*((((भक्त श्री करमानंद जी))))*

#प्रभु-भक्ति
करमानंद अपने गायन से प्रभु की सेवा किया करते थे। इनका गायन इतना भावपूर्ण होता था कि पत्थर-हृदय भी पिघल जाता था। ज्यादा दिनों तक इनको गृहस्थ जीवन रास नहीं आया और ये सब कुछ छोड़कर निकल पड़े। इनके पास केवल दो चीज़ें ही थीं-: एक छड़ी और दूसरा ठाकुरबटुआ जिसे ये गले में लटका कर चलते थे। ये जहाँ विश्राम करने के लिये रुकते थे वहाँ छड़ी को गाड़ देते थे और उस पर ठाकुर बटुआ लटका देते थे। इससे ठाकुर जी को झूला झूलने का आंनद मिलता था।

एक दिन ये सुबह-सुबह ठाकुर जी की पूजा करके श्री ठाकुर जी को गले में लटका कर चल दिए। उस समय ये भगवन्नाम में इतने डूबे हुए थे कि छड़ी को लेना भूल गए। अब जब दूसरी जगह ये विश्राम करने के लिये रुके तो इन्हें छड़ी की याद आयी! अब समस्या थी कि ठाकुर जी को कैसे और कहाँ पधरावें? श्री ठाकुर जी में प्रेम की अधिकता के कारण इन्हें उनपर प्रणय-रोष हो आया। ये गुस्सा करते हुए बोले; कि ठाकुर हम तो जीव हैं, हम कितना याद रखें? हम छड़ी भूल गए थे तो आपको याद दिलाना चाहिए था न! अब दूसरी छड़ी कहाँ से लाएंगे आप को पध्राने के लिए? पिछली जगह भी बहुत दूर है और ये भी पक्का नहीं है कि वहाँ छड़ी मिल भी जाएगी या नही। ये ठाकुर जी से खूब लड़े और बोले; बस छड़ी लाकर दो!!

श्री ठाकुर जी इनकी डाट-फटकार पर खूब रीझे। प्रभु की योगमाया ने छड़ी लाकर दे दी! अब ये फिर रोने लगे कि इन्होंने प्रभु को क्यों डाँटा? जब इन्होंने क्षमा मांगी तो प्रभु ने कहा कि यह मेरी ही लीला थी, मुझे डाँट सुननी थी। भगवान ने कहा कि जब यहाँ हम और तुम दो ही हैं तो अगर कुछ कहने-सुनने, लड़ने-झगड़ने की इच्छा होगी तो कहाँ जायेंगे, किस्से लड़ेंगे? प्रभु की यह बात सुनकर श्री करमानंद जी तो प्रेम सागर में डूब गए!~~~

कुछ करो या न करो पर प्रभु से प्रेम ज़रूर करो। प्रभु से प्रेम करोगे तो भगवान का अनंत प्रेम पाओगे। प्रेम में रहोगे तो हर क्रिया साधना बन जायेगी, जैसे छड़ी पर लटकाए जाना, प्रभु को झूला झुलाने की सेवा बन गई। प्रेम से की गई हर सेवा श्री ठाकुर जी को रिझा देती है। प्रेम नहीं है तो कुछ नहीं, सब व्यर्थ हो जायेगा। प्रभु से प्रेम करो तो कुछ भी कहोगे, श्री हरि खुद दौड़े चले आयेंगे जैसे छड़ी के लिये डाँट पड़ने पर खुद भक्त के सामने छड़ी लेकर आ गए।

*बोलिये-: भक्तवत्सल भगवान की जय!!*
*जय जय श्री राधे!* 🌹🙏🏼👌🏼

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कामेंट्स

Sunita Agrawal Aug 10, 2017
सच भक्त और भगवान का रिश्ता ऐसा ही होता है

Vanita Kale Apr 5, 2020

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Mukesh khanuja Apr 5, 2020

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Radha soni Apr 5, 2020

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Nirmala Chouhan Apr 5, 2020

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pandit Adya mishra Apr 5, 2020

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Mamta singh Apr 5, 2020

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