🌹🌹परमा एकादशी पर भगवान विष्णु जी को संध्या वंदन 🌹🙏🙏

+39 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 12 शेयर

कामेंट्स

Ganesh Jun 10, 2018
जय जय विष्णु भगवान की

Vandana Singh Feb 27, 2021

+55 प्रतिक्रिया 16 कॉमेंट्स • 27 शेयर
Ravi Kumar Taneja Feb 25, 2021

+506 प्रतिक्रिया 185 कॉमेंट्स • 358 शेयर
Uma shankar Pandey Feb 27, 2021

+8 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 1 शेयर
Gd Bansal Feb 25, 2021

+136 प्रतिक्रिया 44 कॉमेंट्स • 62 शेयर
Smt Neelam Sharma Feb 25, 2021

2️⃣3️⃣❗0️⃣2️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣ एक महिला रोटी बनाते बनाते *"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:"* का जाप कर रही थी, अलग से पूजा का समय कहाँ निकाल पाती थी बेचारी, तो बस काम करते-करते ही... *"ॐ नमो भगवते वासूदेवाय नम:"* तभी एकाएक धड़ाम से जोरों की आवाज हुई और साथ में दर्दनाक चीख। कलेजा धक से रह गया जब आंगन में दौड़ कर झांकी तो आठ साल का चुन्नू चित्त पड़ा था, खून से लथपथ। मन हुआ दहाड़ मार कर रोये। परंतु घर में उसके अलावा कोई था नहीं, रोकर भी किसे बुलाती, फिर चुन्नू को संभालना भी तो था। दौड़ कर नीचे गई तो देखा चुन्नू आधी बेहोशी में माँ-माँ की रट लगाए हुए है। अंदर की ममता ने आंखों से निकल कर अपनी मौजूदगी का अहसास करवाया। फिर 10 दिन पहले करवाये अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बावजूद ना जाने कहाँ से इतनी शक्ति आ गयी कि चुन्नू को गोद मे उठा कर पड़ोस के नर्सिंग होम की ओर दौड़ी। रास्ते भर भगवान को जी भर कर कोसती रही, बड़बड़ाती रही, हे कन्हैया क्या बिगाड़ा था मैंने तुम्हारा, जो मेरे ही बच्चे को..। खैर डॉक्टर सा. मिल गए और समय पर इलाज होने पर चुन्नू बिल्कुल ठीक हो गया। चोटें गहरी नहीं थी, ऊपरी थीं तो कोई खास परेशानी नही हुई।... रात को घर पर जब सब टीवी देख रहे थे तब उस औरत का मन बेचैन था। भगवान से विरक्ति होने लगी थी। एक मां की ममता प्रभुसत्ता को चुनौती दे रही थी। उसके दिमाग में दिन की सारी घटना चलचित्र की तरह चलने लगी। कैसे चुन्नू आंगन में गिरा की एकाएक उसकी आत्मा सिहर उठी, कल ही तो पुराने चापाकल का पाइप का टुकड़ा आंगन से हटवाया है, ठीक उसी जगह था जहां चिंटू गिरा पड़ा था। अगर कल मिस्त्री न आया होता तो..? उसका हाथ अब अपने पेट की तरफ गया जहां टांके अभी हरे ही थे, ऑपरेशन के। आश्चर्य हुआ कि उसने 20-22 किलो के चुन्नू को उठाया कैसे, कैसे वो आधा किलोमीटर तक दौड़ती चली गयी? फूल सा हल्का लग रहा था चुन्नू। वैसे तो वो कपड़ों की बाल्टी तक छत पर नही ले जा पाती फिर उसे ख्याल आया कि डॉक्टर साहब तो 2 बजे तक ही रहते हैं और जब वो पहुंची तो साढ़े 3 बज रहे थे, उसके जाते ही तुरंत इलाज हुआ, मानो किसी ने उन्हें रोक रखा था। उसका सर प्रभु चरणों में श्रद्धा से झुक गया। अब वो सारा खेल समझ चुकी थी। मन ही मन प्रभु से अपने शब्दों के लिए क्षमा मांगी। तभी टीवी पर ध्यान गया तो प्रवचन आ रहा था :--- *प्रभु कहते हैं, "मैं तुम्हारे आने वाले संकट रोक नहीं सकता, लेकिन तुम्हें इतनी शक्ति दे सकता हूँ कि तुम आसानी से उन्हें पार कर सको, तुम्हारी राह आसान कर सकता हूँ। बस धर्म के मार्ग पर चलते रहो।"* उस औरत ने घर के मंदिर में झांक कर देखा, कन्हैया मुस्कुरा रहे थे..!! *🙏🙏🏿🙏🏻जय जय श्री राधे*🙏🏼🙏🏽🙏🏾

+137 प्रतिक्रिया 19 कॉमेंट्स • 86 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB