ति सुगमता से होगी। 👫मिथुन दु:खद सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। लाभ होगा। 🦀कर्क भूले-बिसरे साथी तथा आगंतुकों के स्वागत तथा सम्मान पर व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार के सदस्यों की उन्नति के समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं, लाभ होगा। 🦁सिंह घर-बाहर प्रसन्नतादायक वातावरण रहेगा। नौकरी में चैन महसूस होगा। व्यापार से संतुष्टि रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी तथा शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा की योजना बनेगी। प्रसन्नता रहेगी। 👩🏻‍🦱कन्या यात्रा मनोनुकूल मनोरंजक तथा लाभप्रद रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। घर-बाहर सफलता प्राप्त होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। काम में लगन तथा उत्साह बने रहेंगे। मित्रों के साथ प्रसन्नतापूर्वक समय बीतेगा। ⚖️तुला स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते कामों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेवजह लोगों से मनमुटाव हो सकता है। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें। 🦂वृश्चिक बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सुकून रहेगा। जल्दबाजी में कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। कानूनी अड़चन आ सकती है। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। 🏹धनु नई योजना लागू करने का श्रेष्ठ समय है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता के साधन जुटेंगे। जोखिम न उठाएं। 🐊मकर किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें। ⚱️कुंभ स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चोट व दुर्घटना से बचें। आय में कमी रह सकती है। घर-बाहर असहयोग व अशांति का वातावरण रहेगा। अपनी बात लोगों को समझा नहीं पाएंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हितैषी सहयोग करेंगे। धनार्जन संभव है। 🐟मीन प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार के लोग अनुकूल व्यवहार करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए लोगों से संपर्क होगा। आय में वृद्धि तथा आरोग्य रहेगा। चिंता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें। ACHARYA ANIL PARASHAR , VADIC,KP ASTROLOGER. आपका दिन मंगलमय हो 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

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. "वृंदावन रज का चमत्कार" श्री वृंदावन में एक विरक्त संत रहते थे जिनका नाम था पूज्य श्री सेवादास जी महाराज। श्री सेवादास जी महाराज ने अपने जीवन मे किसी भी वस्तु का संग्रह नही किया। एक लंगोटी, कमंडल, माला और श्री शालिग्राम जी इतना ही साथ रखते थे। एक छोटी सी कुटिया बना रखी थी जिसमे एक बड़ा ही सुंदर संदूक रखा हुआ था। संत जी बहुत कम ही कुटिया के भीतर बैठकर भजन करते थे, अपना अधिकतम समय वृक्ष के नीचे भजन मे व्यतीत करते थे। यदि कोई संत आ जाये तो कुटिया के भीतर उनका आसान लगा देते थे। एक समय वहाँ एक बदमाश व्यक्ति आया और उसकी दृष्टि कुटिया के भीतर रखी उस सुंदर संदुक पर पडी। उसने सोचा कि अवश्य ही महात्मा को कोई खजाना प्राप्त हुआ होगा जिसे यहाँ छुपा रखा है। महात्मा को धन का क्या काम ? मौका पाते ही इसे चुरा लूँगा । एक दिन बाबाजी कुटिया के पीछे भजन कर रहे थे। अवसर पाकर उस चोर ने कुटिया के भीतर प्रवेश किया और संदुक को तोड़ मरोड़ कर खोला। उस संदुक के भीतर एक और छोटी संदुक रखी थी। चोर ने उस संदुक को भी खोला तब देखा कि उसके भीतर भी एक और छोटी संदुक रखी है। ऐसा करते-करते उसे कई संदुक प्राप्त हुए और अंत मे एक छोटी संदुक उसे प्राप्त हुई। उसने वह संदुक खोली और देखकर बड़ा दु:खी हो गया। उसमे केवल मिट्टी रखी थी। अत्यंत दु:ख में भरकर वह कुटिया के बाहर निकल ही रहा था की उस समय श्री सेवादास जी वहाँ पर आ गए। श्री सेवादास जी ने चोर से कहा- तुम इतने दुखी क्यों हो ? चोर ने कहा- इनती सुंदर संदुक मे कोई क्या मिट्टी भरकर रखता है ? बड़े अजीब महात्मा हो। श्री सेवादास जी बोले- अत्यंतर श्रेष्ठ मूल्यवान वस्तु को संदुक मे ही रखना तो उचित है। चोर बोला- ये मिट्टी कौन सी मूल्यवान वस्तु है ? बाबा बोले- ये कोई साधारण मिट्टी नही है, यह तो पवित्र श्री वृंदावन रज है। यहाँ की रज के प्रताप से अनेक संतो ने भगवान् श्री कृष्ण को प्राप्त किया है। यह रज प्राप्त करने के लिए देवता भी ललचाते हैं। यहाँ की रज को श्रीकृष्ण के चरणकमलों का स्पर्श प्राप्त है। श्रीकृष्ण ने तो इस रज को अपनी श्रीमुख में रखा है। चोर को बाबा की बात कुछ अधिक समझ नही आयी और वह कुटिया से बाहर जाने लगा। बाबा ने कहा- सुनो ! इतना कष्ट करके खाली हाथ जा रहे हो, मेहनत का फल भी तो तुम्हें मिलना चाहिए। चोर ने कहा- क्यों हँसी मजाक करते हैं, आप के पास देने के लिए है भी क्या ? श्री सेवादास जी कहने लगे- मेरे पास तो देने के लिए कुछ है नही परंतु इस ब्रज रज में सब कुछ प्रदान करने की सामर्थ्य है। चोर बोला- मिट्टी किसी को भला क्या दे सकती है ? विश्वास हो तो यह रज स्वयं प्रभु से मिला सकती है। चोरी करना तो तुम्हारा काम धंदा है और महात्मा के यहाँ से खाली हाथ जाएगा तो यह भी ठीक नहीं। जाते-जाते यह प्रसाद लेकर जा। इतना कहकर श्री सेवादास जी ने थोड़ी से ब्रज रज लेकर उसे चोर के माथे पर लगा दिया। माथे पर रज का स्पर्श होते ही वह चोर भाव में भरकर भगवान् के पवित्र नामों का उच्चारण करने लगा- श्रीराधा कृष्ण, केशव, गोविंद-गोविंद। उसका हृदय निर्मल हो गया और वह महात्मा के चरणों मे गिर गया। महात्मा ने उसे हरिनाम जप और संत सेवा का उपदेश दिया देकर उसका जीवन कृष्णमय बना दिया। ----------:::×:::--------- "जय जय श्री राधे" "कुमार रौनक कश्यप " ************************************************

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🌹•°🔥°•💐•°🍂°•🥀°•☘️°•🌹 🔔°•🔔•°🔔°•🔔•°🔔°•🔔•°🔔 ॐ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः सुप्रभातम् ॐ श्री गणेशाय नमः अथ् पंचांगम् दिनाँक 07-05-2021 शुक्रवार, अक्षांश- 30°:36", रेखांश 76°:80" अम्बाला शहर, हरियाणा, पिन कोड 134 007 ॐ मनिभ्द्राय रत्नशोभिताय ऐरावत वाहनाय मम गृहे व्यापारे रिद्धि वृद्धि सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा महालक्ष्मी वंदना महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्र्वरी । हरिप्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ।। शुभम करोति कल्याणम, अरोग्यम धन संपदा, शत्रु-बुद्धि विनाशायः, दीपःज्योति नमोस्तुते ! ॐ हिमकुंद मृणालाभं दैत्यानां परम् गुरुम्र। सर्वशास्र प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्। 🥀🌹🌾🌷🍁🌹🍂🥀 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 ------समाप्तिकाल----- °••°°••°°••°°••°°••°°••°°••°°••°°••°°•° 📒 तिथि एकादशी 15:34:28 ☄️ नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद 12:26:37 🏵️ करण : 🏵️ बालव 15:34:28 🏵️ कौलव 28:25:49 🔒 पक्ष कृष्ण 🏵️ योग वैधृति 19:28:45 🗝️ वार शुक्रवार 🌄 सूर्योदय 05:34:56 🌃 चन्द्रोदय 27:51:00 🌙 चन्द्र ⚱️ कुम्भ - 05:55:22 तक 🌌 सूर्यास्त 19:04:22 🌑 चन्द्रास्त 15:11:59 💥 ऋतु ग्रीष्म 🏵️ शक सम्वत 1943 प्लव 🏵️ कलि सम्वत 5123 🏵️ दिन काल 13:29:26 🏵️ विक्रम सम्वत 2078 🏵️ मास अमांत चैत्र 🏵️ मास पूर्णिमांत वैशाख 📯 शुभ समय 🥁 अभिजित 11:52:40 - 12:46:37 🕳️दुष्टमुहूर्त : 🕳️08:16:49 - 09:10:46 🕳️12:46:37 - 13:40:35 🕳️ कंटक 13:40:35 - 14:34:33 🕳️ यमघण्ट 17:16:26 - 18:10:24 😈 राहु काल 10:38:28 - 12:19:39 🕳️ कुलिक 08:16:49 - 09:10:46 🕳️ कालवेला 15:28:31 - 16:22:28 🕳️ यमगण्ड 15:42:00 - 17:23:11 🕳️ गुलिक 07:16:06 - 08:57:17 🏵️दिशा शूल पश्चिम ☘️☘️होरा 🏵️शुक्र 05:34:56 - 06:42:23 🏵️बुध 06:42:23 - 07:49:50 🏵️चन्द्रमा 07:49:50 - 08:57:17 🏵️शनि 08:57:17 - 10:04:44 🏵️बृहस्पति 10:04:44 - 11:12:11 🏵️मंगल 11:12:11 - 12:19:38 🏵️सूर्य 12:19:38 - 13:27:06 🏵️शुक्र 13:27:06 - 14:34:33 🏵️बुध 14:34:33 - 15:42:00 🏵️चन्द्रमा 15:42:00 - 16:49:27 🏵️शनि 16:49:27 - 17:56:54 🏵️बृहस्पति 17:56:54 - 19:04:22 🏵️मंगल 19:04:22 - 19:56:50 🏵️सूर्य 19:56:50 - 20:49:19 🏵️शुक्र 20:49:19 - 21:41:48 🚩🚩 चोघडिया 🛑चल 05:34:56 - 07:16:06 ⛩️लाभ 07:16:06 - 08:57:17 ⛩️अमृत 08:57:17 - 10:38:28 😈काल 10:38:28 - 12:19:39 ⛩️शुभ 12:19:39 - 14:00:49 ☘️रोग 14:00:49 - 15:42:00 🕳️उद्वेग 15:42:00 - 17:23:11 🛑चल 17:23:11 - 19:04:22 ☘️रोग 19:04:22 - 20:23:05 🕳️काल 20:23:05 - 21:41:48 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 🍁 ग्रह गोचर 🍁 🌞 सूर्य - मेष 🦌 🌙 चन्द्र कुम्भ ⚱️05:55:23 तक 🌑 मंगल - मिथुन 👬🏼 🌑 बुध - वृष 🐂 🌑 बृहस्पति - कुम्भ ⚱️ 🌑 शुक्र - वृष 🐂 🌑 शनि - मकर 🐊 🌑 राहु - वृष 🐂 🌑 केतु - वृश्चिक 🦞 --------------------------------------------- व्रत -त्योहार मई 9 मई तक 🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊🎊 🛑 गुरु -6 मई - भद्रा 14:11 तक, बुध 🥀रोहिणी में 17:40 🛑 शुक्र -7 मई - वरुथिनी एकादशी व्रत, श्री वल्लभाचार्य जयंती। 🛑 शनि - 8 मई - शनि प्रदोष व्रत, गंडमूल 14:47 बाद 🛑 रवि- 9 मई - भद्रा 19:31 से, पंचक समाप्त 17:29, 🥀 मास शिवरात्रि व्रत बाजार 📉मंदा तेजी 📈 14मई तक 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🛑6 मई को बुध रोहिणी में 🥀आकर राहु के साथ एक नक्षत्र संबंध बनाएगा। रूई कपास सूत सोना चांदी तिल तेल सरसों चावल गुड़ खांड में तेजी बनेगी। रुई ऊनी वस्त्रों धागों में पहले तेजी बनकर बाद में मंदी 📉बन जाएगी। 🛑 11 मई को सूर्य 🌞कृतिका नक्षत्र ☄️में आएगा । घी रूई सोना चांदी अलसी एरण्ड गेहूं चना मूंग मोठ चावल राई सरसों खांड में तेजी बनेगी। 🛑 12 मई को शुक्र रोहिणी नक्षत्र ☄️में आकर बुध एवं राहु के साथ एक नक्षत्र संबंध बनाएगा। अकेला शुक्र यद्यपि यहां मंदी📉 करता है परंतु बुध राहु के योग से यहां तेजी📈 मालूम होती है। सोना चांदी आदि धातुओं अल्सी सरसों तेल गुड़ खाण्ड दाग छुहारा सुपारी नारियल ऊन में पहले मंदी 📉बन फिर तेजी 📈का रुख बन जाएगा। 🛑13 मई को गुरुवार के दिन चंद्र🌃 दर्शन होने से रुई तथा सूती रेशमी ऊनी वस्त्र सरसों तेल घी में तेजी 📈बनेगी। सोना चांदी खाण्ड में कुछ मंदीे 📉रहे। 🛑 14 मई को सूर्य 🌞वृष राशि 🐂में आकर बुध शुक्र और राहु के साथ मेल करेगा। सोना चांदी गुड़ खांड शक्कर कपास रूई सूत बादाम सुपारी नारियल तिल तेल सरसों आदि में विशेष तेजी बनेगी। जौं चना गेहूं मटर अरहर मूंग चावल आदि कुछ वस्तुओं में मंदी 📉बनेगी। आज का राशिफल 🏵️🏵️🏵️ मेष🦌 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन विपरीत फल देने वाला रहेगा। पूर्व निर्धारित योजनाएं अधूरी या असफल हो सकती है। कार्य क्षेत्र पर मनमानी के कारण आर्थिक हानि होगी। आज आप बिना विचारे कोई भी कार्य ना करें जल्दबाजी अधिक रहेगी। सरकारी कार्यो में भी विलम्ब होगा। सामाजिक क्षेत्र पर अधिक बोलने से बचें। विरोधी आज आपकी गलती खोजने के लिए तैयार रहेंगे। स्त्री-संतान से भी संबंधो में कड़वाहट आ सकती है। सेहत संध्या के आसपास नरम होने की संभावना है। यात्रा टालना बेहतर रहेगा। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज का दिन आपकी आशाओं की पूर्ति कराने वाला रहेगा। दिन भर मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहेंगे। कार्य क्षेत्र अथवा घरेलू झगड़ो को टालने के लिए छोटी-मोटी बातों को अनदेखा करें। कार्य क्षेत्र पर परिश्रम के अनुसार लाभ मिलेने से संतोष रहेगा आज किसी पैतृक संपत्ति के मामलो में उलझने रहेंगी पुश्तैनी कार्य मे खर्च भी हो सकता है। दिन शुभ है नए कार्यो में निवेश कर सकते है भविष्य के लिये लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सदस्यों में आपसी सामंजस्य बना रहेगा फिर भी किसी से बहस ना करें। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन सभी प्रकार से लाभ देने वाला रहेगा परन्तु आज आपको किसी अच्छे मार्गदर्शक की आवश्यकता पड़ेगी। आपके व्यवहार में गर्मी रहने से बीच-बीच में बना बनाया वातावरण अशान्त भी हो सकता है। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों की लापरवाही भी विवाद का कारण बनेगी परन्तु धन लाभ आज किसी न किसी रूप में अवश्य होगा। मध्यान बाद परिजनो की इच्छा पूर्ती करने से घर में सुख शांति रहेगी। लंबी यात्रा यथासंभव टालें स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना है। विरोधी आपसे बच कर रहेंगे। आज अनैतिक संसाधनों से भी धन लाभ की संभावना है। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज के दिन का पूर्वार्ध परेशानी वाला रहेगा। कहीं से कोई भी आशा नहीं दिखने से बेचैन रहेंगे। घर का वातावरण अशान्त रहने से मानसिक स्थिति बिगड़ेगी क्रोध में आकर कोई निर्णय ना ले बाद में पश्चाताप होगा। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार आने लगेगा लेकिन फिर भी किसी भी प्रकार का जोखिम वाला कार्य ना करें धन के साथ शारीरिक हानि हो सकती है।आज परिजनों की ही सहायता अथवा मार्गदर्शन से बिगड़े काम बनेंगे। मध्यान बाद किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिलने से आर्थिक एवं अन्य समस्या सुलझेंगी। खान-पान में संयम बरतें। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज के दिन आपमें उतावलापन अधिक रहेगा जिसके कारण समस्याएं सुधरने की जगह और गहरी हो सकती है। नए कार्य का आरम्भ आज ना करें। किसी के जमानती भी ना बने। दोपहर के बाद सेहत में उतार चढ़ाव आने से कार्य क्षेत्र पर उदासीनता रहेगी फिर भी खर्च लायक धन लाभ होने से स्थिति बराबर रहेगी। आज कोई बीबी कार्य करने से पहले परिवार के बुजुर्गो की राय अवश्य लें। पारिवारिक सदस्य के कारण सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। सन्तानो पर विशेष नजर रखे। कन्या👩🏻‍🦱 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज के दिन आपका स्वास्थ्य उत्तम रहने से मानसिक रूप से किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। अपनी पुरानी योजनाओं को सिरे चढ़ायेंगे परिस्थितियां भी आपके साथ रहने से कार्यो में सफलता सुनिश्चित रहेगी लेकिन स्वभाव का आलस्य हर काम मे विलम्ब करा सकता है इससे बचें। व्यवहार में थोड़ा रूखापन रहने से बीच-बीच में व्यवधान भी आएंगे परन्तु इनसे पार पा लेंगे। आज कम् साधन होने पर भी कार्यो को आत्मविश्वास से करेंगे। घरेलु दिनचर्या सामान्य रहेगी। संतान के भविष्य को लेकर चिंतित हो सकते है। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन राहत का अनुभव करेंगे। कार्यो को लेकर पहले थोड़ा आशंकित रहेंगे परन्तु एक बार सफलता मिलने पर यही क्रम दिन भर बना रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन बेहद खास रहेगा धन की आमद रुक रुक कर होने से मन प्रसन्न रहेगा परन्तु उधार के व्यवहार आज ना ही करें तो बेहतर रहेगा। नौकरी पेशा जातक आज भी व्यस्तता के चलते घर में आलोचना का शिकार बनेंगे लेकिन सामाजिक स्तर पर आपकी छवि निखरेगी। स्वास्थ्य थोड़ा नरम रहेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आपका आज का दिन छोटी मोटी उलझनों को छोड़ सामान्य ही रहेगा। व्यवस्तता अधिक रहने से पारिवारिक आवश्यकताओ पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। सेहत की अनदेखी करना आगे भारी पड़ सकता है। बौद्धिक क्षमता बढ़ने से उलझे हुए कार्य को भी सहजता से सुलझा लेंगे। धन सम्बंधित कार्य निर्विघ्न पूर्ण होंगे परंतु इसके लिए अतिरिक्त दिमागी कसरत करनी पड़ेगी। विपरीत लिंगीयो से किसी ग़लतफ़हमी के कारण मतभेद होंगे प्रेम प्रसंगों में भावुकता अधिक रहेगी आज सतर्क रहें। धन से अधिक संबंधो को प्राथमिकता दें। सेहत और पारिवारिक जीवन छूट पुट बातों को छोड़ सामान्य रहेगा। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन अशुभ फलदायी रहेगा। घर एवं बाहर आज विवेक से कार्य करें। आर्थिक समस्याओं को लेकर भविष्य की चिंता सताएगीक्रोध में आकर किसी का अपमान भी कर सकते है परिजन भी आज आपके रूखे व्यवहार के कारण दूरी बना कर रखेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी व्यवहारिकता की कमी के चलते लाभ होते होते हाथ से निकलने की संभावना है।घर के सदस्य अथवा स्वयं की दवाओं पर खर्च करना पड़ेगा। छाती में संक्रमण अथवा गले सम्बंधित परेशानी रहेगी। सन्तानो से स्वार्थयुक्त सम्बन्ध रहेंगे। लंबी यात्रा टाले हानि हो सकती है। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज भी परिस्थितियां आपकी आशाओं के अनुकूल रहेंगी परन्तु आज किसी विशेष व्यक्ति द्वारा भ्रम की स्थिति बनाने से असमंजस में पड़ सकते है। स्वभाव से आज संतुष्ट रहेंगे लेकिन प्रलोभन में आकर बिना विचारे कोई भी कार्य ना करें छोटी सी भूल लाभ को हानि में बदल सकती है। आज धन लाभ के लिये विभिन्न युक्तियां लगाएंगे संध्या के समय स्वजनों के सहयोग से भ्रम से बाहर निकलेंगे। आर्थिक आयोजन लाटरी सट्टे में निवेश करने के लिए भी यह समय उपयुक्त रहेगा आकस्मिक लाभ हो सकता है। महिला मित्रो के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी। कुंभ⚱️ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज दिन का पहला भाग आलस्य के कारण बेकार हो सकता है। लेट-लतीफी के कारण महत्त्वपूर्ण कार्य बिगड़ने की भी संभावना है। कार्य क्षेत्र पर अधूरे कार्यो को लेकर परेशानी में पड़ सकते है फिर भी धन लाभ के योग तो है साथ में आपके राजसी खर्च बने रहने से बचत नही कर पाएंगे। मध्यान के बाद अधिकांश कार्य आपके परिश्रम से सुधरने लगेंगे। रिश्तेदारी के व्यवहार से लाभ होने की सम्भवना है परन्तु पहले खर्च भी करना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों से पहले नाराजगी रहेगी बाद में स्थिति सामान्य हो जायेगी। मीन🐬 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन मौज-शौक के प्रति अधिक आकर्षण रहेगा जिसके चलते आप कार्यो के प्रति लापरवाही दिखाएंगे फलस्वरूप महत्त्वपूर्ण कार्य अधूरे रहेंगे एवं लाभ के अवसर हाथ से निकल सकते है। फिजूल खर्च बढ़ेंगे। सरकार की तरफ से कोई परेशान करने वाला समाचार मिल सकता है। यात्रा-पर्यटन की योजना बनेगी। कार्य क्षेत्र पर अनुकूल वातावरण मिलने के बाद भी आर्थिक दृष्टिकोण से किसी अन्य के ऊपर निर्भर रहेंगे। आज अपनी ही किसी गलती के कारण हानि हो सकती है। यात्रा में चोरी एवं दुर्घटना के योग है सावधानी बरतें। ACHARYA ANIL PARASHAR, VADIC,KP ASTROLOGER. आप का जीवन मंगलमय हो । 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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. "मीरा चरित" (पोस्ट-013) कुँवर भोजराज पहली बार बुआ गिरिजा के ससुराल आये थे। भुवा के दुलार की सीमा न थी। एक तो मेवाड़ के उत्तराधिकारी, दूसरे गिरिजा जी के लाडले भतीजे और तीसरे मेड़ते के भावी जमाई होने के कारण पल-पल महल में सब उनकी आवभगत में जुटे थे। जयमल और भोजराज की सहज ही मैत्री हो गई। दोनों ही इधर-उधर घूमते-घामते फुलवारी में आ निकले। सुन्दर श्याम कुन्ज मन्दिर को देखकर भोजराज के पाँव उसी ओर उठने लगे। मीठी रागिनी सुनकर उन्होंने उत्सुकता से जयमल की ओर देखा। जयमल ने कहा, "मेरी बड़ी बहन मीरा है। इनके रोम-रोम में भक्ति बसी हुई है।" "जैसे आपके रोम-रोम में वीरता बसी हुई है।" भोजराज ने हँस कर कहा, "भक्ति और वीरता, भाई बहन की ऐसी जोड़ी कहाँ मिलेगी ? विवाह कहाँ हुआ इनका ?" "विवाह ? विवाह की क्या बात फरमाते हैं आप ? विवाह का तो नाम भी सुनते ही जीजा (दीदी) की आँखों से आँसुओं के झरने बहने लगते हैं। हुआ यों कि किसी बारात को देखकर जीजा ने काकीसा से पूछा कि हाथी पर यह कौन बैठा है ? उन्होंने बतलाया कि नगर सेठ की लड़की का वर है। यह सुनकर इन्होने जिद की कि मेरा वर बताओ। काकीसा ने इन्हें चुप कराने के लिए कह दिया कि तेरा वर गिरधर गोपाल है। बस, उसी समय से इन्होंने भगवान को अपना वर मान लिया है। रात-दिन बस भजन-पूजन, भोग-राग, नाचने-गाने में लगी रहती हैं। जब यह गाने बैठती हैं तो अपने आप मुख से भजन निकलते जाते हैं। बाबोसा के देहांत के पश्चात पुनः इनके विवाह की रनिवास में चर्चा होने लगी है। इसलिए अलग रह श्याम-कुन्ज में ही अधिक समय बिताती हैं।" जयमल ने बाल स्वभाव से ही सहज ही सब बातें भोजराज को बताई। "यदि आज्ञा हो तो ठाकुर जी और राठौड़ों की इस विभूति का मैं भी दर्शन कर लूँ ?" भोजराज ने प्रभावित होकर सर्वथा अनहोनी सी बात कही। न चाहते हुये भी केवल उनका सम्मान रखने के लिए ही जयमल बोले, "हाँ हाँ अवश्य, पधारो।" उन दोनों ने फुलवारी की बहती नाली में ही हाथ पाँव धोये और मन्दिर में प्रवेश किया। सीढ़ियाँ चढ़ते हुये भोजराज ने उस करूणा के पद की अंतिम पंक्ति सुनी........... मीरा के प्रभु गिरधर नागर भव में पकड़ो हाथ॥ वह भजन पूरा होते ही बेखबर मीरा ने अपने प्राणाधार को मनाते हुये दूसरा भजन आरम्भ कर दिया ..... गिरधर लाल प्रीत मति तोड़ो। गहरी नदिया नाव पुरानी अधबिच में काँई छोड़ो॥ थें ही म्हाँरा सेठ बोहरा ब्याज मूल काँई जोड़ो। मीरा के प्रभु गिरधर नागर रस में विष काँई घोल॥ अश्रुसिक्त मुख और भरे कण्ठ से मीरा ह्रदय की बात, संगीत के सहारे अपने आराध्य से कह रही थी। ठाकुर को उन्हीं के गुणों का वास्ता दे कर, उन्हें ही एकमात्र आश्रय मान कर,अत्यन्त दीन भाव से कृपा की गुहार लगा रही थी। मीरा अपने भाव में इतनी तन्मय थीं कि किसी के आने का उसे ज्ञात ही नहीं हुआ। एक दृष्टि मूर्ति पर डालकर भोजराज ने उन्हें प्रणाम किया। गायिका पर दृष्टि पड़ी तो देखा कि उसके नेत्रों से अविराम आँसू बह रहे थे, जिससे बरबस ही मीरा का फूल सा मुख कुम्हला सा गया था। यह देख कर युवक भोजराज ने अपना आपा खो दिया। भजन पूरा होते ही जयमल ने चलने का संकेत किया। तब तक मीरा ने इकतारा एक ओर रख आँखें खोली और तनिक दृष्टि फेर पूछा, "कौन है ?" भोजराज को पीछे ही छोड़ कर आगे बढ़ कर स्नेह युक्त स्वर में जयमल बोले, "मैं हूँ जीजा।" समीप जाकर और घुटनों के बल पर बैठकर अंजलि में बहन का आँसुओं से भीगा मुख लेते हुए आकुल स्वर में पूछा, "किसने दुख दिया आपको ?" बस भाई के तो पूछने की देर भर थी कि मीरा के रूदन का तो बाँध टूट पड़ा। वह भाई के कण्ठ लग फूट-फूट कर रोने लगी। "आप मुझसे कहिये तो जीजा, जयमल प्राण देकर भी आपको सुखी कर सके तो स्वयं को धन्य मानेगा।" दस वर्ष का बालक जयमल जैसे आज बहन का रक्षक हो उठा। मीरा क्या कहे, कैसे कहे ? उसका यह दुलारा छोटा भाई कैसे जानेगा कि प्रेम-पीर क्या होती है ? जयमल जब भी बहन के पास आता या कभी महल में रास्ते में मिल जाता तो मीरा कितनी ही आशीष भाई को देती न थकती - "जीवता रीजो जग में, काँटा नी भाँगे थाँका पग में !"और" हूँ, बलिहारी म्हाँरा वीर थाँरा ई रूप माथे।" सदा हँसकर सामने आने वाली बहन को यूँ रोते देख जयमल तड़प उठा, "एक बार, जीजा आप कहकर तो देखो, मैं आपको यूँ रोते नहीं देख सकता।" "भाई ! आप मुझे बचा लीजिए, बचा लीजिए, मीरा भरे कण्ठ से हिल्कियों के मध्य कहने लगी - "सभी लोग मुझे मेवाड़ के महाराज कुँवर से ब्याहना चाहते है। स्त्री का तो एक ही पति होता है भाई ! अब गिरधर गोपाल को छोड़ ये मुझे दूसरे को सौंपना चाहते हैं। मुझे इस पाप से बचा लीजिए भाई ; आप तो इतने वीर हैं। मुझे आप तलवार के घाट उतार दीजिए। मुझसे यह दु:ख नहीं सहा जाता। मैं आपसे मेरी राखी का मूल्य माँग रही हूँ। भगवान आपका भला करेंगे।" जयमल बहन की बात सुनकर सन्न रह गये। एक तरफ बहन का दु:ख और दूसरी तरफ़ अपनी असमर्थता। जयमल दु:ख से अवश होकर बहन को बाँहो में भर रोते हुये बोले, "मेरे वीरत्व को धिक्कार है कि आपके किसी काम न आया।........यह हाथ आप पर उठें, इससे पूर्व जयमल के प्राण देह न छोड़ देंगे ? मुझे क्षमा कर दीजिये जीजा। मेरे वीरत्व को धिक्कार है कि आपके किसी काम न आया.......।" दोनों भाई बहन को भावनाओं में बहते, रोते ज्ञात ही नहीं हुआ कि श्याम कुन्ज के द्वार पर एक पराया एवं सम्माननीय अतिथि खड़ा आश्चर्य से उन्हें देख और सुन रहा है। ~~~०~~~ "जय जय श्री राधे" "कुमार रौनक कश्यप " *************************************************

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. "तानसेन का घमण्ड" तानसेन को कला का घमण्ड हो गया था। एक बार तानसेन की भेंट वल्लभ सम्प्रदाय के विठ्ठलनाथजी से हुई। तानसेन उन्हें अपनी प्रशंसा और मुगल दरबार में अपनी पकड़ का अहसास कराने लगे। विठ्ठलनाथजी ने तानसेन को गीत सुनाने को कहा। तानसेन ने वह गीत सुनाया जो अकबर को बहुत पसन्द था। खुश होकर विठ्ठलनाथ ने तानसेन को एक हजार रूपए और दो कौड़ियां ईनाम के तौर पर दीं। विठ्ठलनाथ ने कहा- दरबार के मुख्य गायक के पद को ध्यान में रखकर हजार रूपए का ईनाम और ये दौ कौड़ियां मेरी ओर से आपकी गायन कला की सच्ची कीमत है। दो कौड़ी का गायक बताए जाने से तानसेन आगबबूला हो गए। विठ्ठलनाथजी ने धैर्य रखने को कहा और गोविन्दस्वामी को गाने का इशारा किया। गोविन्दस्वामी ने भजन छेड़ा। भक्ति में विभोर हो गए, पीछे-पीछे तानसेन समेत सभी झूमने लगे। गीत समाप्त हुआ तो तानसेन की तंद्रा टूटी। विठ्ठलस्वामी से व्यवहार के लिए क्षमा मांगते हुए कहा आपने मेरी सच्ची कीमत लगाई थी। मैं तो दो कौड़ी का ही हूँ। विठ्ठलस्वामी बोले- ऐसा नहीं है। तानसेन, तुम उच्च कोटि के गायक हो लेकिन तुमने अपना संगीत अकबर को खुश करने के लिए समर्पित कर दिया है। तुम्हारा दायरा बहुत छोटा हो चुका है। गोविन्दस्वामी तुमसे पीछे हैं लेकिन यह उस प्रभु को प्रसन्न करने के लिए गाते हैं जो संसार चलाते हैं। इनके संगीत का दायरा व्यापक है। तानसेन को बात समझ में आ गई। हम पर विशेष कृपा करने के पीछे ईश्वर का उद्देश्य होता है हमें परखना। वह देखना चाहते हैं कि क्या हम उसके योग्य हैं ? आसमान छूते ताड़ के पेड़, जिसकी छाया किसी को नहीं मिलती, होने से अच्छा है दूर तक फैली घास बन जाना जो धरती के ताप से पैरों को तो बचाती है। भक्ति वही घास है जबकि विलासिता ताड़ का पेड़ । ----------:::×:::---------- "जय जय श्री राधे" "कुमार रौनक कश्यप " ********************************************

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. "तर्क और धर्म" श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलने नित्य बहुत सारे लोग आते थे। वे उनसे तरह तरह के तर्क करते रहते थे, परन्तु रामकृष्ण सभी के तर्को का जवाब खुशी खुशी देते थे। एक बार केशवचन्द्र नामक बहुत बड़े विद्वान तार्किक उनके पास तर्क करने पहुँचे। केशवचन्द्र रामकृष्ण को अपने तर्को से हराना चाहते थे। रामकृष्ण तो पढ़े लिखे नहीं थे, परन्तु वे सिद्ध पुरुष थे, परन्तु केशवचन्द्र के नजर में वे गंवार थे। उस दिन काफी चर्चा से बहुत भीड़ जुट गई, सब लोग सोच रहे थे कि रामकृष्ण अवश्य हार जायेंगे कारण उस सदी के सबसे बड़े विद्वान, तार्किक जो पधारे थे। केशवचन्द्र ईश्वर के खिलाफ तर्क देने लगे किन्तु रामकृष्ण विरोध नहीं करके उनकी प्रशंसा करने लगे- "वाह ! क्या दलील दी आपने।" केशवचन्द्र सोच रहा था कि रामकृष्ण मेरे तर्को को गलत कहेगा तभी तो तर्क विवाद बढ़ेगा, परन्तु रामकृष्ण तो सारे तर्को को गुणगान किया। जब रामकृष्ण ने किसी भी तर्क को गलत नहीं कहा तो केशवचन्द्र को अन्दर से बेचैनी होने लगी। रामकृष्ण, केशवचन्द्र की हर बात पर उन्हें जोश दिलाते और कहते कि आपकी हर बात बहुत जँचती है, अंत में जब सारे तर्क चूक गये तो केशवचन्द्र ने रामकृष्ण से कहा कि, "तुम मेरे बात मानते हो कि ईश्वर नहीं है"? रामकृष्ण ने कहा- "तुम्हें न देखा होता तो मै यह बात मान लेता पर तुम्हारे जैसी प्रतिभा पैदा होती है तो यह बिना ईश्वर के हो ही नहीं सकती। तुम्हें देखकर यह प्रमाण मिल गया कि ईश्वर है। सत्य अपने आप में सबसे बड़ा प्रमाण है।" केशवचन्द्र उस दिन वहाँ से चले गये, रात्रि में रामकृष्ण के पास पुनः आए और उनसे बोले,- जिस भाँति तुम हो गये हो, क्या मेरे लिए ऐसा होने का कोई उपाय है ? रामकृष्ण ने अगर विवाद किया होता तो केशवचन्द्र लौटकर नहीं आते। इसलिए सच है कि तर्क से धर्म प्राप्त नहीं हो सकता। ----------:::×:::--------- "जय जय श्री राधे" "कुमार रौनक कश्यप " *******************************************

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sukhadev awari May 7, 2021

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