krishana
krishana Sep 18, 2020

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Asha Bakshi Sep 18, 2020
सतनाम श्री वाहेगुरु जी 🙏 शुभ संध्या स्नेह वंदन जी 🙏🙏🙏

Mamta Chauhan Oct 30, 2020

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Neha Sharma, Haryana Oct 30, 2020

*शरद पूर्णिमा विशेष..... 〰〰🌼🌼〰〰 *अश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा शरद पूर्णिमा कहलाती है शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। इस बार शरद पूर्णिमा का पर्व 30 अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जाएगा इस व्रत में रात्रि के प्रथम प्रहर अथवा सम्पूर्ण निशीथ व्यापनी पूर्णिमा ग्रहण करना चाहिए जो पूर्णिमा रात के समय रहे वहीं ग्रहण करना चाहिए। पूर्णिमा तिथि अक्टूबर 30 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 45 मिनट से आरंभ हो जाएगी। अगले दिन 31 अक्टूबर रात 8 बजकर 20 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी। 30 अक्टूबर को पूर्णिमा तिथि आरंभ होने के कारण मध्यरात्रि में पूर्णिमा तिथि शुक्रवार के दिन रहने के कारण शरद पूर्णिमा व्रत शुक्रवार के दिन ही किया जाएगा। उदया तिथि के अनुसार पूर्णिमा तिथि 31 अक्टूबर, शनिवार को रहेगी जिसके फलस्वरूप स्नान दान व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान इसी दिन संपन्न होंगे। इस बार शरद पूर्णिमा पर अमृतसिद्धि योग बन रहा है। 30 अक्टूबर 2020 शु्क्रवार के दिन मध्यरात्रि में अश्विनी नक्षत्र रहेगा। साथ ही इस दिन 27 योगों के अंतर्गत आने वाला वज्रयोग, वाणिज्य / विशिष्ट करण तथा मेष राशि का चंद्रमा रहेगा। ज्योतिष के अनुसार, शरद पूर्णिमा को मोह रात्रि कहा जाता है। शरद पूर्णिमा के व्रत को कोजागार या कौमुदी व्रत भी कहते हैं क्योंकि लक्ष्मी जी को जागृति करने के कारण इस व्रत का नाम कोजागार पड़ा इस दिन लक्ष्मी नारायण महालक्ष्मी एवं तुलसी का पूजन किया जाता है। इस दिन श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। साथ ही माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी रात के समय भ्रमण में निकलती है यह जानने के लिए कि कौन जाग रहा है और कौन सो रहा है। उसी के अनुसार मां लक्ष्मी उनके घर पर ठहरती है। इसीलिए इस दिन सभी लोग जागते है । जिससे कि मां की कृपा उनपर बरसे और उनके घर से कभी भी लक्ष्मी न जाएं। इसलिए इसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा ही शरद पूर्णिमा पर्व मनाया जाता है। ज्‍योतिष के अनुसार,ऐसा कई वर्षों में पहली बार हो रहा है जब शरद पूर्णिमा और गुरुवार का संयोग बना है। इस दिन पूरा चंद्रमा दिखाई देने के कारण इसे महापूर्णिमा भी कहते हैं। पूरे साल में केवल इसी दिन चन्द्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। हिन्दी धर्म में इस दिन कोजागर व्रत माना गया है। इसी को कौमुदी व्रत भी कहते हैं। मान्यता है इस रात्रि को चन्द्रमा की किरणों से अमृत झड़ता है। तभी इस दिन उत्तर भारत में खीर बनाकर रात भर चाँदनी में रखने का विधान है। शरद पूर्णिमा विधान 〰〰〰〰〰〰 इस दिन मनुष्य विधिपूर्वक स्नान करके उपवास रखे और ब्रह्मचर्य भाव से रहे। इस दिन ताँबे अथवा मिट्टी के कलश पर वस्त्र से ढँकी हुई स्वर्णमयी लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करके भिन्न-भिन्न उपचारों से उनकी पूजा करें, तदनंतर सायंकाल में चन्द्रोदय होने पर सोने, चाँदी अथवा मिट्टी के घी से भरे हुए 100 दीपक जलाए। इसके बाद घी मिश्रित खीर तैयार करे और बहुत-से पात्रों में डालकर उसे चन्द्रमा की चाँदनी में रखें। जब एक प्रहर (3 घंटे) बीत जाएँ, तब लक्ष्मीजी को सारी खीर अर्पण करें। तत्पश्चात भक्तिपूर्वक सात्विक ब्राह्मणों को इस प्रसाद रूपी खीर का भोजन कराएँ और उनके साथ ही मांगलिक गीत गाकर तथा मंगलमय कार्य करते हुए रात्रि जागरण करें। तदनंतर अरुणोदय काल में स्नान करके लक्ष्मीजी की वह स्वर्णमयी प्रतिमा आचार्य को अर्पित करें। इस रात्रि की मध्यरात्रि में देवी महालक्ष्मी अपने कर-कमलों में वर और अभय लिए संसार में विचरती हैं और मन ही मन संकल्प करती हैं कि इस समय भूतल पर कौन जाग रहा है? जागकर मेरी पूजा में लगे हुए उस मनुष्य को मैं आज धन दूँगी। शरद पूर्णिमा पर खीर खाने का महत्व 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शरद पूर्णिमा की रात का अगर मनोवैज्ञानिक पक्ष देखा जाए तो यही वह समय होता है जब मौसम में परिवर्तन की शुरूआत होती है और शीत ऋतु का आगमन होता है। शरद पूर्णिमा की रात में खीर का सेवन करना इस बात का प्रतीक है कि शीत ऋतु में हमें गर्म पदार्थों का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसी से हमें जीवनदायिनी ऊर्जा प्राप्त होगी। शरद पूर्णिमा व्रत कथा 〰〰〰〰〰〰〰 एक साहुकार के दो पुत्रियाँ थी। दोनो पुत्रियाँ पुर्णिमा का व्रत रखती थी। परन्तु बडी पुत्री पूरा व्रत करती थी और छोटी पुत्री अधुरा व्रत करती थी। परिणाम यह हुआ कि छोटी पुत्री की सन्तान पैदा ही मर जाती थी। उसने पंडितो से इसका कारण पूछा तो उन्होने बताया की तुम पूर्णिमा का अधूरा व्रत करती थी जिसके कारण तुम्हारी सन्तान पैदा होते ही मर जाती है। पूर्णिमा का पुरा विधिपुर्वक करने से तुम्हारी सन्तान जीवित रह सकती है। उसने पंडितों की सलाह पर पूर्णिमा का पूरा व्रत विधिपूर्वक किया। उसके लडका हुआ परन्तु शीघ्र ही मर गया। उसने लडके को पीढे पर लिटाकर ऊपर से पकडा ढक दिया। फिर बडी बहन को बुलाकर लाई और बैठने के लिए वही पीढा दे दिया। बडी बहन जब पीढे पर बैठने लगी जो उसका घाघरा बच्चे का छू गया। बच्चा घाघरा छुते ही रोने लगा। बडी बहन बोली-” तु मुझे कंलक लगाना चाहती थी। मेरे बैठने से यह मर जाता।“ तब छोटी बहन बोली, ” यह तो पहले से मरा हुआ था। तेरे ही भाग्य से यह जीवित हो गया है। तेरे पुण्य से ही यह जीवित हुआ है। “उसके बाद नगर में उसने पुर्णिमा का पूरा व्रत करने का ढिंढोरा पिटवा दिया। इस प्रकार प्रतिवर्ष किया जाने वाला यह कोजागर व्रत लक्ष्मीजी को संतुष्ट करने वाला है। इससे प्रसन्न हुईं माँ लक्ष्मी इस लोक में तो समृद्धि देती ही हैं और शरीर का अंत होने पर परलोक में भी सद्गति प्रदान करती हैं। शरद पूर्णिमा की रात को क्या करें, क्या न करें ? 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 दशहरे से शरद पूनम तक चन्द्रमा की चाँदनी में विशेष हितकारी रस, हितकारी किरणें होती हैं । इन दिनों चन्द्रमा की चाँदनी का लाभ उठाना, जिससे वर्षभर आप स्वस्थ और प्रसन्न रहें । नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए दशहरे से शरद पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि में 15 से 20 मिनट तक चन्द्रमा के ऊपर त्राटक करें। अश्विनी कुमार देवताओं के वैद्य हैं। जो भी इन्द्रियाँ शिथिल हो गयी हों, उनको पुष्ट करने के लिए चन्द्रमा की चाँदनी में खीर रखना और भगवान को भोग लगाकर अश्विनी कुमारों से प्रार्थना करना कि ‘हमारी इन्द्रियों का बल-ओज बढ़ायें।’ फिर वह खीर खा लेना चाहिये। इस रात सूई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है । शरद पूर्णिमा दमे की बीमारी वालों के लिए वरदान का दिन है। चन्द्रमा की चाँदनी गर्भवती महिला की नाभि पर पड़े तो गर्भ पुष्ट होता है। शरद पूनम की चाँदनी का अपना महत्त्व है लेकिन बारहों महीने चन्द्रमा की चाँदनी गर्भ को और औषधियों को पुष्ट करती है। अमावस्या और पूर्णिमा को चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है। जब चन्द्रमा इतने बड़े दिगम्बर समुद्र में उथल-पुथल कर विशेष कम्पायमान कर देता है तो हमारे शरीर में जो जलीय अंश है, सप्तधातुएँ हैं, सप्त रंग हैं, उन पर भी चन्द्रमा का प्रभाव पड़ता है । इन दिनों में अगर काम-विकार भोगा तो विकलांग संतान अथवा जानलेवा बीमारी हो जाती है और यदि उपवास, व्रत तथा सत्संग किया तो तन तंदुरुस्त, मन प्रसन्न और बुद्धि में बुद्धिदाता का प्रकाश आता है । सुख समृद्धि के लिए राशि अनुसार करे ये उपाय 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 मेष🐐 शरद पूर्णिमा पर मेष राशि के लोग कन्याओं को खीर खिलाएं और चावल को दूध में धोकर बहते पानी में बहाएं। ऐसा करने से आपके सारे कष्ट दूर हो सकते हैं। वृष🐂 इस राशि में चंद्रमा उच्च का होता है। वृष राशि शुक्र की राशि है और राशि स्वामी शुक्र प्रसन्न होने पर भौतिक सुख-सुविधाएं प्रदान करते हैं। शुक्र देवता को प्रसन्न करने के लिए इस राशि के लोग दही और गाय का घी मंदिर में दान करें। मिथुन💏 इस राशि का स्वामी बुध, चंद्र के साथ मिल कर आपकी व्यापारिक एवं कार्य क्षेत्र के निर्णयों को प्रभावित करता है। उन्नति के लिए आप दूध और चावल का दान करें तो उत्तम रहेगा। कर्क🦀 आपके मन का स्वामी चंद्रमा है, जो कि आपका राशि स्वामी भी है। इसलिए आपको तनाव मुक्त और प्रसन्न रहने के लिए मिश्री मिला हुआ दूध मंदिर में दान देना चाहिए। सिंह🐅 आपका राशि का स्वामी सूर्य है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर धन प्राप्ति के लिए मंदिर में गुड़ का दान करें तो आपकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन हो सकता है। कन्या👩 इस पवित्र पर्व पर आपको अपनी राशि के अनुसार 3 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को भोजन में खीर खिलाना विशेष लाभदाई रहेगा। तुला⚖ इस राशि पर शुक्र का विशेष प्रभाव होता है। इस राशि के लोग धन और ऐश्वर्य के लिए धर्म स्थानों यानी मंदिरों पर दूध, चावल व शुद्ध घी का दान दें। वृश्चिक🦂 इस राशि में चंद्रमा नीच का होता है। सुख-शांति और संपन्नता के लिए इस राशि के लोग अपने राशि स्वामी मंगल देव से संबंधित वस्तुओं, कन्याओं को दूध व चांदी का दान दें। धनु🏹 इस राशि का स्वामी गुरु है। इस समय गुरु उच्च राशि में है और गुरु की नौवीं दृष्टि चंद्रमा पर रहेगी। इसलिए इस राशि वालों को शरद पूर्णिमा के अवसर पर किए गए दान का पूरा फल मिलेगा। चने की दाल पीले कपड़े में रख कर मंदिर में दान दें। मकर🐊 इस राशि का स्वामी शनि है। गुरु की सातवी दृष्टि आपकी राशि पर है जो कि शुभ है। आप बहते पानी में चावल बहाएं। इस उपाय से आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। कुंभ🍯 इस राशि के लोगों का राशि स्वामी शनि है। इसलिए इस पर्व पर शनि के उपाय करें तो विशेष लाभ मिलेगा। आप दृष्टिहीनों को भोजन करवाएं। मीन🐳 शरद पूर्णिमा के अवसर पर आपकी राशि में पूर्ण चंद्रोदय होगा। इसलिए आप सुख, ऐश्वर्य और धन की प्राप्ति के लिए ब्राह्मणों को भोजन करवाएं। पं देवशर्मा 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰

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SUBHASH,GABA Oct 30, 2020

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लवनीश Oct 30, 2020

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Kumarpal Shah Oct 30, 2020

🕉️ namah shivay 🙏 @ 🙏🏼 🙏🏼 🙏🏼 *ABHIYAN* 🙏🏼 🙏🏼 🙏🏼 🕉 एक प्रयास... *📜 30 अक्टूबर 2020* *शुक्रवार* *🏚नई दिल्ली अनुसार🏚* *🇮🇳शक सम्वत-* 1942 *🇮🇳विक्रम सम्वत-* 2077 *🇮🇳मास-* द्वितीय आश्विन(शुद्ध) *🌓पक्ष-* शुक्लपक्ष *🗒तिथि-* चतुर्दशी-17:47 तक *🗒पश्चात्-* पूर्णिमा *🌠नक्षत्र-* रेवती-14:57 तक *🌠पश्चात्-* अश्विनी *💫करण-* वणिज-17:47 तक *💫पश्चात्-* विष्टि *✨योग-* वज्र-27:30 तक *✨पश्चात्-* सिद्धि *🌅सूर्योदय-* 06:31 *🌄सूर्यास्त-* 17:37 *🌙चन्द्रोदय-* 17:11 *🌛चन्द्रराशि-* मीन-14:57 तक *🌛पश्चात्-* मेष *🌞सूर्यायण-* दक्षिणायन *🌞गोल-* दक्षिणगोल *💡अभिजित-* 11:42 से 12:26 *🤖राहुकाल-* 10:41 से 12:04 *🎑ऋतु-* हेमन्त *⏳दिशाशूल-* पश्चिम *✍विशेष👉* *_🔅आज शुक्रवार को 👉 द्वितीय आश्विन (शुद्ध ) सुदी चतुर्दशी 05:47 तक पश्चात् पूर्णिमा शुरु , शरद् पूर्णिमा व्रत ( खीरभोग अर्पण ) , कुमार पूर्णिमा , कोजागरी पूर्णिमा व्रत , बुध पूर्व में उदय 29:15 पर , गुरु उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में 13:00 पर , लक्ष्मी कुबेरादि पूजा , विघ्नकारक भद्रा 17:46 से , पंचक समाप्त 14:57 पर , सर्वार्थसिद्धियोग / कार्यसिद्धियोग शनिवार सूर्योदय तक , सर्वदोषनाशक रवि योग 14:57 तक , मूल संज्ञक नक्षत्र जारी , ईद ए मिलाद ( मुस्लिम ) , वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा जयन्ती , स्वामी दयानंद सरस्वती पुण्य दिवस , विश्व मितव्ययता (बचत) दिवस व World Lemur Day ( Last Friday of October's )।_* *_🔅कल शनिवार को 👉 द्वितीय आश्विन (शुद्ध ) सुदी पूर्णिमा 20:21 तक पश्चात् प्रतिपदा शुरु , स्नान - दान - व्रतादि की आश्विनी पूर्णिमा , श्री सत्यनारायण व्रत , आश्विन मासीय स्नान - व्रत - यम - नियमादि समाप्त , आज से कार्तिक मास पर्यन्त आकाश में दीपदान करना चाहिए , नवान्न भक्षण , शुक्र हस्त नक्षत्र में 17:09 पर , कार्तिक मासीय स्नान - व्रत - यम - नियमादि प्रारम्भ , मूल संज्ञक नक्षत्र 17:58 तक , विघ्नकारक भद्रा 07:03 तक , वक्री बुध पूर्व में उदय 23:40 पर , ओली समाप्त ( जैन ) , बंगदेशीय लखी पूजा , नैमिषारण्य परिक्रमा , सरदार बल्लभ भाई पटेल जयन्ती (राष्ट्रीय एकता दिवस व संकल्प दिवस ) , श्रीमती इंदिरा गांधी पुण्य (बलिदान) दिवस , श्री उम्मन चांडी जन्म दिवस , श्री सर्बानन्द सोनोवाल जन्म दिवस , वैज्ञानिक श्री जी. माधवन नायर जन्म दिवस , महर्षि वाल्मीकि जयन्ती , विश्व शहर दिवस व World Thrift Day._* *🎯आज की वाणी👉* 🌹 *यथाशक्ति चिकीर्षन्ति* *यथाशक्ति च कुर्वते।* *न किञ्चिदवमन्यन्ते* *नराः पण्डितबुद्धयः ॥* *भावार्थ👉* _विवेकशील और बुद्धिमान व्यक्ति सदैव ये चेष्ठा करते हैं की वे यथाशक्ति कार्य करें और वे वैसा करते भी हैं तथा किसी वस्तु को तुच्छ समझकर उसकी उपेक्षा नहीं करते, वे ही सच्चे ज्ञानी हैं ।_ 🌹 *30 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ👉* 1611 - गुस्टाॅफ द्वितीय एडोल्फ 17 साल की उम्र में स्वीडन का राजा बना। 1766 - न्यूयॉर्क में सेंट पॉल के चैपल को पवित्रा किया गया। 1768 - उत्तर अमेरिकी कॉलोनियों में पहली मेथोडिस्ट चर्च की शुरुआत हुई। 1772 - कप्तान जेम्स कुक जहाज संकल्प के साथ कैपटाउन आये। 1905 - तुर्की पेशेवर स्पोर्ट्स सोसायटी क्लब, गलटासरे इस्तांबुल में स्थापित किया गया। 