neha Dwvedi
neha Dwvedi Mar 16, 2019

Jai sharee radhey

Jai sharee radhey
Jai sharee radhey
Jai sharee radhey

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कामेंट्स

S.N.Sahoo Mar 16, 2019
🙏 Jai Shree Krishna 🙏 good afternoon Neha ji 💞 🥀

Mohanmira.nigam Mar 16, 2019
very nice Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe Radhe

Mohanmira.nigam Mar 16, 2019
jay mata.ki om.sai.ñath jay shriBholay.baba.ki om.sai.ñath

pappu jha Mar 16, 2019
जय श्री राधे कृष्णा शुभ रात्रि प्यारी गुड़िया लगता है आज कुछ में अच्छा काम किया हूं इसके लिए लाडली बहना आज दर्शन दे दिया आज क्या बात है गुड़िया आज तो मेरा किस्मत ही अच्छा हो गया श्री कृष्ण जी की कृपा सदैव आप पर बनी रहे आप हमेशा ऐसे ही हंसते मुस्कुराते रहो कैसी हो आप

pappu jha Mar 16, 2019
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹जय श्री राधे कृष्ण शुभ रात्रि🌹 प्यारी बहना आपका हर पल मंगलमय हो कृष्ण जी की कृपा🌹 सदैव आप पर बनी रहे🌹 खुशी से बीते हर दिन,🌹 हर रात सुहानी हो,🌹 जिस तरफ आपके कदम पडे,🌹 वह फूलों की बरसात हो…🌹

pappu jha Mar 17, 2019
ओम सूर्याय नमः शुभ प्रभात प्यारी बहना आपका हर वर्ष मंगलमय हो सूर्य देव की कृपा सदैव आप पर बनी रहे आप सदा ऐसे हंसती मुस्कुराती रहो

Adi Mar 17, 2019
RADHE RADHE JI

🌷🌷🌷mukseh nagar🌷🌷🌷 Mar 17, 2019
राधे बन्सी हमारी हमें दे दो तुम्हारे किस काम की | काहे से गाऊँ राधे काहे से बजाऊँ काहे से लाऊं गइयाँ घेर, तुम्हारे किस काम की || राधे बन्सी ------- मुख से गाओ कान्हा हाथों से बजाओ लाठी से लाओ गइयाँ घेर, हमारे है काम की || राधे बन्सी ------- वृन्दावन जाऊँ राधे रास रचाऊँ काहे से सखियाँ बुलाऊँ, तुम्हारे किस काम की || राधे बन्सी ------- वृन्दावन जाओ कान्हा रास रचाओ नैनों से सखियाँ बुलाओ, हमारे है काम की || राधे बन्सी -----

R.G.P.Bhardwaj May 10, 2020

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[#चनों_का_रहस्य 👇 . एक ब्राह्मणी थी जो बहुत निर्धन थी। भिक्षा माँग कर जीवन-यापन करती थी। . एक समय ऐसा आया कि पाँच दिन तक उसे भिच्छा नहीं मिली। वह प्रति दिन पानी पीकर भगवान का नाम लेकर सो जाती थी। . छठवें दिन उसे भिक्षा में दो मुट्ठी चना मिले। कुटिया पे पहुँचते-पहुँचते रात हो गयी। . ब्राह्मणी ने सोंचा अब ये चने रात मे नही खाऊँगी प्रात:काल वासुदेव को भोग लगाकर तब खाऊँगी । . यह सोंचकर ब्राह्मणी ने चनों को कपडे़ में बाँधकर रख दिया और वासुदेव का नाम जपते-जपते सो गयी . देखिये समय का खेल... कहते हैं... . पुरुष बली नहीं होत है, समय होत बलवान । . ब्राह्मणी के सोने के बाद कुछ चोर चोरी करने के लिए उसकी कुटिया मे आ गये। . इधर उधर बहुत ढूँढा, चोरों को वह चनों की बँधी पुटकी मिल गयी। चोरों ने समझा इसमें सोने के सिक्के हैं । . इतने मे ब्राह्मणी जाग गयी और शोर मचाने लगी । . गाँव के सारे लोग चोरों को पकडने के लिए दौडे़। चोर वह पुटकी लेकर भागे। . पकडे़ जाने के डर से सारे चोर संदीपन मुनि के आश्रम में छिप गये। . संदीपन मुनि का आश्रम गाँव के निकट था जहाँ भगवान श्री कृष्ण और सुदामा शिक्षा ग्रहण कर रहे थे. . गुरुमाता को लगा कि कोई आश्रम के अन्दर आया है। गुरुमाता देखने के लिए आगे बढीं तो चोर समझ गये कोई आ रहा है, . चोर डर गये और आश्रम से भागे ! भागते समय चोरों से वह पुटकी वहीं छूट गयी। और सारे चोर भाग गये। . इधर भूख से व्याकुल ब्राह्मणी ने जब जाना ! कि उसकी चने की पुटकी चोर उठा ले गये । . तो ब्राह्मणी ने श्राप दे दिया कि... मुझ दीनहीन असहाय के जो भी चने खायेगा वह दरिद्र हो जायेगा। . उधर प्रात:काल गुरु माता आश्रम मे झाडू़ लगाने लगीं तो झाडू लगाते समय गुरु माता को वही चने की पुटकी मिली । . गुरु माता ने पुटकी खोल के देखी तो उसमे चने थे। . सुदामा जी और कृष्ण भगवान जंगल से लकडी़ लाने जा रहे थे। ( रोज की तरह ) गुरु माता ने वह चने की पुटकी सुदामा जी को दे दी। . और कहा बेटा ! जब वन मे भूख लगे तो दोनो लोग यह चने खा लेना । . सुदामा जी जन्मजात ब्रह्मज्ञानी थे। ज्यों ही चने की पुटकी सुदामा जी ने हाथ में लिया त्यों ही उन्हे सारा रहस्य मालुम हो गया । . सुदामा जी ने सोचा ! गुरु माता ने कहा है यह चने दोनों लोग बराबर बाँट के खाना। . लेकिन ये चने अगर मैंने त्रिभुवनपति श्री कृष्ण को खिला दिये तो सारी शृष्टी दरिद्र हो जायेगी। . नहीं-नहीं मैं ऐसा नही करुँगा। मेरे जीवित रहते मेरे प्रभु दरिद्र हो जायें मै ऐसा कदापि नही करुँगा । . मैं ये चने स्वयं खा जाऊँगा लेकिन कृष्ण को नहीं खाने दूँगा। . और सुदामा जी ने सारे चने खुद खा लिए। . दरिद्रता का श्राप सुदामा जी ने स्वयं ले लिया। चने खाकर। लेकिन अपने मित्र श्री कृष्ण को एक भी दाना चना नही दिया। ऐसे होते हैं मित्र.. . मित्रों ! आपसे निवेदन है कि अगर मित्रता करें तो सुदामा जी जैसी करें और कभी भी अपने मित्रों को धोखा ना दें.. #राधा_रमण ❣️❣️ #तुम्हारा_याद_आना_भी_बड़ा #कमाल_होता_है,,,💓 #कभी_देखना_आकर, #के,😭 #हमारा_क्या_हाल_होता_है!!😭 💞जय जय श्री राधे 💞 💞💗जय श्री कृष्णा💗💞

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anju May 10, 2020

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ramesh vashesht May 10, 2020

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Sunita Pawar May 10, 2020

🌞 *"ऊँ ह्यं हृीं हृौं सः सूर्याय नमः"।*🌞 👉🏽🕉🚩 *आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की सुबह 08.04 तक तृतीया तत्पश्चात चतुर्थी तिथि दिन रविवार है।* 👉🏽🌞💦 *आचार्य मुक्ति नारायण जी के अनुसार जीवन में मान प्रतिष्ठा और कार्यो में श्रेष्ठ सफलता के लिए नित्य ताम्बे के बर्तन से उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दे एवं रविवार कोआदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ अवश्य करें।* 👉🏽💎💞 *तृतीया तिथि को माँ गौरी जी की मिश्री, सफ़ेद फूल से पूजा अर्चना करने से सुख सौभाग्य की एवं कुबेर जी पूजा करने से जातक को विपुल धन-धान्य, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है ।* 👉🏼💎🔝 *चतुर्थी को गणेश को को घी, गुड़ का भोग लगाकर गणेश मंत्र का जाप करने से समस्त विघ्न दूर होते है।* 👉🏽🌿♨ *रविवार को बेल के वृक्ष / पौधे पर जल चढ़ाकर उसकी पूजा करने से पुण्य बढ़ते है, पापो का नाश होता है।* 👉🏽❌😵 *रविवार को अदरक और मसूर की दाल का सेवन ना करें, तुलसी जी को ना तोड़ें, पीपल पर जल ना चड़ाएं।* 🙏🏼🌞💥🌞💥🌞💥🌞🙏🏼

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Govinda benbanshi May 10, 2020

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narender singh May 10, 2020

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