दत्तात्रेय पजयंती

*गुरु ब्रम्हा गुरु विष्णु गुरु देव महेश्वर*,
*गुरु साक्षात परब्रम्हा तस्मै श्री गूरूवे नमह*

ये पंक्तियां गुरु के महत्व को बताने के लिये पर्याप्त है।
अगहन पूर्णिमा को दत्तात्रेय पजयंती के रूप मे मनाया जाता है।

इस दिन ब्रम्हा विष्णु और शिव ने चंद्र, दुर्वासा और दत्त के रूप जन्म लिया था,
भगवान विष्णु ने दत्त के रूप मे जन्म लिया था।
ब्रम्हा ने चंद्र तथा शिव ने दुर्वासा के रूप मे अवतार लिया था।
बाद मे ये दोनो अवतार दत्तरुप मे समाहित हो गये थे।
इसीलिये इसे दत्तात्रेय अवतार कहा जाता है।

*दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा*
आपको और आपके पूरे परिज़वार को गुरु दत्त जयंती की हार्दिक शुभ कामनाएं
*भगवान् गुरु दत्त आपकी हर मनोकामना पुरी करें*
जय गुरुदत्त जय गिरनारी

दत्तात्रेयस्तोत्रम्

जटाधरं पाण्डुरंगं शूलहस्तं दयानिधिम्।
सर्वरोगहरं देवं दत्तात्रेयमहं भजे ॥१॥

जगदुत्पत्तिकर्त्रे च स्थितिसंहारहेतवे।
भवपाशविमुक्ताय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥२॥

जराजन्मविनाशाय देहशुद्धिकराय च।
दिगंबर दयामूर्ते दत्तात्रेय नमोस्तुते॥३॥

कर्पूरकान्तिदेहाय ब्रह्ममूर्तिधराय च।
वेदशास्स्त्रपरिज्ञाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥४॥

ह्रस्वदीर्घकृशस्थूलनामगोत्रविवर्जित!
पञ्चभूतैकदीप्ताय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥५॥

यज्ञभोक्त्रे च यज्ञेय यज्ञरूपधराय च।
यज्ञप्रियाय सिद्धाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥६॥

आदौ ब्रह्मा मध्ये विष्णुरन्ते देवः सदाशिवः।
मूर्तित्रयस्वरूपाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥७॥

भोगालयाय भोगाय योगयोग्याय धारिणे।
जितेन्द्रिय जितज्ञाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥८॥

दिगंबराय दिव्याय दिव्यरूपधराय च।
सदोदितपरब्रह्म दत्तात्रेय नमोस्तुते॥९॥

जंबूद्वीप महाक्षेत्र मातापुरनिवासिने।
भजमान सतां देव दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१०॥

भिक्षाटनं गृहे ग्रामे पात्रं हेममयं करे।
नानास्वादमयी भिक्षा दत्तात्रेय नमोस्तुते॥११॥

ब्रह्मज्ञानमयी मुद्रा वस्त्रे चाकाशभूतले।
प्रज्ञानघनबोधाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१२॥

अवधूत सदानन्द परब्रह्मस्वरूपिणे ।
विदेह देहरूपाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१३॥

सत्यरूप! सदाचार! सत्यधर्मपरायण!
सत्याश्रय परोक्षाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१४॥

शूलहस्त! गदापाणे! वनमाला सुकन्धर!।
यज्ञसूत्रधर ब्रह्मन् दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१५॥

क्षराक्षरस्वरूपाय परात्परतराय च।
दत्तमुक्तिपरस्तोत्र! दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१६॥

दत्तविद्याड्यलक्ष्मीश दत्तस्वात्मस्वरूपिणे।
गुणनिर्गुणरूपाय दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१७॥

शत्रुनाशकरं स्तोत्रं ज्ञानविज्ञानदायकम्।
आश्च सर्वपापं शमं याति दत्तात्रेय नमोस्तुते॥१८॥

इदं स्तोत्रं महद्दिव्यं दत्तप्रत्यक्षकारकम्।
दत्तात्रेयप्रसादाच्च नारदेन प्रकीर्तितम् ॥१९॥

इति श्रीनारदपुराणे नारदविरचितं
श्रीदत्तात्रेय स्तोत्रं संपुर्णमं।।

।। श्रीगुरुदेव दत्त ।।

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कामेंट्स

Dr Chandrashekhar Prasadi Dec 3, 2017
अलख निरंजन अवधूत चिंतन श्रीगुरु दत्तात्रेय भगवान की जय ।

dimple Sharma Dec 10, 2018

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R.K.Soni Dec 9, 2018

Jai shree radhe krishna ji

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Kishore Bhambhani Dec 9, 2018

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Mamta Chauhan Dec 9, 2018

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Anchal devi Dec 9, 2018

🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🌻🏵️🌻🏵️जय माता दी 🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️🌻🏵️

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Aparana Shukla Dec 9, 2018

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Rakesh Nema Dec 9, 2018

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dimple Sharma Dec 9, 2018

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