Rani
Rani Sep 13, 2021

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Rani Sep 13, 2021
@santoshyadav43 om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@jeevansinghsisodiya om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@ददाजी om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@reenasingh3 om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bahana ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@rajendrakumarsoni3 om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bahana ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@indin om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@bhagatram17 om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@govindchouhan om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@dhruvwadhwani om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@पंडितजी om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@sanjayparashar7 om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@kamleshyadavkamlesh.2 om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@srpareek om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@sushilkumarsharma29 om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@pawarjalindar om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@radhe om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

Rani Sep 13, 2021
@kamleshgoyal om namah shivay 🙏🌹subh ratri vandan bhai ji🌿🌿🌺🙏bhgwan bholenath ji aur mata parvati ji ki kripa sadaiv aap ke sampurn pariwar pr bni rhe aap ka har pal subh magalmay ho 🌿🌺🙏

MADAN LAL Sep 14, 2021
🙏🌹Jai Shree Radhe Krishna Ji.🙏🌹

kamlesh goyal Oct 16, 2021

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Amit Kumar Oct 14, 2021

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Sarla Rana Oct 15, 2021

. कल शनिवार दिनांक 16.10.2021 को आनेवाली है, संवत् २०७८ आश्विन मास के शुक्लपक्ष की 👇🏻 "पापांकुशा एकादशी" आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं। इस एकादशी पर मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, जो मनुष्य कठिन तपस्याओं के द्वारा फल प्राप्त करते हैं, वही फल इस एकादशी पर शेषनाग पर शयन करने वाले श्रीविष्णु को नमस्कार करने से ही मिल जाते हैं और मनुष्य को यमलोक के दु:ख नहीं भोगने पड़ते हैं। यह एकादशी उपवासक (व्रत करने वाले) के मातृपक्ष के दस और पितृपक्ष के दस पितरों को विष्णु लोक लेकर जाती है। पापाकुंशा एकादशी हजार अश्वमेघ और सौ सूर्ययज्ञ करने के समान फल प्रदान करने वाली होती है। इस एकादशी व्रत के समान अन्य कोई व्रत नहीं है। इसके अतिरिक्त जो व्यक्ति इस एकादशी की रात्रि में जागरण करता है वह स्वर्ग का भागी बनता है। इस एकादशी के दिन दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु भक्तों के लिए एकादशी के दिन व्रत करना प्रभु भक्ति के मार्ग में प्रगति करने का माध्यम बनता है। "व्रत विधि" इस व्रत का पालन दशमी तिथि के दिन से ही करना चाहिए। दशमी तिथि पर सात धान्य अर्थात गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर की दाल नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इन सातों धान्यों की पूजा एकादशी के दिन की जाती है। जहां तक संभव हो दशमी तिथि और एकादशी तिथि दोनों ही दिनों में कम से कम बोलना चाहिए। दशमी तिथि को भोजन में तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए और पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। एकादशी तिथि पर सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प अपनी शक्ति के अनुसार ही लेना चाहिए यानी एक समय फलाहार का या फिर बिना भोजन का। संकल्प लेने के बाद घट स्थापना की जाती है और उसके ऊपर श्रीविष्णुजी की मूर्ति रखी जाती है। इसके साथ भगवान विष्णु का स्मरण एवं उनकी कथा का श्रवण किया जाता है। इस व्रत को करने वाले को विष्णु के सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। इस व्रत का समापन एकादशी तिथि में नहीं होता है, बल्कि द्वादशी तिथि की प्रात: में ब्राह्माणों को अन्न का दान और दक्षिणा देने के बाद ही यह व्रत समाप्त होता है। "कथा" प्राचीन समय में विंध्य पर्वत पर क्रोधन नामक एक बहेलिया रहता था। वह बड़ा क्रूर था। उसका सारा जीवन पाप कर्मों में बीता। जब उसका अंत समय आया तो वह मृत्यु के भय से कांपता हुआ महर्षि अंगिरा के आश्रम में पहुंचकर याचना करने लगा- हे ऋषिवर, मैंने जीवन भर पाप कर्म ही किए हैं। कृपा कर मुझे कोई ऐसा उपाय बताएं, जिससे मेरे सारे पाप मिट जाएं और मोक्ष की प्राप्ति हो जाए। उसके निवेदन पर महर्षि अंगिरा ने उसे पापांकुशा एकादशी का व्रत करके को कहा। महर्षि अंगिरा के कहे अनुसार उस बहेलिए ने पूर्ण श्रद्धा के साथ यह व्रत किया और किए गए सारे पापों से छुटकारा पा लिया। "महत्व" पापांकुशा एकादशी व्रत में यथासंभव दान व दक्षिणा देनी चाहिए। पूर्ण श्रद्धा के साथ यह व्रत करने से समस्त पापों से छुटकारा प्राप्त होता है। शास्त्रों में एकादशी के दिन की महत्ता को पूर्ण रुप से प्रतिपादित किया गया है। इस दिन उपवास रखने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। जो लोग पूर्ण रूप से उपवास नहीं कर सकते उनके लिए मध्याह्न या संध्या काल में एक समय भोजन करके एकादशी व्रत करने की बात कही गई है। एकादशी जीवों के परम लक्ष्य, भगवद भक्ति, को प्राप्त करने में सहायक होती है। यह दिन प्रभु की पूर्ण श्रद्धा से सेवा करने के लिए अति शुभकारी एवं फलदायक माना गया है। इस दिन व्यक्ति इच्छाओं से मुक्त हो कर यदि शुद्ध मन से भगवान की भक्तिमयी सेवा करता है तो वह अवश्य ही प्रभु की कृपापात्र बनता है। ----------:::×:::---------- "जय जय श्रीहरि" ******************************************* "श्रीजी की चरण सेवा" की सभी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं धारावाहिक पोस्टों के लिये हमारे पेज से जुड़े रहें तथा अपने सभी भगवत्प्रेमी मित्रों को भी आमंत्रित करें👇 https://www.facebook.com/श्रीजी-की-चरण-सेवा-724535391217853/

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Kanta Kamra Oct 16, 2021

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Mamta Chauhan Oct 16, 2021

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Vandana Singh Oct 16, 2021

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Shudha Mishra Oct 16, 2021

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