जय साईं राम🌺🌺🌺🌿

🌷सिमरन करने सेे कर्मों का भुगतान🌷
एक बार राजा जनक घूमते घूमते उन रूहों के पास पहुँच जाते है जिन्हें बहुत ज्यादा दर्दनाक यातनाएं दी जा रही थी ! राजा जनक उनके उपर होते हुये जुल्म से से दुखी होकर धर्मराज से बोले ...... महाराज ! क्या इनके कर्मों का कोई समाधान हो सकता है ??
धर्मराज बोले .... हाँ हो सकता है यदि कोई व्यक्ति
अपने 2.30 घंटे का भजन सिमरन इन रूहों को दे दे तो तो इनके सभी कर्मो का भुगतान हो सकता है! ...... यह सुनकर राजा जनक बोले ....मैं अपने 2.30 घंटे के भजन सिमरन का फल इन रूहों को देने को तैयार हूं!
यह सुनकर धर्मराज ने तराजू मंगवाया और
राजा जनक से बोले एक तरफ मैं रूहों को रखता हूं और दूसरी और आपके 2.30 घंटे के भजन सिमरन को रखता हूं ।
जैसे ही तराजू के एक तरफ एक पल किया हुआ
भजन सिमरन रखा और दूसरी तरफ रूहों को रखना प्ररम्भ किया तो सारी की सारी रूहें एक ही बार में अपने पाप कर्मों से मुक्त हो गयी !!!!!
इसलिए कलयुग में मालिक ने 2.30 घंटे के भजन-सिमरन का बहुत ही सरल समाधान बताया है! .... जो हमें नित-प्रति दिन बे नागा करना चाहिए ! जिससे हमारे दुखों का समाधान हो सके !!!!!
*हम न बोलें फिर भी वह सुन लेता है इसीलिये उसका नाम परमात्मा है*
*वह न बोले फिर भी हमें सुनायी दे,उसी का नाम श्रद्धा है* !!

मालिक को पाने के लिए ( सतगुरु ) जरुरी है...
बुरे कर्म मिटाने के लिए ( सेवा ) जरूरी है...
आत्मा की शान्ति के लिए ( सिमरन ) जरूरी है...
चौरासी से मुक्ति के लिए ( नाम ) जरूरी है...

+14 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 4 शेयर

कामेंट्स

Shanti Pathak Mar 26, 2020

🌹🙏🌹 ऊँ साईं नमो नमः 🙏शुभ गुरुवार🙏सुप्रभात 🌹🙏🌹 श्री साईं वन्दना यह सौंप दिया सारा जीवन, साईंनाथ तुम्हारे चरणों में| अब जीत तुम्हारे चरणों में, अब हार तुम्हारे चरणों में|| मैं जग में रहूं तो ऐसे रहूं, ज्यों जल में कमल का फूल रहे| मेरे अवगुण दोष समर्पित हों, हे नाथ तुम्हारे चरणो में|| अब सौंप दिया... मेरा निश्चय है बस एक यही, इक बार तुम्हें मैं पा जाऊं| अर्पित कर दूं दुनियाभर का सब प्यार तुम्हारे चरणों में| अब सौंप दिया... जब-जब मानव का जन्म मिले, तब-तब चरणों का पुजारी बनूं| इस सेवक की एक-एक रग का हो तार तुम्हारे हाथ में|| अब सौंप दिया... मुझमें तुमसें भेद यही, मैं नर हूं, तुम नारायण हो| मैं हूँ संसार के हाथों में, संसार तुम्हारे चरणों में|| अब सौंप दिया...

+131 प्रतिक्रिया 31 कॉमेंट्स • 60 शेयर
TR Madhavan Mar 27, 2020

ॐ साई राम🙏श्री साई ज्ञानेश्वररी 🌺 शुभ नवरात्रि 🙏 षष्ठम् अध्याय ‘ईश्वर का ऐश्वर्य’ 12 🌹🌹 श्री साई ज्ञानेश्वरी के छठे अध्याय में पाँचवा संवाद ‘पेणसे श्री साई संवाद’ है। यहाँ हमें यह ज्ञात होता है कि ईश्वर सभी के हृदय के भावों को जानते हैं।किसके मन में आस्था और श्रद्धा है, किसके मन में आस्था और श्रद्धा नहीं है,इसका उन्हें स्पष्ट ज्ञान हो जाता है। ईश्वर ज्ञान का आगार और भंडार है।ईश्वर अपनी क्षमता से अभक्त को भी भक्त बना सकता है। तो आइये, अब हम ‘पेणसे श्री साई संवाद’ का पारायण करते है। जिसके दिल श्रद्धा बसी, वह बाबा को ज्ञात। जिस दिल में श्रद्धा नहीं, वह भी उनको ज्ञात।। U पेणसे की पत्नी ने शिरडी जाकर श्री साई के दर्शन करने की इच्छा व्यक्त की, तो पेणसे ने पत्नी से कहा- “हे सुन्दरी! - मेरी एक बात ध्यान से सुन लो, शिरडी गाँव में ऐसा कोई संत या सज्जन फकीर नहीं, जिसके दर्शन से तुम्हें कोई लाभ हो। हाँ! वहाँ एक मुसलमान व्यक्ति जरूर है जो महज एक भिखारी है। वह तरह-तरह के ढोंग करता है और दुनिया के लोगों को ठगता है। उसने वहाँ की मस्जिद में फरेब का अड्डा जमा रखा है। भोले-भाले अज्ञानी लोग उसके झाँसे में आते हैं, वे उसे सच्चा साधु मान बैठे हैं। अतः मेरी बात मानो, उसके दर्शन के लिए बेकार का हठ मत करो। जिस प्रकार से नमक का ढे़ला कहीं से भी, कभी भी, मीठा नहीं हो सकता, उसी प्रकार से नाना प्रकार के स्वांग रचने से कोई भिखारी खरा साधु नहीं बन सकता। शायद तू नहीं जानती, वह एक याचक है जो शिरडी की गलियांे में भीख माँगता फिरता है, वह घर-घर जाकर, रोटी के टुकडे़ के लिए हाथ फैलाता है और अपना पेट भरता है।’’ # STAY ATHome & listen devotional YouTube Shri Sai Gyaneshwari https://youtu.be/fiLmSy350iM 🙏 सदगुरु साईनाथ महाराज की जय🙏

+7 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Jay Lalwani Mar 27, 2020

+8 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 4 शेयर
Jay Lalwani Mar 27, 2020

+27 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 4 शेयर

+4 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 17 शेयर
Asha Bakshi Mar 26, 2020

+77 प्रतिक्रिया 9 कॉमेंट्स • 8 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB