Amar happpy singh
Amar happpy singh Jun 11, 2018

om nmha shivaye

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 08 मार्च 2021* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - दशमी शाम 03:44 तक तत्पश्चात एकादशी* ⛅ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा रात्रि 08:40 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा* ⛅ *योग - व्यतिपात दोपहर 01:51 तक तत्पश्चात वरीयान्* ⛅ *राहुकाल - सुबह 08:22 से सुबह 09:51 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:54* ⛅ *सूर्यास्त - 18:44* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - विश्व महिला दिवस* 💥 *विशेष - 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷 ➡ *08 मार्च 2021 सोमवार को शाम 03:45 से 09 मार्च, मंगलवार को शाम 03:02 तक एकादशी है ।* 💥 *विशेष - 09 मार्च, मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।* 🙏🏻 *एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।* 🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।* 🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।* 🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।* 🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।* 🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷 🙏🏻 *एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें, विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷 🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷💐🌻🌹🌺🍀🌸🌼🙏🏻

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M.S.Chauhan Mar 7, 2021

*शुभ दिन सोमवार* *हर हर महादेव* *ॐ नमः शिवाय* *आप सभी को महाशिवरात्रि की अग्रिम हार्दिक बधाई और शुभकामनायें जी* *आपके परिवार पर भोलेनाथ जी की कृपा सदैव बनी रहे और उनकी कृपा से सब सुखी और स्वस्थ रहें !* *ऊँ - पूर्णं शिवं धीमहि -ऊँ* *अदभुत रहस्य :-* *1--शिवजी की अष्टमूर्तियों के नाम क्या हैं ?* *2--मनुष्य केशरीरमें अष्टमूर्तियाँ कहाँ कहाँ हैं ?* *3--अष्ट मूर्तियों के तीर्थ कहाँ - कहाँ हैं ?* *अष्टमूर्तियों के नाम :----* *भगवान शिव के विश्वात्मक रूप ने ही चराचर जगत को धारण किया है! यही अष्टमूर्तियाँ क्रमश: पृथ्वी, जल, अग्नि,वायु,आकाश, जीवात्मा सूर्य और चन्द्रमा को अधिष्ठित किये हुए हैं ! किसी एक मूर्ति की पूजा- अर्चना से सभी मूर्तियों की पूजा का फल मिल जाता है !* *1------ शर्व* *2------भव* *3-----रूद्र* *4-------उग्र* *5------भीम* *6------पशुपति* *7------महादेव* *8------ईशान* *मनुष्यों के शरीर में अष्ट मूर्तियों का निवास :-* *1-- आँखों में "रूद्र" नामक मूर्ति प्रकाशरूप है !* जिससे प्राणी देखता है !* *2--"भव " ऩामक मूर्ति अन्न पान करके शरीर की वृद्धि करती है! यह स्वधा कहलाती है !* *3--"शर्व " नामक मूर्ति अस्थिरूप से आधारभूता है ! यह आधार शक्ति ही गणेश कहलाती है !* *4-- "ईशान" शक्ति प्राणापन - वृत्ति को प्राणियों में जीवन शक्ति है !* *5--"पशुपति " मूर्ति उदर में रहकर अशित- पीत को पचाती है | जिसे जठराग्नि कहा जाता है !* *6-- "भीमा " मूर्ति देह में छिद्रों का कारण है !* *7--"उग्र " नामक मूर्ति जीवात्मा के ऐश्वर्य रूप में रहती है!* *8-- "महादेव " नामक मूर्ति संकल्प रूप से प्राणियों के मन में रहती है!* *इस संकल्प रूप चन्द्रमा के लिए* *" नवो नवो भवति जायमान: "* *कहा गया है ,अर्थात संकल्पों के नये नये रूप बदलते हैं !!* *अष्टमूर्तियों के तीर्थ स्थल :---* *1-- सूर्य :-- सूर्य ही दृश्यमान प्रत्यक्ष देवता हैं| सूर्य और शिव में कोई अन्तर नही है , सभी सूर्य मन्दिर वस्तुत: शिव मन्दिर ही हैं | फिर भी काशीस्थ " गभस्तीश्वर " लिंग सूर्य का शिव स्वारूप है!* *2-- चन्द्र -: शोमनाथ का मन्दिर है ! *3-- यजमान -: नेपाल का पशुपतिनाथ मन्दिर है!* *4-- क्षिति लिंग :-- तमिलनाडु के शिव कांची में स्थित आम्रकेश्वर हैं!* *5-- जल लिंग :-- तमिलनाडु के त्रिचिरापल्ली में जम्बुकेश्वर मन्दिर है!* *6-- तेजो लिंग --: अरूणांचल पर्वत पर है!* *7-- वायु लिंग :-- आन्ध्रप्रदेश के अरकाट जिले में कालहस्तीश्वर वायु लिंग है!* *8-- आकाश लिंग :-- तमिलनाडु के चिदम्बरम् मे स्थित है* *भवं भवानी सहितं नमामि* *आप की माया आप को ही समर्पित है मुझ अज्ञानी में इतना सामर्थ्य कहाँ है जो आप की माया का वर्णन कर सकूँ!* *ऊँ पूर्णं शिवं धीमहि* *l हर हर महादेव l* 🌷🌼💐🙏💐🌼🌷

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krishana Mar 7, 2021

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shayam ka dewana Mar 7, 2021

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