Sankat Mochan Mandir
Sankat Mochan Mandir Apr 9, 2020

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Shuchi Singhal Jun 1, 2020

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AARYAM May 31, 2020

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P. Tiwari May 30, 2020

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Sn Vyas Jun 1, 2020

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🔴 *आज का प्रात: संदेश* 🔴 🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *इस धराधाम पर मनुष्य की रचना करने के बाद परमात्मा ने मनुष्य को भी अन्य प्राणियों की ही भाँति हाथ , पैर , नाक , कान , मुँह आदि प्रदान किया | उसके बाद परमात्मा ने जब मनुष्य को अपना युवराज बनाने का विचार किया तो अन्य प्राणियों की अपेक्षा उसमें बुद्धि का संचार किया | अपने बुद्धिबल के कारण ही मनुष्य सर्वश्रेष्ठ प्राणी बना | कोई शरीर से , धन से या बल से कितना भी सम्पन्न हो परंतु यदि उसकी बुद्धि विकसित नहीं है तो वह निर्बल ही बना रहता है | दूसरी ओर निर्बल व्यक्ति यदि बुद्धि का सकारात्मक प्रयोग करता है तो वह विजयी होता चला जाता है क्योंकि यह अकाट्य सत्य है कि :: "बुद्धिर्यस्य बलम् तस्य" क्योंकि जो बुद्धिमान है वही बलवान भी है | इस अद्भुत बुद्धि का विश्लेषण तो हमारे विद्वानों ने कई प्रकार से किया है | बुद्धि के गुणों की चर्चा लगभग सभी ग्रन्थों में प्राप्त होती है | बुद्धि कितने गुणों को स्वयं में समाहित करके बलवती होती है इसका वर्णन आदिकवि वाल्मीकि जी ने अपनी "वाल्मीकीय रामायण" में बहुत ही सुंदर व विस्तृत ढंग से की है | सीता जी हनुमान जी से कहती हैं :- हे वत्स तुम बुद्धि के आठ गुणों से युक्त हो | ये आठ गुण हैं :-- "शुश्रूषा श्रवणं चैव , ग्रहणं धारणं तथा ! ऊहापोहोर्थविज्ञानं तत्वज्ञानं च धीगुणा: !!" अर्थात :- बुद्धि के आठ गुण हैं :- सुनने की इच्छा , सुनना , ग्रहण करना , स्मरण रखना , ऊहा (तर्क - वितर्क) अपोह (सिद्धान्त का निश्चय ) अर्थ का ज्ञान होना तथा तत्व को समझना आदि | इन्हीं आठ गुणों को स्वयं में समाहित करके ही हनुमान जी परम बुद्धिमान एवं ज्ञानियों में अग्रगण्य हो पूजित हुए | जब तक कुछ सुनने की इच्छा नहीं होगी तब तक मनुष्य उसे सुनेगा नहीं , जब तक कुछ सुना नहीं जायेगा तब तक वह कुछ ग्रहण नहीं कर सकता , जब कुछ ग्रहण किया जायेगा तो वह स्मरण में बना रहेगा , उसी में मनुष्य तर्क वितर्क करके किसी निश्चय पर पहुँचता हो क्योंकि तब वह उसके अर्थ को समझकर तत्व निकालने में सक्षम हो जाता है | इस प्रकार आठ गुणों से युक्त बुद्धि ही मनुष्य को श्रेष्ठ बनाती है |* *आज यह धरती बुद्धिमानों से पूरित है | अनेक लोग अपने बुद्धि बल से अनेक सफलतायें अर्जित कर रहे हैं परंतु इसी समाज में कुछ तथाकथ्त विद्वान ऐसे भी हैं जो बुद्धिमत्ता का प्रमाण पत्र तो चाहते हैं परंतु बुद्धि के गुणों को आत्मसात नहीं करना चाहते | मैं "आचार्य अर्जुन तिवारी" आज देख रहा हूँ कि पहले तो किसी भी विद्वान को सुनने या पढ़ने की इच्छा नहीं नहीं , बिना इच्छा के वे किसी को सुन नहीं पाते , जब किसी को सुने ही नहीं तो ग्रहण क्या कर पायेंगे | " मैं ही बुद्धिमान हूँ " की भावना के वशीभूत होकर ही मनुष्य किसी दूसरे को नहीं सुनना चाहता | किसी को न सुनने के कारण विद्वानों के कथन स्मरण में नहीं रहते और मनुष्य किसी भी विषय पर ऊहापोह (तर्क - वितर्क करके किसी निश्चय के सिद्धान्त पर न पहुँचना) की स्थिति में फंसकर तर्क - वितर्क करता रहता है | यह स्थिति तब बदतर होने लगती है जब मनुष्य कुतर्क पर उतर आता है | किसी भी संवाद या विषय को न ग्रहण करने के कारण ही मनुष्य न तो उसके अर्थ को जान पाता है और न ही तत्व को समझ पाता है और संशयात्मक बना रहता है | कहने का तात्पर्य यह है कि मनुष्य को सबसे पहले सुनने की इच्छा करके किसी को भी सुनकर उसको ग्रहण करने का प्रयास करना चाहिए | परंतु आज मनुष्य सिर्फ कहना चाहता है सुनना तो चाहता ही नहीं है | यही कारण है कि विद्वानों की सतसंग सभा भी कुतर्कों का शिकार होकर अखाड़ा बन जाती है | स्वयं को परम बुद्धिमान समझने वालों को यह विचार करना चाहिए कि वे अपनी बुद्धि का कितना सकारात्मक प्रयोग करते हैं | आज मनुष्य पीछे से चलकर किसी भी विषय का अर्थ एवं तत्व जान लेना चाहता है जबकि यथार्थ सत्य यही है कि किसी भी विषय के अर्थ एवं तत्व को जानने के लिए सर्वप्रथम उस विषय को सुनकर ग्रहण करना ही पड़ेगा , आज लोग यही नहीं कर पा रहे हैं ! इसीलिए ये स्वघोषित विद्वान (बुद्धिमान) स्थान - स्थान पर पराभूत होते जाते हैं | प्रत्येक मनुष्य को बुद्धि के आठों गुणों को स्वयं में समाहित करके सृष्टि के सर्बोत्तम बल "बुद्धिबल" की वृद्धि करने के लिए प्रयासरत बने रहना चाहिए |* *बुद्धि तो ईश्वर ने सबको प्रदान की है परन्तु किसी की बुद्धि विकासोन्मुखी होकर निरन्तर सफलतायें अर्जित करती है तो कोई पतनोन्मुखी होकर पतित हो जाता है |* 🌺💥🌺 *जय श्री हरि* 🌺💥🌺 🔥🌳🔥🌳🔥🌳🔥🌳🔥🌳🔥 सभी भगवत्प्रेमियों को आज दिवस की *"मंगलमय कामना"*----🙏🏻🙏🏻🌹 ♻🏵♻🏵♻🏵♻🏵♻🏵♻ *सनातन धर्म से जुड़े किसी भी विषय पर चर्चा (सतसंग) करने के लिए हमारे व्हाट्सऐप समूह----* *‼ भगवत्कृपा हि केवलम् ‼ से जुड़ें या सम्पर्क करें---* आचार्य अर्जुन तिवारी प्रवक्ता श्रीमद्भागवत/श्रीरामकथा संरक्षक संकटमोचन हनुमानमंदिर बड़ागाँव श्रीअयोध्याजी (उत्तर-प्रदेश) 9935328830 🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀🌟🍀

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