🙏शुभ शनिवार🙏 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌺 जय शनि देव🌺 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌺जय पवन पुत्र हनुमान🌺 शनिदेव और बजरंगबली के कृपया आप पर एवं आपके परिवार पर सदैव बनी रहे ll आपका दिन शुभ हो और मंगलमय हो ll 🙏🌺🌺🌺जय श्री राम 🌺🌺🌺🙏 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🙏सुप्रभात जी🙏

🙏शुभ शनिवार🙏
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                                🌺 जय शनि देव🌺
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🌺जय पवन पुत्र हनुमान🌺
                                                                            
 शनिदेव और बजरंगबली के कृपया आप पर एवं आपके परिवार पर सदैव बनी रहे ll
आपका दिन शुभ हो और मंगलमय हो ll
🙏🌺🌺🌺जय श्री राम 🌺🌺🌺🙏       
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             🙏सुप्रभात जी🙏

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कामेंट्स

S K Pandey 🌺🙏🏻🌺 May 23, 2020
🌹जय शनिदेव महाराज सुप्रभात🌹 💐शनिदेव महाराज की कृपा 🙋आप और आपके परिवार पर🙏🏻 सदैव बनी रहें।🏡 घर पर रहें 💐स्वस्थ व सुरक्षित रहें। 🌹आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो।🙏🏻🚩

Renu Singh May 23, 2020
Good Morning Bhai ji 🙏🌹 Shanidev Ji Aur Hanuman Ji Ka Aashirwad Aap aur Aàpke Pariwar pr hamesha Bni rhe Aàpka Din Shubh V Mangalmay ho Bhai Ji 🙏🌹🙏

Radha Sharma May 23, 2020
जय श्री शनि देव जी🙏 सुप्रभात वंदन जी 🙏

Sumitra Soni May 23, 2020
राम-राम 🙏🏻🌹भाई जी शनिदेव जी और हनुमान जी की दया दृष्टि आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे आपके सभी मनोरथ पूर्ण हो आप सदा सुखी रहे स्वस्थ रहे भाई जी🌹🙏🏻

Poonam Aggarwal May 23, 2020
🚩 JAY SHREE SHANIDEV 🚩🙏 🎪 Jay Bajrangbali ji ki kripa se aap ka hr pal shubh mangalmay ho 💐 Happy weekend's Good aftrenoon Brother ji 🙏 Hv a Nice Happy day Radhe Radhe ji ‼️🔔🌹🌹

Dr.ratan Singh May 23, 2020
🌹जय श्री राम वंदन जी🌹 🎎आप और आपके पूरे परिवार पर श्री राम भक्त हनुमान जी और श्री शनिदेव महाराज की आशिर्वाद निरंतर बनी रहे जी🙏 👏आपका शनिवार का दिन शुभ सुंदर शांतिमय और मंगलमय व्यतिय हो 🌋

🚩Bablu 🚩 Singh🚩 May 23, 2020
@renusingh15 Radhe radhe ji🌺🙏shubh ratri behan ji🌺🙏radha rani ki kripa aap aur aapke parivar par sada bani rahe🌺🌺🌺🙏 🌺jai shree radhe krishna ji🌺

🚩Bablu 🚩 Singh🚩 May 23, 2020
@poonamaggarwal Radhe radhe ji🌺🙏shubh ratri behan ji🌺🙏radha rani ki kripa aap aur aapke parivar par sada bani rahe🌺🌺🌺🙏 🌺jai shree radhe krishna ji🌺.

🚩Bablu 🚩 Singh🚩 May 23, 2020
@drratansingh Radhe radhe ji🌺🙏shubh ratri bhai ji🌺🙏radha rani ki kripa aap aur aapke parivar par sada bani rahe🌺🌺🌺🙏 🌺jai shree radhe krishna ji🌺

Anjana Gupta May 9, 2020

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Sumitra Soni May 9, 2020

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suman kumar Singh May 8, 2020

👉जब शनि देव ने ली पांडवों की परीक्षा, पढ़ें कथा👈 पाण्डवों का अज्ञातवास समाप्त होने में कुछ समय शेष रह गया था। पांचों पाण्डव एवं द्रोपदी जंगल में छूपने का स्थान ढूंढ रहे थे,उधर शनिदेव की आकाश मंडल से पाण्डवों पर नजर पड़ी शनिदेव के मन में विचार आया कि इन सबमें बुद्धिमान कौन है परीक्षा ली जाए। देव ने कई योजन दूरी में एक माया का महल बनाया उस महल के चार कोने थे, पूरब, पश्चिम, उतर, दक्षिण।   अचानक भीम की नजर महल पर पड़ी। और वह आकर्षित हो गए। भीम, यधिष्ठिर से बोले-भैया मुझे महल देखना है भाई ने कहा जाओ। भीम महल के द्वार पर पहुंचे वहां शनिदेव दरबान के रूप में खड़े थे, भीम ने कहा,  मुझे महल देखना है...  शनिदेव ने कहा-इस महल की कुछ शर्तें हैं  :    पहली शर्त :  महल के चार कोने में से आप एक ही कोना देख सकते हैं।   दूसरी शर्त :  महल में जो देखोगे उसकी सार सहित व्याख्या करना होगी।    तीसरी शर्त : अगर व्याख्या नहीं कर सके तो कैद कर लिए जाओगे।   भीम ने कहा- मैं स्वीकार करता हूं ऐसा ही होगा।    और वह महल के पूर्व छोर की तरफ गए।    वहां जाकर उन्होंने अद्भुत पशु-पक्षी और फूलों व फलों से लदे वृक्षों का नजारा किया, आगे जाकर देखते हैं कि तीन कुएं है अगल-बगल में छोटे और बीच में एक बडा कुंआ।   बीच वाला बड़े कुए में पानी का उफान आता है और दोनों छोटे खाली कुओं को पानी से भर देता है। फिर कुछ देर बाद दोनों छोटे कुओं में उफान आता है तो पर बडे कुएं का पानी आधा ही रहता है, पूरा नहीं भरता। इस क्रिया को भीम कई बार देखता है पर समझ नहीं पाता और लौट कर दरबान के पास आता है।   दरबान -क्या देखा आपने?   भीम- महाशय मैंने ऐसे पेड़-पौधे पशु-पक्षी देखे जो मैंने पहले कभी नही देखे। एक बात समझ में नही आई छोटे कुंए पानी से भर जाते हैं बड़ा क्यों नहीं  भर पाता यह समझ में नही आया।   दरबान बोला आप शर्त के अनुसार बंदी हो गए हैं। और भीम को बंदी घर में बैठा दिया गया।   अर्जुन आया बोला- मुझे महल देखना है, दरबान ने शर्त बतादी और अर्जुन पश्चिम वाले छोर की तरफ चले गए।   आगे जाकर अर्जुन क्या देखते हैं। एक खेत में दो फसल उग रही थी एक तरफ बाजरे की फसल दूसरी तरफ मक्का की फसल।   बाजरे के पौधे से मक्का निकल रही तथा मक्का के पौधे से बाजरी निकल रही थी। अजीब लगा कुछ समझ नहीं आया वापिस द्वार पर आ गया।   दरबान ने पूछा क्या देखा,   अर्जुन बोला महाशय सब कुछ देखा पर बाजरा और मक्का की बात समझ में नहीं आई।   देव ने कहा शर्त के अनुसार आप बंदी है।   नकुल आया बोला मुझे महल देखना है फिर वह उतर दिशा की और गया वहां उसने देखा कि बहुत सारी सफेद गायें जब उनको भूख लगती है तो अपनी छोटी बछियाओं का दूध पीती है उसके कुछ समझ नही आया द्वार पर आया।     क्या देखा?   नकुल बोला महाशय गाय बछियाओं का दूध पीती है यह समझ नहीं आया तब उसे भी बंदी बना लिया।   सहदेव आया बोला मुझे महल देखना है और वह दक्षिण दिशा की तरफ अंतिम कोना देखने के लिए गया। क्या देखता है वहां पर एक सोने की बड़ी शिला एक चांदी के सिक्के पर टिकी हुई डगमग डौले पर गिरे नहीं छूने पर भी वैसे ही रहती है। समझ नहीं आया वह वापिस द्वार पर आ गया और बोला सोने की शिला की बात समझ में नहीं आई तब वह भी बंदी हो गया।   चारों भाई बहुत देर से नहीं आये तब युधिष्ठिर को चिंता हुई वह भी द्रोपदी सहित महल में गए।   भाइयों के लिए पूछा तब दरबान ने बताया वह शर्त अनुसार बंदी है।   युधिष्ठिर बोला भीम तुमने क्या देखा?   भीम ने कुएं के बारे में बताया।     तब युधिष्ठिर ने कहा-यह कलियुग में होने वाला है एक बाप दो बेटों का पेट तो भर देगा परन्तु दो बेटे मिलकर एक बाप का पेट नहीं भर पाएंगे।   भीम को छोड दिया।   अर्जुन से पूछा तुमने क्या देखा ?   उसने फसल के बारे में  बताया युधिष्ठिर ने कहा- यह भी कलियुग मे होने वाला है वंश परिवर्तन अर्थात ब्राहमन के घर बनिये की लड़की और बनिये के घर शुद्र की लडकी ब्याही जाएगी। अर्जुन भी छूट गया। नकुल से पूछा तुमने क्या देखा तब उसने गाय का वृत्तांत बताया।  तब युधिष्ठिर ने कहा-कलियुग में माताएं अपनी बेटियों के घर में पलेगी बेटी का दाना खाएगी और बेटे सेवा नहीं करेंगे। तब नकुल भी छूट गया। सहदेव से पूछा तुमने क्या देखा, उसने सोने की शिला का वृत्तांत बताया...  तब युधिष्ठिर बोले-कलियुग में पाप धर्म को दबाता रहेगा परन्तु धर्म फिर भी जिंदा रहेगा खत्म नहीं होगा।। चारों भाई मुक्त हुए। शनिदेव ने माना कि युधिष्ठिर सबसे अधिक बुद्धिमान है। कथा के अनुसार कलयुग में सब घटित हो रहा है।

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Archana Singh May 9, 2020

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जो व्यक्ति शनि कवच का पाठ नियम से करता है उसे शनि महाराज डराते नहीं है. शनि की दशा हो, अन्तर्दशा हो, शनि की ढैय्या हो अथवा शनि की साढ़ेसाती ही क्यों ना हो, कवच का पाठ करने पर कष्ट, व्याधियाँ, विपत्ति, आपत्ति, पराजय, अपमान, आरोप-प्रत्यारोप तथा हर प्रकार के शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक कष्टों से दूर रहता है. जो व्यक्ति इस कवच का पाठ निरंतर करता है उसे अकाल मृत्यु तथा हत्या का भय भी नहीं रहता है क्योंकि ढाल की तरह व्यक्ति की सुरक्षा होती है और ना ही ऎसे व्यक्ति को लकवे आदि का डर ही होता है, यदि किसी कारणवश आघातित हो भी जाए तब भी विगलांग नहीं होता है. चिकित्सा के बाद व्यक्ति फिर से चलना-फिरना आरंभ कर देता है. विनियोग : अस्य श्रीशनैश्चर कवच स्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द: शनैश्चरो देवता, श्रीं शक्ति: शूं कीलकम्, शनैश्चर प्रीत्यर्थे पाठे विनियोग: ।    नीलाम्बरो नीलवपु: किरीटी गृध्रस्थितत्रासकरो धनुष्मान् । चतुर्भुज: सूर्यसुत: प्रसन्न: सदा मम स्याद्वरद: प्रशान्त:।।1।। श्रृणुध्वमृषय: सर्वे शनिपीडाहरं महत् । कवचं शनिराजस्य सौरेरिदमनुत्तमम् ।।2।। कवचं देवतावासं वज्रपंजरसंज्ञकम् । शनैश्चरप्रीतिकरं सर्वसौभाग्यदायकम् ।।3।। ऊँ श्रीशनैश्चर: पातु भालं मे सूर्यनंदन: । नेत्रे छायात्मज: पातु कर्णो यमानुज: ।।4।। नासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । स्निग्धकण्ठश्च मे कण्ठ भुजौ पातु महाभुज: ।।5।। स्कन्धौ पातु शनिश्चैव करौ पातु शुभप्रद: । वक्ष: पातु यमभ्राता कुक्षिं पात्वसितस्थता ।।6।। नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । ऊरू ममाSन्तक: पातु यमो जानुयुगं तथा ।।7।। पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । अंगोपांगानि सर्वाणि रक्षेन् मे सूर्यनन्दन: ।।8।। इत्येतत् कवचं दिव्यं पठेत् सूर्यसुतस्य य: । न तस्य जायते पीडा प्रीतो भवन्ति सूर्यज: ।।9।। व्ययजन्मद्वितीयस्थो मृत्युस्थानगतोSपि वा । कलत्रस्थो गतोवाSपि सुप्रीतस्तु सदा शनि: ।।10।। अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्मद्वितीयगे । कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित् ।।11।। इत्येतत् कवचं दिव्यं सौरेर्यन्निर्मितं पुरा। जन्मलग्नस्थितान्दोषान् सर्वान्नाशयते प्रभु: ।।12।।  इस कवच को “ब्रह्माण पुराण” से लिया गया है, जिन व्यक्तियों पर शनि की ग्रह दशा का प्रभाव बना हुआ है उन्हें इसका पाठ अवश्य करना चाहिए. जो व्यक्ति इस कवच का पाठ कर शनिदेव को प्रसन्न करता है उसके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं. जन्म कुंडली में शनि ग्रह के कारण अगर कोई दोष भी है तो वह इस कवच के नियम से किए पाठ से दूर हो जाते हैं.

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🚩 🌿🌹जय श्री राम🌹🌿🚩 ⛲⛲⛲⛲⛲⛲⛲⛲⛲ 🎎🌺🕯️महाराणा प्रताप सिंह जयंती🌺🕯️🎎 🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️🕯️ 🎪🌲🌺ॐ श्री शनिदेवाय नमः🌺🌲🎪 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 🚩🎆🍑ॐ श्री हनुमन्ते नमः🍑🎆🚩 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ⚛️🌳🏵️शुभ शनिवार🏵️🌳⚛️ 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 🌹🌻🎆 सुप्रभात 🌻 🎆🌹 🌅🌅🌅🌅🌅🌅🌅🌅🌅 🌹🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌀🌹 🙏आपको सपरिवार महाराणा प्रताप सिंह जयंती और शुभ शनिवार की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 🎎आप और आपके सम्पूर्ण परिवार पर श्रीराम भक्त🥀 🍑हनुमान जी भगवान शनिदेव जी और की कृपा 🌹 💐दृष्टि सदा बनी रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो 🙏 🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆 🍑आपका शनिवार का प्रातः काल शुभ अतिसुन्दर🍑 🎭चिन्तामुक्त शांतिमय और मंगलमय व्यतीत हो🎭 🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴 🚩🌿🌺जय श्री राम🌹🌿🚩 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ ⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️

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एक बार जब भगवान शिव कैलाश पर विरजमान थे, तब शनिदेव उनका दर्शन करने वहां पहुंचे। भोलेनाथ को प्रणाम करने के बाद शनिदेव ने अपने गुरु शिव से क्षमा के साथ कहा कि मैं आपकी राशि में प्रवेश करने वाला हूं। मेरी वक्र दृष्टि से आप नहीं बच पाएंगे। इसके के बाद शिवजी ने पूछा कहा कि कब तक वक्र दृष्टि रहेगा। तो शनिदेव ने कहा कि कल सवा पहर तक। इसके बाद भगवान शिव शनि की वक्र दृष्टि से बचने के लिए अगले दिन हाथी बन गए और पृथ्वी लोक पर भ्रमण करने लगे।कुछ समय बाद महादेव पृथ्वी लोक से लौटे तो शनिदेव से कहा कि मैं तो आपकी वक्र दृष्टि से बच गया। भगवान शिव की बात सुनकर शनिदेव मुस्कुराए और कहा कि आप मेरी दृष्टि के कारण ही पूरे दिन पृथ्वी लोक पर हाथी बन भ्रमण कर रहे थे। शनिदेव ने कहा कि आपका पशु योनि मेरे ही राशि भ्रमण का परिणाम था कि आप पृथ्वी पर भ्रमण करने चले गए थे। शनिदेव की बात सुनकर महादेव खुश हुए। कहा जाता है कि उसके बाद से शिव को शनिदेव और प्यारे लगने लगे।

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champalal m kadela May 8, 2020

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