*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* *जय हिन्द🇮🇳जय नमो🙏* ************************** *🔱शुभ शनिवार🌞* हम सबका हर पल मंगलमय हो ************************** *।।ॐ श्री हनुमंते नमः।।👏* *अब दया करो बजरंगबली, मेरे कष्ट हरो बजरंगबली....🙏* ************************** अब दया करो बजरंगबली, मेरे कष्ट हरो बजरंगबली, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, अब दया करो बजरंगबली।। तुम काज संवारा करते हो, दुखियों के दुखड़े हरते हो, माता अंजनी के जाए हो, सियाराम के मन में समाये हो, सालासर धणी कहाते हो, संकट में दौड़े आते हो, अब दया करों बजरंगबली, मेरे कष्ट हरो बजरंगबली, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, अब दया करो बजरंगबली।। सूरज को निगल गए समझ के फल, सोने की लंका दी राख में बदल, जब प्राण लखन के थे संकट में, संजीवन लाये झटपट में, दुष्टों का सदा संघार किया, भक्तो का बेडा पार किया, अब दया करों बजरंगबली, मेरे कष्ट हरो बजरंगबली, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, अब दया करो बजरंगबली।। हम दुःख विपदा के मारे है, इस झूठे जगत से हारे हैं, उलझन ही उलझन पग पग पर, रस्ता अब कोई आये ना नजर, है ‘कमल सरल’ कमजोर पड़ा, ‘लक्खा’ ले फरियाद है दर पे खड़ा, अब दया करों बजरंगबली, मेरे कष्ट हरो बजरंगबली, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, अब दया करो बजरंगबली।। अब दया करो बजरंगबली, मेरे कष्ट हरो बजरंगबली, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ, कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, अब दया करो बजरंगबली।। 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🔱🌺👏🌺🔱🙏

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          *जय श्री राधे...👏*
    *जय हिन्द🇮🇳जय नमो🙏*
**************************
      *🔱शुभ शनिवार🌞*
 हम सबका हर पल मंगलमय हो
**************************  
 *।।ॐ श्री हनुमंते नमः।।👏*
*अब दया करो बजरंगबली, मेरे कष्ट हरो बजरंगबली....🙏* 
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अब दया करो बजरंगबली,
मेरे कष्ट हरो बजरंगबली,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, 
अब दया करो बजरंगबली।।

तुम काज संवारा करते हो,
दुखियों के दुखड़े हरते हो,
माता अंजनी के जाए हो,
सियाराम के मन में समाये हो,
सालासर धणी कहाते हो, 
संकट में दौड़े आते हो,
अब दया करों बजरंगबली,
मेरे कष्ट हरो बजरंगबली,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, 
अब दया करो बजरंगबली।।

सूरज को निगल गए समझ के फल,
सोने की लंका दी राख में बदल,
जब प्राण लखन के थे संकट में,
संजीवन लाये झटपट में,
दुष्टों का सदा संघार किया, 
भक्तो का बेडा पार किया,
अब दया करों बजरंगबली,
मेरे कष्ट हरो बजरंगबली,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, 
अब दया करो बजरंगबली।।

हम दुःख विपदा के मारे है,
इस झूठे जगत से हारे हैं,
उलझन ही उलझन पग पग पर,
रस्ता अब कोई आये ना नजर,
है ‘कमल सरल’ कमजोर पड़ा,
‘लक्खा’ ले फरियाद है दर पे खड़ा,
अब दया करों बजरंगबली,
मेरे कष्ट हरो बजरंगबली,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, 
अब दया करो बजरंगबली।।

अब दया करो बजरंगबली,
मेरे कष्ट हरो बजरंगबली,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
मैं निर्बल शरण तिहारी हूँ,
कुछ ध्यान धरो बजरंगबली, 
अब दया करो बजरंगबली।।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
   🙏🔱🌺👏🌺🔱🙏

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कामेंट्स

Manoj Singh Sep 14, 2019
जय बजरंगबली जय श्री राम

योगीराज शास्त्री Sep 16, 2019
काली दरबार योगिराज (गोल्ड मैडलिस्ट) विशवास ही परमात्मा है call+91-9352873287 अपना नाम अपनी फोटो, जन्म तारीख भेजो ओर अपने जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी परेशानी का समाधान पाओगे गारंटी से 48 घंटे में घर बैठे सम्पर्क जरुर करे Whatsapp no+91-9352873287 Love marriage specialist ,Love Problem Solution , Husband Wife Divorce problem solution योगिराज +91 9352873287 _हर समस्या का समाधान घर बैठे फोन पर या मिलकर कराये 48 घण्टो में 101% प्रतिशत गारंटेड लाभ_ Note :- लव मैरिज, मनचाहा प्यार, गृहकलेश, जादू टोना, विदेश यात्रा, कारोबार में रुकावट, शादी में अड़चन, रूठे प्यार को मनाना, पति पत्नी में अनबन, सौतन व दुश्मनी से छुटकारा, काला जादू, किसी का किया कराया, पितृ दोष, मांगलिक दोष कालसर्प दोष A to Z समस्याओं का समाधान 48 घंटे में गारंटी के साथ घर बैठे 40 साल का अनुभव Call or Whatsapp no+91-9352873287 Astrologer-- _वशीकरण स्पेशलिस्ट_ आपका आत्मविश्वाश ही मेरी शक्ति है । दुखी व परेशान व्यक्ति एक बार अवश्य सेवा का मौका दे ।call +91-9352873287

*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* *जय हिन्द🇮🇳जय नमो🙏* ************************** *🔱शुभ शनिवार🌞* हम सबका हर पल मंगलमय हो ************************** *॥ॐ श्री हनुमंते नमः॥👏* *हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन....🙏* ************************** हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारम्बार हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारम्बार अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता दुखियों के तुम भाग्यविधाता। सियाराम के काज संवारे, मेरा कर उद्धार॥ पवनसुत विनती बारम्बार पवनसुत विनती बारम्बार हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारम्बार पवनसुत विनती बारम्बार अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी, तुम पर रीझे अवधबिहारी। भक्ति भाव से ध्याऊं तोहे, कर दुखों से पार॥ पवनसुत विनती बारम्बार पवनसुत विनती बारम्बार हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारम्बार पवनसुत विनती बारम्बार जपूँ निरंतर नाम तिहारा, अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा। राम भक्त मोहे शरण मे लीजे भाव सागर से तार॥ पवनसुत विनती बारम्बार पवनसुत विनती बारम्बार हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारम्बार पवनसुत विनती बारम्बार हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारम्बार पवनसुत विनती बारम्बार 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🙏🔱🌺👏🌺🔱🙏

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Sanjay Singh Jan 26, 2020

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golu Kumar Jan 26, 2020

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Renu yadav Jan 26, 2020

यूं तो भगवान हनुमान जी को अनेक नामों से पुकारा जाता है, जिसमें से उनका एक नाम वायु पुत्र भी है। जिसका शास्त्रों में सबसे ज्यादा उल्लेख मिलता है। शास्त्रों में इन्हें वातात्मज कहा गया है अर्थात् वायु से उत्पन्न होने वाला।कैसे हुआ हनुमान जी का जन्म पुराणों की कथानुसार हनुमान की माता अंजना संतान सुख से वंचित थी। कई जतन करने के बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इस दुःख से पीड़ित अंजना मतंग ऋषि के पास गईं, तब मंतग ऋषि ने उनसे कहा-पप्पा सरोवर के पूर्व में एक नरसिंहा आश्रम है, उसकी दक्षिण दिशा में नारायण पर्वत पर स्वामी तीर्थ है वहां जाकर उसमें स्नान करके, बारह वर्ष तक तप एवं उपवास करना पड़ेगा तब जाकर तुम्हें पुत्र सुख की प्राप्ति होगी। अंजना ने मतंग ऋषि एवं अपने पति केसरी से आज्ञा लेकर तप किया था बारह वर्ष तक केवल वायु का ही भक्षण किया तब वायु देवता ने अंजना की तपस्या से खुश होकर उसे वरदान दिया जिसके परिणामस्वरूप चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा को अंजना को पुत्र की प्राप्ति हुई। वायु के द्वारा उत्पन्न इस पुत्र को ऋषियों ने वायु पुत्र नाम दिया। market://details?id=com.tuneonn.hindistories

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Minakshi Tiwari Jan 25, 2020

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Dharam Pal Summi Jan 26, 2020

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