white beauty
white beauty Mar 3, 2021

आज का पंचांग

आज का पंचांग

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 3 शेयर

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 08 मई 2021* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - वैशाख (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - चैत्र)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - द्वादशी शाम 05:20 तक तत्पश्चात त्रयोदशी* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद दोपहर 02:47 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - विष्कम्भ रात्रि 08:00 तक तत्पश्चात प्रीति* ⛅ *राहुकाल - सुबह 09:20 से सुबह 10:57 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:05* ⛅ *सूर्यास्त - 19:05* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र को हानि होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷 🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 09 मई, रविवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…* 👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा* 🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।* 🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।* 🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।* 👉🏻 *ये उपाय करें* *सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि* 🌷 👉🏻 *09 मई 2021 रविवार को मासिक शिवरात्रि है।* 🙏🏻 *हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी* 🌷 *1).ॐ शिवाय नम:* 🌷 *2).ॐ सर्वात्मने नम:* 🌷 *3).ॐ त्रिनेत्राय नम:* 🌷 *4).ॐ हराय नम:* 🌷 *5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम:* 🌷 *6).ॐ श्रीकंठाय नम:* 🌷 *7).ॐ सद्योजाताय नम:* 🌷 *8).ॐ वामदेवाय नम:* 🌷 *9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम:* 🌷 *10).ॐ तत्पुरुषाय नम:* 🌷 *11).ॐ ईशानाय नम:* 🌷 *12).ॐ अनंतधर्माय नम:* 🌷 *13).ॐ ज्ञानभूताय नम:* 🌷 *14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:* 🌷 *15).ॐ प्रधानाय नम:* 🌷 *16).ॐ व्योमात्मने नम:* 🌷 *17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:* 🙏🏻 *आर्थिक परेशानी से बचने हेतु* 🙏🏻 👉🏻 *हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि - कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें ।* 👉🏻 *और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।* 🙏🏻 *प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जला के रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

+98 प्रतिक्रिया 22 कॉमेंट्स • 248 शेयर

🏵️🕉️शुभ शनिवार 🏵️ शुभ प्रभात् 🕉️🏵️ 2078-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1943 🏵️-आज दिनांक--08.05.2021-🏵️ श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्यमान - 75.30 शिक्षा नौकरी आजीविका प्रेम विवाह भाग्योदय (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट ____________________________________ _____________आज विशेष______________ द्वादश ज्योतिर्लिंग संबंधित परिचय एवं रहस्य अवश्य पढ़े और जानकारी बढ़ायें ____________________________________ आज दिनांक.......................08.05.2021 कलियुग संवत्.............................. 5123 विक्रम संवत................................ 2078 शक संवत....................................1943 संवत्सर...................................श्री राक्षस अयन..................................... उत्तरायण गोल.............................................उत्तर ऋतु.............................................ग्रीष्म मास...........................................वैशाख पक्ष.......................................... कृष्ण तिथि.....द्वादशी. अपरा. 5.20 तक / त्रयोदशी वार..........................................शनिवार नक्षत्र....उ.भाद्रपद. अपरा. 2 .46 तक/ रेवती चंद्र राशि.............. मीन. संपूर्ण (अहोरात्र) योग.......... विष्कुंभ. रात्रि. 7.57 तक / प्रीति करण.......... तैत्तिल. अपरा. 5.20 तक / गर ____________________________________ सूर्योदय..............................5.51.48 पर सूर्यास्त...............................7.04.25 पर दिनमान............................... 13.12.36 रात्रिमान................................10.46.46 चंद्रास्त............... अपरा. 4.14.55 PM पर चंद्रोदय................ रात्रि. 4.29.22 AM पर राहुकाल.......प्रातः 9.10 से 10.49 (अशुभ) यमघंट.... अपरा. 2.07 से 3.46 तक(अशुभ) अभिजित..... (मध्या)12.02 से 12.55 तक पंचक ............................................. जारी पंचक समाप्ति...9.05 2021 सायं. 5.28 पर शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)..............आज है दिशाशूल............................. ...पूर्व दिशा दोष निवारण.... उड़द का सेवन कर यात्रा करें ___________________________________ ____आज की सूर्योदय कालीन ग्रह स्थिति___ ग्रह स्पष्ट.. राशि... सूर्य----------मेष 23°30' भरणी, 4 लो चन्द्र --मीन 12°11' उत्तरभाद्रपदा, 3 झ बुध-------वृषभ 12°28' रोहिणी, 1 ओ शुक्र ---------वृषभ 4°33' कृत्तिका, 3 उ मंगल-------मिथुन 14°42' आद्रा, 3 ङ बृहस्पति-------कुम्भ 5°7' धनिष्ठा, 4 गे शनि ----------मकर 19°15' श्रवण,3 खे राहू----------वृषभ 18°4' रोहिणी,3 वी केतु----------वृश्चिक 18°4' ज्येष्ठा,1 नो ___________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * शुभ...................प्रातः 7.31 से 9.10 तक चंचल.............अपरा. 12.28 से 2.07 तक लाभ...............अपरा. 2.07 से 3.46 तक अमृत...............अपरा. 3.46 से 5.25 तक * चौघड़िया रात्रि * लाभ..........सायं-रात्रि. 7.04 से 8.25 तक शुभ...............रात्रि. 9.46 से 11.07 तक अमृत.......रात्रि.11.07 से 12.28 AM तक चंचल..रात्रि. 12.28 AM से 1.49 AM तक लाभ.....रात्रि. 4.30 AM से 5.51 AM तक (विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है ) ___________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ____________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 08.08 AM तक--उ-भाद्रपद-----3----(झ) 02.46 PM तक--उ-भाद्रपद-----4----(ञ) (पाया - लोह) 09.25 PM तक-------रेवती---- 1-----(दे) 04.04 AM तक-------रेवती-----2----(दो) उपरांत रात्रि तक-------रेवती-----3----(च) (पाया-स्वर्ण ) __________सभी की राशि मीन____________ _____________________________________ ____________आज का दिन______________ व्रत विशेष...................................... नहीं नियमित व्रत............. वैशाख स्नान व्रत जारी पर्व विशेष............... श्री सेन महाराज जयंती दिन विशेष................. विश्व रेडक्रॉस दिवस सर्वा.सि.योग................................... नहीं सिद्ध रवियोग.................................. नहीं ____________________________________ _____________कल का दिन______________ दिनांक..............................09.05 2021 तिथि............ वैशाख कृष्णा त्रयोदशी रविवार व्रत विशेष..............मास शिवरात्रि एवं प्रदोष नियमित व्रत............ .वैशाख स्नान व्रत जारी पर्व विशेष..... प्रताप जयंती अंग्रेजी तारीख से दिन विशेष.....भद्रा. रात्रि. 7.30 से रात्रि पर्यंत सर्वा.सि.योग...................................नहीं सिद्ध रवियोग................................. नहीं ____________________________________ _____________आज विशेष _____________ देशभर में जो ज्योर्तिलिंग है वे सभी स्वंभू माने जाते हैं। शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुखशांति और सौभाग्य प्राप्त होता हैं। 12 ज्योतिर्लिंग के पूजन या दर्शन से जितना पुण्यकाल प्राप्त होता है उतना किसी भी शिवलिंग के पूजन या दर्शन से नहीं होता है। आओ जानते हैं 12 ज्योतिर्लिंग के 12 रहस्य। 1. सोमनाथ ज्योर्तिलिंग : यहां के ज्योतिर्लिंग के सबसे प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है। इसे भगवान चंद्रदेव ने स्थापित किया था। गुजरात के सौराष्ट्र क्षे‍त्र में स्थित यह ज्योतिर्लिंग ऐतिहासिक महत्व रखता है। सौराष्ट्र देशे विशवेऽतिरम्ये, ज्योतिर्मय चंद्रकलावतंसम्। भक्तिप्रदानाय कृतावतारम् तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये।। 2. श्री मल्लिकार्जुन : यह ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश के कृष्णा जिले में श्रीशैल पर्वत पर स्थित है। इस पर्वत को दक्षिण का कैलास भी कहते हैं। यह स्थान कृष्णा नदी के तट पर है। श्री शैलश्रृंगे विविधप्रसंगे, शेषाद्रीश्रृंगेऽपि सदावसंततम्। तमर्जुनं मल्लिकार्जुनं पूर्वमेकम्, नमामि संसारसमुद्रसेतुम्।। 3. श्री महाकालेश्वर : मध्यप्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी तट पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है। इसे महाकाल कहते हैं। अवंतिकाया विहितावतारम्, मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थम्, वंदे महाकाल महासुरेशम्।। 4. श्री ओंकारेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश में नर्मदा किनारे स्थित है। यहां पर विंध्य पर्वत ने शिवजी की आराधना की थी। इंदौर से यह स्थान लगभग 95 किलोमीटर दूर है। कावेरिकानर्मदयो: पवित्रसमागे सज्जनतारणाय। सदैव मांधातृपुरे वसंतम्, ओंकारमीशं शिवमेकमीडे। 5. श्री केदारनाथ : भगवान शिव यह यह स्थान उत्तराखंड के हिमालय में बद्रीनाथ धाम के पास लगभग 12 हजार फुट की ऊंचाई पर है। हरिद्वार से ऋषिकेश और ऋषिकेश से गौरीकुंड जाकर फिर पहाड़ी मार्ग से पैदल या टट्टू पर चढ़कर जाना होता है। इस ज्यो‍तिर्लिंग की कथा पांडवों से जुड़ी है। हिमाद्रीपार्श्वे च समुल्लसंतम् सम्पूज्यमानं सततं मुनीन्द्रै:। सुरासुरैर्यक्षमहोरगाद्यै:, केदारसंज्ञं शिवमीशमीडे। 6. श्री भीमाशंकर : महाराष्ट्र की सह्याद्री पर्वतमाला में भीमा नदी के तट पर यह ज्योतिर्लिंग स्‍थित है। नासिक से यह स्थान 180 किलोमीटर पड़ता है। यहां पर भगवान शिव ने भीमासुर राक्षस का वध किया था। पुणे के पास तलेगांव से भी यहां जा सकते हैं। यो डाकिनीशाकिनिकासमाजै: निषेव्यमाण: पिशिताशनेश्च। सदैव भीमेशपद्प्रसिद्धम्, तं शंकरं भक्तहिंत नमामि। 7. श्री विश्वनाथ : यह ज्योतिर्लिंग उत्तरप्रदेश के वाराणसी गंगा के तट पर स्थित है। इसे बनारस या काशी भी कहते हैं। कहते हैं कि वाराणसी की सीमा में जो व्यक्ति अपने प्राण त्यागता है, वह इस संसार के जंजाल से मुक्त हो जाता है, क्योंकि भगवान विश्वनाथ स्वयं उसे मरते समय तारक मंत्र सुनाते हैं। सानंदमानंदवने वसंतमानंदकंद हतपापवृंदम्। वाराणसीनाथमनाथनाथम्, श्री विश्वनाथं शरणं प्रपद्ये।। 8. श्री त्र्यंबकेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक से 25 किमी दूर गोदावरी नदी के तट पर है। यह स्थान महर्षि गौतम और उनकी पत्नी गौतमी से जुड़ा है। सह्याद्रीशीर्षे विमले वसंतम्, गोदावरीतीरपवित्रदेशे। यद्यर्शनात् पातकपाशु नाशम्, प्रयाति त्र्यंबकमीशमीडे। 9. श्री वैद्यनाथ : यह ज्योतिर्लिंग झारखंड के देवघर में स्थित है। कहते हैं- रावण ने घोर तपस्या कर शिव से एक पिण्ड प्राप्त किया जिसे वह लंका में स्थापित करना चाहता था, परंतु शिव लीला से वह पिण्ड वैद्यनाथ में ही स्थापित हो गया। पूर्वोत्तरे पारलिका‍भिधाने, सदाशिवं तं गिरिजासमेतम्। सुरासुराराधितपादपद्मम्, श्री वैद्यनाथं सततं नमामि।। 10. श्री नागेश्वर : महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में हिंगोली नामक स्थान से 27 किमी दूर यह ज्योतिर्लिंग है। यहां दारूक वन में निवास करने वाले दारूक राक्षस का नाश सुप्रिय नामक वैश्य ने शिव द्वारा दिए पाशुपतास्त्र से किया था। याम्ये सदंगे नगरेऽतिरम्ये, विभूषिताडं विविधैश्च भोगै:। सद्भक्ति मुक्ति प्रदमीशमेकम्, श्री नागनाथं शरणं प्रपद्यै।। 11. श्री रामेश्वरम् : इस ज्योतिर्लिंग का संबंध भगवान राम से है। राम वानर सेना सहित लंका आक्रमण हेतु देश के दक्षिणी छोर पर आ पहुंचे। यहां पर श्रीराम ने बालू का पिण्ड बनाकर शिव की आराधना की और रावण पर विजय हेतु शिव से वरदान मांगा। रामेश्वरम् तमिलनाडु में स्‍थित है। यहां बस और रेल दोनों से जा सकते हैं। श्री ताम्रपर्णीजलराशियोगे, निबध्य सेतु निधी बिल्वपत्रै:। श्रीरामचंद्रेण समर्पितं तम्, रामेश्वराख्यं सततं नमामि।। 12. श्री घृष्णेश्वर : महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में दौलताबाद के पास विश्वप्रसिद्ध अजंता-एलोरा की गुफाएं हैं। यहीं पर ज्योतिर्लिंग स्‍थित है। कहते हैं- 'घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से वंशवृद्धि होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है।' इलापुरे रम्यशिवालये स्मिन्, समुल्लसंतम त्रिजगद्वरेण्यम्। वंदेमहोदारतरस्वभावम्, सदाशिवं तं घृषणेश्वराख्यम्।। ---------------------------------------------------------- *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ___________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) अगर आपकी योजना आज बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। आपके घर से जुड़ा निवेश फ़ायदेमंद रहेगा। आपके जीवन-साथी की सेहत तनाव और चिंता का कारण बन सकती है। प्रेमी एक-दूसरे की पारिवारिक भावनाओं को समझेंगे। इस राशि वाले जातकों को आज खाली वक्त में आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा करके आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। जो यह समझते हैं कि शादी केवल एक समझौता है, वे ग़लत हैं। क्योंकि आज आपको सच्चे प्यार का एहसास होगा। यह दिन हो सकता है बहुत ही बढ़िया - दोस्तों या परिजनों के साथ बाहर जाकर फ़िल्म देखने की योजना भी बन सकती है। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज के दिन बहुत-कुछ आपके कंधों पर टिका हुआ है और फ़ैसले लेने के लिए स्पष्ट सोच ज़रूरी है। यदि शादीशुदा हैं तो आज अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और आपको उनके स्वास्थ्य पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। कुछ समय आप अपने शौक़ और अपने परिवार वालों की मदद में भी ख़र्च कर सकते हैं। अपने प्रिय की बातों के प्रति आप ज़रूरत से ज़्यादा संवेदनशील रहेंगे- आपको अपने जज़्बात पर क़ाबू रखने की ज़रूरत है और ऐसा कुछ करने से बचें जो मामले को और भी बिगाड़ दे। आप जिस प्रतियोगिता में भी क़दम रखेंगे, आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको जीत दिलाने में सहयोग देगा। जीवनसाथी की ओर से जानबूझ कर भावनात्मक चोट मिल सकती है, जिसके चलते आप उदास हो सकते हैं। पिता या बड़ा भाई आज आपकी किसी गलती पर आपको डांट सकता है। उनकी बातों को समझने की कोशिश करें। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आप निराशावादी रवैये से बचें क्योंकि न सिर्फ़ यह आपकी संभावनाओं को कम कर देगा, बल्कि शरीर के आंतरिक संतुलन को भी बिगाड़ देगा। अनचाहा कोई महमान आज आपके घर आ सकता है जिसके आने से आपको घर के उन समानों पर भी खर्चा करना पड़ सकता है जिनको आपने अगले महीने पर टाला हुआ था। विदेश में रह रहे किसी रिश्तेदार से मिला तोहफ़ा आपके लिए ख़ुशी लेकर आएगा। कोई पौधा लगाएँ। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। आपकी भागदौड़ भरी दिनचर्या के कारण आपका जीवनसाथी ख़ुद को दरकिनार महसूस कर सकता है, जिसका इज़हार शाम को होना मुमकिन है। बहुत ज्यादा बातें करके आज आपको सिर में दर्द हो सकता है। इसलिए जितनी आवश्यकता हो उतनी ही बातें करें। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आपके हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा आज किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। आपको बच्चों या ख़ुद से कम अनुभवी लोगों के साथ धैर्य से काम लेने की ज़रूरत है। आपकी मुस्कुराहट आपके प्रिय की नाराज़गी दूर करने के लिए सबसे अच्छी दवा है। आप चाहें तो परेशानियों को मुस्कुराकर दरकिनार कर सकते हैं या उनमें फँसकर परेशान हो सकते हैं। चुनाव आपको करना है। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। आपकी बातें आज आपके करीबियों को समझ नहीं आएंगी जिसकी वजह से आप परेशानी महसूस करेंगे। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज के दिन आप बिना झंझट विश्राम कर सकेंगे। अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए तैल से मालिश करें। माली सुधार की वजह से ज़रूरी ख़रीदारी करना आसान रहेगा। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में आप ख़ुद को ख़ुशनसीब पाएंगे, क्योंकि आपका हमदम वाक़ई सबसे बेहतरीन है। खाली समय में आप कोई खेल आज के दिन खेल सकते हैं लेकिन इस दौरान किसी तरह की दुर्घटना होने की भी संभावना है इसलिए संभलकर रहें। आज आपको ऐसा अनुभव होगा कि आपके जीवनसाथी के द्वारा आपको नीचा दिखाया जा रहा है। जहां तक सम्भव हो इसे नजरअंदाज करें। अगर बहुत ज़्यादा न हो, तो आज देर रात स्मार्टफ़ोन पर गप्पें मारने में भी कोई बुराई नहीं है। हालाँकि किसी भी चीज़ की अति नुक़सानदेह है। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आपका क्षणिक ग़ुस्सा विवाद और दुर्भावना की वजह बन सकता है। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। घरेलू काम थका देने वाला होगा और इसलिए मानसिक तनाव की वजह भी बन सकता है। आपकी ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा- क्योंकि आपका प्रिय आपने लिए बहुत सारी ख़ुशी की वजह साबित होगा। आज धार्मिक कामों में आप अपना खाली समय बिताने का विचार बना सकते हैं। इस दौरान बेवजह की बहसों में आपको नहीं पड़ना चाहिए। आप अपने जीवनसाथी के प्यार की मदद से ज़िन्दगी की मुश्किलों का आसानी से सामना कर सकते हैं। आज आपका आत्मविश्वास कमजोर रह सकता है। इसका कारण आपकी खराब दिनचर्या है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज बहुत ज़्यादा चिंता और तनाव की आदत आपकी सेहत बर्बाद कर सकती है। मानसिक स्पष्टता बनाए रखने के लिए शंका और झुंझलाहट से निजात पाएँ। अगर आप लम्बे वक़्त के लिए निवेश करें, तो अच्छा-ख़ासा फ़ायदा हासिल कर सकते हैं। आप महसूस करेंगे कि आपके दोस्त सहयोगी स्वभाव के हैं- लेकिन बोलने में सावधानी बरतें। आप अचानक गुलाबों की ख़श्बू से ख़ुद को सराबोर पाएंगे। यह प्यार की मदहोशी है, इसे महसूस करें। परिवार की जरुरतों को पूरा करते-करते आप कई बार खुद को वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप सबसे दूर होकर अपने आप के लिए वक्त निकाल पाएंगे। आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा नहीं रहेगा क्योंकि कई मामलों में आपसी असहमति रह सकती है; और इससे आपके रिश्ते कमजोर होंगे। आपके मन में आज अपने किसी खास को लेकर निराशा रेहेगी। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज सेहत से जुड़ी समस्याएँ आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं। आप जीवन में पैसे की अहमियत को नहीं समझते लेकिन आज आपको पैसे की अहमियत समझ में आ सकती है क्योंकि आज आपको पैसे की बहुत आवश्यकता होगी लेकिन आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। कोई ऐसा रिश्तेदार जो बहुत दूर रहता है, आज आपसे संपर्क कर सकता है। ज़रा संभल कर, क्योंकि आपका प्रिय रूमानी तौर पर आपको मक्खन लगा सकता है - मैं तुम्हारे बग़ैर इस दुनिया में नहीं रह सकता/सकती। आप खाली समय में अपने पसंदीदा काम करना पसंद करते हैं, आज भी आप ऐसा ही कुछ करने का सोचेंगे लेकिन किसी शख्स के घर में आने की वजह से आपका यह प्लान चौपट हो सकता है। जीवनसाथी के साथ आज की शाम वाक़ई कुछ ख़ास होने वाली है। छात्र जिस विषय में कमजोर हैं उस विषय के बारे में आज अपने गुरु से बात कर सकते हैं। गुरु की सलाह आपको उस विषय की जटिलताओं को समझने में सहायक होगी। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) अगर आपकी योजना आज बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। बिना किसी की मदद के भी आप धन कमा पाने में सक्षम हो सकते हैं बस आपको खुद पर विश्वास करने की जरुरत है। आज का दिन ख़ुशियों से भरा रहेगा, क्योंकि आपका जीवन-साथी आपको ख़ुशी देने का हर प्रयास करेगा। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज़ देखने को मिल सकता है। इस राशि के लोगोंं को आज शराब सिगरेट से दूर रहने की जरुरत है क्योंकि इससे आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है। अगर थोड़ी-सी कोशिश की जाए तो जीवनसाथी के साथ आज का दिन आपकी ज़िन्दगी के सबसे रोमानी दिनों में से एक हो सकता है। शादीशुदा हैं तो आज आपके बच्चे की कोई शिकायत घर पर आ सकती है जिससे आप परेशान हो जाएंगे। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज अपना तनाव दूर करने के लिए परिवार वालों की मदद लें। उनकी सहायता को खुले दिल से स्वीकारें। अपनी भावनाओं को दबाएँ और छुपाएँ नहीं। अपने जज़्बात दूसरों के साथ साझा करने से फ़ायदा मिलेगा। इस राशि के विवाहित जातकों को आज ससुराल पक्ष से धन लाभ होने की संभावना है। दोस्तों को अपने उदार स्वभाव का ग़लत फ़ायदा न उठाने दें। आपके महसूस करेंगे कि फ़िज़ाओं में प्यार घुला हुआ है। नज़रें उठाकर तो देखिए, आपको सब-कुछ प्रेम के रंग में रंगा दिखाई देगा। आज खाली वक्त्त किसी बेकार के काम में खराब हो सकता है। वैवाहिक जीवन के कई फ़ायदे भी होते हैं और आप उन्हें आज हासिल कर सकते हैं। स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करने से तनाव बढ़ना संभव है, इसलिए डॉक्टरी सलाह आपके लिए कारगर सिद्ध हो सकती है। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आज आपके पास अपनी सेहत और लुक्स से जुड़ी चीज़ों को सुधारने के लिए पर्याप्त समय होगा। आज का दिन ऐसी चीज़ों को ख़रीदने के लिए बढ़िया है, जिनकी क़ीमत आगे चलकर बढ़ सकती है। जीवनसाथी और बच्चों से अतिरिक्त स्नेह और सहयोग मिलेगा। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। आप शादीशुदा ज़िन्दगी से जुड़े चुटकुले सोशल मीडिआ पर पढ़कर खिलखिलाते हैं। लेकिन आज जब आपके वैवाहिक जीवन से जुड़ी कई प्यारी चीज़ें आपके सामने आएंगी, तो आप भावुक हुए बिना नहीं रह सकेंगे। लोगोंं के बीच रहकर सबका सम्मान करना आपको आता है इसलिए आप भी सबकी नजरों में अच्छी छवि बना पाते हैं। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) आज आप स्वयं को शांत बनाए रखें क्योंकि आज आपको ऐसी कई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनके चलते आप काफ़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। ख़ास तौर पर अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखें, क्योंकि यह और कुछ नहीं बल्कि थोड़ी देर पागलपन है। आज अगर आप दूसरों की बात मानकर निवेश करेंगे, तो आर्थिक नुक़सान तक़रीबन पक्का है। जब आप अकेलापन महसूस करें तो अपने परिवार की मदद लीजिए। यह आपको अवसाद से बचाएगा। साथ ही यह समझदारी भरा फ़ैसला लेने में आपकी मदद करेगा। आप इस दिन को अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं भूलेंगे, अगर आप प्यार में डूबने के मौक़े को आज यूँ ही न गवाएँ तो। जब आपको लगता है कि आपके पास घर वालों या अपने दोस्तों के लिए टाइम नहीं है तो आपका मन खराब हो जाता है। आज भी आपकी मन स्थिति ऐसी ही रह सकती है। कई लोग साथ तो रहते हैं, लेकिन उनके जीवन में रोमांस नहीं होता। लेकिन यह दिन आपके लिए बेहद रोमानी होने वाला है। अपने सामर्थ्य से ज्यादा काम करना आपके लिए नुकसानदायक साबित होगा। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

+22 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 59 शेयर
Ajay Awasthi May 7, 2021

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -: 07/05/2021,शुक्रवार* एकादशी, कृष्ण पक्ष वैशाख """""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि----------- एकादशी 15:31:36 तक पक्ष--------------------------- कृष्ण नक्षत्र---------- पू०भा० 12:25:01 योग-------------- वैधृति 19:28:13 करण-------------- बालव 15:31:36 करण-------------कौलव 28:22:55 वार------------------------ शुक्रवार माह------------------------- वैशाख चन्द्र राशि-------- कुम्भ05:53:46 चन्द्र राशि-------------------- मीन सूर्य राशि--------------------- मेष रितु--------------------------- वसंत सायन-------------------------ग्रीष्म आयन-------------------- उत्तरायण संवत्सर----------------------- प्लव संवत्सर (उत्तर)--------- आनंद विक्रम संवत---------------- 2078 विक्रम संवत (कर्तक)---- 2077 शाका संवत----------------- 1943 वृन्दावन सूर्योदय--------------- 05:36:42 सूर्यास्त----------------- 18:55:07 दिन काल--------------- 13:18:24 रात्री काल--------------- 10:40:53 चंद्रास्त---------------- 15:10:44 चंद्रोदय------------------ 27:47:02 लग्न---- मेष 22°31' , 22°31' सूर्य नक्षत्र------------------- भरणी चन्द्र नक्षत्र------------- पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र पाया--------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* दा---- पूर्वाभाद्रपदा 05:53:46 दी---- पूर्वाभाद्रपदा 12:25:01 दू---- उत्तराभाद्रपदा 18:57:56 थ---- उत्तराभाद्रपदा 25:32:27 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ========================== सूर्य= मेष 22°52 ' भरणी , 3 ले चन्द्र = कुम्भ 29°23 ' पू०भा० , 3 दा बुध = वृषभ 10°57' रोहिणी' 1 ओ शुक्र= वृषभ 03°55, कृतिका ' 2 ई मंगल=मिथुन 14°30 ' आर्द्रा ' 3 ङ गुरु=कुम्भ 04°22 ' धनिष्ठा , 4 गे शनि=मकर 19°43 ' श्रवण ' 3 खे राहू=(व)वृषभ 18°08 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 18°08 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 10:36 - 12:16 अशुभ यम घंटा 15:36 - 17:15 अशुभ गुली काल 07:17 - 08:56 अशुभ अभिजित 11:49 -12:43 शुभ दूर मुहूर्त 08:16 - 09:10 अशुभ दूर मुहूर्त 12:43 - 13:36 अशुभ 🚩पंचक अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन चर 05:37 - 07:17 शुभ लाभ 07:17 - 08:56 शुभ अमृत 08:56 - 10:36 शुभ काल 10:36 - 12:16 अशुभ शुभ 12:16 - 13:56 शुभ रोग 13:56 - 15:36 अशुभ उद्वेग 15:36 - 17:15 अशुभ चर 17:15 - 18:55 शुभ 🚩चोघडिया, रात रोग 18:55 - 20:15 अशुभ काल 20:15 - 21:35 अशुभ लाभ 21:35 - 22:55 शुभ उद्वेग 22:55 - 24:16* अशुभ शुभ 24:16* - 25:36* शुभ अमृत 25:36* - 26:56* शुभ चर 26:56* - 28:16* शुभ रोग 28:16* - 29:36* अशुभ 💮होरा, दिन शुक्र 05:37 - 06:43 बुध 06:43 - 07:50 चन्द्र 07:50 - 08:56 शनि 08:56 - 10:03 बृहस्पति 10:03 - 11:09 मंगल 11:09 - 12:16 सूर्य 12:16 - 13:22 शुक्र 13:22 - 14:29 बुध 14:29 - 15:36 चन्द्र 15:36 - 16:42 शनि 16:42 - 17:49 बृहस्पति 17:49 - 18:55 🚩होरा, रात मंगल 18:55 - 19:49 सूर्य 19:49 - 20:42 शुक्र 20:42 - 21:35 बुध 21:35 - 22:29 चन्द्र 22:29 - 23:22 शनि 23:22 - 24:16* बृहस्पति 24:16* - 25:09* मंगल 25:09* - 26:02* सूर्य 26:02* - 26:56* शुक्र 26:56* - 27:49* बुध 27:49* - 28:43* चन्द्र 28:43* - 29:36* *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 15 + 11 + 6 + 1 = 33 ÷ 4 = 1 शेष पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष कैलाश वास = शुभ कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * वरुथिनी एकादशी व्रत (सर्वेषां) * श्री बल्लभाचार्य जयन्ती * टैंगोर जयन्ती * पंचक अहोरात्र *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* दर्शनाध्यानसंस्पर्शैर्मत्सी कूर्मी च पक्षिणी । शिशुपालयते नित्यं तथा सज्जनसड्गतिः ।। ।।चा o नी o।। जैसे मछली दृष्टी से, कछुआ ध्यान देकर और पंछी स्पर्श करके अपने बच्चो को पालते है, वैसे ही संतजन पुरुषों की संगती मनुष्य का पालन पोषण करती है. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: ज्ञानकर्म सन्यासयोग अo-4 दैवमेवापरे यज्ञं योगिनः पर्युपासते ।, ब्रह्माग्नावपरे यज्ञं यज्ञेनैवोपजुह्वति ॥, दूसरे योगीजन देवताओं के पूजनरूप यज्ञ का ही भलीभाँति अनुष्ठान किया करते हैं और अन्य योगीजन परब्रह्म परमात्मारूप अग्नि में अभेद दर्शनरूप यज्ञ द्वारा ही आत्मरूप यज्ञ का हवन किया करते हैं।, (परब्रह्म परमात्मा में ज्ञान द्वारा एकीभाव से स्थित होना ही ब्रह्मरूप अग्नि में यज्ञ द्वारा यज्ञ को हवन करना है।,)॥,25॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार में लाभ होगा। निवेश शुभ रहेगा। संतान पक्ष से आरोग्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। हानि संभव है। भाइयों का साथ मिलेगा। 🐂वृष किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। परिवार व मित्रों के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। शारीरिक कष्ट संभव है, सावधान रहें। निवेश शुभ रहेगा। तीर्थयात्रा की योजना बन सकती है। 👫मिथुन व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। बजट बिगड़ेगा। दूर से शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। भागदौड़ रहेगी। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार में अधिक ध्यान देना पड़ेगा। जोखिम न उठाएं। 🦀कर्क कष्ट, भय, चिंता व तनाव का वातावरण बन सकता है। जीवनसाथी पर अधिक मेहरबान होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। पारिवारिक प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यय होगा। मित्रों से मेलजोल बढ़ेगा। नए संपर्क बन सकते हैं। धनार्जन होगा। 🐅सिंह तरक्की के अवसर प्राप्त होंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ बाहर जाने की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के योग हैं। परिवार व स्नेहीजनों के साथ विवाद हो सकता है। शत्रुता में वृद्धि होगी। अज्ञात भय रहेगा। थकान महसूस होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। 🙍‍♀️कन्या यात्रा सफल रहेगी। शारीरिक कष्ट हो सकता है। बेचैनी रहेगी। नई योजना बनेगी। लोगों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। काफी समय से अटके काम पूरे होने के योग हैं। भरपूर प्रयास करें। आय में मनोनुकूल वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। ⚖️तुला अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेने की स्थिति बन सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। व्ययसाय लाभप्रद रहेगा। कार्य पर ध्यान दें। 🦂वृश्चिक कोई राजकीय बाधा हो सकती है। जल्दबाजी में कोई भी गलत कार्य न करें। विवाद से बचें। काफी समय से अटका हुआ पैसा मिलने का योग है, प्रयास करें। या‍त्रा लाभदायक रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। वस्तुएं संभालकर रखें। 🏹धनु किसी की बातों में न आएं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। अचानक लाभ के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार में वृद्धि से संतुष्टि रहेगी। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। उत्साह से काम कर पाएंगे। 🐊मकर परिवार की आवश्यकताओं के लिए भागदौड़ तथा व्यय की अधिकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कार्य की गति धीमी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। निवेश करने का समय नहीं है। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है, धैर्य रखें। 🍯कुंभ जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्यवसाय धीमा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की नाराजी झेलनी पड़ सकती है। परिवार में मनमुटाव हो सकता है। सुख के साधनों पर व्यय सोच-समझकर करें। निवेश करने से बचें। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। 🐟मीन किसी अपरिचित की बातों में न आएं। धनहानि हो सकती है। थोड़े प्रयास से ही काम सफल रहेंगे। मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

+86 प्रतिक्रिया 24 कॉमेंट्स • 189 शेयर
HEMANT JOSHI May 7, 2021

*शनिवार को ये उपहार ना दें* ~~~~~~~~~~~~~~~~~ सनातन धर्म मे शनिदेव को न्यायधीश कहते है, अर्थात मनुष्य के अच्छे बुरे कर्मो का फल देना शनिदेव का काम है ! जिसकी कुण्डली मे शनिदेव प्रतिकुल संथान पर हो उसे जीवन मे परेशानीयों का सामना करना पडता है ! ज्योतिष मे शनिदेव को कर्म फल का प्रदाता कहते है ! शनि ही व्यक्ति को अच्छे बुरे कर्मो का फल प्रदान कर व्यक्ति के जीवन को सफल या दुश्वर बनाते है ! भारतीय ज्योतिष मे संसार कि हर वस्तु को उसके गुण धर्म के आधार पर नवग्रहो के अनुरुप के वर्गीकृत किया गया है ! गिफ्ट व्यक्ति के सामाजिक जीवन को समृद्ध बनाते है ! वैसे तो किसी भी वस्तु को खरीदकर उसे भेंट करने का समय उसकी जरुरत पर निर्भर करता है, परन्तु ज्योतिष शास्त्र मे भी इसके कुछ नियम बताए गए है ! ऐसा माना गया है की शनिवार को कुछ चीजे भेंट करने अथवा किसी को गिफ्ट करने से कुण्डली मे शनि का बल कमजोर पड जाता है, या कुण्डली मे शनि की अशुभता बढती है ! इस लेख मे हम आपको बताने जा रहे है की शनिवार को क्या गिफ्ट करने पर शनिदेव हो जाते है नाराज ?? १👉 चॉकलेट - शनिवार को चॉकलेट गिफ्ट करने पर व्यक्ति की मानसिक क्षमता मे कमी आती है ! २👉 मोती :-- शनिवार के दिन मोती खरीद कर गिफ्ट करने पर शनिदेव यंत्रो से होने वाली दुर्घटना मे भी बढत करते है ! ३👉 कैंची शनिवार के दिन चांदी,लोहे अथवा स्टील से बनी कैंची खरीदकर गिफ्ट करने से शनिदेव रिस्तो मे तनाव लाते है ! ४👉 चांदी चांदी के आभुषण शनिवार के दिन खरीदकर गिफ्ट करने से शनिदेव व्यक्ति के कर्ज मे वृद्धि करते है ! ५👉 लाल रंग के कपडे :-- शनिवार को लाल रंग के कपडे खरीद कर गिफ्ट करने पर व्यक्ति की सामाजिक छवि खराब होती है ! ६👉 चमेली का इत्र :-- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को चमेली का इत्र खरीदकर गिफ्ट करने पर व्यक्ति रोगकारी होता है ! ७👉 लाल स्याही :-- वॉलपेन शनिवार के दिन लाल स्याही वाला पेन खरीदकर गिफ्ट करने से शनिदेव अपयश का भागी बनाते है ! ८👉 तांबे का बर्तन :-- यह दान करने से शनिदेव की कोप दृष्टि मे बढोतरी होती है, और मुनाफे मे चल रहा व्यापार घाटा देने लगता है ! ९👉 सफेद रंग के कपडे :--शनिवार को सफेद रंग के कपडे खरीदकर गिफ्ट करने पर व्यक्ति को पारिवारिक कलह का सामना करना पडता है ! १०👉 नारंगी रंग की मिठाई :-- शनिवार को नारंगी रंग की मिठाईयां जैसे इमरती या जलेबी गिफ्ट करने पर व्यक्ति के दुर्घटनाओ के योग बनते है !! *जय गणेश जय शंकर जय गोमाता* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 16 शेयर

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 08 मई 2021* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - वैशाख (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - चैत्र)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - द्वादशी शाम 05:20 तक तत्पश्चात त्रयोदशी* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद दोपहर 02:47 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - विष्कम्भ रात्रि 08:00 तक तत्पश्चात प्रीति* ⛅ *राहुकाल - सुबह 09:20 से सुबह 10:57 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:05* ⛅ *सूर्यास्त - 19:05* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र को हानि होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷 🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 09 मई, रविवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…* 👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा* 🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।* 🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।* 🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।* 👉🏻 *ये उपाय करें* *सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि* 🌷 👉🏻 *09 मई 2021 रविवार को मासिक शिवरात्रि है।* 🙏🏻 *हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी* 🌷 *1).ॐ शिवाय नम:* 🌷 *2).ॐ सर्वात्मने नम:* 🌷 *3).ॐ त्रिनेत्राय नम:* 🌷 *4).ॐ हराय नम:* 🌷 *5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम:* 🌷 *6).ॐ श्रीकंठाय नम:* 🌷 *7).ॐ सद्योजाताय नम:* 🌷 *8).ॐ वामदेवाय नम:* 🌷 *9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम:* 🌷 *10).ॐ तत्पुरुषाय नम:* 🌷 *11).ॐ ईशानाय नम:* 🌷 *12).ॐ अनंतधर्माय नम:* 🌷 *13).ॐ ज्ञानभूताय नम:* 🌷 *14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:* 🌷 *15).ॐ प्रधानाय नम:* 🌷 *16).ॐ व्योमात्मने नम:* 🌷 *17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:* 🙏🏻 *आर्थिक परेशानी से बचने हेतु* 🙏🏻 👉🏻 *हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि - कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें ।* 👉🏻 *और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।* 🙏🏻 *प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जला के रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

+2 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 2 शेयर

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 07 मई 2021* ⛅ *दिन - शुक्रवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - ग्रीष्म* ⛅ *मास - वैशाख (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - चैत्र)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - एकादशी शाम 03:32 तक तत्पश्चात द्वादशी* ⛅ *नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद दोपहर 12:26 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद* ⛅ *योग - वैधृति शाम 07:31 तक तत्पश्चात विष्कम्भ* ⛅ *राहुकाल - सुबह 10:58 से दोपहर 12:35 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:05* ⛅ *सूर्यास्त - 19:04* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - वरुथिनी एकादशी* 💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।* 💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* 💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।* 💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।* 💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *वरूथिनी एकादशी* 🌷 ➡ *06 मई 2021 गुरुवार को दोपहर 02:11 से 07 मई, शुक्रवार को शाम 03:32 तक एकादशी है ।* 💥 *विशेष - 07 मई, शुक्रवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।* *वरूथिनी एकादशी (सौभाग्य, भोग, मोक्ष प्रदायक व्रत; १०,००० वर्षों की तपस्या के समान फल | माहात्म्य पढ़ने-सुनने से १००० गोदान का फल )* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *पुण्यदायी तिथियाँ* 🌷 ➡ *14 मई - अक्षय तृतिया ( पूरा दिन शुभ मुहूर्त ), त्रेता युगादि तिथि ( स्नान, दान, जप, तप, हवन आदि का अनंत फल ), विष्णुपदी संक्रांति (पुण्यकाल : दोपहर 12:35 से सूर्यास्त ) ध्यान, जप व पुण्यकर्म का लाख गुना फल )* ➡ *19 मई - बुधवारी अष्टमी ( दोपहर 12:51से 20 मई सूर्योदय तक )* ➡ *23 मई - त्रिस्पृशा-मोहिनी एकादशी* ➡ *24 मई - वैशाख शुक्ल त्रयोदशी इसी दिन से वैशाखी पूर्णिमा (26 मई) तक के प्रात: पुण्यस्नान से सम्पूर्ण वैशाख मास-स्नान का फल व गीता-पाठ से अश्वमेध यज्ञ का फल |* ➡ *26 मई - खग्रास व खंडग्रास चन्द्रग्रहण (पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में खंडग्रास दिखेगा, वही नियम पालनीय | कुछ प्रमुख स्थानों के ग्रहण – समयों हेतु देखें लिंक : www.ashram.org/grahan* ➡ *02 जून - बुधवारी अष्टमी (सूर्योदय से रात्रि 01:13 तक )* ➡ *06 जून - अपरा एकादशी ( व्रत से बहुत पुण्यप्राप्ति और बड़े-बड़े पातकों का नाश )* ➡ *13 जून - रविपुष्यामृत योग ( रात्रि 07:01 से 14 जून सुयोदय तक )* ➡ *15 जून - षडशीति संक्रान्ति (पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर 12:39 तक) (ध्यान, जप व पुण्यकर्म का ८६,००० गुना फल)* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचाग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

+78 प्रतिक्रिया 25 कॉमेंट्स • 208 शेयर

. 🌞 *आज का हिन्दू पंचांग* 🌞 🌞 *07 मई 2021 (अंग्रेजी तिथि)* 🌞 ☀️ *सूर्य उदय/अस्त* - 05:38 से 19:11 तक 🌞 *विक्रमी संवत 2078* 🌞 *वैशाख मास, कृष्ण पक्ष* 1️⃣ *तिथि* - एकादशी 15:32 तक, द्वादशी 2️⃣ *नक्षत्र* - पूर्व भाद्रप्रद 12:26 तक, उत्तर भाद्रप्रद 3️⃣ *योग* - वैधृति 19:31 तक, विष्कंभ 4️⃣ *करण* - बालव 15:32 तक, कौलव 28:23 तक, तैतिल 5️⃣ *वार* - शुक्रवार ♨️ _*शुभ मुहूर्त*_ ♨️ ✅ *ब्रह्म मुहूर्त* - 04:14 से 04:56 तक ✅ *अभिजीत मुहूर्त* - 11:57 से 12:52 तक ♨️ _*अशुभ मुहूर्त*_ ♨️ ❌ *राहुकाल* - 10:43 से 12:24 तक ❌ *पंचक* - अहोरात्रि ❌ *दिशाशूल* - पश्चिम दिशा में ♨️ _*व्रत / त्यौहार / विशेष*_ ♨️ 🚩 _वरूथिनी एकादशी_ 🚩 _पंचक प्रारंभ : 04 मई 2021 रात्रि 20:44 से 09 मई 2021 सायं 17:29 तक_ ♨️ _*आज का सुविचार*_ ♨️ *दह्ममानां सुतीव्रेण नीचाः परयशोअ्ग्निना।* *अशक्तास्तत्पदं गन्तुं ततो निन्दां प्रकुर्वते।।* *भावार्थ* : _दुष्ट आदमी दूसरों की कीर्ति को देखकर जलता है और जब स्वयं उन्नति नहीं कर पाता तो प्रगतिशील व्यक्तियों की निन्दा करने लगता है।।_ 🙏 *शुभ प्रभात* 🙏 🙏 *जय श्री राम* 🙏 🙏 *आपका दिन मंगलमय हो* 🙏

+21 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 29 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB