🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 🌼शुभ मकर संक्राति 🌼शुभ संध्या 🌼शुभ गुरूवार 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔

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Jai Mata Di Jan 17, 2021

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Sanjay Awasthi Jan 17, 2021

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Radha Bansal Jan 17, 2021

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white beauty Jan 17, 2021

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🔮🔮🔮🔮🔮 {प्रस्तुत लेख का मंन्तव्य साँई के प्रति आलोचना का नही बल्कि उनके प्रति स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने का है। लेख मेँ दिये गये प्रमाणोँ की पुष्टि व सत्यापन “साँई सत्चरित्र” से करेँ, जो लगभग प्रत्येक साईँ मन्दिरोँ मेँ उपलब्ध है। यहाँ पौराणिक तर्कोँ के द्वारा भी सत्य का विश्लेषण किया गया है।} आजकल आर्यावर्त  मेँ तथाकथित भगवानोँ का एक दौर चल पड़ा है। यह संसार अंधविश्वास और तुच्छ ख्याति- सफलता के पीछे भागने वालोँ से भरा हुआ है। “यह विश्वगुरू आर्यावर्त का पतन ही है कि आज परमेश्वर की उपासना की अपेक्षा लोग गुरूओँ, पीरोँ और कब्रोँ पर सिर पटकना ज्यादा पसन्द करते हैँ।” आजकल सर्वत्र साँई बाबा की धूम है, कहीँ साँई चौकी, साँई संध्या और साँई पालकी मेँ मुस्लिम कव्वाल साँई भक्तोँ के साथ साँई जागरण करने मेँ लगे हैँ। मन्दिरोँ मेँ साँई की मूर्ति सनातन काल के देवी देवताओँ के साथ सजी है। मुस्लिम तान्त्रिकोँ ने भी अपने काले इल्म का आधार साँई बाबा को बना रखा है व उनकी सक्रियता सर्वत्र देखी जा सकती है।  कोई इसे  विष्णुजी  का ,कोई शिवजी  का तथा कोई दत्तात्रेयजी  का अवतार बताता है । 🔥🔥🔥🔥🔥🔥 🔥🔥परन्तु साँई बाबा कौन थे? कब उसका जन्म हुआ? उसके माँ बाप कौन थे? उनका आचरण व व्यवहार कैसा था? इन सबके लिए हमेँ निर्भर होना पड़ता है “साँई सत्चरित्र” पर! 🔥🔥 🔥🔥🔥🔥🔥🔥 यान्ति देवव्रता देवान् पितृन्यान्ति पितृव्रताः भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपिमाम् गीता में भी भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि भूत प्रेत, मूर्दा (खुला या दफ़नाया हुआ अर्थात् कब्र अथवा समाधि) को सकामभाव से पूजने वाले स्वयं मरने के बाद भूत-प्रेत ही बनते हैं। साईं बाबा का जन्म कब और कहाँ हुआ था एवं उनके माता-पिता कौन थे ये बातें अज्ञात हैं। किसी दस्तावेज से इसका प्रामाणिक पता नहीं चलता है। स्वयं शिरडी साईं ने इसके बारे में कुछ नहीं बताया है। हालाँकि एक कथा के रूप में यह प्रचलित है कि एक बार श्री साईं बाबा ने अपने एक अंतरंग भक्त म्हालसापति को, जो कि बाबा के साथ ही मस्जिद तथा चावड़ी में शयन करते थे, बतलाया था कि ❤❤✍ " मेरा जन्म पाथर्डी (पाथरी) के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। मेरे माता-पिता ने मुझे बाल्यावस्था में ही एक फकीर को सौंप दिया था। " ✍❤❤ जब यह चर्चा चल रही थी तभी पाथरी से कुछ लोग वहाँ आये तथा बाबा ने उनसे कुछ लोगों के सम्बन्ध में पूछताछ भी की। उनके जन्म स्थान एवं तिथि की बात वास्तव में उनके अनुयायियों के विश्वास एवं श्रद्धा पर आधारित हैं। 💙💙💙💙 💙💙 शिरडी साईं बाबा के अवतार माने जाने वाले  श्री सत्य साईं बाबा ने अपने पूर्व रूप का परिचय देते हुए शिरडी साईं बाबा के प्रारंभिक जीवन सम्बन्धी घटनाओं पर प्रकाश डाला है जिससे ज्ञात होता है कि उनका जन्म २८ सितंबर १८३५ में तत्कालीन हैदराबाद राज्य के पाथरी नामक गाँव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 💙💙 💙💙💙💙 क्या इस भूमि की सनातनी संताने इतनी बुद्धिहीन हो गयी है कि जिसकी भी काल्पनिक महिमा के गपोड़े सुन ले उसी को भगवान और महान मानकर भेडॉ की तरह उसके पीछे चल देती है ? इसमे हमारा नहीं आपका ही फायदा है …. श्रद्धा और अंधश्रद्धा में फर्क होता है, श्रद्धालु बनो …. भगवान को चुनो , राम और कृष्ण के बनो …. साई के बनाकर सिर्फ भूत प्रेत बनाकर ही भटकोगे ….. जय श्री राम कृष्ण ……… जय सनातन धर्म साई भक्तो के लिए दस प्रश्न – अगर किसी भी साई भक्त के पास इन दस प्रश्नो का उत्तर है तो में भी साई का भक्त बनूँगा …और उत्तर नहीं है तो कोई फालतू की बहस नहीं ….कुतर्क नहीं …….जिसके पास सभी प्रश्नो का सार्थक जवाब हो उत्तर दे …..कोई सुझाव नहीं चाहिए …….. और अगर इनके उत्तर नहीं है ……या इन्हे पढ़ने के बाद शर्म आए ……..तो भगवान कि और बढ़ो…..कल्याण होगा… 1 – साई को अगर ईश्वर मान बैठे हो अथवा ईश्वर का अवतार मान बैठे हो तो क्यो?आप हिन्दू है तो सनातन संस्कृति के किसी भी धर्मग्रंथ में साई महाराज का नाम तक नहीं है।तो धर्मग्रंथो को झूठा साबित करते हुये किस आधार पर साई को भगवान मान लिया ? और धर्मग्रंथ कहते है कि कलयुग में दो अवतार होने है ….एक भगवान बुद्ध का हो चुका दूसरा कल्कि नाम से अंतिम चरण में होगा……. । 2 – अगर साई को संत मानकर पूजा करते हो तो क्यो? क्या जो सिर्फ अच्छा उपदेश दे दे या कुछ चमत्कार दिखा दे वो संत हो जाता है?साई महाराज कभी गोहत्या पर बोले?, साई महाराज ने उस समय उपस्थित कौन सी सामाजिक बुराई को खत्म किया या करने का प्रयास किया?ये तो संत का सबसे बड़ा कर्तव्य होता है ।और फिर संत ही पूजने है तो कमी थी क्या ?फकीर ही मिला ? 3- अगर सिर्फ दूसरों से सुनकर साई के भक्त बन गए हो तो क्यो? क्या अपने धर्मग्रंथो पर या अपने भगवान पर विश्वास नहीं रहा ? 4 – अगर मनोकामना पूर्ति के लिए साई के भक्त बन गए हो तो तुम्हारी कौन सी ऐसी मनोकामना है जो कि भगत्वतसल भगवान शिवजी , या श्री विष्णु जी, या कृष्ण जी, या राम जी पूरी नहीं कर सकते सिर्फ साई ही कर सकता है?तुम्हारी ऐसी कौन सी मनोकामना है जो कि वैष्णो देवी, या हरिद्वार या वृन्दावन, या काशी या बाला जी में शीश झुकाने से पूर्ण नहीं होगी ..वो सिर्फ शिरडी जाकर माथा टेकने से ही पूरी होगी। 5 – तुम्हारे पूर्वज सुबह और शाम …..श्री राम , या कृष्ण या शिव शिव ही बोलते थे….. फिर तुम क्यो सिर्फ प्रचार को सुनकर ,बुद्धि को भ्रम में डालकर साई साई चिल्लाने लगे हो? 6 – अगर भगवान कि पूजा करनी है तो इतने प्यारे,दयालु ,कृपालु भगवान है न तुम्हारे पास फिर साई क्यो ? अगर संतो की पुजा करनी है तो साई से महान ,ऋषि मुनि है न ….. साई ही क्यो ? 7 -मुस्लिम अपने धर्म के पक्के होते है ……अल्लाह के अलावा किसी और की और मुंह भी नहीं करते …..जब कोई अपना बाप नहीं बदल सकता ….अथवा अपने बाप कि जगह पर किसी और को नहीं देख सकता तो तुम साई को अपने भगवान कि जगह पर देखकर क्यो दुखी या क्रोधित नहीं होते ???? 8 -अगर सनातन धर्मी हो तो सनातन धर्म में तो काही साई है ही नहीं ….. तो आप खुद को सनातन धर्मी कहलाना पसंद करोगे या धर्मनिरपेक्षी साई भक्त ???? 9 – आप खुद को राम या कृष्ण या शिव भक्त कहलाने में कम गौरव महसूस करते है क्या जो साई भक्त होने का बिल्ला टाँगे फिरते हो …. क्या राम और कृष्ण से प्रेम का क्षय हो गया है …. ? 10 – ॐ साई राम ……..ॐ हमेशा मंत्रो से पहले ही लगाया जाता है अथवा ईश्वर के नाम से पहले …..साई के नाम के पहले ॐ लगाने का अधिकार कहा से पाया? जय साई राम ………. श्री मे शक्ति माता निहित है ….श्री शक्तिरूपेण शब्द है ……. जो कि अक्सर भगवान जी के नाम के साथ संयुक्त किया जाता है ……. तो जय श्री राम में से …..श्री तत्व को हटाकर ……साई लिख देने में तुम्हें गौरव महसूस होना चाहिए या शर्म आनी चाहिये? ये जो नीचे फोटो है …… ऐसे फोटो आजकल चोराहों पर लगाकार …भगवान का खुलेआम अपमान और हिन्दुओ को मूर्ख बनाया जा रहा है ? मुस्लिम साई के चक्कर में नहीं पड़ते ….धर्म के पक्के है …..सिर्फ अल्लाह ……. हिन्दू प्रजाति ही हमेशा मूर्ख क्यो बनती है …… जय श्री राम……जय सनातन धर्म — ❤❤ बहुत लंबी है इस बाबा की जीवनी आप सभी स्नेही भाई बहनों से विनम्र निवेदन है की यह कथा कुछ समय निकालकर अवश्य पढें और बाद में सोच विचार कर जवाब दिजियेगा ❤❤ ❤❤❤ ✍... क्रमश ...✍ ❤❤❤

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Ramesh Agrawal Jan 17, 2021

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Sarita sharma Jan 17, 2021

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