Manoj Prasadh
Manoj Prasadh Dec 12, 2017

जानिए सफला एकादशी की व्रतकथा, व्रतविधि और महत्व।

जानिए सफला एकादशी की व्रतकथा, व्रतविधि और महत्व।

सफला एकादशी पारंपरिक हिंदू कैलेंडर में 'पॉश' महीने के दौरान कृष्ण पक्ष के 'एकादशी' (11 वें दिन) पर मनाया जाने वाला शुभ उपवास है। इस एकादशी को 'पॉसा कृष्ण एकदशी' भी कहा जाता है। यदि आप ग्रेगोरीयन कैलेंडर का पालन करते हैं तो इसे दिसंबर से जनवरी के महीनों के बीच मनाया जाता है।

सफला एकादशी का दिन हिंदुओं के लिए पवित्र है क्योंकि यह माना जाता है कि इस दिन ईमानदारी से उपवास करके भक्त अपने पापों को दूर कर सकते हैं और आनंदित जीवन का आनंद उठा सकते हैं। एकादशी एक श्रद्धेय दिन है जो हर चंद्र हिंदू माह में दो बार आती है और इस दिन विश्व के संरक्षक भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

सफला एकादशी व्रत कथा:
चम्पावती नगरी में एक महिष्मान नाम का राजा राज्य करता था। उसके चार पुत्र थे। उन सबमें लुम्पक नामवाला बड़ा राजपुत्र महापापी था। वह पापी सदा परस्त्री और वेश्यागमन तथा दूसरे बुरे कामों में अपने पिता का धन नष्ट किया करता था। सदैव ही देवता, बाह्मण, वैष्णवों की निंदा किया करता था। जब राजा को अपने बड़े पुत्र के ऐसे कुकर्मों का पता चला तो उन्होंने उसे अपने राज्य से निकाल दिया। तब वह विचारने लगा कि कहाँ जाऊँ? क्या करूँ?

अंत में उसने चोरी करने का निश्चय किया। दिन में वह वन में रहता और रात्रि को अपने पिता की नगरी में चोरी करता तथा प्रजा को तंग करने और उन्हें मारने का कुकर्म करता। कुछ समय पश्चात सारी नगरी भयभीत हो गई। वह वन में रहकर पशु आदि को मारकर खाने लगा। नागरिक और राज्य के कर्मचारी उसे पकड़ लेते किंतु राजा के भय से छोड़ देते।

वन के एक अतिप्राचीन विशाल पीपल का वृक्ष था। लोग उसकी भगवान के समान पूजा करते थे। उसी वृक्ष के नीचे वह महापापी लुम्पक रहा करता था। इस वन को लोग देवताओं की क्रीड़ास्थली मानते थे। कुछ समय पश्चात पौष कृष्ण पक्ष की दशमी के दिन वह वस्त्रहीन होने के कारण शीत के चलते सारी रात्रि सो नहीं सका। उसके हाथ-पैर अकड़ गए।

सूर्योदय होते-होते वह मूर्छित हो गया। दूसरे दिन एकादशी को मध्याह्न के समय सूर्य की गर्मी पाकर उसकी मूर्छा दूर हुई। गिरता-पड़ता वह भोजन की तलाश में निकला। पशुओं को मारने में वह समर्थ नहीं था अत: पेड़ों के नीचे गिर हुए फल उठाकर वापस उसी पीपल वृक्ष के नीचे आ गया। उस समय तक भगवान सूर्य अस्त हो चुके थे। वृक्ष के नीचे फल रखकर कहने लगा- हे भगवन! अब आपके ही अर्पण है ये फल। आप ही तृप्त हो जाइए। उस रात्रि को दु:ख के कारण रात्रि को भी नींद नहीं आई।

उसके इस उपवास और जागरण से भगवान अत्यंत प्रसन्न हो गए और उसके सारे पाप नष्ट हो गए। दूसरे दिन प्रात: एक ‍अतिसुंदर घोड़ा अनेक सुंदर वस्तुअओं से सजा हुआ उसके सामने आकर खड़ा हो गया।

उसी समय आकाशवाणी हुई कि हे राजपुत्र! श्रीनारायण की कृपा से तेरे पाप नष्ट हो गए। अब तू अपने पिता के पास जाकर राज्य प्राप्त कर। ऐसी वाणी सुनकर वह अत्यंत प्रसन्न हुआ और दिव्य वस्त्र धारण करके ‘भगवान आपकी जय हो’ कहकर अपने पिता के पास गया। उसके पिता ने प्रसन्न होकर उसे समस्त राज्य का भार सौंप दिया और वन का रास्ता लिया।

अब लुम्पक शास्त्रानुसार राज्य करने लगा। उसके स्त्री, पुत्र आदि सारा कुटुम्ब भगवान नारायण का परम भक्त हो गया। वृद्ध होने पर वह भी अपने पुत्र को राज्य का भार सौंपकर वन में तपस्या करने चला गया और अंत समय में वैकुंठ को प्राप्त हुआ।

अत: जो मनुष्य इस परम पवित्र सफला एकादशी का व्रत करता है उसे अंत में मुक्ति मिलती है। जो नहीं करते वे पूँछ और सींगों से रहित पशुओं के समान हैं। इस सफला एकादशी के माहात्म्य को पढ़ने से अथवा श्रवण करने से मनुष्य को अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है।

सफला एकादशी व्रत विधि:

पद्म पुराण के अनुसार सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु का विधि- विधान व विशेष मंत्रों के साथ पूजन किया जाता है। सफला एकादशी के दिन उपवास करना चाहिए। दीप, धूप, नारियल, फल, सुपारी, बिजौरा, नींबू, अनार, सुंदर आंवला, लौंग, बेर, आम आदि से भगवान श्रीहरि की आराधना करनी चाहिए।

पूजा करने बाद भगवान विष्णु की आरती कर भगवान को भोग लगाना चाहिए। भोग लगाने व प्रसाद वितरण के बाद ब्राह्मण को भोजन करना चाहिए। पद्म पुराण के अनुसार सफला एकादशी के दिन दीप दान करने का विशेष विधान है।

सफला एकादशी का व्रत अपने नाम के अनुसार फल देता है। हिन्दू धर्मानुसार इस व्रत के पुण्य से मनुष्य के सभी कार्य सफल होते हैं और उसके पाप खत्म हो जाते हैं।

सफला एकादशी का महत्व:

सफला एकादशी का महत्व ‘ब्रह्मांडा पुराण' में धर्मराज युधिष्ठिर और भगवान कृष्ण के बीच बातचीत के रूप में वर्णित है। हिंदू ग्रंथों के मुताबिक यह कहा जाता है कि 100 राजसूया यज्ञ और 1000 अश्वमेधि यज्ञ मिल कर भी इतना लाभ नहीं दे स्सकते जितना सफला एकादशी का व्रत रख कर मिल सकता हैं।

सफला एकादशी का दिन एक ऐसे दिन के रूप में वर्णित है जिस दिन व्रत रखने से दुःखों की समाप्ति होती है और भाग्य खुल जाता है। सफला एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अपनी साड़ी इच्छाओं और सपनों को पूरा करने में मदद मिलती हैं।

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कामेंट्स

Murari Mlsharma Dec 13, 2017
, भगवते वासुदेवाय ओम नमो भगवते वासुदेवाय

sudhirRay Dec 30, 2017
एकादशी का व्रत किस दिन किया जाता है कब और कैसे

gajrajraj Jan 14, 2018
✨✨✨✨✨✨✨✨✨ हर पतंग जानती है, अंत में कचरे मे जाना है लेकिन उसके पहले हमे, आसमान छूकर दिखाना है । ​" बस ज़िंदगी भी यही चाहती है "​ ✨✨✨✨✨✨✨✨✨✨ 🌸 ​इस मकर सक्रान्ति🏵✨🌟🌟 के पावन पर्व पर आपको व् आपके परिवारजनो को हार्दिक मंगल शुभकामनाऍ ... ✨✨💐🙏🏻मकर सक्रांन्ति✨🙏🏻💐✨

Gajrajg Jan 29, 2018
उम्र में चाहे कोई बड़ा या छोटा हो,* *लेकिन वास्तव में बड़ा तो वही है,* *जिसके दिल में सबके लिए प्रेम,स्नेह* *और सम्मान की भावना हो॥ 🙏 शुभदिवस 🙏

Gajrajg Feb 1, 2018
पूरे की ख्वाहिश में ये इंसान' बहुत कुछ खौत्ता है ! भूल जाता है कि आधा चाँद भी खूबसूरत होता है. सुप्रभात

Gajrajg Feb 17, 2018
*👉भरोसा उस पर करो* *जो आपके अंदर तीन* *बातें जान सके...* *मुस्कुराहट के पीछे दुःख,* *गुस्से के पीछे प्यार,* *चुप रहने के पीछे वजह ।*. *_" ʝa¥ ֆɦʀɛɛ kʀɨֆɦռa "_* 😘

Gajrajg Mar 6, 2018
ये महज एक दिन नहीं है, ये अपने सपनो को सच करने का एक और मौका है। गुड मॉर्निंग!

Gajrajg Mar 8, 2018
यदि आप उस व्यक्ति की खोज कर रहे हैं जो आपकी ज़िन्दगी बदल सकता है , तो एक बार शीशे में एक नज़र डालें। Good morning

Thakur Nechwani Mar 25, 2018
श्रीराम जिनका नाम है , अयोध्या जिनका धाम है , ऐसे रघुनंदन को प्रणाम है . आपको और आपके परिवार को श्रीराम नवमी की हार्दिक शुभकामनायें.

bebi singh Apr 22, 2018
jai laxmi narayena👃🙏🌷🌷🌷🌷

Anuradha Tiwari Aug 17, 2018

एक बुढ़िया थी। उसका एक ही पुत्र था। बुढ़िया पुत्र के विवाह के बाद बहू से घर के सारे काम करवाती, परंतु उसे ठीक से खाना नहीं देती थी। यह सब लड़का देखता पर मां से कुछ भी नहीं कह पाता। बहू दिनभर काम में लगी रहती- उपले थापती, रोटी-रसोई करती, बर्तन साफ ...

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Flower Jyot Like +143 प्रतिक्रिया 17 कॉमेंट्स • 92 शेयर
Sandhvi Divya Aug 17, 2018

https://youtu.be/PrHRLVwBaUE

Flower Jyot Bell +110 प्रतिक्रिया 27 कॉमेंट्स • 111 शेयर
Sachin Saini Sachin Aug 16, 2018

Like Pranam Bell +9 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 32 शेयर
Vkchoobey Rkchoobey Aug 16, 2018

रात मे क्यूँ नाखून नही काटना चाहिए

Like Sindoor Tulsi +8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 9 शेयर
virendra paswan Aug 16, 2018

भगवान् गणेश के सदाशिव मंदिर, नुग्घहल्ली; कर्नाटक हिंदू मंदिर से दर्शन।

Pranam Flower Fruits +24 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 2 शेयर
Astro Clinic &Club Aug 15, 2018

नागपंचमी पर नागों की पूजा कर आध्यात्मिक शक्ति और धन मिलता है. लेकिन इस पूजा के दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है.
नागपंचमी पर नागों की पूजा कर आध्यात्मिक शक्ति और धन मिलता है. लेकिन पूजा के दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है.
हि...

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Pranam Belpatra Agarbatti +19 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 40 शेयर

☸.........जय 🚩
☸...............माँ 🚩
☸..............संतोषी 🚩
☸....................माता 🚩

Flower Bell Dhoop +245 प्रतिक्रिया 67 कॉमेंट्स • 114 शेयर
savita bansal Aug 16, 2018

Flower Jyot Dhoop +42 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 183 शेयर
Deepika Bhansali Aug 17, 2018

https://youtu.be/PUlyeEyzggE

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