Hemlata Soni
Hemlata Soni Sep 2, 2017

डोल ग्यारस (परिवर्तिनी एकादशी)..

डोल ग्यारस (परिवर्तिनी एकादशी)..

⛅ *व्रत पर्व विवरण - पद्मा-परिवर्तनी एकादशी, वामन जयंती*
💥 *विशेष* - *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
💥 *नौकरी - व्यवसाय में सफलता, आर्थिक समृद्धि एवं कर्ज मुक्ति हेतु कारगर प्रयोग शनिवार के दिन पीपल में दूध, गुड, पानी मिलाकर चढायें एवं प्रार्थना करें - 'हे प्रभु ! आपने गीता में कहा है कि वृक्षों में पीपल मैं हूँ । हे भगवान ! मेरे जीवन में यह परेशानी है । आप कृपा करके मेरी यह परेशानी (परेशानी, दुःख का नाम लेकर ) दूर करने की कृपा करें । पीपल का स्पर्श करें व प्रदक्षिणा करें ।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *एकादशीः फलाहार* 🌷
➡ *01 सितम्बर 2017 शुक्रवार को सुबह 09:36 से 02 सितम्बर 2017 शनिवार को सुबह 09:38 तक एकादशी है ।*
💥 *विशेष ~ 02 सितम्बर, शनिवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।*
🙏🏻 *'स्कन्द पुराण' के अनुसार दोनों पक्षों की एकादशी के दिन मनुष्य को ब्रह्ममुहूर्त में उठकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए और पूजा करनी चाहिए। उपवास रखकर रात्रि को भगवान के समीप कथा-कीर्तन करते हुए रात्रि जागरण करना चाहिए। (रात्रि 12 या 1 बजे तक जागरण योग्य है।)*
🙏🏻 *जो लोग उपवास, एकभुक्त (दिन में एक समय फलाहार) अथवा शाम को तारे का दर्शन करने तक व्रत का पालन करते हैं वे धन, धर्म और मोक्ष प्राप्त करते हैं।*
🙏🏻 *अनिवार्य संयोग में इस दिन उपवास न कर सके तो भी चावल तो नहीं खाना चाहिए।*
🙏🏻 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
🙏🏻 *एकादशी व्रत खोलने की विधिः द्वादशी को सेवापूजा की जगह पर बैठकर भुने हुए सात चनों के चौदह टुकड़े करके अपने सिर के पीछे फेंकने चाहिए। 'मेरे सात जन्मों के शारीरिक, वाचिक और मानसिक पाप नष्ट हुए' – यह भावना करके सात अंजलि जल पीना और चने के सात दाने खाकर व्रत खोलना चाहिए।*
🙏🏻
🌞 *~ 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

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सोना एक दैन‍िक द‍िनचर्या है लेक‍िन क्‍या आप जानते हैं वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार अगर गलत द‍िशा में स‍िर रखकर सोएं तो यह आपके ल‍िए प्रॉब्‍लम बढ़ा सकता है। जी हां इससे ड‍िप्रेशन, अन‍िद्रा, उन्‍नत‍ि में रुकावटें, दांपत्‍य सुख में कमी, बुरे सपने और भारी धन हान‍ि की समस्‍या होती है। लेक‍िन सही द‍िशा में स‍िर रखकर सोने से लाइफ की सारी टेंशन खत्‍म हो जाती है और भगवान कुबेर के आशीर्वाद से धन वर्षा भी होती है। तो आइए जानते हैं कि किस दिशा में सिर रखकर सोना द‍िलाता है कुबरे का आशीर्वाद और बुरे सपनों से न‍िजात… तब नहीं आएंगे बुरे सपने, रखें ख्‍याल वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार उतर दिशा में सिर करके सोने से बुरे सपने आते है। इस दिशा में सिर रखकर सोने से ब्लड प्रेशर भी बढ़ता है और मन भी काबू में नहीं रहता है। वहीं जब आपका सिर उतर दिशा में और दक्षिण दिशा में होता है तो बुरे सपने ज्यादा आते है क्योंकि यह शवों को रखने की दिशा है और यमलोक की दिशा है। इसल‍िए इस द‍िशा में भूलकर भी नहीं सोना चाह‍िए। इस द‍िशा में तो कतई न सोएं, बहुत अशुभ वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार कभी भी पश्चिम दिशा में सिर रखके नहीं सोना चाहिए। क्योंकि अगर इस दिशा में सिर रखकर सोने से पैर पूर्व दिशा में होते हैं। ध्‍यान रखें पूर्व दिशा देवी-देवताओं की दिशा है। इस दिशा में सोना अशुभ माना जाता है। इस दिशा में सोने से बुरे सपने तो आते ही है और मन में भी बैचेनी रहती है। इस द‍िशा में सोने से म‍िलता है यह लाभ शास्‍त्रों के अनुसार जो व्यक्ति पूर्व दिशा में सोता है वह बुद्धिमान और ज्ञानी होता है। वह ज‍िस कार्यक्षेत्र में कार्यरत होता है वहां उसे सफलता म‍िलती है और वह धन प्राप्ति में भी सफल होता है। इसल‍िए इस द‍िशा में सोने को शुभ बताया गया है। जय श्री महाकाली जय श्री महाकाल जी ॐ नमो नारायण ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जय श्री राम जय श्री कृष्ण राधे राधे नमस्कार 🙏 शुभ रात्री वंदन 👣 🌹 👏 🌿 🚩 🐚

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Garima Gahlot Rajput Apr 20, 2021

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Anita Sharma Apr 18, 2021

(((( श्री दास जी )))) . श्री दास जी महाराज नामक एक संतसेवी महात्मा हुए है। श्री दास जी संतो की सेवा को भगवान् की सेवा से बढ़कर मानते थे। . एक बार श्रीदास जी के यहा कई सन्त आये संध्या आरती हुई। रात्रि भोजन के बाद श्रीदास जी संतो की चरण सेवा में लग गये। . मंदिर में ठाकुर जी को शयन कराना भूल गये। . प्रात:काल मंगला के समय श्री दास जी जब मंदिर जाने लगे तो मंदिर के किवाड़ भीतर से बन्द मिले। प्रयत्न करने पर भी किवाड नहीं खुले। . तब श्रीदास जी बड़े असमंजस में पड़ गये। इतने में आकाश वाणी हुई, अब किवाड नहीं खुलेंगे, मेरी सेवा रहने दो, अब सन्तो की ही सेवा करो। . मैं रातभर सिंहासन पर खड़ा रहा हूँ तुमने मुझे शयन ही नहीं कराया। . यह सुनकर श्री दासजी ने सरल भाव से निवेदन किया, प्रभो ! सन्त-सेवा में लगे रहने के कारण यदि आपकी सेवा में चूक हुई तो आपके नाराज होने का भय मुझे बिलकुल भी नहीं है। . परंतु आपकी सेवा में लगा रहूँ और संत सेवा में भूल-चूक हो जाय, तब मुझे आपकी नाराजगी का भारी भय है.. भगवान् से अधिक महिमा तो भगवान् के भक्तो की है। . यह सुनते ही प्रभु प्रसन्न हो गये। किवाड़ खुल गये और भगवान् कहने लगे.. हम तुम पर बहुत प्रसन्न हैं, इस भाव् से संत सेवा करने वाले मुझे अपने वश में कर लेते हैं। . ऐसा कहकर भगवान ने श्रीदास जी को प्रत्यक्ष होकर दर्शन दिया और अनेक शुभाशीर्वाद दिए।

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Garima Gahlot Rajput Apr 18, 2021

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Anita Sharma Apr 18, 2021

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