Sri Jajodia
Sri Jajodia Aug 27, 2017

भक्त और भगवान की प्रेणादायक कथा।

भक्त और भगवान की प्रेणादायक कथा।

एक बार एक महात्मा अपने शिष्यों के साथ कुम्भ के मेले का भ्रमण कर रहे थे। वहां विचरण करते समय उन्होंने एक साधु को माला फेरते और साधना करते देखा। उन्होंने पाया कि साधु बार-बार आंखे खोलकर देख लेता कि लोगों ने कितना दान दिया है। वो हंसे और आगे बढ़े।

थोड़ी दूर जाकर देखा कि एक पंडितजी भागवत वाचन रहे थे लेकिन उनके चेहरे पर शब्दों के कोई भाव नहीं थे। वे तो बस यंत्रवत बोले जा रहे थे और चेलों की जमात उनके पास बैठी थी। इस पर महात्मा खिलखिलाकर हंस पड़ेे। वे थोड़ा-सा आगे बढ़े ही थे कि देखते हैं एक युवक बड़ी मेहनत और लगन से रोगियों की सेवा कर रहा है। उनके घावों पर मरहम लगा रहा है और उन्हें बड़े प्रेमभाव से सांत्वना दे रहा है।

महात्मा ने उसे देखा तो उनकी आंखें भर आईं और वे भावुक हो गए। जैसे ही महात्मा अपने शिष्यों के साथ अपने आश्रम पहुंचे तो शिष्यों ने गुरु से पहले दो जगह हंसने और एक जगह भावुक होने का कारण पूछा।

गुरु ने कहा, पहली दो जगहों पर तो मात्र आडंबर ही था लेकिन भगवान की प्राप्ति के लिए केवल एक ही आदमी था जो व्याकुल दिखाई दे रहा था। वही व्यक्ति था जो पूरे मनोयोग के साथ लोगों की सेवा कर रहा था। उसकी सेवा भावना को देखकर मेरा मन द्रवित हो गया और मैं सोचने लगा कि जाने कब जनमानस धर्म के सच्चे स्वरूप को समझेगा। मात्र वही एक व्यक्ति था, जो धर्म का महत्व और उसके मर्म को समझ रहा था।

साधु बोले कि धर्म की सेवा का कोई विज्ञान या परिभाषा नहीं होती, मानव सेवा ही सही मायनों में धर्म और समाज की सेवा है।

Pranam Flower Like +725 प्रतिक्रिया 40 कॉमेंट्स • 396 शेयर

कामेंट्स

Pankaj Nirmalkar Aug 28, 2017
नर सेवा ही नारायण सेवा है।

Kapeesh Gaur Aug 28, 2017
manav dharm sey bda koi dram nhi jarurat mand ki seva sey bdi koi sava nhi

njpatel Aug 28, 2017
विन्रमता से अगर इस एप्कौ "मेरा मन स्वदेशी " के जेसा सेटिंग करोगे तो अछ्छा रिस्पोंस मिलेगा और स्पीड भी कम हे .प्रणाम शुभ दिन हो

Meena gupta Aug 29, 2017
bahut sunder kaha dil s ki seba hi bachcho h

धरणीधर पारीक पुरोहित शास्त्री Jan 11, 2018
भक्ति के अलग अलग स्वरूप है । जो भजन पूजन नही कर सकता, वह सेवा से फल पा सकता है । सेवा मे भी दिखावा नही हो, सेवा के पीछे कोई स्वार्थ नही हो जैसे सेवा एक बहाना है और फोटो मीडिया मै आनी चाहिए । या सेवा के बहाने धर्म बदलना हो । ज्ञान देना यह पुण्य का काम है । पर इसमे आडंबर नहो । जप करने से मनोवृत्ति बदलती है मनुष्य के सारे सद्गुण जागते है । पर इसे मन से करने की जरूरत है । अतः सभी बाते सही है, एक सेवा कार्य भी वही कर सकता है जिसने मन को संस्कारी व पवित्र बनाया है । आजकल कलयुग का प्रभाव सभी मे मिलता है,

"शिव गायत्री मंत्र- ।। ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात ।।

शिव नमस्कार मंत्र

पूजा से पूर्व इस मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान शिव का ध्यान करें: “नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शन्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।। ...

(पूरा पढ़ें)
Flower Jyot Belpatra +63 प्रतिक्रिया 25 कॉमेंट्स • 58 शेयर
Narayan Tiwari Dec 16, 2018

🌿🌹🌻🌿🌹🌻🌿🌹🌻🌿🌹🌻🌿🌹🌻🌿
श्री शिव जी के सिर पर चन्द्र कैंसे पहुंचे-:--:- शि‌व पुराण के अनुसार चन्द्रमा का विवाह दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से हुआ था। यह कन्‍याएं 27 नक्षत्र हैं। इनमें चन्द्रमा रोहिणी से विशेष स्नेह करते थे। इसकी शिकायत जब...

(पूरा पढ़ें)
Belpatra Like Flower +97 प्रतिक्रिया 16 कॉमेंट्स • 40 शेयर
Kamal Kumar Varshney Dec 16, 2018

Pranam +4 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 14 शेयर
sanjay vishwakarma Dec 16, 2018

राधे राधे जी🌺🌺🌺🌺🌺🌺
सुप्रभात जी🙏🙏🙏🙏🙏

Like Pranam +7 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 45 शेयर
Ashish shukla Dec 16, 2018

Like Pranam Lotus +128 प्रतिक्रिया 33 कॉमेंट्स • 286 शेयर
Bhagirath Jangid Dec 16, 2018

Fruits Like Jyot +81 प्रतिक्रिया 17 कॉमेंट्स • 148 शेयर

🙏जय श्री राधे कृष्णा🙏
❇️शुभ रात्रि वंदन जी❇️

Pranam Like Lotus +47 प्रतिक्रिया 29 कॉमेंट्स • 211 शेयर
Queen Dec 16, 2018

🌷 radhe radhe 🌷 radhe radhe 🌷
🌷 radhe radhe 🌷 radhe radhe 🌷
🌷 🌸 🌹 🌺 🌹 🌷🌺🌸🌹🍀🍁🌷

Like Fruits Jyot +20 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 130 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB