मोहन
मोहन Sep 30, 2017

विदिशा के इस गांव में होती है रावण बाबा की पूजा

विदिशा के इस गांव में होती है रावण बाबा की पूजा

विदिशा के इस गांव में होती है रावण बाबा की पूजा

 आज जब पूरा देश विजयादशमी पर भगवान श्रीराम की पूजा करेगा और रावण के पुतले का दहन किया जाएगा, वहीं मध्यप्रदेश के विदिशा जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव ऐसा है जहां रावण बाबा की पूजा की जाएगी। विदिशा की नटेरन तहसील के रावण गांव में देश की परम्परा के विपरीत रावण को देवता मानकर पूरे भक्ति भाव से उसकी पूजा आराधना की जाती है। रावण को यहां रावण बाबा कहा जाता है। रावण बाबा के नाम से प्रसिद्ध यहां के मंदिर में रावण की वर्षों पुरानी विशाल प्रतिमा है। इसका पूजन ग्रामवासी पूरे भक्ति भाव से करते हैं और बरसों से चली आ रही इस परम्परा को ग्रामीण निभाते चले आ रहे हैं। 

गांव में कोई भी शुभ कार्य या मांगलिक कार्य, बिना रावण बाबा की पूजा के अधूरे माने जाते हैं। विवाह के बाद वर वधु बिना रावण बाबा को प्रणाम किये घर में प्रवेश नहीं करते हैं। इतना ही नहीं जो लोग गांव छोड़ कर चले गए हैं वह भी कोई भी शुभ कार्य बिना रावण की आराधना के शुरू नहीं करते हैं। ग्रामवासी ओमप्रकाश तिवारी का कहना है कि रावण बाबा हमारे प्रथम पूज्य देवता हैं। उनके नाम से ही गांव का नाम पड़ा है'रावण'। यहां तो हमेशा उनकी पूजा होती है। कोई भी काम हो सबसे पहले इनकी ही पूजा होती है। हमारे पूर्वज भी इन्हें ही पूजते चले आये हैं।

ग्रामवासियों का कहना है कि यहां पर रावण बाबा को कुलदेवता के रूप में माना जाता है। शादियां होती हैं तो सबसे पहले तेल की रूई का फोहा उन्हीं को चढाया जाता है। यहां पर लोग जो भी नया सामान, वाहन आदि खरीदते हैं, उन सभी पर जय लंकेश लिखा जाता है।
पंडित रामदयाल तिवारी के अनुसार रावण मंदिर के पास एक गूदे की पहाडी है। किवदंती है कि उस पर एक दानव रहता था, वह बहुत बलशाली था। उसके सामने जो भी आता था उसकी आधी शक्ति उस दानव में चली जाती थी, लेकिन जब वह रावण के सामने आता था तो बलहीन हो जाता था। इस पर रावण ने उससे कहा कि वह उससे यहां नहीं उसकी गुफा में जाकर ही युद्ध करेगा। रावण ने गुफा में उस दानव को मारा और तभी से शक्ति के प्रतीक रावण बाबा की प्रतिमा यहां लेटी अवस्था में है।

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simran Feb 22, 2020

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simran Feb 22, 2020

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neeta trivedi Feb 22, 2020

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meera tiwari Feb 22, 2020

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meera tiwari Feb 22, 2020

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ashok sungh sujarwar Feb 22, 2020

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