1922 - बेनिटो मुसोलिनी ने इटली में सरकार बनाई। 1925 - पहली बार लंदन में टेलिविजन ट्रांसमिशन हुआ। 1945 - भारत संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ। 1956 - भारत का पहला पांच सितारा होटल ‘अशोक’ खुला। 1960 - ब्रिटेन में पहली बार सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट की गई। 1963 - अफ्रीकी देश मोरक्को तथा अल्जीरिया ने युद्ध विराम संधि पर हस्ताक्षर किए। 1975 - स्पेन में किंग जुआन कारलोस ने सत्ता संभाली। 2003 - ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस चार्ल्स का भारत दौरा प्रारम्भ। 2003 - अमेरिकी विदेश मंत्री कोलिन पावेल ने पाकिस्तान को भारत के साथ शांति वार्ता करने को कहा। 2003 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ़ ने लोकतंत्र की बहाली के लिए अपनी कटिबद्धता घोषित की। 2004 - उक्रेन ने फ़्रांस को 3-1 से पराजित कर 39.5 अंक के साथ ओलंपियाड का स्वर्ण जीता। 2008 - स्टेट बैंक आफ बीकानेर एवं जयपुर ने फिक्स डिपोजिट की व्याज़ दरों में एक प्रतिशत की कमी की। 2008 - गुवाहाटी सहित असम के कई हिस्सों में कम से कम 18 धमाके हुए जिनमें 81 से अधिक व्यक्तियों की मौत हो गई और 400 से अधिक लोग घायल हो गए थे। 2013 - तेलंगाना के महबूबनगर में बस में आग लगने से 44 लोगों की मौत हुई। 2016 - कनाडा और अमेरिका के बाद विपक्ष ने बेल्जियम से मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किये। 2019 - अफ्रीकी देश कैमरून में भारी वर्षा और भूस्‍खलन से 42 लोगों की मृत्‍यु। 2019 - पाकिस्तान ने गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक सिक्का जारी किया जिसकी कीमत पाकिस्तानी करेंसी में 50 रुपये है । *30 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति👉* 1853 - प्रमथनाथ मित्र - भारत की क्रांतिकारी संस्था 'अनुशीलन समिति' के प्रारम्भिक संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 1887- सुकुमार राय, बंगाल के लोकप्रिय उपन्यासकार। 1909- होमी जहाँगीर भाभा, प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक। 1922 - भाई महावीर - मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल। 1932- बरुन डे, प्रसिद्ध इतिहासकार । 1949- प्रमोद महाजन, प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ । 1952 - दिलीप ताहिल - हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता। 1990 - राही सरनोबत - भारत की महिला पिस्टल निशानेबाज़ । *30 अक्टूबर को हुए निधन👉* 1883 - स्वामी दयानंद सरस्वती - महान् चिंतक तथा समाज सुधारक। 1910 - अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस संस्था के संस्थापक हेनरी डुनेन्ट का निधन हुआ। 1974 - बेगम अख़्तर - भारत की प्रसिद्ध ग़ज़ल और ठुमरी गायिका थीं। 1984 - ख़्वाजा खुर्शीद अनवर - प्रसिद्ध संगीतकार थे। 1990 - विनोद मेहरा - भारतीय सिनेमा के अभिनेता थे। 1990 - राजाराम वांकुडरे शांताराम - एक कुशल निर्देशक, फ़िल्मकार, बेहतरीन अभिनेता थे। 2011 - अरविंद मफतलाल भारत के प्रमुख उद्योगपति व समाजसेवी थे। 2014 - रॉबिन शॉ, प्रसिद्ध साहित्यकार। *30 अक्टूबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव👉* 🔅 वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा जयन्ती। 🔅 स्वामी दयानंद सरस्वती पुण्य दिवस । 🔅 विश्व मितव्ययता (बचत) दिवस । 🔅 World Lemur Day ( Last Friday of October's ). 🌻आपका दिन *_मंगलमय_* हो।🌻

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