Gumansingh Rathore
Gumansingh Rathore Sep 16, 2017

॥मातृदेवो भवः॥

॥मातृदेवो भवः॥

बेहतरीन शब्द.....

"जब मैंने जन्म लिया,वहां "एक नारी" थी जिसने मुझे थाम लिया......

|| मेरी माँ ||

बचपन में जैसे जैसे मैं बड़ा होता गया "एक नारी" वहां मेरा ध्यान रखने और मेरे साथ खेलने के लिए मौजूद थी.....

|| मेरी बहन ||

जब मैं स्कूल गया "एक नारी" ने मुझे पढ़ने और सिखने में मदद की......

|| मेरी शिक्षिका ||

जब भी मै जीवन से निराश और हताश हुआ और जब भी हारा तब "एक नारी" ने मुझे संभाला ...

|| मेरी महिला मित्र ||

जब मुझे सहयोग,साथी और प्रेम की आवश्यकता हुई तब "एक नारी" हमेशा मेरे साथ थी.....

|| मेरी पत्नी ||

जब भी मैं जीवन में कठोर हुआ तब "एक नारी" ने मेरे व्यवहार को नरम कर दिया.....

||मेरी बेटी||

जब मैं मरूँगा तब भी "एक नारी" मुझे अपने गोद में समा लेगी.......

|| धरती माँ ||

यदि आप पुरुष हैं तो हर नारी का सम्मान करें.....और यदि आप महिला हैं, उन में से एक होने पर गर्व करे...

- हमारी संस्कृति हमारी विरासत हैं

+192 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 268 शेयर

कामेंट्स

Shri Om Sharma Sep 16, 2017
बहुत सुन्दर बिना नारी के जीवन मे अन्धेरा होता है । राधे राधे

Alpna Vyas Sep 17, 2017
शबदो में बहुत सुंदर अभिव्यक्ति है

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