Abha  Sinha
Abha Sinha Oct 24, 2020

+27 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 0 शेयर

कामेंट्स

Balraj Oct 24, 2020
🌷🌹 जय माता दी 🙏🏽 🙏🏽

simran Nov 26, 2020

+69 प्रतिक्रिया 23 कॉमेंट्स • 72 शेयर

+16 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+10 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 2 शेयर
Rakeshsingh Raghav Nov 26, 2020

+4 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 1 शेयर
sivani rajput Nov 26, 2020

+76 प्रतिक्रिया 14 कॉमेंट्स • 47 शेयर

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 2 शेयर

🌹🙏🕉️नमो नारायण 🕉️🙏🌹 (((( सुदर्शन चक्र ))) . सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु को कैसे प्राप्त हुआ, इस विषय में एक कथा प्रचलित है, जो इस प्रकार है... . प्राचीन काल में श्रीदामा नाम से विख्यात एक महान असुर राज था। . उसने सारे संसार को अपने अधीन करके लक्ष्मी को भी अपने वश में कर लिया। उसके यश और प्रताप से तीनों लोक श्रीहीन हो गये। . उसका मान इतना बढ़ गया था कि वह भगवान विष्णु के श्रीवत्स को ही छीन लेने की योजना बनाने लगा। . उस महाबलशाली असुर की इस दूषित मनोभावना को जानकर उसे मारने की इच्छा से भगवान विष्णु महेश्वर शिव के पास गये। . उस समय महेश्वर हिमालय की ऊंची चोटी पर योगमग्न थे। . तब भगवान विष्णु जगन्नाथ के पास जाकर एक हज़ार वर्ष तक पैर के अंगूठे पर खड़े रह कर परब्रह्म की उपासना करते रहे। . भगवान विष्णु की इस प्रकार कठोर साधना से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें सुदर्शन चक्र प्रदान किया। . उन्होंने सुदर्शन चक्र को देते हुए भगवान विष्णु से कहा- "देवेश! यह सुदर्शन नाम का श्रेष्ठ आयुध बारह अरों, छह नाभियों एवं दो युगों से युक्त, तीव्र गतिशील और समस्त आयुधों का नाश करने वाला है। . सज्जनों की रक्षा करने के लिए इसके अरों में देवता, राशियाँ, ऋतुएँ, अग्नि, सोम, मित्र, वरुण, शचीपति इन्द्र, विश्वेदेव, प्रजापति, हनुमान, धन्वन्तरि, तप तथा चैत्र से लेकर फाल्गुन तक के बारह महीने प्रतिष्ठित हैं। . आप इसे लेकर निर्भीक होकर शत्रुओं का संहार करें। तब भगवान विष्णु ने उस सुदर्शन चक्र से असुर श्रीदामा को युद्ध में परास्त करके मार डाला।

+118 प्रतिक्रिया 21 कॉमेंट्स • 75 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB