चिराग
चिराग Nov 4, 2017

"रावण की निगाह थी इस ज्योतिर्लिंग पर, "

"रावण की निगाह थी इस ज्योतिर्लिंग पर, "

रावण की निगाह थी इस ज्योतिर्लिंग पर,

बाद में रावण लाख कोशिशें करता रहा, लेकिन शिवलिग टस-से-मस नहीं हुआ।

देवघर (झारखंड)। हाल ही में खबर आई थी कि उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में शिवलिंग को क्षरण से बचाने के लिए अब आरओ पानी से अभिषेक होगा। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक अन्य झारखंड स्थित पवित्र वैद्यनाथ शिवलिंग में भी यही संकट सामने आया है। यहां भी इसी तरह के उपाय किए जा रहे हैं। हम यहां बताएंगे वैद्यनाथ शिवलिंग का ऐतिहासिक महत्व -

वैद्यनाथ या बाबा बैजनाथ धाम झारखंड के देवघर में है। पौराणिक कथा के अनुसार, लंकापति रावण भगवान शंकर को खुश करने के लिए हिमालय पर तपस्या कर रहा था। वह अपना एक-एक सिर काटकर शिवलिंग पर अर्पित कर रहा था।

जब रावण अपना 10वां सिर काटने वाला था तो भोलेनाथ ने प्रसन्न होकर उसे दर्शन दिए और वर मांगने को कहा।

रावण ने कहा, भगवान शिव कैलाश पर्वत छोड़कर उसके साथ लंका चलें। भोलेनाथ ने हामी भर दी, लेकिन एक शर्त भी रखी। उन्होंने रावण से कहा, तुम शिवलिंग के रूप में मुझे ले जाओगे और यदि यह शिवलिंग रास्ते में कहीं रख दिया तो मैं वहीं रह जाऊंगा। फिर नहीं उठूंगा। रावण ने शर्त मान ली।

भगवान शंकर और रावण की यह बात सुनकर देवताओं में हड़कंप मच गया। कोशिशें शुरू हो गईं कि किस तरह रावण को बीच में कहीं रोका जाए।

देवताओं की योजना के मुताबिक, वरुण देव ने आचमन के रूप में रावण के पेट में प्रवेश किया। जब रावण आचमन करने के बाद शिवलिंग लेकर लंका की ओर चला तो देवघर (झारखंड) के पास उसे लघुशंका लगी।

तब रावण एक ग्वाले को शिवलिंग सौंपकर लघुशंका के लिए चला गया। कथाओं में उल्लेख है कि उस ग्वाले का नाम बैजू था और बैजू के रूप में तब भगवान विष्णु ने शिवलिंग उठाया था। रावण समय रहते नहीं लौटा, तो शिवलिंंग को वहीं स्थापित कर दिया गया और इस तरह इस स्थान का नामा बैजनाथ धाम पड़ा।

बाद में रावण लाख कोशिशें करता रहा, लेकिन शिवलिग टस-से-मस नहीं हुआ।

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कामेंट्स

Asha Dave Nov 4, 2017
Bholenath ki Jay ho pranam aashirwad Dena

Ravi pandey Nov 4, 2017
har har mahadev jai shree Krishna radhe Radhe

pinku mishra Nov 5, 2017
ye baat uttar pradesh ke jila kheri lakhim pur gola gokarn nath jo chhoti kashi ke naam jani jati

Anup Kumar Nov 5, 2017
जय श्री कृष्ण जय माँ सति

Anup Kumar Nov 5, 2017
जो शिव को रटे संकट कटे ओम नमः शिवाय

Tarun Mishra Nov 5, 2017
जगह तो काफी अच्छी है लेकिन यहां के पन्नों की व्यवस्था को सुधारने की आवश्यकता है ताकि दूर दराज से आने वाले भक्तों के बीच एक बेहतर संदेश जाए काफी समय से इस प्रकार की शिकायत बनी हुई है और और इसे लेकर झारखंड का प्रशासन आवश्यक कार्यवाही नहीं कर रहा है

🙏🌹जय श्री महाकाल 🌹🙏
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का आज का संध्या आरती श्रृंगार दर्शन
🔱21 अगस्त 2018 ( मंगलवार )🔱

Pranam Dhoop Flower +142 प्रतिक्रिया 13 कॉमेंट्स • 61 शेयर

*एक लघु कथा*

दुनिया क्या कहेगी...

एक *साधू* किसी नदी के पनघट पर गया और पानी पीकर पत्थर पर सिर रखकर सो गया....!!!

पनघट पर पनिहारिन आती-जाती रहती हैं!!!

तो पनिहारिन आईं तो एक ने कहा- *"आहा! साधु हो गया, फिर भी तकिए का मोह नहीं गया*...
*पत्थर का...

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Pranam Like Sindoor +44 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 27 शेयर
Gopal Krishan Aug 21, 2018

*🙏🏻शिवाय 🔱 ॐ 🔥 नमः 🚩
*शिव को गुरु बनाने की विधि🙏🏻🚩🔱
*🙏🏻शंभू🔱 शंकर🔱 नमः🔱 शिवाय🚩*

1. आंखें बंद करके आराम से बैठ जायें.
भगवान शिव से कहें हे शिव मै आप को अपना गुरु बनने का आग्रह कर रहा हूं. आप मुझे शिष्य के रूप में स्वीकार करें.

2. द...

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Jyot Belpatra Pranam +14 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 42 शेयर
Anju Mishra Aug 21, 2018

जब भगवान किसी पर कृपा करते है, तब उसके ऐश्वर्य का विनाश कर देते हैं | एक बार तो वह दुखी हो जाता है | इसी प्रकार जिसके सम्मान की वृद्धि हो जाती है, भगवान उसका अपमान करवा देते है, लज्जित कर देते है, जिससे वह मान-की माया से छूटकर भगवान की ओर बढ़े | ज...

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Pranam Sindoor Jyot +28 प्रतिक्रिया 8 कॉमेंट्स • 9 शेयर
shivani Aug 21, 2018


http://gyanbhandar23.blogspot.com

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Gopal Krishan Aug 21, 2018

ये है मुरुदेश्वर मंदिर जो कि कर्नाटक मे कंडुका पहाड़ी पर बनाया गया है, जो कि तीनों तरफ से अरब सागर से घिरा हुआ है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और अन्य सभी प्रमुख दक्षिण भारतीय मंदिरों की तरह मंदिर में 20 मंजिला गोपुरा बना हुआ है। यह 249 फुट...

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Anuradha Tiwari Aug 21, 2018

भोजन ,,,,,,,,,,,,
(मनुष्य योनि में जो भी सुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा सुखी है, और जो दुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा दुखी है ।)

एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा की प्रभु मैंने पृथ्वी पर देखा है कि जो व्यक्ति पहले से ही अपने प्रारब्ध ...

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Jyot Pranam Bell +18 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 41 शेयर
Aechana Mishra Aug 20, 2018

गीता का सार

• क्यों व्यर्थ की चिंता करते हो? किससे व्यर्थ डरते हो? कौन तुम्हें मार सकता है? आत्मा ना पैदा होती है, न मरती है।

• जो हुआ, वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है, वह अच्छा हो रहा है, जो होगा, वह भी अच्छा ही होगा। तुम भूत का पश्चाताप न करो। भविष...

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Pranam Bell Belpatra +406 प्रतिक्रिया 88 कॉमेंट्स • 249 शेयर
T.K Aug 20, 2018

🌿shubhratri🌿

Belpatra Jyot Pranam +67 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 349 शेयर
Rohan Bhardwaj Aug 21, 2018

Flower Jyot Water +8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 4 शेयर

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