priyanka singh
priyanka singh Feb 28, 2021

Radhe Radhe

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कामेंट्स

GOVIND CHOUHAN Feb 28, 2021
JAI SHREE RADHEY RADHEY JIII 🌺 JAI SHREE RADHEY KRISHNA JII 🌺 SUBH RATRI VANDAN JII 🌹🌹🙏🙏 VERY NICE POST JII 👌👌

🔶️navin patel🔶️ Feb 28, 2021
🌹जय श्री राधे कृष्ण जी 🌹 🙏शुभ रात्रि वंदन जी🙏👍👌

Anilkumar Marathe Feb 28, 2021
जय श्रीकृष्ण नमस्कार खुशियो की सदाबहार आदरणीय प्यारी प्रियंका जी !! 🌹आपकी जिन्दगी में खुशियो का दीप सदा झगमगाता रहे, हँसी चमकती रहे आप कि निगाहो में, सफलता आपके कदम चुमे, कभी ना हो कांटों का सामना, आपके घर आंगन में सुख, समृद्धि और धन की निरंतर बरसात हो और कान्हा जी आपके सारे काम सफल करे आनेवाला मार्च आपके लिये ढेरो खुशिया लेकर आये येही है दिल से दुआऐ मेरी !! 🌹शुभरात्री स्नेह वंदन जी !!

dhruv wadhwani Feb 28, 2021
ओम नमः शिवाय हर हर महादेव गुड मॉर्निंग जी

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Mar 1, 2021
Good Afternoon My Sister ji 🙏🙏 Om Namah Shivay 🙏🙏🌹🌹🌹 Har Har Mahadev 🙏🙏🌹💐🌷🌹 Jay Bholenath 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

dhruv wadhwani Mar 2, 2021
ओम श्री गणेशाय नमः ओम हनुमते नमः शुभ दोपहर जी

dhruv wadhwani Mar 2, 2021
जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय

Ajit sinh Parmar Mar 4, 2021
बहुत ही सुंदर पोस्ट आपकी जी आप हरहमेशकुशलरहो ऐसी तमन्ना हे हम।री 🙏🌹

Ajit sinh Parmar Mar 13, 2021
गुड न।इट र।धेकृषण आप की र।त्रि कृषणमय रहे जी 🌺🎋🌺🎋🌺🎋🌺🎋🌺🎋🌺🎋

Ajit sinh Parmar Mar 13, 2021
बहुत ही सुंदर पोसट आपकी जी

GOVIND CHOUHAN Mar 19, 2021
Jai Shree Radhe Radhe Jiii 🌹 Jai Shree Radhe Krishna Jiii 🌹 Good Night Jii 🙏🙏 Vvvery Beautiful Post Jii 👌👌👌👌

ललन कुमार-8696612797 Mar 29, 2021
*प्रेम से बोलो राधे राधे* *जय श्री कृष्णा* *जय श्री सीताराम*

🔶️navin patel🔶️ Apr 21, 2021
🙏शुभ प्रभात वंदनजी 🙏 🌹🌹राधे राधे जी 🌹🌹 🚩मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम कि कृपा दृष्टि बनी रहे ओर आप का हर पल शुभ मंगलमय हो 🚩👍👌

Radhe Krishna Apr 21, 2021

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yogesh jani Apr 21, 2021

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ramkumarverma Apr 21, 2021

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Vinay Mishra Apr 21, 2021

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Acharya Rajesh Apr 21, 2021

☀️ *संक्षिप्त लेख:-एकादशी व्रत के नियम* हिन्दू धर्म के साथ-साथ अन्य कई धर्मो ने व्रत तथा उपवास की महत्ता को समझते हुए इसे अपनाया है । हिन्दू धर्म मे व्रत तथा उपवास को बहुत महत्व दिया गया है, प्रायः हरेक पर्व तथा त्यौहार पर व्रत या उपवास की परंपरा स्थापित है । परंतु अलग-अलग धर्मों में व्रत तथा उपवास के नियम प्रायः अलग-अलग ही देखे जाते हैं । इसी प्रकार शास्त्रों मे एकादशी व्रत के लिए अनेक नियमो का निर्धारण किया गया हैं, जिसमे से कुछ इस प्रकार से है । एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन से ही कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना चाहिए।  एकादशी तिथि को ब्रह्म वेला मे बिस्तर त्याग दे, प्रात: लकड़ी का दातुन न करें, नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और अंगुली से कंठ साफ कर लें, परंतु वृक्ष से पत्ता तोड़ना ‍वर्जित है। अत: स्वयं गिरा हुआ पत्ता लेकर सेवन करें। यदि यह संभव न हो तो पानी से बारह बार कुल्ले कर लें। 1. एकादशी व्रत के लिए दशमी के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की आराधना करना चाहिए तथा रात को पूजा स्थल के समीप सोना चाहिए। 2. दशमी के दिन मांस, लहसुन, प्याज, मसूर की दाल आदि निषेध वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए।  3. दशमी तिथि रात्रिकाल मे जमीन पर ही बिस्तर लगाकर शयन करना चाहिए । दशमी तिथि की रात्रि से ही पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए तथा भोग-विलास से दूर रहना चाहिए। 4. नारदपुराण के अनुसार एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को बेहद प्रिय होता है। जिस तरह चतुर्थी को गणेश जी, त्रयोदशी को शिवजी, पंचमी को लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है उसी प्रकार एकादशी तिथि को भगवान श्री हरि विष्णु जी की पूजा की जाती है। विष्णु जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग जरूर करें, तुलसी का प्रयोग करने से भगवान नारायण अति प्रसन्न होते हैं । अतः व्रती को पुष्प, धूप आदि से भगवान विष्णु की पूजा करते हुए पूजा का संकल्प लेना चाहिए । तत्पश्चात निम्न मंत्र का उच्चारण करना चाहिए: *एकादशी निराहारः स्थित्वाद्यधाहं परेङहन।* *भोक्ष्यामि पुण्डरीकाक्ष शरणं में भवाच्युत।।* फिर प्रभु के सामने इस प्रकार प्रण करना चाहिए कि 'आज मैं चोर, पाखंडी़ और दुराचारी मनुष्यों से बात नहीं करूंगा और न ही किसी का दिल दुखाऊंगा। रात्रि को जागरण कर कीर्तन करूंगा।' भगवान विष्णु का स्मरण कर प्रार्थना करें और कहे कि- हे त्रिलोकीनाथ! मेरी लाज आपके हाथ है, अत: मुझे इस प्रण को पूरा करने की शक्ति प्रदान करना। इस प्रकार प्रण करने के उपरांत दिनभर क्रोध नहीं करते हुए मधुर वचन बोलना चाहिए।  *(इसके बावजूद यदि भूलवश किसी निंदक से बात कर भी ली या अनजाने में अन्य कोई त्रुटि हो जाये तो भगवान सूर्यनारायण के दर्शन कर धूप-दीप से श्री‍हरि की पूजा कर क्षमा मांग लेना चाहिए।)* 5. तत्पश्चात 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' इस द्वादश मंत्र का जाप करें। राम, कृष्ण, नारायण आदि विष्णु के सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए ।  6. इस दिन गीता पाठ करें या पुरोहितजी से गीता पाठ का श्रवण करना चाहिए । इस प्रकार पूरे दिन व्रत रखने के बाद रात को भगवान विष्णु की श्रद्धाभाव से आराधना करनी चाहिए। 7. इस प्रकार एकादशी के व्रत में रात्रि जागरण, गौ पूजन और दान का भी विशेष महत्व है । इस दिन किए गए दान से व्यक्ति को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है । 8. एकादशी के दिन घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है। 9. इस दिन बाल नहीं कटवाना चाहिए। न नही अधिक बोलना चाहिए। अधिक बोलने से मुख से न बोलने वाले शब्द भी निकल जाते हैं।  10. इस दिन यथा‍शक्ति दान करना चाहिए। किंतु स्वयं किसी का दिया हुआ अन्न आदि कदापि ग्रहण न करें। 11. दशमी के साथ मिली हुई एकादशी वृद्ध मानी जाती है।  12. वैष्णवों को द्वादशी मिली हुई एकादशी का व्रत करना चाहिए। त्रयोदशी आने से पूर्व व्रत का पारण करें।  13. एकादशी (ग्यारस) के दिन व्रतधारी व्यक्ति को गाजर, शलजम, गोभी, पालक, इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए।  14. एकादशी के दिन केला, आम, अंगूर, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करें। *(यदि संभव हो तो एक समय फलाहार करना चाहिए ।)* 15. प्रत्येक वस्तु प्रभु को भोग लगाकर तथा तुलसीदल छोड़कर ग्रहण करना चाहिए।  16. द्वादशी के दिन सुबह उठकर स्नान कर भगवान विष्णु को भोग लगाकर पंडित को भोजन करने को बाद मिष्ठान्न तथा दक्षिणा देना चाहिए।  इसके उपरांत स्वयं अन्न ग्रहण करना चाहिए। इस प्रकार नियम पूर्वक एकादशी व्रत को करने वाला दिव्य फल प्राप्त करता है, और उसके जीवन के सारे कष्‍ट समाप्त हो जाते हैं । *(समाप्त)* _________________________ *आगामी लेख:-* *1. 23 अप्रैल को "कामदा" एकादशी पर लेख ।* *2. 24 अप्रैल को "वैशाख मास" विषय पर लेख ।* *3. शीघ्र ही हनुमान जयंती पर लेख ।* _________________________ ☀️ *जय श्री राम* *आज का पंचांग 🌹🌹🌹* *वृहस्पतिवार,22.4.2021* *श्री संवत 2078* *शक संवत् 1943* *सूर्य अयन- उत्तरायण, गोल-उत्तर गोल* *ऋतुः- वसन्त-ग्रीष्म ऋतुः ।* *मास- चैत्र मास।* *पक्ष- शुक्ल पक्ष ।* *तिथि- दशमी तिथि 11:37 pm तक* *चंद्रराशि- चंद्र कर्क राशि मे 8:16 am तक तदोपरान्त सिंह राशि ।* *नक्षत्र- अश्लेषा 8:16 am तक* *योग- गण्ड योग 5 pm तक (अशुभ है)* *करण- तैतिल करण 12:13 pm तक* *सूर्योदय 5:49 am, सूर्यास्त 6:50 pm* *अभिजित् नक्षत्र- 11:53 am से 12:45 pm* *राहुकाल - 1:57 pm से 3:35 pm* (अशुभ कार्य वर्जित,दिल्ली )* *दिशाशूल- दक्षिण दिशा ।* *अप्रैल माह -शुभ दिन:-* शुभ दिन : 22, 23 (11 am तक), 24, 25, 26 (1 pm तक), 28 (सायंकाल 5 उपरांत), 29 (12 pm तक), 30 (12 pm उपरांत) *अप्रैल माह-अशुभ दिन:-* 27. *अनिष्टकारी योग :-ज्वालामुखी  योग* *22 अप्रैल 00:36 am से 22 अप्रैल 8:15 am तक*। ज्वालामुखी योग अत्यंत अनिष्टकारी माना जाता है, इसमे शुरु किया गया कोई भी कार्य पूर्ण या पूरी तरह से सफल नही हो पाता । इस योग का उल्लेख बहुत से शास्त्रीय ग्रंथों मे किया गया है , इसके संबंध मे शास्त्रो मे क्हा गया है कि:- *जन्मे तो जीवै नही, बसे तो उजड़े गांव।* *नारी पहने चूड़ियाँ, पुरूष विहीनी होय।* *बोवे तो काटे नही, कुएँ उपजे न नीर।* अथार्त बच्चे का जन्म हो तो उसे अरिष्ट होता है, घर या बस्ती बसायी जाये तो रहे या फले नही, विवाह किया जाये तो वैधव्य का योग होता है, फसल बोई जाये तो फसल अच्छी न हो, कुआ, बावडी इत्यादि बनाई जाये तो वह सूख जाये, यदि किसी को रोग हो जाये तो जल्दी ठीक न हो पायें । अतः इस योग मे किसी भी प्रकार के शुभ कार्य न करे । *रवि योग :- 21 अप्रैल 7:59 am to 23 अप्रैल 7:42 am तक* यह एक शुभ योग है, इसमे किए गये दान-पुण्य, नौकरी  या सरकारी नौकरी को join करने जैसे कायों मे शुभ परिणाम मिलते है । यह योग, इस समय चल रहे, अन्य बुरे योगो को भी प्रभावहीन करता है। ______________________ *विशेष:- जो व्यक्ति दिल्ली से बाहर अथवा देश से बाहर रहते हो, वह ज्योतिषीय परामर्श हेतु paytm या Bank transfer द्वारा परामर्श फीस अदा करके, फोन द्वारा ज्योतिषीय परामर्श प्राप्त कर सकतें है* ________________________ *आगामी व्रत तथा त्यौहार:-* 22 अप्रैल:- चैत्र नवरात्रि पारण। 23 अप्रैल:- कामदा एकादशी। 24 अप्रैल:- शनि प्रदोष। 26 अप्रैल:- चैत्र पूर्णिमा। 30 अप्रैल:- संकष्टी चतुर्थी आपका दिन मंगलमय हो . 💐💐💐 *आचार्य राजेश ( रोहिणी, दिल्ली )* *9810449333, 7982803848*

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