जाने कैसे होता है रूद्रभिषेक

भगवान शंकर की पूजा के समय शुद्ध आसन पर बैठकर पहले आचमन करें। यज्ञोपवित धारण कर शरीर शुद्ध करें। तत्पश्चात आसन की शुद्धि करें। पूजन-सामग्री को यथास्थान रखकर रक्षादीप प्रज्ज्वलित कर लें।
अब स्वस्ति-पाठ करें।
स्वस्ति-पाठ :-
स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवा:, स्वस्ति ना पूषा विश्ववेदा:, स्वस्ति न स्तारक्ष्यो अरिष्टनेमि स्वस्ति नो बृहस्पति र्दधातु।
इसके बाद पूजन का संकल्प कर भगवान गणेश एवं गौरी-माता पार्वती का स्मरण कर पूजन करना चाहिए।
यदि आप रूद्राभिषेक, लघुरूद्र, महारूद्र आदि विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं, तब नवग्रह, कलश, षोडश-मात्रका का भी पूजन करना चाहिए।संकल्प करते हुए भगवान गणेश व माता पार्वती का पूजन करें फिर नन्दीश्वर, वीरभद्र, कार्तिकेय (स्त्रियां कार्तिकेय का पूजन नहीं करें) एवं सर्प का संक्षिप्त पूजन करना चाहिए। इसके पश्चात हाथ में बिल्वपत्र एवं अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान करें।भगवान शिव का ध्यान करने के बाद आसन, आचमन, स्नान, दही-स्नान, घी-स्नान, शहद-स्नान व शक्कर-स्नान कराएं।इसके बाद भगवान का एक साथ पंचामृत स्नान कराएं। फिर सुगंध-स्नान कराएं फिर शुद्ध स्नान कराएं।अब अभिषेक प्रारम्भ करें.....पूर्ण होने पर...
अब भगवान शिव को जनेऊ चढाएं।वस्त्र चढ़ाएं। फिर सुगंध, इत्र, अक्षत, पुष्पमाला, बिल्वपत्र चढाएं।अब भगवान शिव को विविध प्रकार के फल चढ़ाएं। इसके पश्चात धूप-दीप !!


आइये रुद्राभिषेक से जुड़े कुछ अहम बातो को जाने—

रुद्राभिषेक क्या है ?

अभिषेक शब्द का शाब्दिक अर्थ है – स्नान कराना। रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान रुद्र का अभिषेक अर्थात शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों के द्वारा अभिषेक करना। यह पवित्र-स्नान रुद्ररूप शिव को कराया जाता है। वर्तमान समय में अभिषेक रूद्राभिषेक के रुप में ही विश्रुत है। अभिषेक के कई रूप तथा प्रकार होते हैं। शिव जी को प्रसंन्न करने का सबसे श्रेष्ठ तरीका है रूद्राभिषेक करना अथवा श्रेष्ठ ब्राह्मण विद्वानों के द्वारा कराना चाहिऐ। वैसे भी अपनी जटा में गंगा को धारण करने से भगवान शिव को जलधाराप्रिय माना गया है।

रुद्राभिषेक क्यों किया जाता हैं?

रुद्राष्टाध्यायी के अनुसार शिव ही रूद्र हैं और रुद्र ही शिव है। रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: अर्थात रूद्र रूप में प्रतिष्ठित शिव हमारे सभी दु:खों को शीघ्र ही समाप्त कर देते हैं। वस्तुतः जो दुःख हम भोगते है उसका कारण हम सब स्वयं ही है हमारे द्वारा जाने अनजाने में किये गए प्रकृति विरुद्ध आचरण के परिणाम स्वरूप ही हम दुःख भोगते हैं।

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कामेंट्स

Babita Sharma Jul 12, 2018
अच्छी जानकारी दी आपने 🙏ॐ नमः शिवाय

Lokesh Jul 12, 2018
namh sivaye,,🌼🌼 good night

Suresh Adhiya Jul 13, 2018
Om Namah Shivay Shivay namah Om Radhe Krishna Radhe Krishna Radhe Krishna Radhe Krishna Radhe Krishna Radhe Krishna Radhe Krishna Radhe Krishna

Vinod Bihari Jul 13, 2018
पूजा में पवित्रता और शुद्धता जरूरी है लेकिन बाहरी पवित्रता जितनी जरूरी है उससे ज्यादा जरूरी है मन की शुद्धता।अच्छे विचार अच्छी सोच.अच्छे कर्म हो तोपूजा से फल सिद्धि आसान हो जाती है

Kamaldeo Prasad Sinha Jul 13, 2018
जय हो जय श्री शंकर, जय त्रिपुरारी,जय जय अध पुरुष जय अध नरनारी ,जय त्रिपुरारी, जय जय शंकर ,जय मेरे मातापिता जय जय हो बाबा भोलेनाथ सरेदुखो का नाश करे प्रभु जय जय हो जय हो।

Neelam Maurya Jul 26, 2018
Radhey Radhey aacharya ji kya Shivji par Ladies bhi jal arpit kr sakti h

Shivam Singh Dec 16, 2018

।। कैसे करें पूजा जो कि आप के लिए अत्याधिक लाभकारी हो जाने इस पोस्ट के द्वारा ।।

◆ पूजा हमेशा पूर्व या उतर की ओर मुँह करके करनी चाहिए, हो सके तो सुबह 6 से 8 बजे के बीच में करें।

◆ पूजा जमीन पर आसन पर बैठकर ही करनी चाहिए, पूजागृह में सुबह एवं श...

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संध्या वंदन क्यों करना चाहिए ???
हमारे मन पर पृथ्वी ,चन्द्रमा और सूर्य के गुरुत्व का प्रभाव पड़ता है जिससे हमारे विचार प्रभावित होते हैं। प्रातः और सांय यह प्रभाव इतना अधिक होता है हम नकारात्मक हो सकते हैं ,निराशा वाले विचार बनने लगें ऐसा हो सकता ह...

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S.K.GARG Dec 16, 2018

ईसाईयों ने ईसा मसीह को मानते हुए ही दुनिया भर में 150 देशों तक अपनी पहुँच बना ली !

मुसलमानों ने मुहम्मद के दम पर ही 56 देशों तक अपनी पकड़ बना ली !

हिन्दुओं ने खुद ही अपने पैरों में कुल्हाड़ी मारते हुए 'श्री राम' को छोड़ आसाराम और रामपाल को अपना लिय...

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N K Lall Dec 16, 2018

https://youtu.be/I6GcdPxlWPg

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the and Dec 16, 2018

🌷🌷🌷भाई व बहनों आज के बाद कोई भी मेरी पोस्ट पर आकर कमेन्ट मत करना 🌷🌷

🌷🌷🌷क्यो कि आज के बाद ना यहाँ कुमारी दीप्ति अत्रि आयेगी

🌷🌷🌷ना ही भोला भैया ही आयेगा मे अच्छा हू या बुरा हूँ ये परमपिता पर छोड़ दो 🌷🌷

🌷🌷🌷मैने नाम बदले फोटो बदले ...

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भगवान शिव गले में क्यों धारण करते हैं नाग ?

भगवान शिव खुद जितने रहस्यमयी हैं, उनके वस्त्र व आभूषण भी उतने ही विचित्र हैं। सांसारिक लोग जिनसे दूर भागते हैं, भगवान शिव उन्हें ही अपने साथ रखते हैं। भगवान शिव एकमात्र ऐसे देवता हैं जो गले में नाग पह...

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Shiv Dass Dec 16, 2018

"Sanghe Shakti "Kalyuge" Like share fb page Janeu Kranti
विश्व में 5 बड़ी संस्थाए है जिसके जरिये पुरी #दुनिया को मूर्ख बनाया जा रहा है.....???
.
ये 5 संस्थाए अपना असली चेहरा छुपाने क...

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Kishore Bhambhani Dec 16, 2018

*कर्मबंधन*

🙏🏻🚩🌹 👁❗👁 🌹🚩🙏🏻

एक राजा बड़ा धर्मात्मा, न्यायकारी और परमेश्वर का भक्त था। उसने ठाकुरजी का मंदिर बनवाया और एक ब्राह्मण को उसका पुजारी नियुक्त किया। वह ब्राह्मण बड़ा सदाचारी, धर्मात्मा और संतोषी था। वह राजा से कभी कोई याचना न...

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सोनू जी महाराज द्वारा बताया गया प्रवचन बहुत सुंदर और बहुत ही ज्ञानवर्धक है इस प्रवचन को आगे से आगे शेयर जरूर करें://youtu.be/l6dspyeMmOg

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