Jay Lalwani
Jay Lalwani Jul 28, 2019

🌸श्री साई संदेश🌸 🌼Date: 28 July 2019🌼

Audio - 🌸श्री साई संदेश🌸
🌼Date: 28 July 2019🌼

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Amol Godase Jul 28, 2019
ओम साईराम जय भाऊ।

Jay Lalwani Jan 26, 2020

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Jay Lalwani Jan 24, 2020

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Jay Lalwani Jan 24, 2020

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Chandrashekhar Karwa Jan 26, 2020

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Chandrashekhar Karwa Jan 26, 2020

श्रीरामचरित मानस  Serial No 253 (बालकाण्ड)   1/347/दोहा  चौपाई / छंद / दोहा - होहिं सगुन बरषहिं सुमन सुर दुंदुभीं बजाइ । बिबुध बधू नाचहिं मुदित मंजुल मंगल गाइ ॥ व्यक्त भाव एवं प्रेरणा - विवाह के बाद जब प्रभु श्री रामजी और भगवती सीता माता श्री अयोध्याजी में बारात के साथ प्रवेश कर रहे थे तो नाना शकुन होने लगे । देवतागण आकाश से दुन्दुभी बजाकर फूल बरसाने लगे । देवताओं की पत्नियां सुंदर मंगलगीत गाने लगी । नगर के भाट प्रभु का यशगान करने लगे । सभी ओर से प्रभु के लिए जयध्वनि सुनाई देने लगी । श्रीवेदध्वनि दसों दिशाओं से सुनाई देने लगी । आकाश में देवतागण और श्री अयोध्याजी के वासी प्रेम मग्न होकर अत्यंत आनंदित हो गये । गोस्वामी श्री तुलसीदासजी कहते हैं कि उस प्रेम और महान आनंद का वर्णन कोई नहीं कर सकता । www.devotionalthoughts.in

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Chandrashekhar Karwa Jan 26, 2020

BHAKTI Vichar  Chapter - 09,  Serial No  386 – 400 386. जिनके मन में प्रभु को प्राप्त करने का दीप जल गया है उन्हें उस दीप के रूई को कथारूपी घी में डुबोकर रखना चाहिए जिससे आग निरंतर जलती रहे । 387. प्रभु के विरह का अनुभव जीवन में करना चाहिए । 388. संतजन कहते हैं श्री वृंदावनजी में राधे-राधे कहा जाता है क्योंकि कृष्ण-कृष्ण कहने से श्रीगोपिजन विरह में टूट जायेगी और बेहोश हो जायेगी । राधे-राधे कहने से मथुरा में प्रभु तक आवाज पहुँचती है कि श्रीगोपिजन प्रभु को याद कर रही हैं । इसलिए श्री नंदबाबा के भाई श्री उपनंदजी ने श्री वृंदावनजी के द्वारपालों को यह नियम बताया था कि आने वालों को राधे-राधे कहने को कहो । तब से यह नियम है कि श्रीबृज में सब राधे-राधे कहते हैं । 389. या तो हम दुनिया के काम आ सकते हैं और या श्रीगोविंद के काम आ सकते हैं । दोनों में से एक ही हो सकता है । अब यह चुनाव हमारे ऊपर है । 390. प्रभु की कथा हमें संसार से वैराग्य करा देती है । 391. प्रभु कथा हमारे जीवन में अध्यात्म को स्थिर कर देती है । 392. प्रभु कथा से प्रभु के वियोग की ज्वाला जल उठती है । 393. प्रभु की कथा सबके लिए अति रसदायी है । 394. मन की गंदगी को प्रभु की कथा दूर कर देती है । 395. जैसे एक मटकी जिसमें गंदगी भरी हुई है उसमें हम स्वच्छ जल डालते रहेंगे तो गंदगी धीरे-धीरे ऊपर आती जायेगी और एक समय ऐसा आयेगा कि पूरे मटके की गंदगी पूरी तरह निकल जायेगी और मटका स्वच्छ पानी से भर जायेगा । इसी तरह निरंतर प्रभु की कथा सुनते रहने से मन की गंदगी एक दिन पूरी तरह से निकल जायेगी और मन प्रभु को पाने के लिए पूरा स्वच्छ हो जायेगा । 396. जहाँ प्रभु श्री रामजी और प्रभु श्री कृष्णजी की कथा हो वहाँ प्रभु श्री हनुमानजी नहीं हो ऐसा हो ही नहीं सकता । प्रभु श्री हनुमानजी सदा वहाँ आकर कथा श्रवण करते हैं । 397. जैसे भगवान की कथा भक्तों को आनंद देती है वैसे ही भक्तों की कथा प्रभु को आनंद देती है । 398. श्रीमद् भागवतजी महापुराण में भक्तों का चरित्र है, इसलिए प्रभु को श्रीमद् भागवतजी महापुराण अति प्रिय है । 399. प्रभु श्री हनुमानजी की कृपा से श्रीराम प्रेम का रोग हमें लग जाता है । 400. श्री ठाकुरजी को सबसे प्रिय कथा है । www.bhaktivichar.in GOD, GOD & Only GOD   Request you to please SHARE THIS POST to spread the message related to ALMIGHTY GOD.

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Chandrashekhar Karwa Jan 26, 2020

श्रीरामचरित मानस  Serial No 254 (बालकाण्ड)   1/349/4  चौपाई / छंद / दोहा - सारद उपमा सकल ढँढोरीं ॥ व्यक्त भाव एवं प्रेरणा - प्रभु श्री रामजी और भगवती सीता माता की छवि को बार-बार देखकर श्री अयोध्याजी की स्त्रियां जगत में अपने जीवन को सफल मान आनंदित हो रही थी । राजमहल में मातायें और सखियां भगवती सीता माता की अलौकित सुंदरता को देखकर अपने पूण्यों की सराहना करने लगी जिस कारण उन्हें यह सौभाग्य मिला । देवतागण क्षण क्षण फुल बरसाकर, नाचकर, गाकर अपनी सेवा प्रभु और माता को समर्पित कर रहे थे । भगवती सरस्वती माता ने वर-वधू को देने के लिए सारी उपमाओं को खोज लिया पर उन्हें कोई उपमा देते नहीं बनी । कोई भी उपमा जो वे सोचती थी वह उन्हें प्रभु और माता को देने के लिए तुच्छ जान पड़ती । www.devotionalthoughts.in

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Chandrashekhar Karwa Jan 25, 2020

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