Vivek Singh
Vivek Singh Jul 16, 2017

Quick Hanuman Chalisa !!

#हनुमान #हनुमानचालीसा
Quick Hanuman Chalisa !!

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mamta Mar 6, 2021

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श्री हनुमतेनमः #हनुमानचालीसा रचना की रोचक कहानी 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰 भगवान को अगर किसी युग में आसानी से प्राप्त किया जा सकता है तो वह युग है कलियुग। इस कथन को सत्य करता एक दोहा रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने लिखा है कलियुग केवल नाम अधारा , सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा। जिसका अर्थ है की कलयुग में मोक्ष प्राप्त करने का एक ही लक्ष्य है वो है भगवान का नाम लेना। तुलसीदास ने अपने पूरे जीवन में कोई भी ऐसी बात नहीं लिखी जो गलत हो। उन्होंने अध्यात्म जगत को बहुत सुन्दर रचनाएँ दी हैं। ऐसा माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी सबसे जल्दी प्रसन्न हो जाने वाले भगवान हैं। उन्होंने हनुमान जी की स्तुति में कई रचनाएँ रची जिनमें हनुमान बाहुक, हनुमानाष्टक और हनुमान चालीसा प्रमुख हैं। हनुमान चालीसा की रचना के पीछे एक बहुत जी रोचक कहानी है जिसकी जानकारी शायद ही किसी को हो। आइये जानते हैं हनुमान चालीसा की रचना की कहानी :- ये बात उस समय की है जब भारत पर मुग़ल सम्राट अकबर का राज्य था। सुबह का समय था एक महिला ने पूजा से लौटते हुए तुलसीदास जी के पैर छुए। तुलसीदास जी ने नियमानुसार उसे सौभाग्यशाली होने का आशीर्वाद दिया। आशीर्वाद मिलते ही वो महिला फूट-फूट कर रोने लगी और रोते हुए उसने बताया कि अभी-अभी उसके पति की मृत्यु हो गई है। इस बात का पता चलने पर भी तुलसीदास जी जरा भी विचलित न हुए और वे अपने आशीर्वाद को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त थे। क्योंकि उन्हें इस बात का ज्ञान भली भाँति था कि भगवान राम बिगड़ी बात संभाल लेंगे और उनका आशीर्वाद खाली नहीं जाएगा। उन्होंने उस औरत सहित सभी को राम नाम का जाप करने को कहा। वहां उपस्थित सभी लोगों ने ऐसा ही किया और वह मरा हुआ व्यक्ति राम नाम के जाप आरंभ होते ही जीवित हो उठा। यह बात पूरे राज्य में जंगल की आग की तरह फैल गयी। जब यह बात बादशाह अकबर के कानों तक पहुंची तो उसने अपने महल में तुलसीदास को बुलाया और भरी सभा में उनकी परीक्षा लेने के लिए कहा कि कोई चमत्कार दिखाएँ। ये सब सुन कर तुलसीदास जी ने अकबर से बिना डरे उसे बताया की वो कोई चमत्कारी बाबा नहीं हैं, सिर्फ श्री राम जी के भक्त हैं। अकबर इतना सुनते ही क्रोध में आ गया और उसने उसी समय सिपाहियों से कह कर तुलसीदास जी को कारागार में डलवा दिया। तुलसीदास जी ने तनिक भी प्रतिक्रिया नहीं दी और राम का नाम जपते हुए कारागार में चले गए। उन्होंने कारागार में भी अपनी आस्था बनाए रखी और वहां रह कर ही हनुमान चालीसा की रचना की और लगातार 40 दिन तक उसका निरंतर पाठ किया। चालीसवें दिन एक चमत्कार हुआ। हजारों बंदरों ने एक साथ अकबर के राज्य पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से सब अचंभित हो गए। अकबर एक सूझवान बादशाह था इसलिए इसका कारण समझते देर न लगी। उसे भक्ति की महिमा समझ में आ गई। उसने उसी क्षण तुलसीदास जी से क्षमा मांग कर कारागार से मुक्त किया और आदर सहित उन्हें विदा किया। इतना ही नहीं अकबर ने उस दिन के बाद तुलसीदास जी से जीवनभर मित्रता निभाई। इस तरह तुलसीदास जी ने एक व्यक्ति को कठिनाई की घड़ी से निकलने के लिए हनुमान चालीसा के रूप में एक ऐसा रास्ता दिया है। जिस पर चल कर हम किसी भी मंजिल को प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह हमें भी भगवान में अपनी आस्था को बरक़रार रखना चाहिए। ये दुनिया एक उम्मीद पर टिकी है। अगर विश्वास ही न हो तो हम दुनिया का कोई भी काम नहीं कर सकते। 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰

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हनुमान जी के इस मंत्र के जप से दूर होगा बुरे से बुरा समय श्री राम के परम भक्त हनुमानजी को संकटमोचन के नाम से भक्त पुकारते है | कलियुग में चिरंजीवी हनुमान जी हमारी धरती पर ही रहते है और अपने भक्तो की पुकार पर उनके संकट दूर करते है | धार्मिक शास्त्रों में इन्हे प्रसन्न करने के लिए कई मंत्र , स्तुति और भजन बताये गये है | इनसे किसी कार्य की सम्पन्नता के लिए विशेष मंत्र और जप नियम है | आज हम जिस हनुमान मंत्र के बारे में आपको बता रहे है वो बुरे से बुरे समय को दूर करने में सक्षम है | साथ ही जानेंगे की कैसे करना है इस मंत्र का जप :- मंत्र मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये।। मंत्र का अर्थ हे मनोहर, वायु के वेग से चलने वाले, जिन्होंने इन्द्रियों को वश में कर रखा है, बुद्धिजीवियो में सर्वश्रेष्ठ, पवन-नंदन वानारग्रगण्य, श्री राम के दूत मुझे अपनी शरण में ले | कैसे करना है इस मंत्र का जप 1. रोज सुबह स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनकर एक लाल कपड़े पर हनुमान की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। 2. हनुमानजी को चमेली का तेल, गुलाल की माला और जनेऊ पहनाये और भोग प्रसादी अर्पित करें। गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं तो जाप के अंत तक जलता रहे। 3. इसके बाद मंत्र का जाप करना शुरू करें। कम से 5 माला जाप जरूर करें। 4. अगर हर दिन यह जप करना संभव ना हो तो मंगलवार या शनिवार को कम से कम ५ माला इस मंत्र की जरुर फेरे। 🚩🐚☀️🌼🏵️🍁🙏🌻🌺🌱🌹🌿☸️🌴🌷

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sangita puri Mar 5, 2021

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