Sn Vyas
Sn Vyas Oct 17, 2017

बिजली महादेव

बिजली महादेव
बिजली महादेव

यहां शिवलिंग पर हर 12 वर्ष में गिरती है बिजली, रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान

भारत में भगवान शिव के ऐसे कई मंदिर हैं जिनसे जुड़ी घटनाएं अद्भुत कही जा सकती हैं। ऐसा ही एक मंदिर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित है। इसका नाम बिजली महादेव है। जानिए इस मंदिर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें। बिजली महादेव को यह नाम बिजली के कारण मिला। दरअसल यहां की मान्यता है कि हर 12 साल में एक बार इस शिवलिंग पर बिजली अवश्य गिरती है। जब शिवलिंग पर बिजली गिरती है तो इसके कई टुकड़े हो जाते हैं। इसके पश्चात पुजारी पूर्ण विधि-विधान से इसे जोड़ते हैं। शिवलिंग को जोड़ने में मक्खन का उपयोग किया जाता है।

मक्खन एवं पूजन विधि पूर्ण होते ही आश्चर्यजनक रूप से यह शिवलिंग जुड़ने लगता है। यह पहले की तरह ही ठोस हो जाता है। यहां ब्यास और पार्वती नदी का संगम है। संगम स्थान के नजदीक एक पहाड़ है जिस पर भगवान शिव मंदिर में विराजमान हैं।
एक प्राचीन कथा के अनुसार किसी समय यहां विशाल अजगर निवास करता था। भगवान शिव ने उसका वध कर दिया था। वह एक दैत्य था। उस दैत्य का नाम कुलांत था। उसे रूप तथा आकार बदलने में महारत हासिल थी। वह जब चाहे दैत्य अथवा अजगर का रूप धारण कर सकता था।

एक दिन कुलांत ने अजगर का रूप धारण किया। इसके बाद वह पास के मथाण गांव चला गया। वहां उसने कुंडली मारकर ब्यास नदी का पानी रोक लिया। इससे जलस्तर बढ़ने लगा और कई लोगों के जीवन के समक्ष संकट उत्पन्न हो गया।

तब लोगों ने भगवान शिव से गुहार लगाई। लोगों के प्राणों की रक्षा के लिए शिवजी प्रकट हुए। उन्होंने कुलांत के कान में कहा- तुम्हारी पूंछ में आग लग गई है। इससे कुलांत घबरा गया। वह पीछे मुड़ा, तभी शिवजी ने उस पर त्रिशूल से प्रहार कर दिया। त्रिशूल की शक्ति से कुलांत विशाल पर्वत बन गया। स्वयं शिवजी उस पर विराजमान हो गए। कुलांत वध के बाद भोलेनाथ ने इंद्र को आदेश दिया कि प्रत्येक 12 वर्षों में इस पर्वत पर बिजली जरूर गिराएं।

तब से इंद्रदेव शिव के इस वचन का निरंतर पालन कर रहे हैं। लोगों का दावा है कि उन्होंने यहां हर 12 वर्ष में बिजली गिरते देखी है। बिजली गिरते ही शिवलिंग खंडित हो जाता है। इसके बाद पुजारी मक्खन लगाकर शिवलिंग को जोड़ देते हैं। इससे शिवलिंग पुनः ठोस हो जाता है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव का चमत्कार मानते हैं जो असंभव को भी संभव बना देते हैं। वे स्वयं वज्रपात और विष सहन कर जीवों की रक्षा करते हैं।

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PARSHOTAM YADAV Jan 26, 2020

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Durga Pawan Sharma Jan 26, 2020

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Neha Sharma, Haryana Jan 27, 2020

*जय श्री राधेकृष्णा*🥀🥀🙏 *शुभ प्रभात् वंदन*🥀🥀🙏 *स्नान कब और कैसे करें घर की समृद्धि बढ़ाना हमारे हाथ में है। सुबह के स्नान को धर्म शास्त्र में चार उपनाम दिए हैं। *1* *मुनि स्नान।* जो सुबह 4 से 5 के बीच किया जाता है। . *2* *देव स्नान।* जो सुबह 5 से 6 के बीच किया जाता है। . *3* *मानव स्नान।* जो सुबह 6 से 8 के बीच किया जाता है। . *4* *राक्षसी स्नान।* जो सुबह 8 के बाद किया जाता है। ▶मुनि स्नान सर्वोत्तम है। ▶देव स्नान उत्तम है। ▶मानव स्नान सामान्य है। ▶राक्षसी स्नान धर्म में निषेध है। . किसी भी मानव को 8 बजे के बाद स्नान नहीं करना चाहिए। . *मुनि स्नान .......* 👉घर में सुख ,शांति ,समृद्धि, विद्या , बल , आरोग्य , चेतना , प्रदान करता है। . *देव स्नान ......* 👉 आप के जीवन में यश , कीर्ती , धन, वैभव, सुख ,शान्ति, संतोष , प्रदान करता है। . *मानव स्नान.....* 👉काम में सफलता ,भाग्य, अच्छे कर्मों की सूझ, परिवार में एकता, मंगलमय , प्रदान करता है। . *राक्षसी स्नान.....* 👉 दरिद्रता , हानि , क्लेश ,धन हानि, परेशानी, प्रदान करता है । . किसी भी मनुष्य को 8 के बाद स्नान नहीं करना चाहिए। . पुराने जमाने में इसी लिए सभी सूरज निकलने से पहले स्नान करते थे। *खास कर जो घर की स्त्री होती थी।* चाहे वो स्त्री माँ के रूप में हो, पत्नी के रूप में हो, बहन के रूप में हो। . घर के बड़े बुजुर्ग यही समझाते सूरज के निकलने से पहले ही स्नान हो जाना चाहिए। . *ऐसा करने से धन, वैभव लक्ष्मी, आप के घर में सदैव वास करती है।* . उस समय...... एक मात्र व्यक्ति की कमाई से पूरा हरा भरा परिवार पल जाता था, और आज मात्र पारिवार में चार सदस्य भी कमाते हैं तो भी पूरा नहीं होता। . उस की वजह हम खुद ही हैं। पुराने नियमों को तोड़ कर अपनी सुख सुविधा के लिए हमने नए नियम बनाए हैं। . प्रकृति ......का नियम है, जो भी उस के नियमों का पालन नहीं करता, उस का दुष्परिणाम सब को मिलता है। . इसलिए अपने जीवन में कुछ नियमों को अपनायें और उन का पालन भी करें । . आप का भला हो, आपके अपनों का भला हो। . मनुष्य अवतार बार बार नहीं मिलता। . अपने जीवन को सुखमय बनायें। जीवन जीने के कुछ जरूरी नियम बनायें। ☝ *याद रखियेगा !* 👇 *संस्कार दिये बिना सुविधायें देना, पतन का कारण है।* *सुविधाएं अगर आप ने बच्चों को नहीं दिए तो हो सकता है वह थोड़ी देर के लिए रोएं।* *पर संस्कार नहीं दिए तो वे जिंदगी भर रोएंगे।* मृत्यु उपरांत एक सवाल ये भी पूछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ । जवाब:- अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :- (1)जल (2) पथ्वी (3)आकाश (4)वायु (5) अग्नि ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी । 5 जगह हँसना करोड़ों पाप के बराबर है 1. श्मशान में 2. अर्थी के पीछे 3. शोक में 4. मन्दिर में 5. कथा में सिर्फ 1 बार ये message भेजो बहुत लोग इन पापों से बचेंगे ।। अकेले हो? परमात्मा को याद करो । परेशान हो? ग्रँथ पढ़ो । उदास हो? कथाएं पढ़ो। टेन्शन में हो? भगवत् गीता पढ़ो । फ्री हो? अच्छी चीजें करो हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियों पर कृपा करो...... *सूचना* क्या आप जानते हैं ? हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है। व्रत,उपवास करने से तेज बढ़ता है, सरदर्द और बाल गिरने से बचाव होता है । आरती----के दौरान ताली बजाने से दिल मजबूत होता है । ये मैसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नहीं होने दें और मैसेज सब नम्बरों को भेजें । श्रीमद् भगवद्गीता, भागवत्पुराण और रामायण का नित्य पाठ करें। . ''कैन्सर" एक खतरनाक बीमारी है... बहुत से लोग इसको खुद दावत देते हैं ... बहुत मामूली इलाज करके इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है ... अक्सर लोग खाना खाने के बाद "पानी" पी लेते हैं ... खाना खाने के बाद "पानी" ख़ून में मौजूद "कैन्सर "का अणु बनाने वाले '''सैल्स'''को '''आक्सीजन''' पैदा करता है... ''हिन्दु ग्रंथों में बताया गया है कि... खाने से पहले 'पानी' पीना अमृत" है... खाने के बीच मे 'पानी' पीना शरीर की 'पूजा' है ... खाना खत्म होने से पहले 'पानी' पीना "औषधि'' है... खाने के बाद 'पानी' पीना बीमारियों का घर है... बेहतर है खाना खत्म होने के कुछ देर बाद 'पानी' पीयें ... ये बात उनको भी बतायें जो आपको 'जान' से भी ज्यादा प्यारे हैं ... हरि हरि जय जय श्री हरि !!! रोज एक सेब नो डाक्टर । रोज पांच बादाम, नो कैन्सर । रोज एक निंबू, नो पेट बढ़ना । रोज एक गिलास दूध, नो बौना (कद का छोटा)। रोज 12 गिलास पानी, नो चेहरे की समस्या । रोज चार काजू, नो भूख । रोज मन्दिर जाओ, नो टेन्शन । रोज कथा सुनो मन को शान्ति मिलेगी । "चेहरे के लिए ताजा पानी"। "मन के लिए गीता की बातें"। "सेहत के लिए योग"। और खुश रहने के लिए परमात्मा को याद किया करो । अच्छी बातें फैलाना पुण्य का कार्य है....किस्मत में करोड़ों खुशियाँ लिख दी जाती हैं । जीवन के अंतिम दिनों में इन्सान एक एक पुण्य के लिए तरसेगा ।

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jatan kurveti Jan 26, 2020

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Durga Pawan Sharma Jan 26, 2020

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Queen Jan 26, 2020

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