Jasbir Singh nain
Jasbir Singh nain Dec 9, 2019

शुभ प्रभात जी राधे राधे जी 🙏🙏🙏 मंगलवार व्रत,विधि,कथा और फायदे मंगलवार व्रत,विधि,कथा और फायदे – सुख-सम्पत्ति, यश और संतान प्राप्ति के लिए मंगलवार का व्रत रखना शुभ माना जाता है. हनुमान जी से जुड़ी मंगलवार व्रत कथा का पाठ करके इस उपवास को पूरी श्रद्धा के साथ पूर्ण करें. हनुमान जी का यह व्रत सप्ताह के दूसरे दिन यानी मंगलवार को रखा जाता है। मंगलवार व्रत विधि हनुमान साधना के नियम हनुमान पूजा विधि हनुमान पूजन सामग्री हनुमान चालीसा हनुमान जी की आरती मंगलवार व्रत/उपवास विधि मंगलवार व्रत करने वाले व्यक्ति को मंगलवार के दिन ब्रह्मचर्य का विशेष रूप से पालन करना चाहिए। हर मंगलवार को सुबह सूर्य उगले से पहले यानी ब्रम्हा मुहूर्त उठ जाना चाहिए। स्नान करने के बाद व्यक्ति को लाल रंग का वस्त्र पहनना चाहिए। सबसे पहले अपने आप को शुद्ध करने के लिये पवित्रीकरण करें। पवित्रीकरण हाथ में जल लेकर मंत्र –उच्चारण के साथ अपने ऊपर जल छिड़कें:- ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा। यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥ पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥ अब पृथ्वी पर जिस जगह आपने आसन बिछाया है, उस जगह को पवित्र कर लें और मां पृथ्वी को प्रणाम करके मंत्र बोलें- ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता। त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥ पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः इसके बाद लाल फूल, सिंदूर, कपड़े आदि हनुमान जी को चढ़ाना चाहिए। पूरे भक्तिभाव और शारीरिक शुद्धि से हनुमान जी के सामने बैठकर ज्योति जलाने के बाद हनुमान चालीसा या सुंदर कांड का पाठ करना चाहिए। शाम के समय हनुमान जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाकर बिना नमक का भोजन खाना चाहिए। हनुमान जी को खीर का भी भोग लगाया जा सकता हैं। मंगलवार व्रत कथा एक निःसन्तान ब्राह्मण दम्पत्ति काफ़ी दुःखी थे। ब्राह्मण वन में पूजा करने गया और हनुमान जी से पुत्र की कामना करने लगा। घर पर उसकी स्त्री भी पुत्र की प्राप्त के लिये मंगलवार का व्रत करती थी।मंगलवार के दिन व्रत के अंत में हनुमान जी को भोग लगाकर भोजन करती थी। एक बार व्रत के दिन ब्राह्मणी ना भोजन बना पायी और ना भोग ही लगा सकी। तब उसने प्रण किया कि अगले मंगल को ही भोग लगाकर अन्न ग्रहण करेगी। भूखे प्यासे छः दिन के बद मंगलवार के दिन तक वह बेहिओश हो गयी। हनुमान जी उसकी निष्ठा और लगन को देखकर प्रसन्न हो गये। उसे दर्शन देकर कहा कि वे उससे प्रसन्न हैं और उसे बालक देंगे, जो कि उसकी सेवा किया करेगा। इसके बाद हनुमान जी उसे बालक देकर अंतर्धान हो गये। ब्राह्मणी इससे अति प्रसन्न हो गयी और उस बालक का नाम मंगल रखा। कुछ समय उपरांत जब ब्राह्मण घर आया, तो बालक को देख पूछा कि वह कौन है। पत्नी ने सारी कथा बतायी। पत्नी की बातों को छल पूर्ण जान ब्राह्मण ने सोचा कि उसकी पत्नी व्यभिचारिणी है। एक दिन मौका देख ब्राह्मण ने बालम को कुंए में गिरा दिया और घर पर पत्नी के पूछने पर ब्राह्मण घबराया। पीछे से मंगल मुस्कुरा कर आ गया। ब्राह्मण आश्चर्यचकित रह गया। रात को हनुमानजी ने उसे सपने में सब कथा बतायी, तो ब्राह्मण अति हर्षित हुआ। फ़िर वह दम्पति मंगल का व्रत रखकर आनंद का जीवन व्यतीत करने लगे। मंगलवार व्रत में क्या खाना चाहिए इस उपवास में संध्या समय में मीठा भोजन किया जाता है और गेहूँ तथा गुड़ का उपयोग उत्तम कहा गया है. केवल एक समय का ही भोजन करना चाहिए. वैसे तो इस व्रत को अपनी इच्छानुसार जब तक चाहे रख सकते हैं मंगलवार का व्रत किसे करना चाहिए? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत उन लोगो को करना चाहिए, जिन की कुण्डली में मंगल पाप प्रभाव में हों यानी मंगल निर्बल होने के कारण अपने शुभ फल देने में असमर्थ हों, उन लोगो को यह व्रत जरूर करना चाहिए. यह उपवास मंगल ग्रह की शान्ति के लिये तथा पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाता है। जिस व्यक्ति के स्वभाव में उग्रता हो, या हिंसात्मक प्रवृ्ति हो, उन व्यक्ति को अपने गुस्से को शांत करने के लिये , मंगलवार का व्रत करना चाहिए। इससे उनके मन को शांत करता है। लडके इस उपवास को बुद्धि और बल विकास के लिये कर सकते है। मंगलवार का व्रत करने सें व्यवसाय और नौकरी में भी सफलता मिलती है। मंगलवार के व्रत की आरती आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ।। जाके बल से गिरिवर कांपै । रोग-दोष जाके निकट न झांपै ।। अंजनि पुत्र महा बलदाई । संतन के प्रभु सदा सहाई ।। दे बीरा रघुनाथ पठाए । लंका जारि सिया सुधि लाये ।। लंका सो कोट समुद्र सी खाई । जात पवनसुत बार न लाई ।। लंका जारि असुर सब मारे । सियाराम जी के काज संवारे ।। लक्ष्मण मूर्च्छित पड़े सकारे । लाय संजीवन प्राण उबारे ।। पैठि पताल तोरि जमकारे । अहिरावण की भुजा उखारे ।। बाईं भुजा असुर संहारे । दाईं भुजा संत जन तारे ।। सुर नर मुनि आरती उतारें । जय जय जय हनुमान उचारें ।। कंचन थार कपूर लौ छाई । आरति करत अंजना माई ।। जो हनुमान जी की आरती गावे । बसि बैकुण्ठ परमपद पावे ।। लंक विध्वंस किए रघुराई । तुलसिदास प्रभु कीरति गाई ।। मंगलवार व्रत उद्यापन विधि मंगलवार के इक्कीस उपवास करने के बाद इच्छा पूर्ति करने के लिये मंगलवार व्रत का उद्यापन किया जाता है. उद्यापन करने के बाद इक्कीस ब्रहामणों को भोजन कराकर यथाशक्ति दान -दक्षिणा दी जाती है जय बजरंग बली 🙏🙏🙏🙏🙏

शुभ प्रभात जी राधे राधे जी 🙏🙏🙏
मंगलवार व्रत,विधि,कथा और फायदे

मंगलवार व्रत,विधि,कथा और फायदे – सुख-सम्पत्ति, यश और संतान प्राप्ति के लिए मंगलवार का व्रत रखना शुभ माना जाता है. हनुमान जी से जुड़ी मंगलवार व्रत कथा का पाठ करके इस उपवास को पूरी श्रद्धा के साथ पूर्ण करें. हनुमान जी का यह व्रत सप्ताह के दूसरे दिन यानी मंगलवार को रखा जाता है।

मंगलवार व्रत विधि

हनुमान साधना के नियम
हनुमान पूजा विधि
हनुमान पूजन सामग्री
हनुमान चालीसा
हनुमान जी की आरती
मंगलवार व्रत/उपवास विधि 

मंगलवार व्रत करने वाले व्यक्ति को मंगलवार के दिन ब्रह्मचर्य का विशेष रूप से पालन करना चाहिए। हर मंगलवार को सुबह सूर्य उगले से पहले यानी ब्रम्हा मुहूर्त उठ जाना चाहिए। स्नान करने के बाद व्यक्ति को लाल रंग का वस्त्र पहनना चाहिए।
सबसे पहले अपने आप को शुद्ध करने के लिये पवित्रीकरण करें।

पवित्रीकरण


 
हाथ में जल लेकर मंत्र –उच्चारण के साथ अपने ऊपर जल छिड़कें:-

ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा।
यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥
पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः
कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥

अब पृथ्वी पर जिस जगह आपने आसन बिछाया है, उस जगह को पवित्र कर लें और मां पृथ्वी को प्रणाम करके मंत्र बोलें-

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता।
त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥
पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः

इसके बाद लाल फूल, सिंदूर, कपड़े आदि हनुमान जी को चढ़ाना चाहिए। पूरे भक्तिभाव और शारीरिक शुद्धि से हनुमान जी के सामने बैठकर ज्योति जलाने के बाद हनुमान चालीसा या सुंदर कांड का पाठ करना चाहिए। शाम के समय हनुमान जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाकर बिना नमक का भोजन खाना चाहिए। हनुमान जी को खीर का भी भोग लगाया जा सकता हैं।

मंगलवार व्रत कथा

एक निःसन्तान ब्राह्मण दम्पत्ति काफ़ी दुःखी थे। ब्राह्मण वन में पूजा करने गया और हनुमान जी से पुत्र की कामना करने लगा। घर पर उसकी स्त्री भी पुत्र की प्राप्त के लिये मंगलवार का व्रत करती थी।मंगलवार के दिन व्रत के अंत में हनुमान जी को भोग लगाकर भोजन करती थी। एक बार व्रत के दिन ब्राह्मणी ना भोजन बना पायी और ना भोग ही लगा सकी। तब उसने प्रण किया कि अगले मंगल को ही भोग लगाकर अन्न ग्रहण करेगी। भूखे प्यासे छः दिन के बद मंगलवार के दिन तक वह बेहिओश हो गयी। हनुमान जी उसकी निष्ठा और लगन को देखकर प्रसन्न हो गये। उसे दर्शन देकर कहा कि वे उससे प्रसन्न हैं और उसे बालक देंगे, जो कि उसकी सेवा किया करेगा। इसके बाद हनुमान जी उसे बालक देकर अंतर्धान हो गये। ब्राह्मणी इससे अति प्रसन्न हो गयी और उस बालक का नाम मंगल रखा। कुछ समय उपरांत जब ब्राह्मण घर आया, तो बालक को देख पूछा कि वह कौन है। पत्नी ने सारी कथा बतायी। पत्नी की बातों को छल पूर्ण जान ब्राह्मण ने सोचा कि उसकी पत्नी व्यभिचारिणी है। एक दिन मौका देख ब्राह्मण ने बालम को कुंए में गिरा दिया और घर पर पत्नी के पूछने पर ब्राह्मण घबराया। पीछे से मंगल मुस्कुरा कर आ गया। ब्राह्मण आश्चर्यचकित रह गया। रात को हनुमानजी ने उसे सपने में सब कथा बतायी, तो ब्राह्मण अति हर्षित हुआ। फ़िर वह दम्पति मंगल का व्रत रखकर आनंद का जीवन व्यतीत करने लगे।

मंगलवार व्रत में क्या खाना चाहिए


इस उपवास में संध्या समय में मीठा भोजन किया जाता है और गेहूँ तथा गुड़ का उपयोग उत्तम कहा गया है. केवल एक समय का ही भोजन करना चाहिए. वैसे तो इस व्रत को अपनी इच्छानुसार जब तक चाहे रख सकते हैं

मंगलवार का व्रत किसे करना चाहिए?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत उन लोगो को करना चाहिए, जिन की कुण्डली में मंगल पाप प्रभाव में हों यानी मंगल निर्बल होने के कारण अपने शुभ फल देने में असमर्थ हों, उन लोगो को यह व्रत जरूर करना चाहिए. यह उपवास मंगल ग्रह की शान्ति के लिये तथा पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाता है। जिस व्यक्ति के स्वभाव में उग्रता हो, या हिंसात्मक प्रवृ्ति हो, उन व्यक्ति को अपने गुस्से को शांत करने के लिये , मंगलवार का व्रत करना चाहिए। इससे उनके मन को शांत करता है। लडके इस उपवास को बुद्धि और बल विकास के लिये कर सकते है। मंगलवार का व्रत करने सें व्यवसाय और नौकरी में भी सफलता मिलती है।

मंगलवार के व्रत की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ।।
जाके बल से गिरिवर कांपै । रोग-दोष जाके निकट न झांपै ।।
अंजनि पुत्र महा बलदाई । संतन के प्रभु सदा सहाई ।।
दे बीरा रघुनाथ पठाए । लंका जारि सिया सुधि लाये ।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई । जात पवनसुत बार न लाई ।।
लंका जारि असुर सब मारे । सियाराम जी के काज संवारे ।।
लक्ष्मण मूर्च्छित पड़े सकारे । लाय संजीवन प्राण उबारे ।।
पैठि पताल तोरि जमकारे । अहिरावण की भुजा उखारे ।।
बाईं भुजा असुर संहारे । दाईं भुजा संत जन तारे ।।
सुर नर मुनि आरती उतारें । जय जय जय हनुमान उचारें ।।
कंचन थार कपूर लौ छाई । आरति करत अंजना माई ।।
जो हनुमान जी की आरती गावे । बसि बैकुण्ठ परमपद पावे ।।
लंक विध्वंस किए रघुराई । तुलसिदास प्रभु कीरति गाई ।।

मंगलवार व्रत उद्यापन विधि

मंगलवार के इक्कीस उपवास करने के बाद इच्छा पूर्ति करने के लिये मंगलवार व्रत का उद्यापन किया जाता है. उद्यापन करने के बाद इक्कीस ब्रहामणों को भोजन कराकर यथाशक्ति दान -दक्षिणा दी जाती है


 जय बजरंग बली 🙏🙏🙏🙏🙏

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कामेंट्स

Ⓜ@Nisha Dec 10, 2019
🌞🐚☀🐾👏👏🐾☀🐚🌞 _*🌴G⭕⭕D🌴〽⭕➰NING🌴*_ . •*""*•.¸ ¸.•*""*•.¸ ¸.•*""*•.¸ _*🌿प्रभात पुष्प🌿*_ *सम्बन्ध को जोड़ना* *एक कला है,* *लेकिन* *"सम्बन्ध को निभाना"* *एक साधना है* *जिंदगी मे हम कितने सही और कितने गलत है,* *ये सिर्फ दो ही शक्स जानते है..* *"ईश्वर "और अपनी "अंतरआत्मा"* *और हैरानी की बात है कि* *दोनों नजर नहीं आते..* 🌻🌺🌻🌺🌻🌺🌻🌺 🐚☀️🐚 _*🐾स्नेह वंदन🐾*_

Deepak Parbakar Dec 10, 2019
🌷🌷Jai Shree Ram ji jai Bajrang Bali ji Shubh Prabhat bhai ji 🙏🙏

Renu Singh Dec 10, 2019
Ram Ram Bhai Ji 🙏🌹 Aapka Din Shubh V Mangalmay ho 🌸 Pawan Putra Hanuman Ji Ka Aashirwad Aap aur Aàpke Pariwar pr hamesha Bna rhe 🙏 Shubh Prabhat Bhai Ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹

राधा रानी राधा रानी Dec 10, 2019
👏जय श्री राधे कृष्णा जी 👏 🌸सुप्रभात वंदन 🌸 कृष्ण को ढूँढना इतना... मुश्किल नहीं हैं.. सुना है जिस महफ़िल में... राधे राधे सुनाई दे! वहीं चले आते हैं...। 🌷🙏राधे राधे जपो चले आएगें बिहारी🌷🙏 🌺🦚राधे राधे🦚🌺 🙏🏻🌹जय श्री कृष्ण🌹🙏🏻

Brajesh Sharma Dec 10, 2019
जय जय श्री राम राम लक्षमन जानकी जय बोलो हनुमान की श्री पवनपुत्र हनुमानजी की जय

K N Padshala🙏 Dec 10, 2019
जय श्री मंगलमुर्ती महावीर हनुमंते नमः रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम शुभ प्रभात स्नेह वंदन 🌹🙏🙏👌👌👌👌🌟🌟🌟🌸♻️🌼🌺

preeti Gidwani Dec 10, 2019
🚩🌹 जय श्री राम जी 🌹🚩 🌹🌹जय श्री राधे राधे जी 🌹🌹 प्रणाम भैया जी 🙏🙏🌹🌹 🌹भगवान जी🌹 आपको आपके पूरे परिवार के साथ हमेशा बहुत खुश रखें जी और हमेशा बहुत सारी खुशियाँ देते रहें जी 🙏🙏🌹 बहुत सुंदर पोस्ट है जी 🙏🙏🌹🌹👌👍🌹🌹 सुप्रभात जी भैया जी 🙏🙏🌹🌹💐💐

Babita Sharma Dec 10, 2019
राम राम भाई 🙏 जय सियाराम जी की

Dr.ratan Singh Dec 10, 2019
🌲☀️⚛️ शुभ दोपहर⚛️☀️🌲 🚩🌿जय श्री राम वंदन भाई🌿🚩 🌷आप और आपके पूरे परिवार पर श्री राम भक्त श्री हनुमान जी की आशिर्वाद सदा बनी रहे जी 🙏 👏आप सभी का मंगलवार का दिन अतिसुन्दर शुभ शान्तिमय आनन्दमय और मंगल ही मंगल व्यतीत हो🙏 🚩🌿🌹जय श्री हनुमान🌹🌿🚩

preeti Gidwani Dec 10, 2019
@jasbirnain 🌹 🌹राधे राधे जी 🌹 हमेशा आप बहुत खुश हंसते मुस्कराते रहिए जी 🌹 शुभ रात्रि जी भैया जी 🙏🙏🌹🌹

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Pt Vinod Pandey 🚩 Jan 26, 2020

🌞 *~ आज का हिन्दू #पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 27 जनवरी 2020* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076* ⛅ *शक संवत - 1941* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - तृतीया पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *नक्षत्र - शतभिषा पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *योग - वरीयान् 28 जनवरी रात्रि 02:52 तक तत्पश्चात परिघ* ⛅ *राहुकाल - सुबह 08:34 से सुबह 09:56 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:18* ⛅ *सूर्यास्त - 18:24* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - तृतीया क्षय तिथि* 💥 *विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 ➡ *28 जनवरी 2020 (सुबह 08:23 से 29 जनवरी सूर्योदय तक )* 🌷 *मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग* 🙏🏻 *मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।* 👉🏻 *मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना ... जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है...* 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 🙏 *अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…* 🌷 *> बिना नमक का भोजन करें* 🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो* 🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें* 💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |* 🌐 http://www.vkjpandey.in 🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷 👉 *भारतीय समय के अनुसार 28 जनवरी 2020 (सुबह 08:23 से 29 जनवरी सूर्योदय तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..* *👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-* 🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः* 🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः* 🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः* 🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः* 🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः* 🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः* 🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः* 🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः* 🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः* 🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः* 🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः* 🌷 *12) ॐ भुजाय नमः* 🌷 *13) ॐ भौमाय नमः* 🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः* 🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः* 🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः* 🌷 *17) ॐ यमाय नमः* 🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः* 🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः* 🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः* 🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः* 🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-* 🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा* 🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका* 🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम* 🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे* 🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..* 🌐 http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌹🌻☘🌷🌺🌸🌼💐🙏

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Kalpana bist Jan 26, 2020

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