Sanju Sharma
Sanju Sharma Sep 15, 2017

इस तरह दूसरी बार मिले थे भगवान श्री कृष्ण और देवी राधा

इस तरह दूसरी बार मिले थे भगवान श्री कृष्ण और देवी राधा

इस तरह दूसरी बार मिले थे भगवान श्री कृष्ण और देवी राधा

भगवान श्री कृष्ण और देवी राधा की दूसरी मुलाकात लौकिक न होकर अलौकिक थी। इस संदर्भ में गर्ग संहिता में एक कथा मिलती है। यह उस समय की बात है जब भगवान श्री कृष्ण नन्हे बालक थे। उन दिनों एक बार एक बार नंदराय जी बालक श्री कृष्ण को लेकर भांडीर वन से गुजर रहे थे।

उसे समय आचानक एक ज्योति प्रकट हुई जो देवी राधा के रुप में दृश्य हो गई। देवी राधा के दर्शन पाकर नंदराय जी आनंदित हो गए। राधा ने कहा कि श्री कृष्ण को उन्हें सौंप दें, नंदराय जी ने श्री कृष्ण को राधा जी की गोद में दे दिया।

श्री कृष्ण बाल रूप त्यागकर किशोर बन गए। तभी ब्रह्मा जी भी वहां उपस्थित हुए। ब्रह्मा जी ने कृष्ण का विवाह राधा से करवा दिया। कुछ समय तक कृष्ण राधा के संग इसी वन में रहे। फिर देवी राधा ने कृष्ण को उनके बाल रूप में नंदराय जी को सौंप दिया।

तीसरी मुलाकत में हुआ लौकिक प्रेम

राधा कृष्ण की लौकिक मुलाकात और प्रेम की शुरुआत संकेत नामक स्थान से माना जाता है। नंद गांव से चार मील की दूरी पर बसा है बरसाना गांव। बरसाना को राधा जी की जन्मस्थली माना जाता है। नंदगांव और बरसाना के बीच में एक गांव है जो 'संकेत' कहलाता है।

इस स्थान के विषय में मान्यता है कि यहीं पर पहली पर भगवान श्री कृष्ण और राधा जी का लौकिक मिलन हुआ था। हर साल राधाष्टमी यानी भाद्र शुक्ल अष्टमी से चतुर्दशी तिथि तक यहां मेला लगता है और राधा कृष्ण के प्रेम को याद कर भक्तगण आनंदित होते हैं।

इस स्थान का नाम संकेत क्यों हुआ इस विषय में कथा है जब श्री कृष्ण और राधा के पृथ्वी पर प्रकट होने का समय आया तब एक स्थान निश्चित हुआ जहां दोनों का मिलना तय हुआ। मिलन का स्थान संकेतिक था इसलिए यह संकेत कहलाया।

llJai Shri Radhe Krishna ll
Good afternoon all members

+168 प्रतिक्रिया 13 कॉमेंट्स • 91 शेयर

कामेंट्स

dheeraj patel Sep 15, 2017
जय श्री राधे राधे🌹🙏🙏🌹

Sanju Sharma Sep 15, 2017
जय श्री राधे कृष्णा जी आप सभी को इतने प्यारे कमेंट करने के लिए शुभ रात्रि वंदन जी आप सब अपनी जिंदगी में बहुत खुश रहें और खूब तरक्की करें और अपने परिवार के साथ हमेशा बने रहे l Good Night To All Members जय श्री राधे राधे आप सभी को

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+28 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 49 शेयर

ययाति : चंद्रवंशी पुरुरवा प्रपौत्र, नहुष पुत्र..👑👑 #ययाति, चन्द्रवंशी वंश के राजा नहुष के छः पुत्रों याति, ययाति, सयाति, अयाति, वियाति तथा कृति में से एक थे। नहुष, #बुधदेव पुत्र प्रसिद्ध चंद्रवंशी राजा पुरुरवा का पौत्र व पुरुरवा के पुत्र आयु का पुत्र था। भगवान् विष्णु के नाभिकमल से ब्रह्मा उत्पन्न हुए। ब्रह्माजी से अत्रि, अत्रि से चन्द्रमा, चन्द्रमा से बुध और बुध से इलानन्दन #पुरूरवा का जन्म हुआ। पुरूरवा से आयु, आयु से राजा नहुष और नहुष के छः पुत्रों याति, ययाति, सयाति, अयाति, वियाति तथा कृति उत्पन्न हुए। नहुष ने स्वर्ग पर भी राज किया था। नहुष के ज्येष्ठ पुत्र याति राज्य, अर्थ आदि से विरक्त रहते थे इसलिये राजा नहुष ने अपने द्वितीय पुत्र ययाति का राज्यभिषेक करवा दिया। ययाति का विवाह शुक्राचार्य की पुत्री #देवयानी के साथ हुआ। शुक्राचार्य जी की पत्नी का नाम #जयंती था, जयंती के पिता का नाम शचि था। ऋषि #भुगु के पुत्र थे #शुक्राचार्य : महर्षि भृगु के पुत्र और भक्त प्रहल्लद के भानजे शुक्राचार्य। महर्षि भृगु की पहली पत्नी का नाम ख्याति था, जो उनके भाई दक्ष की कन्या थी। ख्याति से भृगु को दो पुत्र दाता और विधाता मिले और एक बेटी लक्ष्मी का जन्म हुआ। लक्ष्मी का विवाह उन्होंने भगवान विष्णु से कर दिया था। भृगु के और भी पुत्र थे जैसे उशना, च्यवन आदि। माना जाता है कि उशना ही आगे चलकर शुक्राचार्य कहलाए। एक अन्य मान्यता अनुसार वे भृगु ऋषि तथा हिरण्यकशिपु की पुत्री दिव्या के पुत्र थे। शुक्र नीति के प्रवर्तक : शुक्राचार्य महान ज्ञानी के साथ-साथ एक अच्छे नीतिकार भी थे। शुक्राचार्य की कही गई नीतियां आज भी बहुत महत्व रखती हैं। आचार्य शुक्राचार्य शुक्र नीति शास्त्र के प्रवर्तक थे। इनकी शुक्र नीति अब भी लोक में महत्वपूर्ण मानी जाती है। शुक्राचार्य की कन्या का नाम देवयानी तथा पुत्र का नाम शंद और अमर्क था। इनके पुत्र शंद और अमर्क हिरण्यकशिपु के यहां नीतिशास्त्र का अध्यापन करते थे। ऋग्वेद में भृगुवंशी ऋषियों द्वारा रचित अनेक मंत्रों का वर्णन मिलता है जिसमें वेन, सोमाहुति, स्यूमरश्मि, भार्गव, आर्वि आदि का नाम आता है। ययाति राजा नहुष के पुत्र थे जिनका विवाह शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी के साथ हुआ था। संजीवनी विद्या के ज्ञाता शुक्राचार्य दैत्यराज वृषपर्वा के गुरु थे। एक बार वनविहार के समय दैत्यराज #वृषपर्वा की पुत्री #शर्मिष्ठा ने शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी के साथ एक बड़ा अपराध कर दिया था अतः गुरु शुक्राचार्य ने दैत्यों का त्याग करने का निश्चय कर लिया था। फिर इस शर्त पर दैत्यराज के साथ रहने को तैयार हुए कि राजकुमारी शर्मिष्ठा अपनी १००० सहेलियों सहित उनकी पुत्री देवयानी की जीवन भर के लिए दासी बन जाये। नहुष और अशोकसुन्दरी (शिव-पार्वती पुत्री) के पुत्र ययाति, दैत्यगुरु शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी और दैत्यराज वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्ठा की कहानी: एक बार की बात है कि दैत्यराज वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्ठा और गुरु शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी अपनी सखियों के साथ अपने उद्यान में घूम रही थी। शर्मिष्ठा अति सुन्दर राजपुत्री थी, तो देवयानी असुरों के महा गुरु शुक्राचार्य की पुत्री थी। दोनों एक दूसरे से सुंदरता के मामले में कम नहीं थी। वे सब की सब उस उद्यान के एक जलाशय में, अपने वस्त्र त्याग कर स्नान करने लगीं। इधर इन्द्रलोक में जब इन्द्र के राजगुरु बृहस्पति के पुत्र 'कच' मृत संजीवनी विद्या सीखकर आ गये, तब देवताओं को बड़ी प्रसन्नता हुई। वे कच से उस विद्या को पढ़कर कृतार्थ हो गये। फि‍र सबने मिलकर इन्‍द्र से कहा- पुरन्‍दर ‘अब आपके लिये पराक्रम करने कर समय आ गया है, पृथ्वीलोक के अपने दैत्य शत्रुओं का संहार कीजिये।’ संगठित होकर आये हुए देवताओं द्वारा इस प्रकार कहे जाने पर ‘बहुत अच्‍छा’ कहकर दैत्यों के पृथ्वीलोक में आ पहुँचे। वहाँ एक वन में उन्‍होंने बहुत-सी स्त्रियों को एक साथ देखा। वह वन चैत्ररथ नामक देवोद्यान के समान मनोहर था। उसमें वे कन्‍याएं एक जलाशय जलक्रीड़ा कर रही थीं। इन्‍द्र ने वायु का रूप धारण करके सारे कपड़े परस्‍पर मिला दिये। उसी समय भगवान शंकर पार्वती के साथ उस जलाशय के समीप से निकले। भगवान शंकर को आते देख वे सभी कन्याएं लज्जावश से बाहर निकल दौड़कर इन्द्र प्रपंच के कारण आपस में मिल अपने-अपने वस्त्रों को अंगीकार तो किया। परंतु अतिशीघ्रता में शर्मिष्ठा ने भूलवश देवयानी के वस्त्र पहन लिए। इस पर देवयानी अति क्रोधित होकर शर्मिष्ठा से बोली, 'रे शर्मिष्ठा! एक असुर पुत्री होकर तूने ब्राह्मण कन्या का वस्त्र धारण करने का साहस कैसे किया? तूने मेरे वस्त्र धारण करके मेरा अपमान किया है।' देवयानी के अपशब्दों को सुनकर शर्मिष्ठा अपने अपमान से तिलमिला गई और देवयानी के वस्त्र छीन कर उसे एक कुएं में धकेल दिया। वह क्रोध के आवेश में थी, अत: देवयानी की ओर देखे बिना ही घर लौट गयी। देवयानी को कुएं में धकेल कर शर्मिष्ठा के चले जाने के पश्चात् नहुष पुत्र राजा ययाति आखेट करते हुए वहां पर आ पहुंचे। उनके रथ के वाहन तथा अन्‍य घोड़े भी थक गये थे। वे एक हिंसक पशु को पकड़ने के लिये उसके पीछे-पीछे आये थे और प्‍यास से कष्ट पा रहे थे। अपनी प्यास बुझाने के लिए वे कुएं के निकट गए और उस जल शून्‍य कूप को देखने लगे। वहाँ उन्‍हें अग्नि-शिखा के समान तेजस्विनी एक कन्‍या दिखाई दी, जो देवांगना के समान सुन्‍दरी थी। उस पर दृष्टि पड़ते ही नृपश्रेष्ठ ययाति पहले परम मधुर वचनों द्वारा शान्‍त भाव से उसे आश्‍वासन दिया और कहा- ‘तुम कौन हो? तुम्‍हारे नख लाल-लाल हैं। षोडशी जान पड़ती हो। तुम्‍हारे कानों के मणिमय कुण्‍डल अत्‍यन्‍त सुन्‍दर और चमकीले हैं। ‘तुम किसी अत्‍यन्‍त घोर चिन्‍ता में पड़ी हो, आतुर होकर शोक क्‍यों कर रही हो? तृण और लताओं से ढके हुए इस कुऐं में कैसे गिर पड़ीं? तुम किसकी पुत्री हो? सुमध्‍यमे! ठीक-ठीक बताओ’। देवयानी बोली - "जो देवताओं द्वारा मारे गये दैत्‍यों को अपनी विद्या केवल से जिलाया करते हैं, उन्‍हीं शुक्राचार्य की मैं पुत्री हूँ। निश्चय ही उन्‍हें इस बात का पता नहीं होगा कि मैं इस दुरवस्‍था में पड़ी हूँ। रुप, वीर्य और बल से सम्‍पन्न तुम कौन हो, जो मेरा परिचय पूछते हो। यहाँ तुम्‍हारे आगमन का क्‍या कारण है, बताओ। मैं यह सब ठीक-ठीक सुनना चाहती हूँ।" ययाति ने कहा - "भद्रे मैं राजा नहुष का पुत्र ययाति हूँ। एक हिंसक पशु को मारने की इच्‍छा से इधर आ निकला। थका-मांदा प्‍यास बुझाने के लिये यहाँ आया और तिनकों से ढके हुए इस कूप में गिरी हुई तुम पर मेरी दृष्टि पड़ गयी।" देवयानी बोली- "महाराज! लाल नख और अंगुलियों से युक्त यह मेरा दाहिना हाथ है। इसे पकड़कर आप इस कुऐं से मेरा उद्धार कीजिये। मैं जानती हूं, आप उत्तम कुल में उत्‍पन्न हुए नरेश हैं। मुझे यह भी मालूम है कि आप परम शान्‍त स्‍वभाव वाले, पराक्रमी तथा यशस्‍वी वीर हैं। इसलिये इस कुऐं में गिरी हुई मुझ, अबला का आप यहाँ से उद्धार कीजिये।" तदनन्‍तर नहुष पुत्र राजा ययाति ने देवयानी को ब्राह्मण कन्‍या जानकर उसका दाहिना हाथ अपने हाथ में ले उसे उस कुऐं से बाहर निकाला, वेगपूर्वक कुऐं से बाहर करके राजा ययाति उससे बोले- ‘भद्रे! अब जहाँ इच्‍छा हो जाओ। तुम्‍हें कोई भय नहीं है। ‘राजा ययाति के ऐसा कहने पर देवयानी ने उन्‍हें उत्तर देते हुए कहा- तुम मुझे शीघ्र अपने साथ ले चलो; क्‍योंकि तुम मेरे प्रियतम हो। तुमने मेरा हाथ पकड़ा है, अत: तुम्‍ही मेरे पति होओगे। ‘देवयानी के ऐसा कहने पर राजा बोले- ‘भद्रे! मैं क्षत्रियकुल में उत्‍पन्न हुआ हूँ और तुम ब्राह्मण कन्‍या हो। अत: मेरे साथ तुम्‍हारा समागम नहीं होना चाहिये। कल्‍याणी! भगवान शुक्राचार्य सम्‍पूर्ण जगत के गुरु हैं और तुम उनकी पुत्री हो, अत: मुझे उनसे भी डर लगता है। तुम मुझ-जैसे तुच्‍छ पुरुष के योग्‍य कदापि नहीं हो।’ इस पर देवयानी ने प्रेमपूर्वक राजा ययाति से कहा, 'हे आर्य! आपने मेरा हाथ पकड़ा है अतः मैं आपको अपने पति रूप में स्वीकार करती हूं। हे क्षत्रियश्रेष्ठ! यद्यपि मैं ब्राह्मण पुत्री हूं किन्तु बृहस्पति के पुत्र कच के शाप के कारण मेरा विवाह ब्राह्मण कुमार के साथ नहीं हो सकता। इसलिए आप मुझे अपने प्रारब्ध का भोग समझ कर स्वीकार कीजिए।' ययाति ने प्रसन्न होकर देवयानी के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। तदनन्‍तर सुन्‍दरी देवयानी की अनुमति लेकर राजा ययाति अपने नगर को चले गये। नहुषनन्‍दन ययाति के चले जाने पर सती-साध्‍वी देवयानी आर्त-भाव से रोती हुई किसी वृक्ष का सहारा लेकर खड़ी रही। जब पुत्री के घर लौटने में विलम्‍ब हुआ, तब शुक्राचार्य ने धाय से पूछा- धाय! तू पवित्र हास्‍य वाली मेरी बेटी देवयानी को शीघ्र यहाँ बुला ला। उनके इतना कहते ही धाय तुरंत उसे बुलाने चली गयी। जहां-जहाँ देवयानी सखियों के साथ गयी थी, वहां-वहाँ उसका पदचिह्न खोजती हुई धाय गयी और उसने पूर्वोक्त रूप से श्रम पीड़ित एवं दीन होकर रोती हुई देवयानी को देखा। तब धाय ने पूछा- भद्रे! तुम्‍हारा क्‍या हाल है ? शीघ्र बताओ। तुम्‍हारे पिताजी ने तुम्‍हें बुलाया है। इस पर देवयानी ने धाय को अपने निकट बुलाकर शर्मिष्‍ठा द्वारा किये हुए अपराध को बताया। वह शोक से संतप्त हो अपने सामने आयी हुई धाय घूर्णिका से बोली। देवयानी ने कहा - "घूर्णिके तुम वेग पूर्वक जाओ और शीघ्र मेरे पिता जी से कह दो अब मैं वृषपर्वा के नगर में पैर नहीं रखूंगी।" देवयानी की बात सुनकर घूर्णिका तुरंत असुर राज के महल में गयी और वहाँ शुक्राचार्य को देखकर सम्‍भ्रमपूर्ण चित्त से वह बात बतला दी। महाभाग उसने महाप्राज्ञ शुक्राचार्य को यह बताया कि ‘वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्‍ठा के द्वारा देवयानी वन में मृततुल्‍य कर दी गयी है।’ अपनी पुत्री को शर्मिष्‍ठा द्वारा मृततुल्‍य की गयी सुनकर शुक्राचार्य बड़ी उतावली के साथ निकले और दुखी होकर उसे वन में ढूंढ़ने लगे। तदननतर वन में अपनी बेटी देवयानी को देखकर शुक्राचार्य ने दोनों भुजाओं से उठाकर उसे हृदय से लगा लिया और दुखी होकर कहा-‘बेटी सब लोग अपने ही दोष और गुणों से- अशुभ या शुभ कर्मों से दु:ख एवं सुख में पड़ते हैं। मालूम होता है, तुमसे कोई बुरा कर्म बन गया था, जिसका बदला तुम्‍हें इस रूप में मिला है।’ देवयानी बोली - "पिताजी मुझे अपने कर्मों का फल मिले या न मिले, आप मेरी बात ध्‍यान देकर सुनिये। वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्‍ठा ने आज मुझसे जो कुछ कहा है, क्‍या यह सच है? वह कहती है- ‘आप भाटों की तरह दैत्‍यों के गुण गाया करते हैं। वृषपर्वा की लाड़िली शर्मिष्‍ठा क्रोध से लाल आंखे करके आज मुझसे इस प्रकार अत्‍यन्‍त तीखे कठोर वचन कह रही थी- ‘देवयानी तू स्‍तुति करने वाले, नित्‍य भीख मांगने वाले और दान लेने वाले की बेटी है और मैं तो उन महाराज की पुत्री हूं, जिनकी तुम्‍हारे पिता स्‍तुति करते हैं, जो स्‍वयं दान देते हैं और लेते एक धेला भी नहीं हैं।’ वृषपर्वा की बेटी शर्मिष्‍ठा ने आज मुझ से ऐसी बात कही है। कहते समय उसकी आंखे क्रोध से लाल हो रही थी। वह भारी घमंड से भरी हुई थी और उसने एक बार ही नहीं, अपितु बार-बार उपर्युक्त बातें दुहरायी हैं। तात यदि सचमुच मैं स्‍तुति करने वाले और दान लेने वाले की बेटी हूं, तो मैं शर्मिष्‍ठा को अपनी सेवाओं द्वारा प्रसन्न करूंगी। यह बात मैंने अपनी सखी से कह दी थी। मेरे ऐसा कहने पर भी अत्‍यन्‍त क्रोध में भरी हुई शर्मिष्‍ठा ने उस निर्जन वन में मुझे पकड़कर कूएं में ढकेल दिया, उसके बाद वह अपने घर चली गयी।" शुक्राचार्य ने कहा - "देवयानी तू स्‍तुति करने वाले, भीख मांगने वाले या दान लेने वाने की बेटी नहीं है। तू उस पवित्र ब्राह्मण की पुत्री है, जो किसी की स्‍तुति नहीं करता और जिसकी सब लोग स्‍तुति करते हैं। इस बात को वृषपर्वा, देवराज इन्‍द्र तथा ययाति जानते हैं। निर्द्वन्‍द्व अचिन्‍त्‍य ब्रह्म ही मेरा ऐश्‍वर्य युक्त बल है। ब्रह्मा जी ने संतुष्ट होकर मुझे वरदान दिया है; उसके अनुसार इस भूतल पर, देवलोक में अथवा सब प्राणियों में जो कुछ भी है, उन सबका मैं सदा-सर्वदा स्‍वामी हूँ। मैं ही प्रजाओें के हित के लिये पानी बरसाता हूँ और मैं ही सम्‍पूर्ण ओषधियों का पोषण करता हूं, यह तुमसे सच्ची बात कह रहा हूँ।" देवयानी इस प्रकार विषाद में डूबकर क्रोध और ग्‍लानि से अत्‍यन्‍त कष्ट पा रही थी, उस समय पिता ने सुन्‍दर मधुर वचनों द्वारा उसे समझाया। शुक्राचार्य ने कहा - "बेटी मेरी विद्या द्वन्‍द्वरहित है। मेरा ऐश्‍वर्य ही उसका फल है। मुझमें दीनता, शठता, कुटिलता और अधमपूर्ण बर्ताव नहीं है। देवयानी जो मनुष्‍य सदा दूसरों के कठोर वचन (दूसरों द्वारा की हुई अपनी निन्‍दा) को सह लेता है, उसने इस सम्‍पूर्ण जगत पर विजय प्राप्‍त कर ली, ऐसा समझो। जो उभरे हुए क्रोध को घोड़े के समान वश में कर लेता है, वही सत्‍पुरुषों द्वारा सच्चा सारथि कहा गया है। किंतु जो केवल बागडोर या लगाम पकड़कर लटकता रहता है, वह नहीं। देवयानी जो उत्‍पन्न हुए क्रोध को अक्रोध (क्षमाभाव) के द्वारा मन से निकाल देती है, समझ लो, उसने सम्‍पूर्ण जगत को जीत लिया। जैसे सांप पुरानी केंचुल छोड़ता है, उसी प्रकार जो मनुष्‍य उभड़ने वाले क्रोध को यहाँ क्षमा द्वारा त्‍याग देता है, वही श्रेष्‍ठ पुरुष कहा गया है। जो क्रोध को रोक लेता है, निन्‍दा सह लेता है और दूसरे के सताने पर भी दुखी नहीं होता, वही सब पुरुषों का सुदृढ़ पात्र है। जो मनुष्‍य सौ वर्षों तक प्रत्‍येक मास में बिना किसी थकावट के निरन्‍तर यज्ञ करता है और दूसरा जो किसी पर भी क्रोध नहीं करता, उन दोनो में क्रोध न करने वाला ही श्रेष्‍ठ है। क्रोधी के यज्ञ, दान और तप- सभी निष्‍फल होते हैं। अत: जो क्रोध नहीं करता, उसी पुरुष के यज्ञ, दान और तप महान फल देने वाले होते हैं। जो क्रोध के वशीभूत हो जाता है, वह कभी पवित्र नहीं होता तथा तपस्‍या भी नहीं कर सकता। उसके द्वारा यज्ञ का अनुष्‍ठान भी सम्‍भव नहीं है और वह कर्म के रहस्‍य को भी नहीं जानता। इतना ही नहीं, उसके लोक और परलोक दोनों ही नष्ट हो जाते हैं। जो स्‍वभाव से ही क्रोधी है, उसके पुत्र, भृत्‍य, सुहृद्, मित्र, पत्‍नी, धर्म और सत्‍य- ये सभी निश्चय ही उसे छोड़कर दूर चले जायंगे। अबोध बालक और बालिकाएं अज्ञान वश आपस में जो वैर-विरोध करते हैं, उसका अनुकरण समझदार मनुष्‍यों को नहीं करना चाहिये; क्‍योंकि वे नादान बालक दूसरों के बलाबल को नहीं जानते।" देवयानी ने कहा - "पिता जी यद्यपि मैं अभी बालिका हूँ फि‍र भी धर्म-अधर्म का भी अन्‍तर समझती हूँ। क्षमा और निन्‍दा की सबलता और निर्बलता का भी मुझे ज्ञान है। परंतु जो शिष्‍य होकर भी शिष्‍योचित बर्ताव नहीं करता, अपना हित चाहने वाले गुरु को उसकी धृष्‍टता क्षमा नहीं करनी चाहिये। इसलिये इन संकीर्ण आचार-विचार वाले दानवों के बीच निवास करना अब मुझे अच्छा नहीं लगता। जो पुरुष दूसरों के सदाचार और कुल की निन्‍दा करते हैं, उन पाप पूर्ण विचार वाले मनुष्‍यों में कल्‍याण की इच्‍छा वाले विद्वान पुरुष को नहीं रहना चाहिये। जो लोग आचार, व्‍यवहार अथवा कुलीनता की प्रशंसा करते हों, उन साधु पुरुषों में ही निवास करना चाहिये और वही निवास श्रेष्ठ कहा जाता है। धनहीन मनुष्‍य भी यदि सदा अपने मन पर संयम रखे तो वे श्रेष्ठ हैं और धनवान भी यदि दुराचारी तथा पाप कर्मी हों, तो वे चाण्डाल के समान हैं। जो अकारण किसी के साथ द्वेष करते हैं और दूसरों की निन्‍दा करते रहते हैं, उनके बीच में सत्‍पुरुष का निवास नहीं होना चाहिये; क्‍योंकि पापियों के संग से मनुष्‍य पापात्‍मा हो जाता है। मनुष्‍य पाप अथवा पुण्‍य जिस में भी आसक्त होता है, उसी में उसकी दृढ़ प्रीति हो जाती है, इसलिये पाप कर्म में प्रीति नहीं करनी चाहिये। तात वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्ठा ने जो अत्‍यन्‍त भयंकर दुर्वचन कहा है, वह मेरे हृदय को मथ रहा है, ठीक उसी तरह, जैसे अग्नि प्रकट करने की इच्‍छा वाला पुरुष अरणीकाष्ठ का मन्‍थन करता है। इससे बढ़कर महान दु:ख की बात मैं अपने लिये तीनों लोकों में और कुछ नहीं मानती हूँ। इसमें संदेह नहीं कि कटुवचन मर्मस्‍थलों को विदीर्ण करने वाला होता है। कटुवादी मनुष्‍यों से उनके सगे-सम्‍बन्‍धी और मित्र भी प्रेम नहीं करते हैं। जो श्रीहीन होकर शत्रुओं की चमकती हुई लक्ष्‍मी की उपासना करता है, उस मनुष्‍य का तो मर जाना ही अच्‍छा है; ऐसा विद्वान पुरुष अनुभव करते हैं। नीच मनुष्‍यों के संग से मनुष्‍य धीरे-धीरे अपमानित हो जाता है। मुख से कटुवचनरूपी बाण छूटते हैं, उससे आहत होकर मनुष्‍य रात-दिन शोक में डूवा रहता है। शस्त्र, विष और अग्नि से प्राप्त होने वाला दु:ख शनै:-शनै: अनुभव में आता है (परंतु कटुवचन तत्‍काल ही अत्‍यन्‍त कष्ट देने लगता है )। अत: विद्वान पुरुष को चाहिये कि वह दूसरों पर वाग्‍वाण न छोड़े। बाण से बिंधा हुआ वृक्ष और फरसे से काटा हुआ जंगल फिर पनप जाता है, परंतु वाणी द्वारा जो भयानक कटु वचन निकलता है, उससे घायल हुए हृदय का घाव फि‍र नहीं भरता।" देवयानी के मुख से शर्मिष्ठा के किए हुए कर्म पर शुक्राचार्य को अत्यन्त क्रोध आया और वे दैत्यों से विमुख हो गए। इस पर दैत्यराज वृषपर्वा अपने गुरुदेव के पास आकर अनेक प्रकार से मान-मनोन्वल करने लगे। बड़ी मुश्किल से शुक्राचार्य का क्रोध शान्त हुआ और वे बोले, 'हे दैत्यराज! मैं आपसे किसी प्रकार से रुष्ठ नहीं हूं किन्तु मेरी पुत्री देवयानी अत्यन्त रुष्ट है। यदि तुम उसे प्रसन्न कर सको तो मैं पुनः तुम्हारा साथ देने लगूंगा।' वृषपर्वा ने देवयानी को प्रसन्न करने के लिए उससे कहा, 'हे पुत्री! तुम जो कुछ भी मांगोगी मैं तुम्हें वह प्रदान करूंगा।' देवयानी बोली, 'हे दैत्यराज! मुझे आपकी पुत्री शर्मिष्ठा दासी के रूप में चाहिए।' अपने परिवार पर आए संकट को टालने के लिए शर्मिष्ठा ने देवयानी की दासी बनना स्वीकार कर लिया। शुक्राचार्य ने अपनी पुत्री देवयानी का विवाह राजा ययाति के साथ कर दिया। शर्मिष्ठा भी देवयानी के साथ उसकी दासी के रूप में ययाति के भवन में आ गई। देवयानी के पुत्रवती होने पर रुपवती शर्मिष्ठा ने भी पुत्र की कामना से राजा ययाति से प्रणय निवेदन किया जिसे ययाति ने स्वीकार कर लिया। राजा ययाति के देवयानी से दो पुत्र यदु तथा तुवर्सु और शर्मिष्ठा से तीन पुत्र द्रुह्यु, अनु तथा पुरु हुए। इस संदर्भ को देवयानी से छुपाकर शर्मिष्ठा एवं ययाति ने तीन वर्ष बीता दिए। शर्मिष्ठा के गर्भ से राजा ययाति को तीन पुत्र हो जाने के बाद जब ये वृतांत देवयानी को पता चला तो वह क्रोधित होकर अपने पिता के पास चली गई। शुक्राचार्य ने राजा ययाति को बुलवाकर कहा, 'रे ययाति! तू स्त्री लम्पट है। इसलिए मैं तुझे शाप देता हूं तुझे तत्काल वृद्धावस्था प्राप्त हो।' उनके शाप से भयभीत हो राजा ययाति गिड़गिड़ाते हुए बोले, 'हे दैत्य गुरु! आपकी पुत्री के साथ विषय भोग करते हुए अभी मेरी तृप्ति नहीं हुई है। इस शाप के कारण तो आपकी पुत्री का भी अहित है।' तब कुछ विचार कर के शुक्रचार्य जी ने कहा, 'अच्छा! यदि कोई तुझे प्रसन्नतापूर्वक अपनी यौवनावस्था दे तो तुम उसके साथ अपनी वृद्धावस्था को बदल सकते हो।' इसके पश्चात् राजा ययाति ने अपने ज्येष्ठ पुत्र से कहा, 'वत्स यदु! तुम अपने नाना के द्वारा दी गई मेरी इस वृद्धावस्था को लेकर अपनी युवावस्था मुझे दे दो।' इस पर यदु बोला, 'हे पिताजी! असमय में आई वृद्धावस्था को लेकर मैं जीवित नहीं रहना चाहता। इसलिये मैं आपकी वृद्धावस्था को नहीं ले सकता।' ययाति ने अपने शेष पुत्रों से भी इसी प्रकार की मांग की, लेकिन सभी ने कन्नी काट ली। लेकिन सबसे छोटे पुत्र पुरु ने पिता की मांग को स्वीकार कर लिया। पुनः युवा हो जाने पर राजा ययाति ने यदु से कहा, 'तूने ज्येष्ठ पुत्र होकर भी अपने पिता के प्रति अपने कर्तव्य को पूर्ण नहीं किया। अतः मैं तुझे राज्याधिकार से वंचित करके अपना राज्य पुरु को देता हूं। मैं तुझे शाप भी देता हूं कि तेरा वंश सदैव राजवंशियों के द्वारा बहिष्कृत रहेगा।' - वेद, पुराण पाँचो पुत्रों में पुरू सबसे छोटा था, पर पिता ने इसी को राज्य का उत्तराधिकारी बनाया और स्वयं एक सहस्र वर्ष तक युवा रहकर शारीरिक सुख भोगते रहे। कहते हैं कि उनकी १०० रानियां थीं। राजा ययाति ने यौवन को प्राप्त करने के बाद सुखों को भोगना शुरू कर दिया। यौवन लौट आने पर देवयानी भी तन-मन-धन से ययाति की सेवा में लग गई। इधर ययाति अपने ईष्ट भगवान विष्णु का यजन करने लगे। उन्होंने पूरी तल्लीनता के साथ निष्काम भाव से श्रीहरि की पूजा की। सुखों के भोग और भगवान का यजन करते-करते लगभग एक हजार साल बीत चुके थे। बावजूद इसके राजा ययाति की तृष्णाओं की तृप्ति न हो सकी। श्रीमद्भागवत जी में नवम स्कन्ध के उन्नीसवें अध्याय 'ययाति का गृह त्याग' में श्री शुकदेव जी राजा परीक्षित को बताते हैं कि "एक दिन विषय भोग की अंधड़ में खोए हुए ययाति की नजर अपने गिरते शरीर पर पड़ी।" उन्होंने देवयानी से कहा कि "मैं तुम्हारे प्रेमपाश में बंधकर दीन हो गया हूँ। तुम्हारी माया ने मुझे भुलक्कड़ बना दिया है।" "मुझे विषयों का बार बार सेवन करते करते हजार साल हो गए हैं, लेकिन मेरे अंदर भोगों की लालशा बढ़ती ही जा रही है।" तदनंतर पुरू को बुलाकर ययाति ने कहा - 'इतने दिनों तक सुख भोगने पर भी मुझे तृप्ति नहीं हुई। तुम अपना यौवन वापस ले लो, और मैं अब वाणप्रस्थ आश्रम में रहकर ही तपस्या करूँगा। ' वाणप्रस्थ में किऐ अपने घोर तपस्या से ययाति स्वर्गलोक भी पहुँच गए थे, परंतु थोड़े ही दिनों बाद इंद्र के शाप से स्वर्गभ्रष्ट भी हो गए (महाभारत, आदिपर्व, ८१-८८)। स्वर्गभ्रष्ट होकर अंतरिक्ष पथ से पृथ्वी को लौटते समय इन्हें अपने वंशज दौहित्र, अष्ट, शिवि आदि मिले और पूर्वज शीर्ष ययाति की विपत्ति को देखकर सभी ने अपने अपने पुण्य के बल से इन्हें फिर से स्वर्गलोक लौटा दिया। अपने इन वंशजों की सहायता से ही ययाति को अंत में मुक्ति प्राप्त हुई। ययाति ग्रंथि: ययाति ग्रंथि वृद्धावस्था में यौवन की तीव्र कामना की ग्रंथि मानी जाति है। किंवदंति है कि, राजा ययाति एक सहस्र वर्ष तक भोग लिप्सा में लिप्त रहे किन्तु उन्हें तृप्ति नहीं मिली। विषय वासना से तृप्ति न मिलने पर उन्हें उनसे घृणा हो गई और उन्होंने पुरु की युवावस्था वापस लौटा कर वैराग्य धारण कर लिया। ययाति को वास्तविकता का ज्ञान प्राप्त हुआ और उन्होने कहा- भोगा न भुक्ता वयमेव भुक्ताःतपो न तप्तं वयमेव तप्ताः।कालो न यातो वयमेव याताःतृष्णा न जीर्णा वयमेव जीर्णाः॥ अर्थात, हमने भोग नहीं भुगते, बल्कि भोगों ने ही हमें भुगता है; हमने तप नहीं किया, बल्कि हम स्वयं ही तप्त हो गये हैं; काल समाप्त नहीं हुआ हम ही समाप्त हो गये; तृष्णा जीर्ण नहीं हुई, पर हम ही जीर्ण हुए हैं ! इस प्रकार ययाति पुत्र पुरु भारत के चक्रवर्ती महाराजा बने और उनकी माता दैत्यराज वृषपर्वा की पुत्री शर्मिष्ठा, जो राजा ययाति की पत्नी देवयानी की दासी बन कर आयी थी , पुत्र पुरु की पितृभक्ति और उनके लिए सुखों के त्याग के कारण भारतवर्ष की राजमाता बनी। ययाति के पुत्रों तुर्वसु , द्रुहु और अनु ने ही महर्षि शुक्राचार्य के कुशल निर्देशन में वर्तमान अरब ,अफ्रीका ,एशिया और यूरोप के कई देशों को बसाया व वहां उनके उत्तराधिकारियों ने ही राज्य किया। वहां के सभी निवासी इन तीनो ययाति के पुत्रों के वंशज है। पुरु के उत्तराधिकारी पुरुवंशियों में राजा दुष्यंत के पुत्र भरत हुए, जिससे भारत वर्ष का नामाकरण हुआ। कालांतर भरत के वंश में कुरु राजा हुए जिनके वंशज कुरु "कौरव" कहलाऐ, जिनके वंश अंश भाई पांडव भी थे। ययाति सबसे बड़े पुत्र यदु के वंशज यादव के नाम से जाने गए और इसी यदु वंश में विष्णु अवतारी भगवान श्री कृष्ण ने द्वापर काल में जन्म लिया था। हमें वेद-पुराणों में उल्लेखित ययाति के कुल-खानदान को याद रखना चाहिए, क्योंकि इसी से एशिया की जातियों का जन्म हुआ। ययाति से ही आगे चंद्रवंश चला जिसमें से यदुओं, तुर्वसुओं, आनवों और द्रुहुओं का वंश चला। जिस तरह बाइबल में याकूब के १२ पुत्रों से इसराइल-अरब की जाति बनी, उसी तरह ययाति के ५ पुत्रों से अखंड भारत (अफगानिस्तान, पाकिस्तान, हिन्दुस्तान, बांग्लादेश, बर्मा, थाईलैंड आदि) की जातियां बनीं। हालांकि ययाति के कुल १० पुत्र थे। याकूब और ययाति की कहानी कुछ-कुछ मिलती-जुलती है। यह शोध का विषय हो सकता है। शतपथ ब्राह्मण के अनुसार पुरुवस पुरुरवा को ऐल भी कहा जाता था। पुरुरवा का विवाह उर्वशी से हुआ जिससे उसको आयु, वनायु, शतायु, दृढ़ायु, घीमंत और अमावसु नामक पुत्र प्राप्त हुए। अमावसु एवं वसु विशेष थे। अमावसु ने कान्यकुब्ज नामक नगर की नींव डाली और वहां का राजा बना। आयु का विवाह स्वरभानु की पुत्री प्रभा से हुआ जिनसे उसके ५ पुत्र हुए- नहुष, क्षत्रवृत (वृदशर्मा), राजभ (गय), रजि, अनेना। प्रथम नहुष का विवाह विरजा से हुआ जिससे अनेक पुत्र हुए जिसमें ययाति, संयाति, अयाति, अयति और ध्रुव प्रमुख थे। इन पुत्रों में यति और ययाति प्रिय थे। ययाति के प्रमुख ५ पुत्र थे- १.यदु, २.तुर्वस, ३.अनु, ४.द्रुहु और ५. पुरु। इन्हें वेदों में पंचनंद कहा गया है। ययाति की कुछ बेटियां भी थीं जिनमें से एक का नाम माधवी था। माधवी की कथा बहुत ही व्यथापूर्ण है। ७,२०० ईसा पूर्व अर्थात आज से ९,२०० वर्ष पूर्व ययाति के इन पांचों पुत्रों का संपूर्ण धरती पर राज था। पांचों पुत्रों ने अपने- अपने नाम से राजवंशों की स्थापना की। यदु से यादव, तुर्वसु से यवन, द्रुहु से भोज, अनु से मलेच्छ और पुरु से पौरव व कालांतर कौरव वंश की स्थापना हुई। पुराणों में उल्लेख है कि ययाति अपने बड़े लड़के यदु से रुष्ट हो गया था और उसे शाप दिया था कि यदु या उसके लड़कों को राजपद प्राप्त करने का सौभाग्य न प्राप्त होगा।- (हरिवंश पुराण)। ययाति सबसे छोटे बेटे पुरु को बहुत अधिक चाहता था और उसी को उसने राज्य देने का विचार प्रकट किया, परंतु राजा के सभासदों ने ज्येष्ठ पुत्र के रहते हुए इस कार्य का विरोध किया था।(महाभारत) ययाति ने दक्षिण-पूर्व दिशा में तुर्वसु को (पंजाब से उत्तरप्रदेश तक), पश्चिम में द्रुह्मु को, दक्षिण में यदु को (आज का सिन्ध-गुजरात प्रांत) और उत्तर में अनु को मांडलिक पद पर नियुक्त किया तथा पुरु को संपूर्ण भूमंडल के राज्य पर अभिषिक्त कर स्वयं वन को चले गए। स्वयं यदु ने भी पुरु पक्ष का समर्थन किया और स्वयं राज्य लेने से इंकार कर दिया था। इस पर पुरु को राजा घोषित किया गया और वह प्रतिष्ठान की मुख्य शाखा का शासक हुआ। उसके वंशज पौरव कहलाए। अन्य चारों भाइयों को जो प्रदेश दिए गए, उनका विवरण इस प्रकार है- यदु को चर्मरावती अथवा चर्मण्वती (#चंबल), बेत्रवती (बेतवा) और शुक्तिमती (केन) का तटवर्ती प्रदेश मिला। तुर्वसु को प्रतिष्ठान के दक्षिण-पूर्व का भू-भाग मिला और द्रुहु को उत्तर-पश्चिम का। गंगा-यमुना दो-आब का उत्तरी भाग तथा उसके पूर्व का कुछ प्रदेश जिसकी सीमा अयोध्या राज्य से मिलती थी, अनु के हिस्से में आया। पुरु का वंश : पुरु वंश में कई प्रतापी राजा हुए उनमें से एक थे दुष्यंत पुत्र भरत और सुदास। भरत के वंशज कुरु थे इसी वंश में शांतनु हुए जिनके पुत्र थे भीष्म; जो कौरव कहलाऐ। पुरु के कौरव वंश अंश में ही पांडव अर्जुन पुत्र अभिमन्यु हुए। इसी वंश में आगे चलकर परीक्षित हुए जिनके पुत्र थे जन्मेजय। यदु का वंश : यदु कुल के वंशज यदुवंशी यादव कहलाए जिसमें भगवान कृष्ण हुए। तुर्वसु का वंश : तुर्वसु के वंश में भोज (यवन) हुए। ययाति के पुत्र तुर्वसु का वह्नि, वह्नि का भर्ग, भर्ग का भानुमान, भानुमान का त्रिभानु, त्रिभानु का उदारबुद्धि करंधम और करंधम का पुत्र हुआ मरूत। मरूत संतानहीन था इसलिए उसने पुरु वंशी दुष्यंत को अपना पुत्र बनाकर रखा था, परंतु दुष्यंत राज्य की कामना से अपने ही वंश में लौट गए। महाभारत के अनुसार ययाति पुत्र तुर्वसु के वंशज यवन थे। पहले ये क्षत्रिय थे, पर ब्राह्मणों से द्वेष रखने के कारण इनकी गिनती शूद्रों में होने लगी। महाभारत युद्ध में ये कौरवों के साथ थे। इससे पूर्व दिग्विजय के समय नकुल और सहदेव ने इन्हें पराजित किया था। अनु का वंश : अनु को ऋ‍ग्वेद में कहीं-कहीं आनव भी कहा गया है। कुछ इतिहासकारों के अनुसार यह कबीला परुष्णि नदी (रावी नदी) क्षेत्र में बसा हुआ था। आगे चलकर सौवीर, कैकेय और मद्र कबीले इन्हीं आनवों से उत्पन्न हुए थे। द्रुह्मु का वंश : द्रुह्मु के वंश में राजा गांधार हुए। ये आर्यावर्त के मध्य में रहते थे। बाद में द्रुहुओं? को इक्ष्वाकु कुल के राजा मंधातरी ने मध्य एशिया की ओर खदेड़ दिया। पुराणों में द्रुह्यु राजा प्रचेतस के बाद द्रुह्युओं का कोई उल्लेख नहीं मिलता। प्रचेतस के बारे में लिखा है कि उनके १०० बेटे अफगानिस्तान से उत्तर जाकर बस गए और 'म्लेच्छ' कहलाए। ययाति के पुत्र द्रुह्यु से बभ्रु का जन्म हुआ। बभ्रु का सेतु, सेतु का आरब्ध, आरब्ध का गांधार, गांधार का धर्म, धर्म का धृत, धृत का दुर्मना और दुर्मना का पुत्र प्रचेता हुआ। प्रचेता के १०० पुत्र हुए, ये उत्तर दिशा में म्लेच्छों (अरबों) के राजा हुए। यदु और तुर्वस को दास कहा जाता था। यदु और तुर्वस के विषय में ऐसा माना जाता था कि इंद्र उन्हें बाद में लाए थे। सरस्वती दृषद्वती एवं आपया नदी के किनारे भरत कबीले के लोग बसते थे। सबसे महत्वपूर्ण कबीला भरत का था। इसके शासक वर्ग का नाम त्रित्सु था। संभवतः सृजन और क्रीवी कबीले भी उनसे संबद्ध थे। तुर्वस और द्रुह्यु से ही यवन और मलेच्छों का ‍वंश चला। इस तरह यह इतिहास सिद्ध है कि ब्रह्मा के एक पु‍त्र अत्रि के वंशजों ने ही यहुदी, यवनी और पारसी धर्म की स्थापना की थी। इन्हीं में से ईसाई और इस्लाम धर्म का जन्म हुआ। यहुदियों के जो १२ कबीले थे उनका संबंध द्रुह्मु से ही था। हालांकि यह शोध का विषय है। कुमार रौनक कश्यप,,,,,,,,,,

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 6 शेयर
आकाश May 22, 2019

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 11 शेयर

*ऊँ🙏 शुभ पंचांग🌹शुभ राशिफल 🙏ऊँ* *बुधवार_22_मई_2019* *तिथि: चतुर्थी - २६:४१ तक* https://www.facebook.com/709051849224743/posts/1580672185396034/ *Kundli Reading Fees Rs. 5100/- Only* *Fifty one Hundred only* *कुंडली देखने की फीस 5100/- रूपये* *इक्यावन सौ रुपये* *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* *Health Checkup by Nails and Teeth and Treatment only by Diet:-* *( Specialist in Alternative Medicine )* *कॉलिंग नंबर :- 9811332914 / 9911020152* *9811332901,7982311549,* *“Powerful आल-इन-वन लक्ष्मी शनि यन्त्र ताबीज़”* *यह लक्ष्मी शनि यन्त्र है। यह यन्त्र पूरी उम्र काम करता है। घर में सुख सम्पत्ति के लिए अच्छा रहता है।* *Powerful All-in-One Laxmi Shani Yantr Tabiz* *This is Laxmi Shani Yantr & work for Good Health & Wealth full Life.* इस लक्ष्मी शनि यन्त्र को बनाने में दस दिन का समय लगता है इस एक ही यन्त्र में दस यन्त्रो का मिश्रण है यह पूर्णत: धार्मिक कवच है किसी तान्त्रिक विद्या द्वारा नहीं बनाया जाता है और इसमें सभी धर्मो का समावेश है किसी विशेष जाति या धर्म को लेकर नहीं बनाया जाता है इसलिए इसे कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है। यह हर क्षेत्र में व्यक्ति को फायदा देता है। यदि किसी की कुंडली में मंगल दोष, कालसर्प दोष, गंडमूल दोष, अंगारक दोष, पितृदोष, सर्पदोष, ग्रहणदोष, या फिर विष योग, गुरु चाण्डाल योग है तो इसे धारण करने से उसका भी निवारण हो जाता है। यह आपके नाम और उम्र के हिसाब से बनाया जाता है। इसे धारण करने पर किसी विशेष नियम या परहेज का पालन नही करना होता है। यह बच्चों की पढ़ाई में व्यापार नौकरी में, कोई गृह क्लेश हो, कोई समस्या हो सभी में फायदा करता है। वाद-विवाद, मुकदमे, बहस, समूह वार्तालाप, आपसी बातचीत में सामने वाला वश में हो, कर्मचारी चाहता है कि उसका बॉस उसके वश में हो, और जब चाहें उसे छुट्टी मिल जाए….. पत्नी सोचती है पति वश में रहें, यही सोच पति की भी होती है….. कोई सोचता है/सोचती है कि मेवैसा ही करें…… लड़कों को लड़कियों को वश में करे सभी दोस्त मेरे वश में हो, और जो मैं बोलूं सभी रना होता है और लड़कियों को लड़के अपने वश में चाहिए….. व्यापारी चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक मेरे वश में हो, और उसके ग्राहक पड़ोसियों के पास न जाएं….. प्रेम विवाह करने वाले सोचते है कि उनके घर वाले उनके वश में हो, और उनकी शादी में कोई रुकावट न डाले….. माता-पिता सोचते हैं कि उनकी संतान उनके कहने से बाहर न हो, और उनके बताए गये अच्छे रास्तों को छोड़कर गलत रास्ते पर न जाएं। सामान्यतः ऐसीे ही सोच सभी की होती है। लक्ष्मी शनि यन्त्र का मतलब होता है किसी को अपने अनुकूल कर लेना। अगर प्रेमी या प्रेमिका मन बदल गया हो, या विवाह करने को राजी न हो रहे हो। या कोई अधिकारी आपके विरोध में कार्य कर रहा हो। या परिवार में कोई सदस्य गलत रास्ते पर जा रहा हो, तो “Powerful आल-इन-वन लक्ष्मी शनि यन्त्र ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। वशीकरण का मतलब होता है किसी को अपने अनुकूल कर लेना। अगर प्रेमी या प्रेमिका मन बदल गया हो, या विवाह करने को राजी न हो रहे हो। या कोई अधिकारी आपके विरोध में कार्य कर रहा हो। या परिवार में कोई सदस्य गलत रास्ते पर जा रहा हो, तो “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। *लक्षमी शनि यन्त्र का मूल्य* *एक वर्ष के लिए 51,000/-₹ इक्यावन हजार* *तीन वर्ष के लिए 1,00,000/-₹ एक लाख* *सात वर्ष के लिए 2,00,000/-₹ दो लाख* *लाइफ टाइम के लिए 5,00,000/-₹ पॉच लाख* *ऊँऊँऊँऊँ🙏 शुभ गर्ग राशिफल 🙏ऊँऊँऊँऊँ* 🌹 *बारह राशियों का राशि फल*🌹 *सूचना* आगे की राशियां पड़ने के लिये *(Read more )* पर अपनी उँगली का स्पर्श करें ! *0⃣1⃣ 🐑मेष- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ ॐ* आज जीवनसाथी की वजह से आपको अनमने ढंग से बाहर जाना पड़ सकता है, जो बाद में आपकी झल्लाहट की वजह बनेगा। गर्ग वाणी के अनुसार ज़रूरत से ज़्यादा सोना आपकी ऊर्जा को ख़त्म कर सकता है। इसलिए पूरे दिन ख़ुद को सक्रिय रखें। *0⃣2⃣ 🐂वृष- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो ॐ* आज आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। भरपूर रचनात्मकता और उत्साह आपको एक और फ़ायदेमंद दिन की ओर ले जाएंगे। गर्ग वाणी के अनुसार शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह थोड़ा मुश्किल वक़्त है। *0⃣3⃣ 💑मिथुन- का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह ॐ* आज एक बेहतरीन शाम के लिए रिश्तेदार/दोस्त घर आ सकते हैं। अपने प्रिय के साथ आज अच्छी तरह बर्ताव करें। आज आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे। गर्ग वाणी के अनुसार आप जिन कामों को करने के लिए चुनेंगे, वे आपको उम्मीद से ज़्यादा फ़ायदा देंगे। *0⃣4⃣ 🦀कर्क- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो ॐ* आज ख़ुशी के लिए नए संबंध की प्रतीक्षा करें। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है - जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा - लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। गर्ग वाणी के अनुसार आप अपने जीवनसाथी के प्यार की गर्माहट महसूस कर सकते हैं। *0⃣5⃣ 🦁सिंह- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे ॐ* आज अपना ‘सेंस ऑफ़ ह्यूमर’ दुरुस्त रखें और पलटकर तल्ख़ जवाब देने से बचें। ऐसा करने पर आप आसानी से दूसरों की कड़ी टिप्पणियों से निजात पा लेंगे। गर्ग वाणी के अनुसार ख़र्चों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी आपके मन की शांति को भंग करेगी। *0⃣6⃣ 👸कन्या- ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो ॐ* आज आपको दूसरों की ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। गर्ग वाणी के अनुसार हालाँकि बच्चों को ज़्यादा छूट देना आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है। झूठ बोलने से बचें, क्योंकि यह आपके प्रेम-संबंध को बिगाड़ सकता है। *0⃣7⃣ ⚖तुला- रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते ॐ* आज शाम ढलते-ढलते कोई आकस्मिक रुमानी झुकाव आपके दिलोदिमाग़ पर छा सकता है। गर्गवाणी के अनुसार वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे। अपने प्रिय के साथ पर्याप्त समय बिताने की संभावना है। *0⃣8⃣ 🦂वृश्चिक- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू ॐ* आज धार्मिक भावनाओं के चलते आप किसी तीर्थस्थल की यात्रा करेंगे और किसी संत से कुछ दैवीय ज्ञान प्राप्त करेंगे। गर्ग वाणी के अनुसार दीर्घावधि मुनाफ़े के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। *0⃣9⃣ 🏹धनु- ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे ॐ* आज सड़क पार करते वक़्त सावधान रहें, ख़ास तौर पर लाल बत्ती पार करते समय। किसी और की लापरावाही का ख़ामियाज़ा आपको भुगताना पड़ सकता है। गर्ग वाणी के अनुसार ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। *1⃣0⃣ 🐏मकर- भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी ॐ* आज ख़ुद को रोज़ाना की अपेक्षा कम ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा काम के नीचे न दबाएँ, थोड़ा आराम करें और आज के कामों को कल तक के लिए टाल दें। गर्गवाणी के अनुसार आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। *1⃣1⃣ ⚱कुंभ- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा ॐ* आज यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। आप बिना किसी बात के अपने जीवनसाथी से झगड़ सकते हैं। गर्ग वाणी के अनुसार व्यक्ति पैसे के चक्कर में स्वास्थ्य गँवाता है, फिर स्वास्थ्य के लिए पैसा - स्वास्थ्य अमूल्य धरोहर है, इसलिए आलस्य त्यागकर अपनी शारीरिक सक्रियता को बढ़ाना फ़ायदेमंद रहेगा। *1⃣2⃣ 🐠मीन- दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची ॐ* आज का दिन किसी भी धार्मिक स्थल के लिए समर्पित करना अपनी मानसिक शांति बनाए रखने का सर्वश्रेष्ठ साधन हो सकता है। गर्ग वाणी के अनुसार दूसरों की आलोचना करने की आपकी आदत के कारण आपको भी आलोचना का शिकार होना पड़ सकता है। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *Price For Laxmi Shani Yantr* *For one Year @ Rs.51,000/-Fifty one thousand only* *For Three Years @ Rs. 1,00,000/- One Lac only* *For seven years @ Rs.2,00,000/- Two Lac Only* *For Full Life time @Rs.5,00,000/- Five Lac only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *🙏🏻🙏🏻🙏🏻ॐ नम: शिवाय🙏🏻🙏🏻🙏🏻* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *❌राहुकाल में सभी कार्य वर्जित हैं।❌* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* for 7 days Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 [email protected] Astro Sunil Garg (Nail & Teeth) 9911020152,9811332901, 9811332914,7982311549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *Janiye apne Business, Career, Marriage, Love aur Life se judi har samasya ka Samadhan.* *किसी भी प्रकार के तीसरे चरण के कैंसर का ईलाज खानपान के द्वारा 40 से 100% तक ठीक* *Any type of third stage cancer can cure by 40/100% only through diet.* *सिर्फ खानपान में परिवर्तन के द्वारा किडनी का इलाज 50 से 100 % आराम* *Damage kidney can cure to 50/100% through diet only* *खान पान के द्वारा बिना ऑपरेशन घुटनों का इलाज 60 से 100% आराम* *Knee cap replacement problem or joint pain can cure to 60-100% only through diet* जब आप यह खान-पान शुरु करोगे उसके 72 घण्टे के बाद से ही आपको आराम मिलने लगेगा। अन्य किसी भी समस्या हेतु संपर्क करे:- *Damage liver can cure to 40-80% through diet only* *Coma patients who are in for 10 days can cure within 2 hours only just through diet.* *Those who lost their memory due to accident it can also cure to 90% only through diet.* *In typhoid after my prescribed treatment, relief comes will be in 1 hour and person can easily take food* *Patients who are declare final for their end life of 3-4 days, they also will cure through diet within 2 hours to 1 week.* *Cancer, Kidney, Heart Problme , Joint Pain, Skin Desease Stomach Problme, Piles, Neurology* *In old age people feel weakness in walking, eating, doing activities. These all can be cured only through special diet. Blood level also cured only through special diet and make body healthy.* *In dengue after my prescribed treatment, relief comes will be in 10 minutes.* *In Dengue , Swine flue , Typhoid, and any other temperature after my prescribed treatment, relief comes will be in 10 minutes.* *In chickenguniya, after my prescribed treatment relief comes will be in 2 hours and person can able to walk and do movements.* *Health Checkup by Nails and Teeth and Treatment only by Diet:-* *( Specialist in Alternative Medicine )* *{Loose your extra weight only through diet in just 1-9 months completely.* *नियमित आहार को ही बनाऐ आर्युवेदिक आहार* *सिर्फ खान-पान के द्वारा बिना किसी दवाई के* *केंसर,डेंगू,चिकनगुनिया,*त्वचा रोग,मिर्गी,पेट से संबंधित रोग, ल्यूकोरिया, बवासीर,किडनी,जोडो के दर्द, गंठिया भाव (भादी) ( जॉइंट पैन ,कमर दर्द ,और फुल बदन दर्द की शिकायत (शरीर मे अकडन) ) , दमा (Asthma), *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *🙏🏻🙏🏻ॐ नम: शिवाय🙏🏻🙏🏻* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* 🌹 पितृ दोष के लक्षण 🌹* कृपया अपनॆ प्रियजनों के साथ जरूर शेअर करें, क्योंकी आपका एक शेअर किसी के जिवन मे खुशियाँ ला सकता है। पितृ दोष के लक्षण १ घर में पितृ दोष होगा तो घर के बच्चे की शिक्षा , दिमाग , बाल ,व्यवहार पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता । २ जिन जातकों को पितृ दोष होता है उनके लिए इस दिन का बहुत महत्व है , बहुत से कारण होते है की हमारे अपने पितरों से सम्बन्ध अच्छे नहीं हो पाते , कारण , आपके जीवन में रुकावटें , परेशानियाँ और क्या नहीं होता । इसीलिए इस दिन की गयी पूजा आपको लाभ पंहुचा सकती है । ३ पितृ दोष कही न कही अनेको दोषों को उत्पन्न करने वाला होता है जैसे की वंश न बढ़ने का दोष , असफलता मिलने का दोष , बाधा दोष और भी बहुत कुछ । तो इन दिनों में की गयी पूजा और तर्पण अगर विधि विधान और मन लगाकर किया जाए तो अच्छे फल देने वाली सिद्ध होती है । ४ बालो पर सबसे पहले प्रभाव पड़ता है , जैसे की , समय से पहले बालों का सफ़ेद हो जाना , सिर के बीच के हिस्से से बालों का कम होना , हर कार्य में नाकामी हाथ लगाना , घर में हमेशा कलह रहना ,बीमारी घर के सदस्यों को चाहे छोटी हो या बड़ी घेरे रखती है , यह सब लक्षण पितृ दोष घर में है इसको बताते है । और अगर घर में पितृ दोष है तो किसी भी सदस्य को सफलता आसानी से हाथ नहीं लगती । ५ पितृ दोष कुंडली में है अगर , तो कुंडली के अच्छे गृह उतना अच्छा फल जितना उन्हें देना चाहिए । ६ घर के सभी लोग आपस में झगड़ते है , घर के बच्चों के विवाह देरी से होते है , और काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है विवाह करने में , घर में धन ना के बराबर रुकेगा अगर पितृ दोष हावी है तो ,बीमारी या फिर क़र्ज़ देने में धन चला जायेगा जुडा हुआ धन , पुरानी चीजे ठीक कराने में धन निकल जायेगा पर रकेगा नहीं । ७ परिवार की मान और प्रतिष्ठा में गिरावट आती है , पितृ दोष के कारण घर में पेड़-पौधे या फिर जानवर नहीं पनप पाते । घर में शाम आते आते अजीब सा सूनापन हो जायेगा जैसे की उदासी भरा माहौल, घर का कोई हिसा बनते बनते रह जायेगा या फिर बने हुए हिस्से में टूट-फुट होगी , उस हिस्से में दरारे आ जाती है । ८ घर का मुखिया बीमार रहता है , रसोई घर के अस - पास वाली दीवारों में दरार आ जाते है । जिस घर में पितृ दोष हावी होता है उस घर से कभी भी मेहमान संतुष्ट होकर नहीं जायेंगे चाहे आप कुछ भी क्यूँ न कर ले या फिर कितनी ही खातिरदारी कर ले , मेहमान हमेशा नुक्स निकाल कर रख देंगे यानी की मोटे तौर पर आपकी इज्ज़त नहीं करेंगे । ९ घर में चीजे और साधन होते हुए भी घर के लोग खुश नहीं रहते । जब पैसे की जरुरत पड़ती है तो पैसा मिल नहीं पाता । ऐसे घर के बच्चों को उनकी नौकरी या फिर कारोबार में स्थायित्व लम्बे समय बाद ही हो पाता है , बच्चा तेज़ होते हुए भी कुछ जल्दी से हासिल नहीं कर पायेगा ऐसी परिस्थितियाँ हो जायेंगी । १० जिस घर में पितृ दोष होता है उस घर में भाई-बहन में मन-मुटाव रहता ही रहता है , कभी कभी तो परिस्थितियाँ ऐसी हो जाती है की कोई एक दूसरे की शकल तक देखना पसंद नहीं करता । पति-पानी में बिना बात के झगडा होना भी ऐसे घर में स्वाभाविक है जिस घर में पितृ दोष हो । ११ ऐसे घर के लोग जब एक दूसरे के साथ रहेंगे तो हमेशा कलेश करके रखेंगे परन्तु जैसे ही एक दुसरे से दूर जायेंगे तो प्रेम से बात करेंगे । १२ घर में स्त्रियों के साथ दुराचार करना , उन्हें नीचा दिखाना , उनका सम्मान न करने से शुक्र गृह बहुत बुरा फल देता है जिसका असर आने वाली चार पीड़ियों तक रहता है । तो शुक्र गृह भी पित्र दोष लगाता है कुंडली में । १३ जिस घर में जानवरों के साथ बुरा सुलूक किया जाता है उस घर में पितृ दोष आना स्वाभाविक है । और जो जानवरों के साथ बुरा सुलूक करते है वह ही नहीं अपितु उनका पूरा परिवार और उनकी संतान पर पितृ दोष के बुरे प्रभाव के हिस्सेदार जाने-अनजाने में बन जाते है । १४ जिस घर में विनम्र रहने वाले व्यक्ति का अपमान होता है वह घर पितृ दोष से पीड़ित होगा , साथ में जो लोग कमजोर व्यक्ति का अपमान करेंगे वह भी पितृ दोष से प्रभावित होंगे । १५ जमीन हथियाने से , हत्या करने से पित्र दोष लगेगा । १६ जो लोग समाज-विरॊधि काम काम करेंगे उनका बृहस्पति खराब होकर उनकी कई पीड़ियों तक पितृ दोष देता रहता है । १७ बुजुर्गों का अपमान जहा हुआ वह समझिये पितृ दोष आया ही आया । १८ सीड़ियों के निचे रसोई या फिर सामान इक्कठा करने का स्टोर बनाने से पितृ दोष लगता है । १९ मित्र या प्रेमी को दोख देने से पितृ दोष लगता है , शेर-मुखी घर में रहने वाले लोगो को पितृ दोष के दुष्प्रभाव झेलने पड़ते है । {शेर-मुखी ऐसा घर होता है जो शुरू शुरू में चौड़ा होता है परन्तु जैसे जैसे आप घर के अंदर जाते जायेंगे वह पतला होता चला जाता है } @@@@@@@@@@@@@@ पितृ दोष निवारण के कुछ विशेष एवं शिघ्र लाभकारी उपाय Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे 1) शीघ्र फलदायी एवं साधक की सात्विक मनोकामनाएं पूर्ण करने में सहायक. 2) विपत्ति नाश, शत्रुनाश, वाक्-शक्ति तथा मोक्ष की प्राप्ति के लिए. 3) पासक को भक्ति और मुक्ति दोनों प्रदान करने वाली. 4) विपत्ति नाश, रोग निवारण, युद्ध जय आदि के लिए. 5) दैवी प्रकोप की शांति, धन-धान्य के लिए. 6) काल सर्प दोष, पितृ दोष, निवारण, वास्तु दोष निवारण के लिए आसान उपाय. 7) जो व्यक्ति विद्या साधना को पूर्णता के साथ संपन्न कर लेता है। वह निश्चय ही जीवन में ऊंचा उठता है परंतु ध्यान रहे विधिवत् उपासना के लिए गुरु दीक्षा नितांत आवश्यक है। Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901, 7982311549, 9811332914 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Sunil Kumar Garg* +91-9911020152. / 9811332901 *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 ――――――――――――――――――――――― एक ताबीज़ आपकी किस्मत पलट सकता है! *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* 🐍 कालसर्प दोष 🐍 कुंडली में कालसर्पदोष और इसके निदान के सरल उपायअक्सर व्यक्ति कालसर्प दोष का नाम सुनते ही घबरा जाता है। कुंडली में कालसर्प दोष का पाया जाना कोई बहुत बड़ी घटना नहीं मानी जाती है। देखा जाता है कि 70 प्रतिशत लोगों की कुंडली में यह दोष होता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जी की कुंडली में भी यह दोष थाऔर तो और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की कुंडली भी कालसर्प दोष से प्रभावित थी लेकिन फिर भी दोनों व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में नाम और मान-सम्मान प्राप्त करने में सफल रहे।कालसर्प दोष कुंडली में खराब जरूर माना जाता है किन्तु विधिवत तरह से यदि इसका उपाय किया जाए तो यही कालसर्प दोष सिद्ध योग भी बन सकता है। आइये तो जानते हैं कि क्या होता है यह कालसर्प दोष और किस प्रकार से यह व्यक्ति को प्रभावित करता है- जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतू ग्रहों के बीच अन्य सभी ग्रह आ जाते हैं तो कालसर्प दोष का निर्माण होता है। क्योकि कुंडली के एक घर में राहु और दूसरे घर में केतु के बैठे होने से अन्य सभी ग्रहों से आरहे फल रूक जाते हैं। इनदोनों ग्रहों के बीच में सभी ग्रह फँस जाते हैं और यह जातक के लिए एक समस्या बन जाती है। इस दोष के कारण फिर काम में बाधा, नौकरी में रूकावट, शादी में देरी और धन संबंधित परेशानियाँ, उत्पन्न होने लगती हैं। कालसर्प दोष के प्रकारप्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में 12 प्रकार के कालसर्प योगों का वर्णन किया गया है- 1-अनन्त 2-कुलिक 3-वासुकि 4-शंखपाल 5-पद्म 6-महापद्म 7-तक्षक 8-कर्कोटिक 9-शंखचूड़ 10-घातक 11- विषाक्तर 12-शेषनाग। अनंत कालसर्प योगअगर राहु लग्न में बैठाहै और केतु सप्तम में औरबाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तो कुंडली में अनंत कालसर्प दोष का निर्माण हो जाता है। अनंत कालसर्प योग के कारण जातक को जीवन भर मानसिक शांति नहीं मिलती। इस प्रकार के जातक का वैवाहिक जीवन भी परेशानियों से भरा रहता है।कुलिक कालसर्प योगअगर राहु कुंडली के दुसरे घर में, केतु अष्ठम में विराजमान है और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में है तबकुलिक कालसर्प योग का निर्माण होता है। इस योग के कारण व्यक्ति के जीवन में धन और स्वास्थ्य संबंधित परेशानियाँ उत्पन्न होती रहती हैं।वासुकि कालसर्प योगजन्मकुंडली के तीसरे भाव में राहु और नवम भावमें केतु विराजमान हो तथा बाकि ग्रह बीच में तो वासुकि कालसर्प योग का निर्माण होता है। इस प्रकार की कुंडली में बल और पराक्रम को लेकर समस्या उत्पन्न होती हैं।शंखपाल कालसर्प योगअगर राहु चौथे घर में और केतु दसवें घर में होसाथ ही साथ बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो शंखपाल कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे व्यक्ति के पास प्रॉपर्टी, धन और मान-सम्मान संबंधित परेशानियाँ बनी रहती हैं।पद्म कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के पांचवें भाव में राहु, ग्याहरहवें भाव में केतु और बीच में अन्य ग्रह हों तो पद्म कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे इंसान को शादी और धन संबंधित दिक्कतें परेशान करती हैं।महा पद्म कालसर्प योगअगर राहु किसी के छठे घरमें और केतु बारहवें घर में विराजमान हो तथा बाकी ग्रह मध्य में तो तब महा पद्म कालसर्प योग का जन्म होता है। इसप्रकार के जातक के पास विदेश यात्रा और धन संबंधित सुख नहीं प्राप्त हो पाता है। तक्षक कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के सातवें भाव में राहु और केतु लग्न में हो तो इनसे तक्षक कालसर्प योग बनता है। यह योग शादी में विलंब व वैवाहिक सुख में बाधा उत्पन्न करता है।कर्कोटक कालसर्प योगअगर राहु आठवें घर में और केतु दुसरे घर आ जाताहै और बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो कर्कोटक कालसर्प योग कुंडली में बन जाता है। ऐसी कुंडली वाले इंसान का धन स्थिर नहीं रहता है और गलत कार्यों में धन खर्च होता है।शंखनाद कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के नवम भाव में राहु और तीसरे भाव में केतु हो और सारेग्रह इनके मध्य हों तो इनसे बनने वाले योग को शंखनाद कालसर्प योग कहते है। यह दोष भाग्य में रूकावट, पराक्रम में रूकावट और बल को कम कर देता है।पातक कालसर्प योगइस स्थिति के लिए राहु दसंम में हो, केतु चौथे घर में और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तब पातक कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु काम में बाधा व सुख में भी कमी करने वाला बन जाता है।विषाक्तर कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के ग्याहरहवें भाव में राहु और पांचवें भाव में केतु हो और सारे ग्रह इनके मध्य मे अटके हों तो इनसे बनने वाले योग को विषाक्तर कालसर्प योग कहते है। इस प्रकार की कुंडली में शादी, विद्या और वैवाहिक जीवन में परेशानियां बन जाती हैं।शेषनाग कालसर्प योगअगर राहु बारहवें घर में, केतु छठे में और बाकी ग्रह इनके बीच में हो तो शेषनाग कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें, और कोर्ट कचहरी जैसी समस्याएं उत्पन्न करता है। Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करने और इस ताबीज की कीमत के बारे में अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर +91-9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* +91-9911020152. / 9811332901 9811332914, 7982411549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 - 👉🏿 अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिये वाट्सअप करे 9911020152 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 महामृतुंजय कवच -- भगवान शिव - मौत के भगवान ने आशीर्वाद दिया है। Mahamrityunjaya कवच यंत्री ताबीज़ रोगों, गंभीर खतरों, मृत्यु और बीमारी के डर से लोगों को इलाज में मदद करता है। महा मृत्यु्यजय ताबीज़ एक घातक स्थिति से सामान्य जीवन में एक व्यक्ति को वापस लाने के लिए एक शक्तिशाली कवच ​​है। यह व्यक्ति को घातक दुर्घटनाओं और बीमारियों से बचाता है यह मंगलिक दोष, काल सरप दोश और ग्रहों की खामियों के पापी प्रभाव से भी रक्षा करता है। कुरकुरा चार्ट में मंगल और शनि एक-दूसरे के सामने खड़े होने पर महा मृितुंज्या कवच मंत्र को गाया जाना चाहिए; जैसे कि ग्रहों के प्रभाव से एक आकस्मिक मृत्यु हो सकती है। इससे अपने पूजकों के तनाव, अहंकार, तनाव आदि घट जाती है महामृतुंजय ताबीज़ के लाभ: Mahamritunjay कवच भगवान शिव का निवास होने के लिए कहा जाता है और इसलिए एक व्यक्ति के तनाव, तनाव, परेशानी और जीवन की कई अन्य समस्याओं से मुक्त है। श्रीमान,श्रीमती, कुंज के कविच ताबीज़ के पहनने वाले को जल्दी मृत्यु नहीं मिलती। यह गुड लक, शैक्षणिक उत्कृष्टता लाता है और मन पर एक शांत प्रभाव होता है। यह बृहस्पति ग्रह के दोषपूर्ण प्रभाव को शांत करता है। महा मृत्युनंजय कवच ग्रह केतु और राहु के प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने में भी उपयोगी है। “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Sunil Kumar Garg* +91-9911020152. / 9811332901, 9811332914, 7982311549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 ――――――――――――――――――――――― एक ताबीज़ आपकी किस्मत पलट सकता है! *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* || Jai Mata Di || =============== सभी को किसी न किसी को वश में करना होता है। वाद-विवाद, मुकदमे, बहस, समूह वार्तालाप, आपसी बातचीत में सामने वाला वश में हो, कर्मचारी चाहता है कि उसका बॉस उसके वश में हो, और जब चाहें उसे छुट्टी मिल जाए….. पत्नी सोचती है पति वश में रहें, यही सोच पति की भी होती है….. कोई सोचता है/सोचती है कि मेरे सभी दोस्त मेरे वश में हो, और जो मैं बोलूं सभी वैसा ही करें…… लड़कों को लड़कियों को वश में करना होता है और लड़कियों को लड़के अपने वश में चाहिए….. व्यापारी चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक मेरे वश में हो, और उसके ग्राहक पड़ोसियों के पास न जाएं….. प्रेम विवाह करने वाले सोचते है कि उनके घर वाले उनके वश में हो, और उनकी शादी में कोई रुकावट न डाले….. माता-पिता सोचते हैं कि उनकी संतान उनके कहने से बाहर न हो, और उनके बताए गये अच्छे रास्तों को छोड़कर गलत रास्ते पर न जाएं। सामान्यतः ऐसीे ही सोच सभी की होती है। - वशीकरण क्या है…..? यही कि जो आप चाहें…..वह ही हो जाए। - वशीकरण का मतलब होता है किसी को अपने अनुकूल कर लेना। अगर प्रेमी या प्रेमिका मन बदल गया हो, या विवाह करने को राजी न हो रहे हो। या कोई अधिकारी आपके विरोध में कार्य कर रहा हो। या परिवार में कोई सदस्य गलत रास्ते पर जा रहा हो, तो “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। इस ताबीज़ को धारण करने से कोर्ट कचहरी, मुक़दमे, नौकरी, प्रेत बाधा, भूत बाधा, ऊपरी बाधा, रोग, शोक, बुरे स्वप्न, नजर दोष, गृह दोष, पितृ दोष, कालसर्प दोष, राहु दशा, शनि दशा, व्यापार, पढ़ाई में लाभ मिलता है। इस ताबीज़ को कोई भी धारण कर सकता है। इस ताबीज़ का निर्माण विशेष पूजा द्वारा किया जाता है। बाजार में इस समय जितने भी ताबीज़ है वो प्राण प्रतिष्ठित नहीं होते है और बिना प्राण प्रतिष्ठा के इनका कोई लाभ नहीं है। जब तक ताबीज़ धारण करने वाले के लिए विशेष पूजा ना की जाये तब तक धारण करने वाले को लाभ नहीं होता है। इस कवच के निर्माण एवं पूजा में मात्र 51000/= रूपये का खर्च आता है और केवल यही शुल्क आपसे लिया जायेगा। इस कवच को बनवाने के लिए हमे नीचे दी गई जानकारी उपलब्ध कराये ताकि आपके नाम से इस कवच को बनाया जा सके और प्राण प्रतिष्ठा की जा सके – आपका पूरा नाम आपके माता पिता का नाम आपका गोत्र आपका पता यह जानकारी आप हमे ईमेल कर सकते है अथवा हमें फ़ोन पर लिखवा सकते है। - सामन्यतः यह देखा जाता है कि पति पत्नी, सगे सम्बन्धियों, अभिन्न मित्रों में किसी न किसी बात पर मत्तभेद हो ही जाते हैं, सम्बन्धों के टूटने की नौब्बत भी आ जाती है, या बहुत ही गहरे सम्बन्ध टूट जाते है। या आप किसी पुरुष या स्त्री को प्रभावित करना चाहते हैं परन्तु वह आपकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता है/देती है। या आपका कोई काम किसी व्यक्ति/अधिकारी/ या विभाग में फंसा हो और उस काम के आपके पक्ष में न होने से आपको बहुत हानि हो सकती है, सायद आपको अपयश का सामना भी करना पड़ सकता है। या आप किसी को सच्चे दिल से चाहते हैं और उसके साथ विवाह करना चाहते हैं, यह आपके पूरे जीवन का पक्ष प्रश्न हैं, ऐसे कार्यों में “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से बडे़ आराम से तुरन्त सफलता हासिल की जा सकती है। या आपके द्वारा दिये गये पैसे किसी के पास फस चुके हैं और आप चाहते हैं कि बिना वाद विवाद किये आपका काम हो जाएं तो “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का प्रयोग आपके लिए 100% फायदेबन्द साबित होगा। - Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करने और इस ताबीज की कीमत के बारे में अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर +91-9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* +91-9911020152. / 9811332901 9811332914, 7982311549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 - आप सभी ओर से निराश हैं भाग्य साथ नहीं देता है, कामना पूर्ण होने में नहीं आती है। तो आप हमारे यहां से “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” घर बैठे मंगवा कर लाभ उठा सकते है। इस ताबीज को अपने पास में रखे या धारण करे, फायदा बराबर होगा। जैसे - जिसका नाम लेंगे चाहे, वह कितना/कितनी ही कठोर दिल क्यों न हो वह तड़फने लगेगा/लगेगी जब तक आप को प्राप्त न कर लेगा/लेगी तब तक आपका पीछा न छोडे़गा/छोडे़गी, कभी आपकी जुदाई पंसद न करेगा/करेगी। साथ ही इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” से और भी बहुत से फायदे होते है। जैसे - उच्च अधिकारियों को अपना बनाना, मनचाही शादी, मनचाहा प्यार, विवाह के लिए घर वालों को मनाना, मनचाही वस्तु प्राप्त करना, किसी के मन की बात जान लेना, परीक्षा में प्रथम श्रेणी की सफलता प्राप्त करना, व्यापार में उन्नति, मुकद्दमे में जीत, कुश्ती, लॉटरी, घोडे़ की दौड़ में सफलता, स्त्री पुरुष का वशीकरण, गर्लफ्रेन्ड बॉयफ्रेन्ड का वशीकरण, अपनी मनचाही मुराद की पूर्ति, बिछडे़ मित्रों से मुलाकात, उंची नौकरी, दिन-दूनी रात चौगुनी, स्वास्थ्य में सुधार, स्मरण शक्ति में वृद्धि, प्रेत-बाधा से छुटकारा, सौतन-दुश्मन से छुटकारा, तलाक रोकना, बॉस को वश में करना, किसी को दिया-फंसा हुआ पैसा वापिस पाना, लॉटरी के नम्बर सपने में देखना, खोया प्यार वापिस पाना इत्यादि हर प्रकार के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। - “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” सबसे शक्तिशाली वशीकरण माध्यमों में गिना जाता है। जातक के संपर्क में आने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों पर यह ताबीज़ सीधे असर डालता है। इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को धारण करने या अपने पास राखने वाले जातक के अन्दर एक चुम्बकीय शक्ति व्याप्त हो जाती है, जो भी व्यक्ति जातक के संपर्क में आता है वो उसी की हां में हां मिलाने लगता है। - “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” से आकर्षक बनाने की क्रिया, सरकारी कार्यों में विजय पाना, लड़ाई में शत्रुओं को निचा दिखाना, अपने इष्ट मित्र को दूर देश से बुलाना, किसी को वश में करना इत्यादि इस ताबीज से किया जा सकता है। - “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के और भी अनेक फायदे है जैसे - इसे पास में रखने से मनचाही स्त्री-पुरुष को वश में कर सकते हैं। जिसका भी नाम लेंगे, आपके कदमों में आ गिरेगा और आपकी इच्छानुसार कार्य करेगा। व्यापार में लाभ, मुकद्दमें जीत, संतान प्राप्ति, परीक्षा में सफलता, उंची नौकरी, दिन दुगनी रात चौगुनी उन्नति, मनचाही शादी होगी। गृह क्लेश, प्रेत-बाधा, रोग, कर्ज से छुटकारा मिलेगा। लॉटरी, जुए में जीत। दुष्ट ग्रह शान्त होंगे। सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। खुशियां आपके चारों ओर होगी। - Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* +91-9911020152. / 9811332901 9811332914, 7982311549 ――――――――――――――――――――――― - Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़― - ◆ क्या आप किसी से प्रेम करते हैं.? ◆ क्या आप डरते हैं अपने प्रेम का इज़हार करने से.? ◆ क्या आपका पति आपसे प्रेम नहीं करता.? ◆ क्या आपकी पत्नी आप पर शक करती है.? ◆ क्या आपके बॉस से नहीं बनती.? ◆ क्या आप बार बार अपने कार्यों में असफल हो रहे है.? - यदि आप अपने प्रेमी या प्रेमिका को पाना चाहते है तो हमारे यहां से अपने लिए “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” प्राप्त करके अपने पास रखें, आपका प्रेमी या प्रेमिका आपके पास भागा चला आएगा। ऐसा “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का प्रभाव है, यदि आपका प्रेमी या प्रेमिका अपने घर वालों से डरता है और डर की वजह से आपसे शादी नहीं करना चाहता/चाहती है तो इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को आपके या उनके पास रखने से उसके या आपके घर वाले शादी के लिए राजी हो जायेंगे। ――――――――――――――――――――――― - POWERFUL ALL IN ONE VASHIKARAN TABIZ - हमारे फेसबुक और वॉट्सएप से जुड़े सभी मित्र परिचित, भाई बंधू और समस्याग्रस्त बहनों के तरक्की और विभिन्न लाभ के लिए हमारे संस्थान द्वारा समस्याओं पर शोध करते हुए इस अद्भुत “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का निर्माण किया गया है। जिसको विधि पूर्वक धारण करते ही भिन्न-भिन्न लाभ मिलना आरम्भ हो जाता है। अतः यह शरीर को स्पर्श करते ही आपके अंदर की हिप्नोटिक ऊर्जा को चार्ज करने लगता है। फलस्वरूप इसका लाभ आपको सम्मोहन वशीकरण के साथ आपके बिजनेश-व्यवसाय पर भी लाभ मिलता है और सामाजिक, पारिवारिक, राजनैतिक विषयों में भी लाभ देता है, क्योंकि “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रितियों से निर्माण संभव हुआ है। फलस्वरूप इसके द्वारा किसी भी पुरुष स्त्री, बच्चा बुड्ढ़ा, खुद-ब-खुद आपसे आकर्षित-सम्मोहित होते रहते हैं। आप जिनके बारे में विचारते हैं उसकी तरफ से पहल होने की प्रगाढ़ सम्भावना बनने लगती है। आपकी तरफ उसका झुकाव बढ़ता ही जाता है। और वह आपसे चिपकते जाने में ही शान्ति महसूस करता है। “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को धारण किये हुए जब आप किसी से वार्ता करते हैं तो आप उस पर भारी पड़ने लग जाते है और मजबूरन उसे आपकी बात माननी ही पड़ती है। किसी भी दुश्मन विरोधी पर आपकी नजर पड़ते ही वह ठंडा पड़ जाता है और आपसे मित्रवत व्यवहार करने को विवस होता है। आप जिस कार्य क्षेत्र से जुड़े हैं, उसकी व्यर्थ बाधा, रुकावटें ख़त्म करके आपको सफलता का मार्ग दिखाता है, क्योंकि दुनियां में कुछ भी असंभव नहीं है। आपकी सोच में दम हो, इरादों में संकल्प हो और “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” आपके पास हो तो आपको सफल होने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। अतः आपकी स्थाई और गैर स्थाई समस्याओं को देखते हुए इस करामाती “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का निर्माण संभव हुआ है और इस आपके लिए सिद्ध कर आपके हित में इसे अद्भुत औजार बना दिया गया है। अतः प्राचीन ग्रन्थ शास्त्रों के अनुसार निर्मित इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को ऋषि मुनियों ने भी जीवन को सफल सुखी और कार्य सिद्धि के लिए उचित उपाय बताया है। इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के धारण करने से अंदर के विकार और नकारात्मक तत्त्व छिन्न-भिन्न हो जाते हैं और आप पॉजिटिव सोच के मालिक बन जाते है, इसी कारण आपके मुख मंडल पर कोई दिव्य आकर्षण खिल जाती है, और उसी आकर्षण में सम्मोहित होकर पुरुष या कोई भी स्त्री आपसे बातचीत करके अथवा आपके बारे में विचार करके प्रसन्न हो बैठते है, इसके धारण करने से दुष्ट आत्माएं और तंत्र-मन्त्र का भय या आकस्मिक दुर्घटनाओं की शंका भी ख़त्म हो जाती है। अतः इसे आजमाने के लिए नहीं, बल्कि इसका भरपूर लाभ प्राप्त करने का दृढ विचार करके अभी इसका ऑर्डर करें और घर बैठे प्राप्त करके आश्चर्यजनक लाभ प्राप्त करें। ――――――――――――――――――――――― Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़ का प्रभाव और उपयोग - 【1】 “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” धारण करने से वशीकरण की शक्ति बढती है। व्यक्तित्व का प्रभाव बढ़ता है। 【2】 अधिकारी वर्ग को अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण और उन्हें वशीभूत रखने में आसानी होती है। 【3】 कर्मचारी को अपने अधिकारियों को अनुकूल रखने में मदद मिलती है। 【4】 पति को पत्नी की और पत्नी को पति की अनुकूलता अपने आप प्राप्त होती है और धारण करने वाले का पति या पत्नी वशीभूत होता है। 【5】 सेल्स, मार्केटिंग, पब्लिक रिलेसन का कार्य करने वालों को लोगों का अपेक्षित सहयोग मिलता है। 【6】 व्यवसायी को ग्राहकों की अनुकूलता मिलती है और अपरोक्त उन्नति में सहायता मिलती है। 【7】 रुष्ट परिवार वालों को इससे अनुकूल करने में मदद मिलती है। 【8】 वाद-विवाद, मुकदमे, बहस, समूह वार्तालाप, आपसी बातचीत में सामने वाले की अनुकूलता प्राप्त होती है। 【9】 चूंकि यह वशीकरण का तांत्रिक ताबीज है और महाकाली की शक्ति से संयुक्त है अतः यह नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है। 【10】 किसी पर पहले से कोई वशीकरण की क्रिया है तो ताबीज को सुबह शाम कुछ दिन एक गिलास जल में डुबोकर वह जल व्यक्ति को पिलाने से वशीकरण का प्रभाव उतरता है। 【11】 किसी भी तरह के इंटरव्यू में परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव देता है। 【12】 व्यक्ति विशेष के लिए बनाया गया ताबीज धारण करने निश्चित रूप से सम्बंधित व्यक्ति को वशीभूत करता है। 【13】 दाम्पत्य कलह, पारिवारिक कलह, मनमुटाव, विरोध में लोगों को प्रभावित करता है और व्यक्ति के अनुकूल करता है। 【14】 सामाजिक संपर्क रखने वालों को लोगों की अनुकूलता प्राप्त होती है। 【15】 ज्ञान-विज्ञान-अन्वेषण-परीक्षा-प्रतियोगिता, प्रवचन, भाषण से समबन्धित लोगों को सफल होने में मदद करता है। - Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Sunil Kumar Garg* +91-9911020152. / 9811332901 *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 ――――――――――――――――――――――― एक ताबीज़ आपकी किस्मत पलट सकता है! - ताबीज़ आदि के निर्माण में एक वृहद् उर्जा विज्ञान काम करता है, जिसे प्रकृति का विज्ञान कहा जाता है। एक विशिष्ट प्रक्रिया, विशिष्ट पद्धति और विशिष्ट वस्तुओं के विशिष्ट संयोग से विशिष्ट व्यक्ति द्वारा निर्मित ताबीज़ में एक विशिष्ट शक्ति का समावेश हो जाता है, जो किसी भी सामान्य व्यक्ति को चमत्कारिक रूप से प्रभावित करती है जिससे उसके कर्म-स्वभाव-सोच-व्यवहार प्रारब्ध सब कुछ प्रभावित होने लगता है। ताबीज़ में प्राणी के शरीर और प्रकृति की उर्जा संरचना ही कार्य करती है, इनका मुख्य आधार मानसिक शक्ति का केंद्रीकरण और भावना के साथ विशिष्ट वस्तुओं-पदार्थों-समय का तालमेल होता है। प्रकृति में उपस्थित वनस्पतियों और जंतुओं में एक उर्जा परिपथ कार्य करता है, मृत्यु के बाद भी इनमें तरंगे कार्य करती है और निकलती रहती हैं, इनमें विभिन्न तरंगे स्वीकार की जाती है और निष्कासित की जाती है। जब किसी वस्तु या पदार्थ पर मानसिक शक्ति और भावना को केंद्रीकृत करके विशिष्ट क्रिया की जाती है तो उस पदार्थ से तरंगों का उत्सर्जन होने लगता है, जिस भावना से उनका प्रयोग जिसके लिए किया जाता है, वह इच्छित स्थान पर वैसा कार्य करने लगता है। उदहारण के लिए - किसी व्यक्ति को व्यापार वृद्धि के लिए कुछ बनाना है, तो इसके लिए इसमे सम्बंधित वस्तुएं अथवा ताबीज़ विशिष्ट समय में विशिष्ट तरीके से निकालकार अथवा निर्मित करके जब कोई उच्च स्तर का साधक अपने मानसिक शक्ति के द्वारा उच्च शक्तियों के आह्वान के साथ जब प्राण प्रतिष्ठा और अभिमन्त्रण करता है तो वस्तुगत उर्जा - यंत्रागत उर्जा के साथ साधक की मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा अद्भुत संयोग बनता है की निर्मित ताबीज़ से तीव्र तरंगे निकालने लगती हैं, इन्हें जब सम्बंधित धारक को धारण कराया जाता है तो यह ताबीज़ उसके व्यापारिक चक्र (लक्ष्मी या समृद्धि के लिए उत्तरदाई) को स्पंदित करने लगता है, दैवीय प्रकृति की शक्ति आकर्षित हो धारक से जुड़ने लगती है और उसकी सहायता करने लगती है, अनावश्यक विघ्न बाधाएं हटने लगती है, साथ ही मन और मष्तिष्क भी प्रभावित होने लगता है, जिससे उसके निर्णय लेने की क्षमता, शारीरिक कार्यप्रणाली, दैनिक क्रिया कलाप बदल जाते है, उसके प्रभा मंडल पर एक विशेष प्रभाव पड़ता है, जिससे उसकी आकर्षण शक्ति बढ़ जाती है, बात-चीत का ढंग बदल जाता है, सोचने की दिशा परिवर्तित हो जाती है, कर्म बदलते हैं, प्रकृति और वातावरण में एक सकारात्मक बदलाव आता है और उस व्यक्ति को लाभ होने लगता है। यह एक उदाहरण है, ऐसा ही हर प्रकार के व्यक्ति के लिए हो सकता है उसकी जरुरत और कार्य के अनुसार। यहां यह अवश्य ध्यान देने योग्य होता है की यह सब तभी संभव होता है जब वास्तव में साधक उच्च स्तर का हो, उसके द्वारा निर्मित ताबीज़ खुद उसके हाथ द्वारा निर्मित हो, सही समय और सही वस्तुओं से समस्त निर्माण हो, ऐसा न होने पर अपेक्षित लाभ नहीं हो पाता। ताबीज़ तो बाजार में भी मिलते है और आजकल तो इनकी फैक्टरियां सी लगी हैं, जो प्रचार के बल पर बेची जा रही हैं, कितना लाभ किसको होता है यह तो धारक ही जानता है। ताबीज़ बनाने वाले साधक की शक्ति बहुत मायने इसलिए रखती है की जब वह अपने ईष्ट में सचमुच डूबता है तो वह अपने ईष्ट के अनुसार भाव को प्राप्त होता है, भाव गहन है तो मानसिक शक्ति एकाग्र होती है, जिससे वह शक्तिशाली होती है, यह शक्तिशाली हुई तो उसके उर्जा परिपथ का आंतरिक तंत्र शक्तिशाली होता है और शक्तिशाली तरंगे उत्सर्जित करता है। ऐसा व्यक्ति यदि किसी विशेष तरीके से, विशेष पदार्थों को लेकर अपनी मानसिक शक्ति और मन्त्र से उसे सिद्ध करता है तो वह ताबीज़ धारक व्यक्ति को अच्छे-बुरे भाव की तरंगो से लिप्त कर देता है। यह समस्त क्रिया शरीर के उर्जा चक्र को प्रभावित करती है और तदनुसार उस व्यक्ति को उनका प्रभाव दिखाई देता है। यह ताबीज़ इतने शक्तिशाली होते हैं की व्यक्ति का प्रारब्ध तक प्रभावित होने लगता है। अचानक आश्चर्यजनक परिवर्तन होने लगते हैं। आपने अनेक कहानियां सुनी होगी की अमुक चीज अमुक साधू ने दिया और ऐसा हो गया। अथवा यह सुना होगा की अमुक तांत्रिक ने अमुक चीजें कुछ बुदबुदाकर फेंकी व्यक्ति को लाभ हो गया। यह बहुत छोटे उदाहरण हैं। जिस तरह साधना से ईश्वरीय ऊर्जा आती है उसी तरह यह मानसिक एकाग्रता से वस्तु और यन्त्र में स्थापित भी होती है, तभी तो मूर्तियां और यन्त्र प्रभावी होते हैं, यही यन्त्र ताबीजों में भरे जाते हैं और फिर ये ताबीज़ अपना प्रभाव देते हैं। यह वैज्ञानिक विश्लेष्ण का प्रयास है और हमने इसे बहुत सत्य पाया है। यही कारण है की हम अपने सभी अनुष्ठानों में भोजपत्र पर यंत्र और ताबीज़ अवश्य बनाते हैं और साधना समाप्ति पर उन्हें धारण करते भी हैं और कराते भी हैं। यह धारण मात्र से साधना जैसा प्रभाव देते हैं। - *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* 🌞 ~*शुभ पंचांग* ~ 🌞 *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* New Kaushal Furniture House *Godrej Home Safe* *Kurl on Mattress* Astro Sunil Garg (Nail & Teeth) *बुधवार_22_मई_2019* सूर्योदय: ०५:२७ सूर्यास्त: १९:०९ हिन्दु सूर्योदय: ०५:३१ हिन्दु सूर्यास्त: १९:०५ चन्द्रोदय: २२:२८ चन्द्रास्त: ०८:१५ *सूर्य राशि: वृषभ* *चन्द्र राशि: धनु* *सूर्य नक्षत्र: कृत्तिका* द्रिक अयन: उत्तरायण द्रिक ऋतु: ग्रीष्म वैदिक अयन: उत्तरायण वैदिक ऋतु: वसन्त *शक सम्वत: १९४१ विकारी* *चन्द्रमास: वैशाख - अमांत* *विक्रम सम्वत: २०७६ परिधावी* *ज्येष्ठ - पूर्णिमांत* *गुजराती सम्वत: २०७५* *पक्ष: कृष्ण पक्ष* *तिथि: चतुर्थी - २६:४१ तक* *नक्षत्र, योग तथा करण* *नक्षत्र: पूर्वाषाढा - २९:१४ तक* योग: साध्य - ०९:५२ तक प्रथम करण: बव - १४:०५ तक द्वितीय करण: बालव - २६:४१ तक *अशुभ समय * दुर्मुहूर्त: ११:५१ - १२:४५ वर्ज्य: १३:४९ - १५:३२ *राहुकाल: १२:१८ - १४:००* गुलिक काल: १०:३६ - १२:१८ यमगण्ड: ०७:१३ - ०८:५५ *शुभ समय* *अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं* अमृत काल: २४:०५ - २५:४८ *दैनिक उपवास और त्यौहार* *संकष्टी चतुर्थी* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *❌राहुकाल में सभी कार्य वर्जित हैं।❌* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* मई 2019 18 शनिवार वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयन्ती, बुद्ध पूर्णिमा, पूर्णिमा उपवास 19 रविवार ज्येष्ठ प्रारम्भ, नारद जयन्ती 22 बुधवार संकष्टी चतुर्थी 26 रविवार भानु सप्तमी, कालाष्टमी 29 बुधवार हनुमान जयन्ती *तेलुगू, अग्नि नक्षत्रम् समाप्त 30 बृहस्पतिवार अपरा एकादशी 31 शुक्रवार प्रदोष व्रत *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *🙏🏻🙏🏻🙏🏻ॐ नम: शिवाय🙏🏻🙏🏻🙏🏻* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *श्री हरी आपका दिन मंगलमय् करें - 🌅*

+28 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 8 शेयर

*ऊँ🙏 शुभ पंचांग🌹शुभ राशिफल 🙏ऊँ* *बुधवार_22_मई_2019* *तिथि: चतुर्थी - २६:४१ तक* https://www.facebook.com/709051849224743/posts/1580672185396034/ *Kundli Reading Fees Rs. 5100/- Only* *Fifty one Hundred only* *कुंडली देखने की फीस 5100/- रूपये* *इक्यावन सौ रुपये* *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* *Health Checkup by Nails and Teeth and Treatment only by Diet:-* *( Specialist in Alternative Medicine )* *कॉलिंग नंबर :- 9811332914 / 9911020152* *9811332901,7982311549,* *“Powerful आल-इन-वन लक्ष्मी शनि यन्त्र ताबीज़”* *यह लक्ष्मी शनि यन्त्र है। यह यन्त्र पूरी उम्र काम करता है। घर में सुख सम्पत्ति के लिए अच्छा रहता है।* *Powerful All-in-One Laxmi Shani Yantr Tabiz* *This is Laxmi Shani Yantr & work for Good Health & Wealth full Life.* इस लक्ष्मी शनि यन्त्र को बनाने में दस दिन का समय लगता है इस एक ही यन्त्र में दस यन्त्रो का मिश्रण है यह पूर्णत: धार्मिक कवच है किसी तान्त्रिक विद्या द्वारा नहीं बनाया जाता है और इसमें सभी धर्मो का समावेश है किसी विशेष जाति या धर्म को लेकर नहीं बनाया जाता है इसलिए इसे कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है। यह हर क्षेत्र में व्यक्ति को फायदा देता है। यदि किसी की कुंडली में मंगल दोष, कालसर्प दोष, गंडमूल दोष, अंगारक दोष, पितृदोष, सर्पदोष, ग्रहणदोष, या फिर विष योग, गुरु चाण्डाल योग है तो इसे धारण करने से उसका भी निवारण हो जाता है। यह आपके नाम और उम्र के हिसाब से बनाया जाता है। इसे धारण करने पर किसी विशेष नियम या परहेज का पालन नही करना होता है। यह बच्चों की पढ़ाई में व्यापार नौकरी में, कोई गृह क्लेश हो, कोई समस्या हो सभी में फायदा करता है। वाद-विवाद, मुकदमे, बहस, समूह वार्तालाप, आपसी बातचीत में सामने वाला वश में हो, कर्मचारी चाहता है कि उसका बॉस उसके वश में हो, और जब चाहें उसे छुट्टी मिल जाए….. पत्नी सोचती है पति वश में रहें, यही सोच पति की भी होती है….. कोई सोचता है/सोचती है कि मेवैसा ही करें…… लड़कों को लड़कियों को वश में करे सभी दोस्त मेरे वश में हो, और जो मैं बोलूं सभी रना होता है और लड़कियों को लड़के अपने वश में चाहिए….. व्यापारी चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक मेरे वश में हो, और उसके ग्राहक पड़ोसियों के पास न जाएं….. प्रेम विवाह करने वाले सोचते है कि उनके घर वाले उनके वश में हो, और उनकी शादी में कोई रुकावट न डाले….. माता-पिता सोचते हैं कि उनकी संतान उनके कहने से बाहर न हो, और उनके बताए गये अच्छे रास्तों को छोड़कर गलत रास्ते पर न जाएं। सामान्यतः ऐसीे ही सोच सभी की होती है। लक्ष्मी शनि यन्त्र का मतलब होता है किसी को अपने अनुकूल कर लेना। अगर प्रेमी या प्रेमिका मन बदल गया हो, या विवाह करने को राजी न हो रहे हो। या कोई अधिकारी आपके विरोध में कार्य कर रहा हो। या परिवार में कोई सदस्य गलत रास्ते पर जा रहा हो, तो “Powerful आल-इन-वन लक्ष्मी शनि यन्त्र ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। वशीकरण का मतलब होता है किसी को अपने अनुकूल कर लेना। अगर प्रेमी या प्रेमिका मन बदल गया हो, या विवाह करने को राजी न हो रहे हो। या कोई अधिकारी आपके विरोध में कार्य कर रहा हो। या परिवार में कोई सदस्य गलत रास्ते पर जा रहा हो, तो “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। *लक्षमी शनि यन्त्र का मूल्य* *एक वर्ष के लिए 51,000/-₹ इक्यावन हजार* *तीन वर्ष के लिए 1,00,000/-₹ एक लाख* *सात वर्ष के लिए 2,00,000/-₹ दो लाख* *लाइफ टाइम के लिए 5,00,000/-₹ पॉच लाख* *ऊँऊँऊँऊँ🙏 शुभ गर्ग राशिफल 🙏ऊँऊँऊँऊँ* 🌹 *बारह राशियों का राशि फल*🌹 *सूचना* आगे की राशियां पड़ने के लिये *(Read more )* पर अपनी उँगली का स्पर्श करें ! *0⃣1⃣ 🐑मेष- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ ॐ* आज जीवनसाथी की वजह से आपको अनमने ढंग से बाहर जाना पड़ सकता है, जो बाद में आपकी झल्लाहट की वजह बनेगा। गर्ग वाणी के अनुसार ज़रूरत से ज़्यादा सोना आपकी ऊर्जा को ख़त्म कर सकता है। इसलिए पूरे दिन ख़ुद को सक्रिय रखें। *0⃣2⃣ 🐂वृष- ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो ॐ* आज आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। भरपूर रचनात्मकता और उत्साह आपको एक और फ़ायदेमंद दिन की ओर ले जाएंगे। गर्ग वाणी के अनुसार शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह थोड़ा मुश्किल वक़्त है। *0⃣3⃣ 💑मिथुन- का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह ॐ* आज एक बेहतरीन शाम के लिए रिश्तेदार/दोस्त घर आ सकते हैं। अपने प्रिय के साथ आज अच्छी तरह बर्ताव करें। आज आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे। गर्ग वाणी के अनुसार आप जिन कामों को करने के लिए चुनेंगे, वे आपको उम्मीद से ज़्यादा फ़ायदा देंगे। *0⃣4⃣ 🦀कर्क- ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो ॐ* आज ख़ुशी के लिए नए संबंध की प्रतीक्षा करें। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है - जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा - लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। गर्ग वाणी के अनुसार आप अपने जीवनसाथी के प्यार की गर्माहट महसूस कर सकते हैं। *0⃣5⃣ 🦁सिंह- मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे ॐ* आज अपना ‘सेंस ऑफ़ ह्यूमर’ दुरुस्त रखें और पलटकर तल्ख़ जवाब देने से बचें। ऐसा करने पर आप आसानी से दूसरों की कड़ी टिप्पणियों से निजात पा लेंगे। गर्ग वाणी के अनुसार ख़र्चों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी आपके मन की शांति को भंग करेगी। *0⃣6⃣ 👸कन्या- ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो ॐ* आज आपको दूसरों की ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। गर्ग वाणी के अनुसार हालाँकि बच्चों को ज़्यादा छूट देना आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है। झूठ बोलने से बचें, क्योंकि यह आपके प्रेम-संबंध को बिगाड़ सकता है। *0⃣7⃣ ⚖तुला- रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते ॐ* आज शाम ढलते-ढलते कोई आकस्मिक रुमानी झुकाव आपके दिलोदिमाग़ पर छा सकता है। गर्गवाणी के अनुसार वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे। अपने प्रिय के साथ पर्याप्त समय बिताने की संभावना है। *0⃣8⃣ 🦂वृश्चिक- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू ॐ* आज धार्मिक भावनाओं के चलते आप किसी तीर्थस्थल की यात्रा करेंगे और किसी संत से कुछ दैवीय ज्ञान प्राप्त करेंगे। गर्ग वाणी के अनुसार दीर्घावधि मुनाफ़े के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। *0⃣9⃣ 🏹धनु- ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे ॐ* आज सड़क पार करते वक़्त सावधान रहें, ख़ास तौर पर लाल बत्ती पार करते समय। किसी और की लापरावाही का ख़ामियाज़ा आपको भुगताना पड़ सकता है। गर्ग वाणी के अनुसार ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। *1⃣0⃣ 🐏मकर- भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी ॐ* आज ख़ुद को रोज़ाना की अपेक्षा कम ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा काम के नीचे न दबाएँ, थोड़ा आराम करें और आज के कामों को कल तक के लिए टाल दें। गर्गवाणी के अनुसार आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। *1⃣1⃣ ⚱कुंभ- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा ॐ* आज यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। आप बिना किसी बात के अपने जीवनसाथी से झगड़ सकते हैं। गर्ग वाणी के अनुसार व्यक्ति पैसे के चक्कर में स्वास्थ्य गँवाता है, फिर स्वास्थ्य के लिए पैसा - स्वास्थ्य अमूल्य धरोहर है, इसलिए आलस्य त्यागकर अपनी शारीरिक सक्रियता को बढ़ाना फ़ायदेमंद रहेगा। *1⃣2⃣ 🐠मीन- दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची ॐ* आज का दिन किसी भी धार्मिक स्थल के लिए समर्पित करना अपनी मानसिक शांति बनाए रखने का सर्वश्रेष्ठ साधन हो सकता है। गर्ग वाणी के अनुसार दूसरों की आलोचना करने की आपकी आदत के कारण आपको भी आलोचना का शिकार होना पड़ सकता है। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *Price For Laxmi Shani Yantr* *For one Year @ Rs.51,000/-Fifty one thousand only* *For Three Years @ Rs. 1,00,000/- One Lac only* *For seven years @ Rs.2,00,000/- Two Lac Only* *For Full Life time @Rs.5,00,000/- Five Lac only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *🙏🏻🙏🏻🙏🏻ॐ नम: शिवाय🙏🏻🙏🏻🙏🏻* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *❌राहुकाल में सभी कार्य वर्जित हैं।❌* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* for 7 days Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 [email protected] Astro Sunil Garg (Nail & Teeth) 9911020152,9811332901, 9811332914,7982311549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *Janiye apne Business, Career, Marriage, Love aur Life se judi har samasya ka Samadhan.* *किसी भी प्रकार के तीसरे चरण के कैंसर का ईलाज खानपान के द्वारा 40 से 100% तक ठीक* *Any type of third stage cancer can cure by 40/100% only through diet.* *सिर्फ खानपान में परिवर्तन के द्वारा किडनी का इलाज 50 से 100 % आराम* *Damage kidney can cure to 50/100% through diet only* *खान पान के द्वारा बिना ऑपरेशन घुटनों का इलाज 60 से 100% आराम* *Knee cap replacement problem or joint pain can cure to 60-100% only through diet* जब आप यह खान-पान शुरु करोगे उसके 72 घण्टे के बाद से ही आपको आराम मिलने लगेगा। अन्य किसी भी समस्या हेतु संपर्क करे:- *Damage liver can cure to 40-80% through diet only* *Coma patients who are in for 10 days can cure within 2 hours only just through diet.* *Those who lost their memory due to accident it can also cure to 90% only through diet.* *In typhoid after my prescribed treatment, relief comes will be in 1 hour and person can easily take food* *Patients who are declare final for their end life of 3-4 days, they also will cure through diet within 2 hours to 1 week.* *Cancer, Kidney, Heart Problme , Joint Pain, Skin Desease Stomach Problme, Piles, Neurology* *In old age people feel weakness in walking, eating, doing activities. These all can be cured only through special diet. Blood level also cured only through special diet and make body healthy.* *In dengue after my prescribed treatment, relief comes will be in 10 minutes.* *In Dengue , Swine flue , Typhoid, and any other temperature after my prescribed treatment, relief comes will be in 10 minutes.* *In chickenguniya, after my prescribed treatment relief comes will be in 2 hours and person can able to walk and do movements.* *Health Checkup by Nails and Teeth and Treatment only by Diet:-* *( Specialist in Alternative Medicine )* *{Loose your extra weight only through diet in just 1-9 months completely.* *नियमित आहार को ही बनाऐ आर्युवेदिक आहार* *सिर्फ खान-पान के द्वारा बिना किसी दवाई के* *केंसर,डेंगू,चिकनगुनिया,*त्वचा रोग,मिर्गी,पेट से संबंधित रोग, ल्यूकोरिया, बवासीर,किडनी,जोडो के दर्द, गंठिया भाव (भादी) ( जॉइंट पैन ,कमर दर्द ,और फुल बदन दर्द की शिकायत (शरीर मे अकडन) ) , दमा (Asthma), *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *🙏🏻🙏🏻ॐ नम: शिवाय🙏🏻🙏🏻* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* 🌹 पितृ दोष के लक्षण 🌹* कृपया अपनॆ प्रियजनों के साथ जरूर शेअर करें, क्योंकी आपका एक शेअर किसी के जिवन मे खुशियाँ ला सकता है। पितृ दोष के लक्षण १ घर में पितृ दोष होगा तो घर के बच्चे की शिक्षा , दिमाग , बाल ,व्यवहार पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता । २ जिन जातकों को पितृ दोष होता है उनके लिए इस दिन का बहुत महत्व है , बहुत से कारण होते है की हमारे अपने पितरों से सम्बन्ध अच्छे नहीं हो पाते , कारण , आपके जीवन में रुकावटें , परेशानियाँ और क्या नहीं होता । इसीलिए इस दिन की गयी पूजा आपको लाभ पंहुचा सकती है । ३ पितृ दोष कही न कही अनेको दोषों को उत्पन्न करने वाला होता है जैसे की वंश न बढ़ने का दोष , असफलता मिलने का दोष , बाधा दोष और भी बहुत कुछ । तो इन दिनों में की गयी पूजा और तर्पण अगर विधि विधान और मन लगाकर किया जाए तो अच्छे फल देने वाली सिद्ध होती है । ४ बालो पर सबसे पहले प्रभाव पड़ता है , जैसे की , समय से पहले बालों का सफ़ेद हो जाना , सिर के बीच के हिस्से से बालों का कम होना , हर कार्य में नाकामी हाथ लगाना , घर में हमेशा कलह रहना ,बीमारी घर के सदस्यों को चाहे छोटी हो या बड़ी घेरे रखती है , यह सब लक्षण पितृ दोष घर में है इसको बताते है । और अगर घर में पितृ दोष है तो किसी भी सदस्य को सफलता आसानी से हाथ नहीं लगती । ५ पितृ दोष कुंडली में है अगर , तो कुंडली के अच्छे गृह उतना अच्छा फल जितना उन्हें देना चाहिए । ६ घर के सभी लोग आपस में झगड़ते है , घर के बच्चों के विवाह देरी से होते है , और काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है विवाह करने में , घर में धन ना के बराबर रुकेगा अगर पितृ दोष हावी है तो ,बीमारी या फिर क़र्ज़ देने में धन चला जायेगा जुडा हुआ धन , पुरानी चीजे ठीक कराने में धन निकल जायेगा पर रकेगा नहीं । ७ परिवार की मान और प्रतिष्ठा में गिरावट आती है , पितृ दोष के कारण घर में पेड़-पौधे या फिर जानवर नहीं पनप पाते । घर में शाम आते आते अजीब सा सूनापन हो जायेगा जैसे की उदासी भरा माहौल, घर का कोई हिसा बनते बनते रह जायेगा या फिर बने हुए हिस्से में टूट-फुट होगी , उस हिस्से में दरारे आ जाती है । ८ घर का मुखिया बीमार रहता है , रसोई घर के अस - पास वाली दीवारों में दरार आ जाते है । जिस घर में पितृ दोष हावी होता है उस घर से कभी भी मेहमान संतुष्ट होकर नहीं जायेंगे चाहे आप कुछ भी क्यूँ न कर ले या फिर कितनी ही खातिरदारी कर ले , मेहमान हमेशा नुक्स निकाल कर रख देंगे यानी की मोटे तौर पर आपकी इज्ज़त नहीं करेंगे । ९ घर में चीजे और साधन होते हुए भी घर के लोग खुश नहीं रहते । जब पैसे की जरुरत पड़ती है तो पैसा मिल नहीं पाता । ऐसे घर के बच्चों को उनकी नौकरी या फिर कारोबार में स्थायित्व लम्बे समय बाद ही हो पाता है , बच्चा तेज़ होते हुए भी कुछ जल्दी से हासिल नहीं कर पायेगा ऐसी परिस्थितियाँ हो जायेंगी । १० जिस घर में पितृ दोष होता है उस घर में भाई-बहन में मन-मुटाव रहता ही रहता है , कभी कभी तो परिस्थितियाँ ऐसी हो जाती है की कोई एक दूसरे की शकल तक देखना पसंद नहीं करता । पति-पानी में बिना बात के झगडा होना भी ऐसे घर में स्वाभाविक है जिस घर में पितृ दोष हो । ११ ऐसे घर के लोग जब एक दूसरे के साथ रहेंगे तो हमेशा कलेश करके रखेंगे परन्तु जैसे ही एक दुसरे से दूर जायेंगे तो प्रेम से बात करेंगे । १२ घर में स्त्रियों के साथ दुराचार करना , उन्हें नीचा दिखाना , उनका सम्मान न करने से शुक्र गृह बहुत बुरा फल देता है जिसका असर आने वाली चार पीड़ियों तक रहता है । तो शुक्र गृह भी पित्र दोष लगाता है कुंडली में । १३ जिस घर में जानवरों के साथ बुरा सुलूक किया जाता है उस घर में पितृ दोष आना स्वाभाविक है । और जो जानवरों के साथ बुरा सुलूक करते है वह ही नहीं अपितु उनका पूरा परिवार और उनकी संतान पर पितृ दोष के बुरे प्रभाव के हिस्सेदार जाने-अनजाने में बन जाते है । १४ जिस घर में विनम्र रहने वाले व्यक्ति का अपमान होता है वह घर पितृ दोष से पीड़ित होगा , साथ में जो लोग कमजोर व्यक्ति का अपमान करेंगे वह भी पितृ दोष से प्रभावित होंगे । १५ जमीन हथियाने से , हत्या करने से पित्र दोष लगेगा । १६ जो लोग समाज-विरॊधि काम काम करेंगे उनका बृहस्पति खराब होकर उनकी कई पीड़ियों तक पितृ दोष देता रहता है । १७ बुजुर्गों का अपमान जहा हुआ वह समझिये पितृ दोष आया ही आया । १८ सीड़ियों के निचे रसोई या फिर सामान इक्कठा करने का स्टोर बनाने से पितृ दोष लगता है । १९ मित्र या प्रेमी को दोख देने से पितृ दोष लगता है , शेर-मुखी घर में रहने वाले लोगो को पितृ दोष के दुष्प्रभाव झेलने पड़ते है । {शेर-मुखी ऐसा घर होता है जो शुरू शुरू में चौड़ा होता है परन्तु जैसे जैसे आप घर के अंदर जाते जायेंगे वह पतला होता चला जाता है } @@@@@@@@@@@@@@ पितृ दोष निवारण के कुछ विशेष एवं शिघ्र लाभकारी उपाय Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे 1) शीघ्र फलदायी एवं साधक की सात्विक मनोकामनाएं पूर्ण करने में सहायक. 2) विपत्ति नाश, शत्रुनाश, वाक्-शक्ति तथा मोक्ष की प्राप्ति के लिए. 3) पासक को भक्ति और मुक्ति दोनों प्रदान करने वाली. 4) विपत्ति नाश, रोग निवारण, युद्ध जय आदि के लिए. 5) दैवी प्रकोप की शांति, धन-धान्य के लिए. 6) काल सर्प दोष, पितृ दोष, निवारण, वास्तु दोष निवारण के लिए आसान उपाय. 7) जो व्यक्ति विद्या साधना को पूर्णता के साथ संपन्न कर लेता है। वह निश्चय ही जीवन में ऊंचा उठता है परंतु ध्यान रहे विधिवत् उपासना के लिए गुरु दीक्षा नितांत आवश्यक है। Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901, 7982311549, 9811332914 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Sunil Kumar Garg* +91-9911020152. / 9811332901 *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 ――――――――――――――――――――――― एक ताबीज़ आपकी किस्मत पलट सकता है! *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* 🐍 कालसर्प दोष 🐍 कुंडली में कालसर्पदोष और इसके निदान के सरल उपायअक्सर व्यक्ति कालसर्प दोष का नाम सुनते ही घबरा जाता है। कुंडली में कालसर्प दोष का पाया जाना कोई बहुत बड़ी घटना नहीं मानी जाती है। देखा जाता है कि 70 प्रतिशत लोगों की कुंडली में यह दोष होता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जी की कुंडली में भी यह दोष थाऔर तो और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की कुंडली भी कालसर्प दोष से प्रभावित थी लेकिन फिर भी दोनों व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में नाम और मान-सम्मान प्राप्त करने में सफल रहे।कालसर्प दोष कुंडली में खराब जरूर माना जाता है किन्तु विधिवत तरह से यदि इसका उपाय किया जाए तो यही कालसर्प दोष सिद्ध योग भी बन सकता है। आइये तो जानते हैं कि क्या होता है यह कालसर्प दोष और किस प्रकार से यह व्यक्ति को प्रभावित करता है- जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतू ग्रहों के बीच अन्य सभी ग्रह आ जाते हैं तो कालसर्प दोष का निर्माण होता है। क्योकि कुंडली के एक घर में राहु और दूसरे घर में केतु के बैठे होने से अन्य सभी ग्रहों से आरहे फल रूक जाते हैं। इनदोनों ग्रहों के बीच में सभी ग्रह फँस जाते हैं और यह जातक के लिए एक समस्या बन जाती है। इस दोष के कारण फिर काम में बाधा, नौकरी में रूकावट, शादी में देरी और धन संबंधित परेशानियाँ, उत्पन्न होने लगती हैं। कालसर्प दोष के प्रकारप्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में 12 प्रकार के कालसर्प योगों का वर्णन किया गया है- 1-अनन्त 2-कुलिक 3-वासुकि 4-शंखपाल 5-पद्म 6-महापद्म 7-तक्षक 8-कर्कोटिक 9-शंखचूड़ 10-घातक 11- विषाक्तर 12-शेषनाग। अनंत कालसर्प योगअगर राहु लग्न में बैठाहै और केतु सप्तम में औरबाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तो कुंडली में अनंत कालसर्प दोष का निर्माण हो जाता है। अनंत कालसर्प योग के कारण जातक को जीवन भर मानसिक शांति नहीं मिलती। इस प्रकार के जातक का वैवाहिक जीवन भी परेशानियों से भरा रहता है।कुलिक कालसर्प योगअगर राहु कुंडली के दुसरे घर में, केतु अष्ठम में विराजमान है और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में है तबकुलिक कालसर्प योग का निर्माण होता है। इस योग के कारण व्यक्ति के जीवन में धन और स्वास्थ्य संबंधित परेशानियाँ उत्पन्न होती रहती हैं।वासुकि कालसर्प योगजन्मकुंडली के तीसरे भाव में राहु और नवम भावमें केतु विराजमान हो तथा बाकि ग्रह बीच में तो वासुकि कालसर्प योग का निर्माण होता है। इस प्रकार की कुंडली में बल और पराक्रम को लेकर समस्या उत्पन्न होती हैं।शंखपाल कालसर्प योगअगर राहु चौथे घर में और केतु दसवें घर में होसाथ ही साथ बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो शंखपाल कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे व्यक्ति के पास प्रॉपर्टी, धन और मान-सम्मान संबंधित परेशानियाँ बनी रहती हैं।पद्म कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के पांचवें भाव में राहु, ग्याहरहवें भाव में केतु और बीच में अन्य ग्रह हों तो पद्म कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे इंसान को शादी और धन संबंधित दिक्कतें परेशान करती हैं।महा पद्म कालसर्प योगअगर राहु किसी के छठे घरमें और केतु बारहवें घर में विराजमान हो तथा बाकी ग्रह मध्य में तो तब महा पद्म कालसर्प योग का जन्म होता है। इसप्रकार के जातक के पास विदेश यात्रा और धन संबंधित सुख नहीं प्राप्त हो पाता है। तक्षक कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के सातवें भाव में राहु और केतु लग्न में हो तो इनसे तक्षक कालसर्प योग बनता है। यह योग शादी में विलंब व वैवाहिक सुख में बाधा उत्पन्न करता है।कर्कोटक कालसर्प योगअगर राहु आठवें घर में और केतु दुसरे घर आ जाताहै और बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो कर्कोटक कालसर्प योग कुंडली में बन जाता है। ऐसी कुंडली वाले इंसान का धन स्थिर नहीं रहता है और गलत कार्यों में धन खर्च होता है।शंखनाद कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के नवम भाव में राहु और तीसरे भाव में केतु हो और सारेग्रह इनके मध्य हों तो इनसे बनने वाले योग को शंखनाद कालसर्प योग कहते है। यह दोष भाग्य में रूकावट, पराक्रम में रूकावट और बल को कम कर देता है।पातक कालसर्प योगइस स्थिति के लिए राहु दसंम में हो, केतु चौथे घर में और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तब पातक कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु काम में बाधा व सुख में भी कमी करने वाला बन जाता है।विषाक्तर कालसर्प योगजब जन्मकुंडली के ग्याहरहवें भाव में राहु और पांचवें भाव में केतु हो और सारे ग्रह इनके मध्य मे अटके हों तो इनसे बनने वाले योग को विषाक्तर कालसर्प योग कहते है। इस प्रकार की कुंडली में शादी, विद्या और वैवाहिक जीवन में परेशानियां बन जाती हैं।शेषनाग कालसर्प योगअगर राहु बारहवें घर में, केतु छठे में और बाकी ग्रह इनके बीच में हो तो शेषनाग कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें, और कोर्ट कचहरी जैसी समस्याएं उत्पन्न करता है। Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करने और इस ताबीज की कीमत के बारे में अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर +91-9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* +91-9911020152. / 9811332901 9811332914, 7982411549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 - 👉🏿 अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिये वाट्सअप करे 9911020152 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 महामृतुंजय कवच -- भगवान शिव - मौत के भगवान ने आशीर्वाद दिया है। Mahamrityunjaya कवच यंत्री ताबीज़ रोगों, गंभीर खतरों, मृत्यु और बीमारी के डर से लोगों को इलाज में मदद करता है। महा मृत्यु्यजय ताबीज़ एक घातक स्थिति से सामान्य जीवन में एक व्यक्ति को वापस लाने के लिए एक शक्तिशाली कवच ​​है। यह व्यक्ति को घातक दुर्घटनाओं और बीमारियों से बचाता है यह मंगलिक दोष, काल सरप दोश और ग्रहों की खामियों के पापी प्रभाव से भी रक्षा करता है। कुरकुरा चार्ट में मंगल और शनि एक-दूसरे के सामने खड़े होने पर महा मृितुंज्या कवच मंत्र को गाया जाना चाहिए; जैसे कि ग्रहों के प्रभाव से एक आकस्मिक मृत्यु हो सकती है। इससे अपने पूजकों के तनाव, अहंकार, तनाव आदि घट जाती है महामृतुंजय ताबीज़ के लाभ: Mahamritunjay कवच भगवान शिव का निवास होने के लिए कहा जाता है और इसलिए एक व्यक्ति के तनाव, तनाव, परेशानी और जीवन की कई अन्य समस्याओं से मुक्त है। श्रीमान,श्रीमती, कुंज के कविच ताबीज़ के पहनने वाले को जल्दी मृत्यु नहीं मिलती। यह गुड लक, शैक्षणिक उत्कृष्टता लाता है और मन पर एक शांत प्रभाव होता है। यह बृहस्पति ग्रह के दोषपूर्ण प्रभाव को शांत करता है। महा मृत्युनंजय कवच ग्रह केतु और राहु के प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने में भी उपयोगी है। “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Sunil Kumar Garg* +91-9911020152. / 9811332901, 9811332914, 7982311549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 ――――――――――――――――――――――― एक ताबीज़ आपकी किस्मत पलट सकता है! *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* || Jai Mata Di || =============== सभी को किसी न किसी को वश में करना होता है। वाद-विवाद, मुकदमे, बहस, समूह वार्तालाप, आपसी बातचीत में सामने वाला वश में हो, कर्मचारी चाहता है कि उसका बॉस उसके वश में हो, और जब चाहें उसे छुट्टी मिल जाए….. पत्नी सोचती है पति वश में रहें, यही सोच पति की भी होती है….. कोई सोचता है/सोचती है कि मेरे सभी दोस्त मेरे वश में हो, और जो मैं बोलूं सभी वैसा ही करें…… लड़कों को लड़कियों को वश में करना होता है और लड़कियों को लड़के अपने वश में चाहिए….. व्यापारी चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक मेरे वश में हो, और उसके ग्राहक पड़ोसियों के पास न जाएं….. प्रेम विवाह करने वाले सोचते है कि उनके घर वाले उनके वश में हो, और उनकी शादी में कोई रुकावट न डाले….. माता-पिता सोचते हैं कि उनकी संतान उनके कहने से बाहर न हो, और उनके बताए गये अच्छे रास्तों को छोड़कर गलत रास्ते पर न जाएं। सामान्यतः ऐसीे ही सोच सभी की होती है। - वशीकरण क्या है…..? यही कि जो आप चाहें…..वह ही हो जाए। - वशीकरण का मतलब होता है किसी को अपने अनुकूल कर लेना। अगर प्रेमी या प्रेमिका मन बदल गया हो, या विवाह करने को राजी न हो रहे हो। या कोई अधिकारी आपके विरोध में कार्य कर रहा हो। या परिवार में कोई सदस्य गलत रास्ते पर जा रहा हो, तो “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से उसका मन बदला जा सकता है। इस ताबीज़ को धारण करने से कोर्ट कचहरी, मुक़दमे, नौकरी, प्रेत बाधा, भूत बाधा, ऊपरी बाधा, रोग, शोक, बुरे स्वप्न, नजर दोष, गृह दोष, पितृ दोष, कालसर्प दोष, राहु दशा, शनि दशा, व्यापार, पढ़ाई में लाभ मिलता है। इस ताबीज़ को कोई भी धारण कर सकता है। इस ताबीज़ का निर्माण विशेष पूजा द्वारा किया जाता है। बाजार में इस समय जितने भी ताबीज़ है वो प्राण प्रतिष्ठित नहीं होते है और बिना प्राण प्रतिष्ठा के इनका कोई लाभ नहीं है। जब तक ताबीज़ धारण करने वाले के लिए विशेष पूजा ना की जाये तब तक धारण करने वाले को लाभ नहीं होता है। इस कवच के निर्माण एवं पूजा में मात्र 51000/= रूपये का खर्च आता है और केवल यही शुल्क आपसे लिया जायेगा। इस कवच को बनवाने के लिए हमे नीचे दी गई जानकारी उपलब्ध कराये ताकि आपके नाम से इस कवच को बनाया जा सके और प्राण प्रतिष्ठा की जा सके – आपका पूरा नाम आपके माता पिता का नाम आपका गोत्र आपका पता यह जानकारी आप हमे ईमेल कर सकते है अथवा हमें फ़ोन पर लिखवा सकते है। - सामन्यतः यह देखा जाता है कि पति पत्नी, सगे सम्बन्धियों, अभिन्न मित्रों में किसी न किसी बात पर मत्तभेद हो ही जाते हैं, सम्बन्धों के टूटने की नौब्बत भी आ जाती है, या बहुत ही गहरे सम्बन्ध टूट जाते है। या आप किसी पुरुष या स्त्री को प्रभावित करना चाहते हैं परन्तु वह आपकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता है/देती है। या आपका कोई काम किसी व्यक्ति/अधिकारी/ या विभाग में फंसा हो और उस काम के आपके पक्ष में न होने से आपको बहुत हानि हो सकती है, सायद आपको अपयश का सामना भी करना पड़ सकता है। या आप किसी को सच्चे दिल से चाहते हैं और उसके साथ विवाह करना चाहते हैं, यह आपके पूरे जीवन का पक्ष प्रश्न हैं, ऐसे कार्यों में “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के प्रयोग से बडे़ आराम से तुरन्त सफलता हासिल की जा सकती है। या आपके द्वारा दिये गये पैसे किसी के पास फस चुके हैं और आप चाहते हैं कि बिना वाद विवाद किये आपका काम हो जाएं तो “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का प्रयोग आपके लिए 100% फायदेबन्द साबित होगा। - Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करने और इस ताबीज की कीमत के बारे में अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर +91-9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* +91-9911020152. / 9811332901 9811332914, 7982311549, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 - आप सभी ओर से निराश हैं भाग्य साथ नहीं देता है, कामना पूर्ण होने में नहीं आती है। तो आप हमारे यहां से “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” घर बैठे मंगवा कर लाभ उठा सकते है। इस ताबीज को अपने पास में रखे या धारण करे, फायदा बराबर होगा। जैसे - जिसका नाम लेंगे चाहे, वह कितना/कितनी ही कठोर दिल क्यों न हो वह तड़फने लगेगा/लगेगी जब तक आप को प्राप्त न कर लेगा/लेगी तब तक आपका पीछा न छोडे़गा/छोडे़गी, कभी आपकी जुदाई पंसद न करेगा/करेगी। साथ ही इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” से और भी बहुत से फायदे होते है। जैसे - उच्च अधिकारियों को अपना बनाना, मनचाही शादी, मनचाहा प्यार, विवाह के लिए घर वालों को मनाना, मनचाही वस्तु प्राप्त करना, किसी के मन की बात जान लेना, परीक्षा में प्रथम श्रेणी की सफलता प्राप्त करना, व्यापार में उन्नति, मुकद्दमे में जीत, कुश्ती, लॉटरी, घोडे़ की दौड़ में सफलता, स्त्री पुरुष का वशीकरण, गर्लफ्रेन्ड बॉयफ्रेन्ड का वशीकरण, अपनी मनचाही मुराद की पूर्ति, बिछडे़ मित्रों से मुलाकात, उंची नौकरी, दिन-दूनी रात चौगुनी, स्वास्थ्य में सुधार, स्मरण शक्ति में वृद्धि, प्रेत-बाधा से छुटकारा, सौतन-दुश्मन से छुटकारा, तलाक रोकना, बॉस को वश में करना, किसी को दिया-फंसा हुआ पैसा वापिस पाना, लॉटरी के नम्बर सपने में देखना, खोया प्यार वापिस पाना इत्यादि हर प्रकार के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। - “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” सबसे शक्तिशाली वशीकरण माध्यमों में गिना जाता है। जातक के संपर्क में आने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों पर यह ताबीज़ सीधे असर डालता है। इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को धारण करने या अपने पास राखने वाले जातक के अन्दर एक चुम्बकीय शक्ति व्याप्त हो जाती है, जो भी व्यक्ति जातक के संपर्क में आता है वो उसी की हां में हां मिलाने लगता है। - “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” से आकर्षक बनाने की क्रिया, सरकारी कार्यों में विजय पाना, लड़ाई में शत्रुओं को निचा दिखाना, अपने इष्ट मित्र को दूर देश से बुलाना, किसी को वश में करना इत्यादि इस ताबीज से किया जा सकता है। - “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के और भी अनेक फायदे है जैसे - इसे पास में रखने से मनचाही स्त्री-पुरुष को वश में कर सकते हैं। जिसका भी नाम लेंगे, आपके कदमों में आ गिरेगा और आपकी इच्छानुसार कार्य करेगा। व्यापार में लाभ, मुकद्दमें जीत, संतान प्राप्ति, परीक्षा में सफलता, उंची नौकरी, दिन दुगनी रात चौगुनी उन्नति, मनचाही शादी होगी। गृह क्लेश, प्रेत-बाधा, रोग, कर्ज से छुटकारा मिलेगा। लॉटरी, जुए में जीत। दुष्ट ग्रह शान्त होंगे। सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। खुशियां आपके चारों ओर होगी। - Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Astro Sunil Garg (Nail & Teeth)* *( First Time in The World )* +91-9911020152. / 9811332901 9811332914, 7982311549 ――――――――――――――――――――――― - Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़― - ◆ क्या आप किसी से प्रेम करते हैं.? ◆ क्या आप डरते हैं अपने प्रेम का इज़हार करने से.? ◆ क्या आपका पति आपसे प्रेम नहीं करता.? ◆ क्या आपकी पत्नी आप पर शक करती है.? ◆ क्या आपके बॉस से नहीं बनती.? ◆ क्या आप बार बार अपने कार्यों में असफल हो रहे है.? - यदि आप अपने प्रेमी या प्रेमिका को पाना चाहते है तो हमारे यहां से अपने लिए “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” प्राप्त करके अपने पास रखें, आपका प्रेमी या प्रेमिका आपके पास भागा चला आएगा। ऐसा “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का प्रभाव है, यदि आपका प्रेमी या प्रेमिका अपने घर वालों से डरता है और डर की वजह से आपसे शादी नहीं करना चाहता/चाहती है तो इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को आपके या उनके पास रखने से उसके या आपके घर वाले शादी के लिए राजी हो जायेंगे। ――――――――――――――――――――――― - POWERFUL ALL IN ONE VASHIKARAN TABIZ - हमारे फेसबुक और वॉट्सएप से जुड़े सभी मित्र परिचित, भाई बंधू और समस्याग्रस्त बहनों के तरक्की और विभिन्न लाभ के लिए हमारे संस्थान द्वारा समस्याओं पर शोध करते हुए इस अद्भुत “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का निर्माण किया गया है। जिसको विधि पूर्वक धारण करते ही भिन्न-भिन्न लाभ मिलना आरम्भ हो जाता है। अतः यह शरीर को स्पर्श करते ही आपके अंदर की हिप्नोटिक ऊर्जा को चार्ज करने लगता है। फलस्वरूप इसका लाभ आपको सम्मोहन वशीकरण के साथ आपके बिजनेश-व्यवसाय पर भी लाभ मिलता है और सामाजिक, पारिवारिक, राजनैतिक विषयों में भी लाभ देता है, क्योंकि “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रितियों से निर्माण संभव हुआ है। फलस्वरूप इसके द्वारा किसी भी पुरुष स्त्री, बच्चा बुड्ढ़ा, खुद-ब-खुद आपसे आकर्षित-सम्मोहित होते रहते हैं। आप जिनके बारे में विचारते हैं उसकी तरफ से पहल होने की प्रगाढ़ सम्भावना बनने लगती है। आपकी तरफ उसका झुकाव बढ़ता ही जाता है। और वह आपसे चिपकते जाने में ही शान्ति महसूस करता है। “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को धारण किये हुए जब आप किसी से वार्ता करते हैं तो आप उस पर भारी पड़ने लग जाते है और मजबूरन उसे आपकी बात माननी ही पड़ती है। किसी भी दुश्मन विरोधी पर आपकी नजर पड़ते ही वह ठंडा पड़ जाता है और आपसे मित्रवत व्यवहार करने को विवस होता है। आप जिस कार्य क्षेत्र से जुड़े हैं, उसकी व्यर्थ बाधा, रुकावटें ख़त्म करके आपको सफलता का मार्ग दिखाता है, क्योंकि दुनियां में कुछ भी असंभव नहीं है। आपकी सोच में दम हो, इरादों में संकल्प हो और “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” आपके पास हो तो आपको सफल होने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। अतः आपकी स्थाई और गैर स्थाई समस्याओं को देखते हुए इस करामाती “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” का निर्माण संभव हुआ है और इस आपके लिए सिद्ध कर आपके हित में इसे अद्भुत औजार बना दिया गया है। अतः प्राचीन ग्रन्थ शास्त्रों के अनुसार निर्मित इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” को ऋषि मुनियों ने भी जीवन को सफल सुखी और कार्य सिद्धि के लिए उचित उपाय बताया है। इस “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” के धारण करने से अंदर के विकार और नकारात्मक तत्त्व छिन्न-भिन्न हो जाते हैं और आप पॉजिटिव सोच के मालिक बन जाते है, इसी कारण आपके मुख मंडल पर कोई दिव्य आकर्षण खिल जाती है, और उसी आकर्षण में सम्मोहित होकर पुरुष या कोई भी स्त्री आपसे बातचीत करके अथवा आपके बारे में विचार करके प्रसन्न हो बैठते है, इसके धारण करने से दुष्ट आत्माएं और तंत्र-मन्त्र का भय या आकस्मिक दुर्घटनाओं की शंका भी ख़त्म हो जाती है। अतः इसे आजमाने के लिए नहीं, बल्कि इसका भरपूर लाभ प्राप्त करने का दृढ विचार करके अभी इसका ऑर्डर करें और घर बैठे प्राप्त करके आश्चर्यजनक लाभ प्राप्त करें। ――――――――――――――――――――――― Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़ का प्रभाव और उपयोग - 【1】 “Powerful आल-इन-वन वशीकरण ताबीज़” धारण करने से वशीकरण की शक्ति बढती है। व्यक्तित्व का प्रभाव बढ़ता है। 【2】 अधिकारी वर्ग को अपने कर्मचारियों पर नियंत्रण और उन्हें वशीभूत रखने में आसानी होती है। 【3】 कर्मचारी को अपने अधिकारियों को अनुकूल रखने में मदद मिलती है। 【4】 पति को पत्नी की और पत्नी को पति की अनुकूलता अपने आप प्राप्त होती है और धारण करने वाले का पति या पत्नी वशीभूत होता है। 【5】 सेल्स, मार्केटिंग, पब्लिक रिलेसन का कार्य करने वालों को लोगों का अपेक्षित सहयोग मिलता है। 【6】 व्यवसायी को ग्राहकों की अनुकूलता मिलती है और अपरोक्त उन्नति में सहायता मिलती है। 【7】 रुष्ट परिवार वालों को इससे अनुकूल करने में मदद मिलती है। 【8】 वाद-विवाद, मुकदमे, बहस, समूह वार्तालाप, आपसी बातचीत में सामने वाले की अनुकूलता प्राप्त होती है। 【9】 चूंकि यह वशीकरण का तांत्रिक ताबीज है और महाकाली की शक्ति से संयुक्त है अतः यह नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है। 【10】 किसी पर पहले से कोई वशीकरण की क्रिया है तो ताबीज को सुबह शाम कुछ दिन एक गिलास जल में डुबोकर वह जल व्यक्ति को पिलाने से वशीकरण का प्रभाव उतरता है। 【11】 किसी भी तरह के इंटरव्यू में परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव देता है। 【12】 व्यक्ति विशेष के लिए बनाया गया ताबीज धारण करने निश्चित रूप से सम्बंधित व्यक्ति को वशीभूत करता है। 【13】 दाम्पत्य कलह, पारिवारिक कलह, मनमुटाव, विरोध में लोगों को प्रभावित करता है और व्यक्ति के अनुकूल करता है। 【14】 सामाजिक संपर्क रखने वालों को लोगों की अनुकूलता प्राप्त होती है। 【15】 ज्ञान-विज्ञान-अन्वेषण-परीक्षा-प्रतियोगिता, प्रवचन, भाषण से समबन्धित लोगों को सफल होने में मदद करता है। - Powerful All-in-One Vashikaran Tabiz को घर बैठे प्राप्त करे अधिक जानकारी के लिए सिर्फ मोबाइल नम्बर 9911020152 / 9811332901 पर कॉल करें या WhatsApp पर इसी नम्बर पर मेसेज करें। *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* Pay to Paytm Number :- 9911020152 - To Order: SAND A INBOX MESSAGES ON WHATSAPP *Sunil Kumar Garg* +91-9911020152. / 9811332901 *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *For that fees per person- 51000/-* *Fifty one thousand only* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Pay to Paytm Number :- 9911020152 🌹स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया🌹 State Bank of India, Sunil Kumar Garg SA/C no 10614925460, ( IFS Code: SBIN0000737 ) Pahar Ganj New Delhi 110055, *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* Sunil Kumar Garg 1/1,Panchkuian Road, Opposite metro pillar no.17, RK Ashram Marg metro station , New Delhi-110001 ――――――――――――――――――――――― एक ताबीज़ आपकी किस्मत पलट सकता है! - ताबीज़ आदि के निर्माण में एक वृहद् उर्जा विज्ञान काम करता है, जिसे प्रकृति का विज्ञान कहा जाता है। एक विशिष्ट प्रक्रिया, विशिष्ट पद्धति और विशिष्ट वस्तुओं के विशिष्ट संयोग से विशिष्ट व्यक्ति द्वारा निर्मित ताबीज़ में एक विशिष्ट शक्ति का समावेश हो जाता है, जो किसी भी सामान्य व्यक्ति को चमत्कारिक रूप से प्रभावित करती है जिससे उसके कर्म-स्वभाव-सोच-व्यवहार प्रारब्ध सब कुछ प्रभावित होने लगता है। ताबीज़ में प्राणी के शरीर और प्रकृति की उर्जा संरचना ही कार्य करती है, इनका मुख्य आधार मानसिक शक्ति का केंद्रीकरण और भावना के साथ विशिष्ट वस्तुओं-पदार्थों-समय का तालमेल होता है। प्रकृति में उपस्थित वनस्पतियों और जंतुओं में एक उर्जा परिपथ कार्य करता है, मृत्यु के बाद भी इनमें तरंगे कार्य करती है और निकलती रहती हैं, इनमें विभिन्न तरंगे स्वीकार की जाती है और निष्कासित की जाती है। जब किसी वस्तु या पदार्थ पर मानसिक शक्ति और भावना को केंद्रीकृत करके विशिष्ट क्रिया की जाती है तो उस पदार्थ से तरंगों का उत्सर्जन होने लगता है, जिस भावना से उनका प्रयोग जिसके लिए किया जाता है, वह इच्छित स्थान पर वैसा कार्य करने लगता है। उदहारण के लिए - किसी व्यक्ति को व्यापार वृद्धि के लिए कुछ बनाना है, तो इसके लिए इसमे सम्बंधित वस्तुएं अथवा ताबीज़ विशिष्ट समय में विशिष्ट तरीके से निकालकार अथवा निर्मित करके जब कोई उच्च स्तर का साधक अपने मानसिक शक्ति के द्वारा उच्च शक्तियों के आह्वान के साथ जब प्राण प्रतिष्ठा और अभिमन्त्रण करता है तो वस्तुगत उर्जा - यंत्रागत उर्जा के साथ साधक की मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा अद्भुत संयोग बनता है की निर्मित ताबीज़ से तीव्र तरंगे निकालने लगती हैं, इन्हें जब सम्बंधित धारक को धारण कराया जाता है तो यह ताबीज़ उसके व्यापारिक चक्र (लक्ष्मी या समृद्धि के लिए उत्तरदाई) को स्पंदित करने लगता है, दैवीय प्रकृति की शक्ति आकर्षित हो धारक से जुड़ने लगती है और उसकी सहायता करने लगती है, अनावश्यक विघ्न बाधाएं हटने लगती है, साथ ही मन और मष्तिष्क भी प्रभावित होने लगता है, जिससे उसके निर्णय लेने की क्षमता, शारीरिक कार्यप्रणाली, दैनिक क्रिया कलाप बदल जाते है, उसके प्रभा मंडल पर एक विशेष प्रभाव पड़ता है, जिससे उसकी आकर्षण शक्ति बढ़ जाती है, बात-चीत का ढंग बदल जाता है, सोचने की दिशा परिवर्तित हो जाती है, कर्म बदलते हैं, प्रकृति और वातावरण में एक सकारात्मक बदलाव आता है और उस व्यक्ति को लाभ होने लगता है। यह एक उदाहरण है, ऐसा ही हर प्रकार के व्यक्ति के लिए हो सकता है उसकी जरुरत और कार्य के अनुसार। यहां यह अवश्य ध्यान देने योग्य होता है की यह सब तभी संभव होता है जब वास्तव में साधक उच्च स्तर का हो, उसके द्वारा निर्मित ताबीज़ खुद उसके हाथ द्वारा निर्मित हो, सही समय और सही वस्तुओं से समस्त निर्माण हो, ऐसा न होने पर अपेक्षित लाभ नहीं हो पाता। ताबीज़ तो बाजार में भी मिलते है और आजकल तो इनकी फैक्टरियां सी लगी हैं, जो प्रचार के बल पर बेची जा रही हैं, कितना लाभ किसको होता है यह तो धारक ही जानता है। ताबीज़ बनाने वाले साधक की शक्ति बहुत मायने इसलिए रखती है की जब वह अपने ईष्ट में सचमुच डूबता है तो वह अपने ईष्ट के अनुसार भाव को प्राप्त होता है, भाव गहन है तो मानसिक शक्ति एकाग्र होती है, जिससे वह शक्तिशाली होती है, यह शक्तिशाली हुई तो उसके उर्जा परिपथ का आंतरिक तंत्र शक्तिशाली होता है और शक्तिशाली तरंगे उत्सर्जित करता है। ऐसा व्यक्ति यदि किसी विशेष तरीके से, विशेष पदार्थों को लेकर अपनी मानसिक शक्ति और मन्त्र से उसे सिद्ध करता है तो वह ताबीज़ धारक व्यक्ति को अच्छे-बुरे भाव की तरंगो से लिप्त कर देता है। यह समस्त क्रिया शरीर के उर्जा चक्र को प्रभावित करती है और तदनुसार उस व्यक्ति को उनका प्रभाव दिखाई देता है। यह ताबीज़ इतने शक्तिशाली होते हैं की व्यक्ति का प्रारब्ध तक प्रभावित होने लगता है। अचानक आश्चर्यजनक परिवर्तन होने लगते हैं। आपने अनेक कहानियां सुनी होगी की अमुक चीज अमुक साधू ने दिया और ऐसा हो गया। अथवा यह सुना होगा की अमुक तांत्रिक ने अमुक चीजें कुछ बुदबुदाकर फेंकी व्यक्ति को लाभ हो गया। यह बहुत छोटे उदाहरण हैं। जिस तरह साधना से ईश्वरीय ऊर्जा आती है उसी तरह यह मानसिक एकाग्रता से वस्तु और यन्त्र में स्थापित भी होती है, तभी तो मूर्तियां और यन्त्र प्रभावी होते हैं, यही यन्त्र ताबीजों में भरे जाते हैं और फिर ये ताबीज़ अपना प्रभाव देते हैं। यह वैज्ञानिक विश्लेष्ण का प्रयास है और हमने इसे बहुत सत्य पाया है। यही कारण है की हम अपने सभी अनुष्ठानों में भोजपत्र पर यंत्र और ताबीज़ अवश्य बनाते हैं और साधना समाप्ति पर उन्हें धारण करते भी हैं और कराते भी हैं। यह धारण मात्र से साधना जैसा प्रभाव देते हैं। - *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* 🌞 ~*शुभ पंचांग* ~ 🌞 *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* New Kaushal Furniture House *Godrej Home Safe* *Kurl on Mattress* Astro Sunil Garg (Nail & Teeth) *बुधवार_22_मई_2019* सूर्योदय: ०५:२७ सूर्यास्त: १९:०९ हिन्दु सूर्योदय: ०५:३१ हिन्दु सूर्यास्त: १९:०५ चन्द्रोदय: २२:२८ चन्द्रास्त: ०८:१५ *सूर्य राशि: वृषभ* *चन्द्र राशि: धनु* *सूर्य नक्षत्र: कृत्तिका* द्रिक अयन: उत्तरायण द्रिक ऋतु: ग्रीष्म वैदिक अयन: उत्तरायण वैदिक ऋतु: वसन्त *शक सम्वत: १९४१ विकारी* *चन्द्रमास: वैशाख - अमांत* *विक्रम सम्वत: २०७६ परिधावी* *ज्येष्ठ - पूर्णिमांत* *गुजराती सम्वत: २०७५* *पक्ष: कृष्ण पक्ष* *तिथि: चतुर्थी - २६:४१ तक* *नक्षत्र, योग तथा करण* *नक्षत्र: पूर्वाषाढा - २९:१४ तक* योग: साध्य - ०९:५२ तक प्रथम करण: बव - १४:०५ तक द्वितीय करण: बालव - २६:४१ तक *अशुभ समय * दुर्मुहूर्त: ११:५१ - १२:४५ वर्ज्य: १३:४९ - १५:३२ *राहुकाल: १२:१८ - १४:००* गुलिक काल: १०:३६ - १२:१८ यमगण्ड: ०७:१३ - ०८:५५ *शुभ समय* *अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं* अमृत काल: २४:०५ - २५:४८ *दैनिक उपवास और त्यौहार* *संकष्टी चतुर्थी* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *❌राहुकाल में सभी कार्य वर्जित हैं।❌* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* मई 2019 18 शनिवार वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयन्ती, बुद्ध पूर्णिमा, पूर्णिमा उपवास 19 रविवार ज्येष्ठ प्रारम्भ, नारद जयन्ती 22 बुधवार संकष्टी चतुर्थी 26 रविवार भानु सप्तमी, कालाष्टमी 29 बुधवार हनुमान जयन्ती *तेलुगू, अग्नि नक्षत्रम् समाप्त 30 बृहस्पतिवार अपरा एकादशी 31 शुक्रवार प्रदोष व्रत *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *🙏🏻🙏🏻🙏🏻ॐ नम: शिवाय🙏🏻🙏🏻🙏🏻* *ऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँऊँ* *श्री हरी आपका दिन मंगलमय् करें - 🌅*

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर
Sheetal Patel May 22, 2019

+122 प्रतिक्रिया 13 कॉमेंट्स • 102 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB