Santosh Dwivedi
Santosh Dwivedi Aug 23, 2017

ऋषि अष्टावक्र की कहानी।

#ज्ञानवर्षा
ऋषि अष्टावक्र.................
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उद्दालक ऋषि ने अपने प्रिय शिष्य कहोड़ के साथ अपनी पुत्री सुजाता का विवाह कर दिया था.
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एक बार जब सुजाता गर्भवती थी और कहोड़ वेद पाठ कर रहे थे. वह बार-बार उच्चारण में चूक कर रहे थे.तभी सुजाता के गर्भ से आवाज़ आई-
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“आपका उच्चारण अशुद्ध है”. यह सुनते ही कहोड़ कुपित हुए. उन्होंने पूछा कि कौन है जो मेरे उच्चारण को चुनौती दे रहा है, मेरे समक्ष प्रकट हो.
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फिर से आवाज आई- पिताजी में आपका अंश हूं जो माता के गर्भ में स्थित हूं. आप जैसे ज्ञानी के मुख से अशुद्ध उच्चारण सुनकर मैंने टोका.
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कुपित होकर कहोड़ ने शाप दिया- तू जन्म से पूर्व ही मीनमेख निकालने लगा है. तेरे आठ अंग टेढ़े हो जाएंगे.
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कहोड़ शास्त्रार्थ से धन प्राप्ति की इच्छा के साथ राजा जनक के दरबार में पहुंचे.
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जनक के राजपुरोहित बन्दी विद्वानों को शास्त्रार्थ की चुनौती देते और हारने वाले को जल में डुबोकर मार डालते. बंदी ने कुतर्कों से कहोड़ को पराजित कर दिया और पानी में डुबाकर मार डाला.
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शाप के प्रभाव से कहोड़ को आठ स्थानों से टेढ़े अंगों वाला पुत्र जन्मा. इसलिए उसका अष्टावक्र नाम पड़ा.
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कहोड़ की मृत्यु के बाद पुत्री सुजाता अपने बेटे अष्टावक्र को लेकर पिता के आश्रम में आ गई. अष्टावक्र के हाथ-पैर टेढ़े-मेढ़े थे, कद नाटा था, पीठ पर कूबड़ निकला था, चेहरा भद्दा था पर मां सुजाता का वही एक आसरा था.
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अष्टावक्र शरीर से भले बेढंगे थे, पर बुद्धि बड़ी तीव्र थी. अपनी तीव्र बुद्धि के कारण उसने थोड़ी ही उम्र में वेद-शास्त्रों तथा धर्म-ग्रन्थों का अच्छा अध्ययन कर लिया.
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एक दिन अष्टावक्र अपने नाना की गोद में बैठा था तभी उद्दालक का पुत्र श्वेतकेतु आया.
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श्वेतकेतु बोला- अष्टावक्र, तू यहां से हट. अपने पिता की गोद में मैं बैठूंगा. यह मेरे पिता हैं, तू अपने पिता की गोद में जाकर बैठ.
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अष्टावक्र तो उद्दालक को ही पिता मानता था. उसे पहली बार पता चला कि उसके पिता नहीं हैं और अपनी मां से पिता के बारे में पूछने लगा.
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सुजाता को हारकर सब बताना पड़ा. अष्टावक्र ने निश्चय किया कि पिता को छल से मारने वाले मूर्ख को सबक सिखा कर रहेगा.
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वह उद्दालक के पास पहुंचे और राजा जनक के दरबार में जाकर बन्दी से शास्त्रार्थ करने की आज्ञा मांगी.
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महर्षि बोले- अभी तुम्हारी शिक्षा पूरी नहीं हुई है. तुम्हारे शरीर तथा आयु को देखते हुए तुम्हें जनक के दरबार में कोई घुसने भी न देगा, शास्त्रार्थ तो दूर की बात है. परंतु अष्टावक्र अडिग रहे.
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अष्टावक्र मां तथा गुरु की आज्ञा लेकर चल पड़े. जब वह नगर में पहुंचे तो संयोगवश महाराजा जनक उसी राजमार्ग से आ रहे थे. राजा की सवारी के आगे चलने वाले नौकरों ने राह बनाने के लिए अष्टाव्रक को धकेल दिया.
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अष्टावक्र बोले- मार्ग पर चलने की प्राथमिकता अन्धे, बहरे, स्त्री, अपंग, असहाय तथा भारवाही व्यक्तियों को दी जानी चाहिए. राजा को अपने लिए ऐसी प्रथम सुविधा नहीं लेनी चाहिए.
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राजा जनक अष्टावक्र की बातें सुन लीं. उन्हें लगा कि यह बालक ठीक ही कह रहा है. उसे रास्ते से हटाये बिना वह एक किनारे से आगे बढ़ गए.
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अष्टावक्र जनक के महल पर पहुंचे. राजमहल के द्वार पर द्वारपाल ने उसे रोककर पूछा कि वह कौन है और क्यों अन्दर जाना चाहता है ?
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अष्टावक्र ने अपना परिचय तथा आने का कारण बताया. सुनकर द्वारपाल बोला- अभी तुम बालक हो. यज्ञ-वेदी पर वेद-पाठ करने की बजाय, किसी आचार्य के आश्रम में जाकर अध्ययन करो.
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अष्टावक्र ने ऊंची आवाज में कहना शुरू किया. ‘‘ज्ञान का उम्र से क्या सम्बन्ध ! मेरी उम्र भले ही कम है, लेकिन मैंने शास्त्रों का अध्ययन किया है. शरीर से मैं कुरूप हूं, परंतु शरीर से कुरुप होने का अर्थ बुद्धि से कुरूप होना नहीं है.
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सेमल का वृक्ष बड़ा हो जाने पर भी शक्तिशाली नहीं होता. आग की छोटी-सी चिंगारी में भी किसी को जला देने की वैसी ही ताकत होती है जैसी आग के बड़े अंगारे में.
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उम्र से विद्वता का कोई संबंध नहीं. तुम मेरे आने की सूचना महाराजा जनक को दो.
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जनक ने अष्टावक्र को राजदरबार में बुला लिया. अष्टावक्र की उम्र तथा टेढ़े-मेढ़े अंगों को देख कर सब दरबारी हँसने लगे. उन्हें हँसता देख अष्टावक्र भी बड़े जोर से हंस पड़े.
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राजा जनक ने उत्सुकता से पूछा- ब्राह्मण देवता ! आप क्यों हंस रहे हैं ?
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अष्टावक्र बोले- मैं तो यह समझकर आया था कि यह विद्वानों की सभा है और मैं बन्दी से शास्त्रार्थ करूंगा, पर मुझे लगता है कि मैं मूर्खों की सभा में आ गया हूं.
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मैंने अपने हंसने का कारण बता दिया, अब आप अपने मूर्ख दरबारियों से पूछें कि वे किस कारण हंसे ?
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अपनी इस शारीरिक दशा का कारण मैं नहीं. कारण तो वह कुम्हार यानी ईश्वर है, जिसने मुझे ऐसा बनाया. किस पर हंसे ये मूर्ख ?
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जनक लज्जित हो गए. उन्होंने अष्टाव्रक को आसन दिया और कहा, मुझे तथा मेरे दरबारियों को क्षमा करें. अभी आप बन्दी से शास्त्रार्थ करने की आयु के नहीं हैं. शास्त्रार्थ में हारने वाले को जल-समाधि लेनी पड़ती है. अभी आप और अध्ययन करें.
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अष्टाव्रक शास्त्रार्थ की जिद पर अड़े रहे. शास्त्रार्थ शुरू हुआ और जल्द ही बन्दी हार.गया. शर्त के अनुसार स्वयं जल-समाधि लेने के लिए तैयार हो गया.
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अष्टावक्र ने कहा- बन्दी ! मैं ऋषि काहोड़ का पुत्र हूं. तुमने कुतर्कों से उन्हें पराजित कर जल-समाधि दे दी थी. मैं भी तुम्हें शर्त के अनुसार जल-समाधि दे सकता हूं, पर मैं वैसा करूँगा नहीं.
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जीवन लेना सहज है, पर जीवन देना बड़ी बात है. ज्ञान मानवता के विकास के लिए होना चाहिए, न कि उसको नष्ट करने के लिए. मुझे यह वचन दो कि इस प्रकार गर्व में आकर किसी का जीवन नष्ट नहीं करोगे.
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बन्दी का घमण्ड चूर-चूर हो गया था. जनक के चरणों में गिरकर बोला- मैं वरुण का पुत्र हूं. बारह वर्षों में पूर्ण होने वाले एक यज्ञ का अनुष्ठान मेरे पिता ने किया था.
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उस यज्ञ के लिए जरूरी कुछ विद्वानों का चयन करके मैंने जल में डूबोकर वरुण लोक भेजा. अनुष्ठान पूर्ण हो चुका है. वे सभी विद्वान अब वापस आ रहे हैं. मैं अष्टावक्र को प्रणाम करता हूं जिनके कारण मेरे पिता से भेंट होगी.
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उसी समय वरुण के यज्ञ में गए सभी ब्राह्मण राजा जनक के समीप प्रकट हुए. उसमें कहोड़ भी थे. अष्टावक्र अपने पिता के साथ दरबार से विदाई लेकर चल पड़े.
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रास्ते में समंगा नदी पड़ी. कहोड़ ने अष्टावक्र से कहा- पुत्र तुम इस नदी में स्नान करो. अष्टावक्र स्नान कर बाहर निकले तो उनके सारे अंग ठीक हो गए थे. कहोड़ ने वरूण के यज्ञ से अर्जित पुण्यों के बल पर पुत्र को स्वस्थ कर दिया

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कामेंट्स

Sajjan Singh Aug 23, 2017
सत गुरू देव कि जय हो

Sn Vyas Apr 4, 2020
आदरणीय अष्टावक्र कथा कौन से ग्रंथ में मिलेगी

भारतीय आयुर्वेद और योग विज्ञान पर विश्वास करने वालों के लिए - कोरोना वायरस से बचाव के लिए Respiratory system को मजबूत करना आवश्यक है। उसके उपाय- 1. भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम प्राणायाम नियमित रूप से करें। 2. Lungs की strengh को जानने के लिए गहरी श्वास ले कर कुम्भक लगाएं अर्थात रोके और कितने seconds रोक सकते हैं check करें। यदि 35 से 45 seconds रोक सकते हैं तो यह फेफड़ों की मजबूत स्थिति बताता है। लेकिन यदि यह कम है तो कोरोना वायरस के attack से बचने के लिए निम्न उपाय करें- 1. प्राणायाम दिन में दो बार करें खाली पेट या भोजन के 3 - 4 घंटे बाद। 2. गहरी सांस ले कर रोके अपनी क्षमता के अनुसार और श्वास निकलने के बाद भी इसी प्रकार रोकें। 3. गर्म पानी में हल्दी और फिटकरी डाल कर दिन में कई बार गरारे /gargle करें। 4. प्रत्येक एक डेढ़ घंटे के बाद चाहे थोड़ा सा ही लें गर्म पानी पी लें। 5. पानी को उबाल लें और उबलने के बाद उसमें नीलगिरी तेल/ eucalyptus oil की कुछ बूंदे डाल कर स्टीम लें। स्थिति के अनुसार यह एक से चार समय तक लें सकते हैं। 6. घर मे दोनो समय थोड़ी सी लकड़ी/ गाय के गोबर के उपले को गाय के घी से जला कर उस पर थोड़ा सा गुड़ या शक्कर डाले, कुछ दाने किशमिश के, दो तीन लोंग डालें। जब यह पूरा जल जाय और कुछ अँगारे रहें तो उस पर कपूर तथा गुग्गल के कुछ टुकड़े डाल कर उसके धुएं/ खुशबू को पूरे घर में फैल जाने दें। 7. भोजन हल्का लें और फलों की तथा पानी की मात्रा बढ़ा दें। 8. एकांतवास जरूरी है बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। 9. पानी मे गिलोय, तुलसी, अदरख का छोटा टुकड़ा , एक दो लोंग, एक दो काली मिर्च, कुछ नीम के पत्ते डाल कर काढ़ा बनाये और सुबह शाम लें। 10. दिन में कई बार दोनों नासिकाओं/ nostrils में सरसों का तेल लगाएं। घर से बाहर जाते समय जरूर लगाएं। 11. Mobile फ़ोन का प्रयोग कम करें। 12. ताली बजाने या शंख ध्वनि को व्यर्थ न समझे। करने पर लाभ ही होगा। सामान्य लोग भी कुछ समय तक, जब तक वायरस के संक्रमण का खतरा टलता नही है, ऊपर दिए उपायों को करें चाहे कम मात्रा में तो लाभकारी होगा। क्योंकि कोरोना वायरस का attack हो जाने के बाद चार पांच दिन तक तो पता भी नही चलता। हां, कुछ लोग सरकार के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। यह स्वभावगत है। शायद अपने शरीर की मजबूती को बताना चाह रहे

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Rudra sharma Mar 27, 2020

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🌹🌹जय हो मां भवानी🚩🚩 नवार्ण मंत्र' दुर्गा दुखों का नाश करने वाली देवी दुर्गा की नौ शक्तियों को जागृत करने के लिए दुर्गा के 'नवार्ण मंत्र' का जाप किया जाता है। इसलिए नवरात्रि में जब उनकी पूजा आस्था, श्रद्धा से की जाती है तो उनकी नौ शक्तियां जागृत होकर नौ ग्रहों को नियंत्रित कर देती हैं। फलस्वरूप प्राणियों का कोई अनिष्ट नहीं हो पाता। दुर्गा की इन नौ शक्तियों को जागृत करने के लिए दुर्गा के 'नवार्ण मंत्र' का जाप किया जाता है। नव का अर्थ 'नौ' तथा अर्ण का अर्थ 'अक्षर' होता है। अतः नवार्ण नौ अक्षरों वाला वह मंत्र है । नवार्ण मंत्र- 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चै ।' नौ अक्षरों वाले इस नवार्ण मंत्र के एक-एक अक्षर का संबंध दुर्गा की एक-एक शक्ति से है और उस एक-एक शक्ति का संबंध एक-एक ग्रह से है। नवार्ण मंत्र के नौ अक्षरों में पहला अक्षर ' ऐं ' है, जो सूर्य ग्रह को नियंत्रित करता है। ऐं का संबंध दुर्गा की पहली शक्ति शैलपुत्री से है, जिसकी उपासना 'प्रथम नवरात्रि' को की जाती है। दूसरा अक्षर ' ह्रीं ' है, जो चंद्रमा ग्रह को नियंत्रित करता है। इसका संबंध दुर्गा की दूसरी शक्ति ब्रह्मचारिणी से है, जिसकी पूजा दूसरे नवरात्रि को होती है। तीसरा अक्षर ' क्लीं ' है, जो मंगल ग्रह को नियंत्रित करता है।इसका संबंध दुर्गा की तीसरी शक्ति चंद्रघंटा से है, जिसकी पूजा तीसरे नवरात्रि को होती है। चौथा अक्षर 'चा' है जो बुध को नियंत्रित करता है। इनकी देवी कुष्माण्डा है जिनकी पूजा चौथे नवरात्री को होती है। पांचवां अक्षर 'मुं' है जो गुरु ग्रह को नियंत्रित करता है। इनकी देवी स्कंदमाता है पांचवे नवरात्रि को इनकी पूजा की जाती है। छठा अक्षर 'डा' है जो शुक्र ग्रह को नियंत्रित करता है। छठे नवरात्री को माँ कात्यायिनी की पूजा की जाती है। सातवां अक्षर 'यै' है जो शनि ग्रह को नियंत्रित करता है। इस दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। आठवां अक्षर 'वि' है जो राहू को नियंत्रित करता है । नवरात्री के इस दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है। नौवा अक्षर 'च्चै ' है। जो केतु ग्रह को नियंत्रित करता है। नवरात्री के इस दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है,, जय माता दी अज्ञात

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Swami Lokeshanand Mar 27, 2020

गजब बात है, भगवान गर्भ में आए, भीतर उतर आए तो ज्ञान, भक्ति और कर्म तीनों पुष्ट हो गए। दशरथजी के चेहरे पर तो तेज आ ही गया, बाहर भी सब ओर मंगल ही मंगल छा गया, अमंगल रहा ही नहीं। देखो, जड़ को पानी देने से फूल पत्ते अपने आप छा जाते हैं, जलपात्र में नमक डाल दें तो सब जलकणों में नमक आ जाता है, यों भगवान को मना लें तो सब अनुकूल हो जाते हैं। वर्ना भीतर पढ़ाई न हो तो लाख चश्मा बदलो, पढ़ा कैसे जाए? विवेकानन्द जी कहते थे, ये दुनिया कुत्ते की दुम है, संत पकड़े रहे तो सीधी रहे, छोड़ते ही फिर टेढ़ी। ध्यान दो, दुनिया बार बार बनती है, बार बार मिटती है, पर ठीक नहीं होती, दुनिया बदलते बदलते कितने दुनिया से चले गए, दुनिया है कि आज तक नहीं बदली। जिन्हें भ्रम हो कि दुनिया आज ही बिगड़ी है, पहले तो ठीक थी, वे विचार करें कि हिरण्याक्ष कब हुआ? हिरण्यकशिपु, तारकासुर, त्रिपुरासुर, भस्मासुर कब हुए? देवासुर संग्राम कब हुआ? दुनिया तो ऐसी थी, ऐसी है, और रहेगी भी ऐसी ही। आप इसे बदलने के चक्कर में पड़ो ही मत, आप इसे यूं बदल नहीं पाओगे। आप स्वयं बदल जाओ, तो सब बदल जाए। जो स्वयं काँटों में उलझा है, जबतक उसके स्वयं के फूल न खिल जाएँ, वह क्या खाक किसी दूसरे के जीवन में सुगंध भरेगा? हाँ, उसे छील भले ही दे। जबतक भगवान आपके भीतर न उतर आएँ, अपना साधन करते चलो, दूसरे पर ध्यान मत दो। आप दूसरे को ठीक नहीं कर सकते, दूसरा आपको भले ही बिगाड़ डाले। लाख समस्याओं का एक ही हल है, भगवान को भीतर उतार लाओ। अब विडियो देखें- मंगल भवन अमंगल हारी https://youtu.be/_BF-H0AmPK4

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💎💎💎 ⚜🕉⚜ 💎💎💎 *🙏ॐ श्रीगणेशाय नम:🙏* *🙏शुभप्रभातम् जी🙏* *इतिहास की मुख्य घटनाओं सहित पञ्चांग-मुख्यांश ..* *📝आज दिनांक 👉* *📜 27 मार्च 2020* *शुक्रवार* *🏚नई दिल्ली अनुसार🏚* *🇮🇳शक सम्वत-* 1941 *🇮🇳विक्रम सम्वत-* 2077 *🇮🇳मास-* चैत्र *🌓पक्ष-* शुक्लपक्ष *🗒तिथि-* तृतीया-22:14 तक *🗒पश्चात्-* चतुर्थी *🌠नक्षत्र-* अश्विनी-10:10 तक *🌠पश्चात्-* भरणी *💫करण-* तैतिल-09:06 तक *💫पश्चात्-* गर *✨योग-* वैधृति-17:15 तक *✨पश्चात्-* विश्कुम्भ *🌅सूर्योदय-* 06:16 *🌄सूर्यास्त-* 18:36 *🌙चन्द्रोदय-* 08:01 *🌛चन्द्रराशि-* मेष-दिनरात *🌞सूर्यायण-* उत्तरायन *🌞गोल-* उत्तरगोल *💡अभिजित-* 12:01 से 12:51 *🤖राहुकाल-* 10:54 से 12:26 *🎑ऋतु-* वसन्त *⏳दिशाशूल-* पश्चिम *✍विशेष👉* *_🔅आज शुक्रवार को 👉 चैत्र सुदी तृतीया 22:14 तक पश्चात् चतुर्थी शुरु , मनोरथ तृतीया व्रत , अरुन्धती व्रत पूजन , गणगौरी तीज , गणगौर व्रत पूजन (राज.) , सौभाग्य शयन तृतीया , सरहुल ( बिहार ) , माँ चंद्रघंटा व्रत , पूजन , साँय दोलारूढ शिवगौरी पूजन , मन्वादि 3 , वैधृति पुण्यं , सर्वार्थसिद्धियोग / कार्यसिद्धियोग 10:09 तक , सर्वदोषनाशक रवि योग 10:09 से , मूल संज्ञक नक्षत्र 10:10 तक , दसलक्षण (1/3) प्रारम्भ (जैन , चैत्र शुक्ल 3 से 12 तक ) , मेवाड़ उत्सव प्रारम्भ 3 दिन , श्री मतस्य जयन्ती , छत्रपति शिवाजी महाराज जयन्ती (तिथि अनुसार , कन्फर्म नहीं ) , पंडित कांशीराम स्मृति दिवस , सर सैयद अहमद खान स्मृति दिवस व विश्व रंगमंच / नाटक (स्टेज कलाकार ) / विश्व थियेटर दिवस।_* *_🔅कल शनिवार को 👉 चैत्र सुदी चतुर्थी 24:19 तक पश्चात् पंचमी शुरु , वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत ( मासिक ) , दमनक / वरद चतुर्थी व्रत , माँ कुष्मांडा व्रत / पूजन , शुक्र वृष राशि में 15:39 पर , सर्वदोषनाशक रवि योग 12:52 तक , विघ्नकारक भद्रा 11:18 से 24:18 तक , मेला गणगौर ( दूसरा दिन ) , गुरु अंगद देव ज्योति ज्योत / स्मृति दिवस (परम्परानुसार ) , श्री गोरखप्रसाद गणितज्ञ जयन्ती , चौ. बंसीलाल स्मृति दिवस व राष्ट्रीय नौवहन दिवस।_* *🎯आज की वाणी👉* 🌹 *पिण्डजप्रवरारूढा* *चण्डकोपास्त्रकैर्युता।* *प्रसादं तनुते मह्यं* *चन्द्रघण्टेति विश्रुता ॥* *भावार्थ👉* _पिंडज प्राणियों में श्रेष्ठ अर्थात् सिंह पर सवार, भयानक व शत्रुओं के संहार के लिए सन्नद्ध अस्त्रों से सुसज्जित विख्यात चंद्रघंटा देवी की कृपा मुझ पर छाई रहे ।_ 🌹 *27 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉* 1668 – इंग्लैंड के शासक चार्ल्स द्वितीय ने बंबई को ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपा। 1721 – फ्रांस और स्पेन ने मैड्रिड समझौते पर हस्ताक्षर किये। 1794 – अमेरिकी कांग्रेस ने देश में नौसेना की स्थापना की स्वीकृति दी। 1841 – पहले स्टीम फायर इंजन का सफल परीक्षण न्यूयार्क में किया गया। 1855 – अब्राहम गेस्नर ने केरोसिन (मिट्टी के तेल) का पेटेंट कराया। 1871 – पहला अंतरराष्ट्रीय रग्बी मैच स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के बीच खेला गया, जिसे स्काॅटलैंड ने जीता। 1884 – बोस्टन से न्यूयार्क के बीच पहली बार फोन पर लंबी दूरी की बातचीत हुयी। 1899 – इंग्लैंड और फ्रांस के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय रेडियो प्रसारण इतालवी आविष्कारक जी मारकोनी द्वारा किया गया। 1901 – अमेरिका ने फिलीपीन्स के विद्रोही नेता एमिलियो एग्विनाल्डो को अपने कब्जे में लिया। 1933 – जापान ने लीग अाॅफ नेशंस से खुद को अलग कर लिया। 1944 – लिथुआनिया में दो हजार यहूदियों की हत्या कर दी गयी। 1953 – ओहियो के कोन्निओट में ट्रेन हादसे में 21 लोग मारे गये। 1956 – अमेरिकी सरकार ने कम्युनिस्ट अखबार डेली वर्कर को जब्त कर लिया। 1961 – पहला विश्व रंगमंच दिवस मनाने की शुरुआत हुई। 1964 – अलास्का में 8.4 की तीव्रता वाले भूकंप से 118 लोगों की मौत। 1975 – ट्रांस-अलास्का पाइपलाइन सिस्टम का निर्माण शुरू किया गया। 1977 – टेनेरीफ़ में दो जंबो विमान हवाई पट्टी पर टकराने से दुनिया की सबसे भयानक विमान दुर्घटना हुई थी, जिसमें 583 लोग मारे गए। 1977 – यूरोपियन फ़ाइटर एअरक्राफ़्ट यूरोफाइटर ने पहली उड़ान भरी। यूरोफाइटर को भविष्य का लड़ाकू विमान कहा गया था। 1982 – ए.एफ़.एम. अहसानुद्दीन चौधरी बांग्लादेश के नौवें राष्ट्रपति नियुक्त किए गए। 1989 – रूस में पहली बार स्वतंत्र चुनाव हुए थे। इन चुनावों में कई दिग्गज कम्यूनिस्ट नेता हार गए। 2000 - रूस में 52.52 प्रतिशत मत प्राप्त कर रूस के कार्यवाहक राष्ट्रपति ब्लादीमीर ब्लादीमिरोविच पुतिन ने राष्ट्रपति चुनाव जीता। 2002 – इजरायल के नेतन्या में आत्मघाती हमले में 29 लोग मारे गये। 2003 - रूस ने घातक टोपोल आर एस-12 एम बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। 2003 - मान्टो कार्लो में 12वीं अम्बर शतरंज प्रतियोगिता के फ़ाइनल राउंड में 1.5 अंक की जीत से विश्वनाथन आनंद ने तीसरा ख़िताब जीता। 2006 - यासीन मलिक ने कश्मीर में जनमत संग्रह कराये जाने की मांग की। 2008 - केन्द्र सरकार ने अल्पसंख्यक बहुल 90 ज़िलों में आधारभूत ढ़ाचे के विकास और जीवन स्तर में व्यापक सुधार के लिए 3,780 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी। 2008 - उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियन्त्रण विधेयक 'यूपीकोका' को राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने मंजूरी प्रदान की। 2008 - अंतरिक्ष यान एंडेवर पृथ्वी पर सफलतापूर्वक सुरक्षित लौटा। 2010 - भारत ने उड़ीसा के चांदीपुर में बालसोरा जिले में परमाणु तकनीक से लैस धनुष और पृथ्वी 2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 2011 - जापान के भूकम्प प्रभावित इलाके फुकुशिमा में स्थित क्षतिग्रस्त परमाणु ऊर्जा संयंत्र के एक इकाई में रेडियोधर्मी विकिरण सामान्य से एक करोड़ गुना अधिक पाये जाने के बाद वहाँ से कर्मचारियों को हटा लिया गया। 2011 - फ्रांस के विमानों ने लीबियाइ राष्ट्रपति मुअम्मर गद्दाफी की समर्थक सेना के पाच विमानों और दो हेलीकाप्टरों को नष्ट कर दिया। 2019 - भारत पृथ्‍वी की निचली कक्षा में उपग्रहभेदी प्रक्षेपास्‍त्र ए-सैट का सफल परीक्षण करके अंतरिक्ष महाशक्ति बना । 2019 - कश्मीर को अलग देश बताने की फेसबुक ने सुधारी गलती, मांगी माफी। 2019 - हरियाणा की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने जीती रिंगबॉल नेशनल चैंपियनशिप की ट्राॅफी। *27 मार्च को जन्मे व्यक्ति👉* 1915 - पुष्पलता दास - भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता , सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी। 1923 - लीला दुबे - एक प्रसिद्ध मानव विज्ञानी और नारीवादी विद्वान। 1936 - बनवारी लाल जोशी, भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो दिल्ली के उपराज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश, मेघालय और उत्तराखंड के राज्यपाल रह चुके । *27 मार्च को हुए निधन👉* 1898 – भारत के मुसलमानों के लिए आधुनिक शिक्षा की शुरूआत करने वाले सर सैयद अहमद खान का निधन। इन्होंने मुहम्मदन एंग्लो-ओरिएण्टल कॉलेज की स्थापना की जो आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नाम से प्रसिद्ध है। 1915 - पंडित कांशीराम, ग़दर पार्टी के प्रमुख नेता और देश की स्वाधीनता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये थे। 1968 - यूरी गागरीन, भूतपूर्व सोवियत संघ के विमान चालक और अंतरिक्षयात्री। 2000 - प्रिया राजवंश - भारतीय हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री। *27 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉* 🔅 मेवाड़ उत्सव प्रारम्भ 3 दिन । 🔅 श्री मतस्य जयन्ती । 🔅 छत्रपति शिवाजी महाराज जयन्ती (तिथि अनुसार , कन्फर्म नहीं ) । 🔅 पंडित कांशीराम स्मृति दिवस । 🔅 सर सैयद अहमद खान स्मृति दिवस । 🔅 विश्व रंगमंच / नाटक (स्टेज कलाकार ) / विश्व थियेटर दिवस। *कृपया ध्यान दें जी👉* *यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है ।* 🌻आपका दिन *_मंगलमय_* हो जी ।🌻 ⚜⚜ 🌴 💎 🌴⚜⚜

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