विष्णवे जिष्ण्वे शड्खिने चक्रिणे रूक्मिणीरागिणे जानकीजानये । वल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः ।। जो विभु हैं, विजयी हैं, शंख- चक्रधारी हैं, रूक्मिणीजीके परम प्रेमी हैं, जानकीजी जिनकी धर्म पत्नी हैं तथा जो व्रजांगनाओके प्राणाधार हैं उन परमपूज्य, आत्मस्वरूप, कंसविनाशक मुरली मनोहर आपको प्रणाम करता हूँ । 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾

विष्णवे जिष्ण्वे शड्खिने चक्रिणे 
        रूक्मिणीरागिणे जानकीजानये ।
वल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने 
       कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः ।।

जो विभु हैं, विजयी हैं, शंख- चक्रधारी हैं, रूक्मिणीजीके परम प्रेमी हैं, जानकीजी जिनकी धर्म पत्नी हैं तथा जो व्रजांगनाओके प्राणाधार हैं उन परमपूज्य, आत्मस्वरूप, कंसविनाशक मुरली मनोहर आपको प्रणाम करता हूँ ।
  🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩
☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀
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कामेंट्स

Radhe Krishna Feb 25, 2021
ओम् नमो भगवते वासुदेवाय नमः🙏🙏

Brajesh Sharma Feb 25, 2021
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जय जय श्री राधे कृष्णा जी ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव ईश्वर आपकी समस्त कामनाओं की पूर्ति करें, आपका सदा कल्याण करें..

Manoj Gupta AGRA Feb 25, 2021
jai shree radhe krishna ji 🙏🙏🌷🌸💐🌀 shubh prabhat vandan ji 🙏🙏

Renu Singh Feb 25, 2021
Shubh Prabhat 🙏 Radhe Radhe Bhai Ji 🙏🌹 Vishnu Bhagwan ki kripa Aap aur Aàpke Pariwar pr Sadaiv Bni rhe Aàpka Din Khushiyon Bhara ho Bhai Ji 🙏🌹

kamlesh Goyal Feb 25, 2021
जय श्री हरि जय श्री नारायण जय श्री कृष्णा जी राधे राधे जी शुभ प्रभात वंदन जी

Arvind Sharma Feb 25, 2021
जय श्री राम🐕‍🦺🚩 🙏🙏 खुश हू और सबको खुश रखता हू लापरवाह हू फिर भी सबकी परवाह करता हू मालूम है कोई मोल नही मेरा फिर भी अनमोल लोगो से रिश्ता रखता हू🙏🙏 🌶खुश रहो स्वस्थ रहो मुस्कराते रहो🌶 💥जय मंगल नाथ 💥

Mohanpatidar Feb 25, 2021
jai mata Hari vishnu bhagwan ji 🌹🌹🌹🌹🌺

s.r.pareek rajasthan Feb 25, 2021
🥀जय श्री विष्णु देवाय🌾 आपका हर पल मंगलमय हो खूबसूरत हो जी🌿 सदा खुश रहें जी सुखी रहें जी🌹 शुभ दोपहर नमन् वंदन जी 🙏🏻🙏🏻🥀🌸💤🍒🌿💤🌠

Sagar ji🙏 Feb 25, 2021
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः🐚 शुभ दोपहर वंदन जी 🌻🙏भगवान् श्री हरि विष्णु जी एवं माता लक्ष्मी जी ,सुख , समृद्धि, धन , संपति एवं वैभव सदा प्रदान करे🌹🙏आपके हरपल शुभ एवं मंगलमय हो🌺

JAI MAA VAISHNO Feb 25, 2021
JAI SHREE RAM PARIVAR KI JAI SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE SHREE RADHE

dhruv wadhwani Feb 25, 2021
ओम साईं राम जी नमः शुभ संध्या जी

Ravi Kumar Taneja Feb 25, 2021
प्रभु कृपा से आप हमेशा खुश रहे...🙏स्वस्थ रहे...🙏 हरि ॐ🔯🌸🔯🌸🔯 🌹🌹🌹ओम् नमो भगवते वासुदेवाय नमो नमः🌹🌹🌹 शुभ संध्या वंदन🌹🌹🌹

BK WhatsApp STATUS Feb 26, 2021
जय श्री कृष्ण शुभ प्रभात स्नेह वंदन धन्यवाद 🌹🙏🙏

Mamta Chauhan Apr 19, 2021

+200 प्रतिक्रिया 45 कॉमेंट्स • 501 शेयर
dhruv wadhwani Apr 19, 2021

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Amar jeet mishra Apr 19, 2021

+52 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 255 शेयर

*सुख दुख आते जाते रहेंगे* घुप्प अंधेरी रात में एक व्यक्ति नदी में कूद कर आत्महत्या करने का विचार कर रहा था. वर्षा के दिन थे और नदी पूरे उफान पर थी. आकाश में बादल घिरे थे और रह-रहकर बिजली चमक रही थी. वह उस देश का बड़ा धनी व्यक्ति था लेकिन अचानक हुए घाटे से उसकी सारी संपत्ति चली गई. उसके भाग्य का सूरज डूब गया था. चारों ओर निराशा ही निराशा. भविष्य नजर नहीं आ रहा था. उसे कुछ सूझता न था कि क्या करे. उसने स्वयं को समाप्त करने का विचार कर लिया था. नदी में कूदने के लिए जैसे ही चट्टान के छोर पर खड़ा होकर वह अंतिम बार ईश्वर का स्मरण करने लगा तभी दो बुजुर्ग परंतु मजबूत बांहों ने उसे रोक लिया. बिजली की चमक में उसने देखा कि एक वृद्ध साधु उसे पकड़े हुए है ! उस वृद्ध ने उससे निराशा का कारण पूछा. किनारे लाकर उसकी सारी कथा सुनी फिर हंसकर बोला- तो तुम यह स्वीकार करते हो कि पहले तुम सुखी थे. सेठ बोला- हाँ मेरे भाग्य का सूर्य पूरे प्रकाश से चमक रहा था. सब ओर मान-सम्मान संपदा थी. अब जीवन में सिवाय अंधकार और निराशा के कुछ भी शेष नहीं है. वृद्ध फिर हंसा और बोला- दिन के बाद रात्रि है और रात्रि के बाद दिन. जब दिन नहीं टिकता तो रात्रि भी कैसे टिकेगी ? परिवर्तन प्रकृति का नियम है ठीक से सुनो और समझ लो. जब तुम्हारे अच्छे दिन हमेशा के लिए नहीं रहे तो बुरे दिन भी नहीं रहेंगे. जो इस सत्य को जान लेता है वह सुख में सुखी नहीं होता और दुख में दुखी नहीं होता ! उसका जीवन उस अडिग चट्टान की भांति हो जाता है जो वर्षा और धूप में समान ही बनी रहती है ! सुख और दुख को जो समभाव से ले, समझ लो कि उसने स्वयं को जान लिया. सुख-दुख तो आते-जाते रहते हैं. यही प्रकृति की गति है. ईश्वर का इंसाफ. जो न आता है और न जाता है वह है स्वयं का अस्तित्व. इस अस्तित्व में ठहर जाना ही समत्व है. सोचो यदि किसी ने जीवन में एक जैसा ही भाव देखा. हमेशा सुख का ही. जिस चीज की आवश्यकता हुई उससे पहले वह मिल गई. तो क्या वह कुछ उपहार पाने की खुशी का अनुभव कैसे कर सकता है ? *दुख न आए तो सुख का स्वाद क्या होता कोई कैसे जाने ? जो इस शाश्वत नियम को जान लेता है, उसका जीवन बंधनों से मुक्त हो जाता है..!!*

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ramkumarverma Apr 19, 2021

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